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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
गांव-गांव, शहर-शहर में लोग समाधान पेटियों में जमा कर रहे आवेदन
8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आमजन से लिए जाएंगे आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ 08 अप्रैल से हो गया है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार को लेकर लोगों में आज दूसरे दिन भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, और लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर उसे ग्राम पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों में लगी समाधान पेटी में जमा कर रहे है।
नारायपुर जिले के देवगांव, गौरदंड, फरसगांव, कापसी, सुलेंगा, धौड़ाई, कुढ़ार गांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतमरा, कटेली और भोथली में, अंबिकापुर जिले में विकाखण्ड बतौली और सीतापुर के खड़गवां, भटको, कुनकुरी देवगढ़ और सोनतराई ग्राम पंचायत में लोगों ने उत्साहपूर्वक अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन दिया। कमिश्नर और कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी सुशासन तिहार की व्यवस्था का जायजा लेने के साथ लोगों को उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए बिना किसी हिचक के आवेदन पत्र देने की भी समझाइश दे रहे हैं।
सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है। जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। कई जिलों में आवेदन पत्र तैयार करने में सहायता के लिए दिव्यांग संगवारी और संगवारी दीदी भी तैनात किए गए है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी।
सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि भगवान महावीर ने अपने जीवन से सत्य, अहिंसा, करुणा और अपरिग्रह जैसे महान मूल्यों का जो संदेश दिया, वह आज के सामाजिक और नैतिक जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
साय ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा को सर्वोच्च धर्म बताया और दया तथा प्रेम को जीवन का आधार बनाया। उन्होंने समरसता, सह-अस्तित्व और शांति का मार्ग दिखाया।
उनकी शिक्षाएं न केवल धार्मिक आस्था का आधार हैं, बल्कि वे मानवता को एक नई दिशा देने वाली प्रेरणा हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें और दीन-दुखियों, जरूरतमंदों तथा समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें।
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत के शक्ति नगर की पानी टंकी से सप्लाई होने वाली बड़ी पाईप लाईन फूट जाने के कारण हो रही जल संकट को दूर करने आज जलगृह विभाग द्वारा महापौर अलका बाघमार के निर्देश पर उक्त टंकी का शट डाउन कर फूटे पाईप को बदलने कार्य प्रारंभ किया जो देर रात तक मरम्मत कार्य चलेंगे और कार्य पूर्ण होने के बाद ही गुरुवार रात्रि तक पानी सप्लाई सामान्य होने की संभावना है जेसीबी व अन्य संशाधनो के साथ प्रशिक्षित कर्मियों के द्वारा किए जा रहे पाईप लाईन सुधार कार्य का निरीक्षण करने जल गृह प्रभारी श्रीमती लीना दिनेश देवांगन स्वयं मौके पर पहुंची और अधिकारियों को मरम्मत कार्य जल्द पूर्ण करने व पानी सप्लाई नार्मल होने तक प्रभावित क्षेत्र में टैंकर से पानी देने के निर्देश दिए इस अवसर पर वार्ड पार्षद एवं लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चंद्राकर,पार्षद सुरुचि उमरे,सावित्री दमाहे,जलगृह कार्यपालन अभियंता दिनेश नेताम,सहायक अभियंता गिरीश दीवान,उपयंत्री मोहित मरकाम,जल कार्य निरीक्षक नारायण सिंह ठाकुर आदि उपस्थित थे।
अमृत मिशन के तहत 2 वर्ष पूर्व शक्ति नगर में नई पानी टंकी का निर्माण किया गया था जिसके माध्यम से पानी सप्लाई करने नई पाईप लाईन बिछाई गई थी जो कुछ माह पूर्व मामूली लिकेज के चलते पानी रिस रहा था किंतु 15 दिन पूर्व उक्त लिकेज बढ़ता गया और लाईन फूटने के कारण वार्डो में पानी का प्रेशर बेहद कम हो गया था और सप्लाई लाइन के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 17,18,19,20 शक्ति नगर शांति नगर जवाहर नगर,आदित्य नगर के बड़े क्षेत्र व 21के आशा नगर में पानी की प्रेशर कम होने के कारण जलसंकट की स्थिति निर्मित हो रही थी और टैंकर के माध्यम से पानी देना पड़ रहा था किंतु गर्मी बढ़ने के साथ ही उक्त क्षेत्र में पानी की समस्या और बढ़ने लगीं थी जिसकी शिकायत वार्डो के पार्षदो के अलावा नागरिक भी कर रहे थे इसे ध्यान में रखकर विगत दिनों जल गृह प्रभारी कक्ष में महापौर अलका बाघमार द्वारा लिए गए समीक्षा बैठक में लिकेज का जल्द मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे जिसके बाद विभाग के अधिकारियों द्वारा आज पूर्व तैयारी के साथ विशेषज्ञ कर्मचारियों के जरिए रिपेयर कार्य प्रारंभ किया जो देर रात्रि तक जारी है और सुधार कार्य पूर्ण होने के बाद ही उक्त टंकी में पानी भरा जा सकेगा।इसलिए वर्तमान में टैंकर के माध्यम से ही पानी सप्लाई की जा रही है।
लक्ष्य 41.85 लाख के विरूद्ध 47.27 लाख मानव दिवस रोजगार का किया गया सृजन
बालोद/शौर्यपथ /कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के मागदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपानल अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे के निर्देशन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत बालोद जिले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों का लगातार क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मनरेगा अंतर्गत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले का कुल लक्ष्य 41.85 लाख मानव दिवस था। जिसके विरूद्ध 47.27 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन किया गया, जो लक्ष्य का 113 प्रतिशत उपलब्धि है। ग्रामीण अंचलों में रोजगार देने का सिलसिला वनांचल क्षेत्र से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक लगातार जारी है। ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार के साधन गांव में ही प्राप्त हुए। डाॅ. सीईओ कन्नौजे ने बताया कि जिले में पंजीकृत महिलाआंे को सर्वाधिक रोजगार मिला है। इसके अंतर्गत जिले में पंजीकृत 1.15 लाख ग्रामीण महिलाओं को 32.64 लाख मानव दिवस सृजित कर रोजगार उपलब्ध कराते हुए उनकी आजीविका में वृद्धि हुई है जो कि प्रदेश में महिलाओं को रोजगार देने में तीसरे पायदान पर है। इसके साथ ही दिव्यांग श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि जिले में ’हर हाथ को कम काम का वाजिब दाम’ के कहावत को चरितार्थ करते हुए कुल 1052 दिव्यांग श्रमिकों को उनके आवश्यकता अनुरूप कार्य प्रदान करते हुए रोजगार उपलब्ध कराया गया है जो कि प्रदेश में दिव्यांग श्रमिकों को रोजगार देने में आठवें पायदान पर है।
सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत श्रमिकों को समयबद्ध मजदूरी भुगतान भी किया गया है। मनरेगा अंतर्गत श्रमिकों को 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान किये जाने का प्रावधान है जिसके अनुरूप बालोद जिले में श्रमिकों को मजदूरी भुगतान उनके बैंक खातों में आधार बेस्ड के माध्यम से सीधे जारी किया गया है। समयबद्ध मजदूरी भुगतान का प्रतिशत जिले में 99.10 है, जो कि प्रदेश में तीसरे पायदान पर है। इसके अलावा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन संबंधी कार्यों में व्यय का प्रतिशत शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 65.38 प्रतिशत जिले में व्यय हुई है, जो कि 100.58 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में पांचवा पायदान पर है। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं पूर्व वर्षों के योजनांतर्गत स्वीकृत कार्यों में परिसंपत्तियों का सृजन करते हुए प्राथमिकता के साथ 91.04 प्रतिशत स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराया गया है, जो कि प्रदेश में तीसरे पायदान पर है। जिला प्रशासन द्वारा प्राथमिकता के साथ समय-समय पर अधिकारियो का समीक्षा बैठक आहूत करते हुए सामाजिक अंकेक्षण निकासी बैठक में पारित निर्णयों का प्रकरण वार निराकरण किया जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप कुल प्रकरणों में से 80 प्रतिशत प्रकरण का निराकरण किया जा चुका है, जो कि प्रदेश में तीसरे पायदान पर है।
सीईओ जिला पंचायत डाॅ. संजय कन्नौजे ने बताया कि अमृत सरोवर निर्माण, डबरी निर्माण, नया तालाब निर्माण, नाली निर्माण, पहुंच मार्ग, पशु शेड के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में मजदूरी का कार्य एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत अभिसरण जैसे अनेक कार्य इस योजना मंे हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन के लिए सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास मे महात्मा गांधी नरेगा योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बालोद जिला इस योजना के क्रियान्वयन में लंबे समय से अग्रणी बना हुआ है। अधोसंरचना विकास के साथ आजीविका संवर्धन के लिए इस योजना से अनेकों कार्य हो रहे हैं।
सुशासन तिहार, समाधान पेटी में किसी ने सड़क सिमेंटीकरण व प्रकाश व्यवस्था की मांग,तो किसी ने पट्टे की मांग
सुशासन तिहार,शिविर समाधान पेटी में आवेदन जमा करने जनमानस में रहा उत्साह,निगम क्षेत्र में अच्छा रुझान दिखा,दूसरे दिन सुशासन पेटी में मिले 291 आवेदन
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम/प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की पहल पर राज्य में सुशासन तिहार 2025 मनाया जा रहा है।यह शासन की पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को सुनिश्चित करेगा।
आज नगर पालिक निगम के 6 केंद्रों में सुशासन तिहार के दूसरे दिन भी नगर निगम क्षेत्र के लोगों का अच्छा रूझान सामने आया। निगम प्रशासन के मुताबिक नगर निगम द्वारा छह जगहों पर लगाए गए शिविर में किसी ने सड़क सिमेंटीकरण की मांग की,तो किसी ने पट्टे की मांग की,किसने की शिकायत वार्ड 32 में प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण आसामाजिक तत्वों के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना का भय रहता है।
समाधान पेटी शिविर में दूसरे दिन चंद्रशेखर स्कूल 34,बोरसी जोन 89,आदित्य नगर जोन 37,उरला जोन 18,नगर निगम परिसर 96 और महात्मा गांधी स्कूल 17 कुल 291लोग पहुंचे और मांग और शिकायत संबंधी आवेदन जमा कराया गया। निगम प्रशासन द्वारा आवेदन की एंट्री की जा रही है।शिविर के दौरान केंद्रों में आयुक्त सुमित अग्रवाल पहुँचे।
उन्होंने लोगों से मिलकर व्यवस्था की जानकारी ली और अधिकारियों को लोगों को आवेदन लिखने में भी सहयोग करने की बात कही।इस दौरान शिविर में कार्यपालन अभियंता दिनेश नेताम,कार्यपालन अभियंता वीपी मिश्रा,गंगाधर ठाकरे,सोमलता साहू,शिवेंद्र साहू सहित पूर्व पार्षद ज्ञानदास बंजारे मौजूद रहें।
उन्होंने कहा कि शिविर और आवेदन लेने का मकसद लोगों की समस्याओं और शिकायतों का निराकरण करना है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को पहुंचकर आवेदन करना चाहिए। निरीक्षण के दौरान
आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कहा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक समाधान पेटी के माध्यम से लिए जाएगें।निगम क्षेत्र के 6 केंद्र में रखे समाधान पेटी में अपनी शिकायत या समस्या दर्ज कर सकते हैं। जिन लोगों को आवेदन लिखने में किसी प्रकार की दिक्कत हो तो,वे आवेदन लिखने के लिए वहां उपस्थित सहायकों की सहायता ले सकते है। साथ ही आवेदक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
जिससे विकास कार्यों में गति और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकेगा। इस तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से करेंगे और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा।
मोहला/शौर्यपथ / जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अं.चौकी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री भारती चंद्राकर ने गत दिवस मानपुर विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया और महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना की। तोलूम में महिला स्व-सहायता समूह व ग्राम संगठन की दीदियों से चर्चा करते हुए उन्होंने सेंट्रिंग प्लेट निर्माण और मिक्सर मशीन संचालन गतिविधियों की जानकारी ली। इन कार्यों से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति बनी हैं। सीईओ ने पंचायत एवं सीएलएफ के माध्यम से समूह द्वारा निर्मित सामग्री का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। अड़जाल में समूह की महिलाओं ने बैंक लिंकेज और सीआईएफ राशि का उपयोग कर हालर मिल और बकरी पालन के जरिए लाभ अर्जित किया है। वहीं, दूसरी दीदियों द्वारा सिलाई कार्य, जैविक खाद व दवाइयों का निर्माण, मुर्गी पालन एवं टीकाकरण जैसी गतिविधियों से आय अर्जित की जा रही है। सीईओ ने चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया और आयवर्धन हेतु सुझाव दिए।
इसके साथ ही भर्रीटोला में सीएलएफ द्वारा संचालित ब्रडिंग सेंटर चूजा रैक और मदर बर्ड अंडा उत्पादन गतिविधि का निरीक्षण करते हुए सीईओ ने एनआरएलएम एवं प्रदान संस्था के कर्मचारियों से चर्चा कर इन गतिविधियों के विस्तार हेतु सुझाव दिए। कहड़बरी ग्राम पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार 2025 कार्यक्रम के दौरान मांग और शिकायत आवेदन संकलन की प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए सीईओ ने ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी प्रदान की और पंचायत पदाधिकारियों को मार्गदर्शन दिया।
शहरों और गांवों में सुशासन तिहार के प्रति लोगों में दिखा उत्साह
लोग अपनी समस्याओं के निवारण और जरूरतों की पूर्ति के लिए आगे आकर कर रहे आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /प्रदेश के लोगों तक विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ’सुशासन तिहार' आज से प्रारंभ हो गया है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रथम चरण में आम नागरिकों की जरूरतों, समस्याओं, शिकायतों का समाधान करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा इस दौरान पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
कोरबा जिले में भी आज से सभी नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार का आयोजन प्रारंभ हो गया है। नागरिक अपनी जरूरतों को पूरा करने उत्साहपूर्वक स्वस्फूर्त आवेदन करने पहुँच रहे हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी उनके आवेदन स्वीकार कर पावती प्रदान कर रहे हैं। कई आवेदक खुद अपने आवेदन समाधान डिब्बे में डाल रहे हैं। आमजनो को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर योजनाओं से जुड़ने हेतु प्रक्रिया से अवगत भी कराया जा रहा है। नगरीय निकायों के सभी जोन कार्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार हेतु आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है। निगरानी हेतु विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दायित्व सौंपा गया है। हर गांव और शहर में मुनादी कराकर लोगों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है।
सुशासन तिहार में ग्रामीणों में दिखा उत्साह
रंगमती व द्रुपती बाई ने नए पीएम आवास व शौचालय निर्माण के लिए किया आवेदन
कोरबा विकासखंड के कोरकोमा पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में आज सुबह से ही ग्रामीणों की कतार लगी रही। ग्रामीण शिविर स्थल पर पहुँचकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत कर समाधान पेटी में स्वयं आवेदन जमा कर रहे थे। सुशासन तिहार का लाभ लेने आए कोरकोमा निवासी श्री अरदेसी सारथी व उसकी धर्मपत्नी रंगमती सारथी ने नए पीएम आवास व शौचालय के लिए आवेदन जमा किया। उन्होंने बताया कि जनहितैषी सरकार, आम नागरिकों की परेशानियों को अच्छे से समझती है, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा सराहनीय पहल करते हुए पंचायतों में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण समाधान पेटी में अपनी शिकायत जमा कर रहे हैं, जिसे प्रशासन द्वारा जांच कर तत्परता से निराकरण किया जाएगा।
कोरकोमा की द्रुपती सारथी ने भी आवास व शौचालय निर्माण के लिए आवेदन जमा किया। उसने बताया कि सरकार द्वारा आमजनों की परेशानियों के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। इससे जरूरतमंद हितग्राही लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार गोढ़ी व करतला विकासखण्ड के नोनबिर्रा पंचायत में भी सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। ग्रामीण शिविर में आकर अपनी जरूरतों की पूर्ति हेतु आवेदन जमा कर रहे हैं।
शहरों और गांवों में सुशासन तिहार के प्रति लोगों में दिखा उत्साह
लोग अपनी समस्याओं के निवारण और जरूरतों की पूर्ति के लिए आगे आकर कर रहे आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /प्रदेश के लोगों तक विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ’सुशासन तिहार' आज से प्रारंभ हो गया है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रथम चरण में आम नागरिकों की जरूरतों, समस्याओं, शिकायतों का समाधान करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा इस दौरान पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
कोरबा जिले में भी आज से सभी नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार का आयोजन प्रारंभ हो गया है। नागरिक अपनी जरूरतों को पूरा करने उत्साहपूर्वक स्वस्फूर्त आवेदन करने पहुँच रहे हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी उनके आवेदन स्वीकार कर पावती प्रदान कर रहे हैं। कई आवेदक खुद अपने आवेदन समाधान डिब्बे में डाल रहे हैं। आमजनो को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर योजनाओं से जुड़ने हेतु प्रक्रिया से अवगत भी कराया जा रहा है। नगरीय निकायों के सभी जोन कार्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार हेतु आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है। निगरानी हेतु विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दायित्व सौंपा गया है। हर गांव और शहर में मुनादी कराकर लोगों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है।
सुशासन तिहार में ग्रामीणों में दिखा उत्साह
रंगमती व द्रुपती बाई ने नए पीएम आवास व शौचालय निर्माण के लिए किया आवेदन
कोरबा विकासखंड के कोरकोमा पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में आज सुबह से ही ग्रामीणों की कतार लगी रही। ग्रामीण शिविर स्थल पर पहुँचकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत कर समाधान पेटी में स्वयं आवेदन जमा कर रहे थे। सुशासन तिहार का लाभ लेने आए कोरकोमा निवासी श्री अरदेसी सारथी व उसकी धर्मपत्नी रंगमती सारथी ने नए पीएम आवास व शौचालय के लिए आवेदन जमा किया। उन्होंने बताया कि जनहितैषी सरकार, आम नागरिकों की परेशानियों को अच्छे से समझती है, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा सराहनीय पहल करते हुए पंचायतों में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण समाधान पेटी में अपनी शिकायत जमा कर रहे हैं, जिसे प्रशासन द्वारा जांच कर तत्परता से निराकरण किया जाएगा।
कोरकोमा की द्रुपती सारथी ने भी आवास व शौचालय निर्माण के लिए आवेदन जमा किया। उसने बताया कि सरकार द्वारा आमजनों की परेशानियों के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। इससे जरूरतमंद हितग्राही लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार गोढ़ी व करतला विकासखण्ड के नोनबिर्रा पंचायत में भी सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। ग्रामीण शिविर में आकर अपनी जरूरतों की पूर्ति हेतु आवेदन जमा कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी योजनाओं की दी जानकारी
रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने आज अपने भोपाल प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से उनके निवास कार्यालय से सौजन्य मुलाकात की। इस मौके पर मंत्री नेताम और मुख्यमंत्री श्री यादव के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित केन्द्र और राज्य प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।
मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और मजदूरों सहित सभी वर्गों के निरंतर विकास के लिए नीतिगत फैसले लेकर उनकी बेहतरी का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में सभी वर्ग के लोग खुशहाल हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन श्रमिक कल्याण योजना, कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना सहित अन्य जनहितकारी योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री श्री नेताम ने इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव को छत्तीसगढ़ आने का आमंत्रण भी दिया।
नसीम अहमद खान, उप संचालक
रायपुर /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के दक्षिणी सीमावर्ती इलाके जिनकी पहचान कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में हुआ करती थी, अब वह तेजी से विकास के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। बस्तर के कैनवास पर अब एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। यह राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़-संकल्प के चलते संभव हो पाया है राज्य के घोर नक्सल प्रभावित जिलों में विकास की नई रेखाएं खींच रही हैं। कभी पिछड़ेपन और भय का पर्याय माने जाने बस्तर क्षेत्र में आज विकास की नई इबारतें लिखी जा रही हैं। विष्णु देव सरकार की जनहितैषी नीति, नक्सलवाद उन्मूलन अभियान और समग्र विकास ने इन क्षेत्रों में सकारात्मक और परिणाममूलक परिवर्तन की शुरुआत कर दी है।
राज्य के सात घोर नक्सल प्रभावित जिलों में से छह जिले कांकेर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर बस्तर संभाग के अंतर्गत आते हैं तथा एक जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी दुर्ग संभाग का हिस्सा है। इन जिलों में पिछले 15 महीनों में नक्सल उन्मूलन अभियान और विकास की रणनीति को समानांतर रूप से लागू करते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों के पैर उखाड़ने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं की बदौलत अब आमजनता तेजी से विकास मुख्यधारा से जुड़ रही है। शासन-प्रशासन की सक्रियता, जनसंपर्क और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब इन क्षेत्रों में विश्वास और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। इन जिलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बड़ी तेजी से उपलब्ध कराई गई हैं। योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित पहुंचाने का प्रयास भी लगातार जारी है।
मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसी योजनाओं से न केवल इन क्षेत्रों में सरकारी उपस्थिति मजबूत हुई है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी आमजन का सशक्तिकरण हुआ है। मनरेगा के तहत 29,000 नए जॉब कार्ड जारी हुए हैं, जिनमें 5,000 कार्ड ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ योजना में शामिल गांवों में बने हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में सातों जिलों में लगभग एक लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जो लक्ष्य का 107 प्रतिशत है। 15 महीनों में नियद नेल्ला नार के गांवों में 1100 आवास स्वीकृत हुए, जिसमें 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों की संख्या 19.24 लाख से बढ़कर 21.05 लाख हो गई है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वितों की संख्या में 20.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या 3.61 लाख से अधिक हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में 46 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनके दायरे में आने वाले 145 गांवों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना चलाई जा रही है। इन गांवों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के 124 गांव सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं, शेष 31 पर कार्य प्रगति पर है। 145 गांवों में मार्च 2024 तक 122 स्कूल क्रियाशील थे, जो अब बढ़कर 144 हो गए हैं। विद्यार्थियों की संख्या में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है। क्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 193 से बढ़कर 202 हो गई है, और पंजीकृत बच्चों की संख्या में 30 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ है। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1302 कार्य योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 308 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 999 कार्य प्रगति पर हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 220 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की गई थी, जिसमें से 200 करोड़ रुपये प्राप्त कर लिए गए और शत्-प्रतिशत् राशि का व्यय करते हुए आधारभूत संरचना, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि संबंधी कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस समूचे बदलाव का केन्द्र बिन्दु प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और जनकेंद्रित दृष्टिकोण है। छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई जीतते हुए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का यह रूपांतरण, प्रदेश की संकल्प शक्ति और जनसहभागिता का जीवंत उदाहरण है।
नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता पर दिए निर्देश
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में गृह विभाग के कार्यो की समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये कानून न केवल न्याय प्रणाली में सुधार लाने वाले हैं, बल्कि अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास उत्पन्न करने में सहायक होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन कानूनों की प्रभावी समझ और व्यावहारिक प्रशिक्षण पुलिस बल, अभियोजन अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन किया जाए, जिनमें केस स्टडी और मॉक ट्रायल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अपराध अनुसंधान प्रणाली को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और प्रमाणिक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रकरणों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि सटीक और पुख्ता साक्ष्य के आधार पर विवेचना पूरी की जाए ताकि अभियुक्तों को सजा दिलाई जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विवेचना अधिकारियों को आधुनिक अनुसंधान तकनीकों, डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीएनएस प्रणाली और वैज्ञानिक उपकरणों के उपयोग में दक्ष किया जाए। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए अनुसंधान प्रक्रिया में पारदर्शिता, तत्परता और तकनीकी दक्षता अनिवार्य है। मुख्यमंत्री साय ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए साइबर सेल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने तथा जनता को साइबर जागरूकता से जोड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह,सचिव श्री राहुल भगत के अलावा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
देरी व लापरवाही पर जताई नाराजगी, अधिकारियों और एजेंसियों को लगाई फटकार
अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूर्ण करने के दिए निर्देश, काम में लापरवाही एवं उदासीनता पर होगी कड़ी कार्रवाई
रायपुर/शौर्यपथ / नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने आज मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मिशन के कार्यों में देरी और लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों और एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। मिशन अमृत 2.0 के नोडल अधिकारी, अभियंता, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कन्सल्टेंट्स एवं उनके डिप्टी टीम लीडर्स, असिस्टेंट कन्सट्रक्शन मैनेजर्स तथा चयनित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद थे।
नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के अधिकारियों को मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा फील्ड में जाकर प्रगति व गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक में कार्यों की भौतिक प्रगति और समयबद्ध योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। उल्लेखनीय है कि मिशन अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के 36 नगरीय निकायों में पेयजल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 29 में कार्यादेश जारी हो चुके हैं।
डॉ. बसवराजु ने सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि मिशन के कार्य समय पर पूरे नहीं होने पर केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलेगी, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। मिशन अमृत 2.0 को मार्च-2026 तक पूरा करना है। यह केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। भारत सरकार और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को मिशन के कार्यों में कुशल मानव संसाधन लगाने के साथ ही ड्राइंग-डिजाइन, सर्वे डॉटा और अन्य कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए।
नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु ने नगरीय निकायों को प्रत्येक स्वीकृत कार्य के लिए एक्शन प्लान तैयार करने और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने लगातार पत्राचार के बाद भी कार्यों में उदासीनता बरतने वाले नगरीय निकायों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनवरी-2024 के बाद से परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं और मार्च-2025 तक कोई भुगतान लंबित नहीं है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य में देरी ठीक नहीं है। सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय और उप महाप्रबंधक रमेश सिंह सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
अम्बिकापुर, कांकेर और बालोद जिले के कलेक्टरों ने लिया तैयारियों का जायजा
पहले चरण में लोगों से लिए जाएंगे 11 अप्रैल तक आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /राज्य व्यापी सुशासन तिहार को लेकर अम्बिकापुर, बालोद और कांकेर जिले में भी लोगों का उत्साह दिख रहा है। इन जिलों में लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर समाधान पेटी में जमा कराए। कलेक्टर सहित वरिष्ठ प्राशसनिक अधिकारियों द्वारा लगातार मैदानी क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन देने की अपील की जा रही है। लोगों को आवेदन लेने के लिए ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायत, नगरीय निकायों जिला मुख्यालयों और तहसील कार्यालय समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा समाज के सभी वर्गों से तत्परता से संवाद एवं समाधान के उद्देश्य से सुशासन तिहार की शुरुआत आज 8 अप्रैल से की गई है। इस अभियान के अंतर्गत आज से 11 अप्रैल तक आवेदन लिए जा रहे हैं। दूसरे चरण में इन आवेदनों का निराकरण 12 अप्रैल से 4 मई के मध्य संबंधित विभागों द्वारा किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में आमजनता की समस्याओं के निराकरण हेतु आगामी 05 मई से 31 मई तक समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आवेदकों को उनके आवेदनों की यथासंभव समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
ग्रामीणों को जानकारी देने मुनादी
अंबिकापुर कलेक्टर विलास भोसकर ने आज विकासखंड लखनपुर एवं उदयपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में केवरा, कुंवरपुर, अंधला, जजगा, उदयपुर, सोनतराई एवं डांड़गांव का दौरा कर सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आमजन की समस्याओं को सहज और सरल भाषा में समझकर आवेदन भरने में सहायता करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार की जानकारी लोगों तक पहुंचाने हेतु मुनादी, पंपलेट और पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने कहा।
कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए ऑनलाइन आवेदन
कांकेर के कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और सुशासन तिहार में लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी आवेदन दिए जा सकते हैं।
हॉट बाजारों में समाधान पेटी की व्यवस्था
बालोद जिले के कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देश पर सुशासन तिहार में लोगों से आवेदन लेने के लिए ग्राम पंचायतों के साथ-साथ हाट बाजारों में समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है। जहाँ पर अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा संयुक्त जिला कार्यालय के साथ-साथ जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालयों के जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों मंे भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी लगाई गई है।
राजनांदगांव /शौर्यपथ /लालबाग स्थित रॉयल किड्स कान्वेंट, जो कि शहर का एकमात्र CISCE बोर्ड स्कूल है ने अपनी वार्षिक परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा की। इस बार कक्षा पांचवीं के छात्र दक्ष चौबे ने 99.22 % प्रतिशत अंक प्राप्त किया, जबकि कक्षा चौथी के छात्र अमल चौबे ने 95.68 % प्रतिशत अंक प्राप्त किया।
चौबे बंधु दक्ष और अमल ने न केवल अपनी शैक्षिक उपलब्धियों से स्कूल का नाम रोशन किया, बल्कि खेल के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किए हैं। बड़े भाई दक्ष चौबे ने शतरंज में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और इसके अलावा, वह हाँकी में छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने बेस्ट स्ट्राइकर का पुरस्कार भी जीता है और गोलकीपर की भूमिका में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
छोटे भाई अमल चौबे भी शतरंज के राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और खेल के क्षेत्र में अनेक पुरस्कार प्राप्त कर चुके है। अमल को स्कूल में 'बेस्ट प्लेयर इन प्राइमरी' के अवार्ड से नवाजा गया। इसके अलावा, क्रिकेट में राजनांदगांव प्रिमियर लीग U-14 ड्यूस बाल (50 ओवर) में इमर्जिंग प्लेयर का अवार्ड प्राप्त किया। हाँकी में स्टेट लेवल टूर्नामेंट में उन्हें 'मोस्ट इंटेलिजेंट प्लेयर ' का पुरस्कार अपने नाम किया।
दक्ष और अमल चौबे की यह शानदार सफलता उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उनके इस अद्वितीय प्रदर्शन ने न केवल अपने परिवार, बल्कि स्कूल और समुदाय का भी गौरव बढ़ाया है।
दक्ष अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ि एवं nis कोच मृणाल चौबे का भतीजा एवं अमल चौबे पुत्र है l
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
