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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत जिला स्तरीय आवास उत्सव का किया गया आयोजन
हितग्राहियों को प्रदान किया गया आवास पूर्णता एवं स्वीकृति पत्र
बालोद/शौर्यपथ/कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि अपने लिए बेहतर आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रत्येक व्यक्ति की पहली एवं प्रमुख आवश्यकता है।चन्द्रवाल ने कहा कि जीवन में बेहतर एवं सुरक्षित आवास का बहुत महत्व एवं उपयोगिता है। जिसमें वह सुकून के साथ अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर सके। चन्द्रवाल आज जिला मुख्यालय बालोद के टाउन हाॅल में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आज आयोजित जिला स्तरीय आवास उत्सव समारोह के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। समारोह में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख, पूर्व विधायक बिरेन्द्र साहू, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया, जनपद उपाध्यक्ष दिनेश सिन्हा एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कृतिका साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। समारोह में अतिथियों के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत जिन हितग्राहियों का आवास पूर्ण हो गया है उन्हें आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं आवास स्वीकृत होने वाले हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर चन्द्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2023 तक के कुल स्वीकृत 32 हजार 394 आवासों में से वर्तमान में 31 हजार 191 आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस तरह से जिले में वर्तमान में लगभग 97 प्रतिशत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवास निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसी तरह वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत जिले को कुल 17 हजार 732 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जो अभी निर्माणाधीन है। कलेक्टर चन्द्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में अंतरित की जाती है। उन्होंने सभी हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत उनके खाते में जमा होने वाले राशि का सदुपयोग करते हुए उसका उपयोग केवल स्वीकृत आवास निर्माण ही करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने हेतु शेष रह गए सभी पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों को इस योजना से शत प्रतिशत लाभान्वित कराने हेतु 30 अपै्रल तक सर्वेक्षण का कार्य जारी है। सभी जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राही जो इस योजना के लाभ लेने के इच्छुक है वे प्रधानमंत्री आवास प्लस मोबाईल एप्लीकेशन एवं ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक के माध्यम से भी अपना सर्वेक्षण करा सकते हैं। श्री चन्द्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित होने वाले सभी हितग्राहियों को जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने अनिवार्य रूप से सोख्ता गड्ढा का निर्माण भी करने को कहा। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित होने वाले सभी हितग्राहियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू ने कहा कि आज से कुछ वर्ष पहले तक मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले गरीब परिवार के लोगों के लिए अपने लिए बेहतर एवं पक्का आवास का निर्माण करना केवल सपना था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील सोंच के परिणाम स्वरूप आज प्रत्येक जरूरतमंद लोगों का अपने लिए बेहतर एवं पक्का आवास के निर्माण का सपना साकार हो रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद भी ज्ञापित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित होेने वाले सभी हितग्राहियों को जिला प्रशासन की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि शासन के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन जिले के सभी पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। इसी के फलस्वरूप बालोद जिले में वर्ष 2023 तक के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 97 प्रतिशत आवासों के निर्माण कार्य को पूर्ण कर लिया गया है जो कि अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आवास योजना से लाभ लेने हेतु शेष रह गए सभी पात्र हितग्राहियों को इस योजना का लाभ दिलाने हेतु सर्वेक्षण का कार्य 30 अपै्रल तक जारी है। उन्होेंने सभी जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राहियों को निर्धारित तिथि तक प्रधानमंत्री आवास प्लस मोबाईल एप्लीकेशन एवं ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक के माध्यम से भी अपना सर्वेक्षण कराने को कहा। पूर्व विधायक श्री बिरेन्द्र साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व वाले केन्द्र व राज्य सरकार के सभी जरूरतमंद लोगों को पक्का एवं बेहतर आवास प्रदान करने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने हेतु शेष रह गए हितग्राहियों को भी शीघ्र ही आवास योजना से लाभान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख ने कहा कि अपने एवं अपने परिवार के लिए बेहतर आवास का निर्माण करना प्रत्येक व्यक्ति का सपना होता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अत्यंत दूरदर्शी एवं जनहितैषी सोंच के परिणाम स्वरूप आज देश के लाखों-करोड़ों गरीब एवं जरूरतमंद लोगों का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नेक नियत एवं सोंच के परिणाम स्वरूप आज प्रत्येक घरों में शौचालय निर्माण, जल जीवन मिशन अंतर्गत, प्रत्येक घरों में पानी की समुचित उपलब्धता जैसे अत्यंत आवश्यक एवं मूलभूत सुविधाओं की प्राप्ति संभव हो पा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने पानी की महत्ता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए आम जनता के पानी का सदुपयोग करने तथा इसके संरक्षण एवं संवर्धन करने अपना बहुमूल्य योगदान देने को कहा। इस अवसर पर जनपद पंचायत बालोद के अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किए गए इस आवास उत्सव कार्यक्रम की भूरी-भूरी सराहना की। समारोह में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों ने समारोह में अपना अनुभव साझा करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना को अपने जैसे अनेक गरीब परिवार के जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित आशियाना उपलब्ध कराने की दिशा में अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी योजना बताया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जेएस राजपूत ने किया।
इसके ऊर्जीकरण से मोहला क्षेत्र 24 ग्रामों के 2950 उपभोक्ताओं को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण की विद्युत आपूर्ति
मोहला /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अन्तर्गत मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के ग्रामीण अंचलों में समुचित वोल्टेज पर निर्बाध व गुणावत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यमान उपकेन्द्रों में स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है। इसी तारतम्य में मोहला में विद्यमान 33/11 के0व्ही0 उपकेन्द्र में 1.60 एम0व्ही0ए0 के पॉवर ट्रांसफार्मर का क्षमता वृद्धि करते हुए 3.15 एम0व्ही0ए0 का नया पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर चार्ज किया गया। इस प्रकार मोहला उपकेन्द्र की क्षमता 4.75 एम0व्ही0ए0 से बढ़कर 6.30 ए0व्ही0ए0 हो गया है। विद्युत कंपनी के उच्चाधिकारियों के अथक प्रयासों से विद्युत विकास के लिए स्वीकृत इस कार्य से मोहला उपकेन्द्र के परिधि में आने वाले अनेक गांवों के किसानों तथा उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा।
मोहला़ संभाग के कार्यपालन अभियंता अनिल कुमार रामटेके ने बताया कि मोहला उपकेन्द्र में 1 करोड़ 32 लाख रूपये की लागत से स्थापित नये 3.15 एम0व्ही0ए0 का अतिक्ति पॉवर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण से मोहला क्षेत्र के 24 ग्रामों के 2950 उपभोक्ताओं को उच्चगुणवत्ता की विद्युत सेवा का लाभ मिलेगा। इस कार्य को सफलतापूर्वक किये जाने पर राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट एवं अधीक्षण अभियंता एस. कंवर ने कार्यपालन अभियंता, ए0के0 रामटेके, सहायक अभियंता ए0के0 विश्वकर्मा आर0पी0 ठाकुर, शिरीष मिलिंद, श्रीमती सरोज गंधर्व और उनकी टीम को बधाई दी है।
बिलासपुर के मोहभठ्ठा में 30 मार्च को आयोजित होगी ऐतिहासिक जनसभा
रायपुर/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बोदरी तहसील स्थित ग्राम मोहभठ्ठा में प्रस्तावित विशाल जनसभा की तैयारियों का आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं—मुख्य मंच, हेलीपैड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं विशिष्ट अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का गहन निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री साय ने मौके पर अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि 55 एकड़ क्षेत्र में आयोजित इस ऐतिहासिक सभा के लिए सभी तैयारियाँ समयबद्ध, सुव्यवस्थित और जनहित केंद्रित हों। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रम में प्रदेशभर से लगभग 2 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र सभी विभागों को अलर्ट मोड पर कार्य करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का अब तक का सबसे बड़ा छत्तीसगढ़ दौरा होगा। उनका आगमन नवरात्रि के शुभ अवसर पर हो रहा है, जो प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत मंगलकारी संकेत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने स्वयं दिल्ली जाकर उन्हें आमंत्रित किया था, और आज पूरा प्रदेश उनके स्वागत के लिए आतुर है।
मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग ₹33,000 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इनमें पीएम जनमन योजना के तहत विशेष रूप से बिरहोर, बैगा और पहाड़ी कोरवा जैसी जनजातियों के लिए संचालित योजनाएँ शामिल हैं, जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों के विकास को नई दिशा देंगी।
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि हितग्राहियों को घर से सभा स्थल तक लाना और वापस सुरक्षित पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जल, छाया, चिकित्सा आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन पूरी तन्मयता से तैयारियों में जुटा है और यह कार्यक्रम प्रदेश के जनजीवन में एक ऐतिहासिक स्मृति के रूप में दर्ज होगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आमसभा के सफल आयोजन के लिए सभास्थल में सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक,अमर अग्रवाल, धरमजीत सिंह, पुन्नूलाल मोहले, सुशांत शुक्ला, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संभागायुक्त महादेव कावरे, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री अवनीश शरण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर कार्यशाला को मुख्यमंत्री श्री साय ने किया संबोधित
वनोपज से समृद्धि पर नीति आयोग और सरकार की साझा पहल:वन संसाधनों के समुचित उपयोग और रोजगार सृजन पर जोर
रायपुर /शौर्यपथ /जनजातीय समाज और वनों के मध्य गहरा संबंध है और दोनों एक दूसरे के पूरक के रूप में संरक्षित - संवर्धित हो रहे हैं। प्रकृति की गोद में ही जनजाति समाज का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास हुआ है। यह कार्यशाला आदिवासियों और वनों के सहअस्तित्व को केंद्र में रखकर उनके उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर नीति आयोग तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला में सभी प्रबुद्धजनों, विषय विशेषज्ञों और अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को जीविकोपार्जन के समुचित अवसर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हम सभी पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत जनजाति समुदाय निवासरत है और 44 प्रतिशत इलाका वन आच्छादित है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में मैने प्रदेश के जनजाति समुदाय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के संघर्ष और पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की व्यथा को समझा और एक आदिवासी बहुल नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया। श्री साय ने कहा कि अटल जी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय का भी गठन किया और आदिवासियों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजी जा रही राशि का सही उपयोग हो पाया। अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित हुए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे, इस उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में व्यापक स्तर पर पीडीएस सिस्टम लागू कर लोगो को सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराया। उन्होंने समर्थन मूल्य पर वनोपज की खरीदी प्रारंभ की, जिसने आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज पर्याप्त मात्रा में है। कुल 67 प्रकार के लघु वनोपजों का संग्रहण, प्रसंस्करण और विक्रय महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वनोपजों से जुड़ी प्रोत्साहक नीतियों का लाभ उठाकर स्व सहायता समूह की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के आजीविका और उत्थान के लिए संचालित पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस मौके पर श्री साय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजाति समुदायों के उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नीति आयोग और वन विभाग की इस संयुक्त कार्यशाला से जनजातीय समाज को तकनीक और नवाचार से जोड़ने के साथ ही आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से एक प्रासंगिक और महत्वपूर्ण विषय पर आज एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन अब तेजी से हो रहा है और वनवासी क्षेत्रों में व्यवस्थाएं अब सुदृढ़ हुई है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के साथ वन संसाधनों के समुचित उपयोग पर जोर देने और रोजगार सृजन की बात कही।
कार्यशाला में नीति आयोग के सलाहकार सुरेंद्र मेहता, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर एपीसीसीएफ श्रीमती शालिनी रैना, नीति आयोग के निदेशक अमित वर्मा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण और झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से आए प्रबुद्धजन, विषय विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री साय ने वनोपज आधारित स्टालों का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अरण्य भवन परिसर में वन उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया। लीफ प्लेट टेक्नोलॉजी, हैदराबाद की टीम ने मुख्यमंत्री साय को लीफ से तैयार डिनर सेट भेंट किया। इस दौरान भोपालपट्टनम, बीजापुर जिले से आये बी. आर. राव ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से वनौषधीय पौधों के बीजों का संरक्षण कर रहे हैं। वे अपने 'गमलों से जंगल की ओर' अभियान के तहत निःशुल्क बीजों का वितरण भी करते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राव के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। बलौदाबाजार जिले के अमरवा बांस प्रसंस्करण केन्द्र के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बांस शिल्प से बना गुलदस्ता भेंट करते हुए केन्द्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। साय ने लाख उत्पादक किसान समिति कांकेर, छत्तीसगढ़ हर्बल और जशप्योर एफपीसी जशपुर के स्टालों का अवलोकन कर समूह के सदस्यों के साथ चर्चा की।
निगम ने व्यापारियों को चेतावनी दी,वे सड़कों और नालियों पर कब्जा न करें,यातायात और स्वच्छता से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा सके
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आज पुराना पुलिस थाना के पीछे हटाए गए अतिक्रमण स्थल का मेयर श्रीमती अलका बाघामर ने बेहतर यातायात व्यवस्था का निरीक्षण कर जायजा लिया।उन्होंने नाली और सड़क सीमा पर दुकान सजाकर रखने वालों को व्यवस्थित ढंग से व्यपार करने की बात कही।सभी दुकानदार एक साथ एक लाइन से लगाने के निर्देश दिए।यदि दुकानदार ऐसा नही करते है तो उनपर जुर्माना के साथ कार्रवाही करने हेतु बाजार अधिकारी संजय ठाकुर को निर्देशित किया।उन्होंने दुकानदारों को यातायात व्यवस्था पर सहयोग करने की अपील की,कहा पार्किंग व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए एवं चलन सड़क पर मार्किंग किया जाने के लिए निर्देश दिए।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारी से कहा सड़क बाधित अतिक्रमणों को हटावाकर व्यवस्थित ढंग से लगवाने के लिए कहा सड़क सीमा पर अतिक्रमण बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के मौके पर सभापति श्याम शर्मा,राजस्व प्रभारी चंद्रशेखर चन्द्राकर,सांस्कृतिक विभाग प्रभारी श्रीमती हर्षिका संभव जैन,बाजार अधिकारी संजय ठाकुर,शशिकांत यादव,ईश्वर वर्मा के अलावा जीतेन्द्र सिंह राजपूत मौजूद रहें। सड़क पर सज रहे अवैध बाजार,नालियों पर व्यापारियों का कब्जा,शहर की सड़कों और नालियों से अवैध कब्जा हटाकर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेयर श्रीमती अलका बाघमार ने पटेल चौक से पुराना दुर्ग थाना का निरीक्षण किया!बारिश के दिनों में जलभराव की परेशानी से निपटने के लिए अभी से नालियों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने अधिकारियों को बाजार को सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरीक्षण करते हुए।
दुकानों में प्लास्टिक डिस्पोजल का इस्तेमाल बंद करने की दी हिदायद।सड़क व नालियों में अतिक्रमण के कारण इससे न केवल यातायात की समस्या उत्पन्न हो रही है, बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
नगर निगम प्रशासन ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाने की योजना बनाई है। नगर निगम ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि वे सड़कों और नालियों पर कब्जा न करें, ताकि यातायात और स्वच्छता से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा सके।
इस दिशा में नगर निगम प्रशासन ने निगरानी और अतिक्रमण हटवाना अभियान शुरू कर दिया है। इसका मकसद है शहर की सड़कों और नालियों से अवैध कब्जा हटाकर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
ओपीडी पंजीयन क्षेत्र में मरीजों को आभा एप से रजिस्ट्रेशन में मिलेगी बड़ी राहत
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नागरिकों की सुविधाओं को डिजिटल और स्मार्ट सेवाओं से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में रायगढ़ स्थित स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में ओपीडी पंजीयन काउंटर के पब्लिक एरिया (वेटिंग हॉल सहित) को फ्री वाई-फाई ज़ोन में तब्दील किया गया है। यह सुविधा राज्य के किसी भी शासकीय मेडिकल कॉलेज में पहली बार प्रारंभ की गई है। इस अभिनव पहल को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी के सतत मार्गदर्शन में, अधिष्ठाता डॉ. विनीत जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के निर्देशन में क्रियान्वित किया गया है।
डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम
फ्री वाई-फाई सुविधा का उद्देश्य ओपीडी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आभा एप के माध्यम से डिजिटल पंजीयन में आने वाली समस्याओं को दूर करना है। एम.आर.डी. विभाग के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में अब मरीज अपने मोबाइल फोन से सीधे आभा एप के माध्यम से पंजीयन टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पर्ची कटवाने की प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है।
डॉ. एम. के. मिंज ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को यह जानकारी मिली थी कि कई मरीजों को मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण आभा एप से पंजीयन में कठिनाई हो रही थी। विशेषकर, मेडिकल कॉलेज पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। इन तकनीकी बाधाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि ओपीडी पंजीयन क्षेत्र में फ्री वाई-फाई सुविधा प्रदान की जाए। इस सुविधा से मरीज और उनके परिजन अब बिना किसी नेटवर्क बाधा के आसानी से आभा एप से पंजीयन कर सकते हैं, जिससे न केवल सुविधा में वृद्धि होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी।
उल्लेखनीय है कि नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) द्वारा 4 जून 2024 को जारी निर्देशानुसार, सभी मेडिकल कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना है कि ओपीडी/आईपीडी/आपातकालीन सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों का पंजीकरण आभा आईडी के माध्यम से ही किया जाए। इस दिशा-निर्देश के अनुपालन हेतु आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि मेडिकल कॉलेज की मान्यता सुनिश्चित करने के लिए सभी मरीजों का पंजीयन आभा एप के माध्यम से ही किया जाए।
इन्हीं दिशानिर्देशों और मरीजों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में फ्री वाई-फाई सुविधा आज से औपचारिक रूप से ओपीडी क्षेत्र में प्रारंभ की गई है। यह पहल रायगढ़ मेडिकल कॉलेज को छत्तीसगढ़ में तकनीकी समावेशन वाले चिकित्सा संस्थानों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करती है और यह निश्चित रूप से डिजिटल हेल्थ मिशन की दिशा में एक सराहनीय और अनुकरणीय कदम है।
बुज़ुर्गों की आंखों में वर्षों से पल रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हुई पूरी पहली विशेष ट्रेन से 780 श्रद्धालु तिरुपति, मदुरै, रामेश्वरम रवाना
विधवा और परित्यकता महिलाओं को भी अब मिल सकेगा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन को तिरुपति, मदुरै और रामेश्वरम के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहली तीर्थ यात्रा ट्रेन में रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के 780 श्रद्धालु बुजुर्ग सम्मिलित हुए, जिनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुभव नहीं, बल्कि सम्मान और स्नेह का प्रतीक बन गई। प्रदेश के बुजुर्गों की वर्षों पुरानी अभिलाषा आज पूरी हो गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय ने तीर्थयात्रा पर जा रहे बुजुर्गों से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि आप सभी के चेहरे पर जो खुशी है, वही मेरा संतोष है। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम में आप लोग पवित्र रामसेतु देख सकेंगे, ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर सकेंगे। आप लोग मदुरै तीर्थ का भी दर्शन करेंगे जहां मीनाक्षी मंदिर है। तिरुपति में बालाजी का दर्शन करेंगे। दक्षिण भारत के तीर्थ स्थलों को देखने का यह सुंदर अवसर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री रामलला (अयोध्या दर्शन) योजना अंतर्गत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रयागराज में 144 वर्षों उपरांत महाकुंभ का आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों ने भी बड़ी संख्या में कुंभ में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए और उनकी सुविधा का ध्यान रखने के लिए हमने प्रयागराज मेला क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पवैलियन तैयार किया था। यहां लगभग साढ़े चार एकड़ में तीर्थयात्रियों के रूकने के इंतजाम थे। यह हमारा सौभाग्य है कि हम गंगा जी में स्नान करने पहुंचे प्रदेश के लाखों श्रद्धालुओं की सेवा कर सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब श्रद्धालुओं की यात्रा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत निरन्तर होती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए हमने 15 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। इस योजना में उज्जैन, पुरी, द्वारिका, वैष्णो देवी, मथुरा, वृंदावन जैसे अनेक तीर्थ स्थलों को जोड़ा गया है, जिनकी निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारे बुज़ुर्गों की तीर्थ यात्रा की इच्छा अक्सर आर्थिक कठिनाइयों के चलते अधूरी रह जाती थी। उन्होंने कहा कि हमें संतोष है कि हम उनकी इस इच्छा को साकार कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि योजना में विधवा और परित्यक्त महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे उन्हें भी धार्मिक स्थलों के दर्शन का गौरव प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और आदिवासी समुदाय सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
यह केवल यात्रा नहीं, संस्कृति और श्रद्धा का संगम है – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना केवल तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन श्रद्धालुओं को यह अवसर प्राप्त होगा, जो अब तक आर्थिक सीमाओं के कारण तीर्थ यात्रा से वंचित रहे हैं। सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण सुविधायुक्त पैकेज तैयार किया है जिसमें ट्रेन यात्रा, यात्रियों के ठहरने, भोजन, मंदिर दर्शन, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ शामिल हैं। स्पेशल ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, पुलिस बल और चिकित्सकों की टीम भी उनके साथ यात्रा कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को हर क्षण सुरक्षा और सुविधा का अहसास हो। योजना के तहत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, पुरी, हरिद्वार, काशी, शिरडी, वैष्णोदेवी, अमृतसर, द्वारका, बोधगया, कामाख्या मंदिर, सबरीमाला जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल सम्मिलित हैं।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में 4 दिसंबर 2012 को की गई थी। 15 जनवरी 2013 से 10 जून 2019 के मध्य इस योजना के अंतर्गत कुल 272 तीर्थ यात्राओं के माध्यम से 2,46,983 श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया गया था। पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान यह योजना 5 साल तक संचालन में नहीं थी। डॉ. रमन सिंह की सरकार के दौरान संचालित इस योजना को, जिसे उसके बाद आने वाली सरकार ने बंद कर दिया था, अब पुनः प्रारंभ कर वर्तमान सरकार ने छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों की श्रद्धा, आस्था और वर्षों से संजोए गए तीर्थ यात्रा के सपने को पूर्ण करने के लिए एक बार फिर पहल की है।
इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू,अनुज शर्मा, समाज कल्याण आयुक्त भुवनेश यादव, संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, रायपुर डीआरएम दयानंद, समाज कल्याण और रेलवे विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।
जिले के 120 जोड़े मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से हुए लाभान्वित
नारायणपुर/शौर्यपथ /राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के गरीब माता-पिता भी अपने कन्याओं की धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ विवाह संपन्न कराते हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 120 जोड़े हितग्राहियों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से लाभान्वित किया गया है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 27 मार्च गुरूवार को इंडोर स्टेडियम माहका में मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन, कौशल, विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के उपस्थिति में संपन्न कराई गई।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवदम्पतियों को शुभकामनाएं देते हुए सुखमय जीवन की बधाई देते हुए कहा कि यह समाजिक व्यवस्था के अनुरूप जीवन का एक समाजिक व्यवस्था के साथ विवाह संपन्न करई जाती है। उन्होंने दहेज प्रथा का प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे वंनाचल में यह व्यवस्था नहीं होने के कारण आसानी के साथ शादी संपन्न कराई जाती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप गरीब परिवारों के बेटे बेटियों का सुखमय जीवन व्यतित करने के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रारंभ किया गया है। प्रदेश के लाखों बेटे बेटियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नवदम्पतियों को बधाई संदेश को देते हुए सुखमय जीवन जीने की शुभकामनाएं दी।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश के गरीब परिवारों के कन्याओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना लागू की गई है। कन्या के विवाह के संदर्भ में होने वाली आर्थिक कठिनाइयों का निवारण, विवाह के अवसर पर होने वाली फिजूल खर्ची को रोकना एवं सादगी पूर्ण विवाह को बढ़ावा देना, सामूहिक विवाह के आयोजन के माध्यम से गरीबों के मनोबल एवं आत्मसम्मान बढ़ाना, सामाजिक स्थिति में सुधार एवं सामूहिक विवाह को प्रोत्साहन करना, दहेज के लेनदेन को रोकथाम करना इसका मुख्य उद्देश्य है। इस योजना के तहत् गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले अथवा मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना अंतर्गत राशन कार्डधारी परिवार के सदस्य तथा एक परिवार की दो कन्याओं को लाभान्वित किया जाता है।
राज्य सरकार द्वारा पात्रता रखने वाली कन्याओं को इस योजना के अंतर्गत 50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 15 हजार रूपये की सामग्री तथा कन्याओं को 35 हजार रूपये की राशि बैंक ड्राफ्ट या खाते के माध्यम से दी जाती है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा इस योजना के तहत् प्रदेश के गरीब परिवार के कन्याओं की विवाह कराने में आर्थिक मदद दी जाती है, इसके लिए वर-वधु के माता-पिताओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किए हैं।
कार्यक्रम को जिला पंचायत के अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपलिका अध्यक्ष इन्द्रप्रसाद बघेल और कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने भी नवदम्पतियों को बधाई देते हुए संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी, जनपद पंचायत ओरछा के अध्यक्ष नरेश कोर्राम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष ओरछा मंगडूराम नूरेटी, सर्वआदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, गौतम एस गोलछा, बृजमोहन देवांगन जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बिरेन्द्र बहादुर पंचभाई और एसडीएम अभयजीत मण्डावी सहित पार्षदगण उपस्थित थे।
महासमुंद/शौर्यपथ /समग्र शिक्षा अंतर्गत वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2024-25 में 16 से 19 आयु वर्ग के शाला से बाहर बच्चों को ओपन स्कूल के माध्यम से हाई एवं हायर सेकेण्डरी की परीक्षा के लिए वित्तीय सहयोग का प्रावधान किया गया है, जिसकी स्वीकृति कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक श्री विनय कुमार लंगेह ने प्रदान की है। वर्ष 2024-25 में कक्षा 10वीं के 210 एवं 12वीं के 215 छात्र-छात्राओं जिन्होने राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में सम्मिलित होकर प्रथम प्रयास में ही सफलता प्राप्त किए है। इन 425 बच्चों को वित्तीय समर्थन प्रदान करने के लिए छः लाख सैंतीस हजार पांच सौ रुपए की राशि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जिले को प्राप्त हुई है। उक्त राशि को संबंधित छात्र-छात्राओं के बैंक खाता में सीधे हस्तांतरण किया गया। इस योजना के तहत राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में सम्मिलित होकर प्रथम प्रयास में ही सफलता प्राप्त करने वाले बालिकाएं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के बालक, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर छात्र-छात्राओं को वित्तीय समर्थन प्रदान किया जाता है।
कलेक्टर भोसकर ने विद्यार्थियों से मिलकर उज्ज्वल भविष्य की दीं शुभकामनाएं
अम्बिकापुर /शौर्यपथ /कलेक्टर विलास भोसकर के मार्गदर्शन में नीट 2025 की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत गुरुवार को हुई। इस कक्षा में 12वीं जीव विज्ञान संकाय की परीक्षा 2025 में शामिल विद्यार्थी एवं 2024 में कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी भी शामिल हो रहे हैं। कोचिंग की शुरुआत के दिन कलेक्टर भोसकर ने स्वयं कक्षा में पहुंचकर विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से परीक्षा की तैयारी के संबंध में आवश्यक चर्चा की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अच्छा प्रदर्शन कर से सफल होने हेतु शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर श्री भोसकर ने जिला शिक्षा अधिकारी से विद्यार्थियों हेतु हॉस्टल में सुविधाओं के सम्बन्ध में जानकारी ली। उन्होंने अच्छी सुविधा, भोजन एवं वातावरण प्रदान करने हेतु निर्देश देते हुए कहा कि जो विद्यार्थी कक्षा के उपरांत शंका समाधान क्लास के बाद परिसर में अध्ययन करना चाहे उसे परिसर उपलब्ध कराया जाए एवं लाईब्रेरी की भी पूर्ण सुविधा मिले यह सुनिश्चित करें।
बता दें नीट 2025 की परीक्षा 04 मई को आयोजित है। यह कोचिंग 27 मार्च से प्रारम्भ होकर 03 मई तक संचालित होगी। जिला खनिज न्यास सरगुजा के सहयोग से कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने नीट परीक्षा की तैयारी हेतु 150 सीट की स्वीकृति दी है जिसमें विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क आवासीय सुविधा, भोजन व्यवस्था, कोचिंग कक्षाएं, लाईब्रेरी एवं साप्ताहिक टेस्ट परीक्षा शामिल हैं। कलेक्टर श्री भोसकर द्वारा 150 सीट के अंदर दूसरे जिले के मेधावी विद्यार्थियों को भी अवसर देने निर्देशित किया गया है। कोचिंग कक्षा में छ.ग. बोर्ड, सी.बी.एस.ई. बोर्ड एवं आई.सी.एस.ई. बोर्ड के विद्यार्थी भी शामिल हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की व्यवस्था शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर परिसर एवं शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर के सामने के छात्रावास में की गई है।
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखंड-कांसाबेल की व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 58 लाख 48 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से करीब 968 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से परियोजना के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने गुरु खुशवंत को आज उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने गुरु खुशवंत साहेब के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर गुरु बालदास साहेब भी उपस्थित रहे।
रिसाली/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम के नागरिक अब घर बैठे टैक्स जमा कर सकते है। आयुक्त मोनिका वर्मा ने लिंक का प्रचार-प्रसार करते नागरिकों से अधिभार और पेनाल्टी से बचने की अपील की है। उन्होंने कर वसूली विभाग को निर्देश दिए है कि बकायादारों पर सख्ती बरता जाए।
आयुक्त मोनिका वर्मा ने नागरिकों से कहा है कि इस वित्तीय वर्ष का टैक्स 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से जमा करे। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर कुल कर राशि में 18 प्रतिशत अधिभार जमा करना होगा। साथ ही 1000 पेनाल्टी अलग से देना होगा। आयुक्त ने घर बैठे टैक्स जमा करने की सुविधा के बारे में बताया कि डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाॅट सीजी सूडा डाॅट काॅम में जाते ही नगर पालिक निगम रिसाली का साइड खुलेगा। इसकी मदद से करदाता को कार्यालय न आकर वे टैक्स आॅनलाइन जमा कर सकते है। नागरिकों को सुविधा देने रिसाली के सभी पार्षदों को लिंक उपलब्ध कराया गया है।
दो के खिलाफ कुर्की नोटिस
रिसाली निगम ने दो ऐसे बकायादारों के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी किया है जो लंबे समय से कर जमा नहीं कर रहे है। इसमें बिल्डर नवीन सिंह और मैरिज पैलेस द मार्क शामिल है। सम्पत्तिकर विभाग के राजस्व निरीक्षक रवि श्रीवास्तव ने बताया कि 31 मार्च तक कर जमा नहीं करने कुर्की की कार्यवाही की जाएगी।
अवकाश के दिन खुला रहेगा काऊंटर
राजस्व निरीक्षक रवि श्रीवास्तव ने बताया कि रिसाली निगम का काऊंटर 31 मार्च तक नियमित रूप से खुला रहेगा। अवकाश के दिन भी नागरिक कार्यालय पहुंचकर टैक्स की राशि जमा कर सकते है।
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ी बेहद समृद्ध भाषा है। साहित्य की हरेक विधाओं पर इसमें लेखन -प्रकाशन कार्य में तेजी आई है, किन्तु वर्तमान में पुस्तक कम गुगल पठन का बढ़ता चलन चिंतनीय है।उक्त विचार पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे ने प्रेस क्लब के सभागार में व्यक्त किए।अवसर था रामेश्वर वैष्णव के व्यंग्य संग्रहों 'उत्ता धुर्रा - उबुक चुबुक' विमोचन का। आगे उन्होंने कहा
रामेश्वर वैष्णव जैसे श्रेष्ठ व्यंग्यकार के लेखन का मूल्यांकन होना अभी शेष है। वे उम्दा सृजन -प्रदर्शन करने में माहिर हैं। ।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ सुधीर शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ी गीत - ग़ज़ल और हास्य -व्यंग लेखन को राष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित करने में श्री वैष्णव का योगदान शरद जोशी की भांति है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ देवधर महंत ने "ऊत्ता -धूर्रा और उबुक चुबुक" पर समीक्षात्मक टिप्पणी दी। उन्होंने कहा काव्य रचनाओं की तुलना में कम होते व्यंग्य लेखन को पाटने की सफल कोशिश की है।
मंचासीन सह अध्यक्ष ए. एन.बंजारा ने कहा कि शिक्षा जगत में छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम के लिए रास्ता खुला है।इसी क्रम में डॉ वैभव बेमेतरिहा ने छत्तीसगढ़ी में पठ़न पाठन करने बल दिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रामेश्वर शर्मा, राजेश्वर खरे ने हिंदी के समक्ष छत्तीसगढ़ी की उपेक्षा को रेखांकित किया। कार्यक्रम का रोचक संचालन वरिष्ठ साहित्यकार विजय मिश्रा 'अमित' ने तथा आभार प्रदर्शन संजय कबीर शर्मा ने किया।
कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति डॉ रामेंद्र मिश्र,मीर अली मीर, श्याम बैस, डॉ महेश परिमल, डॉ महेंद्र ठाकुर, राजीव नयन शर्मा, राजकुमार धर द्विवेदी, उमाकांत मनमौजी, जागेश्वर ठाकुर जयंती वैष्णव।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
