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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
बालोद/शौर्यपथ /कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने जिले के सभी विभागों को राज्य शासन द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु शुरू की गई अटल माॅनिटरिंग पोर्टल में अपने विभागीय डाटा को अनिवार्य रूप से अपडेट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अटल माॅनिटरिंग पोर्टल के ’की परफाॅमेंस इंडीकेटर’ के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण एवं शहरी आवास योजना, महतारी वंदन योजना, राजस्व न्यायालय, स्वामीत्व योजना एवं कृषि विभाग सहित शासन के 07 जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि इन योजनाओं की प्रगति की माॅनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री के द्वारा किया जा रहा है। इसलिए सभी विभागों को अपने विभागों की डाटा विभागीय पोर्टल में अपडेट कराना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में चन्द्रवाल ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक एवं अजय किशोर लकरा सहित अन्य राजस्व अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में चन्द्रवाल ने अटल माॅनिटरिंग पोर्टल में विभागीय डाटा अपडेशन कार्य के अंतर्गत जिले के शत प्रतिशत हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रूट चार्ट का निर्धारण कर आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु शेष हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए टीम भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा कराने हेतु योजना बनाकर कार्य करने एवं इसका साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में चन्द्रवाल ने जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित समयावधि में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण सुनिश्चित करने हेतु पुख्ता उपाय करने के निर्देश भी राजस्व अधिकारियों को दिए। बैठक में चन्द्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी तथा महतारी वंदन योजना और स्वामीत्व योजना के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
बैठक में चन्द्रवाल ने जिले में जल संरक्षण अभियान के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गुरूर विकासखण्ड मंे जल संरक्षण पखवाड़ा के तहत जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित कराने हेतु सोख्ता गड्ढा निर्माण कार्य की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने इसी तरह जिले के अन्य विकासखण्डांे में भी अनिवार्य रूप से सोख्ता गड्ढा का निर्माण कराने के निर्देश दिए। इस दौरान चन्द्रवाल ने आवास योजना का लाभ लेने हेतु शेष रह गए पात्र हितग्राहियों इस योजना से लाभान्वित कराने हेतु वर्तमान में किए जा रहे आवास प्लस सर्वेक्षण के कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राहियों तक इसकी जानकारी पहुँचाने हेतु इसका समुचित प्रचार-प्रसार कराने के भी निर्देश दिए। चन्द्रवाल ने इस कार्य में ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायकों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में चन्द्रवाल ने अंतर विभागीय समन्वय के प्रकरणों की भी समीक्षा की।
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मोर मकान-मोर आस योजना के तहत निर्मित फ्लैट आवास जो कि सरस्वती नगर, गोकुल नगर, गणपति विहार बोरसी में बनाया गया है, जिसके अंतर्गत आपत्ति दावा की प्रक्रिया के संपादन पश्चात अंतिम पात्र/अपात्र की सूची प्रकाशित की जा रही है। इस सूची को विभागीय वेबसाईड www.municipalcoporationdurg.in में देखा जा सकता है तथा यह सूची नगर निगम के मुख्य कार्यालय में एवं डाटा सेंटर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना शाखा में चस्पा किया गया है। दावा आपत्ति की प्रक्रिया के संपादन पश्चयात अंतिम पात्र की सूची जारी किया गया है। पात्र हितग्राहियो को सूचित किया जाता है कि वे डाटा सेंटर में संपर्क कर नियमानुसार राशि जमा करें तथा जल्द से जल्द आधीपत्य प्राप्त कर लेवे ! इसके अलावा जिन-जिन परिवारों को लॉटरी के माध्यम से आवास आबंटन किया जा चुका है किंतु उन्होने आबंटन पत्र प्राप्त नही किया है ऐसे परिवारो से महापौर श्रीमती अलका बाघमार एवं आयुक्त आयुक्त सुमित अग्रवाल ने अनुरोध किया है कि अपना आबंटन पत्र डाटा सेंटर, सेन्ट्रल लाईब्रेरी प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से प्राप्त कर लेवे।
2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक 11,581 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित
44 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी
बैलाडीला क्षेत्र में तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी
जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त: 9,362 विकास कार्यों को दी गई मंजूरी
राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी, डिजिटल निगरानी और पर्यावरण-संवेदनशील खनन रणनीतियों को अपनाकर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नए आयाम दिए हैं।
खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित उत्खनन के चलते बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के गठन के समय की तुलना में खनिज राजस्व में 30 गुना वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 13,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक ही 11,581 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। यह पारदर्शी खनन नीति और प्रभावी प्रशासन का परिणाम है। अब तक 44 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जिसमें अब तक चूना पत्थर के 14, लौह अयस्क के 9, बॉक्साइट के 11, स्वर्ण के 3, निकल, क्रोमियम के 2, ग्रेफाइट के 2, ग्लूकोनाइट के 2 और लिथियम के 1 खनिज ब्लाक की निलामी की गई है।
प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी
भारत सरकार द्वारा देश के आर्थिक एवं सामरिक विकास को ध्यान में रखते हुए क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा जनवरी, 2025 में की गई है। इस के अनुरूप प्रदेश में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से ही क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण / खोज पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 31 परियोजनाओं अंतर्गत क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स पर कार्य किये जा रहे है।
प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स जिसमें लिथियम का 1, स्वर्ण का 3, निकल, क्रोमियम का 2, ग्रेफाइट का 2 ग्लूकोनाइट के 2 मिनरल ब्लॉक की नीलामी की गई है।
देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा की गई है जिसके तहत् जिला कोरबा के कटघोरा लिथियम ब्लॉक को मेसर्स साउथ मायकी मायनिंग कंपनी को 76 प्रतिशत प्रीमियम राशि पर आबंटित किया गया है। राज्य के सुकमा एवं कोरबा जिले में भी लिथियम अन्वेषण कार्य किया जा रहा है जिसमें लिथियम के भण्डार पाये जाने की पूर्ण संभावना है।
बैलाडीला लौह अयस्क: भारत के खनन क्षेत्र का मजबूत स्तंभ
बैलाडीला क्षेत्र भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडारों में से एक है। यहां तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है, जिसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कांकेर जिले के हाहालद्दी लौह अयस्क खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
पर्यावरण संतुलन और पारदर्शी निगरानी प्रणाली
पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल की हैं। सेटेलाइट इमेजरी और माइनिंग सर्विलियेंस सिस्टम के माध्यम से अवैध खनन की निगरानी की जा रही है। गौण खनिज खानों में सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से खनन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार बेहतर कार्य करने वाले पट्टेधारियों को ‘स्टार रेटिंग’ प्रणाली के तहत प्रोत्साहित कर रही है।
खनिज राजस्व से सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं में निवेश
खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा प्रदेश के सामाजिक विकास में निवेश किया जा रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और कौशल विकास सहित 9,362 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।
खनिज अन्वेषण कार्यों का विस्तार और नई परियोजनाएँ
राज्य सरकार ने चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क और ग्रेफाइट सहित कुल 13 खनिज परियोजनाओं में अन्वेषण कार्य शुरू किया है। प्रारंभिक सर्वेक्षणों में चूना पत्थर के 283 मिलियन टन, लौह अयस्क के 67 मिलियन टन और बॉक्साइट के 3 लाख टन भंडार का अनुमान लगाया गया है। स्वर्ण, ग्रेफाइट और ग्लूकोनाइट जैसे खनिजों की खोज भी की जा रही है, जिससे राज्य के खनन क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सूरजपुर जिले के जाजावल क्षेत्र में यूरेनियम ब्लॉक के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। कोल बेड मीथेन पूर्ववर्ती कोरिया जिले में वेदांता लिमि. एवं ऑईलमैक्स को पेट्रोलियम अन्वेषण लायसेंस स्वीकृत किया गया है। मैंगनीज ओर इंडिया लि. (मोईल) द्वारा सीएमडीसी के साथ प्रदेश में प्रथम बार बलरामपुर क्षेत्र में खनिज मैगनीज का भंडार चिन्हित किया गया है।
मुख्य खनिजों के लिए अन्वेषण हेतु केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर खनिज विभाग द्वारा राज्य के गौण खनिजों के व्यवस्थित विकास एवं अन्वेषण के लिए राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश के समृद्ध राज्यों में से एक है। कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट, स्वर्ण, निकल, क्रोमियम और प्लेटिनम समूह के तत्व सहित कुल 28 प्रकार के खनिजों की प्रचुरता ने इस राज्य को देश के खनन क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, सतत विकास की रणनीतियों और कुशल प्रशासनिक प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ भारत के अग्रणी औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। खनिज संपदा के माध्यम से प्रदेश न केवल आर्थिक मजबूती प्राप्त कर रहा है, बल्कि हरित और सतत विकास की दिशा में भी अग्रसर हो रहा है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध खनिज संपदा और रणनीतिक पहल के साथ भारत के माइनिंग हब के रूप में अपनी पहचान और अधिक सशक्त करेगा।
2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक 11,581 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित
44 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी
बैलाडीला क्षेत्र में तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी
जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त: 9,362 विकास कार्यों को दी गई मंजूरी
राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी, डिजिटल निगरानी और पर्यावरण-संवेदनशील खनन रणनीतियों को अपनाकर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नए आयाम दिए हैं।
खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित उत्खनन के चलते बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के गठन के समय की तुलना में खनिज राजस्व में 30 गुना वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 13,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक ही 11,581 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। यह पारदर्शी खनन नीति और प्रभावी प्रशासन का परिणाम है। अब तक 44 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जिसमें अब तक चूना पत्थर के 14, लौह अयस्क के 9, बॉक्साइट के 11, स्वर्ण के 3, निकल, क्रोमियम के 2, ग्रेफाइट के 2, ग्लूकोनाइट के 2 और लिथियम के 1 खनिज ब्लाक की निलामी की गई है।
प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी
भारत सरकार द्वारा देश के आर्थिक एवं सामरिक विकास को ध्यान में रखते हुए क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा जनवरी, 2025 में की गई है। इस के अनुरूप प्रदेश में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से ही क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण / खोज पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 31 परियोजनाओं अंतर्गत क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स पर कार्य किये जा रहे है।
प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स जिसमें लिथियम का 1, स्वर्ण का 3, निकल, क्रोमियम का 2, ग्रेफाइट का 2 ग्लूकोनाइट के 2 मिनरल ब्लॉक की नीलामी की गई है। देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा की गई है जिसके तहत् जिला कोरबा के कटघोरा लिथियम ब्लॉक को मेसर्स साउथ मायकी मायनिंग कंपनी को 76 प्रतिशत प्रीमियम राशि पर आबंटित किया गया है। राज्य के सुकमा एवं कोरबा जिले में भी लिथियम अन्वेषण कार्य किया जा रहा है जिसमें लिथियम के भण्डार पाये जाने की पूर्ण संभावना है।
बैलाडीला लौह अयस्क: भारत के खनन क्षेत्र का मजबूत स्तंभ
बैलाडीला क्षेत्र भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडारों में से एक है। यहां तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है, जिसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कांकेर जिले के हाहालद्दी लौह अयस्क खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
पर्यावरण संतुलन और पारदर्शी निगरानी प्रणाली
पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल की हैं। सेटेलाइट इमेजरी और माइनिंग सर्विलियेंस सिस्टम के माध्यम से अवैध खनन की निगरानी की जा रही है। गौण खनिज खानों में सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से खनन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार बेहतर कार्य करने वाले पट्टेधारियों को ‘स्टार रेटिंग’ प्रणाली के तहत प्रोत्साहित कर रही है।
खनिज राजस्व से सामाजिक विकास और बुनियादी सुविधाओं में निवेश
खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा प्रदेश के सामाजिक विकास में निवेश किया जा रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और कौशल विकास सहित 9,362 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।
खनिज अन्वेषण कार्यों का विस्तार और नई परियोजनाएँ
राज्य सरकार ने चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क और ग्रेफाइट सहित कुल 13 खनिज परियोजनाओं में अन्वेषण कार्य शुरू किया है। प्रारंभिक सर्वेक्षणों में चूना पत्थर के 283 मिलियन टन, लौह अयस्क के 67 मिलियन टन और बॉक्साइट के 3 लाख टन भंडार का अनुमान लगाया गया है। स्वर्ण, ग्रेफाइट और ग्लूकोनाइट जैसे खनिजों की खोज भी की जा रही है, जिससे राज्य के खनन क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सूरजपुर जिले के जाजावल क्षेत्र में यूरेनियम ब्लॉक के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। कोल बेड मीथेन पूर्ववर्ती कोरिया जिले में वेदांता लिमि. एवं ऑईलमैक्स को पेट्रोलियम अन्वेषण लायसेंस स्वीकृत किया गया है। मैंगनीज ओर इंडिया लि. (मोईल) द्वारा सीएमडीसी के साथ प्रदेश में प्रथम बार बलरामपुर क्षेत्र में खनिज मैगनीज का भंडार चिन्हित किया गया है।
मुख्य खनिजों के लिए अन्वेषण हेतु केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की गई है। इसी तर्ज पर खनिज विभाग द्वारा राज्य के गौण खनिजों के व्यवस्थित विकास एवं अन्वेषण के लिए राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश के समृद्ध राज्यों में से एक है। कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट, स्वर्ण, निकल, क्रोमियम और प्लेटिनम समूह के तत्व सहित कुल 28 प्रकार के खनिजों की प्रचुरता ने इस राज्य को देश के खनन क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, सतत विकास की रणनीतियों और कुशल प्रशासनिक प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ भारत के अग्रणी औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। खनिज संपदा के माध्यम से प्रदेश न केवल आर्थिक मजबूती प्राप्त कर रहा है, बल्कि हरित और सतत विकास की दिशा में भी अग्रसर हो रहा है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध खनिज संपदा और रणनीतिक पहल के साथ भारत के माइनिंग हब के रूप में अपनी पहचान और अधिक सशक्त करेगा।
12 नामों पर लगी मुहर,मेयर इन काउंसिल का हुआ गठन
दुर्ग /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 37 तथा छत्तीसगढ़ राज्य संसोधन अधिनियम 2004 के नियम 37 ( 2 ) में निहित प्रावधान एवं प्रदत्य शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए महापौर श्रीमती अलका बाघमार एतद द्वारा नगर पालिक निगम दुर्ग के निर्वाचित पार्षदो में से नगर पालिक निगम दुर्ग की नियमानुसार मेयर इन काउंसिल का गठन करते हुए संबंधित पार्षदो को उनके नाम के समक्ष दर्शित विभागों का प्रभारी/सदस्य नियुक्त किया है।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने एमआईसी में 12 नामों पर मुहर लगी है।मेयर इन काउंसिल का गठन कर दिया गया है।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने आज सोमवार को एमआईसी सदस्यों की घोषणा कर सूची जारी कर दी है। इसमें वरिष्ठता के साथ कार्य अनुभव को एवं कुछ नए चहेरे को प्राथमिकता दी गई है।सभापति चयन के बाद एमआईसी गठन का इंतजार किया जा रहा था।अब इंतजार खत्म हुआ,इसके साथ ही अब नगर निगम के कामकाज में गति आएगी।कार्यों की रूपरेखा तैयार कर स्वीकृति दिलाकर नए और अटके विकास कार्य शुरू हो सकेंगे।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने जारी की सूची देखे सदस्यों का नाम..
1) वित्त लेखा अंकेक्षण समिति सदस्य नरेंद्र बंजारे,
2) सामान्य प्रशासन व विधायी कार्य समिति सदस्य मनीष साहू,
3)नगरी नियोजन व लोक कर्म समिति सदस्य देवनारायण चन्द्राकर,
4) जलकार्य समिति सदस्य श्रीमती लीना देवांगन,
5) राजस्व समिति सदस्य, चंद्रशेखर चन्द्राकर,
6) अग्निशमन व विद्युत संधारण व यांत्रिकी समिति सदस्य ,ज्ञानेश्वर ताम्रकर,
7) गरीबी उन्मूलन ,समाज कल्याण समिति सदस्य,शिव नायक,
8) स्वास्थ्य व चिकित्सा समिति सदस्य नीलेश अग्रवाल,
9) शिक्षा खेल-खुद एवं युवा कल्याण समिति सदस्य लीलाधर पाल,
10 ) पर्यावरण व उद्यानिकी समिति सदस्य काशीराम कोसरे,
11) सांस्कृतिक,मनोरंजन व विरा.संरक्षण समिति सदस्य श्रीमती हर्षिका संभव जैन,
12) महिला एवं बाल विकास समिति सदस्य श्रीमती शशि साहू को बनाया गया।
सांसद विजय की दो टूक, जनता से जुड़े कार्यो के लिए बी.एस.पी. एन.ओ.सी. दे
रिसाली /शौर्यपथ /दुर्ग ग्रामीण विधायक और दुर्ग सांसद विजय बघेल ने रिसाली में स्वीकृत कार्यो को पूर्ण कराने के लिए कवायद शुरू कर दी है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आला अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सांसद ने दो टूक कहा कि जनहित के कार्यो में भिलाई इस्पात प्रबंध सहयोगात्मक रूख अपनाए। आवश्यकता पड़ने पर वे इस्पात मंत्रालय में चर्चा करने तैयार है। दरअसल विकास कार्य में विलंब होने पर विधायक ललित चंद्राकर की पहल पर रंगोत्सव के पहले संयंत्र प्रबंधन, रिसाली निगम प्रशासन और सांसद, विधायक के बीच बैठक हुई।
दुर्ग ग्रामीण विधायक के हवाले से सांसद विजय बघेल ने कहा कि राज्य शासन ने काॅलेज भवन, इंडोर स्टेडियम और नालंदा परिसर के लिए राशि स्वीकृत की है। जमीन के अभाव में कार्य रूका है। सांसद ने कहा कि जिला प्रशासन के साथ स्थल निरीक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है। बी.एस.पी. की जमीन रिसाली क्षेत्र सीमा है, शीघ्र एनओसी दे। राशि का उपयोग कर निर्माण कार्य आरंभ किया जा सकता है। संयंत्र प्रबंधन के हटधर्मिता को देखते सांसद ने दो टूक कहा कि वर्तमान में जमीन की उपोगिता के लिए बी.एस.पी. एनओसी जारी करे। कार्य जनता के हित के लिए स्वीकृत है। अगर आवश्यकता पड़ी तो वे इसके लिए इस्पात मंत्रालय में भी चर्चा करेंगे।
समिति बनाने सहमत
रिसाली निगम की महत्वकांक्षी योजना जलशोधक संयंत्र पर भी विस्तार से चर्चा हुई। चर्चा पश्चात संयंत्र के अधिकारियों ने कहा कि मरोदा डेम की क्षमता और अन्य तकनिकी पहलुओं पर सर्वे आवश्यकता है। इसके बाद ही निर्णय लिया जा सकता है। अधिकारी सर्वे के लिए कमेटी बनाने सहमति भी दी।
होली की दी बधाई
भिलाई होटल में आयोजित बैठक पश्चात रंगोत्सव की बधाई दी। संयंत्र की ओर से ई.डी. पवन कुमार ने सांसद विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर और निगम आयुक्त मोनिका वर्मा को बधाई दी।
सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
बालोद/शौर्यपथ /जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आज जिला पंचायत में जिले के सभी विकासखण्डों में चलाए जा रहे आवास पखवाड़ा की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को आवास प्लस सर्वे 2024 के सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही शासन के मंशानुसार 30 मार्च 2025 को वृहद स्तर पर गृह प्रवेश उत्सव आयोजित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के समस्त निर्माणाधीन आवासों का स्तरवार एवं ग्राम पंचायतवार एक विशेष कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समयावधि में 90 मानव दिवस की राशि प्रदान करने उपरांत उक्त आवासों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रथम किश्त अंतरण पश्चात अप्रारंभ 1152 आवासों के लाभार्थियो से समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र आवास निर्माण प्रारंभ कर निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने हेतु संबंधितो को निर्देश दिए। योजनान्तर्गत वित्तीय 2024-25 के द्वितीय फेस में आबंटित अतिरिक्त लक्ष्य 8952 के विरूद्ध में यथाशीघ्र आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर 30 मार्च 2025 तक स्वीकृति एवं प्रथम किश्त की राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। बैठक में उप संचालक पंचायत श्री आकाश सोनी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
नवरात्र के पहले,सड़क आवागमन में बाधित दुकान व पसरा, सभी को हटवाकर समृद्धि बाजार पार्किंग में लगवाने के निर्देश
दुर्ग/ /शौर्यपथ / नगर पालिक निगम के तहत शहर की सफाई वयवस्था पर लगातार निगम अमला कार्य कर रहा है! महापौर श्रीमती अलका बाघमार द्वारा आयुक्त सुमित अग्रवाल के साथ महिला समृद्धि क्षेत्र में सफाई कार्यो का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सफाई और सुधार कार्यो को प्राथमिकता देने का निर्देश दिए।उन्होंने यह सुनिक्षित किया कि क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं,ताकि जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके बाद महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने आयुक्त सुमित अग्रवाल के साथ समृद्धि बाजार क्षेत्र का निरीक्षण कर सड़क किनारे तंबू लगाकर रखने वाले सभी दुकानों को नव रात्रि प्रारंभ होने के पहले हटवाए।उन्होंने कहा कि सड़क आवागमन में बाधित दुकान व पसरा सभी को हटवाकर समृद्धि बाजार पार्किंग में लगवाने के निर्देश दिये।
महापौर ने वार्ड 39,44 व वार्ड 29 का निरीक्षण किया।विश्वदीप स्कूल मार्ग के पास अवैध पान व अन्य ठेले व अवैध तरीके से रखे गुमटियों को तत्काल हटवाने के निर्देश दिए।उन्होंने महिला समृद्धि बाजार के सामने हॉकी मैदान में बिना निगम के अनुमति से बना रहे बाउंड्रीवाल को हटवाने की बात कही। महापौर एवं आयुक्त स्वंय सफाई व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें हुये है।निरीक्षण के दौरान वार्ड 44 में नवीन किराना बिक रहे प्रतिबंधित डिस्पोजल को जब्त किया गया।
माता शीतला तालाब का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।नव रात्रि के पहले विसर्जन कुंड को साफ करने के निर्देश दिए।वहां उपस्थित लोगों से भी चर्चा की। उन्होंने निगम के संबधित अधिकारी को तत्काल तालाब एवं सड़क किनारे नालियों के आस पास से झाड़ियों व घास को हटाने कहा।
महापौर ने इस दौरान साफ- सफाई के साथ घर-घर कचरा कलेक्शन कार्य का निरीक्षण किया। मौके पर ही सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निगम अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।इस दौरान पार्षद सरिता विनोद चन्द्राकर,हिरौंदी चंदानिया,साजन जोसेफ,मनोज सोनी,सहायक अभियंता संजय ठाकुर,स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा,उपअभियंता करण यादव,सहायक राजस्व अधिकारी शुभम गोइर,राहुल भट्ट,दुर्गेश ध्रुव सहित अन्य सुपरवाइजर भी मौके पर मौजूद रहे।
सम्बंधित अधिकारी ने महापौर को जानकारी देते हुए बताया कि बाजार क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए लगातार निगम प्रशासन प्रयासरत है!
महिला समृद्धि सब्जी बाजार में सड़ें गले सब्जियों के अवशेष एवं कचरे को कहीं भी अन्यत्र नही फेंकने के लिए दुकानदारों से अपील की गई है।उन्होने कहा कि निगम प्रशासन द्वारा बाजार में कचरा वाहन की व्यवस्था की गई है! जिसमें दुकानदार अपना कचरा उक्त वाहन में डाल सके। लोगों के द्वारा कचरा फेंकने पर निगम के द्वारा द्वारा जुर्माना की कार्रवाई किया जाएगा।नगर निगम की लगातार निगरानी पर सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है।हमारा उद्देश्य बाजार को स्वच्छ सुंदर एवं व्यवस्थित बनाना है।जिसके लिए निगम प्रशासन दिन-रात कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा की
जिला अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
रायपुर /शौर्यपथ /जशपुर जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दिलाते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनार्दन खरे, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल गोपाल प्रसाद रवानी और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव सत्येन्द्र जोल्हे शामिल थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़ है और अधिवक्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ न्याय प्रक्रिया को तेज करने में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज के सबसे वंचित तबके को भी न्याय सुलभ हो सके।
जशपुर अधिवक्ता संघ की ऐतिहासिक भूमिका और न्याय की परंपरा
मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यह संघ हमेशा से सामाजिक न्याय और विधिक सेवा में अग्रणी रहा है। उन्होंने श्री भारतचंद काबरा, श्री बालासाहेब देशपांडे और श्री नरहरि साय जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा करें और उनके लिए न्याय की राह को सुगम बनाएं।
बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिवक्ताओं के लिए सुविधा और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बार काउंसिल के जीर्णोद्धार और ई-लाइब्रेरी के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में ई-लाइब्रेरी से अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों को नवीनतम विधिक जानकारी और अद्यतन संदर्भ सामग्री तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ेगी और नए अधिवक्ताओं को अध्ययन व अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे।
न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ का अटूट रिश्ता – प्रधान जिला न्यायाधीश
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद ने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ के बीच अटूट रिश्ता है, और दोनों को मिलकर समाज में न्याय और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय की गरिमा बनाए रखने और विधिक सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपील की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की समाज में भूमिका, विधिक सहायता की आवश्यकता और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार साझा किए।
शपथ ग्रहण समारोह में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सोनार समाज के सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर विकासखंड के श्याम पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार जशपुर मंडल के प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समाज को सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले, आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता पाने वाले होनहार छात्रों को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सोनार समाज के सामाजिक कार्यों की सराहना
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि सोनार समाज सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, निर्धन बेटियों के विवाह, रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण जैसे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के ये प्रयास दूसरों के लिए भी प्रेरणादायक हैं और इससे पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार, कमजोर परिवारों की मदद का आह्वान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देती है और उसके रहन-सहन को संवारती है। उन्होंने सोनार समाज से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाएं और कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाई में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, जिससे न केवल व्यक्ति का भविष्य उज्ज्वल होता है, बल्कि पूरे समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार को बने 15 महीने हो चुके हैं, और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, डॉ. राम प्रताप सिंह, विजय आदित्य सिंह जूदेव, सोनार समाज के जिला अध्यक्ष श्री विकास सोनी सहित बड़ी संख्या में सोनार समाज के लोग उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ /राज्यपाल रमेन डेका ने कोरबा कलेक्ट्रेट परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत बादाम के पौधे लगाए। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा भरा बनाने सभी को अपने आसपास पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कलेक्टर अभिजीत सिंह से अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर सख्त कार्यवाही करने की मांग किया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने बताया कि दुर्ग सहित आसपास क्षेत्रों में भू-माफियाओं के द्वारा अवैध रूप से किए जा रहे प्लाटिंग व कृषि भूमि को डायवर्सन बगैर बेचा जा रहा है।किसानों से कम कीमत में भूमि को खरीदकर उसे प्लाट काट कर अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है।अपनी चालाकी से आम जनता को भूमाफियाओं द्वारा लुभाया जाता है कि डायवर्सन हम कराकर देंगे और अंततः जनता को प्लाट लेने के बाद डायवर्सन मिल ही नहीं पाता।अधिकारियों को जानकारी होने के बाबजूद अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई के नाम पर खाता शून्य है।जैसे प्रशासन ने मान लिया है कि अवैध प्लाटिंग पूरी तरह से खत्म हो गया है।जबकि कार्रवाई बंद होने के बाद अवैध प्लाटिंग का धंधा और जोर-शोर से चल रहा है। शासन-प्रशासन के सारे नियमों को ताक पर रखकर यहां खेत खलिहान की आवासीय प्लाट के रूप में खरीदी बिक्री हो रही है। स्थिति यह है कि शहर के आसपास इलाकों में रोज कहीं ना कहीं कालोनी का नक्शा खींचा जा रहा है।यहां बिल्डर रियल एस्टेट रेगुलेटरी (रेरा) के नियमों की कोई परवाह नहीं कर रहे हैं।लोगों को लुभाने के लिए बकायदा इन खेतों को प्लाटिंग करने वाले लोग पहले कच्ची सड़क तैयार करते हैं इसके बाद वहां अपने तरीके से प्लाटिंग करते है।जिन भी किसानों की जमीन रोड से लगी हुई है उनसे भूमाफियाओं द्वारा काम कीमत पर खरीद कर ज्यादा रेट में बेचा जा रहा है। इससे भूमाफियाओं के जेब भरते जा रहे हैं। साथ ही जिन किसानों के खेत हाइवे नेशनल के पीछे हैं उन्हें आने-जाने के लिए रोड भी नहीं मिलता,जिससे मजबूरी में किसानों को अपना खेत कम कीमत पर बेचना पड़ता है।
*डायवर्सन के बिना बेचना अवैध*
कृषि योग्य भूमि को प्लाट के रूप में विकसित कर खरीदी बिक्री के लिए नियमानुसार डायवर्सन करना पड़ता है।एक से अधिक प्लाट काटने के बाद नियमानुसार कॉलोनाइजर एक्ट के तहत सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद उसकी खरीदी बिक्री होनी चाहिए। लेकिन,भूमाफिया बिना पंजीयन के ही न केवल आवासीय कालोनी तान दे रहे हैं हैं बल्कि खेत खलिहान का आवास के रूप में धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग तक कर रहे हैं।नियमानुसार निजी भूमि पर कालोनी का निर्माण कराने से पहले लाइसेंस लेना पड़ता है।कालोनाइजर को संबंधित नगर पालिका से डायवर्सन के लिए एनओसी लेना होता है।कालोनाइजर को ट्रांसफार्मर,पानी,सड़क का निर्माण कराना होगा।पार्क के लिए भूमि आरक्षित रखनी होगी। टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग से भी कालोनी निर्माण के लिए अनुमति लेनी होगी।एक एकड़ से कम क्षेत्र में कालोनी बनाई जा रही है तो पालिका में वर्तमान रेट का 15 प्रतिशत आश्रय शुल्क जमा करना पड़ता है,अगर एक एकड़ से ज्यादा जमीन है तो एयर डिस्टेंस दो किमी के भीतर ईडब्ल्यूएस बनाने के लिए जमीन छोडनी पड़ती है। लेकिन भूमाफियाओं द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और जिला प्रशासन मूक दर्शक बना बैठा हुआ है।जैसे प्रशासन के अधिकारियों ने इसके लिए मौन सहमति प्रदान कर दिया है।
दुर्ग / शौर्यपथ / आज दोपहर दुर्ग बायपास रोड पर सड़क एक्सीडेंट में भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष की पुत्री का दु:खद निधन हो गया। इस दुर्घटना में घायल तीन अन्य लोगों को दुर्ग के आरोग्यम अस्पताल में उपचारार्थ भर्ती किया गया है।
गंभीर रूप से घायल जिलाध्यक्ष की पुत्री रिचा कौशिक को रामकृष्ण केयर हास्पीटल रायपुर ले जाया गया जहां सिर में गंभीर चोट की वजह रिचा को वेंटीलेटर पर रखा गया, गहरी चोट से ब्रैन ने भी काम करना बंद कर दिया था। काफी प्रयास के बाद भी जीवन के लिए संघर्ष कर रही रिचा ने दम तोड़ दिया
मिली जानकारी के अनुसार आज दोपहर जिलाध्यक्ष की पुत्री रिचा कौशिक (22 वर्ष) दोस्तों के साथ राजनांदगांव बायपास रोड पर ढाबा भोजन करने जा रही थी तभी दुर्ग बायपास रोड पर उनकी स्कोडा कार दुर्घटनाग्रस्त हुई।
कार सवारों को गंभीर अवस्था में आरोग्यम हास्पीटल ले जाया गया जहां से गंभीर जिलाध्यक्ष की पुत्री को रायपुर रेफर कर दिया गया था। वहां उपचार के दौरान युवती ने दम तोड़ दिया। निधन की खबर आते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हाऊसिंग बोर्ड औद्योगिक क्षेत्र स्वीटी कौशिक के निवास पर खबर मिलते ही लोग पहुंचने लगे हैं।
जिलाध्यक्ष स्वीटी कौशिक के एक पुत्र और पुत्री थी। अचानक हुए इस हादसे से परिवार स्तब्ध है।
दुर्घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार स्कोडा कार अत्यधिक तेज गति में थी और एक्सीडेंट के बाद कार 3 से 4 पलटी खाते हुए दुर्घटनाग्रस्त हुई। कार में रिचा कौशिक सहित उसके तीन दोस्त मयंक यादव, हर्ष यादव, आयुष यादव भी सवार थे। कार सवार 4 लोग बुरी तरह घायल हुए। रिचा की हालत देखते हुए उसे रायपुर रामकृष्ण केयर हास्पीटल रेफर किया गया जबकि आयुष यादव सहित दो अन्य युवकों का आरोग्यम हास्पीटल के आईसीयू में उपचार जारी है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
