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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
बालोद एवं दल्लीराजहरा नगर पालिका के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
रायपुर/शौर्यपथ /उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि बालोद और दल्लीराजहरा शहर की नई सरकार नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी आशा एवं आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करेगी। गंगा मइया के आशीर्वाद से दोनों नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। शहर के लोगों ने जिस उम्मीद और भरोसे के साथ उन्हें चुना है, उस पर खरा उतरेंगे। साव ने आज बालोद जिला मुख्यालय तथा दल्लीराजहरा नगर पालिका में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। सासंद भोजराज नाग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
दल्लीराजहरा के बीएसपी स्कूल क्रमांक-6 में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नगर पालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू एवं पार्षदों को अपर कलेक्टर एवं पीठासीन अधिकारी अजय किशोर लकरा ने शपथ दिलाई। वहीं बालोद के पुराना टाउन हाॅल परिसर में आयोजित समारोह में नगर पालिका की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी एवं पार्षदों ने शपथ ग्रहण किया। उन्हें एसडीएम एवं पीठासीन अधिकारी सुरेश साहू ने शपथ दिलाई।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दोनों नगर पालिकाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए शहर के चहुँमुखी विकास के लिए पूरी निष्ठा व समर्पण से कार्य करने को कहा। उन्होेंने कहा कि बालोद एवं दल्लीराजहरा केवल शहर ही नहीं हैं, यहाँ के सभी निवासी हमारा परिवार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों नगर पालिकाओं के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और सभी पार्षदगण शहर के सर्वांगीण विकास तथा बुनियादी सुविधाओं से युक्त स्वच्छ, सुंदर एवं सुव्यवस्थित शहर के निर्माण के लिए पूरी लगन, निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ लोगों की सेवा करेंगे।
साव ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के सभी नगरीय निकायों में वर्तमान जरूरतों के अनुरूप जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें एक आदर्श शहर के रूप में विकसित करने के लिए कृतसंकल्पित है। पूर्व विधायकों सर्वश्री प्रीतम साहू, विरेन्द्र साहू, डॉ. दयाराम साहू, रायपुर नगर निगम के पूर्व सभापति संजय श्रीवास्तव और राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन सहित बालोद और दल्लीराजहरा के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
शक्ति, समृद्धि और समर्पण का प्रतीक है 'नारी"
महिलाएं दुर्ग शहर को विकसित बनाने मजबूती के साथ संकल्प लेकर कार्य करें – महापौर
दुर्ग/शौर्यपथ /आज नगर पालिक निगम विवेकानंद सभागार में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज सेवी श्रीमती रजनी बघेल,अध्यक्षता महापौर श्रीमती अलका बाघमार, विशिष्ट अतिथि श्रीमती गौरी कौशिक ने कार्यक्रम का शैल चित्र माँ सरस्वती व छत्तीसगढ़ महतरी में माल्यर्पण व दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया किया।कार्यक्रम में मनीष मेहदी ग्रुप द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने मुख्य अतिथि व सभी विशिष्ट अतिथियो को समी का पौधा देकर सम्मान किया।शहर महापौर के द्वारा अपने अपने क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाली महिलाओं का महिला दिवस के अवसर पर समी का पौधा उपहार स्वरूप देकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान निगम एवं शहरी आजीविका मिशन महिला कर्मचारियों का समाजसेवी श्रीमती रजनी बघेल,महापौर श्रीमती अलका बाघमार, समाज सेवी श्रीमती गौरी कौशिक ने बारी बारी महिलाओं के पास जाकर कर्मचारी महिलाओं को उपहार देकर सम्मानित कर महिला दिवस की हार्दिक बधाईयां दी।कार्यक्रम में शहरी आजीविका मिशन द्वारा जागरूक हेतु आयुष्मान भारत व स्वच्छता को लेकर बेहतर नाटक प्रदर्शन किया।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला अधिकारी/ कर्मचारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम के अवसर पर नगर निगम द्वारस शहर क्षेत्र के 22 महिला पार्षदो को उपहार देकर सम्मान किया गया।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम की सभी महिला अधिकारी एवं कर्मचारी दुर्ग शहर को सुन्दर, सुव्यवस्थित,विकसित बनाने मजबूती के साथ संकल्प लेकर कार्य करें।महापौर श्रीमती अलका बाघमर ने कहा हौसलों को उड़ान देना है तो बेटियों को करें शिक्षित।उन्होंने कहा महिला दिवस पर देश की महिलाओं को संदेश देते हुए एक नारी अगर कुछ ठान ले तो उसे पूरा करके ही दम लेती है। चाहे परिस्थितियां कितनी ही विपरीत क्यों ना हो।
समाज सेवी श्रीमती रजनी बघेल ने कहा शक्ति, समृद्धि और समर्पण का प्रतीक है 'नारी।पूरे विश्व में आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में नारी को बहुत महत्व दिया जाता है।समाज सेवी श्रीमती गौरी कौशिक ने कहा महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए 8 मार्च को संपूर्ण विश्व में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। किसी भी देश की प्रगति के लिए जरूरी है उस देश की आर्थिक, राजनितिक और सामाजिक क्षेत्रो में महिलाओ की भूमिकाएं बिना महिलाओं के योगदान के कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता।कार्यक्रम में एडिशनल एस.पी. ऋचा मिश्रा,डॉ. हंसा शुक्ला डॉ सावंत, डॉ मानशी गुलाटी,पूजा जैन,पायल जैन एवं श्रीमती संचेती ने अतिथि के रूप में संबोधित किया।इस दौरान महिला पार्षद श्रीमती लीना दिनेश देवांगन श्रीमती ललिता ठाकुर श्रीमती सुरुचि उमरे,श्रीमती रंजीता प्रमोद पाटिल, श्रीमती सावित्री देवी दमाहे, श्रीमती विद्यावती सिंह, श्रीमती पायल अनुप पाटिल,श्रीमती मनीषा सोनी, श्रीमती ममता ओमकार सेन, श्रीमती बबीता गुड्डू यादव, श्रीमती हर्षिका संभव जैन,श्रीमती शशि बाई साहू श्रीमती प्रतिभा सुरेश गुप्ता,श्रीमती सरिता विनोद चंद्राकर श्रीमती रुबीना हमीद खोखर,श्रीमती लोकेश्वरी ठाकुर,श्रीमती रेखा बंजारे, श्रीमती सविता साहू,श्रीमती हिरौदी चंदानिया,श्रीमती रेशम सोनकर,श्रीमती नीरा खिचरिया के अलावा गायत्री वर्मा,जयश्री राजपूत,बानी सोनी, मौजूद रही
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी व उपायुक्त मोहन्द्र साहू कार्यपालन अभियंता दिनेश नेताम,कार्यक्रम का मंच संचालन ममता धुर्वे,प्राची ठक्कर एवं सहायक अभियंता गिरीश दीवान ने किया ।
छत्तीसगढ़: सखी वन स्टॉप सेंटर की एसओपी निर्धारित करने वाला पहला राज्य
महिला कल्याण के लिए चार नए पोर्टल लॉन्च, महतारी वंदन योजना की 13वीं किश्त जारी
मुख्यमंत्री साय महिला मड़ई समापन समारोह में हुए शामिल
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित "वृहद महतारी वंदन सम्मेलन" में शामिल हुए और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी महिलाओं को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ में महिलाएँ सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बनें, इसके लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं के त्याग और समर्पण के बिना कोई भी समाज और राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भारत में मातृशक्ति की पूजा की परंपरा सदियों पुरानी है और छत्तीसगढ़ सरकार इस परंपरा को और सशक्त कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोई भी समाज तब तक संपूर्ण नहीं हो सकता जब तक समाज की महिलाएँ सशक्त न हों। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं और आने वाले समय में भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई नए कदम उठाए जाएँगे। महिला सशक्तिकरण की यह यात्रा सतत जारी रहेगी, क्योंकि नारी शक्ति ही राष्ट्र की शक्ति है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला कल्याण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत पिछले 13 महीनों से प्रति माह 1,000 रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित कर रही है। अब तक 70 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 8,488 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब से उनका मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे भुगतान में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
चार नए पोर्टल और डिजिटल पहल की लॉन्चिंग
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर उत्पीड़ित एवं संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा की शुरुआत किया जिसके तहत वे ऑनलाइन एवं मोबाइल एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री साय ने बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के पोर्टल, इंफ्रा पोर्टल तथा स्थापना पोर्टल का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार टेक्नोलॉजी के माध्यम से महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला स्व-सहायता समूहों के लिए नए अवसर
महिला मड़ई में लगे स्टॉल्स के संबंध में मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अब तक 15 से 20 लाख रुपये से अधिक की खरीद-बिक्री हो चुकी है, जो महिला उद्यमिता को दर्शाता है। उन्होंने घोषणा की कि नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से "यूनिटी मॉल" बनाया जाएगा, जहाँ महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बेचने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे।
सखी वन स्टॉप सेंटर की एसओपी – छत्तीसगढ़ बना पहला राज्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने सखी वन स्टॉप सेंटर की मानक संचालन प्रक्रिया का विमोचन किया और बताया कि छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं को तत्काल सहायता, परामर्श और कानूनी सहायता प्रदान करता है। अब इस सेंटर के व्यवस्थित संचालन के लिए एक मानक प्रक्रिया बनाई गई है, जिससे इसकी प्रभावशीलता और बढ़ेगी।
महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में विशेष प्रावधान
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल एक नारा नहीं, बल्कि अपनी नीति और संकल्प का अभिन्न हिस्सा मानती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के राज्य बजट में महिलाओं और समाज कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं को सशक्त किया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से लेकर, उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा तक हर क्षेत्र में सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है।
महिलाओं के लिए आरक्षण और नए अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लाखों महिलाओं को लाभ मिल रहा है।पंचायती राज संस्थाओं में पहले से ही महिलाओं को 50% आरक्षण प्राप्त है। अब विधानसभा और लोकसभा में भी 33% आरक्षण का लाभ जल्द ही महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ राजनीति से लेकर फाइटर प्लेन उड़ाने और रेल संचालन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
"अजेय नारी - आराध्य नारी" थीम पर हुआ महिला मड़ई का आयोजन
चार दिवसीय महिला मड़ई का आयोजन "अजेय नारी - आराध्य नारी" थीम पर किया गया। इसमें राज्य के 33 जिलों से आए 87 महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और विक्रय किया।
इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को भी विभिन्न माध्यमों से आमजन के सामने प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, विधायक श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती पुष्पा पाटले, संभाग आयुक्त महादेव कावरे, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक जन्मजेय महोबे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह और आयुक्त नगर निगम विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और महिलाएँ उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री ने ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन के कॉफी टेबल बुक सोल ऑफ द सॉयल का किया विमोचन
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के स्मृतियों पर आधारित है कॉफी टेबल बुक "सोल ऑफ द सॉयल लाइफ्स रिदम्स इन छत्तीसगढ़"
रायपुर/शौर्यपथ /हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने से न केवल वर्तमान पीढ़ी ज्ञानवान बनेगी बल्कि, आने वाली पीढ़ी भी गौरवान्वित होगी। सोल ऑफ द सॉयल छत्तीसगढ़ में जीवन की लय को सहेजने का एक सुंदर प्रयास है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह बातें आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के छत्तीसगढ़ क्लब में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के स्मृतियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक "सोल ऑफ द सॉयल लाइफ्स रिदम्स इन छत्तीसगढ़" का विमोचन करते हुए कही। उल्लेखनीय है कि यह कॉफी टेबल बुक आईएएस, आईपीएस और आईएफएस ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन की संयुक्त परिकल्पना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विमोचन के मौके पर मौजूद सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आदिम संस्कृति, कला, साहित्य, लोक संगीत, लोक नृत्य जैसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना आवश्यक है। इस तरह का प्रकाशन निश्चित रूप से बहु उपयोगी और हम सब को गौरवान्वित करने वाला है। इस कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास बहुत ही प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की उपजाउ मिट्टी से किसान तो खुशहाल हुए ही हैं, सभी वर्ग की समृद्धि का रास्ता खुला है। यह धरती सामाजिक चेतना की भूमि है, जहां बाबा गुरू घासीदास जी जैसे महान संत और शहीद वीर नारायण सिंह जैसे बलिदानी पैदा हुए। उन्होंने कहा कि यह धरती माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यह माता शबरी की कर्मभूमि है, जिसे भगवान श्रीराम ने स्वयं माता के हाथों जूठे बेर का भोग लगाकर धन्य किया। वनवास काल में रामलला के चरण कमल यहां पड़े। इस धरती की महिमा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का बखान करते कवि, साहित्यकार नहीं थकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जानने समझने के सुंदर अवसर के रूप में यह किताब अपने उद्देश्यों को लेकर सफल होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कॉफी टेबल बुक में संकलित की गई कुछ कविताएं भी सुनी।
भारतीय प्रशासनिक सेवा की सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. इंदिरा मिश्रा ने इस मौके पर कहा कि तीनों ही एसोसिएशन की महिलाओं ने मिलकर यह सुंदर प्रयास किया है। आज महिला दिवस के खास मौके पर 200 पन्नों की इस पुस्तक से प्रिय स्मृतियों का निर्माण हो गया है। डॉ. मिश्रा ने अपने प्रशासनिक अनुभव और अपने आईएएस ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन के अध्यक्ष काल के अनुभवों को भी साझा किया। आईएएस ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती रितु अमिताभ जैन ने कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन दिया। विमोचन कार्यक्रम में श्रीमती जाह्नवी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ी कविता का पाठ किया।
इस मौके पर आईपीएस ऑफिसर्स वाइफ्स एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गौतम, आईएफएस ऑफिसर्स वाइफ एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति साहू, डॉ. वंदना अग्रवाल सहित तीनों एसोसिएशन की सदस्य मौजूद रहीं।
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी के बाजारडांड़ में स्थापित स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी की सात फीट ऊंची प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्व. जूदेव के जीवन, योगदान और समाज सेवा को दर्शाने वाली विशेष फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी का जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और आदिवासी उत्थान के लिए समर्पित था। उनकी निस्वार्थ सेवा और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव के विचार और सेवा कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि फोटो प्रदर्शनी में स्व. जूदेव के सामाजिक कार्यों, जनसेवा और विभिन्न प्रेरणादायक क्षणों को संजोया गया था, जिसे देखने बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने प्रति वर्ष 8 मार्च को स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजन करने की घोषणा की
शिविर में एम्स रायपुर के चिकित्सकों के द्वारा मरीजों का किया जा रहा है उपचार
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी अंतर्गत सलियाटोली स्थित बालासाहेब देशपांडे महाविद्यालय मैदान में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव की स्मृति में उनकी जयंती पर आयोजित वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का मां सरस्वती, भारत माता, छत्तीसगढ़ी महतारी और स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रति वर्ष 8 मार्च को वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के नागरिक स्वस्थ रहें और राज्य समृद्धि की ओर अग्रसर हो। इसी दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए इस वर्ष के बजट में कुनकुरी में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का प्रावधान किया गया है। साथ ही जशपुर में शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को बेहतर उपचार मिलेगा और उन्हें इलाज के लिए अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से स्वास्थ्य शिविर का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी मरीज में गंभीर बीमारी का पता चलता है, तो सरकार द्वारा रायपुर में उनके समुचित इलाज की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के काउंटरों का अवलोकन कर डॉक्टरों से चर्चा करते हुए उनके समर्पण व सेवा के लिए आभार व्यक्त किया।
एम्स रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक कर रहे है उपचार
उल्लेखनीय है कि यह शिविर जिला प्रशासन जशपुर द्वारा एम्स रायपुर के सहयोग से आयोजित किया गया है। शिविर में एम्स के मेडिसिन, सर्जरी, कैंसर, नाक-कान-गला, नेत्र, अस्थि, गुर्दा, चर्म, स्त्री रोग और मनोरोग के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिविर में जांच के दौरान पाए गए गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रायपुर रेफर कर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। शिविर में निःशुल्क दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई जा रही है । शिविर में मरीजों के सुविधा के लिए 10 पंजीयन काउण्टर, 7 जनरल ओपीडी काउण्टर, 2 लेबोरेटरी काउण्टर, सभी विशेषज्ञ विभागों के पृथक-पृथक काउण्टर सहित जनरल वार्ड की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान कार्ड और टीबी मरीजों को फूड बास्केट का किया वितरण
शिविर में मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना अंतर्गत सुंदर यादव, सुनिता बाई, भगवती सिंह, फ्रांसिस तिग्गा, प्लासिदियस केरकेट्टा, खिलासो बाई को आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदना कार्ड वितरण किया। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत 10 टीबी मरीजों को फूड बास्केट का भी वितरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत टीबी मरीजों के सेवा के लिए निक्षय मित्रों को किया सम्मान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत टीबी मरीजों के सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्यों के लिये निक्षय मित्रों को सम्मानित किया, जिनमें सीएमएचओ जशपुर डॉ. जी. एस. जात्रा को टीबी मरीजों को पोषण सहयोग प्रदाय कर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में महत्वपूर्ण योगदान के लिये, डीडीएम निरंजन प्रसाद गुप्ता को जशपुर जिले के विशेष पिछडी जनजाति (पीवीटीजी) पहाडी कोरवा एवं बिरहोर समुदाय के सभी टीबी मरीजों की जिम्मेदारी लेकर उन्हें पोषण सहयोग प्रदाय कर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में महत्वपूर्ण योगदान के लिये और श्री भरत रत्नम खुटे को टीबी मरीजों को पोषण सहयोग प्रदाय कर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में महत्वपूर्ण योगदान के लिये सम्मान किया गया।
इस अवसर पर विधायक एवं उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, जिला पंचायत सदस्य शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, राजेश कुमार गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे।
जगदलपुर, शौर्यपथ। हमारे देश में आदिकाल से माता की पूजा होती है, यही वजह है कि भारत के विकास में महिलाओं का अतुलनीय योगदान है। आज समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी काबिलियत और दृढ़ संकल्प से श्रेष्ठता साबित की है। चाहे विज्ञान हो, राजनीति, खेल, रक्षा या फिर व्यापार—हर क्षेत्र में मातृ शक्ति ने अपने परिश्रम और समर्पण से ऊंचाइयों को छुआ है। यह बात सांसद बस्तर महेश कश्यप ने स्थानीय श्यामाप्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कही।
सांसद श्री कश्यप ने कहा आज देश की महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने कौशल और मेहनत से समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वहीं राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी एक महत्वपूर्ण संकेत है। हाल ही में हुए विधानसभा और लोकसभा, नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनावों में कई महिलाओं ने जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया कि वे नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम हैं। खेल जगत में भी हमारे महिला खिलाड़ियों ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में भी महिलाएं नए-नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं। स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियों में महिला उद्यमियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। इन सभी उपलब्धियों के साथ मातृ शक्ति ने यह साबित कर दिया है कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और समाज के विकास में उनकी भूमिका सर्वोपरि है। अब समय आ गया है कि उनके योगदान को और अधिक सराहा जाए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाए। इस दौरान विधायक जगदलपुर किरण देव ने भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए समाज के उत्तरोत्तर विकास में महिलाओं के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। वहीं शासन द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में संचालित योजनाओं के बारे में अवगत कराया और इन योजनाओं से लाभान्वित होने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में स्वंयसेवी एवं समाजसेवी संगठनों से जुड़े महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मनीषा गोयल ने महिलाओं के व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी परामर्श दी। उप पुलिस अधीक्षक गीतिका साहू ने साइबर अपराध से बचाव सम्बन्धी जानकारी देते हुए सोशल मीडिया के उपयोग में सतर्कता बरतने तथा ऑनलाइन शॉपिंग में सावधानी रखने की समझाइश दी। साथ ही महिलाओं को प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों के बारे में अवगत कराते हुए आपातकालीन पुलिस सेवा के लिए अभिव्यक्ति एप का उपयोग किए जाने का आग्रह किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के सर्जन डॉ प्रदीप पांडे ने कैंसर से बचाव के लिए आवश्यक सलाह देते हुए तम्बाकू एवं तम्बाकूयुक्त सामग्रियों का उपयोग नहीं करने सहित नशापान नहीं करने की समझाइश दी। बेटी जन्मोत्सव को समर्पित इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सेल्फी जोन में मां एवं बच्ची का आकर्षक सेल्फी लेने वाले माताओं को तत्काल छायाचित्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाने वाले महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न स्थानीय पोषक साग-सब्जियों तथा व्यजनों का स्टॉल प्रदर्शित कर पोषक माताओं एवं गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार तथा स्वच्छता एवं साफ-सफाई, स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण इत्यादि की जानकारी दी गयी। इस मौके पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित स्वंयसेवी एवं समाजसेवी संगठनों से जुड़े महिलाओं के अलावा स्व सहायता समूहों की दीदियों और हजारों की संख्या में मातृ शक्तियों ने उत्साह के साथ अपनी सहभागिता निभाई।अंत में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी हेमंत साहू ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस में सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
नक्सल प्रभावित गांव की महिलाओं ने नक्सलियो के डर से छोड़ा गांव, पांच सालों से होली के मौके पर गुलाब बनाकर कमा रही हजारों रूपए
स्व सहायता समूह की महिलाएं बना रही होली के लिए फूलों और सब्जियों से हर्बल गुलाल
रायपुर /शौर्यपथ / बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित पंचायत भैरमगढ़ के शिविर में रहने वाली कई महिलाओं की जिंदगी को जहां नक्सलियों ने बेरंग कर दिया था। अपनी जान बचाने के लिए इन महिलाओं ने अपना गांव छोड़ दिया और अब हर्बल गुलाल बनाकर लोगों की जिंदगी में रंग घोल रही हैं। यह काम ये महिलाएं पिछले पांच सालों से बिना किसी परेशानी के कर रही हैं और आने वाले सालों में इसे करने की बात कह रही हैं।
बीजापुर जिले के भैरमगढ़़ में बिहान कार्यक्रम के अंतर्गत माँ दुर्गा महिला स्व सहायता समूह की महिलएं पिछले पांच सालों से हर्बल गुलाल बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस बार बीजापुर के लोग इनके बनाए हर्बल रंगों और गुलाल से होली खेलेंगे। इन महिलाओं के बनाए हर्बल गुलाल की डिमांड भी काफी अधिक है। कई लोग इनको गुलाल का ऑर्डर भी दे रहे हैं। इधर जनपद पंचायत सीईओ पुनीत राम साहू ने बताया कि महिलाओं को हर्बल गुलाल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिसका फायदा उठाते ये महिलाएं पिछले पांच सालों से गुलाल बनाकर बाजार में बेचकर इसका फायदा उठा रही हैं। हर साल करीब 50 किलो से ज्यादा गुलाल बेचकर अपने परिवार का भरण भोषण कर रही हैं। इस समय इस समूह में 10 महिलाएं हैं।
अलग-अलग फूलों से तैयार हो रहा हर्बल गुलाल
इस स्वसहायता समूह की महिलाएं होली के लिए अलग-अलग फूलों और सब्जियों से रंग तैयार कर रही हैं। ये महिलाओं पालक भाजी, लाल भाजी, टेसू के फूल, गेंदा फूलों से हर्बल गुलाल तैयार कर रहीं है। इन महिलाओं को पहले से ही प्रशासन की ओर से ट्रेनिंग दी गई है। पिछले पांच सालों में अब तक ये महिलाएं तकरीबन 150 किलो गुलाल बेच चुकी हैं.। खास बात यह है कि ये हर्बल गुलाल लोगों के चेहरे पर नुकसान नहीं पहुंचाता। यही कारण है कि लोग पहले से ही इसका ऑर्डर दे कर हर्बल गुलाल मंगवा रहे हैं। विकास खंड परियोजना प्रबंधक रोहित सोरी ने बताया कि समूह की महिलाएं इतामपार गांव जो इंद्रावती नदी के उस पार वहां की रहने वाली है। नक्सल हिंसा के चलते इन महिलाओं ने गांव को छोड़ दिया है और इस समय भैरमगढ़ के शिविर कैँप में रह रही हैं। इन महिलाओं को जिला प्रशासन के द्वारा रहने की सुविधा दी गई है। सोरी ने बताया कि इसके अलावा ये महिलाएं अलग- अलग व्यसाय कर जीवन यापन कर रही हैं।
हर्बल गुलाल की मांग ज्यादा
स्व सहायता समूह की अध्यक्ष फगनी कवासी और सचिव अनीता कर्मा ने बताया कि पहले हर्बल गुलाल बनाने की ट्रेनिंग जिला प्रशासन द्वारा दी गई थी। यहां बनाया गए रंग पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। हम फूल की पंखुड़ियां, पालक भाजी, लाल भाजी,हल्दी, बेसन पलाश के फूलों से अलग-अलग रंग तैयार कर रहे हैं। हमारे बनाए हर्बल गुलाल की डिमांड भी काफी ज्यादा है। इसके चलते हम पिछले पांच सालों से यह काम कर रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि जिला पंचायत के साथ ही मार्केट में भी जगह-जगह स्टॉल लगाकर इनका गुलाल बेचा जा रहा है। इससे अच्छी आमदनी भी हो रही है।
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत भी उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी न केवल प्रखर राष्ट्रवादी थे, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान के दृढ़ रक्षक भी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व में प्रारंभ हुआ ‘घर वापसी’ अभियान एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन बना, जिसने हजारों लोगों को उनकी मूल सनातन परंपरा से पुनः जोड़ने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्री जूदेव जी जल, जंगल, जमीन और जनजातीय अस्मिता के सशक्त प्रहरी थे। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज को उनका गौरव और पहचान लौटाने के लिए उन्होंने अनवरत संघर्ष किया। उनके प्रयासों से समाज में राष्ट्रवादी चेतना का प्रसार हुआ और छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से और अधिक जुड़ने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने अपने जीवन में राष्ट्रवादी मूल्यों को आत्मसात कर समाजहित में कार्य किया। उनकी दृढ़ता, निडरता और ओजस्वी नेतृत्व आज भी हम सभी को प्रेरित करता है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
रायपुर/शौर्यपथ / बजट में ई - वे बिल की लिमिट बढ़ाने और वेट में छूट की घोषणा पर छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष श्री अमर परवानी के नेतृत्व में आज शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उनके प्रति आभार प्रकट किया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वित्तीय वर्ष 2025 - 26 के बजट में व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से और कर के बोझ को कम करने के लिए ई-वे बिल सीमा 50 हजार रुपए से बढाकर एक लाख रुपए करने और 25 हजार रुपए तक की वैट देनदारी को माफ करने की घोषणा की है।
अमर परवानी ने कहा कि ई -वे बिल की लिमिट पचास हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने से बड़ी संख्या में व्यापारियों को राहत मिलेगी। इसी तरह छोटे व्यापारियों के वेट टैक्स में आउट स्टैंडिंग पच्चीस हजार रुपए तक की राशि माफ करने की घोषणा से पूरे प्रदेश में 66 हजार व्यापारियों को फायदा होगा। इन घोषणाओं के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। राज्य सरकार की नीतियों से व्यापार -व्यवसाय के लिए प्रदेश में उत्साहजनक वातावरण बना है।
इस अवसर पर सर्वश्री सुरेन्द्र सिंह, शंकर बजाज, अवनीत सिंह, जीतू दोशी और प्रीतपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में चैंबर के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम आठ मार्च को विवेकानंद सभागार में 12.00 बजे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रजनी विजय बघेल,विशेष अतिथि श्रीमती रेणुका गजेंद्र यादव,श्रीमती पूजा ललित चन्द्राकर,श्रीमती गौरी सुरेन्द्र कौशिक की उपस्थिति में किया जाएगा।प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शहर महापौर श्रीमती अलका बाघमार के मंशानुरूप अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम आयोजन जा रहा है।कार्यक्रम को लेकर आयुक्त सुमित अग्रवाल द्वारा विभागीय अधिकारी के साथ आठ मार्च को होने वाले महिला दिवस कार्यक्रम को लेकर बैठक आहुति किया गया। बैठक में उपायुक्त मोहेंद्र साहू,कार्यपालन अभियंता दिनेश नेताम, आरके जैन,सहायक अभियंता गिरीश दीवान,स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा,आरके बोरकर,शुभम गोइर,अभ्युदय मिश्रा,पंकज चंद्रवंशी सहित अन्य उपस्थित रहे।महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की तैयारियों के निर्देश दिए।
कार्यक्रम आठ मार्च को जेल तिराहा के सामने विवेकानंद सभागार में आयोजित किया जाएगा। बैठक में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
रायपुर/शौर्यपथ / अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन और राज्य स्तरीय महिला मड़ई का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे तथा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित सभी कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, रायपुर महापौर एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
महतारी वंदन योजना की 13वीं किश्त का होगा वितरण
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को योजना की 13वीं किश्त का भुगतान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में महतारी वंदन योजना की प्रथम किश्त विवाहित महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई थी। अब तक 12 किश्तों में 7,838 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की माताओं-बहनों को वितरित की जा चुकी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए 'सम्मान सुविधा प्रणाली' का शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री साय इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय भुगतान के लिए "सम्मान सुविधा प्रणाली" का शुभारंभ करेंगे। यह पहली बार होगा जब मुख्यमंत्री स्वयं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को डिजिटल और केंद्रीकृत प्रणाली के माध्यम से सीधे मानदेय का भुगतान करेंगे।
इस प्रणाली में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियमित उपस्थिति दर्ज होगी, जिसके आधार पर उन्हें सीधे राज्य सरकार से मानदेय का भुगतान किया जाएगा। यह प्रणाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय भुगतान में सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करेगी।
छत्तीसगढ़ बनेगा 'सखी वन स्टॉप सेंटर' की मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित करने वाला पहला राज्य
मुख्यमंत्री श्री साय इस अवसर पर उत्पीड़ित एवं संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधा की शुरुआत करेंगे, जिसके तहत वे ऑनलाइन एवं मोबाइल एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकेंगी।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री श्री साय बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के पोर्टल, इंफ्रा पोर्टल तथा स्थापना पोर्टल का भी शुभारंभ करेंगे। साथ ही, बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया जाएगा।
महिला सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए "सखी वन स्टॉप सेंटर" की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का विमोचन भी किया जाएगा। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन जाएगा जो सखी वन स्टॉप सेंटर के सुचारू संचालन हेतु एक निर्धारित SOP लागू करेगा।
महिला सशक्तिकरण में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम में राज्य की 32 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 3 सर्वश्रेष्ठ सखी वन स्टॉप सेंटर, 2 नवा बिहान योजना के महिला संरक्षण अधिकारी सहित अन्य महिला सशक्तिकरण में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।
राज्य स्तरीय महिला मड़ई: महिला उद्यमिता और स्वावलंबन का मंच
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 4 से 8 मार्च 2025 तक राज्य स्तरीय महिला मड़ई का आयोजन किया जा रहा है। इस मड़ई में महिला स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं।
राज्य के विभिन्न जिलों से आईं महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपनी उत्पादित सामग्रियों का प्रदर्शन और विक्रय कर रही हैं। इसके साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष स्टॉल भी लगाए गए हैं। इस आयोजन के अंतर्गत प्रदेशभर से नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों और महिला समूहों के प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे महिला उद्यमिता और स्वावलंबन से जुड़े विभिन्न प्रयासों को नजदीक से देख और समझ सकें।
महिला सशक्तिकरण का महाकुंभ: 50,000 से अधिक महिलाओं की सहभागिता
वृहद महतारी वंदन सम्मेलन और राज्य स्तरीय महिला मड़ई में पूरे प्रदेश से 50,000 से अधिक माताएं, बहनें और बेटियां शामिल होंगी। इस भव्य आयोजन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, सामाजिक उत्थान और आर्थिक स्वावलंबन को एक नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
नारी शक्ति के सम्मान का महोत्सव
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का महोत्सव होगा। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए इस अवसर पर महिला समृद्धि संबंधित शासकीय योजनाओं के व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णदेव साय ने दी बधाई
रायपुर/शौर्यपथ / बस्तर जिले ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने, नवीन शैक्षणिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन और शिक्षक-छात्र संबंधों को मजबूत करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नीति आयोग ने बस्तर जिले को 3 करोड़ रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई देते हुए कहा कि बस्तर जिले के विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और हमारी सरकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता ने जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पुरस्कार आकांक्षी जिलों में बुनियादी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और शिक्षा की समावेशी एवं नवाचारयुक्त नीति को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में संपूर्ण शिक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा बस्तर में बौद्धिक और शैक्षणिक विकास को नया आयाम देने के लिए राज्य सरकार को और अधिक प्रेरित करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में यह उपलब्धि न केवल बस्तर जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
लोक निर्माण विभाग के बजट में वर्ष 2030 तक के लिए सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना - अरूण साव
‘‘गांवों और सुदूर वनांचलों में हर परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता‘‘
मुख्यमंत्री नगरोत्थान और मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना शुरू होगी, दोनों योजनाओं के लिए क्रमशः 500 करोड़ और 100 करोड़ रूपए का प्रावधान
भू-जल को रिचार्ज करने जल संवर्धन कार्याें के लिए 2 करोड़ रूपए, न्यायालयों के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण के लिए 36 करोड़ 90 लाख रूपए प्रावधानित
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15,386 करोड़ 42 लाख 47 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की र्गइं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2,793 करोड़ 60 लाख 73 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 24 करोड़ 38 लाख 13 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 4,664 करोड़ 8 लाख 56 हजार रूपए, न्याय प्रशासन एवं निर्वाचन के लिए 894 करोड़ 45 लाख 20 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 2,101 करोड़ 99 लाख 36 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 1,715 करोड़ 44 लाख 46 हजार रूपए, लोक निर्माण विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 69 करोड़ 20 हजार रूपए तथा नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 3,123 करोड़ 45 लाख 83 हजार रूपए शामिल हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने अपने विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए सदन में कहा कि आजादी के 60 वर्षाें के बाद भी गांवों में घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया था। ग्रामीण महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था में लगने वाले अथक परिश्रम से राहत दिलाने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल जीवन मिशन की परिकल्पना की है। हर घर तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम देने वर्ष 2019 से जल जीवन मिशन का काम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने जल जीवन मिशन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पिछली सरकार की त्रुटियों और खामियों को दूर करते हुए कार्याें की गुणवत्ता, गतिशीलता और पूर्णता के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसके लिए लापरवाह और कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री साव ने सदन में बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य में 22 हजार 389 करोड़ 99 लाख रूपए लागत की 29 हजार 173 सिंगल विलेज एवं रेट्रोफिटिंग योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। साथ ही 3,212 गांवों के लिए 4166 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं भी मंजूर की गई हैं। इन योजनाओं से राज्य के 50 लाख 4 हजार ग्रामीण परिवार लाभान्वित होंगे। जल जीवन मिशन में अब तक 40 लाख 10 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके तहत 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के मान से हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के कार्याें के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 4500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आगामी वर्ष के बजट में हैण्डपम्पों के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन/संधारण के लिए 8 करोड़ रूपए और नाबार्ड पोषित सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। भू-जल को रिचार्ज करने जल संवर्धन कार्य के लिए 2 करोड़ रूपए, शहरी क्षेत्रों में नलकूपों के खनन के लिए 2 करोड़ 60 लाख रूपए, प्रगतिरत नगरीय पेयजल योजनाओं में अनुदान के लिए 56 करोड़ 37 लाख 6 हजार रूपए एवं 41 करोड़ 99 लाख 46 हजार रूपए ऋण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। भिलाई आईआईटी में पेयजल आपूर्ति के लिए शिवनाथ नदी पर आधारित निर्माणाधीन योजना के लिए भी 01 करोड़ रूपए का प्रावधान इस बजट में है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सदन में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था के लिए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में नवीन मद में कई प्रावधान किए गए हैं। इनमें जल जीवन मिशन के कार्याें की निगरानी हेतु डेशबोर्ड निर्माण के लिए 3 करोड़ रूपए, मानव संसाधन के लिए 01 करोड़ 19 लाख रूपए, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 01 करोड़ 60 लाख रूपए, नल जल योजनाओं के अनुरक्षण कार्य के लिए 5 करोड़ रूपए, विभागीय कार्यालयों के निर्माण के लिए 01 करोड़ 65 लाख रूपए तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 250 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरूण साव ने सदन में विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि सड़कें केवल आवागमन के साधन नहीं हैं। ये विकास की दिशा भी तय करते हैं। राज्य के तीव्र विकास के लिए नई सड़कों का निर्माण तेजी से किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में राज्यमार्गाें के उन्नयन के लिए सीआरआईएफ योजना के तहत 8 सड़क खण्डों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 892 करोड़ 36 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। इससे राज्य के विभिन्न जिलों में 323 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों का मजबूतीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के आगामी वर्ष के बजट में राज्य में विद्यमान रेल्वे लाईन्स पर लेबल क्रॉसिंग, रेल्वे ओव्हर ब्रिज, व्यस्ततम तथा अधिक घनत्व वाले चौक पर ग्रेड सेपरेटर के निर्माण तथा राष्ट्रीय राजमार्गाें एवं मुख्य जिला मार्गाें के संकीर्ण एवं कमजोर पुलों के पुनर्निर्माण के कार्य को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। भारत सरकार ने राज्य में सात रेल्वे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण के लिए 356 करोड़ 71 लाख रूपए स्वीकृत किए हैं। केन्द्र सरकार राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए एनएचएआई के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गाें के निर्माण एवं उन्नयन के कार्य प्राथमिकता से कर रही है।
साव ने सदन में बताया कि वर्ष 2001 में लोक निर्माण विभाग का बजट मात्र 103 करोड़ 85 लाख रूपए का था, जो 2025-26 के बजट में बढ़कर अब 9,451 करोड़ रूपए पहुंच गया है। यह नये छत्तीसगढ़ के निर्माण की कल्पना को सुदृढ़ करने की पहल है। इस बजट को वर्ष 2030 तक के लिए सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अत्यधिक यातायात वाले शहरी भागों में 4 लेन का निर्माण तथा घनी आबादी वाले शहरों की नजदीकी बसाहटों को 4 लेन मार्गाें से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इससे शहरों का व्यवस्थित विस्तार होगा और विकास बढ़ेगा। अत्यधिक यातायात तथा खनन क्षेत्रों में भारी यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़कों के मजबूतीकरण और आवश्यकतानुसार 4 लेन निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। अंतराज्यीय सीमा की सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा सुगम यातायात के लिए उन्हें 4 लेन करने की योजना बनाई गई है।
साव ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में भारतमाला योजना संचालित है। छत्तीसगढ़ में रायपुर से विशाखापटनम को जोड़ने वाली भारतमाला 4 लेन एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन है, जिसके शीघ्र ही पूरा होने की संभावना है। बस्तर क्षेत्र को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए नये बजट में कई सर्वेक्षण, सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2025-26 के बजट में 1909 नई सड़कों एवं पुल-पुलियों के लिए 1902 करोड़ रूपए, 168 सड़कों की डामरीकृत सतह के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 917 करोड़ रूपए, दुर्घटनाओं को रोकने महत्वपूर्ण मार्गाें के पुलों के चौड़ीकरण एवं सुरक्षा उपाय, मरम्मत कार्य एवं ब्लैक-स्पॉट सुधार कार्याे के लिए 120 करोड़ रूपए, निजी भूमि के मुआवजा भुगतान के लिए 420 करोड़ रूपए तथा 339 पुलों के निर्माण के लिए 1351 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बिलासपुर और रायगढ़ में विभागीय कार्यालयों के निर्माण के साथ ही मनेन्द्रगढ़ और सारंगढ़ में नये सर्किट हाउस के निर्माण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री साव ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के उत्तर में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के शहर विकास के नित नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। राज्य के नागरिकों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी को हमारी सरकार एक-एक कर पूरा करते हुए आगे कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि जन आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य के नये उभरते कस्बों के सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए हमने नगरीय निकायों की संख्या 179 से बढ़ाकर 192 की है। हमने विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की ओर तेजी से कदम बढ़ाने अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन कहे जाने वाले शहरों के विकास के लिए 2025-26 में ऐतिहासिक 6,044 करोड़ 12 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में हमने कुल स्वीकृत 02 लाख 49 हजार 166 आवासों में से 2 लाख 5 हजार 360 आवास पूर्ण कर लिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दूसरे चरण में सभी शहरों में ऑनलाईन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर हैं। अब तक 42 हजार हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। केन्द्र सरकार द्वारा दिसम्बर-2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 15 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है।
साव ने बताया कि नये बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 875 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास निर्माण कर गृह प्रवेश करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के नये बजट में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के लिए 380 करोड़ रूपए, अमृत मिशन 2.0 के लिए 744 करोड़ रूपए, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लिए 25 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए 30 करोड़ रूपए, रायपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, बिलासपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, मोर संगवारी सेवा के लिए 10 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के लिए 100 करोड़ रूपए, शहरों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अधोसंरचना मद में 750 करोड़ रूपए तथा 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 680 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।
साव ने सदन में बताया कि राज्य के 17 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए तथा संचालन के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। इस साल शुरू होने वाली नई योजना मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग
उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री साव ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले एक वर्ष में न्यायिक व्यवस्था एवं न्यायिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अधीनस्थ न्यायालयों में 321 नये पदों पर भर्ती की अनुमति के साथ ही उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में 1259 नये पद सृजित किए गए हैं। नागरिकों के सुविधा के लिए वर्ष 2024 में 49 नये नोटरी नियुक्त किए गए हैं। न्यायालय भवनों, आवासीय भवनों और अन्य विकास कार्याें के लिए 240 करोड़ रूपए भी मंजूर किए गए हैं। राज्य की न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए 2025-26 के बजट में हमने 1265 करोड़ 46 लाख 78 हजार रूपए का प्रावधान किया है। इसमें न्यायालय भवन, न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए 45 करोड़ रूपए, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए, न्यायालयों के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण के लिए 36 करोड़ 90 लाख 67 हजार रूपए, जरूरतमंद तबकों तक न्याय पहुंचाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों तथा तालुका विधिक सेवा समितियों के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए तथा एडीआर सेंटर के निर्माण के लिए 11 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जिला न्यायाधीश के नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए तथा विभिन्न न्यायालयों में मानव संसाधन बढ़ाने 2 करोड़ 43 लाख 12 हजार रूपए, राज्य के 22 परिवार न्यायालयों में, तथा बिलासपुर में परिवार न्यायालय की स्थापना के लिए नये पदों के सृजन के लिए 01 करोड़ रूपए और विभिन्न विधिक सेवा प्राधिकरणों में नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए के साथ ही महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ता एवं उप शासकीय अधिवक्ता के नये पदों के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। आगामी वर्ष के बजट में न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए स्थापित छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के ऑडिटोरियम में विभिन्न निर्माण कार्याें के लिए 03 करोड़ 20 लाख रूपए, हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 01 करोड़ रूपए और वहां स्थापना व्यय के लिए 13 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री दलेश्वर साहू, अजय चंद्राकर, उमेश पटेल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, दिलीप लहरिया, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, व्यास कश्यप, रिकेश सेन, सुशांत शुक्ला, कुंवर सिंह निषाद, पुन्नूलाल मोहले, श्रीमती हर्षिता बघेल, श्रीमती शेषराज हरवंश, सुश्री लता उसेंडी और श्रीमती यशोदा वर्मा ने भाग लिया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
