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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
कारोबार को आगे बढ़ाने हरसंभव सहायता देने का भी आश्वासन दिया
शॉर्क टैंक कार्यक्रम में पहुंचने वाली ईशा ने कलेक्टर से की मुलाकात
धमतरी/शौर्यपथ /धमतरी जैसे छोटे शहर से सफल स्टार्टअप शुरू कर अपने उत्पादों को देश-विदेश में बेचने वाली शहर की ईशा झंवर ने आज कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से सौजन्य मुलाकात की। कलेक्टर मिश्रा ने ईशा को प्रदेश के युवाओं खासकर युवतियों-महिलाओं के लिए रोल मॉडल बताते हुए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने ईशा जैसी युवतियों को आने वाले दिनों में देश-प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण धुरी बताया और ईशा को उसके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने ईशा से उसके व्यवसाय, उसे चलाने में आई परेशानियों के साथ उनके सफल समाधान के बारे में पूछा। कलेक्टर ने ईशा के प्रतिष्ठित टीवी कार्यक्रम शॉर्क टैंक तक पहुंचने पर बधाई भी दी। श्री मिश्रा ने उद्योग विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को ईशा की सहायता से स्थानीय स्तर पर युवाओं को अपने स्टार्टअप शुरू करने और अलग-अलग तरह के व्यवसायों के प्रति प्रेरित करने के लिए कार्यशाला आदि आयोजित करने के भी मौके पर ही निर्देश दिए।
धमतरी की ईशा झंवर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत सरकारी मदद से अपने मूल उद्योग धनश्री फुड के माध्यम से कैमिकल फ्री खाद्य पदार्थ बनाने का स्टार्टअप शुरू किया है। ईशा धमतरी के लोहरसी में उत्पादन यूनिट लगाकर कैमिकल फ्री टोमेटो कैचप, इमली कैचप, मनोनिस, पिज्जा- पास्ता सॉस जैसे उत्पाद बना रहीं हैं। ईशा को इसके लिए 40 लाख रूपये का ऋण और राज्य के उद्योग विभाग के माध्यम से 10 लाख रूपये की सरकारी सब्सिडी भी मिली है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से मुलाकात के दौरान ईशा ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में गुड़-टमाटर पेस्ट, इलाईची, काली मिर्च, लौंग जैसे कैमिकल फ्री पदार्थों से उत्पाद बनाए जाते हैं। इनमें किसी तरह के रसायनिक पदार्थ या कलर आदि नहीं मिलाए जाते। ईशा ने बताया कि उनके उत्पादों को एफएसएसएआई से भी मान्यता मिली है। वे अपने उत्पादों का विपणन रीपिट गुड नाम की मार्केटिंग एजेंसी के माध्यम से करतीं हैं। कलेक्टर ने ईशा से इनके उत्पादों के बाजार और लॉजिस्टिक आदि के बारे में भी जानकारी ली। ईशा ने बताया कि उनका अधिकांश उत्पादन मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर जैसे महानगरों में ही बिक जाता है। अन्य शहरों में भी इन उत्पादों के लिए बाजार तैयार करने में वे लगीं हैं। ईशा ने बताया कि वे आने वाले दिनों में अधिक खपत वालो शहरों में वेयर हाउस भी शुरू करेंगी, जहां उत्पादों को मांग के अनुसार निर्धारित मात्रा- संख्या में स्टोर करके रखा जा सकेगा। ईशा ने यह भी बताया कि जल्द ही उनकी योजना अपनी उत्पादन यूनिट का विस्तार करने की भी है।
बिहान से जुड़कर हो रहीं सशक्त, मेहनत और लगन से परिवार को दे रहीं आर्थिक संबल
रायपुर/शौर्यपथ /महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। कोण्डागांव जिले की महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि, पशुपालन, सिलाई, बुनाई, दुकान और अन्य छोटे व्यवसायों से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। जिले की कई महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर सफलता की नई कहानी लिख रही हैं। आज हम ऐसी ही महिलाओं की प्रेणादायक कहानी साझा कर रहे हैं, जिन्होंने बिहान से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की।
चंद्रिका मरकाम बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
ऐसी ही कहानी माकड़ी विकासखंड के ग्राम पंचायत ओण्डरी की रहने वाली श्रीमती चंद्रिका मरकाम की है, जिन्होंने वर्ष 2014 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ के अंतर्गत मां शक्ति स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने आत्मनिर्भर बनने की यात्रा शुरू की। उस समय उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी, और परिवार पूरी तरह से कृषि पर निर्भर था, जिससे होने वाली आय परिवार के जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं था।
स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। ’’बिहान’’ के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। धीरे-धीरे व्यवसाय को बढ़ाया, जिससे अब उन्हें स्थायी आय प्राप्त हो रही है। वर्तमान में श्रीमती चंद्रिका मरकाम को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से 2,18,000 रुपये की वार्षिक आय हो रही है, जिसमें डेयरी व्यवसाय और कृषि से प्राप्त आय शामिल है। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना की राशि सहित उन्हें महीने में कुल 18,166 रूपए की आमदनी हो रही है। अब उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो चुकी है और वे अपने परिवार की सभी आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। साथ ही बच्चों की शिक्षा में भी अब कोई बाधा नहीं है। श्रीमती चंद्रिका मरकाम ने बिहान से जुड़कर आत्मविश्वास और अपनी मेहनत के बल पर इस मुकाम पर पहुंची है, जो जिले के अन्य महिलाओं के लिए एक मिसाल है।
संतोषी ने कपड़ा व्यवसाय से परिवार को दी आर्थिक मजबूती
ग्राम पंचायत हीरापुर, विकासखंड माकड़ी की रहने वाली संतोषी देवांगन शादी के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। उनके पति की एक छोटी सी दुकान थी, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। पूंजी की कमी के कारण वे कोई नया काम नहीं कर पा रही थीं। वर्ष 2017 में उन्होंने 10 महिलाओं के साथ मिलकर जय मां धरती स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया।
समूह की बचत सामुदायिक निवेश कोष एवं बैंक लिंकेज से प्राप्त 8.51 लाख रुपये की सहायता से उन्होंने कपड़े की दुकान शुरू की। धीरे-धीरे उनकी दुकान में ग्राहकों की संख्या बढ़ी और अब वे हर महीने 18,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। साथ ही संतोषी को राज्य सरकार के द्वारा महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस तरह आज संतोषी न सिर्फ अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपने दो बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दिला रही हैं। उनके पति को भी व्यापार में सहयोग मिल रहा है, जिससे उनका परिवार समृद्ध और आत्मनिर्भर बन चुका है।
मुर्गी एवं बटेर पालन से अनिता को मिली एक नई पहचान
कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के धनोरा गांव की अनिता मंडावी पहले केवल मजदूरी और कृषि पर निर्भर थीं। वर्ष 2018 में उन्होंने जय अम्बे स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया और वर्ष 2022 में मुर्गी एवं बटेर पालन का कार्य शुरू किया। उन्होंने बैंक एवं सामुदायिक निवेश कोष से 1.50 लाख रुपये की सहायता प्राप्त की और 1 लाख रुपये की लागत से व्यवसाय की शुरुआत की। आज उनकी मासिक आय 20,000 रुपये तक पहुंच गई है, अनिता को महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रूपये हर महीने मिल रहा है इसके साथ ही कृषि, मजदूरी भी करती हैं। इस तरह अनिता बिहान से जुड़ कर अब तक 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो गया है। अब वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
उन्नत खेती से लखपति बनीं दयावती देवांगन
ग्राम पंचायत बफना की श्रीमती दयावती देवांगन ने कड़ी मेहनत और नई कृषि तकनीकों को अपनाकर आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने आईएफसी क्लस्टर के तहत सब्जी उत्पादन शुरू किया और अब तक एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर लखपति दीदी बन गई हैं।
दयावती ने अपने एक एकड़ खेत में मिर्ची, बरबटी, प्याज और लौकी की खेती शुरू की। पहले परंपरागत खेती करने के कारण उत्पादन कम था, लेकिन ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने से न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई, बल्कि पानी की भी बचत हुई। उन्होंने जैविक खाद का उपयोग कर स्वास्थ्यवर्धक और ताजी सब्जियां उगा रही है।
दयावती जय मां शारदा स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं। पहले उनके परिवार की आय केवल खेती पर निर्भर थी, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। समूह से जुड़ने के बाद वे कृषि सखी बनीं और आधुनिक खेती शुरू की, जिससे अच्छी आमदनी होने लगी। दयावती के परिवार को राज्य सरकार के महतारी वंदन योजना के तहत 3,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि मिल रही है। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना 6,000 की आर्थिक मदद मिल रहा है। आज दयावती का परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है और घर के बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दे पा रही हैं।
‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान
थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का मिला निवेश प्रस्ताव
57,000 करोड़ की जलविद्युत परियोजनाएं, नदियों से बनेगी बिजली
थर्मल और न्यूक्लियर पावर से भी मिलेगी छत्तीसगढ़ को ऊर्जा
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज रायपुर में हुए ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में कई बड़ी कंपनियों ने 3 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है. इस निवेश से राज्य में परमाणु, थर्मल, सौर और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में बिजली उत्पादन के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। इससे न केवल उद्योगों को फायदा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी सस्ती और निरंतर बिजली मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में यह निवेश राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ न केवल ऊर्जा में आत्मनिर्भर बने, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में स्थापित हो।
छत्तीसगढ़ पहले से ही 30,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जो देश के औसत से ज्यादा है। अब हर व्यक्ति को 2048 किलोवाट-घंटे बिजली मिल रही है, जिससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं।
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी ने 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 4200 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना बनाई है। इससे छत्तीसगढ़ में परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन की शुरुआत होगी।
थर्मल पावर क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा हुई है। अदानी पावर 66,720 करोड़ रुपये खर्च कर कोरबा, रायगढ़ और रायपुर में 1600-1600 मेगावाट के तीन थर्मल पावर प्लांट लगाएगा। जिंदल पावर रायगढ़ में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 12,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि सरदा एनर्जी रायगढ़ में 660 मेगावाट क्षमता के प्लांट के लिए 5,300 करोड़ रुपये लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी कंपनियां एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल 41,120 करोड़ रुपये की लागत से 4500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगी।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली है। जिंदल पावर और एनटीपीसी ग्रीन मिलकर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर 2500 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन करेंगे। इसमें डोलेसरा में 500 मेगावाट और रायगढ़ में 2000 मेगावाट के सौर प्लांट शामिल होंगे।
किसानों के लिए भी खुशखबरी है। पीएम कुसुम योजना के तहत 4100 करोड़ रुपये की लागत से 675 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन किया जाएगा और 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलेगी और डीजल पंपों की जरूरत कम होगी।
इसके अलावा, 57,046 करोड़ रुपये की लागत से 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। इसमें एसजेएन कोटपाली में 1800 मेगावाट और जिंदल रिन्यूएबल द्वारा 3000 मेगावाट के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इन सभी निवेशों के जरिए छत्तीसगढ़ जल्द ही देश के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल हो जाएगा। इससे उद्योगों, किसानों और आम लोगों को फायदा होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
प्रमुख निवेश और योजनाएं
1. परमाणु ऊर्जा: साफ और कुशल ऊर्जा उत्पादन के लिए ₹80,000 करोड़ का निवेश।
2. ताप विद्युत: राज्य की ताप विद्युत क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹1,07,840 करोड़।
3. सौर ऊर्जा: सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़।
4. पीएम कुसुम योजना: किसानों के बीच सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ₹4,100 करोड़।
5. पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं (PSP): ग्रिड स्थिरता के लिए ऊर्जा भंडारण में ₹57,046 करोड़।
6. क्रेडा सौर पहल: सौर ऊर्जा विस्तार के लिए ₹3,200 करोड़।
7. पीएम सूर्य योजना: राष्ट्रीय सौर छत परियोजना के तहत ₹6,000 करोड़।
8. सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए ₹2,500 करोड़।
9. बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS): ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,600 करोड़।
10. पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क: बिजली पारेषण नेटवर्क को उन्नत करने के लिए ₹17,000 करोड़।
11. RDSS (वितरण क्षेत्र योजना): वितरण बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ₹10,800 करोड़।
12 मार्च से 10 अप्रैल 2025 तक कर सकते हैं आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /भारतीय सेना में अग्निवीर पदों की भर्ती के लिए युवाओं के लिए सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है। इच्छुक युवा 12 मार्च से अपना ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्निवीरों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है, जो भारतीय सेना की वेबसाइट
http://www.joinindianarmy.nic.in/
पर उपलब्ध है। अग्निवीर की भर्ती जनरल, तकनीकी, क्लर्क, ट्रेडमेन (8वीं एवं 10वीं), महिला सैन्य पुलिस और रेगुलर कैडर भर्ती धर्म गुरू, नर्सिंग सहयोगी और सिपाही फार्मा के पदों के लिए जारी की गई है। इच्छुक युवा सेना में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रकिया 12 मार्च से 10 अप्रैल 2025 तक कर सकते हैं।
अभ्यार्थी अग्निवीर के दो पदों के लिए अपनी योग्यता अनुसार आवेदन कर सकते है। अग्निवीर क्लर्क के अभ्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा सीईई के समय टाइपिंग टेस्ट भी देना होगा। ऑनलाइन परीक्षा सीईई जून 2025 मे होने की संभावना है।
किसी भी अन्य जानकारी और समस्या के लिए युवा सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलिफोन नंबर 0771-2965212/0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं। सेना के अधिकारियों ने बताया है कि भारतीय सेना में चयन निष्पक्ष, पारदर्शी और केवल योग्यता के आधार पर की जाती है। इसलिए किसी भी अनाधिकृत व्यक्तियों के झांसे में न आए।
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज बिलासपुर के मुंगेली नाका मैदान में संभागीय सरस मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने मेले का उद्घाटन करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने लगाया गया यह सरस मेला स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिलाओं के साथ ही ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने का माध्यम है। स्वसहायता समूह की दीदियां आज आत्मनिर्भर हो रही हैं, अपने परिवार का आर्थिक संबल बन रही हैं। संभाग की सभी जिलों से दीदियां अपनी कला का प्रदर्शन करने आयी हैं। दूसरी महिलाओं को भी यहां आकर उनसे प्रेरणा मिलेगी और वे भी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएंगी। मेले में बिलासपुर संभाग की 55 स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने 52 स्टॉलों में अपने उत्पादों की बिक्री के लिए प्रदर्शनी सजायी है। यह मेला 12 मार्च तक चलेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मेले में सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया। अपने उत्पाद लेकर पहुंची महिलाओं से चर्चा कर उनका मनोबल बढ़ाया। विधायकगण सर्वश्री धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, दिलीप लहरिया, सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह, डीफओ श्री सत्यदेव शर्मा, नगर निगम के कमिश्नर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल भी इस दौरान उनके साथ थे।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मुख्य अतिथि की आसंदी से सरस मेले को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अनेक योजनाएं चलायी जा रही हैं। महतारी वंदन योजना, उज्जवला योजना, लखपति दीदी जैसी बहुत सी योजनाएं महिलाओं की बेहतरी के लिए चलायी जा रही हैं। इन योजनाओं के चलते महिलाएं आज मजबूत हुई हैं। वे परिवार और समाज के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे रही हैं। आज गांव-गांव में समूह की दीदियां लखपति बन गयी हैं। यहां सरस मेले में वे बिजौरी से लेकर गुलाल और अपने तमाम उत्पादों की बिक्री के लिए आयी हैं। उनका आत्मविश्वास देखते बनता है।
श्री साव ने कहा कि जब तक महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं बनेंगी, तब तक हमारा समाज भी सशक्त नहीं बनेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि सभी दीदियां लखपति दीदी बनें, आत्मनिर्भर बनें, विकसित और समृद्व भारत बनाने में अपना योगदान दें।
रायपुर / शौर्यपथ / महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को समर्पित "महतारी वंदन योजना" पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित महतारी वंदन अभिनंदन समारोह में 'महतारी वंदन कॉमिक्स' का विमोचन किया। यह कॉमिक्स महतारी वंदन योजना की उपलब्धियों और इसके प्रभाव को रोचक अंदाज में प्रस्तुत करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस पहल को योजना के उद्देश्य और जनसंदेश को व्यापक रूप से पहुँचाने का अभिनव प्रयास बताया।
समारोह में कार्टून वॉच इंडिया की श्रीमती आरती शर्मा को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने इस कॉमिक्स के निर्माण में अहम योगदान दिया। इस कॉमिक्स के माध्यम से महतारी वंदन योजना की सफलता को सृजनात्मक तरीके से दर्शाया गया है, जिससे यह योजना की लाभार्थी महिलाओं, बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होगी।
शौर्यपथ लेख /
जिनको मेरे सामने आपने अस्तित्व को, अपने ओहदे को चीख चीख कर बताना पड़े मुझे उनसे सम्मान की क्या जरूरत है । जिनके काम मेरे से बनते हों क्या सचमुच मैं उनसे सम्मान की हकदार हूं । जहां मेरी उपस्थिति से काम बनते हो वो मुझे सम्मान क्या देंगें। सच में... खुद के लिए क्या कहूं, निःशब्द हूं.....हैरान हूं । एक स्त्री हूं मैं । एक बार फिर से कहूंगी कि मेरे जैसी सिर्फ मैं ही हूं.....नायाब। जब मुझ जैसा कोई नहीं इसलिए अक्सर आईने में खुदको देख लिया करती हूं । मैं खुद का मान हूं । पर इसमें मेरी उपलब्धि कैसी मुझे बनाने वाला तो कोई और है, जिसने सिर्फ इंसान बनाये थे । जिनमें कोई भेद नहीं था । खुदको एक इंसान से स्त्री तो मैंने खुद ही बनाया है और मुझसे कहीं अधिक पुरुष की खुदको वर्चस्व में रखने की सोच ने । एक इंसान से स्त्री बनने का रास्ता जितना भयावह रहा उससे बहुत अधिक भयानक सफर है एक स्त्री से फिर इंसान समझे जाने तक का । मैंने ही तो पुरुष को पुरुष बनने दिया,और खुदको कमजोर बनाती गई। पर अब मैं समझ गई हूं कि मैं एक इंसान हूं ।हां ....मुझ में ऐसी बहुत सी खूबियां है जो मुझे दूसरो से अलग करती हैं। हां सच है..... मुझे जरूरत नहीं किसी पुरुष की । मैं सक्षम हूं हर प्रकार से खुद के लिए । हां ..अगर किसी को जरूरत है मेरी , तो सबसे पहले मुझे एक इंसान की तरह देखे फिर मुझमें स्त्री को । हां ...मैं समझ चुकी हूं कि .. .... कि मैं एक इंसान हूं । मेरी इंसान होने की सोच पर मुझे नाज है जो मुझे औरों से अलग करती है। और मेरी यही सोच मेरी दुनियां बदल रही है। जिसमें मैं जी रही हूं अपने अनगिनत रूपों में और अपने ही कैनवास को अनगिनत रंगों से भर रही हूं। मेरी प्रतिस्पर्धा नहीं किसी से सिर्फ खुदको पहचान चुकी हूं । मेरे सफर ने मुझे मेरे अस्तित्व की पहचान करा दी है । मुझे गर्व है कि मैं एक स्त्री हूं ।
डॉ. अनुराधा बक्शी "अनु" दुर्ग छत्तीसगढ़
मोहला/शौर्यपथ /गत दिवस कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में हमर लइका कार्यक्रम (सी मैम) के अंतर्गत अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में एम्स रायपुर और यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से जिले के तीन ब्लाकों में कुल 82 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य जांच के दौरान सभी बच्चों का सिकल सेल परीक्षण भी किया गया और आवश्यक दवाइयां प्रदान की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री चंद्रशेखर ने जानकारी दी कि हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम के तहत पंजीकृत सैम बच्चों का प्रति दो माह में स्वास्थ्य परीक्षण और प्रति सप्ताह फॉलोअप किया जाता है।
इस अवसर पर स्टेट सेंटर आफ एक्सीलेंस एम्स रायपुर के राज्य सलाहकार जॉन वरुण चिरायु टीम के डॉक्टर जिला पोषण समन्वयक रूपेश चक्रधारी, ब्लॉक समन्वयक, स्टाफ नर्स, फील्ड इन्वेस्टिगेटर, पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में सभी अधिकारियों कर्मचारियों का योगदान सराहनीय रहा इस प्रकार की पहल कुपोषण से ग्रस्त बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने पेड़ो में पूजा-अर्चना कर शिप्टिंग भी शुरू करवाई
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने पूजा अर्चना कर सड़क चौड़ीकरण में बाधित पेड़ो को शिप्टिंग भी शुरू करवा दी है।राजेंद्र पार्क से सिविल लाइन रोड और चर्च से चौपाटी रोड का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसके लिए चर्च के सामने लगे पीपल और पार्क के सामने लगे दो कौहा के पेड़ को हटाया कर शिप्त किया गया।
बता दे कि नदी रोड पर भी यातायात को व्यवस्थित करने सड़क किनारे लगे बरगद के पेड़ को हटावाकर इन पेड़ों को ठगड़ा बांध में शिफ्ट किया जा रहा है।इस दौरान सभापति श्याम शर्मा,पार्षद नीलेश अग्रवाल,श्रीमती हर्षिका संभव जैन,गुलशन साहू,मनीष कोठारी सहित कार्यपालन अभियंता मोहन पूरी गोस्वामी,सहायक अभियंता राजेन्द्र ढाबाले,प्रकाश अहीर के अलावा आदि मौजूद रहें।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा पर्यावरण को देखते हुए वृक्षों को बचाना इस पर नगर निगम प्रशासन द्वारा उक्त पेड़ों का काटने के बजाए पेड़ो को ठगड़ा बांध में शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है।
महापौर ने कहा पर्यावरण को बचाने नगर निगम प्रशासन द्वारा जनहित में राजेंद्र पार्क चौक, संविधान चौक चर्च रोड,नदी रोड में यातायात को व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने हेतु किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण में बाधक 30-40 वर्ष पुराने बरगद, पीपल, अर्जुन आदि के पेड़ों को काटने के स्थान पर पर्यावरण हितैषी निर्णय लेते हुए ठगडा बांध में शिप्टिंग किया जा रहा है।जिससे पुराने पेड़ों को सरंक्षित किया जा सकें।
पीठासीन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे द्वारा आज जिला पंचायत सभाकक्ष में निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न किया गया
बालोद/शौर्यपथ /जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में आज जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद हेतु संपन्न निर्वाचन के दौरान श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर जिला पंचायत बालोद के अध्यक्ष एवं श्री तोमन साहू उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत बालोद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के पद हेतु निर्वाचन की प्रक्रिया जिला पंचायत सभाकक्ष में सुबह 10.30 से बजे से प्रारंभ की गई। इस दौरान पीठासीन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे द्वारा सर्वप्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन की कार्रवाई निर्धारित समय-सारणी के अनुसार प्रारंभ किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद हेतु श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर एवं श्रीमती पूजा वैभव साहू के द्वारा नाम निर्देशन पत्र जमा किया गया। अभ्यर्थियों द्वारा नाम निर्देशन पत्र जमा करने के उपरांत पीठासीन अधिकारी द्वारा नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा की गई। इसके साथ ही पात्र नाम निर्देशन पत्रों को स्वीकृत करते हुए मत पत्र तैयार कर मतदान की प्रक्रिया पूर्ण की गई। जिसमें श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर को 10 मत एवं पूजा वैभव साहू को 04 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर जिला पंचायत बालोद के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए।
इसके पश्चात् पीठासीन अधिकारी द्वारा दोपहर 02 बजे जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद हेतु निर्वाचन की कार्रवाई प्रारंभ की गई। पीठासीन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे द्वारा निर्धारित समय-सारणी अनुसार उपाध्यक्ष पद हेतु नाम निर्देशन पत्र का वितरण किया गया। इसके अंतर्गत जिला पंचायत उपाध्यक्ष हेतु तोमन साहू एवं मिथलेश निरोटी द्वारा नाम निर्देशन पत्र जमा किया गया। नाम निर्देशन पत्र जमा करने उपरांत पीठासीन अधिकारी द्वारा नाम निर्देशन पत्रो की संवीक्षा की गई एवं प्राप्त नाम निर्देशन पत्रों को स्वीकृत करते हुए मतदान हेतु मतपत्र तैयार कर मतदान की प्रक्रिया पूर्ण की गई। जिसमें तोमन साहू को 08 मत एवं मिथलेश निरोटी को 05 मत प्राप्त हुए एवं 01 मतपत्र अविधिमान्य पाया गया। इस प्रकार तोमन साहू जिला पंचायत बालोद के उपाध्यक्ष पद हेतु निर्वाचित हुए। निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न करने के पश्चात् पीठासीन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे द्वारा नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया ।
जिला मुख्यालय बालोद के टाउन हाॅल में जिला स्तरीय महिला सम्मेलन आयोजित
बालोद/शौर्यपथ /अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज जिला मुख्यालय बालोद के टाउन हाॅल परिसर में आयोजित जिला स्तरीय महिला सम्मेलन में महिला उत्थान एवं महिलाआंे के कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जिले के महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर, जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य श्रीमती दुखिया निषाद, सहायक शिक्षिक श्रीमती भारती टंडन, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक श्रीमती पद्मा साहू, जिला पंचायत की स्टेनो दीपमाला यदु, कम्प्यूटर आॅपरेटर ज्योति वर्मा सहित अन्य महिलाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिला स्तरीय महिला सम्मेलन के अवसर पर टाॅउन हाल में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया उपस्थित थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने किया। कार्यक्रम मंे विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद सदस्य श्रीमती दमयंती हरदेल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. किशन कांति टंडन, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी धीरेन्द्र प्रताप सिंह, जिला खनिज अधिकारी अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू, रक्षित निरीक्षक श्रीमती रेवती वर्मा, तहसीलदार संध्या नामदेव सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती सरस्वती टेमरिया ने समाज के नवनिर्माण में महिलाओं के योगदान के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक ने कहा कि पूरी दुनिया में माता एवं मातृभूमि का स्थान सबसे अग्रणी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं सहनशीलता, वात्सल्य, दया, करूणा, साक्षात प्रतिमूर्ति है और राष्ट्र, समाज, परिवार के निर्माण में इनका योगदान वास्तव में अतुलनीय है। इस अवसर पर एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. किशन कांति टंडन, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अलावा महिलाओं में निहित क्षमता, विशेषता एवं राष्ट्र, परिवार एवं समाज के निर्माण में उनके योगदान के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला।
अपील 15 मार्च के बाद चेक द्वारा टैक्स का भुगतान नहीं लिया जाएगा
दुर्ग/शौर्यपथ / नगर पालिक निगम द्वारा राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए लोगों को सुविधाओं को देखते हुए, नगर निगम का टैक्स काउंटर छुट्टी के दिन भी खुला रहेगा।निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि एक जिम्मेदार नागरिक बने, समय अवधि में अपनी सभी दे करो को जमा करें।
होली के दिन ही बंद रहेगा। शहर नागरिकगण कार्यालयीन अवधि में आकर के नगर निगम परिसर स्थित गेट के बाजू में टैक्स काउंटर में अपने सुविधा के अनुसार अपना जलकर, संपत्ति कर, भू भटाक, निर्यात कर जमा कर सकता है।निगम में ऑनलाइन भी जमा करने की सुविधा उपलब्ध है उसके माध्यम से कर सकते हैं।निगम के कैश काउंटर पर जाकर कर सकते हैं। घर में बैठे-बैठे भी नगर निगम के साइड में जाकर के भी पैसा जमा कर सकते हैं। निगम द्वारा अपील कर कहा है कि चेक से टैक्स का भुगतान करने वाले सप्ताह के भीतर कर दे 15 मार्च के बाद चेक द्वारा टैक्स का भुगतान नहीं किया जाएगा।
विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए आवश्यक है कि हम स्वदेशी को अपनाएं - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय स्वदेशी जागरण मंच की अखिल भारतीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक में हुए शामिल
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में उद्यमिता आयोग के गठन की घोषणा की है। यह आयोग राज्य में उद्यमशीलता की संस्कृति को मजबूत करेगा और रोजगार सृजन की संभावनाओं का अध्ययन करेगा। इसके तहत युवाओं के कौशल विकास और रोजगार प्रशिक्षण के लिए कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने यह घोषणा आज राजधानी रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में स्वदेशी जागरण मंच की अखिल भारतीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए की। इस अवसर पर उन्होंने मंच की ऐतिहासिक यात्रा को समर्पित पुस्तक "स्वदेशी की विकास यात्रा" का विमोचन भी किया।
स्वदेशी अपनाना विकसित भारत की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि "विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत @2047" के निर्माण के लिए हमें स्वदेशी को आत्मसात करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच हमेशा से आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने की वकालत करता रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत एक विशाल और संपन्न देश है। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं, और साथ ही हमारे पास विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी है। यह हमें न केवल एक विशाल उपभोक्ता बाजार प्रदान करता है, बल्कि नवाचार और औद्योगिकीकरण के लिए भी असीम संभावनाएँ खोलता है।
मुख्यमंत्री साय ने वैश्विक परिदृश्य में आ रहे बदलावों की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में आ रहे परिवर्तनों को देखते हुए स्वदेशी जागरण मंच जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
मेक इन इंडिया से आत्मनिर्भर भारत की ओर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में "मेक इन इंडिया" अभियान ने भारत में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को संरक्षण और समर्थन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत लगभग हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है। हमने अपने उद्योगपतियों को प्रोत्साहित किया, उन्हें आवश्यक सुविधाएँ दीं और इसका परिणाम यह हुआ कि हम अब न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी मजबूती से उभर रहे हैं।
बस्तर क्षेत्र में स्वदेशी उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और विकास के लिए स्वदेशी जागरण मंच की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रभावी प्रयासों के कारण नक्सलवाद अब बहुत सीमित क्षेत्र में सिमट गया है। अब समय आ गया है कि स्वदेशी जागरण मंच के सहयोग से इन क्षेत्रों में उद्योग-धंधे स्थापित किए जाएँ, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले और वे नक्सलवाद की ओर न जाने पाएं।
नई औद्योगिक नीति: रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को प्रदेश की प्राकृतिक संपदा और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। इस नीति में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है ताकि उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जा सके। स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएँ भी चलाई जा रही हैं।
उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा, श्रेष्ठ उद्यमियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सफल उद्यमियों को "उद्यमिता प्रोत्साहन पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को सरकार हर संभव सहायता देगी। बैठक में स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री आर. सुंदरम, अखिल भारतीय संगठक श्री कश्मीरी लाल, छत्तीसगढ़ प्रांत संयोजक श्री जगदीश पटेल, देश के प्रतिष्ठित उद्यमी, प्रोफेसर, कुलपति, आर्थिक विशेषज्ञ और स्वदेशी जागरण मंच तथा स्वावलंबी भारत अभियान के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब न केवल एक औद्योगिक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है, बल्कि स्वदेशी को अपनाकर "आत्मनिर्भर भारत" के संकल्प को और मजबूत कर रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
