August 10, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    दिव्यांगों के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पहल
    रायपुर /शौर्यपथ / टूरिस्ट स्पॉट पर दिव्यांगजन आसानी से घूम सके, इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने विशेष पहल   शुरू की है। है। "यात्रा आपकी सुविधा हमारी" नाम से  शुरू इस पहल के तहत  छत्तीसगढ़ के सभी टूरिस्ट स्पॉट पर अब स्पेशल रैंप रूट बनाया जा रहा है। इस रैंप रूट के जरिए दिव्यांग आसानी आसानी से संबंधित टूरिस्ट स्पॉट पर जा सकेंगे और आसानी से घूम सकेंगे। यही नहीं सभी टूरिस्ट स्पॉट में पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट में व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि वे आसानी से आप पास के क्षेत्र में घूम सकें। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के  अधिकारियों  के  अनुसार मैनपाट  में स्पेशल स्पेशल रैंप रैंप रू रूट बनाया गया है। इस पर आसानी से दिव्यांग चल सकते हैं। इसी तरह दूसरे पर्यटन स्थलों में भी रैंप रूट बनाया जा रहा है।
    दिव्यांगों के लिए ये खास पहल की गई है, ताकि  पर्यटन पर्यटन स्थलों को देखने वालों में उनकी संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो सके।
     ऑनलाइन के साथ हेल्पलाइन से भी बुकिंग की सुविधा
     दिव्यांगजन अपनी फैमिली या दोस्तों के साथ छत्तीसगढ़ के खूबसूरत स्थलों को देख सके। इसके लिए दोनों तरह की सुविधा दी जा रही है। दिव्यांग चाहें तो ऑनलाइन बुकिंग भी करा सकते हैं या फिर पर्यटन मंडल के हेल्प लाइन नंबर पर फोन करने पर बुकिंग की सुविधा दी जा रही है।
     दिव्यांगों को 30 प्रतिशत तक डिस्काउंट
    पर्यटन मंडल ने दिव्यांगों के लिए स्पेशल डिस्काउंट भी शुरू किया है। बुकिंग के दौरान दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिखाने पर 30 परसेंट की डिस्काउंट  दिया जाएगा। ये डिस्काउंट केवल पर्यटन मंडल द्वारा संचालित रिसॉर्ट में ही दिया जाएगा। इनमें बिलासपुर, मैनपाट, बस्तर, कोरबा, सिरपुर जैसे खास जगह शामिल हैं। बुकिंग के दौरान मिलने वाली सुविधा सिर्फ दिव्यांग को एक ही कमरे के लिए दी जाएगी।
    सुविधा केवल इन रिसॉर्ट में
    * कुरदल हिल ईको-रिसॉर्ट बिलासपुर।
    * छेरछेरा रिसॉर्ट कबीर चबूतरा। बैगा टूरिस्ट रिसॉर्ट कबीरधाम। सोन बाहरा टूरिस्ट रिसॉर्ट आमाडोब। हरेली ईको रिसॉर्ट बारनवापारा। • दानदामी लग्जरी रिसॉर्ट कॉटेज चित्रकोट। • होटल जोहार छत्तीसगढ़ रायपुर। सैला टूरिस्ट रिसॉर्ट मैनपाट। जोहार होटल, सिरपुर। • दानकुल एथनिक रिसॉर्ट कोंडागांव। सतरंगा बोट क्लब एंड रिसॉर्ट कोरबा। सतरेंगा एथनिक रिसॉर्ट जशपुर

    मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी और कलेक्टर-एसपी को तैयारी करने दिए निर्देश
    रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री  विष्णु  देव  साय की  पहल  पर  बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित  करने  बस्तर पंडुम का भव्य  आयोजन  किया  जाएगा।  यह  आयोजन  मार्च  में होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने मंगलवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी सहित सातों जिले के कलेक्टर एवं एसपी को आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति विकास विभाग सोनमणि बोरा, सचिव संस्कृति विभाग अनबलगन पी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
               वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव संस्कृति अनबलगन पी ने बताया कि बस्तर के जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर युवाओं के मध्य समरसता और एकता स्थापित करने की इस अनूठी पहल से बस्तर की जनता में विश्वास,शान्ति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर पंडुम का आयोजन ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। जिसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य सहित जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन विधाओं को शामिल किया गया है। साथ ही केवल संभाग स्तर आयोजन में जनजातीय रीति-रिवाज एवं तीज-त्यौहार पर आधारित प्रदर्शनी को समाहित किया गया है। ब्लॉक स्तर के बस्तर पंडुम में सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों को ओपन एंट्री दी जाएगी। इसके बाद चयनित दल एवं प्रतिभागी जिला स्तर और जिला स्तर से चयनित दल एवं प्रतिभागी संभाग स्तर के बस्तर पंडुम में अपनी सहभागिता निभाएंगे। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर को बस्तर में उत्सव की तरह मनाया जायेगा जिसमें समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। जिला एवं संभाग स्तर पर बड़े स्तर के कलाकारों को आमंत्रित कर कार्यक्रम प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही मेहमान कलाकारों के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के दलों को आमंत्रित किया जाएगा। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों एवं प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र सहित फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया जायेगा। इस आयोजन के प्रत्येक स्तर पर निःशुल्क भोजन एवं आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस एवं एसपी श्री शलभ सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    बस्तर: अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध
            दंडकारण्य के घने जंगल में बसा बस्तर अपने अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहां की जनजातीय समाज घने जंगल, पहाड़ी एवं दुर्गम स्थानों में निवासरत है, जिनकी एक विशेष बोली-भाषा, खान-पान, रहन-सहन सहित कला-संस्कृति तथा तीज-त्यौहार हैं। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता भी अप्रतिम है जो देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

      जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से नाबालिग कन्या का विवाह से रोका गया। बाल विवाह संबंधी सूचना प्राप्त होते ही कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास श्रीमती अनिता अग्रवाल एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व एवं पुलिस विभाग के सहयोग ग्राम लटिया (अकलतरा) थाना व तह. अकलतरा में बालिका के घर जाकर उसके अंकसूची की जांच की गई।
          जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल ने बताया कि बालिका की उम्र 17 वर्ष 01 माह होना पाया गया। जोकि विवाह हेतु निर्धारित उम्र से कम था। बालिका के माता-पिता का कई वर्षों पूर्व स्वर्गवास हो चुका है। बालिका का पालन पोषण ग्राम लटिया में उसके नाना-नानी करते हैं। बालिका के नाना-नानी ने ही उसका विवाह तय किया था। विभाग के अधिकारी कर्मचारीयों द्वारा बालिका एवं उनके परिजनों एवं स्थानीय लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया एवं समझाईश के पश्चात स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बालिका के परिजनों की सहमति से  विवाह को रोका गया एवं लड़कियों के लिए निर्धारित 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए निर्धारित 21 वर्ष के पूर्व विवाह न करने संबंधी घोषणा पत्र में गवाहों के समक्ष हस्ताक्षर कराया गया। दल में धीरज राठौर, अमित भोई, भूपेश कश्यप, पर्यवेक्षक सुश्री अनिता साहू एवं प्रधान आरक्षक  विवेक सिंह उपस्थित थे।

    प्रदेश की 5 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 सब-जेल में विशेष आयोजन:आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धि के लिए कैदियों को मिला गंगा जल स्नान का अवसर

         रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार की एक अनूठी पहल के तहत प्रदेश के विभिन्न जेलों में बंद कैदियों को गंगा जल स्नान का अवसर प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पुनीत कार्य पर कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे, यही हमारी कामना है। यह पहल कैदियों को मानसिक शांति और आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे सकारात्मक बदलाव की ओर अग्रसर हो सकें। प्रदेश सरकार जेल सुधार के साथ-साथ कैदियों के आध्यात्मिक एवं नैतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
    आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक समावेश की दिशा में बड़ा कदम
      उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होते हैं, और जेलों में बंद कैदी भी इससे अछूते नहीं हैं। 144 वर्षों बाद आयोजित हो रहे महाकुंभ के पुण्य लाभ से समाज का हर वर्ग वंचित न रहे, इसलिए राज्य सरकार ने यह विशेष आयोजन किया। इससे कैदियों में आत्मशुद्धि, सकारात्मक सोच और नैतिक जागरूकता का संचार होगा। उन्होंने कहा कि 5 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 उपजेल में गंगा जल स्नान और सामूहिक प्रार्थना का विशेष आयोजन किया गया, जिससे कैदियों को आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धि का अनुभव मिला।
    प्रदेशभर में कैदियों में दिखा उत्साह, सामूहिक प्रार्थना में लिया भाग
      इस विशेष आयोजन के दौरान प्रदेशभर की जेलों में कैदियों के लिए गंगा जल की आपूर्ति और स्नान की उपयुक्त व्यवस्था एवं सामूहिक प्रार्थना की व्यवस्था की गई है। जेल अधीक्षकों ने बताया कि कैदियों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे एक सकारात्मक अनुभव बताया। कई कैदियों ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें आत्मशुद्धि और मानसिक शांति का अनुभव हुआ।
    कैदियों के सुधार और पुनर्वास की दिशा में सरकार की नई पहल
      मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार कैदियों के सुधार और सामाजिक पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होना चाहिए। कैदियों को नैतिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
    छत्तीसगढ़ सरकार का सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में सराहनीय प्रयास
      राज्य सरकार द्वारा जेलों में आयोजित यह गंगा जल स्नान और आध्यात्मिक कार्यक्रम कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है। यह पहल न केवल कैदियों को आत्मशुद्धि और मानसिक शांति प्रदान करेगी, बल्कि उनके पुनर्वास की दिशा में भी एक प्रभावी कदम साबित होगी।

        रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित प्रकृति परीक्षण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। राज्य ने स्ट्राइक रेट लक्ष्य में देशभर में तीसरा स्थान और कुल प्रकृति परीक्षण मानकों पर नौवां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  प्रताप राव जाधव ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।यह सम्मान अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. संजय शुक्ला ने ग्रहण किया। जहांगीर भाभा थियेटर, मुंबई में आयोजित अभियान के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।
      इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रमाण है, जिससे राज्य में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा।
       स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी, बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने में भी सहायक होगी।
      उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर से 25 दिसंबर 2024 तक चले इस अभियान के तहत देशभर में 1.29 करोड़ से अधिक नागरिकों का परीक्षण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 4.45 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान में राज्य के 3551 वालंटियर्स ने योगदान दिया।
      इसके अतिरिक्त अभियान की महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 40,000 से अधिक अधिकारियों और जवानों का भी सफलतापूर्वक प्रकृति परीक्षण किया गया, जो आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है।
    नागरिकों के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियान
      आयुष विभाग के संचालक ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित इस अभियान को नागरिकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य के नागरिक निकटतम आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों एवं निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर अपना प्रकृति परीक्षण करवा सकते हैं।

    छत्तीसगढ़ को वित्तीय सुधारों के कारण केन्द्र सरकार से मिली सर्वाधिक 6000 करोड़ की प्रोत्साहन राशि
    ऋण की अग्रिम अदायगी के लिए 2250 करोड़ का प्रावधान
    उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने 326.97 करोड़ रूपए
    औद्योगिक क्षेत्रों में 76 करोड़ से होंगे अधोसंरचनात्मक कार्य
    छत्तीसगढ़ का बजट अब बढ़कर हुआ एक लाख 75 हजार 342 करोड़ रूपए
     

         रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का तृतीय अनुपूरक बजट आज विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने वर्ष 2024-25 के लिए 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रूपए का तृतीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। चर्चा पश्चात पारित हुए उक्त अनुपूरक बजट को मिलाकर वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के बजट का आकार कुल 01 लाख 75 हजार 342 करोड़ रूपए का हो गया है। इसमें मुख्य बजट के रूप में पारित 1 लाख 47 हजार 446 करोड़, प्रथम अनुपूरक बजट में 7 हजार 329 करोड़ रूपए, द्वितीय अनुपूरक बजट में 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए और तृतीय अनुपूरक बजट में 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रूपए शामिल है।
       वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तृतीय अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर भरोसा करती है। सरकार बनने के 12 दिनों बाद ही मोदी जी की गारंटी के अनुरूप सरकार ने 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के बकाया बोनस राशि 3716 करोड़ रूपए का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने समर्थन मूल्य पर इस वर्ष 149 लाख टन धान की खरीदी की है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी को धान खरीदी समाप्त हुई और एक सप्ताह के भीतर 25 लाख 49 हजार किसानों के बैंक खाते में 12 हजार करोड़ रूपए का भुगतान एकमुश्त किया गया। पूरे देश में इतना बड़ा ट्रांजैक्शन किसान भाइयों के खाते में करने का अपने आप में इतिहास है, यह एक रिकॉर्ड है।
      वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमने विभिन्न वित्तीय सुधारों के माध्यम से केंद्र सरकार से 6,000 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्राप्त की है, जो देश में सर्वाधिक है। वित्तीय संतुलन बनाए रखने, पूंजीगत व्यय बढ़ाने व विकास योजनाओं को तेज करने की दिशा में यह बड़ा कदम है। पिछले सवा साल में छत्तीसगढ़ में गुड गवर्नेंस रहा है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार पर भरोसा जताते हुए अपना लगातार समर्थन दिया है।
      वित्त मंत्री चौधरी ने आगे कहा कि हम वित्तीय अनुशासन के साथ सुधारवादी बजट लेकर आए हैं। अनुपूरक बजट में वित्तीय अनुशासन व सुधारों के जरिए पुराने घाटों को भरने व ब्याज बचत करते हुए भुगतान-देनदारी निपटाने के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है, ताकि विकास में कोई बाधा न आए। हमारा लक्ष्य सुव्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन के साथ छत्तीसगढ़ को प्रगति की ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन,छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और पुलिस हाउसिंग इन तीनों को मिलाकर लगभग 3500 करोड़ का लोन है, जो महंगे ब्याज दरों पर चल रहे हैं, इस अनुपूरक बजट में इन तीनों लोन का हम प्री पेमेंट कर रहे हैं। इससे प्रतिवर्ष 50 करोड़ से अधिक का ब्याज बचेगा।
      वित्त मंत्री ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजनांदगांव जिले, जांजगीर-चांपा जिले एवं नवा रायपुर अटल नगर में फार्मास्यूटिकल पार्क की स्थापना के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक संस्थान, इंजीनियरिंग पार्क की स्थापना के लिए भी 76 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रायपुर, नवा रायपुर, बिलासपुर में वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण के लिए 34 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
      तृतीय अनुपूरक बजट 2024-25 में पुलिस प्रशिक्षण शालाएं के लिए 3 करोड़, जिला चिकित्सालय के लिए 145 करोड़ रूपए, निवृत्ति वेतन भोगियों को देय 1 हजार 278 करोड़, परिवार पेंशन के लिए 320 करोड़, पुलिस 500 करोड़, राज्य सहकारी विपणन संघ को खाद्यान्न उपार्जन में हुई हानि का प्रतिपूर्ति 600 करोड़, लघु एवं लघुतम सिंचाई योजनाएं 125 करोड़, सेवा एवं मूल्य निवृत्ति पुरस्कार 37 करोड़, एनीकट/स्टापडेम का निर्माण 15 करोड़, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के लिए 1 हजार 43 करोड़, नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना 195 करोड़, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र 86 करोड़, सड़कों के निर्माण कार्य हेतु लिए गए ऋण की अदायगी के लिए 2 हजार 250 करोड़, कृषि पंपो को निःशुल्क विद्युत प्रदाय हेतु अनुदान 2 हजार 200 करोड़, अन्तोदय अन्न योजनांतर्गत चना का प्रदाय 451 करोड़, उपभोक्ताओं को विद्युत शुल्क में राहत हेतु सब्सिडी 326 करोड़, राज्य सहकारी विपणन संघ को खाद्यान्न उपार्जन में हुए व्ययों की प्रतिपूर्ति 600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

    निर्माण कार्यों के अद्यतन स्थिति की समीक्षा
    वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्य को शिघ्रताशिघ्र लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश
         मोहला /शौर्यपथ /कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने समय-सीमा की बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, इसे ध्यान में रखते हुए सभी अधिकारीगण अपने-अपने विभागों में संचालित विभागीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य अनुसार प्रगति लाएं। कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों के द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने पर सख्त कार्यवाही किया जायेगा। कलेक्टर ने बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने मैदानी अमला और ब्लॉक स्तर के कार्यों का सतत मूल्यांकन करने और अधीनस्थ अमला के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इसका गंभीरता पूर्वक पालन नहीं किये जाने पर संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय किया जाएगा।
             कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने विभागों में संचालित योजनाओं की राज्य स्तर पर रैंकिंग की समीक्षा की। राज्य स्तर पर जिन विभागीय योजनाओं में प्रगति में कमी पायी गयी, उन अधिकारियों को रैंकिंग सुधारने के कड़ी निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को वित्तीय भौतिक लक्ष्य को अनिवार्य रूप से प्राप्त करने की दिशा में नये वित्तीय वर्ष प्रारंभ होने के पूर्व निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लेने कहा गया है। कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। स्वीकृत निर्माण कार्यों को शिघ्रताशिघ्र पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के गुणवत्ता में कमी पाये जाने की दशा में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
            वित्तीय वर्ष समाप्ति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 28 फरवरी के बाद किसी प्रकार की खरीदी पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए विभागों में स्वीकृत बजट आबंटन के आधार पर विभागीय खरीदी का कार्य 28 फरवरी के पूर्व कर लेने के निर्देश दिए गये हैं। विभागों में स्वीकृत बजट आवंटन के आधार पर सभी कार्यों को पूर्ण करने कहा गया है। कलेक्टर ने बैठक में ई-ऑफिस क्रियान्वयन की दिशा में सभी अधिकारियों को अपने विभागों में संचालित अधिकारी कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन कराकर ऑफिस क्रियान्वयन की दिशा में आवश्यक कार्यवाही कर लेने के निर्देश दिए गए हैं। विभागों के लिए स्वीकृत पदों की पूर्ति की दिशा में अपने उच्च कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। बैठक में अपर कलेक्टर विजेन्द्र सिंह पाटले, जिला पंचायत सीईओ सुश्री भारती चन्द्राकर, डिप्टी कलेक्टर सुश्री हीरा गवर्ना, एसडीएम मोहला श्री हेमेन्द्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर अमित नाथ योगी सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    सारणीकरण के उपरांत विजयी प्रत्याशियों की गई घोषणा
       बालोद/शौर्यपथ /जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं रिटर्निंग आॅफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे ने आज त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के द्वितीय चरण के अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य पद हेतु नवनिर्वाचित सदस्यों को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें शुभकामनाएं दी। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत एवं रिटर्निंग आॅफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे ने जिला पंचायत सभाकक्ष में सारणीकरण के उपरांत विजयी प्रत्याशियों की विधिवत घोषणा करने के पश्चात् जिले के गुरूर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के 07 जिला पंचायत क्षेत्र के नवनिर्वाचित सदस्यों को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के तृतीय चरण के अंतर्गत जिले के गुरूर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड में मतदान एवं मतगणना 23 फरवरी को संपन्न हुआ था। जिसका सारणीकरण आज जिला पंचायत सभाकक्ष में रिटर्निंग आॅफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे एवं अन्य अधिकारियों, अभ्यर्थियों एवं अभिकर्ताओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस दौरान रिटर्निंग आॅफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे द्वारा जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 01 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती कांति सोनेश्वरी एवं जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 02 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती मीना उमाशंकर साहू, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 03 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 04 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 05 के नवनिर्वाचित सदस्य श्री गुलशन चंद्राकर, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 13 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती चंद्रिका यशवंत गंजीर, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 14 के नवनिर्वाचित सदस्य   तेजराम साहू को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर पंचायत विभाग के उप संचालक आकाश सोनी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत बैठक में कालोनाइजर के पदाधिकारियों ने लिया स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने का संकल्प
    दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम।गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्कीकरण की दी समझाईश स्वच्छता के लिये नगारिक दे रहे हैं फीडबैक।निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने ऋषभ हेरिटेज,लेकव्यू अपार्टमेंट सोसायटी,वर्धमान ट्रस्ट,ऋषभ सिटी,ऋषभ साउथ व ऋषभ कालोनी सहित अन्य अपार्टमेंट के समितियों के समस्यों के साथ हुई  बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि शहर के समस्त कालोनी ,घरों आदि से 100 प्रतिशत गीला एवं सूखा कचरा पृथक-पृथक संग्रहित किये जाने हेतु नगर निगम टीम द्वारा नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को स्वच्छता बनाये रखने गीला व सूखा कचरा पृथक-पृथक रखने की समझाईश दी जा रही है।नगर निगम द्वारा  विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्कीकरण हेतु घरों एवं दुकानों में पृथक-पृथक कचरा पात्र रखकर पृथक-पृथक कचरा एकत्रिकरण व गीले एवं सूखे कचरे को निगम के कचरा संग्रहण वाहन के पृथक-पृथक भागों में डालने की समझाईश दी साथ ही नागरिकों से स्वच्छता हेतु स्वच्छता एप पर सिटीजन से  फीडबैक लिया गया.
    शहर नगर को स्वच्छता के क्षेत्र में नम्बर 1 बनाने हेतु नवनिर्वचित महापौर श्रीमती अलका बाघमार एवं निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देशानुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिये भारत सरकार द्वारा तैयार किये गये स्वच्छता एप की जानकारी निगमकर्मियों व निगम स्वास्थ्य विभाग अमला द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नागरिकों को दी।
    आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कालोनाइजरों के साथ बैठक लेकर कहा कि जिस तरह हम शारीरिक मजबूती, खुद को फिट रखने के लिए या खेल स्पर्धाओं में अव्वल आने के लिए खेल भावना के साथ ही खेल गतिविधियों में हिस्सा लेते है ऐसे ही हमे अपने घर, आसपास, खैल मैदान और शहर की स्वच्छता का भाव भी रखना चाहिए। हमारा शहर स्वच्छ सर्वेक्षण-2024/25 में हिस्सा ले रहा है। हम सभी का प्रयास होना  चाहिए कि दुर्ग स्वच्छता की दौड़ में नम्बर 1 रहे. डाटा सेंटर में बैठक आयोजित कर  स्वच्छता संकल्प सन्देश  विषय पर आयोजित बैठक के दौरान शहर के  विभिन्न कालोनी के पदाधिकारी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल आसपास की सफाई करना ही नहीं है अपितु नागरिको को स्वयं जागरूक होना होगा।इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा,भवन निरीक्षक विनोद मांझी,करण यादव,बाजार अधिकारी थानसिंह  यादव,सहायक राजस्व अधिकारी शुभम गोइर,पीआईयू कुणाल सहित अन्य मौजूद रहे।

       दुर्ग/ शौर्यपथ /प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का  3 महीने गुजर चुके। इस दरमियान दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में एएचपी घटक के तहत आवेदन लगातार आमंत्रित किया जा रहा है।ए एच पी घटक में माँ कर्मा साइट, सरस्वती नगर,गोकुल नगर, गणपति विहार, इत्यादि के लिए कुल मिलाकर 39 आवेदन प्राप्त हुए है। जिसमे माँ कर्मा हेतु 9, सरस्वती नगर हेतु 6, गणपति विहार हेतु 14 और गोकुल नगर के लिए 10 आवेदन आमंत्रित हुए है।लोगो के द्वारा लगातार जानकारी लेने के लिए डाटा सेंटर में पूछताछ कर रहे है एवं अपनी आय के अनुसार फॉर्म लेकर भर रहे है।प्रधानमंत्री आवास योजना के एक्सपर्ट्स योजना की जानकारी आम जनता को दे रहे हैं! सामाजिक गतिविधियों के अंतर्गत व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।योजना के बारे में अधिक जानकारी हेतु कोई भी हितग्राही डाटा सेंटर में संपर्क कर सकता है।पात्रता की शर्तें इस प्रकार है हितग्राही निगम क्षेत्र का निवासी हो जो कि अगस्त 2024 के पूर्व से निवासरत होना चाहिए!जहाँ परिवार के नाम पर कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए तथा हितग्राहियो का पारिवारिक आयात 3 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए।
    पीएम आवास :निगम में कर सकते हैं आवेदन। पीएम आवास योजना के तहत आवासहीन हितग्राहियों को आवास का आबंटन किया जा रहा है। नवनिर्वचित महापौर श्रीमती अलका बाघमार व आयुक्त सुमित अग्रवाल ने बताया कि जिन हितग्राही के पास स्वयं का मकान नहीं है, उन्हें मकान प्राप्त करने महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे-नागरिक 31 अगस्त 2015 से पूर्व निवासरत हो जिनका (मतदाता सूची/किरायानामा/निवा स प्रमाण/जनगणना 2011 की सूची में नाम), हितग्राही का भारत में कहीं भी पक्का मकान न हो, परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से अधिक न हो। जिन हितग्राही के पास सभी दस्तावेज हो वह हितग्राही इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

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