
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
छत्तीसगढ़ के 25.95 लाख किसानों को मिली पीएम किसान सम्मान निधि की राशि
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के भागलपुर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश भर के 9.8 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 22,000 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इनमें छत्तीसगढ़ के 25 लाख 95 हजार 832 किसान शामिल हैं। इन किसानों खाते में 599 करोड़ 38 लाख रुपए की सम्मान निधि भेजी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों को बधाई दी और उन्हें सम्मानित भी किया।
मुख्यमत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान माँ अन्नपूर्णा के सम्मान की तरह है। चौदह महीनों के अंतराल में हमने किसान भाइयों के खाते में करीब एक लाख करोड़ रुपए भेजा है। अन्नदाताओं को अच्छा मूल्य मिलने से उनके जीवन खुशहाली आयी है। किसान आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। किसानों की समृद्धि से ही मजबूत ग्रामीण विकास का आधार तैयार हुआ है और शहरी अर्थव्यवस्था भी इससे बेहतर हुई है। अन्नदाताओं के श्रम से मिली शक्ति और उत्साह से ही हम छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़-विकसित भारत बनाने में किसानों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अब तक 9712 करोड़ 58 लाख रुपए की सम्मान निधि प्रदेश के किसानों को दी जा चुकी है। वर्ष 2023-24 की तुलना में 2 लाख 75 हजार से अधिक किसान भाइयों को इस योजना का लाभ मिला है। इस योजना का लाभ हमारे 2 लाख 34 हजार वन पट्टा धारी किसानों और 32 हजार 500 विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के किसान भाइयों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए कृषि भूमि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को मोदी जी ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की गारंटी दी थी। हमारी सरकार ने यह वायदा निभाया है। साथ ही किसानों को दो साल का बकाया बोनस देने की गारंटी भी दी गई थी। शपथ ग्रहण के एक पखवाड़े के भीतर ही हमने 13 लाख किसानों के खाते में बोनस की 3716 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी थी। पिछली बार हमने 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की। किसानों को दिये गये धान के मूल्य के साथ बोनस राशि शामिल कर लें तो पिछले खरीफ सीजन में किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए भेजे गए। इस खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की रिकार्ड खरीदी हमने की। इस सीजन में विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली राशि मिला लें तो लगभग 52 हजार करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में हमने भेजी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उनका जोर उद्यानिकी फसलों, फसल विविधीकरण तथा पशुपालन पर भी है। हम उद्यानिकी तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने विशेष कार्य कर रहे हैं। साथ ही पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी के साथ हमने एमओयू भी किया है। इससे दुग्ध क्रांति की दिशा में प्रदेश अग्रसर हो गया है। हमारी सरकार लगातार किसानों की आकांक्षाओं को पूरा कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन किसानों के खाते में दस-दस हजार रुपए की राशि भी हमने दी है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वनोषधि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय कुलपति गिरिश चंदेल, कृषि उत्पादन आयुक्त सुश्री शहला निगार, कृषि विभाग के संचालक डॉ सारांश मित्तर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
दुर्ग/ शौर्यपथ /नगर निगम क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर्व के मद्देनजर 26 फरवरी को मांस-मटन का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में कमिश्नर सुमित अग्रवाल के निर्देश पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
नगर निगम ने 26 फरवरी को पशुवध गृहों और मांस-मटन विक्रय की सभी दुकानों को बंद रखने के संबंध में आदेश प्रसारित किया है। किसी भी दुकान में मांस-मटन की बिक्री करते पाए जाने पर जप्ती के साथ ही संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही की जाएगी।
महाशिवरात्रि पर्व पर नगर निगम के सभी स्वच्छता निरीक्षक मांस-मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे। इसके लिए उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में मांस-मटन की दुकानों के सतत पर्यवेक्षण के लिए निर्देशित किया गया है।
महाशिवरात्रि पर्व पर जगह-जगह शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया जाएगा। शहर क्षेत्र के शिवनदी एवं शिवालयों/ मंदिरों में बड़ी संख्या में शिवभक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल लेकर आएंगे। ऐसे में उनके मार्ग पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत शहर को सुंदर बनाने में निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल ने व्यापारियों से सहयोग मांगा नगर निगम द्वारा शहर को सुंदर बनाने के लिए 24 फरवरी को शहर के चेंबर ऑफ कामर्स के साथ नगर एवं व्यापार हित में सभी प्रतिष्ठित व्यापारियों को बुलाकर निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल ने निगम के डाटा सेंटर में बैठक की। इन बिंदुओं पर की बारी-बारी गई चर्चा जैसे कि बाजारों के विकास हेतु उनसे सुझाव लिए।बाजारों से निकलने वाले सूखे गीले कचरे का निष्पादन करने।बाजारों को कैसे जीरो वेस्ट डिस्चार्ज मार्केट बनाया जाये उनपर जोर दिया गया।इसके अलावा व्यापारियों / दुकानदारों को खुले में कचरा फेंकने से रोकने संबंध चर्चा करते हुए एकत्रित रखने की बात कही।राजस्व से संबंधित बकाया कर समय पर अदा करने हेतु अपील किया गया।व्यापारियों की सुविधा अनुसार सहयोग राजस्व वसूली भी लिया जाएगा।इस सम्बन्ध में व्यापारियों ने कहा कि इदिरा मार्केट पार्किंग व्यवस्था को सुधारने पर अपने सुझाव दिए।इदिरा मार्केट स्थित कुआँ चौक के करीब मूत्रालय को बेहतर व्यवस्थित करने की बात कही।
चेंबर ऑफ कामर्स के साथ नगर एवं व्यापार द्वारा स्वच्छ शहर सुंदर शहर के लिए अपील की है इसे खुद भी अमल में लायेंगे।जीरो वेस्ट प्रक्रिया समझाने जल्द निगम के स्वास्थ्य विभाग टीम व्यापारियो के साथ लोगो को बताएंगे।
इस दौरान उनसे सुझाव लेने के अलावा क्षेत्र को सुंदर बनाए रखने के लिए सहयोग मांगा। नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि शहर को सुंदर बनाने संबंधी व्यापारियों से बैठक की गई। बैठक में चेंबर ऑफ कामर्स के साथ नगर एवं व्यापारियो ने स्वच्छ शहर सुंदर शहर बनाने के लिए जरूरी सहयोग देने की सहमति दी। इसके अलावा दुकानों में डस्टबिन लगाने के लिए सहयोग की पेशकश की गई।इस अवसर पर बाजार अधिकारी थानसिंह यादव,स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा,उपअभियंता करण यादव,सहायक राजस्व अधिकारी भूपेंद्र गोइर,ईश्वर वर्मा,चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स अध्यक्ष प्रकाश सांखला,पवन बड़जत्या, दिलीप मरोटी, बहादुर अली,अशोक राठी,प्रह्लाद रूंगटा,जितेंद्र सोनकर सहित अन्य व्यापारीगण मौजूद रहें।
रायपुर /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आज विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के ठंडे क्षेत्रों में स्ट्राबेरी की खेती लोकप्रिय होे रही है। अपने लजीज स्वाद और मेडिसिनल वेल्यू के कारण यह बड़े स्वाद के खाया जाता है। राज्य के जशपुर, अंबिकापुर, बलरामपुर क्षेत्र में कई किसान इसकी खेती कर रहे हैं। स्ट्राबेरी की अभी स्थानीय स्तर पर ही खपत हो रही है। इसकी खेती से मिलने वाले लाभ के कारण लगातार किसान आकर्षित हो रहे हैं। एक एकड़ खेत में इसकी खेती 3 से 4 लाख की आमदनी ली जा सकती है।
जशपुर जिले में 25 किसानों ने 6 एकड़ में स्ट्राबेरी की खेती की की शुरूआत की थी, अब 33 किसान 42 एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। जशपुर में विंटर डान प्रजाति की स्ट्राबेरी के पौधे लगाए गए हैं। इन किसानों को उद्यानिकी विभाग की योजना राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य सहायता मिल रही है। किसानों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में होने वाली स्ट्राबेरी की गुणवत्ता अच्छी है और साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने के कारण व्यापारियों को ताजे फल मिल रहे हैं। जिसके कारण उन्हें अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। नाबार्ड के एफएसपीएफ योजना के तहत रीड्स संस्था द्वारा बगीचा विकासखंड के ग्राम सन्ना, अकरीकाना, लोरो, कोपा, लरंगा और मैना गांव का चयन स्ट्रॉबेरी की खेती करवाई थी। साल 2023 में उत्पादन भी बेहतर हुआ था और उच्च क्वालिटी के स्ट्रॉबेरी निकले थे। इसे देखते हुए साल 2024 में उद्यान विभाग द्वारा किसानों को किसानों को स्ट्रॉबेरी के उत्पादन से जोड़ा गया और किसानों को विभाग द्वारा सहयोग भी दिया गया है। किसान रीड्स संस्था की देखरेख में लगभग 60 किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं।
धान के मुकाबले 8 से 9 गुना फायदा
स्ट्राबेरी की खेती धान के मुकाबले कई गुना फायदे का सौदा है। जहां धान की खेती के लिए मिट्टी का उपजाऊपन के साथ साथ ज्यादा पानी और तापमान की जरूरत होती है वहीं स्ट्राबेरी के लिए सामान्य भूमि और सामान्य सिंचाई में भी यह लगाया जा सकता है। धान की खेती में जहां देख-रेख की ज्यादा जरूरत पड़ती है वहीं स्ट्राबेरी के लिए देख-रेख की कम जरूरत पड़ी है, सिर्फ इसके लिए ठंडे मौसम की जरूरत होती है। जहां धान से एक एकड़ में करीब 50 हजार की आमदनी ली जा सकती है वहीं स्ट्राबेरी की खेती में 3 से 4 लाख की आमदनी हो सकती है। इस प्रकार धान से 8-9 गुना आमदनी मिलती है। स्ट्राबेरी की खेती छत्तीसगढ़ के ठंडे क्षेत्रों में ली जा सकती है। इसके लिए राज्य के अंबिकापुर, कोरिया, बलरामपुर, सूरजपुर जशपुर का क्षेत्र उपयुक्त है।
जमीन का उपजाऊ होना आवश्यक नहीं
जशपुर के किसान श्री धनेश्वर राम ने बताया कि पहले उनके पास कुछ जमीन थी जो अधिक उपजाऊ नहीं थी वह बंजर जैसी थी। मुश्किल से कुछ मात्रा में धान की फसल हो पाती थी। जब उन्हें विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन मिलने पर फलंों की खेती प्रारंभ की। नाबार्ड संस्था से सहयोग भी मिला।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने शिक्षा विभाग से 25 मार्च तक मांगी सूची
रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10 वीं एवं 12 वीं के स्पोर्ट्स स्टूडेंट्स को बोर्ड परीक्षा में 10 से 20 तक बोनस अंक दिए जाएंगे।
एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, साक्षरता कार्यक्रम के स्वयंसेवक एवं अन्य चयनित गतिविधियों में शामिल छात्रों को भी बोनस अंक का लाभ मिलेगा।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने इसके लिए शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर खिलाड़ियों की सूची मांगी है। राज्य स्तरीय खेलों में भाग लेने वाले छात्रों को 10 अंक, राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी करने वालों को 15 अंक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 20 अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जिला शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देशित किया है कि अपने क्षेत्र के स्कूलों से पात्र छात्रों की सूची निर्धारित समय तक माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय भेजें, ताकि परीक्षा के दौरान बोनस अंक जोड़ने की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2024-25 की बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों को खेल और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बोनस अंक देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए सभी स्कूलों से पात्र विद्यार्थियों की सूची 25 मार्च 2025 तक मांगी गई है।
इस योजना के तहत केवल भारतीय ओलंपिक संघ, युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और अन्य मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा प्रमाणित प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र ही पात्र होंगे। इसके अलावा, एनसीसी के आरडी परेड, वायु सैनिक, नौसेना और थल सेना कैंप में भाग लेने वाले कैडेट्स को भी अंक दिए जाएंगे। इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों को खेलों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर में प्रसिद्ध अघोर संत भगवान अवधूत राम के सोगड़ा आश्रम में मां काली की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा कर प्रदेश के उज्जवल भविष्य और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्म और आस्था समाज को एकजुट करने की शक्ति देते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से सामाजिक समरसता और विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित में निरंतर कार्य कर रही है और जनता के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ समृद्धि और विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत यश प्रताप सिंह जूदेव, शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्रीमती शांति भगत, कृष्ण राय सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने जशपुर जिला अंतर्गत विकासखंड कांसाबेल के शासकीय प्राथमिक शाला, बगिया स्थित मतदान केंद्र क्रमांक-45 में मतदान किया।
मुख्यमंत्री साय ने मतदान केंद्र में कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया और निर्वाचन अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री साय के साथ उनकी माताजी श्रीमती जसमनी देवी, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, भाई विनोद साय सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी मतदान किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मतदान हमारा अधिकार ही नहीं, कर्तव्य भी है। प्रदेश की समृद्धि और विकास के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
दुर्ग / शौर्यपथ / 6 महीने की जेल यात्रा के बाद भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को उच्चतम न्यायालय से बेल मिल गई पिछले साल अगस्त महीने में विधायक देवेंद्र यादव को बलौदा बाजार पुलिस ने हिंसा,अग्निकाण्ड सहित अन्य आरोपो के आधार पर हिरासत में लिया था पिछले 6 महीने से देवेंद्र यादव की उच्च न्यायालय में बैल एप्लीकेशन लगातार खारिज होती रही और 20 फरवरी को उच्चतम न्यायालय द्वारा देवेंद्र यादव को बेल मिला .देवेंद्र यादव के जमानत मिलने की खबर के बाद विधायक देवेंद्र यादव के समर्थकों में जहां उत्साह देखने को मिला वही आरोप प्रत्यारोपों का दौर भी आरंभ हो गया सोशल मीडिया में यह ज्ञान सामने आने लगा कि देवेंद्र यादव को बेल मिला है और वह दोष मुक्त नहीं हुए तो फिर जश्न कैसा और यह सही भी है कि बलौदा बाजार पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपो के बाद माननीय न्यायालय द्वारा भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को अभी दोष मुक्त नहीं किया गया वहीं उच्चतम न्यायालय द्वारा विधायक देवेंद्र यादव को सिर्फ जमानत मिला है तो फिर जश्न कैसा यह सवाल सोशल मीडिया पर लगातार घूम रहा है वहीं इसका दूसरा पहलू यह भी है कि देवेंद्र यादव दोष मुक्त नहीं हुए सिर्फ जमानत मिली परंतु वह दोषी भी सिद्ध नहीं हुए मामला अभी माननीय न्यायालय में विचाराधीन है विचाराधीन मामले पर दोषी करार किया जाना भी कहीं ना कहीं न्यायपालिका के क्षेत्र में हस्तक्षेप जैसा ही है ऐसे कई मामले पूर्व में सामने आ चुके हैं जिसमें सालों बाद हुए फैसले में कई आरोपी दोष मुक्त हुए हैं तो कई आरोपी दोषी सिद्ध हुए .
भारतीय संविधान में न्यायपालिका की व्यवस्था है जिसमें आरोपी तब तक मुजरिम नहीं कहलाता जब तक माननीय न्यायालय द्वारा उन्हें दोषी करार नहीं दिया जाता और ना ही उन्हें दोष मुक्त कहा जाता जब तक माननीय न्यायालय में मामला विचाराधीन होता है दोष मुक्त और दोषी दो शब्दों में जमीन आसमान का फर्क है किसी व्यक्ति के ऊपर कोई मामला विचाराधीन है ना उसे दोष मुक्त कहा जा सकता और ना ही दोषी कहा जा सकता है माननीय न्यायालय के फैसले के बाद ही यह सिद्ध होता है कि मुलजिम निर्दोष है या फिर मुजरिम है शब्दों के इस खेल में अब जब की भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को जमानत मिल गई है ऐसे में विधायक यादव के समर्थकों में उत्साह है और जय संविधान के नारे लगाए जा रहे हैं वहीं विपक्ष इस जश्न को दिखावा बता रहा है और फिर से जेल जाने की बात कही जा रही मतलब कि खूब राजनितिक होना भी एक अहम् हिस्सा होता जा रहा है .
माननीय न्यायालय के विचाराधीन मामले में टिप्पणी किया जा रहा है जमानत पर छूटा व्यक्ति तब तक मुक्त नहीं हो सकता जब तक माननीय न्यायालय से उसे दोष मुक्त सिद्ध ना करे . दोष मुक्त और दोषी ,मुजरिम और मुलजिम ,विचाराधीन ,जमानत इन कानूनी शब्दों का संविधान में और न्यायपालिका में महत्वपूर्ण स्थान है परंतु वर्तमान समय में सोशल मीडिया में महा ज्ञानियों की कहीं कमी नहीं ऐसे में एक पक्ष जमानत पर ऐसी खुशियां मना रहा जैसे कि माननीय न्यायालय ने जमानत ना देकर दोष मुक्त कर दिया हो वही दूसरा पक्ष जमानत के बाद खुशियों को बेमानी बताकर ऐसी टिप्पणियों की भरमार कर दी जैसे मुलजिम ना होकर मुजरिम हो .
यह सत्य है कि भारत के लंबे इतिहास में प्रशासनिक कार्यालय (जिलाधीश कार्यालय) पर कभी आगजनी का मामला सामने नहीं आया यह पहली ऐसी घटना है जब किसी कलेक्टर कार्यालय पर आगजनी हुई हो . मामला बेहद गंभीर है और आगजनी में शामिल व्यक्तियों को माननीय न्यायालय द्वारा ऐसी सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए जो कि एक ऐसी मिसाल बने की भविष्य में कभी कोई शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की ना सोच सके भारतीय न्यायपालिका को सुस्त कहा जाता है परंतु इसका दूसरा और महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि भारत का नागरिक (गरीब से लेकर आमिर ) आज भी न्याय के लिए इस न्याय के मंदिर पर ही भरोसा करता है और न्याय की उम्मीद में आज भी लाखों करोड़ों लोग न्यायालय की तरफ रुख करते हैं ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके देर से ही सही किंतु न्यायपालिका के मंदिर से न्याय जरूर मिलता है और दोषी को सजा . बलोदा बाजार हिंसा मामले में भी आने वाले समय में यही देखने को मिलेगा की न्यायपालिका ने दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी और निर्दोषों को दोष मुक्त किया जिसका इंतजार प्रशासन ,राजनीति के लोगों सहित प्रदेश एवं देश की आम जनता को भी है और यह इंतजार भविष्य में फैसले के साथ ही पूर्ण होगी .क्योंकि न्याय के मंदिर से सिर्फ न्याय ही मिलता है जिनका विश्वास सभी को है और इसके फैसले सभी को मंजूर होते हैं
क्या है बलौदाबाजार हिंसा: बलौदाबाजार जिले के महकोनी गांव में 15 और 16 मई की दरमियानी रात अमर गुफा में धार्मिक चिन्ह को नुकसान पहुंचाने के बाद समुदाय विशेष का गुस्सा फूट गया. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. लेकिन समाज के लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए और सीबीआई जांच की मांग की. इसी घटना को लेकर 10 जून को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में सभा की गई. जिसमें प्रदेशभर के समाज के लोग पहुंचे. सभा के बाद आक्रामक भीड़ ने बलौदाबाजार एसपी और कलेक्ट्रेट कार्यालय में आग लगा दी. कई गाडिय़ां फूंक दी गई. इस सभा में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव भी पहुंचे थे. जिससे उन पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगा.
17 अगस्त को हुई थी देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी: कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की 17 अगस्त को गिरफ्तारी हुई थी. उन्हें भिलाई में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद 17 अगस्त की रात को ही बलौदाबाजार कोर्ट में पेशी हुई. देवेंद्र यादव की दूसरी पेशी 20 अगस्त को हुई. उसके बाद बलौदाबाजार कोर्ट में तीसरी पेशी 27 अगस्त को हुई. 3 सितंबर को चौथी पेशी हुई. 9 सितंबर को पांचवीं पेशी हुई. 17 सितंबर को उनकी छठवीं पेशी बलौदाबाजार कोर्ट में हुई. इसके बाद कई पेशी होने के बाद विधायक देवेंद्र यादव जमानत याचिका के लिए अपील की. लेकिन बलौदाबाजार सीजेएम कोर्ट, जिला सत्र न्यायालय बलौदाबाजार और हाईकोर्ट बिलासपुर से उनकी जमानत याचिका खारिज हो गई. जिसके बाद विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई. जिस पर कोर्ट ने 20 फरवरी की तारीख सुनवाई के लिए तय की . 20 फरवरी को भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव को जमानत मिली .
न्यायपालिका पर विश्वास : जमानत मिलने के बाद विधायक देवेन्द्र यादव ने कहा कि उन्हें न्याय पालिका पर पूरा विश्वास है और उन्हें न्याय जरुर मिलेगा जिसका सीधा अर्थ है कि न्याय पालिका के फैसले चाहे जो भी हो उन्हें स्वीकार्य है . ऐसे में वर्तमान समय में दोषी /दोषमुक्त जैसे शब्द के कोई मायने नहीं होते . न्यायालय के आदेश ही सर्वोपरि है और न्याय के लिए जंग पक्ष और विपक्ष कर रहे है जो फैसला होगा वह सभी को मान्य होगा .
निजी विचार - लेख (शरद पंसारी संपादक शौर्यपथ दैनिक समाचार )
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
