August 21, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6098)

    मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर अंबिकापुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया
    स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं के योगदान को किया याद
    प्रदेश में 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रूपए
    किसानों की खुशहाली के लिए उनके खातों में 49 हजार करोड़ रूपए अंतरित
    नक्सल प्रभावित क्षेत्र में खुली विकास की नई राह: जल्द ही नक्सल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा बस्तर
        रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर आम जनता के नाम संदेश का वाचन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।  
        मुख्यमंत्री श्री साय ने गणतंत्र दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि  आज का दिन हम सबके लिए अत्यंत गौरवशाली है। आज हम देश के गणतंत्र का उत्सव मना रहे हैं। इसके पीछे उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का बलिदान है, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, उन संविधान निर्माताओं का योगदान है, जिन्होंने इस संविधान के माध्यम से भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया। उन विभूतियों का योगदान है, जो संविधान की रक्षा के लिए हमेशा डटे रहे तथा संविधान के मूल्यों पर चलकर अंत्योदय का कल्याण करते रहे। नक्सलवाद से लड़ते हुए देश की एकता और अखण्डता के लिए अनेक जवानों ने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, ताकि हम सुरक्षित रह सकें और समाज में शांति स्थापित हो सके। इन जवानों की शहादत को मैं शत्-शत् नमन करता हूं।  
        भारत की आजादी की यात्रा के साथ ही दुनिया के अनेक देशों ने भी अपनी स्वतंत्रता की यात्रा प्रारंभ की, लेकिन इनमें से कई देशों में शासन व्यवस्था पटरी से उतर गई और वहां की जनता आज अराजकता का सामना करने मजबूर है। गणतांत्रिक परंपराओं की अपनी ऐतिहासिक जड़ों और अपने श्रेष्ठ संविधान के बूते लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में भारत अविचल खड़ा ही नहीं है अपितु निरंतर तरक्की के नये शिखरों को छू रहा है।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान एक पवित्र दस्तावेज है। यह वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना से प्रेरित है। इसे एक ऐसे राष्ट्र के नागरिकों ने तैयार किया, जिनकी भावनाओं के मूल में विश्व बंधुत्व और मानव कल्याण की सोच है। हमारी आजादी की लड़ाई की सोच हमारे संविधान में पूरी तरह से झलकती है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में जब हमारे छत्तीसगढ़ से संविधान निर्मात्री समिति के सदस्य संविधान तैयार कर रहे थे, तब निश्चय ही उनके सामने बाबा गुरु घासीदास जी के समतामूलक संदेश, शहीद वीरनारायण सिंह जी के संघर्ष की गाथा और पंडित सुंदरलाल शर्मा जी का छूआछूत विरोधी संघर्ष जैसे आदर्श रहे होंगे। इन सभी के विचारों को बाबा साहेब ने अंतिम ड्राफ्ट के रूप में बहुत सुंदरता से पिरोया था।
        इस गणतंत्र की धरोहर को सुरक्षित रखने और सहेजने-संवारने की जिम्मेदारी हमारी और भावी पीढ़ी के हाथों में है। हमारा गणतंत्र हमें सत्यमेव जयते की सीख देता है। मुंडकोपनिषद का यह सूत्र वाक्य हमें बताता है कि अंधेरा कितना भी घना क्यों न हो, हमें उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। अंततः विजय सत्य की ही होती है। हमारे गणतंत्र की इस भावना की विजय हमने गंभीर नक्सलग्रस्त इलाकों में देखी है।
        इन इलाकों में माओवाद ने अपनी हिंसक विचारधारा से न केवल आम आदमी के जीवन को नरक बना दिया था अपितु भारत के गणतंत्र को चुनौती देने के लिए गनतंत्र खड़े करने की योजना बनाकर काम कर रहे थे। हमारे सुरक्षा बलों का इनसे लगातार संघर्ष चल रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में नई रणनीति बनाकर हमने माओवाद के कैंसर को नष्ट करने का काम किया है। इस कैंसर को नष्ट करने के लिए जरूरी था कि इसकी जड़ों पर प्रहार किया जाए। हमारे जवानों ने माओवादियों के सबसे सुरक्षित पनाहगाहों में हमला किया। इसके नतीजे बहुत अच्छे रहे। एक साल के भीतर ही हमने माओवादी कैडर के 260 से अधिक आतंकियों को मार गिराया। अंधेरी सुरंग खुल गई, जो रोशनी फूटी है उससे बस्तर में विकास का उजाला फैला है।
        जब केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी पिछले महीने छत्तीसगढ़ आये तो बस्तर की इसी धरती में ग्राम गुंडम की एक बुजुर्ग माँ उनके पास आई, माता जी ने उन्हें वनोपजों की टोकरी भेंट की और कहा कि माओवाद को पूरी तरह से नष्ट कर दीजिए। जब सरकार का इरादा, जवानों का हौसला और जनता का संकल्प मिल जाता है, तो कोई भी हिंसक विचारधारा नहीं टिक सकती। बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। शीघ्र ही बस्तर पूरी तरह से नक्सल आतंक से मुक्त हो जाएगा।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंक से मुक्ति के साथ ही बस्तर में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास की राह भी खुल गई है। इसका माध्यम हमारी सरकार द्वारा चलाई जा रही नियद नेल्ला नार योजना बनी है। अरसे बाद स्कूलों में घंटियां गूंजी, पानी-बिजली का पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित हुआ। आधार कार्ड बने और आयुष्मान कार्ड भी बन गये। बस्तर अब उमंग से भरा हुआ है। हमने यहां बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया। पूरे बस्तर से 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें नक्सल हिंसा से प्रभावित परिजन भी थे। आत्मसमर्पित नक्सली भी थे और नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके दिव्यांगजन भी थे। खेलों के इस महाकुंभ में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था, हम सबके लिए यह बहुत भावुक क्षण था, बस्तर ओलंपिक नये बस्तर की पहचान बन गया।
    हर कदम में किसानों के साथ
         किसान परिवार से आने वाले लोगों ने खेती का वो वक्त भी देखा है जब कड़ी मेहनत से धान उपजाने के बाद मंडियों में किसान भाई धान लेकर जाते थे, तो औने-पौने में धान बेचकर आना पड़ता था। बहुत मुश्किल से परिवार चलता था। खरीफ के बाद उनके पास दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता था। श्रद्धेय अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, तो धान खरीदी की व्यवस्था भी आरंभ हुई। धान के कटोरे में कोई भी भूखा न सोये, इसके लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना भी आरंभ हुई। यह काम इतने व्यवस्थित तरीके से हुआ कि छत्तीसगढ़ देश में खाद्य सुरक्षा का माडल राज्य बन गया।
        मुझे याद आता है कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद शुरूआती दौर में धान खरीदी लगभग 4.63 लाख मीट्रिक टन के आसपास हुई। पिछली बार यह आंकड़ा 145 लाख मीट्रिक टन को छू गया। यह इसलिए हुआ कि हमारी सरकार किसान भाइयों को धान का सबसे अच्छा मूल्य दे रही है। हमने किसान भाइयों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ में धान खरीदा। किसानों से किये वायदे के अनुरूप हमने 13 लाख किसानों को दो साल का बकाया बोनस भी दिया। इन सबके चलते पिछले सत्र में हमने किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए अंतरित किये। लगभग ढाई माह से राज्य में तेजी से धान खरीदी चल रही है। किसानों के खाते में हम लगातार समर्थन मूल्य की राशि दे रहे हैं। प्रति क्विंटल अंतर की राशि 800 रुपए हमारी सरकार के द्वारा आदान सहायता के रूप में एकमुश्त फरवरी माह में किसान भाइयों के खाते में भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए हमने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का शुभारंभ भी किया है। इसके अंतर्गत हम 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषकों को 10 हजार रुपए सालाना प्रदान कर रहे हैं।  यह शुभ संकल्पों और अच्छी नीयत का प्रतिफल है। छत्तीसगढ़ के किसान आज बेहद खुशहाल हैं। पलायन रूका है और किसान, खेती में निवेश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें खेती से अच्छी आय मिल रही है।
        उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के साथ ही खेती को हाइटेक करने का कार्य भी कर रही है। अब खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन दीदी के हाथों हो रहा है। घंटों का काम ड्रोन दीदी का ड्रोन मिनटों में कर देता है। आपने इधर के वर्षों में देखा होगा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। कभी मानसून विलंब से आता है, तो कभी असमय बारिश हो जाती है। इस बड़े संकट से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी भी हमने की है। हमने ऐसे बीज तैयार किये हैं, जो क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने में सक्षम हैं। एफपीओ के माध्यम से किसानों के लिए नए उद्यम के रास्ते हमने खोल दिये हैं।
    छत्तीसगढ़ में श्वेत क्रांति की खुली राह
        हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा कहते हैं, कि हमें किसानों की आय दोगुनी करनी है, तो पशुपालन को बढ़ावा देना होगा। हम सबने सहकारिता में अमूल का प्रयोग देखा है। भारत ने एनडीडीबी अर्थात नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से अमूल के रूप में श्वेत क्रांति की। छत्तीसगढ़ में भी श्वेत क्रांति की राह हमने खोल दी है। बीते महीने हमने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया है।
        इस एमओयू के माध्यम से छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ से जुड़ी समितियों को तकनीकी जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के लिए 621 सहकारी समितियां काम कर रही हैं। अब 3200 नई सहकारी समितियां बनेंगी। इस एमओयू के पश्चात, सवा लाख से अधिक किसान दूध उत्पादक समितियों से तो जुड़ेंगे ही, इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि हमारे बच्चों के भोजन में, दूध के रूप में प्रोटीन अधिक मात्रा में शामिल होगा। हमारी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के आदर्शों के अनुरूप नागरिकों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
    नई उद्योग नीति से प्रदेश में बना निवेश का बेहतर वातावरण
        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा- हमारी धरती रत्नगर्भा है। खनिज संपदा के मामले में छत्तीसगढ़ अतुलनीय है। कोयले और लोहे के उत्पादन में हम देश में दूसरे स्थान पर हैं। देश के बाक्साइट भंडार का 20 फीसदी हमारे यहां है। सारी दुनिया इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपना रही है और भारत भी इसमें पीछे नहीं है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए लीथियम की जरूरत होती है और इसके भंडार हमारे कोरबा, सुकमा और बस्तर जिले में है।
        इन खनिज संसाधनों का दोहन राज्य के आर्थिक विकास के लिए हो, इस जरूरत को पूरा करने हमारी सरकार ने ऐतिहासिक काम किया है। आज छत्तीसगढ़ में कहीं भी चले जाइये, शानदार चौड़ी सड़कें, फ्लाईओवर से आपका स्वागत होगा। रांची, हैदराबाद और विशाखापट्नम जैसे शहरों से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का काम पूरा हो जाएगा तो यह कनेक्टिविटी अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार ने हमारे राज्य में सड़क अधोसंरचना को बेहतर करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के कार्यों की घोषणा भी की है। बिजली उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ सरप्लस स्टेट है। ये सारी बातें छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को बेहद आकर्षक बनाती हैं।
        इतने बेहतर वातावरण में यदि निवेश के इच्छुक उद्यमियों को अनुदान सहित अनेक सुविधाएं मिले, तो उनके लिए यह सोने पर सुहागा है। हमारी नई उद्योग नीति ने यही कार्य किया है। इज आफ डूइंग बिजनेस अंतर्गत जरूरी सुधार किये गये हैं। सिंगल विंडो 2.0 से एनओसी की दिक्कत बिल्कुल दूर हो गई है। हमारा फोकस यह है, कि स्थानीय लोगों को अधिकतम संख्या में रोजगार मिल सके। एक हजार से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए हम विशेष अनुदान दे रहे हैं।
    पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य  
        नई औद्योगिक नीति में हमने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहन दें, जिनके लिए छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं के अनुरूप आगे बढ़ने की भरपूर संभावनाएं हों। क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी जी ने वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली टेक्नालाजी अर्थात ग्रीन उद्यमों के लिए बड़ी संभावनाएं बनी हैं। नई उद्योग नीति में हमने इसके लिए निवेश प्रोत्साहन पैकेज रखा है। छत्तीसगढ़ में उद्यमी अब ग्रीन स्टील की ओर फोकस कर रहे हैं। नई उद्योग नीति से इसके लिए बेहतर वातावरण बन रहा है। इस बात का अनुमान है, कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में ढाई लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा और इसके चलते पांच लाख नये रोजगार सृजित होंगे। हम अटल नगर, नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में तैयार कर रहे हैं और तेजी से आईटी कंपनियां यहां निवेश के लिए सामने आ रही हैं। यहां पर हम 14 एकड़ में एआई डाटा सेंटर भी बना रहे हैं, इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सकेगा। राज्य के युवाओं को वित्तीय बाजारों के लिए प्रशिक्षित करने और इसके माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने शासन द्वारा नेशनल स्टाक एक्सचेंज के साथ छात्र स्किलिंग प्रोग्राम के लिए एमओयू करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रशिक्षण हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी और कालेज के विद्यार्थियों के लिए संचालित किया जाएगा।
    पर्यटन को मिला बढ़ावा
        नई उद्योग नीति में हमने छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। हमारे यहां एशिया का नियाग्रा कहा जाने वाला चित्रकोट जलप्रपात है। कांगेर घाटी में कोटमसर जैसी विलक्षण गुफाएं हैं। यहां धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने बेस्ट टूरिज्म विलेज के रूप में चुना है। सरगुजा में रामगढ़ की पहाड़ियां हैं, जहां के विलक्षण प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत होकर महाकवि कालिदास के मन में अपने महान खंडकाव्य मेघदूतं को लिखने का विचार आया। जशपुर में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर महादेव हैं। देश के पर्यटन नक्शे में गुरु घासीदास तमोरपिंगला टाइगर रिजर्व भी आ गया है। हमारी सरकार ने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाकर न केवल बाघों के संरक्षण के लिए कार्य किया है अपितु इससे इको टूरिज्म की संभावनाओं में भी कई गुना वृद्धि कर दी है।
    वन एवं वृक्ष आवरण में देश में सर्वाधिक वृद्धि
        अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। अभी हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 684 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है जो देश में सबसे ज्यादा रही है।
    एयर कनेक्टिविटी में इजाफा
        मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश की जनजातीय संस्कृति भी विलक्षण है। यहां पर्यटन की अधोसंरचना उपलब्ध कराने हमने होम-स्टे की सुविधा देने वाले उद्यमियों को विशेष अनुदान देने का निर्णय लिया है। कुछ महीनों पहले अंबिकापुर में माँ महामाया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया गया। जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट अब विमानन मानचित्र में आ गये हैं। एयर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां आकर्षित होंगे। रायपुर-बिलासपुर-अंबिकापुर विमान सेवा आरंभ होने से स्थानीय पर्यटकों को भी काफी सुविधा मिल रही है। पर्यटन अधोसंरचना का सीधा लाभ, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के रूप में होगा।
    पीएससी पर लौटा युवाओं का भरोसा
        उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से है। पीएससी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार की जांच का कार्य हमने सीबीआई को सौंपा है और सीबीआई इस मामले में पुख्ता कार्रवाई कर रही है। हमने पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता लाने इसे यूपीएससी की तर्ज पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। सरकार द्वारा उठाये गये कदमों से युवाओं का भरोसा पीएससी की परीक्षा में लौट आया है। हमने यूपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली में ट्राइबल यूथ हास्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी है। हम रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 अन्य नगरीय निकायों में ऐसी ही लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। शासकीय सेवा के 9 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
    प्रधानमंत्री आवास का बढ़ा दायरा  
        मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने एक साल पूरे कर लिये हैं। इस अवधि में हमने अपने अधिकांश वायदों को पूरा कर दिया है। कैबिनेट की पहली ही बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। इन पर तेजी से काम हो रहा है। अपना घर जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। राज्य के लिए नये वित्तीय वर्ष हेतु तीन लाख अतिरिक्त पीएम आवास की स्वीकृति भी मिली है, इसके लिए मार्च तक सर्वे हो जाएगा। अब उन लोगों को भी पीएम आवास मिल सकेगा, जिसके पास टू व्हीलर है। उनको भी मकान मिल सकेगा, जिसने पास ढाई एकड़ तक सिंचित जमीन और पांच एकड़ तक असिंचित जमीन है। उनको भी मकान मिल सकेगा, जिनकी आय 15 हजार रूपए महीना तक है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 1 लाख 32 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित करने राज्यांश का भी हमने अनुमोदन कर दिया है।
        हमें इस बात का संतोष है कि हम लाखों लोगों के गृह प्रवेश का माध्यम बन सके हैं। हमारी सरकार ने जरूरतमंद 68 लाख परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय भी लिया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संग्रहण दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर हमने साढ़े 5 हजार रुपए कर दिया है।
    सशक्त महिलाएं सशक्त छत्तीसगढ़
        छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने में, बड़ी भूमिका हमारी मातृशक्ति की है। वे हर दिन कड़ी मेहनत कर, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव रख रही हैं। उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना हमारा संकल्प है। इसके लिए हमने सरकार गठन के तीन महीने के भीतर ही महतारी वंदन योजना का क्रियान्वयन आरंभ कर दिया। करीब 70 लाख माताओं-बहनों को अब तक हम इस योजना की ग्यारह किश्त दे चुके हैं। हर माह की पहली तारीख को हम महतारी वंदन योजना के रूप में माताओं-बहनों के लिए खुशियों का रिचार्ज कर देते हैं। यह राशि उनके बजट को व्यवस्थित करने में, अपने सपनों को पूरा करने में मदद करती है। यह महिलाओं की अपनी निधि है, वे इसे अपनी इच्छा से खर्च कर रही हैं। कोई बहन इसे बच्चों की पढ़ाई में लगा रही है, कोई निवेश कर रही है। कोई मां अपनी हवाई यात्रा का सपना पूरा कर रही है। सारंगढ़ के ग्राम दानसरा की माताएं-बहनें अयोध्या धाम में श्रीरामलला का मंदिर बनने से अभिभूत थीं। वे श्रीराम का मंदिर अपने गांव में बनाना चाहती थीं। सभी महिलाएं एकजुट हुईं। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि और चंदा इकट्ठा करके प्रभु श्रीराम का मंदिर बनवा रही हैं। हम महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट फूड का काम सौंप रहे हैं। पहले चरण में पांच जिलों से इस काम की शुरूआत करेंगे।
    प्रदेश में नई शिक्षा प्रणाली लागू
        प्राचीन काल में हमारा देश विश्वगुरु था। इसका कारण, हमारी गुरुकुल शिक्षा प्रणाली थी। यह प्रणाली ज्ञान-विज्ञान के साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों की भी शिक्षा विद्यार्थियों को देती थी। अंग्रेज जब भारत आये, तो उन्होंने महसूस किया कि भारत में राज करने के लिए बहुत जरूरी है, कि भारतीयों में हीनता की भावना भर दी जाए। उन्होंने प्राचीन पद्धति समाप्त कर, मैकाले द्वारा लाई गई अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू की। इसके चलते हमारे मनीषियों द्वारा लिखे श्रेष्ठ ग्रंथों की स्मृति भी जनमानस में धुंधली होती गई।
        मोदी जी ने आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ ही हमारी सांस्कृतिक उपलब्धियों और गौरवशाली परंपरा को शामिल करने वाली नई शिक्षा प्रणाली हमें दी है। छत्तीसगढ़ में हमने इसे लागू किया है। हम 18 स्थानीय भाषाओं में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। 341 पीएमश्री विद्यालय हमने आरंभ किये हैं। हम बच्चों को एआई और रोबोटिक्स की शिक्षा भी दे रहे हैं। हम यह मानते हैं, कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर दिशा देने में जितनी जिम्मेदारी शिक्षकों की है, उतनी ही अभिभावकों की भी है। इसके लिए हमने पैरेण्ट्स-टीचर मीटिंग का एजेंडा भी व्यवस्थित किया है। अपने जन्मदिन को स्कूलों में बच्चों के साथ न्योता भोज के रूप में भी मनाने की परंपरा हमने आरंभ की है। पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के चलते बच्चों का शैक्षणिक स्तर गिरा था। इसे दुरुस्त करने, हमने पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं पुनः आरंभ करने का निर्णय लिया  है।
    प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को मिली स्वास्थ्य सुरक्षा
        हमारी भारतीय परंपरा में आशीर्वाद देने पर लंबी आयु की कामना करते हुए आयुष्मान भवः कहा जाता है। लोगों की दीर्घायु और उनके अच्छे स्वास्थ्य से जुड़े सरोकार, हमारे लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। जो समाज अपने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करता है, वही समाज फलता-फूलता भी है। मोदी जी ने आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को सम्मिलित किया है। इन्हें अब पांच लाख रुपए तक के इलाज का लाभ मिल रहा है।  
    छत्तीसगढ़ बनेगा मेडिकल टूरिज्म का केंद्र
        हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब बनाना है, ताकि न केवल हमारे सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में छत्तीसगढ़ के नागरिकों का इलाज हो सके अपितु छत्तीसगढ़ मेडिकल टूरिज्म के भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित हो। इसके लिए हमने अटल नगर नवा रायपुर में 200 एकड़ भूमि चिन्हांकित की है। यहां मेडिसिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 5 हजार बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनेगा।  अटल नगर नवा रायपुर में हम 141 एकड़ भूमि पर फार्मास्युटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं। इससे अटल नगर नवा रायपुर, मध्य भारत का फार्मास्युटिकल हब के रूप में उभरेगा।
        बिलासपुर में 200 करोड़ रुपए की लागत से सिम्स के विस्तार का कार्य शुरू कर दिया गया है। राजधानी रायपुर के अंबेडकर हास्पिटल में भी 700 बिस्तर अस्पताल के विस्तार के लिए हमने 231 करोड़ रुपए का टेंडर जारी कर दिया है। इसके पूरे होने के साथ ही अंबेडकर हास्पिटल में 2 हजार बेड की सुविधा हो जाएगी। प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को विकसित करने के लिए चार नये मेडिकल कालेज जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़ और गीदम में भवनों के लिए 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
    हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा
        आपको याद होगा कि पहले पीएमटी की परीक्षाओं में एक पेपर अंग्रेजी का होता था। हमारे ग्रामीण पृष्ठभूमि और हिंदी माध्यम के अनेक प्रतिभाशाली परीक्षार्थी कई बार इस वजह से भी पीएमटी क्लीयर नहीं कर पाते थे। बाद में इसे हटा दिया गया लेकिन आगे मेडिकल की पढ़ाई में अंग्रेजी की समस्या कायम रही। हमने मेडिकल छात्र-छात्राओं को हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की राह में अब कोई रूकावट शेष नहीं रही।
    रजत जयंती पर छत्तीसगढ़ मना रहा अटल निर्माण वर्ष
        हमारा प्रदेश इस वर्ष अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। संयोग से यह वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। इस अवसर को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। श्रद्धेय अटल जी द्वारा दिखाये गये सुशासन के मूलमंत्र पर चलते हुए, हमने पारदर्शी, सजग और लोककल्याणकारी प्रशासनिक तंत्र तैयार किया है, जिसके बूते हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं।
    पारदर्शी प्रशासन के लिए आईटी का उपयोग
        छत्तीसगढ़ ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के रूप में सुशासन को कार्यान्वित करने देश में अनूठी पहल की है। छत्तीसगढ़ में लाल फीताशाही की रोकथाम के लिए हम ई-आफिस प्रणाली अपना रहे हैं। इसमें फाइलों का निपटारा आनलाइन होगा। तय समय-सीमा में अधिकारी को ई-फाइल पर अपनी टिप्पणी देनी होगी। इस प्रणाली के चलते समय-सीमा पर भ्रष्टाचार की आशंका के बगैर फाइलों का कुशलता से निपटारा हो सकेगा।
        यह समय स्मार्ट फोन का है। हमने शासकीय सेवाओं की डिलीवरी को आसान करने के लिए मोबाइल फोन में नागरिक सुविधाओं से संबंधित बहुत से एप आरंभ किये हैं। मंत्रालय में किसी से मिलना हो, तो स्वागतम एप में एक क्लिक करें और समय लें, रजिस्ट्री करानी हो, तो सुगम एप में क्लिक करें और बसों का लोकेशन जानना हो, तो संगवारी एप देख लें। नागरिक सेवाओं की उपलब्धता डिजिटल गवर्नेंस के चलते काफी आसान हो गई है।
        शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए हमने अटल मानिटरिंग पोर्टल आरंभ किया है। इससे न केवल महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी जानकारी मिलती है अपितु इसे बेहतर करने के लिए आवश्यक दिशा भी मिलती है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस पर न केवल भरोसा करती है अपितु  इसे क्रियान्वित भी करती है। खनिज में हमने मैनुअल पास को समाप्त कर आनलाइन ट्रांजिट पास आरंभ कर दिये हैं। शासकीय खरीदी में भ्रष्टाचार रोकने के लिए, हमने जेम पोर्टल को अनिवार्य कर दिया है। भारत सरकार, राज्यों को बेहतर काम के लिए इंसेटिव देती है। हमने जो सुधार छत्तीसगढ़ में किये, उसके चलते केंद्र सरकार ने इंसेटिव के रूप में राज्य को 4400 करोड़ रुपए दिये हैं, जिन्हें हम इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेंगे।
    20 हजार श्रद्धालुओं ने की अयोध्या धाम की यात्रा
        अपने भांचा भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से यह सब शुभ कार्य हम कर पाए हैं। ननिहाल के लोगों को अपने भांजे का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहे, भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन, उनके भीतर शुभ संकल्पों के बीज बोता रहे, इसके लिए हमने पुण्य अयोध्या धाम के दर्शन के लिए श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना आरंभ की  है। अब तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु, इस योजना के माध्यम से श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
    जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण
        हमारे प्रदेश की सांस्कृतिक संपदा समृद्ध है। जनजातीय संस्कृति की थाती संभालने वाले हमारे बैगा, गुनिया, सिरहा को हम लोग हर साल पांच-पांच हजार रुपए की सम्मान निधि दे रहे हैं। जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण विकास योजना, हमने आरंभ की है। स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले हमारे जनजातीय सेनानियों और शहीदों की प्रतिमाएं, उनके गांवों में लगाने का निर्णय लिया है। राजिम कुंभ का सुंदर आयोजन हमने पुनः आरंभ कराया है। देश भर से साधु संतों का समागम राजिम के त्रिवेणी संगम पर हो रहा है। प्रयागराज में 144 वर्षों बाद महाकुंभ का सुखद संयोग बना है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को सुविधा देने हमने साढ़े 4 एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन तैयार किया है। यहां प्रदेश के श्रद्धालुओं के ठहरने और खान-पान की सुविधा हमने उपलब्ध कराई है।
    विकसित छत्तीसगढ़ के लिए रोडमैप तैयार
        गांधी जी कहते थे कि भविष्य इस बात पर निर्भर करता है, कि हम वर्तमान में क्या करते हैं। मुझे इस बात की खुशी है, कि इस वर्ष जब हम छत्तीसगढ़ के स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं तब हमने विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा का रोडमैप तैयार कर लिया है। वर्ष 2047 में जब आजादी के सौ वर्ष पूरे हो जाएंगे तब विकसित भारत के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का भव्य स्वरूप हम सभी के सामने होगा। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हमने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है।
        हमारी सरकार ऐसी सरकार है, जिसने एक साल पूरे होने पर प्रदेश की जनता के समक्ष अपने एक साल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है। हमारे पास शुभ संकल्प है। सच्चाई है। ईमानदारी है और पुरखों की परंपरा से आई शक्ति है। हम आप सभी के सहयोग से आगे बढ़ेंगे और हर बाधा को पार कर एक उज्ज्वल सशक्त विकसित छत्तीसगढ़ के अपने सपने को मूर्त रूप देंगे। अथर्ववेद का मंत्र है कृतं मे दक्षिणे हस्ते जयो मे सव्य आहितः। कार्य का शुभ संकल्प मन में हो तो सफलता जरूर मिलती है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं
    रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर जिले के जनजातीय कलाकार श्री पंडी राम मंडावी का नाम पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें पारंपरिक वाद्ययंत्र निर्माण और लकड़ी की शिल्पकला के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाएगा।
    श्री पंडी राम मंडावी, जो 68 वर्ष के हैं, गोंड मुरिया जनजाति से संबंधित हैं। वे पिछले पांच दशकों से बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को न केवल संरक्षित कर रहे हैं, बल्कि उसे नई पहचान भी दिला रहे हैं। उनकी विशेष पहचान बांस की बस्तर बांसुरी, जिसे ‘सुलुर’ कहा जाता है, के निर्माण में है। इसके अलावा, उन्होंने लकड़ी के पैनलों पर उभरे हुए चित्र, मूर्तियां और अन्य शिल्पकृतियों के माध्यम से अपनी कला को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया है।
    श्री पंडी राम मंडावी ने मात्र 12 वर्ष की आयु में अपने पूर्वजों से यह कला सीखी और अपने समर्पण व कौशल के दम पर छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। एक सांस्कृतिक दूत के रूप में उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन 8 से अधिक देशों में किया है। साथ ही, अपने कार्यशाला के जरिए एक हजार से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण देकर इस परंपरा को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य किया है।

    श्रद्धालुओं से की बात : बेहतर से बेहतर व्यवस्था करने के दिए निर्देश
    रायपुर/शौर्यपथ / सचिव जनसंपर्क श्री पी. दयानंद  आज प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वहां स्थित छत्तीसगढ़ पैवेलियन का  जायजा लिया।  उन्होंने वहां मौजूद श्रद्धालुओं से बात की और  उनसे वहां  मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। श्री  दयानंद ने वहां तैनात अधिकारियों से श्रद्घालुओं के  लिए  उपलब्ध सुविधाओं की  जानकारी ली और  व्यवस्थाओं को  और  बेहतर  बनाने के  निर्देश  दिए। उन्होंने  कहा  कि छत्तीसगढ़ से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो। इसके लिए उन्होंने  पैवेलियन में तैनात अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए।
       उल्लेखनीय है कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 में त्रिवेणी संगम में स्नान करने रोज  छत्तीसगढ़ से  बड़ी  संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।  मुख्यमंत्री  श्री  विष्णु  देव  साय के  निर्देश  पर  सेक्टर-6 में छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया है ,जहां लोगों को ठहरने और भोजन की निशुल्क व्यवस्था की गई है। इसके साथ  ही  पैवेलियन में  छत्तीसगढ़  की  समृद्ध साँस्कृतिक, धार्मिक  एवं  पर्यटन  स्थलों  को  बखूबी  दर्शाया  गया है।  प्रतिदिन वहां शाम  को  छत्तीसगढ़  के  कलाकारों  द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी  जा रही है।

    लाल किले में 26 जनवरी से 31 जनवरी तक होगा भारत पर्व का आयोजन
       रायपुर /शौर्यपथ /नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले भारत पर्व 2025 में छत्तीसगढ़ की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। छत्तीसगढ़ की झांकी में राज्य की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और रामनामी समुदाय की विशिष्ट झलक प्रस्तुत की गई है। यह झांकी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर, पारंपरिक लोक जीवन और रामनामी समुदाय की अनोखी पहचान को खूबसूरती से दर्शाती है। रामनामी समुदाय, जो भगवान श्री राम के प्रति अपनी अनन्य भक्ति के लिए जाना जाता है, इस झांकी का मुख्य आकर्षण है।
       भारत पर्व 2025 का आयोजन लाल किला प्रांगण में 26 जनवरी से 31 जनवरी तक किया जाएगा। इस दौरान छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों झांकियां भारत की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को प्रदर्शित करेंगी। छत्तीसगढ़ की झांकी राज्य की जनजातीय संस्कृति के विविध रंगों को उजागर करेगी। यह झांकी दर्शकों को न केवल राज्य की कला और संस्कृति से रूबरू कराएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज की विशिष्ट जीवनशैली और उनकी अनूठी परंपराओं की झलक भी दिखाएगी।
       भारत पर्व हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है। यह कार्यक्रम 26 जनवरी से 31 जनवरी तक नई दिल्ली के लाल किला प्रांगण में आयोजित किया जाता है। इस पर्व में सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक प्रवेश निशुल्क होता है। यह भारतीय संस्कृति, परंपरा, तथा विविधता को करीब से देखने का शानदार अवसर प्रदान करता है। भारत पर्व में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल विभिन्न राज्यों की झांकियों को देखने के साथ ही फूड वेंडर्स के स्टॉल पर विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन का लुत्फ भी उठा सकते हैं।

       रायपुर/शौर्यपथ / गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को राज्यपाल श्री रमेन डेका राजधानी रायपुर में और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर राज्य के अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण, सांसदगण और विधायकगण मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संदेश का वाचन करेंगे।
    केन्दीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू कोरबा, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव रायगढ़, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा बस्तर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह दुर्ग, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम सूरजपुर, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल महासमुंद, वन मंत्री श्री केदार कश्यप दंतेवाड़ा, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन जशपुर, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी बिलासपुर, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा राजनांदगांव एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े बलरामपुर जिला मुख्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
    इसी तरह सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल धमतरी, सांसद श्री विजय बघेल कबीरधाम, सांसद श्री संतोष पांडेय गरियाबंद, सांसद श्री चिंतामणि महाराज कोरिया, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी बलौदाबाजार, सांसद श्री राधेश्याम राठिया जांजगीर-चांपा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सांसद श्री महेश कश्यप कांकेर, सांसद श्री भोजराज नाग सुकमा, सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह कोंडागांव, विधायक सुश्री लता उसेंडी नारायणपुर, विधायक श्री गुरू खुशवंत साहेब बेमेतरा, विधायक श्रीमती गोमती साय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची सारंगढ़-बिलाईगढ़, विधायक श्री ललित चंद्राकर बालोद, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले सक्ती, विधायक श्री अमर अग्रवाल मुंगेली, विधायक श्री अजय चंद्राकर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और विधायक श्री चैतराम अटामी जिला मुख्यालय बीजापुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

    रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को देश के 76वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होने देश को आजादी दिलाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र का महापर्व है, जो भारत देश को एक सूत्र में बांधता है। यह दिन  हमें हमारे महान संविधान की याद दिलाता है, जो हमारे देश की एकता और अखंडता का आधार है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के मूल्यों को हम सभी अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती सुनिश्चित करते हुए देश और प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दें।

       रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  योग गुरु बाबा रामदेव ने आज मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिजन उपस्थित थे।

    निर्वाचन में महिला मतदाताओं की सहभागिता बढ़ना हम सबके लिए गर्व की बात: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले
     निर्वाचन कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित
       रायपुर/शौर्यपथ / लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मतदाताओं की होती है। मतदाताओं की निर्वाचन में जितनी अधिक संख्या में सहभागिता रहेगी उतना ही  लोकतंत्र सशक्त होगा। मतदाता दिवस के आयोजन का उद्देश्य मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रेरित करना है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त श्री अजय कुमार  सिंह ने आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के विवेकानंद सभागार में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि हमारे देश के संविधान में  निष्पक्ष चुनाव के लिए अनेक प्रावधान किए गए है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सशक्त निर्वाचन के लिए आज ही के दिन निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई थी। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहां जितने बड़े स्तर पर चुनाव सम्पन्न होता है, उतना अन्य किसी देश में शायद ही होता होगा। उसके बावजूद एक नियत समय में जल्द चुनाव कार्य सम्पन्न होते हैं और चुनाव परिणाम भी आ जाते है।  छत्तीसगढ़ में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां होने के बावजूद जिस प्रकार चुनाव सफलतापूर्वक कराए जाते हैं, इसके लिए हमारा प्रशासनिक अमला बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि पहले मतदाता पंजीकरण मेन्यूअल होता था। अब यह काफी आसान हो गया है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग के अंतर्गत नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि निर्वाचन के प्रति महिला मतदाताओं में जागरूकता बढ़ी है। पूर्व में हुए लोकसभा चुनाव में जहां पहले महिलाओं  की संख्या पुरुषों कि तुलना में कम थी, वहीं इस लोक सभा चुनाव में 1000 पुरुषों की तुलना में  1024 महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुए सफल निर्वाचन में फ्रंटलाइन वर्करों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ को देश मे बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का अवॉर्ड दिया गया है। इसमें हमारे प्रशासनिक अमले का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हम सभी के लिए गर्व की बात है।
    कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष सुश्री रीता शांडिल्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान एक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य दोनों है। मतदान के माध्यम से हम अपने देश के भविष्य को आकार देते हैं और विकास की दिशा को तय करते है। इसलिए सभी नागरिकों को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए और देश के समग्र विकास में योगदान देना चाहिए। राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रत्येक मतदाता का मत महत्वपूर्ण है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री पी एस ध्रुव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
    मतदाता दिवस के अवसर पर उपस्थित  सभी लोगों को मतदाता शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में नव मतदाताओं, सर्विस वोटरों और निर्वाचन कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।  रायगढ़ कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल को प्रदेश में लोकसभा निर्वाचन 2024 में सर्वाधिक 81.66 प्रतिशत मतदान कराए जाने, दुर्ग कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी को शहरी क्षेत्र होने के बावजूद विगत लोकसभा चुनाव की तुलना में वर्ष 2024 में लोकसभा निर्वाचन में मतदान प्रतिशत में 2.48 प्रतिशत वृद्धि, दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी को धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र होते हुए भी विगत लोकसभा निर्वाचन की तुलना में लोकसभा निर्वाचन 2024 में 10.39 प्रतिशत वृद्धि के लिए उत्कृष्ट जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में सम्मानित किया गया। रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह को लोकसभा निर्वाचन 2024 के दौरान मतदान दलों का प्रशिक्षण कार्य उत्कृष्ट तरीके से संपन्न कराने, राजनांदगांव जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरुचि सिंह को गुणवत्ता पूर्ण स्वीप गतिविधियां आयोजित करने और मुंगेली जिले के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पांडे को प्रवासी मजदूरों को मतदान के लिए प्रेरित करने संबंधी स्वीप गतिविधियों के लिए स्पेशल अवार्ड से सम्मानित किया गया।
    कार्यक्रम में उत्कृष्ट राष्ट्रीय स्तरीय मास्टर ट्रेनर पुरस्कार हेतु  श्री यू एस अग्रवाल, श्री प्रणव सिंह, पुलक भट्टाचार्य, श्री सुनील शर्मा, श्रीमती गीता दीवान, डॉ. के.आर.आर सिंह, श्री उज्ज्वल पोरवाल को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उत्कृष्ट राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर के लिए श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री विनय अग्रवाल, श्री रूपेश कुमार वर्मा, श्रीमती शारदा अग्रवाल, श्री विनोद अगलावे, श्री असीम थवाईत को पुरस्कृत किया गया। लोकसभा निर्वाचन-2024 में उत्कृष्ट उप जिला निर्वाचन अधिकारी के  रूप में पुरस्कृत अधिकारियों  में रायपुर उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री उमाशंकर बंदे, सरगुजा उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सुनील नायक, सुकमा उप जिला निर्वाचन श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर शामिल है। उत्कृष्ट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी  पुरस्कार हेतु संभागवार दुर्ग संभाग जिला राजनांदगांव से श्रीमती इंदिरा नवनी सिंह, रायपुर संभाग के धमतरी जिले से डॉ. विभोर अग्रवाल, बस्तर संभाग से कोेण्डागांव जिले से श्री अंकित चौहान, सरगुजा संभाग के सूरजपुर जिले से श्रीमती ललिता भगत एवं बिलासपुर संभाग अंतर्गत बिलासपुर जिले से श्री बजरंग वर्मा को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उत्कृष्ट 5 सहायक  निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को भी संभागवार सम्मानित किया गया ।मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के उत्कृष्ट सम्पादन हेतु निर्वाचन पर्यवेक्षक , संभागवार 5 सहायक प्रोग्रामर, 5 डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, 8 बूथ लेवल ऑफिसर को सम्मानित किया गया ।

    निर्वाचन कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारी होंगे सम्मानित
    रायपुर /शौर्यपथ /राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के विवेकानंद सभागार में 25 जनवरी को प्रातः 11 बजे से राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह के मुख्य आतिथ्य में राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।कार्यक्रम में निर्वाचन कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि रायगढ़ कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल को प्रदेश में लोकसभा निर्वाचन 2024 में सर्वाधिक 81.66 प्रतिशत मतदान कराए जाने, दुर्ग कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी को शहरी क्षेत्र होने के बावजूद विगत लोकसभा चुनाव की तुलना में वर्ष 2024 में लोकसभा निर्वाचन में मतदान प्रतिशत में 2.48 प्रतिशत वृद्धि, दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी को धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र होते हुए भी विगत लोकसभा निर्वाचन की तुलना में लोकसभा निर्वाचन 2024 में 10.39 प्रतिशत वृद्धि के लिए उत्कृष्ट जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में सम्मानित किया जाएगा। रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह को लोकसभा निर्वाचन 2024 के दौरान मतदान दलों का प्रशिक्षण कार्य उत्कृष्ट तरीके से संपन्न कराने, राजनांदगांव जिले की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  सुश्री सुरुचि सिंह को गुणवत्ता पूर्ण स्वीप गतिविधियां आयोजित करने और मुंगेली जिले के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पांडे को प्रवासी मजदूरों को मतदान के लिए प्रेरित करने संबंधी स्वीप गतिविधियों के लिए स्पेशल अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।

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