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बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रख आचार संहिता पर चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री जी चिंतन करें-सूरज उपाध्याय, AAP
रायपुर/शौर्यपथ /आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू जी ने कहा है कि प्रदेश सरकार राज्य में समय पर नगरीय निकाय चुनाव व पंचायत चुनाव करवाने में विफल रही। नगरीय निकाय और पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्य सरकार ने सभी जगह प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं और अब जब बच्चों के वार्षिक परीक्षाओं का समय आने वाला है तब सरकार चुनाव के लिए आचार संहिता लगाने वाली है। चुनाव में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी,कभी शिक्षक ट्रेनिंग, कभी वोटिंग के लिए और कभी काउंटिंग के लिए जायेंगे। जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। साथ ही इसी समय ही 10 वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा, NEET, जी की तैयारी और बहुत सारे इंट्रेस एग्जाम की तैयारी करतें हैं, अभी आचार संहिता लगाने से जिससे निश्चित ही बच्चों का पूरा शिक्षा सत्र प्रभावित होगा। इस बारे में चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री जी को विचार करना चाहिए।
वहीं आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी सूरज उपाध्याय जी का कहना है कि प्रदेश में 20 जनवरी से 28 जनवरी तक प्री बोर्ड परीक्षा होने वाली है। चुनाव में लगभग 2 लाख शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी। और जबकि प्रदेश में 56 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं स्पष्ट है की सभी स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी है। उस पर अगर शिक्षकों कीचुनाव हेतु ड्यूटी लग जाएगी तो उनकी इस वर्ष की शिक्षा बाधित होगी।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी बच्चों की शिक्षा को लेकर बहुत गंभीर है और चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री जी से अपेक्षा करती है कि बच्चों के भ This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. विष्य को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव हेतु आचार संहिता अभी ना लगाते हुए गर्मी की छुट्टी में चुनाव करवाएँ।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैबिनेट के सदस्यों के साथ सुनी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात'
'मन की बात ' सुनने वालों में नई ऊर्जा और उत्साह का करती है संचार
'मन की बात' में छत्तीसगढ़ के गुरुघासीदास तमोरपिंगला टाइगर रिजर्व की चर्चा भी
रायपुर /शौर्यपथ //मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की रेडियो वार्ता "मन की बात" सुनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 'मन की बात' कार्यक्रम में हर बार कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है। यह कार्यक्रम वास्तव में देशवासियों की उपलब्धियों, मानवता की सेवा के कार्यों और नवाचार की जानकारियों का अनूठा संगम है, जहां प्रधानमंत्री जी की ज्ञान, विज्ञान की बातें, स्वस्फूर्त रूप से देशवासियों के देश के लिए समर्पित होकर किए जा रहे कार्यों और नई नई जानकारियां सुनने वालों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है।
'मन की बात' में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के गुरुघासीदास तमोरपिंगला टाइगर रिजर्व की चर्चा करते हुए कहा कि ये हम सभी के लिए बहुत खुशी की बात है कि बीते दो महीनों में हमारे देश में दो नए टाइगर रिजर्व जुड़े हैं। इनमें से एक है छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व और दूसरा है –मध्यप्रदेश में रातापानी टाइगर रिजर्व।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की उपलब्धियों, युवाओं द्वारा शुरू किए गए स्टार्ट अप, महिला सशक्तिकरण के सफल प्रयासों का उल्लेख किया। देश की महान विभूतियों स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाषचंद बोस से युवाओं को प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की बात कही। प्रधानमंत्री ने मन की बात में देशवासियों से कहा कि हम सभी अपने अपने काम से अपने देश को हर दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ बनाने का प्रयास करते रहें।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में भारतीय गणतंत्र की 75वीं वर्षगाँठ पर संविधान सभा की सभी महान विभूतियों को नमन किया। उन्होंने मन की बात में बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के संविधान सभा में परस्पर सहयोग, डॉ० राजेंद्र प्रसाद जी के मानवीय मूल्यों के प्रति देश की प्रतिबद्धता और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अवसर की समानता पर प्रेरणादायक संबोधन के अंश उनकी आवाज में सुनवाए।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज के महाकुंभ में युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि जब युवा-पीढ़ी अपनी सभ्यता से गर्व के साथ जुड़ती है, तो उसकी जड़ें और भी मजबूत होती है जिससे उसका स्वर्णिम भविष्य भी सुनिश्चित हो जाता है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ समता और समरसता का संगम और विविधता में एकता का उत्सव है।
प्रधानमंत्री ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा पर्व की 11 जनवरी को पहली वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिन लाखों राम भक्तों ने अयोध्या में रामलला के साक्षात दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि हमें विकास के रास्ते पर चलते हुए, अपनी विरासत को भी सहेजना है और उनसे प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है।
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अमर शहीद गेंदसिंह के 20 जनवरी को शहादत दिवस पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आजादी के लिए बलिदान देने वाले अमर शहीद गेंदसिंह को याद करते हुए कहा कि सन् 1857 में हुए देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से काफी पहले ही गेंदसिंह जी ने अंग्रेजों की गुलामी और शोषण के विरूद्ध आवाज उठाई थी। बस्तर के आदिवासी भाई-बहनों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले नेतृत्वकर्ता शहीद गेंदसिंह को 20 जनवरी 1825 को परलकोट के महल के सामने फांसी दी गई थी। अपने स्वाभिमान तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए गेंदसिंह शहीद हो गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि परलकोट के मुक्ति आंदोलन के नायक गेंदसिंह का मातृभूमि की मुक्ति के लिए दिया गया अविस्मरणीय बलिदान हम सभी को देशसेवा के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणा देते रहेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान करने पूरी तरह प्रतिबद्ध - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा
अनुबंध छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर होगा साबित
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्रदान करने के उद्देश्य से आज शहीद स्मारक ऑडिटोरियम, रायपुर में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन एवं कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग के सचिव श्री एस भारतीदासन ने सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन, सीआईआई यंग इंडियंस और अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संचालक तकनीकी शिक्षा और रोजगार श्री ऋतुराज रघुवंशी, अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट डॉ प्रीतसिंह, सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट श्री मनो विराज सिंह, वाईस प्रेजिडेंट और सीआईआई यंग इंडियंस के चेयर पर्सन श्री गौरव अग्रवाल के अलावा अन्य अधिकारी कर्मचारी और विभिन्न संस्थान के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
अनुबंध निष्पादन समारोह के अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के कौशल विकास और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज का यह अनुबंध छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होगा। हमारा उद्देश्य केवल युवाओं को नौकरी देना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा कौशल प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकें। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर छात्र चाहे वह आईटीआई से हो इंजीनियरिंग कॉलेज से हो या पॉलीटेक्निक से उसके पास रोजगार का उचित अवसर हो। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि रोजगार के लिए पंजीकृत छात्रों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और यह केवल राज्य के हित में उपयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि अनुबंध के तहत जो भी सेवाएं प्रदान की जाएंगी, वे पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएंगी।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से सीजी रोजगार पोर्टल पर पंजीकरण करने की अपील करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर युवा को उसकी क्षमता और योग्यता के अनुरूप एक सही दिशा मिले। युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए यह सरकार हर संभव प्रयास करेगी। अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड, सीएसआरबॉक्स और सीआईआई यंग इंडियंस जैसे साझेदारों के साथ मिलकर राज्य में रोजगार और कौशल विकास का एक नया युग शुरू हो रहा है। आईबीएम द्वारा फ्री ऑफ कॉस्ट सर्टिफिकेशन कोर्स करवाया जाएगा जो राज्य के आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में उपलब्ध होगा। इस कोर्स से छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा और कम से कम 10% छात्रों को रोजगार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि युवा अगर चाहे तो बड़े से बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार केवल एक विचार से शुरू होता है। हमें अपने युवाओं को प्रेरित करना होगा कि वे केवल वही न बनाएं जो पहले से बाजार में है, बल्कि ऐसे नए उत्पाद और समाधान तैयार करें, जो समाज के लिए उपयोगी हों। एक छोटी सोच को बड़ा लक्ष्य बनाकर ही सफलता पाई जा सकती है। इस अनुबंध के साथ सरकार ने कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक नई शुरुआत की है, जो राज्य के युवाओं को एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाएगी।
वन एवं कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार क्षमता है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसरों की आवश्यकता है। यह अनुबंध सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के युवा भी मुख्यधारा में शामिल हो सकें और अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।
स्वामित्व कार्ड पाकर मकान मालिकों और भू-स्वामियों के चेहरे खिले
छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में हुआ स्वामित्व कार्डों का वितरण
लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज महासमुंद में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में 25 भू-स्वामियों को स्वामित्व कार्ड प्रदान कर बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर लाभार्थियों को हार पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से दमक उठे और उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। लाभार्थियों ने एक स्वर में इस अभिनव योजना को ग्रामीण विकास के लिए क्रांतिकारी बताया।
महासमुंद जिले के ग्राम परसट्ठी के इंदरमन धु्रव, बुधारू साहू, और सखाराम ध्रुव सहित कई हितग्राहियों ने वर्षों से स्वामित्व अधिकार का इंतजार किया था। इंदरमन ध्रुव ने बताया, 23 साल से मैं अपने मकान में निवास कर रहा था, लेकिन स्वामित्व अधिकार के अभाव में कई योजनाओं का लाभ नहीं ले पाया। अब मेरे परिवार के लिए यह किसी उपहार से कम नहीं है। स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्ति के मालिकाना दस्तावेज प्रदान किए जा रहे हैं। ग्रामीण नागरिक इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंकों के माध्यम से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। यह योजना आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
गौरतलब है कि देश के अब तक 3.17 लाख गांव में ड्रोन सर्वे पूरा किया गया है एवं 1.49 लाख गांव के लिए 2.19 करोड़ सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। छत्तीसगढ़ के सभी आबादी गांव में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है एवं 1384 गांवों में 1.84 लाख सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। स्वामित्व योजना का उद्देश्य भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार प्रदान करना है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि देशव्यापी स्वामित्व कार्ड वितरण के अंतर्गत आज छत्तीसगढ़ राज्य के 10 जिलो में स्वामित्व कार्ड का वितरण की शुरूआत की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले में 128 गांवों के 10 हजार 850 लोगों को स्वामित्व कार्ड का वितरण का शुभारंभ किया। इसी तरह कोरबा जिले में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में 9 हजार, दुर्ग जिले में उप मुख्मयंत्री श्री विजय शर्मा ने 10 हजार 325, राजनांदगांव जिले में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने 548, धमतरी जिले में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने 12 हजार 716, स्वामित्व कार्डों का वितरण कर इसकी विधिवत् शुरूआत की। इसी प्रकार बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पांच हजार 841, अम्बिकापुर जिले में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने 471, सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 478, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने 757, कबीरधाम जिले में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन द्वारा 7 हजार 025 स्वामित्व कार्डों का वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
जमीन संबंधित विवादों का होगा अंत - उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने भूस्वामियों को वितरित किए स्वामित्व प्रमाणपत्र
रायपुर/शौर्यपथ /स्वामित्व योजना के तहत आज कोरबा जिले के किसानों और ग्रामीणों को स्वामित्व (प्रॉपर्टी) कार्ड का वितरण उप मुख्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन लोगों ने वर्चुअली सुना। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वामित्व योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए इसे हितग्राहियों के लिए आर्थिक सुरक्षा की गारंटी बताया। उन्होंने कहा कि गाँव में आबादी भूमि में बिना कानूनी दस्तावेज के रहने वाले ग्रामीणों को उनकी जमीन का मालिकाना हक प्रदान करने के लिए स्वामित्व योजना प्रारंभ की गई है। इससे बैंक में ऋण भी मिल सकता है। कानूनी अधिकार होने से विवाद की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। इस सम्पत्ति से जीवन बदल सकता है। प्रधानमंत्री ने इसे ग्राम स्वराज को जमीन पर उतारने की पहल बताते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, आयुष्मान, पीएम आवास, पीएम सड़क योजना आदि से देश के ग्रामीणों के जीवन में आए बदलाव को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी कहते थे कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है और हमारी सरकार उन्हीं से प्रेरित होकर गाँव के विकास और ग्रामीणों के जीवन में बदलाव के लिए काम कर रही है। उन्होंने स्वामित्व योजना से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्गों के लोगों को बहुत लाभ मिलने की बात कही।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोरबा के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के कार्ड वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री बहुत संवेदनशील हैं। उन्होंने गरीबों की चिंता की है। वे गाँववालों की समस्याओं को जानते हैं और उनके निराकरण की योजना बनाते हैं। श्री साव ने कहा कि स्वामित्व योजना से जमीन संबंधी विवादों का अंत होगा। जमीन को लेकर पड़ोसी, भाई-भाई और अन्य रिश्तेदारों में अक्सर विवाद होता है। इस तरह के विवादों के निराकरण में कई पीढ़ी भी गुजर जाती है। अब आबादी भूमि में रहने वाले परिवारों को एक ऐसा कानूनी दस्तावेज मिल जाएगा, जिसमें जमीन की पूरी जानकारी होगी। इसके साथ ही इस जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड और नक्शा भी रहेगा। किसी प्रकार की हेर-फेर मुश्किल होगी। ड्रोन के माध्यम से सर्वे कर रिकॉर्ड तैयार कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में जमीन को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि हमारे प्रदेश में राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण भी किया गया है। स्वामित्व योजना से कोरबा जिले के 137 गांव के नौ हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। इससे लोग विधिवत लोन ले पाएंगे। श्री साव ने आज स्वामित्व योजना के 125 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किया। उन्होंने कार्यक्रम में कोरबा जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की दो युवतियों कुमारी छोटी और कुमारी रजनी को जिला खनिज संस्थान न्यास मद अंतर्गत अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
कार्यक्रम को विधायक श्री प्रेमचंद पटेल और कोरबा जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कँवर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ कोरबा व कटघोरा श्री अरविंद पीएम, श्री कुमार निशांत और निगमायुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
भूमि संबंधित मामलों में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग को राज्य सरकार दे रही है बढ़ावा - मुख्यमंत्री
भू-अभिलेखों को पारदर्शी और प्रभावी बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वामित्व कार्ड वितरण का किया शुभारंभ
छत्तीसगढ़ राज्य के 10 जिलों में मंत्रीगणों की उपस्थिति में स्वामित्व कार्ड का हुआ वितरण
रायपुर /शौर्यपथ /प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा और दूरदर्शी सोच के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा स्वामित्व योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मजबूती से कदम उठाया गया है। स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल है। संपत्ति का अधिकार केवल भूमि और अन्य संसाधनों के कानूनी स्वामित्व तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह व्यक्तियों और समुदायों को आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सम्मानित जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। यह अधिकार विशेष रूप से हमारे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है, इसलिए भू-अभिलेखों को पारदर्शी और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महासमुंद में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण सामरोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी स्वामित्व कार्ड के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज महासमुंद जिले के 128 गांवों के 10 हजार 850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से भूमि का मालिकाना हक सीमाओं का न सिर्फ स्पष्ट निर्धारण होगा, इससे भू-संबंधी विवादों में कमी भी आएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम भूमि संबंधित मामलों में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों को उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल मानचित्र उपलब्ध कराए जा सकें। यह बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करेगा, जिससे विकास की गति तेज होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए “सुगम एप“ विकसित किया है और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अभी 3 लाख 88 हजार नवीन प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति और मिली है। साथ ही भविष्य में भी 4 लाख नये आवासों की स्वीकृति भी मिलेगी। हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई थी। राज्य में अभी आवास प्लस 2024 में सर्वे का कार्य प्रारम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि अब ढाई एकड़ सिंचित या 5 एकड़ असिंचित जमीन तथा जिनके पास टू व्हीलर होगा, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज देशव्यापी स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में दिल्ली से वर्चुअल रूप से जुड़े और 50 हजार गांवों में 65 लाख ग्रामीणों को उनकी काबिज भूमि का स्वामित्व कार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के लाभार्थियों को संबोधित किया और उनसे संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को प्रयागराज महाकुंभ का सहभागी बनने के लिए निमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रयागराज सेक्टर 6 अंतर्गत साढ़े 4 एकड़ क्षेत्र में भव्य पंडाल छत्तीसगढ़ वासियों के लिए निर्मित किया गया है। यहां उनके ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष 31 जनवरी तक धान खरीदी होगी। अभी तक 132 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी हो चुकी है तथा 23 लाख से अधिक किसान धान बेच चुके है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के पश्चात शीघ्र ही अंतर की राशि प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर राजस्व एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य कर ही है। सबका साथ और सबका विकास एक नारा ही नहीं एक भाव है, जिसको सार्थक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि आपके अधिकार, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रमाण है।
कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जनहित के कामों में तेजी आयी है। कार्यक्रम को विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, श्री संपत अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से 1073 गांव में सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। जिसके माध्यम से 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों का स्वामित्व कार्ड तैयार कर वितरण की शुरूआत की गई है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, श्रीमती संयुक्ता सिंह, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक परेश बागबाहरा एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
लोरमी शहर के विकास के लिए एक साल में दिए हैं 53 करोड़ रुपए - श्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री ने झाफल और बंधवा में नए विकास कार्यों की घोषणा की
रायपुर/शौर्यपथ /उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव लगातार फील्ड में उतरकर विकास कार्यों के जमीनी हालात का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने गुरूवार को मुंगेली जिले के लोरमी नगर पालिका के तुलसाघाट वार्ड में निर्मित सीसी रोड का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता को लेकर लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। श्री साव ने वार्ड में 14 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सड़क का भूमिपूजन भी किया। वहां 80 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने तुलसाघाटवासियों की मांग पर मनियारी नदी पर पुल बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने लोरमी नगर पालिका के वार्ड-15 में निर्माणाधीन सतनाम भवन का जायजा लेकर अधिकारियों को समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोरमी हाईस्कूल मैदान में 44 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि स्कूल में 25 लाख रुपए से अधिक की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जाएगा। शहर के खिलाड़ियों की सुविधा के लिए 19 लाख रुपए की लागत से अच्छी रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। लाइट लगने से मैदान में रात में भी विविध धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने लोरमी शहर के विकास के लिए पिछले एक साल में ही 53 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव अपने लोरमी प्रवास के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व माध्यमिक शाला झाफल के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने वहां सांस्कृतिक मंच का लोकार्पण भी किया। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के लिए दस लाख रुपए और झाफल गंगा नगर में नवधा रामायण मंच निर्माण के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। श्री साव दशरथलाल अमरीका बाई आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय बंधवा में युवा सम्मान एवं वार्षिकोत्सव में भी शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित कर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कार्यक्रम में एकलव्य स्कूल से दशरथलाल स्कूल तक सीसी रोड निर्माण एवं स्वेच्छानुदान से राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के लिए हुआ एमओयू
छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ पर्यावरण और नेट जीरो एमिशन के लक्ष्य को पाने की दिशा में की बड़ी पहल
छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, गेल इंडिया लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और प्रदेश के 6 नगर निगमों के बीच समझौता
350 मीट्रिक टन नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं 500 मीट्रिक टन अधिशेष बायोमास से बनेगा जैव ईंधन
06 संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 70 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस का होगा उत्पादन
रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ पर्यावरण और नेट जीरो एमिशन के लक्ष्य को पाने की दिशा में बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, गेल इंडिया लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और प्रदेश के 6 नगर निगमों के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय एमओयू संपन्न होने के अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं को इस विशेष एमओयू के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि यह कदम स्वच्छता, ऊर्जा उत्पादन और सतत विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दिलाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में आज एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ रही है। छत्तीसगढ़ में सतत योजना के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी और इसी पहल के माध्यम से देशवासियों में अपने परिवेश की स्वच्छता को लेकर व्यापक चेतना आई थी। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में स्वच्छता को लेकर बेहतर काम हो रहे हैं। नगरीय निकायों में इन संयंत्रो की स्थापना से शहरों को स्वच्छ-सुंदर बनाने का हमारा संकल्प पूरा होगा। जैव ईंधन के रूप में बायोगैस के उत्पादन से हमारी ऊर्जा की आवश्यकता भी पूरी होगी और वेस्ट टू एनर्जी की परिकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने एमओयू में शामिल सभी संस्थाओं से संयंत्र की स्थापना के कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का करने को कहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस एमओयू से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता जैसे बड़े उद्देश्य की पूर्ति के साथ-साथ रोजगार भी सृजित होंगे। भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से यह कार्य पूरा होगा और इस क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता का लाभ भी हमें मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में बड़े निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश में स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है और शहरों के लिए आज यह बहुत महत्वपूर्ण विषय हो गया है। हमारा लक्ष्य है कि नगर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बने और भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू से यह कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण होगा।
एमओयू के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस, गेल इंडिया, बीपीसीएल, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण और 06 नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सतत् योजना के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से जैव ईंधन जैसे कि कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के निरंतर प्रयास से नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, राजनांदगांव और धमतरी में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना हेतु सीबीडीए, गेल एवं बीपीसीएल के साथ आज त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इनमें नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा और सीबीडीए एवं गेल इंडिया लिमिटेड के बीच तथा नगर पालिक निगम बिलासपुर, धमतरी, राजनांदगांव और सीबीडीए एवं भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच समझौता हुआ।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
इस एमओयू के माध्यम से 6 नगर पालिक निगमों के लगभग 350 मीट्रिक टन प्रतिदिन नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं लगभग 500 मीट्रिक टन अधिशेष बायोमास का उपयोग जैव ईंधन उत्पादन के लिये किया जावेगा। इन 06 संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 70 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन होगा। इन परियोजनाओं में लगभग 600 करोड़ रुपये का निवेश पूर्ण रूप से GAIL और BPCL द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार संयंत्रों से होने वाले उत्पादन और बिक्री से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 6 करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त होगा।
स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और नेट जीरो एमिशन की दिशा में अग्रसर होगा प्रदेश
एमओयू के फलस्वरूप संयंत्रों की स्थापना से उत्पन्न सह-उत्पाद से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। कचरे के प्रभावी निपटान से ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी आएगी और छत्तीसगढ़ नेट जीरो एमिशन प्राप्ति की दिशा में अग्रसर होगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
