August 21, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6098)

    तीन जिलों में प्रगतिरत कार्यों का करेंगे परीक्षण, समीक्षकों के मोबाइल नम्बर पर साझा कर सकते हैं शिकायतें
      रायपुर/शौर्यपथ / प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माणाधीन कार्यों में तृतीय स्तर के गुणवत्ता परीक्षण के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। वे प्रदेश के तीन जिलों का दौरा कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों का परीक्षण करेंगे। संबंधित जिले के राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर प्रगतिरत सड़कों की गुणवत्ता के संबंध में शिकायत साझा की जा सकती है।
      राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक श्री विजेन्द्र कुमार (मोबाइल नम्बर 9939234345 एवं 8709213282) 21 जनवरी को गरियाबंद जिले में सड़कों की गुणवत्ता का परीक्षण करेंगे। श्री नुरुल एन. इशरत (मोबाइल नम्बर 9006457159) 20 जनवरी को सुकमा जिले में सड़कों की गुणवत्ता जांचेंगे। श्री बिनय कुमार सिन्हा (मोबाइल नम्बर 9430320975) 21 जनवरी को राजनांदगांव जिले में सड़कों की गुणवत्ता की समीक्षा करेंगे।

    छत्तीसगढ़  से 20 लाख 28 हजार से  अधिक  प्रश्न
    रायपुर/शौर्यपथ/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विद्यार्थियों से "परीक्षा पे" चर्चा  करेंगे। यह  कार्यक्रम 29 जनवरी को नई  दिल्ली  के  भारत मंडपम में सवेरे  11 बजे से   शुरू होगा।
       इस बार छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों और शिक्षकों में प्रश्न पूछने के मामले में रिकॉर्ड बनाया है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जहां से सबसे अधिक प्रश्न पूछे गए हैं। छत्तीसगढ़ को दिए  गए 10 लाख 25 हजार 389  लक्ष्य  के  विरुद्ध 20 लाख 28 हजार 864 प्रश्न  पूछे  गए  हैं। इसके लिए 14 जनवरी तक विद्यार्थियों और शिक्षकों से उनके प्रश्न मंगाए गए थे। कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के बच्चों की दर्ज संख्या के आधार पर राज्यों को प्रश्न पूछने के लिए लक्ष्य दिए गए थे। छत्तीसगढ़ को दिए गए लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 200% प्रश्न पूछे गए। इसके लिए छत्तीसगढ़ के समग्र शिक्षा की ओर से अधिक से अधिक प्रश्न पूछने के लिए इस कार्यक्रम का प्रचार प्रसार किया गया था। प्रश्न पूछने वालों में छत्तीसगढ़ पहले, उड़ीसा दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्कूली बच्चों और शिक्षकों और अभिभावकों के साथ परीक्षा  को उत्सव की तरह मनाने और विद्यार्थियों को परीक्षा का तनाव दूर करने के लिए सीधा संवाद स्थापित करेंगे। यह कार्यक्रम 29 जनवरी को सवेरे 11:00 बजे भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इससे देशभर के विद्यार्थी वर्चुअल जुड़ेंगे।
       परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में सहभागिता के लिए शिक्षा विभाग के सचिव ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर इस कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि यह समय है कि जब परीक्षाओं को हम सब एक उत्सव के रूप में मनाए।  विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए प्रेरित करें।
        परीक्षा पे  चर्चा कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन न्यूज़, दूरदर्शन भारत, यूट्यूब और अन्य निजी चैनल के माध्यम से उपलब्ध रहेगा। इसके लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम और जिला शिक्षा अधिकारियों के मध्य समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम का प्रचार प्रसार करने के लिए कहा गया है।

    'सुशासन से समृद्धि की ओर' थीम पर आधारित है छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष का कैलेंडर
    क्यू आर कोड के नए फीचर्स ने कैलेंडर को बनाया खास
    मुख्यमंत्री के वीडियो संदेश के साथ ही शासन की उपलब्धियों की भी मिलेगी जानकारी
       रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष 2025 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया।  कैलेंडर के कवर पेज में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की फोटो के साथ 'सुशासन से समृद्धि की ओर' के मूलमंत्र को दर्शाया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के वार्षिक कैलेंडर में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ वासियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को दिखाया गया है। विमोचन के अवसर पर कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम और लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत उपस्थित थे।
              मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि 'सुशासन से समृद्धि' के मूलमंत्र पर आधारित यह कैलेंडर हमारे शासन की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का प्रतीक है। इसमें हमने राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाहित किया है, जो छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास के नए आयामों तक ले जाएंगी। उन्होंने मकर संक्रांति के पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह साल हमारे प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली का स्वर्णिम वर्ष होगा।
    क्यूआर कोड के नए फीचर्स ने कैलेंडर को बनाया खास
     रजत जयंती वर्ष 2025 के कैलेंडर में कुछ नए फीचर्स को समाहित किया गया है जिसने इसे और आकर्षक बना दिया है। कैलेंडर के प्रत्येक माह में एक क्यूआर कोड दिया गया है, जिसमें उस माह के विशेष अवसरों पर आधारित मुख्यमंत्री के वीडियो संदेश को सुना जा सकता है। इसी के साथ ही नए संदेश और शासन की उपलब्धियों की जानकारी निरंतर मिलती रहेगी। कैलेंडर के प्रत्येक माह के लिए उस महीने का क्यू आर कोड ही एक्टिव रहेगा। इसके साथ ही कैलेंडर के प्रत्येक पेज में छत्तीसगढ़ से जुड़े प्रमुख तथ्य के बारे में भी बताया गया है।
    कैलेंडर के प्रत्येक माह में दिखेगी शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की झलक
     शासकीय कैलेंडर के जनवरी माह में छत्तीसगढ़ सरकार की  श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अयोध्या और काशी की निःशुल्क यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं की तस्वीर दिखाई गई है। इस योजना से बड़ी संख्या में प्रदेश के लोगों को प्रभु श्री राम के दर्शन का लाभ मिल रहा है।
         इसी तरह फरवरी माह में राजिम कुंभ कल्प के वैभव की तस्वीर को साझा किया गया है। वहीं मार्च माह में 70 लाख माताओं-बहनों की खुशियों को
    दर्शाती तस्वीर है, जिनके जीवन में महतारी वंदन योजना से बड़ा बदलाव आया है। कैलेण्डर के अप्रैल माह में वनांचल में रहने वाले लोगों के जीवन में तेंदूपत्ता संग्रहण से आए बदलाव की तस्वीर है। शासन ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक दर को 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए कर दिया है।
    मई माह में श्रमिकों के सम्मान में चलाई जा रही वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना की तस्वीर है। इस योजना के माध्यम से श्रमिकों के लिए 5 रुपए में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जून के महीने में स्कूली बच्चों की तस्वीर साझा की गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू किए जाने और 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
             इसी तरह जुलाई के महीने में किसानों की समृद्धि के लिए संचालित कृषक उन्नति योजना के बारे में जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ के किसान की खुशहाली की तस्वीर को प्रदर्शित किया गया है। अगस्त माह में देश की सुरक्षा में तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ मुख्यमंत्री की तस्वीर दिखाई गई है। सितंबर  माह में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्के घर का सपना पूरा हो रहे खुशहाल हितग्राहियों की तस्वीर है। इन दोनों ही योजनाओं से विशेष पिछड़ी जनजातियों और गरीब परिवारों को आवास मुहैया हो रहा है। अक्टूबर माह में बस्तर   संभाग की खुशहाली और बदलती हुई तस्वीर को साझा किया गया है। बस्तर ओलंपिक की इस तस्वीर में तीरंदाजी में हाथ आजमाते युवा अपने सुरक्षित भविष्य का सपना गढ़ रहे हैं। इसी तरह नवंबर माह में धान खरीदी महापर्व के गौरव को दिखाया गया है। वही दिसंबर माह में शासन की नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से दूरस्थ आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास और क्षेत्र में शांति स्थापना के संकल्प को प्रदर्शित किया गया है।

    दंतेवाड़ा जिले में होगा जू पार्क का निर्माण: सभी लैंप्स में जैविक खाद किए जाएंगे उपलब्ध
    बचेली प्रवास में मुख्यमंत्री ने 160 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्यो का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
    रायपुर /शौर्यपथ / माओवादी खून खराबे और आतंक के पक्षधर हैं, हम विकास और सद्भाव के लिए काम कर रहे हैं। अब बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब विकास का शंखनाद सुनाई देता है। जहां कभी बेकारी और लाचारी थी, वहीं इस जिले के ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। हम माओवाद को जड़ से खत्म करके ही दम लेंगे। हमारे शहीद जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल बचेली में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास कार्यक्रम  को संबोधित करते हुए यह बात कही।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए हम विजन 2047 छत्तीसगढ़ के  अंतर्गत विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल, बड़े बचेली में हमने 160 करोड़ रूपये के 501 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इनमें 49 करोड़ रूपये के 367 कार्यों का लोकार्पण और 112 करोड़ रूपये के 134 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही इस मौके पर हमने 114 करोड़ रूपये के हितग्राही मूलक कार्यों का चेक और सामग्री का वितरण भी कर रहे हैं। आज जिन बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है, उनमें गीदम ब्लाक के छिन्दनार से बड़ेकरका मार्ग पर 33 करोड़ रूपये का पुल, जिले के सभी विकासखंडों में एक करोड़ रूपये से बने पुल-पुलिया, गीदम, कुआकोंडा, कटेकल्याण मार्ग का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण शामिल है।इसके अलावा मोर मकान-मोर आवास के अंतर्गत सवा सात करोड़ रूपये की लागत से 321 हितग्राहियों के लिए बने पक्के मकानों की चाबी भी हमने सौंपी है।     जलावर्धन और जलशोधन संयंत्र स्थापना के लिए किरंदुल में करीब 45 करोड़ और बारसूर में 15 करोड़, दंतेवाड़ा में अंतरराज्यीय बस स्टैंड और दंतेवाड़ा जिले के सभी विकासखंडों में आश्रम भवन निर्माण कार्यों के लिए हमने अभी भूमिपूजन किया है।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप सबको पता है कि हमारी सरकार ने सुशासन के एक साल पूरे कर लिये हैं। इस एक साल के दौरान मोदी जी की गारंटी को हमने पूरी गारंटी के साथ पूरा किया है।     हमारी सरकार ने पहली बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जिसमें करीब 1 लाख 65 हजार लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन की सराहना यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मन की बात में भी की।    हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को हमारी सरकार 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा दे रही है। इससे वनवासियों के जीवन स्तर में बदलाव दिखने लगा है। नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित सभी 765 किसानों को 48 लाख रूपये का पावर स्प्रेयर, 1 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से पॉवर ट्रिलर जल्द ही वितरण करने की तैयारी कृषि विभाग ने की है।    नियद नेल्लानार योजना के तहत 1200 परिवारों को निःशुल्क मोबाइल फोन का वितरण किया जा रहा है। इससे दूरस्थ अंचल के ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। सुदूर अंचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जन सुविधा एक्सप्रेस अभियान के तहत करीब 4 करोड़ रूपये की लागत से 37 वाहन महिला समूहों और युवा संगठनों के माध्यम से संचालित हैं।  
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि    यहां माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति है। यह इस बात का प्रमाण है कि इनके खाते में हर महीने एक-एक हजार रूपये सांय-सांय जा रहा है। अभी हाल ही में हमने इस साल के पहले दिन ही माता-बहनों के खाते में रूपये जमा कराया। इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला है।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय के विकास का जो सपना देखा था। उसे हम सब मिलकर पूरा करने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा। हर नागरिक का पक्का मकान होगा। इसी कड़ी में हमारी सरकार बनते ही हमने 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 88 हजार आवासों की स्वीकृति पुनः प्रदान की है।  
    मुख्यमंत्री श्री साय ने आवास प्लस का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में बहुत से लोग आवास योजना के लाभान्वित होने से वंचित हुए थे इसके साथ ही वाहन, आय और भूमि संबंधी अन्य संसाधनों होने के साथ ही वे आवास योजना के दायरे से बाहर में थे उनके लिए आवास प्लस योजना के तहत सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया हैं। और शीघ्र ही उन्हें सूची में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि वहीं 2.5 एकड़ सिंचित एवं 5 एकड़ असिंचित भूमि वाले किसान भी आवास योजना के लाभार्थी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि     हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है।  
    उन्होंने कहा कि दन्तेवाड़ा जिला खनिज सम्पदा और जैविक कृषि में अग्रणी जिला है। अतः क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु राज्य शासन प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही जिले में वन्य प्राणी के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से ’’जू पार्क" (चिड़ियाघर ) का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा जैविक कृषि को महत्व देने के लिए सभी लेम्पस और राशन दुकानों में जैविक खाद उपलब्ध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने दान-पुण्य के महापर्व छेरछेरा और मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
        वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में  कहा कि सरकार के एक वर्ष के नेतृत्व में दन्तेवाड़ा जिला प्रगति के पथ पर अग्रसर है । जिले में कई योजनाएं संचालित किए जा रही है जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल साबित होगी। आमसभा में सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप एवं क्षेत्र के विधायक श्री चैतराम अटामी द्वारा भी जिले के विकास कार्यो पर प्रकाश डाला गया।  इस अवसर पर  डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, एसपी श्री गौरव राय, डीएफओ श्री सागर जाधव तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    युवा महोत्सव में मुख्यमंत्री ने किया युवाओं से संवाद
         रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज युवा महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर साइंस कॉलेज स्थित दीनदयाल ऑडिटोरियम में युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सब देश और प्रदेश के भविष्य हैं। एक सपना लेकर कि आप किस रूप में देश और प्रदेश की सेवा करना चाहते है, उसको हासिल करने के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से पढ़ाई करें। छत्तीसगढ़ राज्य में तकनीकी, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट से संबंधित उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान हैं। प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी के लिए रायपुर में नालंदा परिसर युवाओं के चौबीसों घण्टे खुला है। नालंदा परिसर की तर्ज पर राज्य के अन्य जिलों में भी हाईटेक लायब्रेरी की स्थापना हम कर रहे है, जहां ऑनलाईन-ऑफलाईन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मटेरियल उपलब्ध होंगे।
    मुख्यमंत्री ने बस्तर अंचल के युवाओं को देश और प्रदेश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आयोजित बस्तर ओलंपिक की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस आयोजन की सराहना की है। उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद की जयंती की बधाई देते हुए कहा कि 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने सनातन धर्म के आदर्श, अध्यात्म और दर्शन पर अपने व्याख्यान से पूरी दुनिया को भारत का कायल बना दिया।
        मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने संवाद की शुरूआत में अंबिकापुर की अपूर्वा दीक्षित के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती है कि मन विचलित हो जाता है, परंतु हमें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अडिग रहना होता है। उन्होंने इस सिलसिले में स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़ी एक छोटी सी कहानी सुनाई और कहा कि स्वामी विवेकानंद बनारस में एक सन्यासी के साथ जा रहे थे, उसी समय बहुत सारे बंदरों ने स्वामी जी को घेर लिया, ऐसी स्थिति में स्वामी जी न तो डरे न ही अपनी जगह से डिगे। इसका परिणाम ये हुआ कि सारे बंदर भाग गए। उन्होंने युवाओं को आह्वान किया कि हमें भी अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अडिग रहना है। दृढ़संकल्प से सारी समस्याओं का समाधान निकलेगा।
        मुख्यमंत्री श्री साय ने रायगढ़ के ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी की छात्रा श्रुति के सवालों के जवाब में कहा कि हमें सफलता के लिए अपना एक क्षेत्र चुनकर पूरी दृढ़ता और मनोयोग के साथ प्रयास करने से सफलता मिलती है। बस्तर में शांति और विकास के संबंध में राजकुमार कुरेटी के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के नक्सल प्रभावित पांच जिलों में सुरक्षा और विकास को लेकर सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। इन जिलों में 39 सुरक्षा कैम्प की स्थापना और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से लोगों को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प है। जिस प्रतिबद्धता और रणनीति के साथ नक्सलवाद के समूल खात्मे के लिए हमारी सरकार काम कर रही है, उससे हमें लगता है कि हम इस लक्ष्य को निर्धारित समयवधि से पहले ही प्राप्त कर लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति और विकास की स्थापना के लिए वहां के लोग भी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे है। बस्तर ओलंपिक के आयोजन में लाखों युवाओं की भागीदारी इस बात को प्रमाणित करती है।
        बलौदाबाजार की छात्रा मृणाल वाजपेयी द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय से उनके मुख्यमंत्री बनने तक के सफर के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जशपुर के एक छोटे से गांव बगिया के रहने वाले है। आज उनके गांव की आबादी लगभग ढाई हजार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह 10 साल के थे, तभी पिताजी का साया उनके सर से उठ गया। परिवार की पूरी जिम्मेदारी माता जी के ऊपर आ गयी। माता जी निडर महिला है बड़े धैर्य और निडरता से जिम्मेदारी सम्हाली। हमारे  पालन-पोषण, पढ़ाई के साथ-साथ खेती-बाड़ी और घर का काम उन्होंने सम्हाला। माता जी को हमने अपना रोल मॉडल माना। बड़ा होने के नाते घर की जिम्मेदारी हमने अपने ऊपर ली। जिस समय पिता जी का स्वर्गवास हुआ उस समय मेरा छोटा भाई मात्र दो माह का था। छोटे भाईयों को पढ़ाया, लिखाया। हमने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत पंच से की। पांच साल पंच रहे। गांव के लोगों ने हमारे अच्छे काम और ईमानदारी को देखकर हमें निर्विरोध सरपंच चुना। छह माह बाद ही विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिली और 1990 में तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बना। मुख्यमंत्री ने फिर अपने सांसद बनने, पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्री मंडल में राज्य मंत्री और मुख्यमंत्री बनने तक के सफर का उल्लेख किया और कहा कि उन्हें जब भी कोई जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी उनके रोल मॉडल रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ काम करने के अवसर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जिस तरीके से निर्णायक फैसले लिए है, वे मेरे ही नहीं, नई पीढ़ी के भी रोल मॉडल हैं।
        इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री  श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा, विधायक श्री राजेश मूणत एवं गुरु खुशवंत साहेब, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि प्राप्त युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    हसदेव नदी के किनारे मिला 28 करोड़ साल पुराना समुद्री जीवाश्म
       रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़  के मनेंद्रगढ़ जिला अब इतिहास, पुरातत्व और प्रकृति प्रेमियों के लिए नया आकर्षण  का  केंद्र बनने जा रहा है। यहां हसदेव नदी के किनारे 28 करोड़ साल पुराना समुद्री जीवाश्म मिला है। प्रदेश सरकार इसे एक मैरीन फॉसिल्स पार्क के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। यह पार्क न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे एशिया का गौरव बनने वाला है।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने इस विषय पर गहरी रुचि दिखाते हुए इसे नए सिरे से आगे बढ़ाने का कार्य प्रारंभ किया है। राज्य सरकार ने जीवाश्मों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित करने और मनेंद्रगढ़ को एक प्रमुख वैज्ञानिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया  जा रहा है।
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मनेंद्रगढ़ में 28 करोड़ साल पुराना समुद्री जीवाश्म मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। यह न केवल वैज्ञानिक शोध का केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटन से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। राज्य सरकार अपनी प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने और उनका विकास करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
    मैरीन फॉसिल्स पार्क के रूप में विकसित होने के बाद यह क्षेत्र एक बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट के रूप में पर्यटकों और वैज्ञानिकों के लिए खुल जाएगा। यहां आने वाले सैलानी करोड़ों साल पुराने जीवों की उत्पत्ति और उनके विकास की कहानी को देख और समझ सकेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इस परियोजना को विशेष महत्व दे रही है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया कोलकाता और बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट लखनऊ की टीमों ने इस क्षेत्र का अध्ययन कर इसकी संभावनाओं का जायजा लिया है।
    पुरातत्व विभाग  के  नोडल   अधिकारी  डॉ  विनय  कुमार  पांडेय  ने  बताया कि यह एशिया का सबसे बड़ा जीवाश्म है। देश-विदेश से वैज्ञानिक पुरातत्ववेत्ता यहां अध्ययन करने आएंगे। कार्बन डेटिंग से पता चला कि यह 28 करोड़ साल पुराना है। पहले 1954 में इसकी खोज डॉ. एसके घोष ने की। फिर ईएसआई व लखनऊ बीरबल की टीम ने लगातार इस पर सर्वे किया।
    वैज्ञानिकों के अनुसार 28 करोड़ वर्ष पूर्व वर्तमान हसदेव नदी के स्थान पर एक ग्लेशियर था। जो बाद में श्टाथिसश् नामक पतली पट्टी के रूप में समुद्र में समा गया जिससे होकर समुद्री जीव-जंतु मनेन्द्रगढ़ की वर्तमान हसदेव नदी में प्रवेश कर गए। वे धीरे-धीरे विलुप्त हो गए लेकिन उनके जीवाश्म आज भी उक्त स्थल पर देखे जा सकते हैं। वर्ष 2015 में बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियो साइंसेज लखनऊ के वैज्ञानिकों ने भी इसकी पुष्टि की थी।
    जीवाश्मों के अवशेषों से यह प्रमाण मिलता है कि करोड़ों साल पहले इस क्षेत्र में समुद्र था, जो बाद में प्राकृतिक परिवर्तन के कारण हटा और इन जीवों के अवशेष पत्थरों में दबकर जीवाश्म के रूप में संरक्षित हो गए। यह एक महत्वपूर्ण खोज है जो पृथ्वी के इतिहास और परिवर्तन के बारे में हमें जानकारी प्रदान करती है। यह जीवाश्म क्षेत्र वास्तव में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और वैज्ञानिक धरोहर है, जो पृथ्वी के प्राचीन इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) द्वारा 1982 से इस क्षेत्र को नेशनल जियोलॉजिकल मोनुमेंट्स के रूप में संरक्षित किया गया है, जो इसके महत्व को दर्शाता है।

    किसान हरकचन्द साय हल्दी की कर रहे खेती  
     हल्दी की बनी रहती मांग मार्केट में हमेशा
    जशपुरनगर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार में किसानों को धान के साथ
     अन्य फसल लेने के लिए उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं से जिले के दूरस्थ अंचल के किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिसके तहत् विभाग द्वारा फल क्षेत्र विस्तार से कृषकों को लाभ देने के दिशा में अभिनव पहल किया गया है।
           उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत् कृषकों को हल्दी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना से प्रेरित होकर कांसाबेल विकासखण्ड के ग्राम रजौटी के कृषक श्री हरकचन्द साय द्वारा उद्यानिकी विभाग से उचित मार्गदर्शन लेकर 0.500 हे. में हल्दी का उत्पादन किया गया। श्री हरकचन्द साय ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत वर्ष 2023-24 में हल्दी क्षेत्र विस्तार का विभागीय लाभ लिया
             कृषक श्री हरकचन्द साय का कहना है कि उद्यान विभाग द्वारा दिये गये उचित मार्गदर्शन अनुसार हल्दी उत्पादन कार्य अच्छे ढंग से किया। समय-समय पर तकनीकी परामर्श प्राप्त करते हुए हल्दी का भरपूर उत्पादन ले रहे हैं।
     किसान ने बताया कि उत्पादित हल्दी का विक्रय अपने घर के समीप के बाजारो में किया करते हैं।
     इस वर्ष हल्दी का मांग अच्छा होने से अधिक लाभ हुआ।
     परिवार की आर्थिक स्थिति अब अच्छा हो गया है  उद्यान विभाग से तकनीकी परामर्श लेक और अधिक उत्पादन करने की बात कही।

    मुख्यमंत्री ने की रायपुर में शौण्डिक समाज के सामाजिक भवन के लिए भूमि प्रदान करने की घोषणा
    मुख्यमंत्री अखिल भारतीय शौण्डिक राष्ट्रीय सम्मेलन सह सम्मान समारोह में हुए शामिल
    रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के विधानसभा रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित अखिल भारतीय शौण्डिक राष्ट्रीय सम्मेलन सह सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शौण्डिक समाज का समृद्धिशाली इतिहास रहा है। शौण्डिक समाज के लोग व्यापार और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देकर देश की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रदेश शौण्डिक समाज के सामाजिक भवन के लिए राजधानी रायपुर में भूमि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने शौण्डिक समाज की पत्रिका छत्तीसगढ़ शौण्डिक समाचार का विमोचन भी किया।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन बहुत शुभ है।पिछले साल इसी तिथि को अयोध्याधाम में भगवान रामलला भव्य मंदिर में विराजे थे। छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ और अखिल भारतीय शौण्डिक राष्ट्रीय सम्मेलन सह सम्मान समारोह में देश भर से और विदेशों से भी छत्तीसगढ़ की धरती पर आए शौण्डिक समाज के प्रतिनिधियों का अभिनंदन करता हूँ।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि शौण्डिक समाज ने अपनी उद्यमशीलता और कर्मठता से देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। आज यहां विदेशों से भी प्रतिनिधि पहुंचे हैं वो इस बात का प्रमाण है कि दुनिया के हर कोने में आपने अपनी प्रतिभा की धाक जमाई है। अभी हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि दुनिया का ऐसा कोई कोना नहीं, जहां प्रवासी भारतीय समुदाय नहीं फैला हो।आज शौण्डिक समाज के सम्मेलन में जुटे इतने सारे प्रतिनिधियों को देखकर प्रधानमंत्री जी की कही बात यहां सार्थक प्रतीत होती है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने निर्माण के 25वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। राज्य तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। पिछले 1 साल में हमने प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी की अधिकांश बातों को पूरा किया है। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में हमने 18 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास देने का निर्णय लिया। कल केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे। उन्होंने 3 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में फिर इतने ही आवास दिए जाने का आश्वासन दिया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की कीमत पर धान खरीद रही है। हमारी सरकार ने 2 साल का बकाया बोनस किसानों को दिया है। साथ ही 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने की शुरुआत में ₹1000 की राशि महतारी वंदन योजना के तहत दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना का अभी तक 20 हजार रामभक्त लाभ ले चुके हैं। सरकार बनने से पहले हमने कहा था कि पीएससी में हुई गड़बड़ी से छात्रों के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ है हम उसकी जांच कराएंगे। सीबीआई पीएससी परीक्षाओं की जांच कर रही है। भ्रष्टाचार पर हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। जो भी दोषी है उसपर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। हमें भी छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में खड़ा करना है। छत्तीसगढ़ एक बहुत संपन्न प्रदेश है। यहां खनिज संसाधन से लेकर वन संपदा भरी पड़ी है। साथ ही यहां मेहनतकश किसान हैं। विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में आप सभी का योगदान बहुत जरूरी है। हमने प्रदेश में नई औद्योगिक नीति 2024-2030 लागू की है। नई नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ में उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। दिल्ली में हुई इन्वेस्टर समिट में आए उद्योगपतियों द्वारा छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति की बहुत सराहना की गई। इस नीति में हमने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और महिलाओं को प्राथमिकता दी है। हम सिंगल विंडो 2.0 का लाभ दे रहे हैं। शौण्डिक समाज से मैं अपील करता हूं कि आप सभी इसका लाभ उठाएं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रोजगार और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। नई शिक्षा नीति भी हमने लागू की है, जिसके तहत शिक्षा को रोजगार से जोड़ा गया है। साथ ही हम स्थानीय भाषा में भी शिक्षा दे रहे हैं। दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। जो बच्चे देश की राजधानी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, उनको यह लाभ मिलेगा। हर जिले में हम नालंदा परिसर बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि शौण्डिक समाज मजबूती के साथ समाज में अपनी भागीदारी निभा रहा है। शौण्डिक समाज में एकजुटता है। संगठित समाज ही आगे बढ़ता है, उसी की आवाज दूर तक जाती है। आगे बढ़ने के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। मैं यह अपील करना चाहूंगा कि आप सभी बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। साथ ही शौण्डिक समाज सामूहिक विवाह का आयोजन भी करे। आप सभी समाज की प्रगति में लगे हुए हैं, यह बहुत खुशी की बात है। छत्तीसगढ़ को विकसित बनाने में आप सभी का योगदान बहुमूल्य है।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हो रहा है। छत्तीसगढ़ के किसानों को 3100 रुपया प्रति क्विंटल धान का मूल्य दिया जा रहा। शौण्डिक समाज कृषि से भी जुड़ा है। शौण्डिक समाज के लोग विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे रहे हैं। मैं आप सभी का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करता हूं।
    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश शौण्डिक समाज के अध्यक्ष श्री शिवरतन प्रसाद गुप्ता, संयोजक श्री श्याम गुप्ता, हजारीबाग के विधायक श्री प्रदीप प्रसाद, श्री प्रकाश गुप्ता, श्री सुरेश गुप्ता सहित अखिल भारतीय शौण्डिक समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    छत्तीसगढ़ में किसानों को मिल रहा धान का सर्वाधिक मूल्य: राज्य में खेती का रकबा बढ़ने के साथ ही किसानों की में भी हुई है वृद्धि - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी धान के कटोरे की पहचान: मुख्यमंत्री
    इंडिया इंटरनेशनल राईस समिट कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री  
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राईस समिट 2025 में शामिल हुए। इस कार्यक्रम से केन्द्रीय खाद्य एवं वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व केन्द्र सरकार ने देश के किसानों के मान एवं सम्मान को बढ़ाने का काम किया है। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए किसान हित में फैसले लिए जा रहे है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। छत्तीसगढ़ में भरपूर मात्रा में  धान होता है। यहां के चावल का वैल्यू एडिशन और ब्राडिंग कर इसे दुनिया के बाजारों में पहुंचाने की जरूरत है। इससे किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने किसानों को उन्नत कृषि को अपनाने और पानी की कम खपत वाली फसल लेने की अपील की।
    केन्द्रीय मंत्री श्री गोयल ने आगे कहा कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर किसानों की बेहतरी तथा छत्तीसगढ़ राज्य के तरक्की के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में राईस मिलर्स प्रमोटर्स द्वारा इंडिया इंटरनेशनल राईस समिट के आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पोषणयुक्त चावल के उत्पादन पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि किसानों को उनके उत्पादों की अच्छी कीमत मिले। छत्तीसगढ़ में राईस मिलर्स प्रमोटर्स का यह आयोजन छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ-साथ प्रदेश के समृद्धि के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इंडिया इंटरनेशनल राईस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि आज के ही दिन अयोध्या धाम मंदिर में भगवान श्री रामलला विराजे थे। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्री राम का ननिहाल है। रामलला के विराजमान होने की प्रथम वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान के कटोरे छत्तीसगढ़ राज्य में इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि धान से छत्तीसगढ़ की पहचान पूरे देश में है। अब हमें इस पहचान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक ले जाना है। हमारे यहां धान की जितनी प्रजातियां हैं उतनी अन्य कहीं नही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक किसान-पुत्र हूँ। मैंने खुद अपने हाथों से हल चलाया है। मुझे खेती का अच्छा अनुभव है। इसलिए मैं ये कह सकता हूँ कि हमारे प्रदेश के गांवों में धान की इतनी प्रजातियां हैं, जिनके नाम भी सभी लोगों को नहीं मालूम होगा। जब देश आजाद हुआ उस समय मेरे दादाजी मनोनीत विधायक थे, मगर खेती से हमेशा उनका जुड़ाव रहा। वे जो धान लगाते थे, वह धान इतना खुशबूदार था कि पूरा खेत महकता था। जिस घर में चावल पकता था उसके पास से गुज़रने वालों को सुगन्ध से पता चल जाता था कि चावल बन रहा है। छत्तीसगढ़ की ऐसी प्रजातियों को सामने लाने की जरूरत है।
    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हम अपने किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य दे रहे हैं। इस वजह से राज्य में खेती का रकबा तो बढ़ा ही है, साथ ही किसानों की संख्या भी बढ़ी है। जहां पहले 24 लाख किसान पंजीकृत थे वहां अब 27 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की फसल में कम मेहनत में अच्छा फायदा किसानों को मिलता है। छत्तीसगढ़ के चावल को विदेशों को निर्यात किया जाना चाहिए। मैं निर्यातको से अपील करता हूं कि वे यहां के धान की किस्मों की जानकारी लेकर धान की निर्यात को प्रोत्साहन दे जिससे राज्य के किसान लाभान्वित हो।
    छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के हित में काम कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही मदद और उनके हित में लिए गए फैसलों से खेती में समृद्धि और किसान खुशहाली आई है। राज्य से चावल के निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मंडी शुल्क पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। किसानों की बेहतरी के लिए हम छत्तीसगढ़ को ओपन मार्केट बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने राईस मिल प्रमोटर्स से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने का अपील की।
    कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री गिरीश चंदेल, एपीडा के अध्यक्ष श्री अभिषेक देव, श्री आलोक बिसारिया, छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स प्रमोटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मुकेश जैन सहित राईस मिलर्स एवं देश के प्रतिष्ठित स्टेक होल्डर्स उपस्थित थे।

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