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एम्स रायपुर में शुरू हुई पहली शासकीय रोबोटिक सर्जरी सुविधा ‘देवहस्त’
रायपुर / शौर्यपथ /
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। शनिवार को यहां मध्य भारत की पहली शासकीय रोबोटिक सर्जरी सुविधा ‘देवहस्त’ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
नवीनतम तकनीक से सुसज्जित यह सुविधा न्यूनतम चीरा (Minimally Invasive) पद्धति पर आधारित है, जिससे सर्जरी अधिक सुरक्षित, सटीक और रोगियों के लिए कम दर्दनाक होगी। मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ, कम अस्पताल प्रवास और बेहतर उपचार परिणामों का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सुविधा राज्य को चिकित्सा शिक्षा और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और शोध में एक नया मानदंड करार दिया।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक ले. जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि ड्यूल-कंसोल दा विंची Xi सर्जिकल सिस्टम और SimNow जैसे अत्याधुनिक सिमुलेशन प्लेटफॉर्म से प्रशिक्षु चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रारंभिक चरण में यह सुविधा यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, ईएनटी और स्त्री रोग विभाग में उपलब्ध होगी।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. दिव्यज्योति मोहंती और संयोजक डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि इस सुविधा से रोगियों को महानगरों की यात्रा किए बिना ही किफायती, विश्वस्तरीय उपचार मिलेगा।
विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने बी.एससी. नर्सिंग छात्रा सुश्री ज्योत्स्ना किराड़ो को ‘देवहस्त’ नाम सुझाने के लिए सम्मानित किया।
इस पहल से छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य भारत के रोगियों को जटिल सर्जरी के लिए एक सुलभ और भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) रायपुर ने शुक्रवार को राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस का आयोजन किया। यह दिवस भारतीय फार्माकोलॉजी के जनक माने जाने वाले कर्नल सर रमनाथ चोपड़ा की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने किया। उन्होंने कहा कि कर्नल चोपड़ा ने भारत में फार्माकोलॉजी को एक वैज्ञानिक विधा के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डीन (एकेडमिक्स) प्रो. (डॉ.) एली मोहापात्रा भी मौजूद रहे।
इस आयोजन में पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज, अभिषेक मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसबीआईएमएस) और रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के फार्माकोलॉजिस्ट्स भी शामिल हुए। इससे विभिन्न संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा मिली।
फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नितिन गायकवाड़ ने स्वागत भाषण में दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके बाद अतिथियों ने कर्नल चोपड़ा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर औपचारिक उद्घाटन किया।
वैज्ञानिक व्याख्यान श्रृंखला में डॉ. योगेंद्र केचे ने कर्नल चोपड़ा के जीवन और योगदान पर विचार रखे। डॉ. सूर्यप्रकाश धनैरिया ने आवश्यक औषधियाँ और दवाओं के तर्कसंगत उपयोग विषय पर व्याख्यान देते हुए इनके सार्वजनिक स्वास्थ्य में महत्व को रेखांकित किया। वहीं, डॉ. उषा जोशी ने स्वास्थ्य सेवा और अनुसंधान में फार्माकोलॉजिस्ट्स की भूमिका विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का समापन आयोजन सचिव एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आलोक सिंह के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, छात्रों और सहयोगी संस्थानों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम की सफलता में डॉ. पुगझेंथन टी., डॉ. प्रफुल्ल थावरे, डॉ. समीर उत्तमराव खसबगे, विभाग के रेज़िडेंट्स (एसआर व जेआर) और कार्यालयीन स्टाफ की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया।
यह आयोजन न केवल कर्नल सर रमनाथ चोपड़ा के योगदान को नमन था, बल्कि फार्माकोलॉजी के क्षेत्र में तर्कसंगत दवा उपयोग, रोगी सुरक्षा और अनुसंधान की आवश्यकता पर भी बल देता है। एआईआईएमएस रायपुर ने इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
रायपुर पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कबीर नगर थाना क्षेत्र के निवासी राजकुमार मिश्रा, जो पेशे से कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े हैं, ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी नारायण सेन ने उन्हें बिना किसी अपराध और बिना शिकायत के ही जबरन गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने न केवल नागरिक अधिकारों पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है बल्कि पुलिस की जवाबदेही पर भी बहस छेड़ दी है।
शिकायत का विवरण
राजकुमार मिश्रा ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी है। उनके अनुसार,17 अगस्त 2025 को कुछ लोगों के इशारे पर उन्हें थाने बुलाया गया।थाने में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद जबरन मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया। डॉक्टर ने बीपी अधिक होने की वजह से परीक्षण से इनकार किया, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें थाने में बैठाकर घंटों परेशान किया।बाद में उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहाई मिली।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वे नशा नहीं करते और उनका सामाजिक एवं व्यावसायिक जीवन पूरी तरह साफ-सुथरा है। इसके बावजूद पुलिस ने किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में झूठा मामला दर्ज कर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
मानसिक और सामाजिक आघात
राजकुमार मिश्रा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण ने उन्हें मानसिक रूप से आहत किया है। समाज में उनकी छवि खराब हुई है, जिससे व्यवसाय पर भी असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक और कानूनी पहलू
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति निर्दोष होते हुए भी इस तरह पुलिस की मनमानी का शिकार होता है तो यह न केवल संविधान प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है बल्कि पुलिस की जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न उठाता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो पुलिसकर्मी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ फौजदारी अपराध के तहत भी कार्रवाई संभव है।
पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
निष्कर्ष : यह घटना एक बार फिर उस मूलभूत सवाल को सामने लाती है कि –"क्या आम नागरिक अपने अधिकारों के संरक्षण को लेकर पुलिस पर भरोसा कर सकते हैं, और क्या मनमानी के खिलाफ उन्हें न्याय मिल पाएगा?"
राज्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा यह अभियान
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में “आदि कर्मयोगी अभियान” 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ सहित देशभर के अनेक राज्यों में संचालित हो रहे इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित किया जाना है, अतः इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के 28 जिलों, 128 विकासखंडों और 6,650 आदिवासी बहुल ग्रामों को शामिल किया गया है। अभियान के संचालन हेतु ग्राम स्तर पर 1,33,000 से अधिक कैडर (एनजीओ, स्वयंसेवी, पंचायत प्रतिनिधि, युवा एवं सेवाभावी संगठन) तैयार किए जाएंगे। ये कैडर आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास की योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक चयनित ग्राम में “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगा। पूरे अभियान के दौरान ‘आदि सेवा केंद्र’ के माध्यम से ‘सेवा पर्व’ और ‘आदि कर्मयोगी सेवा अभियान’ का संचालन किया जाएगा। इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
आदिम जाति विकास तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा निर्धारित विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार जिलों में एनजीओ, सीएसओ तथा स्थानीय वालंटियर्स का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही ग्रामों के “ट्राइबल विलेज विजन 2030” का निर्माण भी किया जाएगा। इस दौरान शिकायत निवारण शिविर, जनजागरूकता अभियान तथा “आदिवासी सेवा दिवस” का आयोजन किया जाएगा।
नन्हें बालगोपालों की अठखेलियों से गुलजार हुआ मुख्यमंत्री निवास
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में इस बार जन्माष्टमी का उत्सव राजधानी रायपुर के बैरन बाजार स्थित आंगनबाड़ी के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ मनाया। बच्चों ने राधा और कृष्ण का रूप धरकर अपनी अठखेलियों और मनमोहक वेशभूषा से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। पूरे निवास परिसर को फूलों, रंगीन रोशनियों और सजावट से सुसज्जित किया गया, जिससे वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया।
कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने कृष्ण-लीला की झांकियां और प्रसंग प्रस्तुत किए। उनकी मासूमियत और भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री निवास बच्चों की हंसी और उल्लास से गुलजार रहा।
मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर तरक्की की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीला हमें धर्म, नीति और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देती है। छत्तीसगढ़ की जनता की मेहनत और आस्था से प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। हमारा संकल्प है कि भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ को न्याय, सद्भाव और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक सभी बच्चों को अपने हाथों से चाकलेट, शिक्षण सामग्री और प्रसाद का वितरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, मितुल कोठारी, सुनील पिल्ले, मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
वोटर लिस्ट को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य गंभीर और चिंताजनक
चुनाव आयोग राहुल गांधी के उठाए गए सवालों का जवाब दें
रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों ने चुनावी गड़बड़ियों को लेकर की गयी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस की रिकार्डिंग को फिर से देखा तथा राहुल गांधी के द्वारा दिये गये तथ्यों को तार्किक और गंभीर बताते हुए कहा कि राहुल गांधी के द्वारा दिये गये साक्ष्यों से साफ हो रहा है कि देश की चुनाव प्रणाली में गड़बड़ियां की जा रही है। चुनाव आयोग द्वारा इसका जवाब देश की जनता को देना चाहिए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री केसी वेणुगोपाल के निर्देश पर प्रदेश मुख्यालय में राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस की रिकार्डिंग फिर से दिखाई गई। 11 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला कांग्रेस कार्यालयों में भी कांग्रेसजनों एवं बुद्धिजीवियों तथा मीडिया के समक्ष राहुल गांधी की 7 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस की रिकार्डिंग दिखाई जायेगी।
कांग्रेस की मांग है कि चुनाव आयोग यदि अपनी निष्पक्षता को प्रमाणित करना और अपनी विश्वसनीयता को पुनःस्थापित करना चाहता है, तो उसे दो स्पष्ट माँगों पर तत्काल कार्रवाई करनी होगीः-
1. चुनाव आयोग को मशीन-पठनीय मतदाता डेटा तत्काल सार्वजनिक करना चाहिए।
2. चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
साथ ही चुनाव आयोग राहुल गांधी के उठाये सवालों का जवाब दे।
आज के कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व सांसद छाया वर्मा, महामंत्री सकलेन कामदार, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महेंद्र छाबड़ा, प्रमोद दुबे, पंकज शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष उधो वर्मा, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, राजेश चौबे, कन्हैया अग्रवाल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष, आकाश शर्मा, कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष अरूण ताम्रकार, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. अजय साहू, श्रीकुमार मेनन, मो. सिद्दीक, सारिक रईस खान, दिलीप चौहान, शब्बीर खान, बबीता नत्थानी, प्रमोद चौबे, नंदलाल देवांगन, रियाज अहमद, योगेन्द्र सोलंकी, इकराम भाई, देवेन्द्र यादव, अरूण जंघेल, सुनील कुकरेजा, सौरभ साहू, डॉ. कमलनयन पटेल, देवकुमार साहू, पल्लवी सिंह, मुकेश चंद्राकर उपस्थित थे।
कलेक्टर ने जिले के विभिन्न स्थानों में पहुँचकर किया स्थल निरीक्षण
बालोद/शौर्यपथ /राज्य शासन के गौधाम योजना के अंतर्गत बालोद जिले में भी गौधाम बनाकर निराश्रित एवं घुमन्तू एवं जप्त किए गए गौवंश पशुओं का समुचित देखभाल के अलावा संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश ने अधिकारियों के साथ जिले के अलग-अलग स्थानों में पहुँचकर गौवंश पशुओं के लिए जरूरी सुविधाओं से युक्त गौधाम निर्माण कार्य के लिए स्थल चयन हेतु मौके पर पहुँचकर जगह का मुआयना किया। जिससे कि गौधाम निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। इसके अलावा कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने गौवंश पशुओं के देखरेख, पंजीकृत संस्थाओं द्वारा संचालित गौशालाओं का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज जिला मुख्यालय बालोद के आमापारा स्थित महावीर गौशाला के अलावा तांदुला जलाशय के समीप नगर पालिका बालोद द्वारा संचालित गौठान तथा गुरूर विकासखण्ड के ग्राम चुल्हापथरा में संचालित कृष्णगोपाल गौशाला के अलावा गुरूर विकासखण्ड के चिटौद में राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित चारागाह में पहुँचकर इसे गौधाम निर्माण हेतु चयनित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, एसडीएम गुरूर श्री रामकुमार सोनकर सहित पंचायत एवं पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालकों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आमापारा बालोद में संचालित महावीर गौशाला में वहाँ के व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित गौशाला संचालन समिति के पदाधिकारियों से वर्तमान में गौठान में रह रहे गौवंश पशुओं की संख्या, उनके लिए चारा, दवाइयां, इलाज एवं देखरेख आदि की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने गौशाला के पशुओं को गुड़ भी खिलाया। इसके अलावा श्रीमती मिश्रा ने जिला मुख्यालय बालोद में तांदुला जलाशय के समीप नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित गौठान का भी अवलोकन किया। इस स्थान पर गौधाम निर्माण के लिए पर्याप्त रकबा एवं आवागमन हेतु मार्ग आदि की उपलब्धता को देखते हुए अधिकारियों ने इसे गौधाम निर्माण के लिए चयनित किया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने यहाँ पर गौधाम निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु तहसीलदार एवं मौके पर उपस्थित अधिकारियों सभी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अधिकारियों ने गुरूर विकासखण्ड ग्राम चुल्हापथरा में पहुँचकर कृष्णगोपाल गौशाला का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला का देखरेख कर रहे लोगों की गौशाला में दुध उत्पादन, गोबर एवं गौमूत्र के उपयोग के संबंध में जानकारी ली।
कलेक्टर एवं अधिकारियों ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम चिटौद में राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित चारागाह का अवलोकन कर इस स्थान पर पर्याप्त रकबा, सुविधाओं की उपलब्धता एवं पहुँच मार्ग एवं अन्य सभी दृष्टि से उपयुक्त पाए जाने पर इस स्थान को गौधाम निर्माण हेतु चयन किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि इस स्थान पर 05 एकड़ शासकीय भूमि पर पशुओं के लिए जरूरी सुविधाओं से युक्त गौधाम का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौधाम के सुचारू संचालन हेतु शासन के द्वारा अनुदान भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस गौधाम में पशुओं के लिए शेड निर्माण तथा चारापानी एवं उनके देखरेख आदि सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने मौके पर उपस्थित ग्राम पंचायत के सरंपच को इस स्थान पर गौधाम निर्माण करने हेतु ग्राम पंचायत सचिव को प्रस्ताव पारित कराने एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने को कहा। इसके अलावा कलेक्टर ने सरपंच एवं मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को समुचित स्थान पर पौधरोपण कर पूरे परिसर को हरा-भरा बनाने के कार्य में सहयोग करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि यहाँ पर गौधाम बनाकर गौवंशीय पशुओं के समुचित देखभाल के अलावा उनके संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करने हेतु इस स्थान को बेहतर तरीके से विकसित किया जाए। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित एसडीएम एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को इस संबंध में शीघ्र कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
पालक शिक्षक मेगा बैठक में शामिल हुई प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती चंद्राकर
मोहला /शौर्यपथ /विकासखंड मानपुर अंतर्गत ग्राम सीतागांव के प्राथमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल में आज पालक शिक्षक मेगा बैठक सम्पन्न हुआ। जिसमें प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती चंद्राकर शामिल हुई।
उन्होंने कहा कि पालक शिक्षक मेगा बैठक शासन की अच्छी पहल है, जिसके माध्यम से पालक एवं शिक्षक आमने सामने बैठकर सीधा संवाद के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकते है। उन्होंने कहा कि पालक इस बैठक के माध्यम से स्कूलों में बच्चों की समस्या एवं पढ़ाई को लेकर अपनी शंकाओं को भी दूर कर सकते हैं।
प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि पालक शिक्षक मेगा बैठक में पढ़ाई के गुणवत्ता के साथ ही पालक अपने बच्चों की शैक्षाणिक विकास का आंकलन बेहतर तरीके से कर पाएगें। इसके अलावा शिक्षकों द्वारा बच्चों के शैक्षाणिक विकास हेतु मार्गदर्शन प्राप्त कर सकतें है। उन्होंने पालकों से कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अपने बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही घर का माहौल भी बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है, अत: सुनिश्चित करें कि घर का माहौल भी स्कूल की तरह हो, तकि बच्चों में पढ़ाई को लेकर रुचि बनी रहें।
आवास हितग्राहियों को आवास के कार्य में प्रगति लाने किया प्रोत्साहित
एक सप्ताह में 185 ग्राम पंचायतों में आयोजित हो चुका ग्राम आवास प्रगति सभा, ग्रामीणों के समस्या एवं शिकायतों किया जा रहा है निराकरण
स्थानीय युवाओं को मिलेगी राजमिस्त्री की ट्रेनिंग, मिलेगा रोजगार
मोहला/शौर्यपथ /प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर आज विकासखंड मानपुर के ग्राम पंचायत सीतागांव एवं कारेकट्टा में आयोजित ग्राम आवास प्रगति सभा में शामिल हुई। उन्होंने आवास हितग्राहियों को आवास के कार्य में प्रगति लाने हेतु प्रोत्साहित किया। विगत एक सप्ताह में 185 ग्राम पंचायतों में ग्राम आवास प्रगति सभा का आयोजन किया जा चुका है। जिसका उदेश्य आवास निर्माण में हितग्राहियों को आ रही समस्या एवं शिकायतों का निराकरण कर आवास पूर्णत: में प्रगति लाना है।
प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती चंद्राकर ने ग्राम पंचायतों में स्वीकृत आवास एवं निर्माणधीन आवासों की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने आवास निर्माण में आ रही समस्याओं पर हितग्राहियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि आवास की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा राजमिस्त्री की समस्या से अवगत करवाया गया। जिस पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती चंद्राकर कहा कि शासन की योजना अंतर्गत स्थानीय युवाओं राजमिस्त्री की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर राजमिस्त्री के ट्रेनिंग के लिए 25 युवाओं को शामिल करना है, इससे स्थानीय स्तर पर राजमिस्त्री एवं युवाओं को रोजगार उपलब्ध होंगे साथ ही आवास के कार्य में भी तेजी आयेगी। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने ग्राम कारेकट्टा के श्री मनुराम कोर्राम के निर्माणधीन आवास का निरीक्षण किया एवं आवास के कार्य को अतिशीघ्र पूर्ण करने हेतु प्रोत्साहित किया।
- ग्राम पंचायतों में आवास प्रगति सभा का हो रहा आयोजन, ग्रामीणों के समस्याओं का किया जा रहा समाधान
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले के सभी 185 ग्राम पंचायतों में आवास प्रगति सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के पात्र आवास हितग्राहियों को योजना संबंधी समुचित जानकारी देना, निर्माण कार्य में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना तथा आवास निर्माण की प्रगति की समीक्षा करना है। सभा में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पंच, ग्राम पटेल, आवास सेना तथा जिला/जनपद पंचायत द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत ग्रामीण के लाभ और पात्रता प्रक्रियाए,आवास निर्माण की गुणवत्ता एवं तकनीकी मार्गदर्शन, स्वीकृत आवासों की निर्माण प्रगति की समीक्षा, हितग्राहियों की समस्याओं का समाधान, समय-सीमा के भीतर निर्माण पूर्ण करने हेतु प्रोत्साहित करना है।
- निर्माणाधीन आंगनबाड़ी के धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस देने के दिए निर्देश
प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर आज विकासखंड मानपुर के ग्राम पंचायत हलांजूर के निर्माणाधी आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण की। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी के धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने पीओ, टीए, पंचायत सचिव को शोकॉज नोटिस देने के निर्देश दिए साथ ही संबंधित ठेकेदार से तत्काल कार्य प्रारंभ कर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
