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छत्तीसगढ़ में रूफटॉप सोलर सिस्टम से उपभोक्ता हो रहे आत्मनिर्भर, बिजली बिल से मिल रही बड़ी राहत
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना ने प्रदेश के आम नागरिकों को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर खुद बिजली पैदा करने की सुविधा दी है, जिससे न केवल पर्यावरण को फायदा हो रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से लाभ पहुंच रहा है। घरों में रूफटॉप सोलन सिस्टम लगाए जाने से बिजली बिल शुन्य हो रहा है, इससे उपभोक्ता बिजली के लिए आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।
सरकार से मिल रही है सब्सिडी
इसी योजना से लाभान्वित हुए हैं जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगर निवासी श्री रजनीकांत राठौर। उन्होंने अपने मकान की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाया है, जिसकी कुल लागत 1.80 लाख रुपए रही। इसमें उन्हें सरकार की ओर से 78 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। श्री राठौर ने बताया कि पहले उनका बिजली बिल काफी ज्यादा आता था, लेकिन अब बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। उन्होंने इस योजना को आमजन के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाली और पर्यावरण हितैषी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत राज्य के पात्र उपभोक्ताओं को 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जा रही है। योजनांतर्गत 0 से 105 यूनिट मासिक खपत के लिए 1 से 2 किलोवाट सोलर प्लांट पर 30 हजार से 60 हजार रुपए तक अनुदान, 150 से 300 यूनिट मासिक खपत के लिए 2 से 3 किलोवाट सोलर प्लांट पर 60 हजार से 78 हजार रुपए तक अनुदान, औसत मासिक विद्युत खपत 300 से अधिक यूनिट के लिए 3 किलो वॉट से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट क्षमता हेतु 78 हजार रूपए तक का अनुदान का प्रावधान है।
इस योजना ने छत्तीसगढ़ में न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है, बल्कि लाखों घरों को आर्थिक रूप से सशक्त करने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। श्री रजनीकांत की तरह प्रदेश के अनेक परिवार अब अपने बिजली बिल से पूरी तरह मुक्ति पा चुके हैं।
सेंटरिंग सामग्री किराए पर देकर शुरू किया स्वरोजगार
रायपुर/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अब सिर्फ आवास प्रदान करने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रही है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत बड़े हल्दी और मिड़मिड़ा की महिलाओं ने इस योजना को स्वरोजगार का जरिया बना लिया है।
यहां की सुधा महिला ग्राम संगठन और चंद्रहासिनी महिला संकुल ने महिला स्व-सहायता समूहों के सहयोग से निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले सेंटरिंग सामान की खरीदी कर, उसे प्रधानमंत्री आवास निर्माण स्थलों में किराए पर उपलब्ध कराना शुरू किया है। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है और उनके जीवनस्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
संगठन की शुरुआत वर्ष 2019 में केवल 10 समूहों के साथ हुई थी, जो अब बढ़कर 18 समूहों तक पहुंच गई है। इनसे लगभग 200 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुकी हैं। संगठन ने 4 लाख 20 हजार रुपये का लोन लेकर सेंटरिंग सामग्री की खरीदी की है, जिसे पीएम आवास निर्माण में उपयोग किया जा रहा है।
महिलाओं का कहना है कि बिहान योजना के अंतर्गत मिली सहायता और पीएम आवास की बढ़ती संख्या के कारण उन्हें रोजगार के स्थायी अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है।
राजधानी रायपुर में हो रही सप्लाई
अन्य लोगों को अपने अभिनव प्रयोग का दे रहीं प्रशिक्षण
रायपुर/शौर्यपथ /औषधीय गुणों से भरपूर सुपर फुड मुनगा की फसल लेकर धमतरी जिले के ग्राम कोकड़ी की महिलाएं अपनी आमदनी दुगुना कर रहीं हैं। मुनगा को सब्जी के तौर पर तो उपयोग किया ही जाता है। इसके साथ ही मुनगे की पत्तियों का पावडर मल्टीविटामिन सप्लीमेंट के साथ ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और बीपी को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। यही वजह है कि महिलाएं मुनगा की बिक्री ना केवल आसपास के बाजारों में कर रहीं हैं, बल्कि राजधानी रायपुर में भी इसकी सप्लाई कर रहीं हैं। इससे उन्हें दुगुनी आमदनी मिल रही है।
सरकार में मिल रही है मदद
धमतरी जिले के कुरूद विकासखण्ड स्थित ग्राम पंचायत कोकड़ी की जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती रामेश्वरी साहू बतातीं हैं कि उनके समूह में 12 सदस्य हैं, जो मिल-जुलकर मुनगे की खेती कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि गांव के खाली पड़े लगभग साढ़े तीन एकड़ से अधिक की भाठा जमीन पर मिश्रित खेती करने के लिए उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 11 लाख 44 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। इसके बाद महिलाओं ने इस भाठा जमीन पर साल भर मेहनत किया और उनके द्वारा लगाए गए पौधे लहलहाने लगे। इन पौधों में मुनगा के अलावा करौंदा, आंवला और नींबू के पौधे शामिल हैं। मुनगे के पेड़ों में फल जल्दी लगने लगे और साल में दो फसल मिलने लगी। इससे महिलाओं को दुगुनी आय मिल रही है। श्रीमती साहू बताती हैं कि उनके इस अभिनव प्रयोग को देखने के लिए जिले के अन्य गांव के लोग भी आते हैं और उनसे इसका प्रशिक्षण भी लेकर जाते हैं।
आजकल खेती के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है और आधुनिक तरीके से भी लोग खेती कर रहे हैं। धान, गेहूं, दलहन-तिलहन के अलावा अब लोग सब्जियों की फसल लेने में आगे आ रहे हैं और मुनाफा भी कमा रहे हैं। मुनगा का पौधा किसी भी जमीन पर आसानी से उगने और कम पानी में भी जल्द फल देने वाला पौधा है। इसमें प्रोटिन, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन बी, सी और ए की मात्रा भरपूर होती है। मुनगा के जड़, छाल, फूल, पत्तियां और फल सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। यह सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत से भी सीधा रिश्ता रखता है। मुनगे के इसी गुण के कारण इसकी अच्छी खासी मांग रहती है।
नियद नेल्ला नार योजना से बदल रही गांवों की तस्वीर
ग्रामीणों में दिखा उत्साह, मुख्यमंत्री का जताया आभार
रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की नई रफ्तार देखने को मिल रही है। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत नारायणपुर जिले के अंदरूनी इलाकों में 14 नवीन पुलिस कैंपों की स्थापना के बाद वहां सड़क, पुल-पुलियों एवं मोबाइल कनेक्टिविटी का तेज़ी से विस्तार हो रहा है।
इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा 13 मई 2025 को पहली बार ग्राम कुतुल तक नारायणपुर से सीधी बस सेवा प्रारंभ की गई। यह बस सेवा जिला मुख्यालय से लगभग 49 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुतुल के साथ-साथ कुरूषनार, बासिंग, कुंदला, कोहकामेटा, ईरकभट्टी, कच्चापाल और कोडलियर जैसे दूरस्थ गांवों को भी जोड़ रही है। बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह का माहौल है।
पहले इन गांवों के लोग पगडंडियों के सहारे आवागमन करते थे। बारिश के मौसम में नदियों और नालों के उफान पर होने से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना अत्यंत कठिन होता था। कई बार ग्रामीणों को बीमार व्यक्ति को कंधे पर उठाकर अस्पताल तक लाना पड़ता था। अब बस सेवा शुरू होने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति और प्रशासनिक कार्यों के लिए नारायणपुर तक समय पर पहुंचने की सुविधा भी मिल रही है।
इसी तरह नारायणपुर से मसपुर तक भी 14 गांवों के लिए बस सेवा शुरू की गई है, जिससे इन इलाकों के लोगों को जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क मिला है। योजना के तहत 4जी मोबाइल टॉवर भी लगाए गए हैं, जिनसे ग्राम कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहन्दी, होरादी, गारपा और कच्चापाल के लोग अब मोबाइल नेटवर्क से जुड़ पा रहे हैं। इससे न केवल संचार व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि शैक्षणिक, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं की पहुँच भी बेहतर हुई है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों के बाद अब उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। नियद नेल्लानार योजना ने उनके जीवन में नया प्रकाश फैलाया है।
रायपुर/शौर्यपथ / नारायणपुर जिले में बीएसपी सीएसआर योजना अंतर्गत 12 स्मार्ट आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने तथा शासकीय धन राशि के दुरूपयोग के मामले में जिला प्रशासन ने जैनम कंस्ट्रक्शन, बाजारपारा गीदम, जिला दंतेवाड़ा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। स्मार्ट आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण के लिए जैनम कंस्ट्रक्शन, बाजारपारा गीदम, जिला दंतेवाड़ा को प्रत्येक केन्द्र के लिए 15 लाख रुपये की दर से कुल एक करोड़ 80 लाख रुपये की मंजूरी दी गई थी।
निर्माण कार्य के लिए संबंधित फर्म को एक करोड़ 39 लाख रुपये की राशि अग्रिम रूप से प्रदाय की गई थी। परंतु, कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें प्राप्त होने पर कलेक्टर नारायणपुर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार जांच समिति गठित की गई। समिति द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं तथा शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। जैनम कंस्ट्रक्शन द्वारा निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया तथा शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है। उक्त तथ्यों के आधार पर जैनम कंस्ट्रक्शन, बाजारपारा गीदम, जिला दंतेवाड़ा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा है कि शासकीय योजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि स्मार्ट आंगनबाड़ी के निर्माण के लिए कुल एक करोड़ 80 लाख रूपए की प्रशासकय स्वीकृति प्राप्त हुई थी। उक्त कार्य हेतु निविदा आमंत्रित की गई थी, जिसमें सबसे कम दर प्रस्तुत करने पर जैनम कंस्ट्रक्शन, बाजारपारा गीदम, जिला दंतेवाड़ा को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया।
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज नवा रायपुर के मंत्रालय महानदी भवन में भारतीय प्रशासनिक सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय को अपर मुख्य सचिव तथा छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा के महानिदेशक सुब्रत साहू ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा 2024 के पाँच अधिकारियों—श्री फड़तरे अनिकेत अशोक, अरविंद कुमारन टी., अक्षय डोसी, क्षितिज गुरभेले और विपिन दुबे को छत्तीसगढ़ कैडर मिला है। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में इन अधिकारियों को 28 अप्रैल से 20 जून तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके पश्चात इनकी पदस्थापना सहायक कलेक्टर के पद पर जशपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और बस्तर जिलों में की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और उनसे प्रशिक्षण तथा छत्तीसगढ़ के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आप ऐसे समय में छत्तीसगढ़ में अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं, जब यहाँ बहुत सकारात्मक परिवर्तन हो रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। खासकर, छत्तीसगढ़ की नक्सल-प्रभावित राज्य की छवि अब बदल रही है। जल्द ही छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में सुशासन तिहार सम्पन्न हुआ है। इसके तीसरे चरण में हमने पूरे प्रदेश का दौरा करके जनता से फीडबैक लिया और उनकी समस्याओं का निराकरण किया। मुख्यमंत्री को प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भी समाधान शिविर में जाने का अवसर मिला। प्रशिक्षण संचालक श्रीमती सीमा सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक संरचना, नियम-कायदे और प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। उन्हें अलग-अलग विभागों के कार्यों, शासन की नीतियों और विभिन्न योजनाओं तथा जिलों की प्रशासनिक कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत और छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने हस्तशिल्पियों को औजार उपकरण योजना अंतर्गत अनुदान राशि का किया वितरण
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हस्तशिल्प विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां की कलाकृतियों की मांग विदेशों तक है। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और हस्तशिल्पियों को उनके हुनर की उचित कीमत दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हस्तशिल्पियों को औजार उपकरण योजना अंतर्गत पाँच पांच हजार रुपये की अनुदान राशि का वितरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ शिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड शिल्पकारों की बेहतरी के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक इलाके में हस्तशिल्पी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। सुशासन तिहार के दौरान मुझे कोंडागांव के शिल्पग्राम जाने का मौका मिला। वहाँ मैंने शिल्पकारों से मुलाकात की और उनकी कला को करीब से देखा। इसी प्रकार रायगढ़ के एकताल में भी शिल्पकार धातु से कलाकृतियाँ बनाते हैं। बस्तर में काष्ठशिल्प से लकड़ी की सुंदर आकृतियाँ बनाई जाती हैं। पूरे प्रदेश में हस्तशिल्पियों का हुनर अद्भुत है। आज इस कार्यक्रम में मुझे जो सुंदर टोपी भेंट की गई, वह छिंद और कांसा से बनाई गई थी। जशपुर में हमारे गाँव के नजदीक कोटामपानी में भी छिंद और कांसा से बहुत सुंदर-सुंदर कलाकृतियाँ बनाई जाती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिल्पकारों को अधिक से अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत है। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि हस्तशिल्प का कार्य ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में होता है। इसलिए हस्तशिल्प विकास के द्वारा हम बहुत बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। मुझे आशा है कि हस्तशिल्प विकास बोर्ड इस ओर कार्य करेगा और शिल्पकारों को प्रशिक्षण के साथ ही उन्हें लोन-सब्सिडी भी अधिक से अधिक दिलाकर रोजगार से जोड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव के डोकरा आर्ट की विदेशों में माँग है। यह जरूरी है कि शिल्पकारों को बाजार के साथ उत्पाद की उचित कीमत मिले। बिना बिचौलियों के हस्तशिल्पियों की पहुँच सीधे बाजार तक हो, ताकि उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिले।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के गढ़बेंगाल के पंडी राम मांझी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ की कला हमारे देश की शान है, इसे पूरी दुनिया में पहचान मिलनी चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कलाकारों के हाथ में चमत्कार है। चाहे वह मिट्टी के खिलौनों की बात हो या बेल मेटल, कसीदाकारी, गोदना और टेराकोटा की, प्रदेश के हस्तशिल्पी अपनी कला के बहुत सुंदर उत्पाद बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में भागीदारी होनी चाहिए। हमारे शिल्पकारों के पास कुदरती हुनर है। बड़े पैमाने पर हस्तशिल्प उत्पादन के लिए डिज़ाइनरों को भी जोड़ने की जरूरत है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक धरमलाल कौशिक, सुनील सोनी, आशाराम नेताम, गजेंद्र यादव, विभिन्न निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक जेपी मौर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सहकारी समितियों के भवनों और चबूतरा निर्माण की घोषणा की
रायपुर/शौर्यपथ / कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड के ग्राम बरगढ़ा में विकसित कृषि संकल्प अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान तीन सहकारी समितियों में भवन और सात समितियों में चबूतरा निर्माण की घोषणा की। विधायक ईश्वर साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने, वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर 29 मई से 12 जून तक पूरे देश में विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के कृषि वैज्ञानिक किसानों से संवाद कर रहे हैं। वे उन्नत और संतुलित कृषि की जानकारी किसानों को दे रहे हैं। यह अभियान किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस अभियान का पूरा लाभ उठाएं, वैज्ञानिकों से संवाद करें और उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। श्री नेताम ने कार्यक्रम में सात सेवा सहकारी समितियों सैगोना, खाती, कन्हेरा, भरदाकला, अकलवारा, घोटवानी और केहका में चबूतरा निर्माण और तीन समितियों नवागांवकला, कोंगियाखुर्द और गाड़ाडीह में भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने किसानों को कृषि सामग्री का वितरण भी किया। श्री नेताम ने कार्यक्रम में किसानों को जल के सरक्षण-संवर्धन के लिए शपथ भी दिलाई ।
विधायक ईश्वर साहू ने विकसित कृषि संकल्प अभियान को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस अभियान से किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी मिल रही है। हमारे क्षेत्र के किसानों के लिए यह सुनहरा अवसर है। बेमेतरा के कलेक्टर रणबीर शर्मा, कृषि विभाग के उप संचालक मोरध्वज, पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना और जनपद पंचायत के अध्यक्ष जितेंद्र साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक और किसान बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने चावल उत्सव का किया शुभारंभ
रायपुर/शौर्यपथ /खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल ने बेमेतरा के ग्राम भंसुली में चावल उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है कि कोई भी नागरिक भूखा न सोए। चावल वितरण का यह कार्यक्रम इस संकल्प की दिशा में सशक्त कदम है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जून, जुलाई और अगस्त माह का चावल एक साथ आबंटित किया जा रहा है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार एक माह या तीन माह का चावल एक साथ ले सकते हैं। तीन माह का चावल एकमुश्त उठाने की बाध्यता नहीं है। अन्य राशन सामग्रियों जैसे शक्कर, नमक, चना एवं गुड़ का वितरण नागरिक आपूर्ति निगम के उपलब्ध स्टॉक के आधार पर प्रत्येक माह पृथक-पृथक किया जाएगा।
खाद्य मंत्री बघेल ने बताया कि चावल उत्सव के दिन ही तीन माह के चावल का वितरण सुनिश्चित किया गया है। इस कार्य के लिए परिवहन और सुरक्षित भंडारण की व्यापक व्यवस्था की गई है। प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर समय-सीमा के भीतर राशन सामग्री के भंडारण और वितरण के बाद सत्यापन की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती हेमा दिवाकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, खाद्य विभाग के अधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में चावल उत्सव में मौजूद थे।
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