August 18, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6090)

    जिले में 264 ओ.आर.टी. कॉर्नर स्थापित
    महासमुन्द/शौर्यपथ /आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. कुदेशिया ने सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को संभावित मौसमी बीमारियों एवं आपदा प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे सतर्कता एवं सावधानी बरतें ताकि उल्टी-दस्त, मलेरिया, पीलिया व अन्य संक्रामक रोगों से सुरक्षित रहा जा सके। समय पर रोकथाम नहीं होने की स्थिति में ये बीमारियाँ गंभीर रूप ले सकती हैं। जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों (सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता)और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु जनजागरूकता और उपचार संबंधी कार्यों में लगी हुई हैं।
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनसामान्य के लिए मौसमी बीमारी से बचाव के लिए सुझाव एवं सावधानियाँ बताई गई है जिसमें खाद्य एवं पेय पदार्थों को ढँक कर रखें। बासी, सड़े-गले फल या भोजन का सेवन न करें, ताजा भोजन ही ग्रहण करें। दस्त होने पर ओ.आर.एस. (जीवन रक्षक घोल) का नियमित सेवन करें। पीने के लिए पानी को उबालकर या क्लोरीन की गोली डालकर उपयोग करें। भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएँ और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रारंभिक लक्षण पर 104 आरोग्य सेवा केंद्र या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
    दस्त या डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं की स्थिति में घरेलू उपचार के रूप में नारियल पानी, नमकीन लस्सी, नींबू पानी (शिकंजी), चावल का मांड, हल्की चाय और दाल का पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन शरीर में पानी की कमी को दूर करने में सहायक होता है। ये तरल पदार्थ न केवल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, बल्कि आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति में भी मदद करते हैं।
    स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कुल 264 ओ.आर.टी. कॉर्नर की स्थापना की है, जिसमें 227 उप स्वास्थ्य केंद्र, 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 05 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 01 अर्बन पीएचसी, 01 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शामिल हैं। इन सभी स्वास्थ्य संस्थानों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
    मितानिनों की दवा पेटियों में ओ.आर.एस., जिंक, पेरासिटामोल जैसी आवश्यक दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं। जिले में वर्तमान में 65,102 ओ.आर.एस. पैकेट एवं 1,64,300 जिंक टैबलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग महासमुन्द द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि मानसून के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या में तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें एवं सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएँ।

    महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत कार्य करने वाले ग्रामीण परिवारों ने पेश की मिसाल
    ग्रामीणों की भागीदारी से मोर गांव मोर पानी महा अभियान बन रहा जन आंदोलन
    कवर्धा/शौर्यपथ /आगामी वर्षा ऋतु में जल संरक्षण कर भू-जल स्तर में वृद्धि करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक करने का कार्य कबीरधाम जिले में जोर-शोर से चल रहा है। इसी कड़ी में आज मोर गांव मोर पानी महा अभियान अंतर्गत जिले के ग्रामीण अंचलों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत रोजगार करने वाले 52 हजार 8 सौ से अधिक ग्रामीणों ने एक साथ जल संरक्षण की शपथ लेकर सभी के लिए मिसाल पेश की। तालाब निर्माण कार्य, डबरी निर्माण कार्य, तालाब गहरीकरण कार्य, अमृत सरोवर निर्माण, पशु शेड निर्माण, नाला पुनरूद्धार कार्य एवं प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण जैसे अनेक कार्यों में लगे सदस्यों ने यह शपथ ली। निर्माण कार्य में लगे ग्रामीणों को मैदानी कर्मचारियों तकनीकी सहायक एवं ग्राम रोजगार सहायक द्वारा भू-जल स्तर में वृद्धि करने के विषय में जानकारी दी गई, जल संरक्षण नहीं होने से गांव में इसके दुष्परिणाम पर विस्तार से बात की गई। ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वह अपने घरों के साथ खेतो में वृक्षारोपण करें। परंपरागत स्रोतों के माध्यम से बरसात के पानी को रोक तथा समाज के सभी वर्गों को जागृत करने के लिए ग्रामीण आगे आकर अपना योगदान दे। ग्रामीणों ने शपथ लेकर संकल्प लिया कि वह मोर गांव मोर पानी महा अभियान का हिस्सा बनकर अपने पृथ्वी को हरा भरा रखने में पूरा योगदान करेंगे।
    पानी बचाने एवं सहजने के लिए हो रहे प्रयासों पर एक नजर में..
    * कबीरधाम जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत भवन के बाहर गत वर्ष के एवं वर्तमान के भू-जल स्तर को दर्ज किया गया है। इससे अपने गांव के घटते जल स्तर पर ग्रामीणों को सीधे जानकारी मिल रही है।
    * जिले के वनांचल क्षेत्र से लेकर मैदानी ग्राम पंचायतो तक बड़ी मात्रा में दीवार लेखन कर पानी के महत्व को बताया जा रहा है।
     *पानी रोकने के लिए विभिन्न नारो के साथ गांव के अंदर रैलियां की जा रही है। सभी सार्वजनिक जल स्रोतों के स्थलों पर श्रमदान से स्वच्छता का कार्य हो रहा है।
    * बड़ी संख्या में निर्माण कार्य मे लगे ग्रामीणों को घटते जल स्तर से होती परेशानियां एवं जल संरक्षण करने के विभिन्न स्थानीय उपायों पर जानकारी दी जा रही है।
    *अनावश्यक एवं व्यर्थ बहने वाले पानी को रोकने के संबंध में विशेष प्रयास करने के लिए ग्रामीणों से आह्वान किया जा रहा है।
       कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है कि इस वर्षा ऋतु जल संरक्षण का अभियान जन आंदोलन का रूप ले सके। समाज के प्रत्येक व्यक्तियों की भागीदारी से ही इस समस्या का समाधान हो सकता है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने आगे कहा कि सभी शासकीय कार्यों में लगे लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह स्थानीय उपाय कर जल संरक्षण करें। शासन की योजनाओं से पानी को रोकने वाले विभिन्न संरचनाओं का निर्माण तीव्र गति से कराया जा रहा है जिससे कि वर्षा प्रारंभ होते ही इसमें जल संरक्षण हो सके और भू-जल स्तर में वृद्धि करने में मदद मिल सके।
    मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित आकाक्षी विकासखंड कार्यक्रम के तहत जल संरक्षण के कार्य जिले में हो रहे हैं। मोर गांव मोर पानी महा अभियान से ग्रामीणों को जोड़ने आज महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत 391 ग्राम पंचायतों में चल रहे 3849 कार्यो में लगे 52 हजार 8 सौ से अधिक ग्रामीणों ने एक साथ जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया है।

    4 दिवसीय प्रशिक्षण से जल संरक्षण के लिए बनेगी विशेष रणनीति
    कबीरधाम जिले के सभी 471 ग्राम पंचायतो के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आवास मित्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की स्व सहायता समूह की दीदीयो ग्राम संगठन के सदस्य जनपद प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के मैदानी कर्मचारियों का प्रशिक्षण आज से प्रारंभ हो रहा है।16 क्लस्टर में आयोजित होने वाले 4 दिवसीय प्रशिक्षण में स्थानीय स्तर पर पानी रोकने के विभिन्न उपायों पर जानकारी दिया जाएगा। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गांव में रहने वाले स्थानीय व्यक्तियों को भू-जल स्तर एवं जल संरक्षण के महत्व को बताना है। तथा इनके माध्यम से अन्य ग्रामीणों को इस कार्य के लिए प्रेरित कर इस अभियान से जोड़कर इसे सफल बनाना है।

      गौरेला पेंड्रा मरवाही/शौर्यपथ / जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद प्राथमिक शाला भर्रापारा पेण्ड्रा ब्रिटिश काल से संचालित एक ऐतिहासिक विद्यालय है। इसी परिसर में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भी संचालित है। राज्य सरकार के दिशा निर्देशों के तहत इन दोनो विद्यालयों का एकीकरण किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इनके ऐतिहासिक स्थिति को बनाए रखने के निर्देशों का यथावत पालन करते हुए और इस स्कूल से जुड़ी सामान्यजन की आस्था को बरकरार रखा गया है। दोनों शालाओं के समायोजन के पश्चात यह शाला अपने पुरातन नाम से ही जाना जाएगा।
           गौरतलब है कि शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने की पहल के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के नहीं रहे।

    चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज का है गौरवशाली अतीत, छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने में सामाजिक संस्थाओं की है महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री साय
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज का अतीत गौरवशाली रहा है। समाज में छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे प्रतापी शासक हुए, वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियाँ हुईं, जिन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज न केवल परिश्रम और स्वाभिमान का प्रतीक है, बल्कि यह समाज छत्तीसगढ़ के विकास का आधार स्तंभ भी है। छत्तीसगढ़ को नई दिशा और विकसित राज्य बनाने में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री साय आज दुर्ग जिले के ग्राम कोलिहापुरी में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा विधायक श्री अजय चन्द्राकर,  गजेन्द्र यादव एवं ललित चन्द्राकर विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
    मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के अधिकांश लोग मूल रूप से किसान हैं और व्यापक स्तर पर कृषि कार्य से जुड़े हैं। प्रदेश सरकार किसान भाइयों के चेहरों पर हमेशा खुशी देखना चाहती है। सरकार लगातार किसान भाइयों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। इस समय ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में 29 मई से 12 जून 2025 तक चल रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों को किसानों से सीधे जोड़ना और नई कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा सफल कृषि मॉडलों की जानकारी देना है। कृषि वैज्ञानिकों के 100 समूह छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में किसानों से संवाद कर रहे हैं। ये वैज्ञानिक किसानों को ऑर्गेनिक खेती, खाद और ‘सॉयल हेल्थ कार्ड’ के सही उपयोग के बारे में जागरूक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का हर किसान तकनीकी रूप से सक्षम हो और उनकी आय में वृद्धि हो।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेती-किसानी तभी मजबूत होगी जब किसान भाइयों को उनकी उपज की सही कीमत मिलेगी। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विधानसभा चुनाव के समय गारंटी दी थी कि प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों को दो साल का बकाया बोनस दिया जाएगा। इसे पूरा करते हुए हमने किसानों के खातों में सरकार बनते ही राशि अंतरित की। मोदी जी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है। बीते खरीफ सीजन में राज्य में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी का नया रिकॉर्ड बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत मिल रही है। धान खरीदी के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिससे प्रदेश में खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। प्रदेश में सिंचाई के संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गरीब परिवारों को दो-दो दुधारू पशु दिए जाएंगे, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को सौंपी गई है। किसानों को दूध बेचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए दुग्ध एकत्र करने के लिए भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में मिलेट्स (कोदो, कुटकी और रागी) की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेसिंग संयंत्र की स्थापना की जा रही है। यह अनाज पहले गरीबों का भोजन माना जाता था, लेकिन अब यह पोषणयुक्त होने के कारण उच्च वर्ग में भी लोकप्रिय हो रहा है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने नई औद्योगिक नीति बनाई है, जिसमें प्रदेश की जरूरत के हिसाब से उद्योग की स्थापना के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। हमारी सरकार का संकल्प है – सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। इसी भावना से हम समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएँ बना रहे हैं और उन्हें कार्यरूप में परिणत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। महतारी वंदना योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई, कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन जैसे कार्यों से अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को एक बार फिर शुरू किया गया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने अवगत कराया कि सुशासन तिहार में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का दौरा किया। योजनाओं की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग की और जनता जनार्दन से फीडबैक लिया। तीन चरणों में संपन्न सुशासन तिहार में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निराकरण किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकांश कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन और समाज को बेहतर बनाने का जरिया है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित किए गए हैं। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उन्हें समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनाने का कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री ने कुर्मी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज उन्नत कृषक और व्यापारी समाज है, जो छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह समाज न केवल खेती और व्यापार में अग्रणी है, बल्कि शिक्षित और संगठित भी है। उन्होंने आग्रह किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में सभी सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई समाज मजबूत होता है तो उससे पूरा राष्ट्र मजबूत होता है। शिक्षा, सेवा और जागरूकता से ही समाज और राष्ट्र का सशक्त निर्माण संभव है।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि समाज को जोड़कर सही मार्ग दिखाने वालों का समाज में हमेशा सम्मान होता है। आज समाज की नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने की आवश्यकता है।
    कार्यक्रम को विधायक श्री अजय चन्द्राकर, श्री ललित चन्द्राकर और बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर ने भी संबोधित किया। चन्द्रनाहू क्षत्रीय कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री विनोद चन्द्राकर ने स्वागत उद्बोधन में केन्द्रीय महाधिवेशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर चन्द्रनाहू क्षत्रीय कुर्मी समाज के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    रायपुर/शौर्यपथ /केंद्र सरकार के द्वारा तय समर्थन मूल्य में मात्र 69 रू. की वृद्धि को अपर्याप्त है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पिछले साल धान के एमएसपी में 5.36 प्रतिशत वृद्धि हुई थी, 2183 से 117 रुपए बढ़ते हुए 2300 रुपए प्रति क्विंटल किया गया था, इस बार मात्र 3 प्रतिशत?, जबकि महंगाई वृद्धि दर लगभग 8 प्रतिशत। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने और सी 2 फार्मूले से लगात पर 50 प्रतिशत लाभ देने का वादा करके सत्ता में आई मोदी सरकार ने एक बार फिर किसानों को धोखा दिया है। इस बार खरीफ़ सीजन 2025-26 के लिए मंजूर किए गए एमएसपी की घोषणा के अनुसार धान पर कुल वृद्धि 3 प्रतिशत मात्र है, 2300 से बढ़ाकर 2369 अर्थात् 69 रुपए प्रति क्विंटल की है। सी 2 फार्मूले के अनुसार कृषि लागत में नकदी खर्च, खाद, बीज, पानी, रसायन, मजदूरी के साथ ही गैर नकदी लागत के अलावा जमीन की लीज रेंट और उससे जुड़ी खर्च पर लगने वाले ब्याज को भी शामिल किया जाना चाहिए, साथ-साथ किसान परिवार के मेहनत के अनुमानित लागत को भी जोड़ा जाना चाहिए, लेकिन दुर्भावनापूर्वक लागत में इनमें से कई खर्चो को शामिल नहीं किया गया। न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि और बढ़ती महंगाई के चलते धान के खेती में कृषि लगात में एक साल के दौरान औषत वृद्धि 8 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन किसान विरोधी मोदी सरकार ने एमएसपी में मात्र 3 प्रतिशत की ही वृद्धि की है जो किसानों के साथ अन्याय है, अत्याचार है।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2023-24 में बोनस की राशि 917 रुपए प्रति क्विंटल थी, जो एमएसपी के अतिरिक्त धान के किसानों को मिल रहा था, जिसे 2024-25 में साय सरकार ने घटाकर 800 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया और अब यह और भी घटकर मात्र 732 रुपए प्रति क्विंटल (3100-2369) रह जाएगा। एमएसपी में वृद्धि के चलते 3100 और एमएसपी के अंतर की राशि जिसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए उसे भाजपा की सरकार हड़प रही है। 3100 के साथ ही 2024-25 में किए गए एमएसपी में वृद्धि 117 तथा 2025-26 में किए गए एमएसपी में वृद्धि 69 को जोड़कर कुल 3286 रुपए प्रति क्विंटल होता है, यदि 8 प्रतिशत वृद्धि किया जाए तो 184 रुपए की वृद्धि होगी अतः 3400 प्रति क्विंटल की दर से छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी होनी चाहिए।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार के गलत आर्थिक नीतियों से कृषि लागत बढ़ी है, हाल ही में छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग के द्वारा न्यूनतम मजदूर की दरों में भी परिवर्तन किया गया है, खाद, बीज, कीटनाशक, सहित कृषि मजदूरी की लागत भी बढ़ी है, डीज़ल पर सेंट्रल एक्साइज मोदी राज में तीन गुना बढ़ा है, लेकिन उस अनुपात में धान के एमएसपी में वृद्धि नगण्य है। धान की एमएसपी में कम से कम 8 प्रतिशत की वृद्धि करके 2484 रुपए प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए। बोनस की राशि 917 रू. जोड़कर छत्तीसगढ़ सरकार 3400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की घोषणा करे।

    नौकरी देने नहीं नौकरी छीनने वाली है भाजपा सरकार, नए सेटअप और युक्तियुक्तकरण के बहाने 45 हजार पद समाप्त
    रायपुर/शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी के द्वारा प्रदेश में 9000 से अधिक पदों पर शिक्षकों की भर्ती के दावे को पूरी तरह से झूठ और निराधार बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार शिक्षा विरोधी है, सरकारी शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने का षड्यंत्र कर रही है। शिक्षा विभाग में हर माह हजारों की संख्या में शिक्षक रिटायर हो रहे हैं लेकिन 17 महीने की साय सरकार के दौरान एक भी पद पर नियमित शिक्षक की भर्ती नहीं की गई, उल्टे बस्तर, सरगुजा के दुरुस्त अंचलों में वर्षों से सेवा दे रहे विद्या मितान, अतिथि शिक्षक और संविदाकर्मी हजारों की संख्या में निकाल दिए गए।
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी को केवल मिस्ड कॉल करने वाले कार्यकर्ता चाहिए, जो सवाल न पूछे ऐसी जनता चाहिए और इसीलिए भाजपा की सरकार छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करना चाहती है। युक्तियुक्तकरण के नाम पर प्रदेश के 10463 स्कूल सीधे तौर पर बंद कर दिया गया, नए फरमान जारी कर सेटअप के नाम पर स्कूलों में शिक्षक के न्यूनतम पदों की संख्या घटा दी गई, छात्र शिक्षक अनुपात को बढ़ाकर शिक्षकों के कुल पदों में से एक तिहाई पद को समाप्त कर दिया गया, जिसके चलते जो युवा डीएड, बीएड प्रशिक्षित प्रतिभागी जो सरकारी सेवा में शिक्षक के रूप में चयनित होने तैयारी कर रहे हैं, उनके रोजगार के अधिकार को बाधित कर रही है साय सरकार। सरकार के दुर्भावना के चलते सीधे तौर पर लगभग 45 हजार से अधिक शिक्षकों के पद विलोपित किये जा रहे है।
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि जिस तरह से पूर्ववर्ती रमन सिंह की सरकार में 3000 से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद किया गया, प्रत्येक जिलों में संचालित मॉडल स्कूलों को निजी क्षेत्र की संस्था डीएवी को बेचा गया, उसी तर्ज पर वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार एक बार फिर युक्तिकरण और नए सेटअप के नाम पर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर रही है। सरकार की दुर्भावना के चलते प्रदेश के शिक्षक, छात्र, पालक और शिक्षाविद सभी दुखी है। सरकार व्यवस्था सुधारने के बजाय फर्जी दावे करके अपने गलत निर्णयों पर परदेदारी करने का कुत्सित प्रयास कर रही है।

     देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर आयोजित सम्मान समारोह बना महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता का प्रेरणास्रोत
         मोहला /शौर्यपथ /महान समाज सुधारिका एवं लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर जिला स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन कलेक्टर कार्यालय परिसर मोहला में भव्य रूप से किया गया।
               कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री संजीव शाह जी पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव श्री भोजेश शाह मंडावी उपाध्यक्ष जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, श्रीमती गैंद कुंवर ठाकुर अध्यक्ष जनपद पंचायत मोहला, एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
              इस अवसर पर देवी अहिल्या बाई होल्कर के जीवन, कार्यों एवं उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला गया। उनके द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में दिए गए योगदान को वर्तमान समय के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद बताया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत रेंगाकठेरा की स्वच्छता ग्राही दीदियों को स्वच्छता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी निरंतर मेहनत और समर्पण को मान्यता देने का प्रतीक है। साथ ही, बिहान समूह की लखपति दीदियों को आजीविका सृजन में बेहतरीन कार्य के लिए सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
    समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने स्टॉलों का अवलोकन किया, जहां बिहान समूह की दीदियों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की गई। उत्पादों की बिक्री से समूह की महिलाओं को लगभग 5,000 रुपए की आय हुई। जो उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय कदम है।

    रूस यूक्रेन युद्ध का बहाना करके सरकार किसानों को सोसायटी में डीएपी खाद नहीं दे रही ताकि धान उत्पादन प्रभावित हो
    रायपुर//शौर्यपथ /किसानों को सोसायटी में डीएपी खाद नहीं मिलने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि किसानों को डीएपी खाद सोसायटी में नहीं मिल रहा है, जबकि किसान धान बोवाई के समय सोसायटी में केसीसी के जरिये कृषि कार्य के लिए नगद राशि एवं खाद कर्ज के रूप में लेते है। किसान सोसायटी में खाद के लिये चक्कर लगा रहे हैं। मार्कफेड और सहकारिता के अधिकारियों ने इस खरीफ सीजन में डीएपी खाद उपलब्ध कराने से हाथ खड़ा कर दिये हैं। रूस यूक्रेन युद्ध का बहाना बनाकर सरकार की लापरवाही पर पर्दा कर रहे हैं। डीएपी खाद नही मिलने के कारण बोआई प्रभावित हो रही है। धान की बोआई के समय डीएपी खाद का उपयोग किया जाता है, डीएपी खाद से धान के पौधे का विकास होता है और उपज बढ़ता है। बोआई में देरी के कारण धान उत्पादन में कमी आयेगी।
    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि असल मायने में भाजपा सरकार की किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल  धान खरीदने में सांस फूल रही है। धान उत्पादन को प्रभावित करने जानबूझकर समय पर डीएपी खाद के लिये रैक की व्यवस्था और भंडारण नहीं की है।ताकि किसान ज्यादा धान का उत्पादन न कर सके और सरकार के पास कम धान खरीदने का बहाना हो कि जितना उत्पादन हुआ उतना खरीदी की गई। इसे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा।
    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डबल इंजन की सरकार कब तक रूस यूक्रेन युद्ध का बहाना बनाकर किसानों को धोखा देगी।सरकार को पता है कि किसानों को बुआई के समय डीएपी खाद की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है ऐसे में सरकार को समय से पहले मांग के अनुसार डीएपी खाद की व्यवस्था करनी थी जो करने में सरकार असफल हो गई है।

    रिमझिम बारिश के बीच मुख्यमंत्री पहुंचे धमतरी के समाधान शिविर में, कमल के हार से मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत
    धमतरी जिले में सौगातों की बारिश: 213 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्याें की घोषणा
    54 दिवसीय ‘सुशासन तिहार का धमतरी जिले में समापन
    मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, हितग्राहियों को किया सामग्री का वितरण
      रायपुर/शौर्यपथ /रिमझिम बारिश के बीच आज धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने हाईटेक बस स्टैण्ड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी। आज जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से संचालित सुशासन तिहार का आज धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया।
    मुख्यमंत्री  साय ने धमतरी के समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिमझिम बारिश के बावजूद जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। कमल के फूलों के हार के साथ हजारों की संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत किया।
    धमतरी में बड़ी घोषणाएं
    सुशासन त्योहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए 213 करोड़ रुपये के कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रूपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रूपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रूपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।
    सुशासन के मायने अच्छा शासन
    मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। ‘सुशासन तिहार’ आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। 8 अप्रैल से शुरू हुए इस महाअभियान के प्रथम चरण में राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीणों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में आवेदनों पर कार्यवाही की गई और तृतीय चरण में 08 से 10 ग्राम पंचायतों के बीच समाधान शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। सुशासन तिहार के दौरान अचानक गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की चौपाल में लोगों से फीडबैक लिया गया और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान किया गया। इस दौरान विकास कार्याें का औचक निरीक्षण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। हाल ही में बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 लाख आवास और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अंबिकापुर के कार्यक्रम में 51 हजार से अधिक आवासों का गृहप्रवेश कराया।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
    महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला का नाम छूट गया है या विवाह के बाद नाम अपडेट करना है, तो उसकी भी सुविधा आगे दी जाएगी। सरकार पूरी संवेदनशीलता से सभी को योजना से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के अंतर्गत बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।
    योजनाओं की जानी हकीकत
    मुख्यमंत्री साय ने धमतरी समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही जोधापुर डाकबंगला वार्ड की श्रीमती सुधा मारकण्डे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पक्का मकान मिल गया है और अब पानी टपकने और कीड़े-मकोड़े आदि का डर नहीं है। लखपति दीदी श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि वह आजीविका के लिए मुर्गीपालन के साथ ही मछलीपालन, पशुपालन, मशरूम उत्पादन आदि का व्यवसाय कर रही हैं, इससे उन्हें 12 हजार रूपये की अतिरिक्त आय हो रही है। कला केन्द्र में कराटे और डांसिंग सिखाने वाले वेदप्रकाश साहू ने कहा कि, कलाकेन्द्र स्थापित होने से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के हितग्राही श्री घनाराम रजवाड़े ने कार्ड के जरिए मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है।
    कार्यक्रम में राजस्व मंत्री और धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद अजय चन्द्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा, महापौर  रामू रोहरा, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू,  इंदर चोपड़ा, श्रीमती पिंकी शाह, श्रवण मरकाम सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  बसवराजु एस., आयुक्त, रायपुर संभाग  महादेव कांवरे, कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

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