August 17, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6089)

    धमतरी ब्यूरो/ शौर्य पथ

    रेत माफियाओं का हौसला इतना बुलंद हो गया है कि विरोध करने पर बंधक बनाने व जानलेवा हमला करने तक से नहीं घबराते
    नगरी सहीत, जिले में रेत तस्करी का कारोबार बेखौफ चल रहा है। कारवाई नहीं होने की वजह से रेत माफिया का हौसला सातवें आसमान में पहुंच गया है।
    रेत खदान में जिला पंचायत सदस्य और साथियों को बंधक बनाकर पीटने वाले 7 आरोपियों पर कार्यवाही की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को खूब लाल ध्रुव सदस्य जिला पंचायत ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह गुरुवार की रात अवैध रूप से चल रहे रेत खदान के संचालन को रोकने गया था, जिस पर नागू चंद्राकर एवं उनके अन्य साथियों के द्वारा जातिसूचक गाली गलौज कर डंडा राड आदि से मारपीट कर मोबाइल, चैन व अंगूठी छीन लिया गया।

    धमतरी ब्यूरो /शौर्य पथ

    थाना सिहावा अंतर्गत एक युवती छेड़खानी की शिकार हो गई थी।जिसके रिपोर्ट पर सिहावा थाना ने आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।थाना प्रभारी सिहावा संतोष मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 5 जून को सिहावा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक युवती का रास्ता रोककर छेड़छाड़ कर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने एवं धमकी दो युवकों ने दी थी।इस मामले की रिपोर्ट पर थाना सिहावा में 18 जून को धारा 341 ,376( घ) 506 भादवी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।जिस संबंध में पुलिस अधीक्षक बीपी राज भानु के निर्देशन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर रावटे के मार्गदर्शन में सिहावा पुलिस द्वारा आरोपी खेमलाल साहू उर्फ मोनू साहू पिता सुरेश कुमार साहू उम्र 23 वर्ष व सहयोगी सूरज ध्रुव पिता लल्लूराम ध्रुव उम्र 24 वर्ष निवासी सेमरा को 19 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

    Shorypath 

    सिकल सेल अनुवांशिक रोग है जो माता पिता से बच्चों को मिलता है। अगर दोनो सिकल सेल रोग से ग्रसित है तो अपनी नई पीढ़ी में इस रोग के पहुँचने की संभावना अधिक होती है।
    भौगोलिक रुप से देश के कई राज्यों में सिकल सेल के रोगी पाए जाते है जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, उड़ीसा, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान है । सिकल सेल रोग कई जनजातियों में अनुवांशिक रूप से घर कर गया है ।
    डॉ अरविन्द नेरल, राज्य सिकल सेल संस्थान के महानिदेशक सह एचओडी पैथोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी पं.ज.ला.नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर के अनुसार खून में ऑक्सीजन और हिमोग्लोबिन की कमी के कारण यह रोग होता है ।
    सिकल सेल जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग की भी कुछ जातियों और क्षेत्रों में ज़्यादा पाया जाता है । प्रदेश में 9.8 प्रतिशत लोगों में सिकल सेल के जींस पाए जाते हैं । जबकि 0.98 प्रतिशत से 1 प्रतिशत लोग इससे ग्रसित है । प्रदेश के लिए यह एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है| नवयुवकों और नवयुवतियों को विवाह पूर्व कुंडली मिलान के साथ-साथ सिकलिंग की कुंडली का मिलान भी करा लेना लाभकारी होगा । सिकल सेल रोग से ग्रसित हैं तो आने वाली पीढ़ी को बचाया जा सकता हैं, डॉ नेरल का कहना है ।
    उनके अनुसार यह बताना भी मुश्किल है कि यह बीमारी कब और कहां से आई लेकिन वैज्ञानिकों का अनुमान है मलेरिया पैरासाइट से बचने के लिए कभी-कभी लाल रक्त कणों ने यह रक्षात्मक रूप धारण किया हो ।
    डॉ. नेरल ने कहा छत्तीसगढ़ में लगभग 2.5 लाख लोग में सिकल सेल से ग्रसित है । सामान्य व्यक्ति में विशेष रुप से लाल रक्त कण अंग्रेजी के ओ आकार के होते हैं । लेकिन सिकल सेल ग्रस्त व्यक्ति में लाल रक्त कण की आकृति हंसिए के समान होती है । इसलिए इसको सिकल सेल कहते हैं| लाल रक्त कण हंसिए के आकार के होने के कारण शरीर के विभिन्न अंगों में पहुंचकर रुकावट उत्पन्न करते हैं जिसके कारण शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और हीमोग्लोबिन नहीं मिल पाता है विशेष रूप से तिल्ली, फेफड़े, हृदय, गुर्दे, लीवर को यह खराब कर देते हैं जिसके कारण रोगी की असमय मृत्यु हो जाती है ।
    रोकने के उपाय
    डॉ. नेरल कहते है इस बीमारी को रोका जा सकता है और बहुत हद तक खत्म भी किया जा सकता है। इसके लिए विवाह पूर्व सिकलिंग कुंडली का मिलान करा लेने से अनुवांशिक गुणों का दूसरी पीढ़ी में जाना रोका जा सकता है । अंतरजातीय विवाह सिकल सेल को बढ़ावा देता है । अगर अंतरजातीय विवाह के बंधन को तोड़कर विवाह किया जाए तो भी इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है ।
    सिकल सेल दो प्रकार के होते हैं
    सिकल वाहक कैरियर (ए एस) और सिकल पीड़ित रोगी (एसएस)
    सिकल सेल कैरियर या सिकल सेल ट्रेट (हेटेरोजायगोट्स) भी कहते हैं । इसमें सिकल का एक जींस होता है । लेकिन इसमें रोग के कोई लक्षण नहीं होते हैं । इन्हें किसी तरह के इलाज की जरूरत नहीं होती है। यह सामान्य जीवन व्यतीत करते हैं । इन्हें स्वयं भी मालूम नहीं होता है के उनके रक्त में सिकल का जींस हैं । सिकल रोग के प्रसार की रोकथाम के अभियान में इनका विशेष महत्व है । लेकिन जब यह अनजाने में दूसरे सिकल रोगी या वाहक से विवाह करते हैं तो सिकल पीड़ित संतान होने की संभावना बढ़ जाती है।
    सिकल पीड़ित रोगी (एसएस) सिकल सेल सफरर (होमोजायगोट्स) भी कहते हैं । जब दोनों पालकों के असामान्य जींस मिलते हैं तो संतान सिकल रोगी या सफरर होती है । इसे सिकल सेल एनीमिया रोग भी कहा जाता है। ऐसी स्थिति में रोग के सभी लक्षण मिलते हैं ।
    सिकल सेल में लाल रक्त कण की आयु बहुत कम हो जाती है सामान्य तौर पर लाल रक्त कण की आयु 100 से 120 दिन की होती है । वही सिकल सेल से ग्रसित रोगी के लाल रक्त कणों की आयु मात्र 10 से 12 दिन तक रह जाती है जिससे रोगी की असमय मृत्यु हो जाती है
    कोविड-19 में कैसे करें बचाव
    वर्तमान समय में कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए सिकल सेल रोग के रोगी का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि उसकी सामान्य प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है ऐसे लोगों को बाहर निकलते समय बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है । मां-बाप को चाहिए कि ऐसे बच्चों को बाहर एकांत में निकालें तो उनके साथ रहे । बाहर की वस्तुओं को छूने से बचाऐं ।शारीरिक दूरी को बनाएं । फल सब्ज़ियों का ज्यादा प्रयोग करें । पानी का सेवन ज्यादा से ज़्यादा करें । ठंड और धूप से भी बच्चों को बचाऐं ।हल्का-फुल्का ही व्यायाम करें लेकिन जानकारी लेकर ही । फोलिक एसिड, ज़िक और पेनिसिलिन की दवाई का प्रयोग डॉक्टर की सलाह अनुसार ही करें ।

    धमतरी/ ब्यूरो शौर्य पथ

    लदाख की गलवान सीमा पर चीन-भारतीय सैनिकों के बीच टकराव के बाद देश में चीनी सामानों के बहिष्कार का कैंपेन फिर जोर पकड़ रहा है. देश भर के खुदरा व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने चीनी सामान का बहिष्कार करने की अपील की है.
    कैट ने प्रथम चरण में उन 3000 से अधिक वस्तुओं का चयन किया है, जो भारत में भी बनती हैं, लेकिन सस्ते के लालच में अब तक चीन से इन वस्तुओं का आयात हो रहा था.
    कैट ने चीनी सामान के बहिष्कार के लिए 'भारतीय सामान-हमारा अभिमान' कैंपेन की शुरूआत की है. कैट ने चीन से आयात होने वाले करीब 3,000 प्रोडक्ट की लिस्ट बनाई है. इसमें से आज 500 वस्तुओं की लिस्ट जारी की गयी है. कैट ने कहा, "इन वस्तुओं के चीन से आयात नहीं होने से भारत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्‍योंकि वह सारी चीजें भारत में पहले से ही बनाई जा रही हैं."

    चाइनीस ऐप का बहिष्कार करने की भी बात कही गई है

    Uninstall China Apps*
    1 TikTok
    2 Kwai
    3 PUBG
    4 Helo
    5 Like
    6 Shareit
    7 Sharechat
    8 Xender
    9 Vigo
    10 Bigo
    11 Live Me
    12 UC Browser
    13 CM Browser
    14 Vigo Video
    15 Viva Video
    16 VMate
    17 Beauty Plus
    18 Baidu Map
    19 Applock
    20 Parallel Space
    21 UDictionary
    22 DU Battery Saver
    23 TurboVPN
    24 NewsDog
    25 Cam Scanner
    26 Club Factory
    27 Mi Store
    28 Oppo Store
    29 Vivo Store
    30 ES File Explorer
    31 Cheetah Mobile
    32 Clean Master
    33 Zoom
    34 Shein
    35 Wish
    36 AliExpress
    37 Clash of Kings
    38 Mafia City
    39 Mobile Legends
    40 Castle Clash

    China is earning crores of money per day by above Apps.

    You should uninstall these Apps as soon as possible

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     धमतरी ब्यूरो /शौर्य पथ

    माननीय भूपेश बघेल के निर्देश मे सिहावा विधानसभा में आज राहुल गांधी जी के जन्मदिवस के अवसर पर रोका छेका कार्यक्रम का आयोजन भीमा देव गौठान सांकरा मे किया गया।
    इस कार्यक्रम की मुख्यअतिथि के रूप मे  सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव  उपस्थित थी कार्यक्रम में डॉ. ध्रुव द्वारा किसानों को बीज एवं मास्क का वितरण किया गया।
    रोका छेका कार्यक्रम के माध्यम से गौठान मे गायों एवं बैलो को रखकर उनके दाना पानी की व्यवस्था कर  उनके अनियंत्रित गांवो मे घूमने एवं फसलों को नुकसान पहुचाने से रोका जा सकेगा एवं इनके गोबर को एकत्रित कर इससे गोबर गैस एवं वर्मीकम्पोस्ट खाद तैयार किया जाएगा जिससे की गौठान समिति की आमदनी बढ़ेगी।
    विधायक डॉ ध्रुव ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री किसान पुत्र है जो कि किसानों के जरूरत के बारे मे अच्छे से जानते है शपथ लेते ही माटीपुत्र भूपेश बघेल ने किसानों का कर्जा माफ किया मुख्यमंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, गरुवा,घुरवा, बाड़ी  के तहत सभी ग्राम पंचायतों मे गौठान का निर्माण कराया जा रहा है जिसके माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों के गौठान मे वर्मीकम्पोस्ट खाद बनाया जा रहा है जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों मे किसानों द्वारा रासायनिक खाद के विकल्प के रूप मे वर्मीकम्पोस्ट खाद का उपयोग कर जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा सकेगा एवं किसान  आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
    इस कार्यक्रम में सरपंच शशि ध्रुव,जनपद सदस्य सुलोचना साहू,विधायक प्रतिनिधि रुद्र प्रताप नाग,जनपद सदस्य दुर्गेशनंदिनी साहू,शकुंतला ठाकुर,सविता सोन,उपसरपंच पारस साहू,पंच डिकेश्वर सिन्हा ,बल्लू ठाकुर ,रोमन साहू,जयश्री साहू, देववती साहू,अनसूइया ध्रुव ,पिंकी मल्होत्रा,गौठान समिति के अध्यक्ष सुरेश साहू,ग्राम सभा अध्यक्ष गिरधारी मंडावी,अजित वर्मा,हेमलता साहू,गिरवर भंडारी,जनमेजय साहू आदि उपस्थित थे।

    धमतरी ब्यूरो/ शौर्य पथ

    कोसरिया यादव समाज सिहावा क्षेत्र के द्वारा कोरोना से लडने के समाज की ओर से 51000/ रुपए पी एम केयर फंड में जमा किए है । समाज के प्रति सदस्य 100 के हिसाब से जमा किया गया है । राशि जमा करते समय समाज के अध्यक्ष चिंता राम उपाध्यक्ष देव चंद यादव सचिव कमलनारायण यादव, सहसचिव दुबन यादव, मनोज यादव संरक्षक कुशल राम यादव,कोषाध्यक्ष बीरेंद्र यादव मंत्री डोमार यादव मी, युवा प्रकोष्ठ से प्रवीण यादव देवराज यादव, महिला प्रकोष्ठ से सांवली यादव, मंगतीन बाईं, ममता यादव, चंदा यादव संगीता यादव के साथ श्रीराम, राधेश्याम यादव,सुक चंद यादव, मोहन यादव,प्रभु यादव, गौतम यादव,खम्मन यादव, सूर्यकांत यादव,कबलू यादव,चन्द्रभान यादव,करण यादव गोपाल यादव उपस्थित रहे।

    धमतरी शौर्य पथ

    सिहावा क्षेत्र के कोसरिया यादव समाज द्वारा में हुए वीर शहीदों को श्रद्धंजलि अर्पित किया गया।
    उन्हें याद कर कहा गया कि उन सैनिकों के बदौलत ही देश और समाज सुरक्षित है। वे सीमा पर रहकर अपनी जान जोखिम में डाल कर देश और हमारी रक्षा करते है। ऐसे वीर शहीदों को कोटि कोटि नमन । साथ ही भगवान उनके परिवार को दुख की इस घड़ी में संबल प्रदान करे।
    श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कमलनारायण यादव, यादव समाज के सचिव के साथ बीरेंद्र यादव, हीरा शंकर यादव, कृष्ण यादव, कुलेश्वर यादव, संतोष यादव, नरेश यादव, जगदीश यादव, करण यादव, पूर्वी यादव, ममता यादव, उपस्थित थे।

    धमतरी ब्यूरो /शौर्य पथ

    नगरपालिक निगम धमतरी के सभी 40 वार्डों में 10 हजार पौधरोपण किए जाएंगे। कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने आज नगर के गैरसरकारी संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं व विभिन्न क्लबों के संचालकों की बैठक लेकर पौधरोपण के लिए उन्हें आगे आने की अपील की। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शहरी क्षेत्रों में लगातार पतन होते जा रहे ग्रीन बेल्ट के रकबे पर चिंता जाहिर करते हुए आगामी जुलाई माह के अंत तक कम ऊंचाई व छायादार पौधे रोपने और उनकी सुरक्षा का जिम्मा उठाने की बात कही।
    कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज शाम 4.30 बजे आयोजित बैठक में कलेक्टर ने बताया कि सी.सी. रोड, नाली निर्माण जैसे कांक्रीट के कार्यों से भूमिगत जल का उचित मात्रा में ठहराव नहीं होता, जिससे उसका स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। इसके चलते शासन द्वारा वाॅटर हारवेस्टिंग, वाॅटर रिचार्ज की अनिवार्यता लागू की जा रही है। पौधरोपण इसलिए भी बहुत जरूरी है कि इससे न सिर्फ पर्यावरण संतुलन कायम रहता है, बल्कि मानव जीवन के लिए शुद्ध प्राणवायु, प्रदूषण का अवशोषण, भूजल स्तर का स्थिरीकरण तथा सौंदर्यीकरण बेहद आवश्यक है। उन्होंने आगे बताया कि इसके लिए नगर निगम प्रशासन द्वारा सभी 40 वार्डों में स्थल का चिन्हांकन किया जा रहा है जहां पर सघन प्लांटेशन किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए प्रयास यह होना चाहिए कि 90 प्रतिशत पौधे जीवित रह सकें। उन्होंने कम ऊंचाई वाले, अधिक मात्रा में आॅक्सीजन देने वाले छायादार पौधों का रोपण करने की सलाह बैठक में मौजूद संगठनों के प्रतिनिधियों को दी। साथ ही प्रत्येक संगठन को पौधे लगाने की निश्चित संख्या और उनकी देखभाल के लिए ट्री-गाॅर्ड आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। लगाए जाने वाले पौधों की आपूर्ति वन विभाग से किए जाने की जानकारी कलेक्टर ने दी। इसके अलावा पौधरोपण के लिए ऐसे स्थानों का चयन के लिए कहा, जहां पौधे बेहतर ढंग से सुरक्षित रह सके व सड़क चैड़ीकरण की जद में आने न पाए। यह तभी संभव हो सकेगा, जब इसमें स्थानीय संस्थाओं, संगठनों व रहवासियों का प्रत्यक्ष तौर पर जुड़ाव हो। उन्होंने शहर के तालाबों के किनारे, सड़कों के दोनों ओर तथा रिक्त परिसरों का चिन्हांकन करने के निर्देश निगम के आयुक्त को दिए। बैठक में जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती नम्रता गांधी, निगम के आयुक्त श्री आशीष टिकरिहा सहित विभिन्न गैर शासकीय संगठनों के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।

    राष्ट्र हित के लिये केंद्र शासन पर जनता का दवाब जरुरी


    रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश बिस्सा ने कहा की प्रधानमंत्री जी द्वारा चीन - भारत मुद्दे को लेकर 19 जून की शाम को सर्वदलीय बैठक आयोजित किये जाने का निर्णय कांग्रेस व जागृत जनता का उनके ऊपर बनाये गये दवाब का नतीजा है। राष्ट्र हित के लिये केंद्र शासन पर जनता का दवाब जरुरी होता है जिसे निरंतर कायम रखना होगा। तभी देश की व्यवस्था पुनः पटरी पर लौट सकेगी। बिस्सा ने भारत-चीन लद्दाख बॉर्डर पर शहादत को प्राप्त हुए 20 भारतीय जवानों जिसमें बस्तर का नव युवा गणेश कुंजाम भी था को श्रद्धांजली अर्पित करते हुए कहा की इन सपूतों ने तो राष्ट्र के खातिर अपनी जान न्योछावर कर दी अब हम सब भारतवासियों का लक्ष्य होना चाहिए कि इनकी शहादत व्यर्थ ना जाए। यही उन सेनानियों प्रति सच्ची श्रद्धांजली भी होगी। जवानो की शहादत पर देश ने जो एक जुटता प्रदर्शित की है वह प्रशंसनीय है, इसकी निरंतरता कायम रहनी चाहिये।

    बिस्सा ने कहा की आने वाले समय में “राष्ट्र खतरे में है, राष्ट्र को एकता की जरूरत है, राष्ट्र के प्रधानमंत्री के साथ सबको खड़े होकर चलना चाहिए, राष्ट्र प्रथम” जैसी बातें हमारा मुंह बंद कराने का प्रयास करेंगी लेकिन इससे राष्ट्रीय स्वाभिमान और संप्रभुता की रक्षा नहीं की जा सकेगी यह देशवासियों को समझना होगा। बिस्सा ने कहा की देश में जनमानस के विचारों की दिशा को तय करने वाली दो शक्तियों हावी है। पहला सोशल मीडिया जो पूरी तरह विदेशी लोगों के हाथों में है। दूसरा लोकतंत्र का चौथा स्तंभ विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जिसका बहुत बड़ा भाग पूंजीपतियों के हाथों में है। यह दोनों कभी नहीं चाहेंगे कि कोई ऐसा व्यक्ति शासन करे जिसके ऊपर वे हावी ना हो सके। देशवासियों को इस बात पर गहराई से चिंतन कर अपनी जवाबदारियों का दायरा सुनुश्चित करना होगा।

    बिस्सा ने कहा की जब किसी के ऊपर सत्ता में बने रहने की प्रबल इच्छा हावी हो जाती है तब राष्ट्र और जनता के प्रति उसकी प्राथमिकताएं नगण्य हो जाती है। जिस तरह पूरे देश में सत्ता में बने रहने तथा अपनी ताकत बनाए रखने के लिए खरीद-फरोख्त करती भाजपा की राजनीति को हम सब देख रहे हैं, इस बात का साक्षात प्रमाण भी है। इसकी गंभीरता को महसूस करना हम सब लोगों की प्राथमिकता होना चाहिए। बिस्सा ने कहा की हमारे प्रधानमंत्री बोलने में तो बहुत जोशीले हैं लेकिन रणनीति, कूटनीति, राष्ट्र नीति, विदेश नीति, अर्थ नीति सहित सभी नीतियों में बुरी तरह असफल साबित हुए हैं। जब राजा अक्षम निकल जाए तो जनता को अपनी सक्षमता प्रदर्शित करना चाहिए वरना राष्ट्रीय संप्रभुता खतरे में पड़ सकती है। अब वक्त आ गया है कि जनता आगे बढ़कर प्रश्न करे तथा शासक को मजबूर करे की वो उत्तर दे ना कि प्रश्न के प्रति उत्तर में प्रश्न करे या कीचड़ उछाले।

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