
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानित
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज द्वारा दानशीलता दिवस पर आयोजित सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में समाज द्वारा नवनिर्मित 200 सीटर ऑडिटोरियम का लोकार्पण और दान दाताओं का सम्मान भी किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अग्रवाल समाज की दानशीलता के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए अग्रवाल समाज हमेशा ही आगे रहा है। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ से काफी पुराना नाता रहा है। लगभग 400 साल पहले जब से अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ में पदार्पण हुआ है, तब से छत्तीसगढ़ के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज व्यापार व्यवसाय से जुड़ा हुआ है जो कठिन परिश्रम तथा लगन से कार्य करते हुए मानवता की सेवा में जुटा रहना वाला समाज है। अग्रवाल समाज के द्वारा कोविड की विषम परिस्थिति में भी मानव सेवा सम्बंधी किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के दानदाताओं के सहयोग का उल्लेख किया। इनमें उन्होंने डीकेएस अस्पताल, एम्स, शीतलबांधा तालाब सहित अनेक कार्यों का उल्लेख किया। कृषि विश्वविद्यालय के लिए 1900 एकड़ भूमि समाज के दानदाताओं द्वारा दी गई है। अनेक धर्मशाला, तालाब, मंदिर, गौशाला, छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के द्वारा बनाई गई है। इन कार्यों से समाज का हर वर्ग लाभान्वित है। सामाजिक समरसता का इससे अनूठा उदाहरण और कुछ नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के लोगों ने सेवा के ऐसे काम किए हैं, जो सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कन्या विवाह, रोजगार जैसे अनेक क्षेत्रों में आप सभी ने जरूरतमंदों की सेवा की है। हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ देश-दुनिया में सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप 2047 में विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को पाने में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहेंगी। इस दौरान उन्होंने समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। साथ ही मुख्य मंच से दान देने वाले अग्रणी परिवारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री दाऊ अनुराग अग्रवाल सहित समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में -केदार कश्यप
उप मुख्यमंत्री और वनमंत्री ने किया बस्तर पंडुम के संभागीय स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन
मंत्रियों ने स्टॉल का अवलोकन करने सहित स्थानीय व्यंजन का स्वाद लेकर की सराहना
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ बस्तर पंडुम का आयोजन
रायपुर/शौर्यपथ /राज्य शासन द्वारा बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित कर इसे देश और वैश्विक पटल पर रखने सहित स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों को अमिट पहचान और समुचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2025 यथा बस्तर का उत्सव का भव्य संभागीय स्तरीय कार्यक्रम आयोजन दंतेवाड़ा के हाईस्कूल मैदान में किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वनमंत्री केदार कश्यप ने बस्तर पंडुम के संभागीय स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर बस्तर की वैभव-गौरवशाली संस्कृति को सहेजने और संवारने सहित वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए सरकार ने बस्तर पंडुम कार्यक्रम का आयोजन किया है। जिससे बस्तर की संस्कृति, परंपरा को दुनिया के लोगों को जानने-समझने का अवसर मिलेगा। बस्तर अद्भुत सांस्कृतिक परम्परा, रीति रिवाज और जनजातीय व्यंजन से समृद्ध है, इस पावन धरा में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। इस क्षेत्र में मेरा जन्म ना होने से यहाँ की संस्कृति और अनेक स्वादिष्ट व्यंजन से मैं वंचित रहा हूँ पर आज इस कार्यक्रम में मुझे बस्तर की सभी स्वाद का अनुभव करने का अवसर मिला। उन्होंने बस्तर में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु सार्थक प्रयास करने की बात कही ।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में हो रही है लोग बस्तर की संस्कृति को समझने के लिए लालायित हो रहे हैं। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन, वेशभूषा- आभूषण जोे विलुप्तप्राय हैं ऐसी समृद्ध संस्कृति को बचाने की पहल बस्तर पंडुम के माध्यम से की जा रही है। इस कार्यक्रम में समूचे संभाग के जिलों के प्रतिभागियों द्वारा शानदार प्रदर्शनी लगाई गई है। उन्होंने दंतेवाड़ा का फाल्गुन मंडई और बस्तर में आयोजित बस्तर दशहरा को सामाजिक समरसता का प्रतीक निरूपित करते हुए कहा कि समाज के लोग इस परंपरा को संवर्धित कर रहे हैं। हमारे बस्तर क्षेत्र में जन्म से मृत्यु तक पंडुम मनाते हैं। इस समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संदेश देने में हमारी परंपरा, रीति -रिवाज की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने भी संबोधित किया। संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी ।
कार्यक्रम के शुरुआत में दोनों मंत्रियों ने प्रदर्शनी में लगे जनजातीय कला स्टॉल का अवलोकन कर प्रदर्शनी में लगे जनजातीय संस्कृति के वाद्य यंत्र का वादन किया और स्थानीय एवं जनजातीय व्यंजन का स्वाद लेकर सराहना किए। इस अवसर पर विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, सीईओ जयंत नाहटा सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत सात विधाएं शामिल की गई है। जिसमें संभाग के सातों जिलों के विजेताओं के मध्य प्रतियोगिता आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत-चौतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेशभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के…
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने 8 विशेषज्ञ चिकित्सकों व 31 चिकित्सा अधिकारियों के संविदा नियुक्ति आदेश जारी, स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी किया आदेश
ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए चिकित्सा अधिकारी व विशेषज्ञ चिकित्सक
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी हेतु पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में में 31 चिकित्सा अधिकारियों (संविदा) व 08 विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) की पदस्थापना की गई है। जिससे त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं।
विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. रितु बघमार जिला अस्पताल बलौदा बाजार-भाठापारा, डॉ. गौरव दानी जिला अस्पताल बेमेतरा, डॉ अशफाक हुसैन जिला अस्पताल दंतेवाड़ा, डॉ संतराम चुरेन्द्र व डॉ. ऋचा वर्मा की जिला अस्पताल दुर्ग, डॉ संजय कुमार सिंह जिला अस्पताल जांजगीर चांपा, डॉ मिलिंद मनोहर देवधर, शहरी सामुदायिक केन्द्र रायपुर व डॉ शिवम जायसवाल की जिला अस्पताल सूरजपुर में पदस्थापना की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
स्वस्थ तन-मन के लिए योग को करें अपनी दिनचर्या में शामिल - मुख्यमंत्री
रायपुर/शौर्यपथ / योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा के पदभार ग्रहण हेतु अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा। 2017 में स्थापित योग आयोग की अब तक की यात्रा शानदार रही है और सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए।
योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव मैंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सभी को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, परंतु इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री जी ने मुझे मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी नियमित योग करते हैं। उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता से आज सारी दुनिया वाकिफ है। सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूजनीय संत समाज, योग आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध कवि, लेखक एवं पत्रकार पद्मभूषण पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती (04 अप्रैल) पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पंडित माखन लाल चतुर्वेदी को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं में प्रकृति प्रेम, त्याग, बलिदान और देशभक्ति का अनुपम संगम दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी ने अपनी प्रभावशाली लेखनी के माध्यम से जनमानस में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बिलासपुर के सेंट्रल जेल में लिखी गई उनकी प्रसिद्ध कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ आज भी लोगों के हृदय में देशभक्ति की भावना का संचार करती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चतुर्वेदी जी की उत्कृष्ट रचनाएं, उनमें निहित राष्ट्रप्रेम और संवेदना भावी पीढ़ियों के मन में सदैव देशभक्ति की भावना का संचार करती रहेंगी।
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि (03 अप्रैल) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज एक नाम नहीं, बल्कि भारतमाता की आत्मा में रचा-बसा वह स्वाभिमान हैं, जिन्होंने स्वराज्य का स्वप्न देखा और उसे यथार्थ में परिणत किया। वे साहस, संकल्प और राष्ट्रभक्ति की सजीव प्रतिमूर्ति थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज भारतीय संस्कृति, नीति और नेतृत्व के अमिट प्रतीक हैं। उन्होंने न केवल धार्मिक सहिष्णुता, जनकल्याण और न्यायप्रिय शासन की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत की, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि एक सच्चा शासक केवल तलवार से नहीं, नीति, मूल्य और जनसेवा से पहचाना जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जब देश नए भारत के निर्माण की दिशा में बढ़ रहा है, तब शिवाजी महाराज की सोच, उनका साहस और स्वराज्य का दर्शन हमारे लिए प्रेरणापुंज बन सकता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के जीवन से हमे यह प्रेरणा मिलती है कि जब संकल्प अडिग हो और ध्येय राष्ट्रहित, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को प्रेरित किया कि शिवाजी महाराज के राष्ट्रप्रेम के आदर्श का अनुसरण करते हुए राष्ट्र की उन्नति में अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और समय को समर्पित कर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹16,390 करोड़ का जीएसटी संग्रह, दर्ज की गई 18 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने कुल ₹16,390 करोड़ का जीएसटी राजस्व संग्रह कर देशभर में सबसे अधिक 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर स्थापित करती है। इस क्रम में महाराष्ट्र 16% और तमिलनाडु 15% की वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
मार्च 2025 में पहली बार ₹2000 करोड़ से अधिक का मासिक संग्रह
मार्च 2025 में छत्तीसगढ़ को SGST मद में ₹1,301.09 करोड़ की प्राप्ति हुई, जो कि मार्च 2024 की तुलना में 72 प्रतिशत अधिक है। यह पहली बार है जब राज्य ने SGST संग्रह में ₹1000 करोड़ का आंकड़ा पार किया है।
मार्च 2025 में ही IGST मद में ₹756.73 करोड़ प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार मार्च 2025 में कुल जीएसटी संग्रह ₹2,057.82 करोड़ रहा, जो मार्च 2024 के ₹1,443.66 करोड़ की तुलना में 43 प्रतिशत की प्रभावशाली मासिक वृद्धि दर्शाता है। जीएसटी आने के बाद छत्तीसगढ़ ने पहली बार एक माह में कुल जीएसटी राजस्व में 2000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया है।
बेहतर प्रशासन, तकनीक का समावेश और सतत निगरानी से मिली ऐतिहासिक सफलता
यह उल्लेखनीय प्रगति राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर वाणिज्यिक कर विभाग में किए गए व्यापक सुधार, नवाचार और नई कार्यसंस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के मार्गदर्शन में विभाग ने जीएसटी प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं।
नॉन-फाइलर्स पर नियंत्रण
रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों की निरंतर निगरानी एवं संवाद के माध्यम से अनुपालना दर में बड़ा सुधार हुआ है। नॉन-फाइलर्स की संख्या 15 प्रतिशत से घटकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई है।
फर्जी पंजीकरण की जांच
28,000 से अधिक व्यवसायों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिनमें से 4, 252 फर्मों, जो कुल फर्मों का लगभग 15% है, को फर्जी पाया गया। इससे कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगा और कर अनुपालना में वृद्धि हुई।
डेटा एनालिटिक्स आधारित कार्रवाई
वर्षभर में डेटा एनालिटिक्स के आधार पर 313 मामलों में लेखा पुस्तकों की जांच कर ₹45.13 करोड़ की वसूली की गई।
वहीं, 77 प्रतिष्ठानों की तलाशी/निरीक्षण से ₹47.35 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई।
सेक्टर विश्लेषण और इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय
जीएसटी विभाग द्वारा सेक्टर आधारित विश्लेषण और इंटर डिपार्टमेंटल डेटा का उपयोग करते हुए 49 संभावित कर अपवंचन क्षेत्रों की पहचान की गई जिससे ₹101 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया।
सरकारी विभागों से बेहतर अनुपालन
मार्च 2025 में किए गए विशेष प्रयासों के तहत शासकीय विभागों द्वारा जीएसटीआर-7 रिटर्न दाखिल करवाकर इनके सप्लायर्स से ₹37 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व एकत्रित किया गया।
व्यापक व्यापारी संपर्क अभियान
राज्य भर में ऐसे 36,847 व्यापारियों से संपर्क किया गया, जिन्होंने या तो शून्य रिटर्न दाखिल किया था या व्यवसाय में नकारात्मक वृद्धि दर्शाई थी, जिससे कर अनुपालन में बढ़ोतरी सुनिश्चित हुई। इन सभी ठोस और तकनीक आधारित उपायों का प्रत्यक्ष परिणाम है कि छत्तीसगढ़ आज देश में जीएसटी वृद्धि में शीर्ष स्थान पर है।
भविष्य के लिए डिजिटल और एआई-आधारित रणनीति तैयार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के मार्गदर्शन में जीएसटी विभाग अब डिजिटल ट्रैकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली और उन्नत अनुपालन तंत्र को लागू कर, आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ को देश में अग्रणी स्थिति में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
"छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की पहचान है। हमारी सरकार ने टैक्स प्रशासन को जनकेंद्रित और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाकर यह सिद्ध किया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो राजस्व भी बढ़ता है और विश्वास भी। हम इसी गति को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का मॉडल बनाएंगे।"
जन सुरक्षा और विकास योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सुगम यातायात के लिए जिले के मुख्य मार्गों में ब्लॉक स्पॉट का चिन्हांकन करने तथा खराब हुए सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जहां सड़कें ज्यादा खराब हो गई हैं उसे जल्द से जल्द मरम्मत कराना सुनिश्चित करें, जिससे की आमजनों को आवागमन में परेशानी न हो। नेताम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के संबंध में चर्चा करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिये। साथ ही सड़क निर्माण के लिए हो रहे पेड़ कटाई के कार्य में अधिक मानव संसाधन लगाकर जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए सीट बेल्ट, हेलमेट अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश भी दिये। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में आज संयुक्त जिला कार्यालय बलरामपुर-रामानुजगंज के सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत शासी परिषद के जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा), सड़क सुरक्षा समिति की आयोजित बैठक सम्पन्न हुई।
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति: केंद्रीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिये निर्देश
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए योजनाओं की प्रगति पर बिंदुवार चर्चा की। उन्होंने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये। बैठक में मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित अन्य प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की।
सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में स्थानीय बोली के प्रोत्साहन पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी बैठक में इन क्षेत्रीय बोली का प्रयोग करें। उन्होंने योजनाओं का सही तरीके से प्रचार-प्रसार कर गांव में रहने वालों आमजनों तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने के भी निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर आमजनों को शासन की योजनाओं का लाभ देने को कहा। श्री महाराज ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से बेहतर कार्य करते हुए जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र के विकास कार्यों की सतत् जानकारी उपलब्ध कराएं।
खनिज न्यास संस्थान के निमार्ण कार्यों की प्रगति ली जानकारी
जिला खनिज न्यास संस्थान अंतर्गत निमार्ण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इस वित्तीय वर्ष हेतु कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष के स्वीकृत कार्यों में पूर्ण हुए कार्यों की इसकी जानकारी ली। बैठक में कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने जिला खनिज संस्थान न्यास और दिशा समिति से जुड़ी जानकारी के साथ वित्तीय वर्ष 2024-25 के महत्वपूर्ण कार्य एवं आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्ययोजना के अनुमोदन तथा गतिविधियों की जानकारी दी।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत डीएमएफ अंतर्गत प्राप्ति एवं व्यय की राशि की जानकारी, डीएमएफ के कार्यों सहित महत्वपूर्ण कार्यों के संबंध में जानकारी प्रदान की। साथ ही बताया कि क्षेत्र अंतर्गत पेयजल आपूर्ति, पर्यवारण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला व बाल विकास, कौशल विकास व आजीविका, स्वच्छता, कृषि, पशुपालन के क्षेत्र में प्राथमिकता से कार्य कराया जाएगा।
इस दौरान सरगुजा सासंद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव रमनलाल, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर/शौर्यपथ बिलासपुर के कोनी इलाके में रहने वाली रंजिता पटेल हमेशा से आत्मनिर्भर बनना चाहती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिल रही थी, जिससे वह हताश रहने लगी। लेकिन उसकी जिंदगी तब बदली जब उसने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में सुना। रंजिता ने इस योजना के अंतर्गत जनरल ड्यूटी असिस्टेंट का कोर्स करने का फैसला किया। प्रशिक्षण के दौरान, उसने मरीजों की देखभाल, अस्पताल में आवश्यक प्रक्रियाएं और चिकित्सा उपकरणों के सही उपयोग के बारे में सीखा।
रंजिता को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद एक निजी अस्पताल में नौकरी मिल गई। पहले जहां वह बेरोजगार थी और अपने परिवार की आर्थिक मदद नहीं कर पा रही थी, वहीं अब वह हर महीने एक अच्छी सैलरी कमाने लगी। उसकी इस सफलता ने न केवल उसे बल्कि उसके पूरे परिवार को खुशी दी। रंजिता कहती है, अगर यह योजना नहीं होती तो शायद मैं आज भी बेरोजगार होती। इस योजना ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया और मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाया। इससे मेरे सपनों को पंख मिल गया है।
रीता यादव, ऋतु यादव और द्रौपदी निषाद ने भी इसी योजना के तहत जनरल ड्यूटी असिस्टेंट का प्रशिक्षण प्राप्त किया और आज वे विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत हैं। ऋतु यादव बताती हैं, मैंने कभी नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी नौकरी मिल जाएगी। अब मैं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने में योगदान दे रही हूं। वहीं, रामेश्वर निषाद, जिन्होंने राजमिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त किया, कहते हैं, अब मैं खुद का व्यवसाय चला रहा हूँ और अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रहा हूँ। यह योजना मेरे जैसे युवाओं के लिए वरदान साबित हुई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अलावा, राज्य सरकार ने कई अन्य योजनाओं को लागू किया है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मानना है कि हर युवा को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलना चाहिए ताकि वे अपने भविष्य का निर्माण कर सकें और छत्तीसगढ़ की समृद्धि में योगदान दे सकें। उनके इस विजन को साकार करने के लिए सरकार ने कई रोजगारोन्मुखी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एक महत्वपूर्ण कदम है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना राज्य के युवाओं को विभिन्न व्यवसायों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। 14 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के युवा इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। वे युवा जो स्कूली या कॉलेज शिक्षा छोड़ चुके हैं और रोजगार की तलाश में हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। प्रशिक्षण पूरी तरह से निःशुल्क है और प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाता है। योजना के अंतर्गत जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, ब्यूटी पार्लर कोर्स, सिलाई प्रशिक्षण, डाटा एंट्री ऑपरेटर, असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, राजमिस्त्री, डेस्कटॉप पब्लिकेशन, सोलर पैनल ऑपरेटर, जल वितरण संचालक आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है।
छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना से बिलासपुर जिले के 596 युवाओं को इस वर्ष कौशल प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है। कई युवाओं ने नौकरी हासिल की, तो कुछ ने अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंपों के माध्यम से नौकरी के अवसर प्रदान किए जाते हैं। रंजिता अब आगे नर्सिंग का कोर्स करना चाहती है ताकि वह और भी बेहतर नौकरी प्राप्त कर सके। वह चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां इस योजना का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर बनें। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने रंजिता जैसी कई लड़कियों की जिंदगी बदली है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
