August 19, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    रायपुर

    रायपुर (6096)

    रायपुर /शौर्यपथ /राज्यपाल  रेमन डेका ने आज अपने बालोद प्रवास के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में जिले की विभागीय गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान  डेका ने खेल गतिविधियों में जिले का नाम रोशन करने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ियों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। राज्यपाल   डेका ने जिले के खिलाड़ियों को उनके इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कठिन परिश्रम एवं लगन के साथ खेल के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल कर जिले, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने को कहा। इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने समाज कल्याण विभाग की ओर से टेकापार निवासी दिव्यांगपुसउराम साहू और बोरिद निवासी श्रीमती पूर्णिता आलेन्द्र को इलेक्ट्रिक व्हील चेयर प्रदान की।
        राज्यपाल डेका ने जिले में संचालित जल जतन योजना के तहत् फलस चक्र परिवर्तन कर धान के बदले दलहनी, तिलहनी फसल लेने वाले सनौद निवासी किसान ध्रुवराम साहू से बातचीत की। किसान ध्रुवराम साहू ने राज्यपाल को जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा आयोजित चौपाल में जब उन्हें धान की खेती करने से होने वाले हानि के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने अपना मन बदल लिया और इस साल धान के बदले 05 एकड़ में चना और 05 एकड़ में मक्का की फसल ली है, यह उनके लिए लाभप्रद सिद्ध हुआ है। इसके साथ ही स्वसहायता समूह की सक्रिय महिलाएं श्रीमती आशा सागर और ज्योति साहू ने जानकारी दी कि वे सभी महिलाएं गांव-गांव जाकर लोगों को पानी बचाने की समझाईश दे रही हैं। इस दौरान उन्होंने सिद्धी स्व सहायता समूह, जय मां पहाड़ो वाली स्व सहायता समूह, नवदीप स्व सहायता समूह, बैंक सखी श्रीमती मालती साहू सहित अन्य महिलाओं से चर्चा की और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों और इससे होने वाली आमदनी के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर स्व सहायता समूह की महिलाओं ने राज्यपाल डेका को समूह द्वारा तैयार की गई सामग्री भेंट की। राज्यपालडेका ने अंर्तजातिय विवाह करने वाले राजेन्द्र यादव एवं उनकी पत्नी को विभागीय योजना के तहत् 02 लाख 50 हजार रूपये का चेक भी प्रदान किया। इस अवसर पर आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, पुलिस अधीक्षक एस.आर भगत के अलावा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

    आश्रम-छात्रावासों में बिजली, पानी तथा शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश
    आयुक्त श्री एल्मा ने कोण्डागांव जिले में संचालित आश्रम-छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा की
    रायपुर/शौर्यपथ /आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग के आयुक्त श्री पी.एस. एल्मा ने कोण्डागांव जिले में संचालित आश्रम-छात्रावासों, संस्थाओं और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में आयुक्त श्री एल्मा ने एकलव्य विद्यालयों में बिजली, पानी सहित शौचालयों की स्थिति की अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने भवनविहीन आश्रम-छात्रावासों की स्थिति पर चर्चा करते हुए सभी संस्थानों में बरसात से पहले आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने तथा शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
        आयुक्त श्री एल्मा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराएं और हेल्थ कार्ड में इसका रिकॉर्ड संधारित हो। उन्होंने कन्या छात्रावासों में सुरक्षा को लेकर महिला होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने तथा पुरुष कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए। जहां महिला नगर सैनिक उपलब्ध नहीं हैं, वहां रात्रिकालीन सुरक्षा के लिए महिला चैकीदार की व्यवस्था करने को कहा। बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक आयुक्त सुश्री निकिता मरकाम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए 299.85 करोड़ की मिली प्रशासकीय स्वीकृति
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ राज्य की जनता तक पहुँचे और सभी संसाधनों का उपयोग जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाए। मुख्यमंत्री की इस जनकेंद्रित सोच के अनुरूप अब डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) की राशि का जनहित में लोगों को  गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं  की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में उपयोग प्रारंभ हो गया है।
    इसी क्रम में दंतेवाड़ा जिले की डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में गीदम में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य हेतु ₹299 करोड़ 85 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन के लिए लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन) को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। सीजीएमएससी नियमानुसार राज्य शासन एवं पीडब्ल्यूडी मैनुअल के प्रावधानों के तहत निविदा प्रक्रिया, कार्यादेश और निर्धारित समय सीमा का पालन सुनिश्चित करेगी।
    मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह पहल न सिर्फ गीदम और दंतेवाड़ा क्षेत्र के लोगों को अपने निवास के समीप उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी, बल्कि यह संपूर्ण बस्तर अंचल के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को भी एक नई दिशा देगी।
    यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनकेंद्रित सरकार की उस अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें विकास, विश्वास और पारदर्शिता को समान रूप से महत्व देते हुए राज्य के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प झलकता है।

    जिला निर्माण समिति के माध्यम से निर्माण कार्यों का होगा बेहतर क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन
    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन ने एक निर्णायक कदम उठाते हुए नक्सल प्रभावित सुकमा, बीजापुर एवं नारायणपुर जिलों में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु "जिला निर्माण समिति" के गठन की स्वीकृति प्रदान की है।
    मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनता के पैसे से चलने वाले कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसी तारतम्य में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जिला निर्माण समिति के गठन के सम्बन्ध में आदेश जारी किया गया है। यह समिति निर्माण कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन के लिए गठित की गई है। समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर रहेंगे। जिले के पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, डीएफओ, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला कोषालय अधिकारी एवं  संबंधित  कार्य  के जिला प्रमुख अधिकारी  समिति के सदस्य रहेंगे।
    जिला निर्माण समिति का कार्य क्षेत्र संपूर्ण राजस्व जिला होगा।
    कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति वर्तमान नियमों के तहत् सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी की जाएगी। जिला निर्माण समिति के माध्यम से किए जाने वाले कार्यों का निर्धारण जिला कलेक्टर द्वारा किया जायेगा।  जिन कार्यों को 3 बार ऑनलाईन निविदा आमंत्रित करने के बाद भी, इच्छुक ठेकेदार उपलब्ध नहीं होने के कारण पूरा कराया जाना संभव न हो, ऐसे अत्यावश्यक तथा अपरिहार्य निर्माण कार्यों को जिला निर्माण समिति के माध्यम से कराया जायेगा। जिले के जो ब्लॉक गहन रूप से नक्सल प्रभावित नहीं है उनमें जिला निर्माण समिति के माध्यम से यथासंभव कार्य नहीं कराया जाने के निर्देश हैं। स्थानीय निधि जैसे की डीएमएफ/सीएसआर इत्यादि मद से कराए जाने वाले कार्यों में भी सर्वप्रथम कार्य एजेंसी जैसे की पीडब्लूडी/ आरईएस/पीएमजीएसवाई इत्यादि को ही क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया चाहिए ना की जिला निर्माण एजेंसी को। इन एजेंसी के द्वारा अगर कार्य निष्पादन नहीं हो पाता है, लगातार 3 बार निविदा में कोई भाग नहीं लेता है तब वैसी परिस्थिति में ही कार्य स्थानीय निधि से जो कराए जाने है, में जिला निर्माण एजेंसी को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया जा सकता है।
    समिति के माध्यम से रूपये 10.00 करोड़ तक का कार्य कराया जा सकेगा। अपरिहार्य तथा अत्यावश्यक निर्माण कार्यों को जिला निर्माण समिति से कराये जाने के संबंध में ई-टेण्डर द्वारा निविदा आमंत्रित की जायेगी। जिला निर्माण समिति द्वारा एक कार्य को निर्माण की सुविधा की दृष्टि से दो अथवा दो से अधिक भागों में विभाजित किया जा सकेगा, जैसे-पुल-पुलियों के कार्य सहित सड़क निर्माण का कार्य स्वीकृत हो, तो सड़क कार्य के लिये अलग ठेकेदार तथा पुल-पुलियों के लिये अलग-ठेकेदार नियुक्त करने की छूट होगी। सड़क की लंबाई अधिक होने अथवा पुल-पुलियों की संख्या अधिक होने की स्थिति में सड़क को दो अथवा दो से अधिक भागों में बांटने तथा अलग-अलग पुल-पुलियों के लिये भी अलग-अलग एजेंसी नियुक्त करने की छूट होगी, किन्तु एक कार्य को छोटे-छोटे टुकडों में विभाजित करते समय समिति द्वारा इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि समग्र रूप से कार्य की गुणवत्ता एक जैसी रहे तथा अलग-अलग टुकड़ों में कराए गए कार्यों के लागत मूल्य में समानता रहे। यदि कार्य को अलग अलग-अलग टुकड़ों में कराया जाता है तो यह ध्यान रखा जाए कि विगत तीन वर्षों में जिले में विभिन्न विभागों के द्वारा कराए गए समान प्रवृत्ति के कार्य के दर से अधिक नहीं हो।
    कार्यों का निरीक्षण, पर्यवेक्षण तथा मूल्यांकन का कार्य लोक निर्माण विभाग या कलेक्टर द्वारा निर्धारित किसी सक्षम तकनीकी अधिकारी के द्वारा किया जायेगा।
    पारदर्शिता को मिलेगा संस्थागत ढाँचा: दरों की समुचितता और प्रतिस्पर्धात्मकता की जाएगी सुनिश्चित
    निविदा स्वीकार करने वाला प्राधिकारी निविदाओं को स्वीकार करने से पहले दरों की उचितता के बारे में खुद को संतुष्ट करेगा। दरों की उचितता का आंकलन मुख्य रूप से उचित दरों के आधार पर किया जाएगा, निविदा स्वीकार करने वाला प्राधिकारी निविदाओं पर निर्णय लेते समय पिछले तीन महीनों की अवधि के भीतर बुलाए गए कार्यों की समान प्रकृति की निविदाओं की दरों का उल्लेख कर सकता है। समान कार्यों का अर्थ है प्रकृति, मात्रा, विनिर्देशों और स्थान में समान कार्य, जो बहुत करीब है।
    दरों की उचितता की जांच के लिए औचित्य कथन तैयार किया जाएगा। इस विधि में श्रम, सामग्री, माल ढुलाई आदि की बाजार दरों को ध्यान में रखते हुए दरों का विस्तृत विश्लेषण तैयार करना शामिल है।
    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को गति देने के साथ-साथ भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार भी करेगी।
    राज्य शासन के विकास, विश्वास और पारदर्शिता के मूल सिद्धांतों को सशक्त करने की दिशा में मुख्यमंत्री  साय की यह रणनीति एक निर्णायक कदम है।

    ई-वे बिल की सीमा ₹1 लाख तक बढ़ाई गई, पेट्रोल पर वैट ₹1 प्रति लीटर कम
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए दो अहम निर्णय लागू किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो चुके हैं।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर इन निर्णयों को वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल किया गया था।
    ई-वे बिल की सीमा में वृद्धि : अब ₹1 लाख तक का माल परिवहन होगा बिना ई-वे बिल के
    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के भीतर माल परिवहन के लिए अनिवार्य ई-वे बिल की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी है। यह निर्णय विशेष रूप से छोटे व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय से व्यापारियों को ₹1 लाख तक के मूल्य के सामानों के परिवहन में अब ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय से राज्य में ई-वे बिल जनरेट करने वाले लगभग 26% व्यापारियों को ई-वे बिल जनरेट करने से मुक्ति मिलेगी। इस निर्णय से ई-वे बिल जनरेशन में 54 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे अनुपालन व्यय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
    हालांकि, कुछ विशेष वस्तुएं जैसे पान मसाला, तंबाकू उत्पाद, विशिष्ट लकड़ी उत्पाद जैसे – प्लायवुड, लेमिनेटेड शीट, पार्टिकल बोर्ड, फाइबर बोर्ड, आयरन, स्टील एवं उसके सामान, कोयला के लिए यह छूट लागू नहीं होगी।
    व्यापारियों द्वारा लंबे समय से ई-वे बिल में छूट दिए जाने की मांग पर यह निर्णय लिया गया है, जो व्यापार को सुगम और लागत प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
    पेट्रोल पर वैट में ₹1 प्रति लीटर की कमी : मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधी राहत
    राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से पेट्रोल पर वैट की राशि में ₹1 प्रति लीटर की कटौती की है। इस निर्णय से पेट्रोल की कीमतों में सीधे कमी आएगी, जिसका लाभ विशेष रूप से मध्यमवर्गीय और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा।
    छत्तीसगढ़ में दुपहिया वाहनों का उपयोग करने वालों की संख्या अधिक है, जो मुख्यतः पेट्रोल पर निर्भर हैं। वैट में की गई यह कटौती इन परिवारों की रोज़मर्रा की लागत को कम करने में सहायक सिद्ध होगी।
    यह निर्णय भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप वर्तमान आर्थिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वित किया गया है।
    सरकार की प्रतिबद्धता : सुगमता, सुविधा और संवेदनशीलता
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों की समस्याओं को समझते हुए लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जो सार्थक, जनहितकारी और दूरदर्शिता से परिपूर्ण हों। व्यापारी वर्ग को सहूलियत और आम जनता को राहत देने के ये निर्णय प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होंगे।

    विष्णु देव सरकार ने बजट  में  की थी घोषणा
    रायपुर/शौर्यपथ / विष्णुदेव साय सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल के दाम में कटौती करते हुए नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में पेट्रोल प्रति लीटर 1 रुपए सस्ता करने की घोषणा की है, जो 31 मार्च को आधी रात से लागू हो गई है। इसके साथ ही रायपुर में अब पेट्रोल की कीमत घटकर 100.42 रुपए प्रति लीटर हो गई है। यह कटौती प्रदेशवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद हुई है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के सभी शहरों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर से ऊपर है। पेट्रोल की कीमत घटने से राज्य के आम लोगों को राहत मिलेगी। वहीं राज्य सरकार को राजस्व का घाटा होगा। वहीं, वाणिज्यक कर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपभोग बढ़ने से राजस्व नुकसान की भरपाई जाएगी।
     उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 2025-26 के बजट में जनता को राहत देने पेट्रोल की कीमत में ₹1 प्रति लीटर की कमी की गई है, जिससे आम लोगों, किसानों और उद्योगों को लाभ होगा। इसके पहले सरकार ने बल्क में डीजल खरीदी पर वैट घटाकर 17% कर दिया था, जिससे परिवहन और कृषि कार्यों की लागत में कमी आई है।

    उत्कल दिवस पर ओडिशा राज्य स्थापना की ऐतिहासिक प्रेरणा को किया नमन
    रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महिला थाना चौक (मधुसूदन दास चौक) में उत्कल दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बैरिस्टर मधुसूदन दास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सादर नमन किया।
    मुख्यमंत्री  साय ने उत्कल समाज और ओडिशा वासियों को दी शुभकामनाएं
    मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा राज्य स्थापना दिवस (उत्कल दिवस) पर प्रदेश सहित देशभर में रह रहे उत्कल समाज के सभी बंधुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल ओडिशा के गठन का उत्सव नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मगौरव और सांस्कृतिक एकता की प्रेरणा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में उत्कल समाज के लोग निवास करते हैं, जो प्रदेश की सामाजिक समरसता और विविधता को सशक्त बनाते हैं।
    बैरिस्टर मधुसूदन दास के योगदान को किया नमन
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बैरिस्टर मधुसूदन दास जैसे दूरदर्शी और समर्पित व्यक्तित्व के संघर्षों के कारण ही 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा राज्य का गठन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों से सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाप्रभु जगन्नाथ को चढ़ने वाला भोग का चावल आज भी छत्तीसगढ़ से जाता है। विशेष रूप से देवभोग क्षेत्र का चावल, जो प्रभु के प्रसाद के रूप में उपयोग होता है, दोनों राज्यों के धार्मिक जुड़ाव का प्रतीक है।
    महाप्रभु जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना
    मुख्यमंत्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ से छत्तीसगढ़वासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद हमेशा छत्तीसगढ़ पर बना रहेगा।
    इस अवसर पर विधायक किरण देव, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, संजय श्रीवास्तव, उत्कल समाज के सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    बारहमासी आवागमन की सुविधा होगी
     सीआरपीएफ के जवान पुल पर मोर्चा लगाकर दे रहे हैं सुरक्षा
    रायपुर/शौर्यपथ /कभी  नक्सलियों के अभेद  किला जाने  वाले अबूझमाड़ अब उनके के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है, यहां भी जवानों के द्वारा लगातार ऑपरेशन चलाकर बड़ी सफलताएं हासिल की जा रही हैं। पहुंचविहीन माड़ तक अब बारिश में भी आवाजाही हो सकेगी, माड़ तक जाने वाले रास्ते में सबसे बड़ी बाधा अब तक इंद्रावती नदी ही रही है, चाहे दंतेवाड़ा की तरफ से या बीजापुर की तरफ से, दंतेवाड़ा में इंद्रावती में पहले ही दो पुल बनकर तैयार हो गए हैं, एक छिंदनार में और दूसरा करका घाट में, जिससे अबूझमाड़ के 50 से अधिक गांव के लोगों को सुविधा मिल रही है।
    उसी इंद्रावती में अब तीसरा पुल फुंड़री के पास  बन रहा है, इस पुल का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है 20 प्रतिशत बचा हुआ काम भी बारिश तक  पूरी हो  जाएगी। इस पुल के शुरू होने से 12 ग्राम पंचायत के 50 से अधिक गांव के लोग बीजापुर जाने वाली नेशनल हाइवे 63 से सीधे जुड़ जाएंगे। जिस माड़ तक अभी तक पहुंचना आसान नहीं था वह अब सीधे नेशनल हाइवे से जुड़ जाएगा।
    648 मीटर लंबा बन रहा है उच्च
    24 घंटे माड़ पर जवान रख रहे नजर
    इस पुल को बनाने के लिए सीआरपीएफ का कैंप इंद्रावती नदी के किनारे लगाया गया है, जवान 24 घंटे माड़ से होने वाली हर गतिविधियों को नाकाम कर पुल तैयार करवा रहे हैं। पुल के ऊपर ही जवानों ने मोर्चा बना रखा है और बैरियर में हर आने-जाने वालों से पूछताछ होती है।
    यह  उच्च स्तरीय पुल फुंडरी में इंद्रावती नदी पर 35 करोड़ 60 लाख की लागत से 648 मीटर लंबा पुल बन रहा है, वहीं 208 मीटर नेशनल हाइवे और 242 मीटर बांगोली की तरफ एप्रोच सड़क भी तैयार की जा रही।
      पुल बनते  ही अबूझमाड़ का तीसरा द्वार शुरू हो जाएगा जवानों की भी अबूझमाड़ में दस्तक बढ़ जाएगी, अभी बारिश में यहां नक्सली ट्रेनिग कैंप चलाते है। बारिश भर इंद्रावती उफान पर रहती है, नक्सली यहां बारिश के 4 महीने स्वतंत्र होकर अपनी गतिविधियां चलाते थे, अब उस पर भी अंकुश लग जाएगा।
     उल्लेखनीय है कि 2018 में सुरक्षा के बीच इस पुल का काम शुरू हुआ था, नक्सलियों द्वारा पुल निर्माण में बाधा डालने प्रेशर आईईडी लगा जवानों को नुकसान पहुंचाने यहां हमेशा प्रयास करते हैं।

    रायपुर /शौर्यपथ /प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने कल बिलासपुर  आगमन के दौरान छत्तीसगढ़  राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660एमडब्ल्यू) का कार्य का  शुभारंभ  किया।
       यह परियोजना छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा । यह परियोजना छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ा कदम है ।
    उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के लिए निदेशक मंडल के अनुमोदन के उपरांत 12 फरवरी 2024 को विस्तृत निविदा जारी की गई थी । परियोजना के लिए पर्यावरणीय अनुमति 26 मार्च 2025 को मिली और निदेशक मंडल की अनुमति के पश्चात सार्वजनिक क्षेत्र की ईकाई  भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड को 27 मार्च को इसका कार्यादेश जारी किया गया ।
    छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार ने 30 मार्च को बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से इस महत्वपूर्ण परियोजना का कार्य  का  शुभारंभ कराया गया।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision