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विशेष बच्चों से आत्मीय मुलाकात, कहा – यह मानवता की सच्ची सेवा है
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बलौदाबाजार में कृषि उपज मंडी परिसर में संचालित मनोविकास केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनकी प्रगति की जानकारी ली और अभिभावकों से फीडबैक प्राप्त किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को देखकर मुख्यमंत्री भावविभोर हो उठे और उनकी प्रतिभा की मुक्त कंठ से सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने पूर्व में कोविड केंद्र रहे भवन को मनोविकास केंद्र के रूप में पुनः उपयोग में लाने की प्रशासनिक पहल की प्रशंसा करते हुए इसे अनुकरणीय मॉडल करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में समावेशिता और करुणा के भाव को बढ़ावा देते हैं। यह मानवता की सच्ची सेवा है।
इस अवसर पर विशेष बालक शेष साहू ने गायत्री मंत्र का उच्चारण कर मुख्यमंत्री साय को मंत्रमुग्ध किया, वहीं सोमनाथ साहू ने ढोलक की थाप पर जसगीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा नीलकमल, पुष्कर, सोमनाथ और शेष द्वारा प्रस्तुत सूर्य नमस्कार योग प्रदर्शन को मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से सराहा और कहा कि यह बच्चों की शारीरिक और मानसिक सशक्तता का प्रमाण है।
मनोविकास केंद्र समर्पण, संवेदना और सशक्तिकरण का संगम
जनवरी 2025 में शुरू हुआ बलौदाबाजार का मनोविकास केंद्र विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के समग्र विकास और पुनर्वास के लिए एक आदर्श संस्थान बनकर उभरा है। यह केंद्र अंबुजा अडानी सीमेंट संयंत्र के सीएसआर मद से संचालित हो रहा है, और वर्तमान में 40 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा, चिकित्सा सहयोग, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा कौशल विकास की सुविधा प्रदान कर रहा है।
यहाँ बच्चों को फिजियोथेरेपी, स्पीच व बिहेवियर थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, सिलाई, कंप्यूटर साक्षरता, बागवानी जैसे प्रशिक्षणों के साथ-साथ खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, डॉ. सनम जांगड़े, आनंद यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।
बिलासपुर के मोहभठ्ठा में 30 मार्च को आयोजित होगी ऐतिहासिक जनसभा
रायपुर/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बोदरी तहसील स्थित ग्राम मोहभठ्ठा में प्रस्तावित विशाल जनसभा की तैयारियों का आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं—मुख्य मंच, हेलीपैड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं विशिष्ट अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का गहन निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री साय ने मौके पर अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि 55 एकड़ क्षेत्र में आयोजित इस ऐतिहासिक सभा के लिए सभी तैयारियाँ समयबद्ध, सुव्यवस्थित और जनहित केंद्रित हों। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रम में प्रदेशभर से लगभग 2 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र सभी विभागों को अलर्ट मोड पर कार्य करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का अब तक का सबसे बड़ा छत्तीसगढ़ दौरा होगा। उनका आगमन नवरात्रि के शुभ अवसर पर हो रहा है, जो प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत मंगलकारी संकेत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने स्वयं दिल्ली जाकर उन्हें आमंत्रित किया था, और आज पूरा प्रदेश उनके स्वागत के लिए आतुर है।
मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग ₹33,000 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इनमें पीएम जनमन योजना के तहत विशेष रूप से बिरहोर, बैगा और पहाड़ी कोरवा जैसी जनजातियों के लिए संचालित योजनाएँ शामिल हैं, जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों के विकास को नई दिशा देंगी।
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि हितग्राहियों को घर से सभा स्थल तक लाना और वापस सुरक्षित पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जल, छाया, चिकित्सा आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन पूरी तन्मयता से तैयारियों में जुटा है और यह कार्यक्रम प्रदेश के जनजीवन में एक ऐतिहासिक स्मृति के रूप में दर्ज होगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आमसभा के सफल आयोजन के लिए सभास्थल में सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक,अमर अग्रवाल, धरमजीत सिंह, पुन्नूलाल मोहले, सुशांत शुक्ला, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संभागायुक्त महादेव कावरे, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री अवनीश शरण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर कार्यशाला को मुख्यमंत्री श्री साय ने किया संबोधित
वनोपज से समृद्धि पर नीति आयोग और सरकार की साझा पहल:वन संसाधनों के समुचित उपयोग और रोजगार सृजन पर जोर
रायपुर /शौर्यपथ /जनजातीय समाज और वनों के मध्य गहरा संबंध है और दोनों एक दूसरे के पूरक के रूप में संरक्षित - संवर्धित हो रहे हैं। प्रकृति की गोद में ही जनजाति समाज का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास हुआ है। यह कार्यशाला आदिवासियों और वनों के सहअस्तित्व को केंद्र में रखकर उनके उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर नीति आयोग तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला में सभी प्रबुद्धजनों, विषय विशेषज्ञों और अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को जीविकोपार्जन के समुचित अवसर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हम सभी पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत जनजाति समुदाय निवासरत है और 44 प्रतिशत इलाका वन आच्छादित है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में मैने प्रदेश के जनजाति समुदाय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के संघर्ष और पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की व्यथा को समझा और एक आदिवासी बहुल नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया। श्री साय ने कहा कि अटल जी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय का भी गठन किया और आदिवासियों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजी जा रही राशि का सही उपयोग हो पाया। अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित हुए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे, इस उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में व्यापक स्तर पर पीडीएस सिस्टम लागू कर लोगो को सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराया। उन्होंने समर्थन मूल्य पर वनोपज की खरीदी प्रारंभ की, जिसने आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज पर्याप्त मात्रा में है। कुल 67 प्रकार के लघु वनोपजों का संग्रहण, प्रसंस्करण और विक्रय महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वनोपजों से जुड़ी प्रोत्साहक नीतियों का लाभ उठाकर स्व सहायता समूह की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के आजीविका और उत्थान के लिए संचालित पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस मौके पर श्री साय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजाति समुदायों के उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नीति आयोग और वन विभाग की इस संयुक्त कार्यशाला से जनजातीय समाज को तकनीक और नवाचार से जोड़ने के साथ ही आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से एक प्रासंगिक और महत्वपूर्ण विषय पर आज एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन अब तेजी से हो रहा है और वनवासी क्षेत्रों में व्यवस्थाएं अब सुदृढ़ हुई है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के साथ वन संसाधनों के समुचित उपयोग पर जोर देने और रोजगार सृजन की बात कही।
कार्यशाला में नीति आयोग के सलाहकार सुरेंद्र मेहता, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर एपीसीसीएफ श्रीमती शालिनी रैना, नीति आयोग के निदेशक अमित वर्मा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण और झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से आए प्रबुद्धजन, विषय विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री साय ने वनोपज आधारित स्टालों का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अरण्य भवन परिसर में वन उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया। लीफ प्लेट टेक्नोलॉजी, हैदराबाद की टीम ने मुख्यमंत्री साय को लीफ से तैयार डिनर सेट भेंट किया। इस दौरान भोपालपट्टनम, बीजापुर जिले से आये बी. आर. राव ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से वनौषधीय पौधों के बीजों का संरक्षण कर रहे हैं। वे अपने 'गमलों से जंगल की ओर' अभियान के तहत निःशुल्क बीजों का वितरण भी करते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राव के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। बलौदाबाजार जिले के अमरवा बांस प्रसंस्करण केन्द्र के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बांस शिल्प से बना गुलदस्ता भेंट करते हुए केन्द्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। साय ने लाख उत्पादक किसान समिति कांकेर, छत्तीसगढ़ हर्बल और जशप्योर एफपीसी जशपुर के स्टालों का अवलोकन कर समूह के सदस्यों के साथ चर्चा की।
ओपीडी पंजीयन क्षेत्र में मरीजों को आभा एप से रजिस्ट्रेशन में मिलेगी बड़ी राहत
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नागरिकों की सुविधाओं को डिजिटल और स्मार्ट सेवाओं से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में रायगढ़ स्थित स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में ओपीडी पंजीयन काउंटर के पब्लिक एरिया (वेटिंग हॉल सहित) को फ्री वाई-फाई ज़ोन में तब्दील किया गया है। यह सुविधा राज्य के किसी भी शासकीय मेडिकल कॉलेज में पहली बार प्रारंभ की गई है। इस अभिनव पहल को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी के सतत मार्गदर्शन में, अधिष्ठाता डॉ. विनीत जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के निर्देशन में क्रियान्वित किया गया है।
डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम
फ्री वाई-फाई सुविधा का उद्देश्य ओपीडी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आभा एप के माध्यम से डिजिटल पंजीयन में आने वाली समस्याओं को दूर करना है। एम.आर.डी. विभाग के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में अब मरीज अपने मोबाइल फोन से सीधे आभा एप के माध्यम से पंजीयन टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पर्ची कटवाने की प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है।
डॉ. एम. के. मिंज ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को यह जानकारी मिली थी कि कई मरीजों को मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण आभा एप से पंजीयन में कठिनाई हो रही थी। विशेषकर, मेडिकल कॉलेज पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। इन तकनीकी बाधाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि ओपीडी पंजीयन क्षेत्र में फ्री वाई-फाई सुविधा प्रदान की जाए। इस सुविधा से मरीज और उनके परिजन अब बिना किसी नेटवर्क बाधा के आसानी से आभा एप से पंजीयन कर सकते हैं, जिससे न केवल सुविधा में वृद्धि होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी।
उल्लेखनीय है कि नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) द्वारा 4 जून 2024 को जारी निर्देशानुसार, सभी मेडिकल कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना है कि ओपीडी/आईपीडी/आपातकालीन सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों का पंजीकरण आभा आईडी के माध्यम से ही किया जाए। इस दिशा-निर्देश के अनुपालन हेतु आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि मेडिकल कॉलेज की मान्यता सुनिश्चित करने के लिए सभी मरीजों का पंजीयन आभा एप के माध्यम से ही किया जाए।
इन्हीं दिशानिर्देशों और मरीजों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में फ्री वाई-फाई सुविधा आज से औपचारिक रूप से ओपीडी क्षेत्र में प्रारंभ की गई है। यह पहल रायगढ़ मेडिकल कॉलेज को छत्तीसगढ़ में तकनीकी समावेशन वाले चिकित्सा संस्थानों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करती है और यह निश्चित रूप से डिजिटल हेल्थ मिशन की दिशा में एक सराहनीय और अनुकरणीय कदम है।
बुज़ुर्गों की आंखों में वर्षों से पल रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हुई पूरी पहली विशेष ट्रेन से 780 श्रद्धालु तिरुपति, मदुरै, रामेश्वरम रवाना
विधवा और परित्यकता महिलाओं को भी अब मिल सकेगा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन को तिरुपति, मदुरै और रामेश्वरम के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहली तीर्थ यात्रा ट्रेन में रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के 780 श्रद्धालु बुजुर्ग सम्मिलित हुए, जिनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुभव नहीं, बल्कि सम्मान और स्नेह का प्रतीक बन गई। प्रदेश के बुजुर्गों की वर्षों पुरानी अभिलाषा आज पूरी हो गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय ने तीर्थयात्रा पर जा रहे बुजुर्गों से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि आप सभी के चेहरे पर जो खुशी है, वही मेरा संतोष है। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम में आप लोग पवित्र रामसेतु देख सकेंगे, ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर सकेंगे। आप लोग मदुरै तीर्थ का भी दर्शन करेंगे जहां मीनाक्षी मंदिर है। तिरुपति में बालाजी का दर्शन करेंगे। दक्षिण भारत के तीर्थ स्थलों को देखने का यह सुंदर अवसर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री रामलला (अयोध्या दर्शन) योजना अंतर्गत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रयागराज में 144 वर्षों उपरांत महाकुंभ का आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों ने भी बड़ी संख्या में कुंभ में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए और उनकी सुविधा का ध्यान रखने के लिए हमने प्रयागराज मेला क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पवैलियन तैयार किया था। यहां लगभग साढ़े चार एकड़ में तीर्थयात्रियों के रूकने के इंतजाम थे। यह हमारा सौभाग्य है कि हम गंगा जी में स्नान करने पहुंचे प्रदेश के लाखों श्रद्धालुओं की सेवा कर सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब श्रद्धालुओं की यात्रा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत निरन्तर होती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए हमने 15 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। इस योजना में उज्जैन, पुरी, द्वारिका, वैष्णो देवी, मथुरा, वृंदावन जैसे अनेक तीर्थ स्थलों को जोड़ा गया है, जिनकी निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारे बुज़ुर्गों की तीर्थ यात्रा की इच्छा अक्सर आर्थिक कठिनाइयों के चलते अधूरी रह जाती थी। उन्होंने कहा कि हमें संतोष है कि हम उनकी इस इच्छा को साकार कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि योजना में विधवा और परित्यक्त महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे उन्हें भी धार्मिक स्थलों के दर्शन का गौरव प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और आदिवासी समुदाय सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
यह केवल यात्रा नहीं, संस्कृति और श्रद्धा का संगम है – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना केवल तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन श्रद्धालुओं को यह अवसर प्राप्त होगा, जो अब तक आर्थिक सीमाओं के कारण तीर्थ यात्रा से वंचित रहे हैं। सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण सुविधायुक्त पैकेज तैयार किया है जिसमें ट्रेन यात्रा, यात्रियों के ठहरने, भोजन, मंदिर दर्शन, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ शामिल हैं। स्पेशल ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, पुलिस बल और चिकित्सकों की टीम भी उनके साथ यात्रा कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को हर क्षण सुरक्षा और सुविधा का अहसास हो। योजना के तहत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, पुरी, हरिद्वार, काशी, शिरडी, वैष्णोदेवी, अमृतसर, द्वारका, बोधगया, कामाख्या मंदिर, सबरीमाला जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल सम्मिलित हैं।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में 4 दिसंबर 2012 को की गई थी। 15 जनवरी 2013 से 10 जून 2019 के मध्य इस योजना के अंतर्गत कुल 272 तीर्थ यात्राओं के माध्यम से 2,46,983 श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया गया था। पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान यह योजना 5 साल तक संचालन में नहीं थी। डॉ. रमन सिंह की सरकार के दौरान संचालित इस योजना को, जिसे उसके बाद आने वाली सरकार ने बंद कर दिया था, अब पुनः प्रारंभ कर वर्तमान सरकार ने छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों की श्रद्धा, आस्था और वर्षों से संजोए गए तीर्थ यात्रा के सपने को पूर्ण करने के लिए एक बार फिर पहल की है।
इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू,अनुज शर्मा, समाज कल्याण आयुक्त भुवनेश यादव, संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, रायपुर डीआरएम दयानंद, समाज कल्याण और रेलवे विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।
महासमुंद/शौर्यपथ /समग्र शिक्षा अंतर्गत वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2024-25 में 16 से 19 आयु वर्ग के शाला से बाहर बच्चों को ओपन स्कूल के माध्यम से हाई एवं हायर सेकेण्डरी की परीक्षा के लिए वित्तीय सहयोग का प्रावधान किया गया है, जिसकी स्वीकृति कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक श्री विनय कुमार लंगेह ने प्रदान की है। वर्ष 2024-25 में कक्षा 10वीं के 210 एवं 12वीं के 215 छात्र-छात्राओं जिन्होने राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में सम्मिलित होकर प्रथम प्रयास में ही सफलता प्राप्त किए है। इन 425 बच्चों को वित्तीय समर्थन प्रदान करने के लिए छः लाख सैंतीस हजार पांच सौ रुपए की राशि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जिले को प्राप्त हुई है। उक्त राशि को संबंधित छात्र-छात्राओं के बैंक खाता में सीधे हस्तांतरण किया गया। इस योजना के तहत राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में सम्मिलित होकर प्रथम प्रयास में ही सफलता प्राप्त करने वाले बालिकाएं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के बालक, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर छात्र-छात्राओं को वित्तीय समर्थन प्रदान किया जाता है।
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखंड-कांसाबेल की व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 58 लाख 48 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से करीब 968 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से परियोजना के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने गुरु खुशवंत को आज उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने गुरु खुशवंत साहेब के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर गुरु बालदास साहेब भी उपस्थित रहे।
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ी बेहद समृद्ध भाषा है। साहित्य की हरेक विधाओं पर इसमें लेखन -प्रकाशन कार्य में तेजी आई है, किन्तु वर्तमान में पुस्तक कम गुगल पठन का बढ़ता चलन चिंतनीय है।उक्त विचार पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे ने प्रेस क्लब के सभागार में व्यक्त किए।अवसर था रामेश्वर वैष्णव के व्यंग्य संग्रहों 'उत्ता धुर्रा - उबुक चुबुक' विमोचन का। आगे उन्होंने कहा
रामेश्वर वैष्णव जैसे श्रेष्ठ व्यंग्यकार के लेखन का मूल्यांकन होना अभी शेष है। वे उम्दा सृजन -प्रदर्शन करने में माहिर हैं। ।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ सुधीर शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ी गीत - ग़ज़ल और हास्य -व्यंग लेखन को राष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित करने में श्री वैष्णव का योगदान शरद जोशी की भांति है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ देवधर महंत ने "ऊत्ता -धूर्रा और उबुक चुबुक" पर समीक्षात्मक टिप्पणी दी। उन्होंने कहा काव्य रचनाओं की तुलना में कम होते व्यंग्य लेखन को पाटने की सफल कोशिश की है।
मंचासीन सह अध्यक्ष ए. एन.बंजारा ने कहा कि शिक्षा जगत में छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम के लिए रास्ता खुला है।इसी क्रम में डॉ वैभव बेमेतरिहा ने छत्तीसगढ़ी में पठ़न पाठन करने बल दिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रामेश्वर शर्मा, राजेश्वर खरे ने हिंदी के समक्ष छत्तीसगढ़ी की उपेक्षा को रेखांकित किया। कार्यक्रम का रोचक संचालन वरिष्ठ साहित्यकार विजय मिश्रा 'अमित' ने तथा आभार प्रदर्शन संजय कबीर शर्मा ने किया।
कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति डॉ रामेंद्र मिश्र,मीर अली मीर, श्याम बैस, डॉ महेश परिमल, डॉ महेंद्र ठाकुर, राजीव नयन शर्मा, राजकुमार धर द्विवेदी, उमाकांत मनमौजी, जागेश्वर ठाकुर जयंती वैष्णव।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
