August 07, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    दुर्ग | शौर्यपथ

    दुर्ग नगर पालिक निगम क्षेत्र इन दिनों किसी विकासशील शहर जैसा नहीं, बल्कि “उपेक्षित नगर” की प्रयोगशाला जैसा प्रतीत हो रहा है। बदबूदार पानी, अवैध अतिक्रमण, शासकीय भूमि पर कब्जा, आवारा जानवरों का आतंक, अंधेरे रास्ते और ठप पड़े विकास कार्य—ये सब आज दुर्ग की पहचान बनते जा रहे हैं। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, इन समस्याओं के बीच महापौर मैडम अलका बाघमार पूरी तरह “पार्टी मोड” में नजर आ रही हैं।

    भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में दुर्ग नगर निगम का इतिहास अगर पलटकर देखा जाए, तो वर्तमान कार्यकाल को “आयोजन प्रधान, विकास विहीन” कहना शायद अतिशयोक्ति नहीं होगी। कांग्रेस पार्षद तो छोड़िए, अब भाजपा पार्षद भी अपने-अपने वार्डों में जनता को जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। वार्डवासी बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं, लेकिन नगर सरकार के मुखिया को शहर की बदहाली नहीं, बल्कि आयोजन की सजावट ज्यादा आकर्षित कर रही है।

    चुनाव के समय विकास के जो सुनहरे सपने दिखाए गए थे, वे अब प्रेस विज्ञप्तियों तक सिमट कर रह गए हैं। एमआईसी बैठकों में कागजों पर सैकड़ों करोड़ की योजनाएं जरूर पास हो गईं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि प्रदेश सरकार से फंड लाने के मामले में दुर्ग नगर निगम प्रदेश में सबसे पीछे खड़ा नजर आता है।

    वहीं दूसरी ओर, भोज और पार्टी आयोजन अब महापौर की दिनचर्या का हिस्सा बनते जा रहे हैं। हाल ही में 15 जनवरी को हुए एक आयोजन ने न सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं बल्कि शहर के पत्रकारों को भी असमंजस में डाल दिया—आयोजन का उद्देश्य क्या था, यह किसी को समझ नहीं आया। हां, इतना जरूर स्पष्ट था कि जब भोजन अच्छा हो और मुफ्त हो, तो भीड़ अपने आप जुट जाती है। अनुमान है कि इस एक आयोजन में लाखों रुपये भोजन पर खर्च हुए होंगे, लेकिन उसी शहर में लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।

    शहर की बदहाल व्यवस्था को आयोजनों के शोर में दबाने की यह कोशिश अगर छवि सुधार का माध्यम है, तो महापौर को यह भी समझना होगा कि जनता अब सवाल पूछने लगी है—हमने आखिर किन वादों पर भरोसा किया था? आज हालात यह हैं कि पार्षद अपने ही वार्ड के विकास कार्यों के लिए दर-दर भटक रहे हैं और नगर सरकार उत्सव मनाने में व्यस्त है।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यही स्थिति रही, तो इसका सीधा असर आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी को भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि शहर की जनता अब भोज से नहीं, बुनियादी सुविधाओं से संतुष्ट होना चाहती है।

    फिलहाल दुर्ग की तस्वीर साफ है—

    शहर बदहाली में है, और महापौर मैडम पार्टी में मस्त।

     

    मुंगेली ।
    कस्टम मिलिंग में अनियमितताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मुंगेली जिले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिले में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप में 14 राइस मिलों को सील कर दिया गया है, जबकि 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। यह कार्रवाई राज्य स्तरीय इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से प्राप्त अलर्ट तथा मुख्य सचिव श्री विकासशील के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप की गई।


    ICCC अलर्ट के बाद प्रशासन का संयुक्त छापा

    कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री जी.एल. यादव के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले की विभिन्न राइस मिलों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग और कस्टम मिलिंग में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।


    इन राइस मिलों में पकड़ी गई भारी गड़बड़ी

    जांच में उपलेटा राइस मिल, नवागांव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड स्थित वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, जैन राइस इंडस्ट्रीज एवं नवकार दाल उद्योग में कस्टम मिलिंग में नियमों का खुला उल्लंघन पाया गया, जहां से 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया।

    वहीं नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज एवं दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक, तथा लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई।


    19 राइस मिलों पर कार्रवाई, 14 पहले ही सील

    जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिलों को सील किया जा चुका है।


    GPS निगरानी से पकड़ी गई गड़बड़ी

    गौरतलब है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उठाव प्रक्रिया की निगरानी हेतु ICCC कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। धान परिवहन में लगे वाहनों को GPS के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैक किया जा रहा है।
    मार्ग से विचलन, अधिक समय तक ठहराव अथवा निर्धारित क्षमता से अधिक परिवहन की स्थिति में तत्काल अलर्ट जारी होता है, जिसके आधार पर जिला स्तर पर जांच की जाती है।


    जिले की सीमाओं पर सख्त चौकसी

    धान के अवैध भंडारण एवं परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिले की सीमाओं एवं चेक पोस्टों पर कड़ी निगरानी, रात्रिकालीन गश्त और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है। कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए खरीदी से लेकर परिवहन तक की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।


    कलेक्टर का सख्त संदेश

    कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
    “धान खरीदी में पारदर्शिता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या बिचौलियों की भूमिका सामने आने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

     

    नई दिल्ली/ज्योतिष डेस्क।
    आज 16 जनवरी 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नए अवसर, धन लाभ और करियर में प्रगति के संकेत दे रही है, वहीं कुछ राशियों को संयम और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। आज का दिन ऊर्जा, निर्णय और रिश्तों के लिहाज से खास रहने वाला है।


    आज किन राशियों की चमकेगी किस्मत

    आज के दिन चार राशियों पर विशेष कृपा देखने को मिलेगी—

    • वृषभ राशि: आर्थिक दृष्टि से दिन अत्यंत मजबूत। अचानक धन लाभ या पुराने निवेश से बड़ा फायदा संभव।

    • सिंह राशि: व्यापार और नौकरी में उन्नति के योग। प्रमोशन या नए निवेश से लाभ मिलने की संभावना।

    • धनु राशि: रुके हुए काम पूरे होंगे। धार्मिक या मांगलिक कार्यों से मानसिक शांति और भाग्यवृद्धि।

    • कुंभ राशि: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। निवेश और पारिवारिक संबंधों के लिए शुभ दिन।


    इन राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी

    कुछ राशियों के लिए आज का दिन सतर्कता की मांग करता है—

    • मिथुन राशि: स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से खर्च बढ़ सकता है। यात्रा में कीमती सामान संभालकर रखें।

    • कर्क राशि: मानसिक तनाव और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसानदेह हो सकता है।

    • मकर राशि: कार्यस्थल पर लापरवाही से वरिष्ठों से टकराव की स्थिति बन सकती है।

    • मेष राशि: क्रोध और कटु वाणी से संबंध बिगड़ सकते हैं, संयम रखें।


    अन्य राशियों के लिए दिन का संकेत

    • कन्या: मेहनत रंग लाएगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी।

    • तुला: मित्रों के साथ समय और दांपत्य जीवन में मधुरता।

    • वृश्चिक: पुराने निवेश से लाभ, नए प्रोजेक्ट में धैर्य आवश्यक।

    • मीन: मन प्रसन्न रहेगा, सरकारी कार्यों में सफलता के योग।


    निष्कर्ष

    आज का दिन कई राशियों के लिए सुनहरे अवसर लेकर आया है। सही निर्णय, संयम और ग्रहों के संकेतों को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम दिन को और भी शुभ बना सकता है।

      रायपुर / शौर्यपथ 

                राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान की प्रतीक के रूप में, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईएमएस), रायपुर के दो प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों को प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के संस्थान मंडलों में सदस्य के रूप में नामित किया है। डॉ. एलि मोहनपात्र, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, जैव रसायन (बायोकेमिस्ट्री) और डीन (अकादमिक्स), एआईएमएस रायपुर को एआईएमएस गुवाहाटी के संस्थान मंडल का सदस्य नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. निघत हुसैन, प्रोफेसर, विभाग पाथोलॉजी और एसोसिएट डीन (अकादमिक्स), एआईएमएस रायपुर को एआईएमएस पटना के संस्थान मंडल का सदस्य बनाया गया है। ये नियुक्तियां 30 दिसंबर 2025 को जारी अलग-अलग राजपत्र नोटिफिकेशन्स के माध्यम से औपचारिक रूप से की गईं।
    संस्थान मंडल संस्थान का सर्वोच्च वैधानिक निकाय है, जो समग्र संचालन, रणनीतिक दिशा और नीतिगत ढांचे के निर्धारण के लिए उत्तरदायी है। यह चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, रोगी देखभाल और संस्थागत विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी करता है और अकादमिक मानक, वित्तीय प्रबंधन और संकाय चयन जैसी विशेष जिम्मेदारियों के लिए गवर्निंग बॉडी और फाइनेंस कमेटी जैसे उपसमितियों के साथ समन्वय करता है।
    डॉ. मोहनपात्र और डॉ. हुसैन की इस प्रतिष्ठित संस्थान मंडल में नियुक्ति उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और चिकित्सा शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान का प्रमाण है। यह एआईएमएस रायपुर के संकाय की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा और भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
    एआईएमएस रायपुर ने विश्वास व्यक्त किया है कि दोनों सदस्यों का अनुभव और दृष्टिकोण एआईएमएस गुवाहाटी और एआईएमएस पटना के अकादमिक, प्रशासनिक और रणनीतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। पूरी एआईएमएस रायपुर टीम डॉ. एलि मोहनपात्र और डॉ. निघत हुसैन को इस प्रतिष्ठित जिम्मेदारी के लिए बधाई देती है और उनके नए कार्यभार में सफलता की शुभकामनाएं देती है।

     

    भिलाई।
    भिलाई शहर के मंदिरों में हो रही चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक महिला एवं एक बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के कब्जे से हनुमानजी का चाँदी का मुकुट, स्टील के बर्तन तथा लड्डू गोपाल की पीतल की मूर्ति सहित झूला-जुमला, कुल कीमती लगभग 20 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया गया है।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री सुखनंदन राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थी द्वारा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि वह इच्छापूर्ति दुर्गा गणेश मंदिर, मटका लाईन, कैम्प-02 भिलाई समिति का अध्यक्ष है। मंदिर में पंडित भोला महाराज पूजा-पाठ का कार्य करते हैं एवं मंदिर के ऊपर बने कक्ष में निवास करते हैं।

    प्रार्थी के अनुसार मंदिर प्रतिदिन प्रातः 7 बजे खुलता है एवं दोपहर 12 बजे बंद होता है, पुनः शाम 4 बजे खुलकर रात्रि 9 बजे बंद किया जाता है। दिनांक 9 जनवरी 2026 को शाम लगभग 4 बजे पंडित भोला महाराज मंदिर का गेट खोलकर स्नान हेतु अपने कक्ष में चले गए थे। शाम करीब 6 बजे जब वे मंदिर लौटे तो पाया कि हनुमानजी की मूर्ति पर लगा चाँदी का मुकुट, स्टील के बर्तन तथा लड्डू गोपाल की पीतल की मूर्ति मय झूला-जुमला मंदिर से गायब थे।

    प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। चोरी गए मशरूका एवं अज्ञात आरोपियों की पतासाजी हेतु सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए एवं मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। जांच के दौरान प्राप्त सूचना के आधार पर संदेहियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने चोरी की घटना को स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी गया समस्त सामान बरामद कर लिया गया है।

    गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया

    गिरफ्तार आरोपी:

    1. रीना द्विवेदी, उम्र 48 वर्ष, निवासी – इस्पात नगर, रिसाली

    2. बालमुकुंद सोनी, उम्र 65 वर्ष, निवासी – इस्पात नगर, रिसाली

     

    भिलाई।
      प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 16 जनवरी 2026 को डॉ. अंबेडकर नगर वार्ड में राज्य स्तरीय बौद्ध मेला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन संध्या 5 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बौद्ध अनुयायी शामिल होंगे।

    इस महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में श्री गजेन्द्र यादव (केबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन) उपस्थित रहेंगे। वहीं प्रमुख अतिथि के रूप में मा. विजय बघेल (सांसद, दुर्ग लोकसभा), रिकेश सेन (विधायक, वैशाली नगर विधानसभा), अरविंद सिंह खुराना (अध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग, दुर्ग), मा. इंद्रजीत सिंह (छोटू) समाजसेवी, अजीत वैद्य (पार्षद, शंकर नगर), मा. एम.डी. कावरे (संभाग आयुक्त, रायपुर), दिलीप वासनीकर (छत्तीसगढ़ जांच आयोग), रतनलाल डांगी (आईजी, रायपुर), मा. के.एन. कांडे (एमडी, अपेक्स बैंक छत्तीसगढ़), सुनील रामटेके (चेयरमैन, ऑल PSU एससी-एसटी फेडरेशन), मा. डॉ. उदय कुमार ढाबरडे (सीएमओ, सेक्टर-9 अस्पताल), मा. बालेश्वर चौरे (प्रदेश अध्यक्ष, ब्राइड एसोसिएशन), उमाकांत सुखदेवे (जल संसाधन विभाग), अरविंद चौहान (राजमार्ग विभाग), विनोद वासनिक (अध्यक्ष, भारतीय बौद्ध महासभा, भिलाई), मा. एस.आर. कांडे (ट्रस्टी, भारतीय बौद्ध महासभा), भोजराज गौरखेड़े (प्रदेश अध्यक्ष, दि बुद्धिस्ट सोसायटी), सी.एल. माहेश्वरी (राष्ट्रीय सलाहकार, दि बुद्धिस्ट सोसायटी), अनिल गजभिए (प्रदेश अध्यक्ष, पैंथर सेना) एवं मा. वर्षा बागड़े (अध्यक्ष, दि बुद्धिस्ट सोसायटी, भिलाई) विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

    कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य की जानकारी कार्यक्रम संयोजक मा. सुनील रामटेके द्वारा दी गई। इस अवसर पर आयोजित बैठक में योगेन्द्र (बबलू) चौरे (अध्यक्ष), जितेंद्र मडामे (कार्यकारी अध्यक्ष), सुनील श्यामकुंवर (उपाध्यक्ष), अविनाश अड़कने (कोषाध्यक्ष), संजय डहाट (सचिव), सेवक राम बागरे (संयुक्त सचिव) सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

    आयोजकों ने सभी सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

    महोत्सव के अंतर्गत संध्या को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बुद्ध एवं भीम गीतों पर आधारित प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कव्वाल प्रकाश नाथ पाटनकर (नागपुर, महाराष्ट्र) एवं कव्वाल अजय कुमार (युवा प्रबोधनकार, टीवी एवं रेडियो सिंगर) अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इस अवसर पर भोजन दानदाता के रूप में सुनंदा एवं राजकुमार खोबरागड़े सहयोग प्रदान करेंगे।

     

    भिलाईनगर।
       शासन की मंशा के अनुरूप नागरिकों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार कक्ष में बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास आबंटन हेतु लॉटरी का आयोजन किया गया। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से कुल 60 पात्र हितग्राहियों को आवास आबंटित कर लाभान्वित किया गया

    लॉटरी कार्यक्रम में वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, महापौर श्री नीरज पाल, सभापति श्री गिरवर बंटी साहू, आयुक्त श्री राजीव कुमार पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष श्री भोजराज सिन्हा, पार्षद श्री हरिओम तिवारी तथा अधीक्षण अभियंता सह नोडल अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हितग्राहियों के नाम निकालकर आवास आबंटन किया गया।

    नगर निगम क्षेत्र में निवास करने वाले ऐसे नागरिक जिनके पास देश के किसी भी भाग में स्वयं का पक्का मकान नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए पात्र नागरिकों द्वारा नगर निगम भिलाई के आवास शाखा में नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत किए जाते हैं। प्राप्त आवेदनों की सक्षम स्तर पर स्वीकृति उपरांत आवास आबंटन हेतु लॉटरी आयोजित की जाती है।

    आज आयोजित लॉटरी में जिन हितग्राहियों के नाम निकले, उन्हें लॉटरी पर्ची में अंकित ब्लॉक एवं मकान क्रमांक के अनुसार आवास आबंटित किया गया। आवास प्राप्त होने पर सभी हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन एवं नगर निगम प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

    लॉटरी प्रक्रिया के दौरान उप अभियंता श्री दीपक देवांगन, आवास प्रभारी श्री विद्याधर देवांगन, सीएलटीसी श्रीमती किरण चतुर्वेदी, श्री जी. मोहन राव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    दुर्ग / रायपुर।

        छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का कुख्यात गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी, जिसे प्रदेश में ‘गुटखा किंग’ के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर कानून के शिकंजे में है। स्टेट जीएसटी (SGST) विभाग ने जनवरी 2026 की ताज़ा कार्रवाई में उस पर 317 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड पेनल्टी लगाई है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में जीएसटी चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई मानी जा रही है।

    मीठी सुपारी की आड़ में जहर का कारोबार

    जांच में सामने आया है कि गुरमुख जुमनानी ने ‘सितार’ ब्रांड के नाम से प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे का बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और वितरण किया। सरकारी रिकॉर्ड में उन्होंने स्वयं को ‘मीठी सुपारी’ का कारोबारी दर्शाया, जिस पर मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जबकि वास्तव में वे गुटखा बना रहे थे, जिस पर 28 प्रतिशत जीएसटी और 204 प्रतिशत तक सेस लागू होता है। इसी टैक्स हेराफेरी के जरिए करोड़ों की चोरी को अंजाम दिया गया।

    900 करोड़ से अधिक का अवैध कारोबार

    SGST विभाग की जांच में यह भी उजागर हुआ है कि जुमनानी प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये का अवैध गुटखा बाजार में खपा रहे थे। अनुमान है कि पिछले पांच वर्षों में करीब 900 करोड़ रुपये से अधिक का गैरकानूनी कारोबार किया गया। इस पूरे नेटवर्क को ‘कोमल ट्रेडर्स’ जैसी फर्मों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था।

    फरारी, गिरफ्तारी और फैक्ट्री नेटवर्क

    जून 2025 में जब जीएसटी विभाग ने उनकी अवैध फैक्ट्रियों पर छापा मारा, तब जुमनानी फरार हो गया था। करीब दो महीने की तलाश के बाद सितंबर 2025 में रायपुर से उसकी गिरफ्तारी हुई। जांच में यह भी सामने आया कि वह अधिकारियों से बचने के लिए बार-बार अपनी फैक्ट्रियों की लोकेशन बदलता रहा। दुर्ग, राजनांदगांव, रायपुर के गनियारी, मंकी, भानपुरी जैसे इलाकों में अवैध प्लांट संचालित किए जा रहे थे। कई फैक्ट्रियों में मजदूरों से बंधुआ मजदूरों की तरह काम कराए जाने के भी प्रमाण मिले हैं।

    परिवार भी जांच के घेरे में

    रिपोर्ट्स के अनुसार, जुमनानी के बेटे सागर जुमनानी के नाम पर भी गोदाम संचालित थे, जहां गुटखा निर्माण के लिए कच्चा माल छिपाकर रखा जाता था। मामले में पारिवारिक संलिप्तता की जांच भी जारी है।

    गुटखे के साथ नशे का धंधा भी

    गुरमुख जुमनानी का नाम केवल गुटखा और टैक्स चोरी तक सीमित नहीं है। अप्रैल 2023 में भिलाई पुलिस ने उसे नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में भी गिरफ्तार किया था। उस समय उसके पास से ‘स्पाज-ट्रानकन प्लस’ (Spas-Trankan Plus) के करीब 1440 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए थे। इस मामले में उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

    कानून की सख्ती का बड़ा संदेश

    317 करोड़ की पेनल्टी और लगातार सामने आ रहे काले कारनामों ने यह साफ कर दिया है कि गुरमुख जुमनानी केवल एक गुटखा कारोबारी नहीं, बल्कि टैक्स चोरी, अवैध तंबाकू और नशीली दवाओं के संगठित नेटवर्क का बड़ा चेहरा रहा है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में अवैध कारोबार और माफिया तंत्र के खिलाफ सरकार और एजेंसियों की सख्त मंशा का बड़ा संदेश मानी जा रही है।

    संभल / लखनऊ।

       संभल में नवंबर 2024 की जामा मस्जिद सर्वे हिंसा से जुड़े बहुचर्चित मामले में न्यायपालिका ने बड़ा और दूरगामी असर डालने वाला आदेश दिया है। चंदौसी स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर की अदालत ने 13 जनवरी 2026 को तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी (वर्तमान में एएसपी), इंस्पेक्टर अनुज तोमर तथा 15–20 अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया है।

    24 वर्षीय युवक को गोली लगने का आरोप

    यह आदेश यामीन, निवासी खग्गू सराय अंजुमन, की याचिका पर दिया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 24 नवंबर 2024 को संभल की जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के समय उनका 24 वर्षीय बेटा आलम, जो बिस्कुट और रस बेचने घर से निकला था, को पुलिस द्वारा कथित रूप से गोली मारी गई। गोली लगने से आलम गंभीर रूप से घायल हो गया था।

    याचिका में दावा किया गया है कि युवक हिंसा में शामिल नहीं था, इसके बावजूद पुलिस ने उस पर फायरिंग की।

    अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला

    कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह आदेश पुलिस अधिकारियों के लिए चेतावनी है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा—

    “अब कोई बचाने नहीं आएगा। भाजपा का फॉर्मूला है—पहले इस्तेमाल करो, फिर बर्बाद करो।”

    पुलिस ने आदेश मानने से किया इनकार

    वहीं, संभल पुलिस प्रशासन ने इस न्यायिक आदेश को मानने से फिलहाल इनकार कर दिया है। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अदालत के आदेश को “अवैध” बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच पहले ही पूरी हो चुकी है, जिसमें पुलिस को क्लीन चिट दी जा चुकी है।

    एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देगी

    हिंसा की पृष्ठभूमि

    गौरतलब है कि 24 नवंबर 2024 को संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी की घटनाएं सामने आई थीं, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई पुलिसकर्मी और नागरिक घायल हुए थे। यह मामला प्रदेश भर में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर लंबे समय तक चर्चा में रहा।

    कानूनी और प्रशासनिक टकराव

    इस प्रकरण में अब न्यायपालिका के आदेश और पुलिस प्रशासन के रुख के बीच स्पष्ट टकराव नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा मुद्दा बनने की संभावना जता रहा है।

    नई दिल्ली।
    भारत–चीन संबंधों में तनाव के दौर के बीच राजनीतिक संवाद की दिशा में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। 12 जनवरी 2026 को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय का दौरा किया और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की।

    चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सन हैयान ने किया

    चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व CPC के अंतरराष्ट्रीय विभाग (IDCPC) की उप-मंत्री सन हैयान (Sun Haiyan) ने किया। बैठक में भारत में चीन के राजदूत जू फीहोंग (Xu Feihong) भी उपस्थित रहे। इस मुलाकात को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में आई तल्खी के संदर्भ में।

    भाजपा की ओर से अरुण सिंह और विजय चौथाईवाले शामिल

    भाजपा की ओर से राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों राजनीतिक दलों के बीच संवाद और संपर्क बढ़ाने (Inter-party Communication) के उपायों पर चर्चा की गई।

    भाजपा नेताओं ने इसे औपचारिक, संस्थागत और पारदर्शी संवाद बताते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के बीच बातचीत अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बेहतर समझने में सहायक होती है।

    RSS और अन्य दलों से भी मुलाकात

    अपने भारत दौरे के दौरान चीनी प्रतिनिधिमंडल ने 13 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से भी मुलाकात की। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद तथा वामपंथी दलों के नेताओं से भी अलग-अलग बैठकें कीं।

    कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया ‘दोगलेपन’ का आरोप

    इस मुलाकात को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर “दोगलापन” का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर चीन को लेकर सख्त बयान दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी स्तर पर बैठकें की जा रही हैं। कांग्रेस ने बैठक के एजेंडे और चर्चा के बिंदुओं को सार्वजनिक करने की मांग की है।

    भाजपा का जवाब

    भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बैठक किसी गुप्त एजेंडे के तहत नहीं बल्कि राजनीतिक दलों के बीच सामान्य कूटनीतिक संवाद का हिस्सा थी। पार्टी का कहना है कि संवाद से पीछे हटना समाधान नहीं है और ऐसे संपर्क वैश्विक राजनीति में सामान्य प्रक्रिया हैं।

    राजनीतिक और कूटनीतिक मायने

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत–चीन संबंध अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ऐसे में यह संवाद भविष्य की कूटनीतिक दिशा, राजनीतिक संदेश और आंतरिक राजनीति—तीनों स्तरों पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision