August 03, 2026
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    317 करोड़ की जीएसटी चोरी, गुटखा–ड्रग्स का काला साम्राज्य: ‘गुटखा किंग’ गुरमुख जुमनानी पर कानून की सबसे बड़ी चोट Featured

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    दुर्ग / रायपुर।

        छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का कुख्यात गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी, जिसे प्रदेश में ‘गुटखा किंग’ के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर कानून के शिकंजे में है। स्टेट जीएसटी (SGST) विभाग ने जनवरी 2026 की ताज़ा कार्रवाई में उस पर 317 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड पेनल्टी लगाई है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में जीएसटी चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई मानी जा रही है।

    मीठी सुपारी की आड़ में जहर का कारोबार

    जांच में सामने आया है कि गुरमुख जुमनानी ने ‘सितार’ ब्रांड के नाम से प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे का बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और वितरण किया। सरकारी रिकॉर्ड में उन्होंने स्वयं को ‘मीठी सुपारी’ का कारोबारी दर्शाया, जिस पर मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जबकि वास्तव में वे गुटखा बना रहे थे, जिस पर 28 प्रतिशत जीएसटी और 204 प्रतिशत तक सेस लागू होता है। इसी टैक्स हेराफेरी के जरिए करोड़ों की चोरी को अंजाम दिया गया।

    900 करोड़ से अधिक का अवैध कारोबार

    SGST विभाग की जांच में यह भी उजागर हुआ है कि जुमनानी प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये का अवैध गुटखा बाजार में खपा रहे थे। अनुमान है कि पिछले पांच वर्षों में करीब 900 करोड़ रुपये से अधिक का गैरकानूनी कारोबार किया गया। इस पूरे नेटवर्क को ‘कोमल ट्रेडर्स’ जैसी फर्मों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था।

    फरारी, गिरफ्तारी और फैक्ट्री नेटवर्क

    जून 2025 में जब जीएसटी विभाग ने उनकी अवैध फैक्ट्रियों पर छापा मारा, तब जुमनानी फरार हो गया था। करीब दो महीने की तलाश के बाद सितंबर 2025 में रायपुर से उसकी गिरफ्तारी हुई। जांच में यह भी सामने आया कि वह अधिकारियों से बचने के लिए बार-बार अपनी फैक्ट्रियों की लोकेशन बदलता रहा। दुर्ग, राजनांदगांव, रायपुर के गनियारी, मंकी, भानपुरी जैसे इलाकों में अवैध प्लांट संचालित किए जा रहे थे। कई फैक्ट्रियों में मजदूरों से बंधुआ मजदूरों की तरह काम कराए जाने के भी प्रमाण मिले हैं।

    परिवार भी जांच के घेरे में

    रिपोर्ट्स के अनुसार, जुमनानी के बेटे सागर जुमनानी के नाम पर भी गोदाम संचालित थे, जहां गुटखा निर्माण के लिए कच्चा माल छिपाकर रखा जाता था। मामले में पारिवारिक संलिप्तता की जांच भी जारी है।

    गुटखे के साथ नशे का धंधा भी

    गुरमुख जुमनानी का नाम केवल गुटखा और टैक्स चोरी तक सीमित नहीं है। अप्रैल 2023 में भिलाई पुलिस ने उसे नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में भी गिरफ्तार किया था। उस समय उसके पास से ‘स्पाज-ट्रानकन प्लस’ (Spas-Trankan Plus) के करीब 1440 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए थे। इस मामले में उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

    कानून की सख्ती का बड़ा संदेश

    317 करोड़ की पेनल्टी और लगातार सामने आ रहे काले कारनामों ने यह साफ कर दिया है कि गुरमुख जुमनानी केवल एक गुटखा कारोबारी नहीं, बल्कि टैक्स चोरी, अवैध तंबाकू और नशीली दवाओं के संगठित नेटवर्क का बड़ा चेहरा रहा है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में अवैध कारोबार और माफिया तंत्र के खिलाफ सरकार और एजेंसियों की सख्त मंशा का बड़ा संदेश मानी जा रही है।

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