August 13, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

      भिलाई / शौर्यपथ /  आशीष नगर, सड़क-11 में कंवर समाज महिला मंडल भिलाई का तीज मिलन समारोह 2025 उत्साहपूर्वक मनाया गया। मुख्य अतिथि रिसाली महापौर शशि सिन्हा और विशेष अतिथि अंबिका दाउ रहीं। महिलाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
    तीज क्वीन – दीपिका चंद्रवंशी, उमा चंद्रवंशी, भोज चंद्रवंशी रहीं, जबकि सोलह श्रृंगार प्रतियोगिता में ज्योति चंद्रवंशी और माधुरी रावके ने बाजी मारी।
    कार्यक्रम का संचालन महिला मंडल अध्यक्ष रंजना चंद्रवंशी व टीम ने किया।

       भिलाई। शौर्यपथ /  बायपास रोड स्थित हेरिटेज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के प्रतिनिधि एवं क्षत्रिय कल्याण सभा के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह थे, जबकि अध्यक्षता जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने की।

    कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। स्कूल संचालक बृजमोहन उपाध्याय ने अतिथियों व सभी शिक्षकों का स्वागत किया। इस अवसर पर सभी शिक्षकों को श्रीफल, प्रशस्तिपत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही समाज को दिशा देने वाले मीडिया प्रतिनिधियों (चौथा स्तंभ) को भी सम्मानित किया गया।

    मुख्य अतिथि शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि "शिक्षक ही वह मार्गदर्शक हैं जो हमें ज्ञान देकर जीवन में सफलता, पहचान और संघर्ष करने की शक्ति प्रदान करते हैं।"
    जिला भाजपाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि "समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण में योगदान देने वाले गुरुओं का सम्मान करना गौरव की बात है।"

    संचालक बृजमोहन उपाध्याय ने विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "विद्यालय में उच्च शिक्षित शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व संस्कार दिए जाते हैं, जिससे नगर में हेरिटेज स्कूल की अलग पहचान बनी है।" उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए भाजपा सरकार के निरंतर बने रहने की कामना की।

    रायपुर / शौर्यपथ /

      मुख्यमंत्री साय ने आज चंद्रग्रहण से पूर्व परंपरानुसार अपने निवास परिसर में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की मंगलकामना की।  मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में गौ-सेवा का विशेष महत्व है। गाय को गुड़ खिलाने से ग्रहण के अनिष्ट प्रभाव कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
    गौ-सेवा से आत्मिक संतोष
      मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा—
    "गौ-सेवा से मुझे आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा का अनुभव होता है। यह सेवा न केवल हमारी संस्कृति की पहचान है, बल्कि जनमानस में शांति और सौहार्द का संदेश भी देती है।"
     उन्होंने आगे कहा कि गौ-सेवा करने से व्यक्ति के जीवन में सच्ची शांति, संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है।
    परंपरा और विश्वास का संगम
     चंद्रग्रहण जैसे खगोलीय अवसरों पर रोटी और गुड़ अर्पित करने की परंपरा लोकआस्था और विश्वास से जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने इस परंपरा का निर्वहन करते हुए प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामनाएं कीं और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में सबके सहयोग का आह्वान किया।

    विशेष विश्लेषण : गौ-सेवा और चंद्रग्रहण परंपरा
    संस्कृति और आस्था का दृष्टिकोण

      भारतीय संस्कृति में गाय को माता का स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यता है कि चंद्रग्रहण या सूर्यग्रहण के समय गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाने से ग्रहण के अनिष्ट प्रभाव कम होते हैं। यह परंपरा पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति से जुड़ी मानी जाती है।

    विज्ञान और स्वास्थ्य का दृष्टिकोण
     गुड़ को पचाना आसान होता है और यह प्राकृतिक शुगर व आयरन का स्रोत है, जो पशुओं और मनुष्यों दोनों के लिए लाभकारी है। ग्रहण काल में पारंपरिक रूप से उपवास और सात्विक आहार की परंपरा रही है। इसका वैज्ञानिक कारण यह माना जाता है कि ग्रहण के समय वातावरण में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि तेज हो जाती है, जिससे भारी या दूषित भोजन से परहेज किया जाता है। गौ-सेवा से मनुष्य में करुणा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है, जो मानसिक संतुलन और सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहित करती है।

        दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर अपनी नौ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ कृषि विभाग के कृषि अधिकारीयों ने खोला मोर्चा
     छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के  प्रांत अध्यक्ष श्री लिखेश वर्मा  जी ने जानकारी देते हुए बताया की संघ के प्रांतीय बैठक में सभी जिला एंव प्रांतीय पदाधिकारियों एंव सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से नौ सूत्रीय लंबित मांगो की पूर्ति हेतु चरणबद्ध सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है अपनी मांगों की पूर्ति हेतु पूरे छत्तीसगढ़ में हर जिला  के समस्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एंव कृषि विकास अधिकारी निम्म दिवस वार चरणबद्ध सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे :
     दिनांक 8 और 9 सितंबर 2025 को काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे !
       दिनांक 15 सितंबर 2025 को हर जिला में समस्त विकासखंड एंव जिला स्तर पर तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एंव माननीय कृषि मंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा जाएगा एंव उक्त तिथि में बिना संसाधन भत्ता के उक्त तिथि से ऑनलाइन कार्य नही किया जाएगा!
     दिनांक 23 सितंबर  2025 को एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे एंव रैली निकाल कर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा !
    ऑनलाइन कार्य बहिष्कार करने से किसानों की बढ़ेगी मुश्किलें
      कृषि विभाग में संचालित विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पीएम किसान सम्मान निधि,प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसल कटाई प्रगोग, प्रधानमंत्री सॉइल हेल्थ कार्ड योजना धान खरीदी सत्यापन धान खरीदी ट्रस्टेड पर्सन बायोमेट्रिक फिंगर एंव गिरदावरी कार्य समेत खेती किसानी से सम्बंधित ऑनलाइन कार्य होगा प्रभावित

     कृषि विकास अधिकारी प्रकोष्ठ से पदमेश शर्मा, अवधेश उपाध्याय ने कृषि अधिकारियों के 9 सूत्रीय लंबित मांगो का विवरण इस प्रकार दिया:-
    1.वेतनमान संशोधन 4300 ग्रेड पे
    2.ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एंव कृषि विकास अधिकारी के कार्य क्षेत्र का पुननिर्धारण
    3 .मासिक स्थाई भत्ता में वृद्धि कर रुपए पच्चीस सौ करने हेतु
    4.विभागीय कार्य सम्पादन हेतु मोबाईल, इंटरनेट ,कंप्युटर, प्रिंटर स्टेशनरी इत्यादि हेतु संसाधन भत्ता
    5.विभगीय अमले की कमी के कारण अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की स्थिति में सम्मानजनक अतिरिक्त क्षेत्रीय भत्ता
    6.मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पदनाम को कृषि विस्तार अधिकारी करने हेतु
    7.ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एंव कृषि विकास अधिकारियों की डियूटी गैर विभगीय कार्यो - फसल गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे, सड़को को मवेशी मुक्त करने गठित दल, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत नोडल अधिकारी, धान उपार्जन केंद्र प्रभारी अधिकारी, ट्रस्टेड पर्सन, नोडल अधिकारी धान खरीदी, नाका जांच प्रभारी, निगरानी समिति नियद नेल्लानार,  स्कूलों परीक्षा केंद्रों में पर्यवेक्षक ऑब्जर्वर कार्य, बस्तर पंडुम, आंगनबाड़ी निरीक्षण, पीएम आवास सर्वे एंव नोडल अधिकारी, डियूटी किसान क्रेडिट कार्ड योजना, आयुष्मान कार्ड वंदन इत्यादि
    8.कृषि आदान सामग्री लैम्पसों में भंडारण करने एंव डीबीटी प्रणाली लागू करने
    9.ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से कृषि विकास अधिकारी के पद में विगत कई वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ करने
      प्रांतीय कोषाध्यक्ष उत्तम ताम्रकार, संभाग अध्यक्ष अमित पटेल, राहुल गौतम, विकास वर्मा, सुरेंद्र अहिरवार जी कहना है कि संघ पहली बार विकासखंडों में प्रदर्शन करेगा जिससे जिला प्रशासन में हमारी शक्ति का अनुभव करेगा जिससे कि गैर विभागीय ड्यूटी से हमें शीघ्र मुक्ति मिलेगी!

     दैनिक शौर्यपत महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे

    आज प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज बागबाहरा के पदाधिकारियों द्वारा अनुसूचित जाति बालक और कन्या छात्रावास बागबाहरा में जाकर बच्चों से मुलाकात किए और पे बैक सोसाइटी के माध्यम से समाज द्वारा खेल सामग्री प्रदान किया गया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष दाऊ विजय बंजारे, ब्लॉक अध्यक्ष श्री चिंता साय, श्री हेमनाथ रात्रे सर और शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्री महेंद्र बंजारे , श्री मती निर्मला आवड़े मैडम हॉस्टल अधिक्षिका श्री मती लक्ष्मी साहू और हॉस्टल कर्मचारी गण उपस्थित रहे। दाऊ विजय बंजारे जी बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने और स्वस्थ का भी ध्यान रखने कहा गया, श्री हेमनाथ रात्रे सर बच्चों को कविता बोलकर शिक्षा को अच्छा से ग्रहण करने कहा गया।

     दैनिक शौर्यपत महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे

     महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लाक गौरव ग्राम बुंदेली के हृदय में स्थित गंगा इंग्लिश स्कूल बुंदेली में शिक्षक दिवस बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं  द्वारा शिक्षकों का भव्य स्वागत सम्मान किए। मां सरस्वती और डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के प्रतिमा का पूजा अर्चना कर बच्चों द्वारा स्वागत नृत्य की प्रस्तुति की गई।
    स्कूल संचालक श्री प्रेम नायक ने उपस्थित शिक्षको और बच्चों को संबोधित करते हुए डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाने के उद्देश्य को बताते हुए बताया कि शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण होना है जिसमे गुरु की भूमिका सर्वोपरि होता है। जीवन को सफल बनाने के लिए योगदान देने वाले  शिक्षकों के लिए हमेशा आदर और सम्मान का भाव रखना चाहिए। इस संसार में माता-पिता और शिक्षक ही वह शख्स हैं जो सच में चाहते हैं कि आप उनसे ज्यादा काबिल बने। इस बीच बच्चो द्वारा शिक्षकों को भेंट प्रदान किया गया और मनोरम प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

    छात्रों के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर में 65 करोड़ की लागत से बनेगा छात्रावास : मुख्यमंत्री श्री साय
    बस्तर–सरगुजा सहित दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस
    कैंसर के शोध, रोकथाम और इलाज में उपयोगी साबित होगी एरोकॉन 2025 संगोष्ठी

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की।
       मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
       मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। श्री साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है।
       मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
      विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
      स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
      इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

      रायपुर। शौर्यपथ ।  छत्तीसगढ़ में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) फंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3 सितंबर को तड़के राज्यभर में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी को 4 करोड़ रुपये नगद, 10 किलो चांदी के जेवरात, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिले हैं। जांच एजेंसी ने अब तक 21.47 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने के साथ ही रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत दायर कर 16 लोगों को आरोपी बनाया है। मामले में निलंबित आईएएस रानू साहू, राज्य सेवा अधिकारी माया वारियर और मनोज कुमार द्विवेदी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।


    कैसे हुआ घोटाला?

    ईडी की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में लगभग 350 करोड़ रुपये के DMFT फंड का दुरुपयोग बीज निगम (छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड) के माध्यम से किया गया। बीज निगम ने कृषि उपकरण और बीज की आपूर्ति के नाम पर ठेके दिए, लेकिन विक्रेताओं/ठेकेदारों से अनुबंध मूल्य का 60% तक कमीशन/रिश्वत वसूला गया, जो बिचौलियों और अंततः कुछ सरकारी अफसरों तक पहुंची।

    EOW ने ईडी की रिपोर्ट पर धारा 120-बी, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। रायपुर कोर्ट में ACB ने 6 हजार पन्नों का चालान पेश कर 575 करोड़ से अधिक के घोटाले की पुष्टि की है।


    किन-किन जगहों पर हुई रेड?

    3 सितंबर को सुबह 5 बजे से ईडी की टीमों ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में दबिश दी।

    • रायपुर: शंकर नगर स्थित कारोबारी विनय गर्ग का घर, स्वर्णभूमि कॉलोनी में होटल कारोबारी मनीदीप चावला, कृषि उपकरण व्यापारी राजेश अग्रवाल, ला विस्टा कॉलोनी में पवन पोद्दार और सतपाल छाबड़ा (ओडिशा-छत्तीसगढ़ में कृषि उपकरण का कारोबार)।

    • दुर्ग: पुरानी भिलाई में अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी, शांति नगर के विवेकानंद कॉलोनी में आदित्य दिनोदिया

    • महासमुंद: राजिम रोड पर कारोबारी उगम राज कोठारी के घर और दुकान को सील किया गया।


    कौन-कौन हैं मुख्य आरोपी?

    ईडी के मुताबिक ठेकेदारों और बिचौलियों का नेटवर्क इस घोटाले में सक्रिय था।

    • ठेकेदार: संजय शिंदे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, ऋषभ सोनी

    • बिचौलिए: मनोज कुमार द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल और शेखर

    • निलंबित आईएएस रानू साहू (डॉयरेक्टर एग्रीकल्चर रहते समय खरीदी में गड़बड़ी)

    जांच से पता चला कि बीज निगम के जरिए pesticides, कृषि उपकरण और अन्य सामग्री की खरीद कोरबा, जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों में की गई।


    डीएमएफ फंड का असली उद्देश्य क्या था?

    डीएमएफटी (District Mineral Foundation Trust) खनन कंपनियों से मिले फंड से संचालित होता है। इसका उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और पर्यावरण सुधार पर खर्च करना है। लेकिन अधिकारियों-बिचौलियों की मिलीभगत से इस फंड का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया गया।


    ? यह मामला छत्तीसगढ़ में अब तक के सबसे बड़े खनन और कृषि उपकरण घोटालों में से एक बन गया है। ईडी की कार्रवाई के बाद और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

       रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित एम्स (AIIMS) रायपुर में भर्ती सुरजपुर जिले के श्री विशंभर यादव से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने चिकित्सकों से श्री विशंभर यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
      मुख्यमंत्री ने एम्स रायपुर में भर्ती श्री नीलू गुप्ता का भी हाल-चाल जाना — दोनों एक ही सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने उच्च गुणवत्ता उपचार सुनिश्चित करने के साथ ही दोनों घायलों के इलाज के लिए प्रत्येक को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
      मुख्यमंत्री ने श्री विशंभर यादव की धर्मपत्नी श्रीमती उषा यादव से भी बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि इलाज के लिए हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल उपस्थित रहे।
     तात्कालिक आर्थिक राहत: 5-5 लाख रुपये जैसी तत्काल आर्थिक सहायता गंभीर अस्पताल व्यय—ER/OP/ICU/ऑपरेशन तथा प्रारम्भिक औषधि- तथा रख-रखाव-खर्च को कवर करने में सहायक होती है; इससे रोगी और परिवार को तत्काल वित्तीय बोझ से कुछ राहत मिलती है और इलाज में देरी कम होती है।
    प्रतीकात्मक प्रभाव: राज्य के मुखिया का अस्पताल जाकर सीधे घायलों का हाल जानना और व्यक्तिगत समर्थन देना जनता के प्रति संवेदनशीलता का सशक्त सन्देश है — यह प्रशासनिक जवाबदेही और मानवीय नेतृत्व दोनों को दर्शाता है।
      चिकित्सकीय गुणवत्ता सुनिश्चित करना: मुख्यमंत्री द्वारा चिकित्सकों से औपचारिक जानकारी लेना और उपचार दिशा-निर्देश देना यह संकेत देता है कि सरकार चिकित्सा-प्रोटोकॉल और रोगी-केयर पर ध्यान दे रही है; परन्तु बेहतर परिणामों के लिये उपचार टीम, उपकरण और अनुवर्ती स्वास्थ्य-समर्थन आवश्यक रहेगा।
     नीतिगत सन्दर्भ: ऐसी घटनाएँ सड़क सुरक्षा, तात्कालिक प्रतिक्रिया (emergency response) तथा अस्पताल-आधारित किफायती देखभाल की निरंतरता पर भी प्रकाश डालती हैं—प्रारम्भिक राहत के साथ दीर्घकालिक पुनर्वास, चिकित्सा व्यय सहयोग और दुर्घटना-निवारण नीतियाँ भी आवश्यक हैं।

    निष्कर्ष : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह कदम तत्काल आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ मानवीय और प्रशासनिक रूप से नागरिकों से जुड़े रहने का संकेत है। दुर्घटना के पीड़ितों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए जो 5-5 लाख रुपए की घोषणा हुई है, वह तत्काल इलाज और प्रारम्भिक पुनर्वास का बड़ा सहारा बनेगी। साथ ही, यह घटना राज्य-स्तरीय आपात-सेवाओं, सड़क से जुड़ी सुरक्षा नीतियों और अस्पतालों में शीघ्र उपचार-प्रोटोकॉल के महत्व की याद दिलाती है।

    श्रद्धेय शांताराम जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय श्री शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

    पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडे, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।

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