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प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया है कि जेम पोर्टल भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। उनका कहना है कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने हाल ही में 50 हजार रुपये की रोटी बनाने की मशीन को लगभग 7 लाख 95 हजार रुपये में खरीदा है। इसके पहले भी 200 रुपये के जग को 32 हजार रुपये और 1 लाख रुपये की टीवी को 10 लाख रुपये में खरीदा गया था।
शुक्ला ने कहा कि इसी तरह की अनियमितताओं को देखते हुए कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में जेम पोर्टल से खरीदी की प्रक्रिया बंद कर दी थी, ताकि बाहरी सप्लायरों और दलालों को रोककर राज्य के खजाने की सुरक्षा की जा सके। लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद फिर से जेम पोर्टल से शासकीय खरीदी शुरू की और अब इसका नकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जेम पोर्टल लागू कर छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्यवसायियों और युवाओं से रोजगार छीनने का काम किया है। वहीं कांग्रेस सरकार ने स्थानीय उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सीएसआईडीसी के माध्यम से रेट कॉन्ट्रैक्ट आधारित खरीदी की व्यवस्था शुरू की थी, जिससे राज्य के छोटे उद्योगों, व्यापारियों और कुटीर उद्योगों को संरक्षण और रोजगार के अवसर मिलते थे।
शुक्ला के अनुसार भाजपा सरकार ने यह दावा किया था कि सीएसआईडीसी की सप्लाई व्यवस्था में भ्रष्टाचार होता था, जबकि यह पूरी तरह से पारदर्शी प्रणाली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जेम पोर्टल लागू करने का असली उद्देश्य स्थानीय व्यवसायियों को दरकिनार कर मोटा कमीशन वसूल करना था, और अब उसके दुष्परिणाम प्रदेश के सामने आ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ शासन की युक्तियुक्तकरण नीति अब जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है। बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसाही टी में इस व्यवस्था के तहत चार नए व्याख्याता पदस्थ होने से अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विद्यालय में लंबे समय से गणित, अंग्रेजी, जीव विज्ञान और हिन्दी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी से विद्यार्थी और पालक निराश थे। अब शिक्षकों की नियुक्ति से सभी के चेहरे पर खुशी लौट आई है।
विद्यालय में युक्तियुक्तकरण नीति के तहत श्री हीरालाल साहू (गणित), श्री चंद्रभूषण मोहबिया (अंग्रेजी), श्री राजेश कुमार रावटे (हिन्दी) और श्रीमती दीपिका राज (जीव विज्ञान) को पदस्थ किया गया है। इसके बाद विद्यार्थियों को अब अपने ही विद्यालय में सभी विषयों का बेहतर अध्ययन मिल रहा है।
विद्यालय के विद्यार्थियों कुमारी कुमकुम, नेहा बंजारे और जीत देवांगन ने बताया कि पहले विषय शिक्षक न होने से वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे और अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेने की सोच रहे थे। लेकिन अब सभी विषयों के शिक्षक मिल जाने से न सिर्फ पढ़ाई सुचारु हुई है बल्कि भविष्य को लेकर नई उम्मीद भी जगी है।
पालकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई यह नीति विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी।
विद्यालय परिवार और ग्रामीणजन अब आशान्वित हैं कि युक्तियुक्तकरण की यह व्यवस्था अन्य शालाओं तक भी पहुंचेगी और बच्चों को अपने गांव-क्षेत्र में ही उत्तम शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
राजधानी रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्ट्स कोर्ट में चल रहे 47वें ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी शटल बैडमिंटन टूर्नामेंट में टीम इवेंट का खिताब केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने अपने नाम किया। फाइनल में केरल ने तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड को एकतरफा मुकाबले में मात दी। तीसरे स्थान पर कर्नाटक और चौथे स्थान पर आंध्रप्रदेश की टीम रही।
टीम इवेंट का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। टूर्नामेंट नियमों के अनुसार दोनों टीमों के बीच तीन सिंगल और दो डबल मैच खेले जाने थे। केरल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही तीन मैच जीतकर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।
पहले सिंगल में केरल के श्याम प्रसाद एम ने तमिलनाडु के ए. चंद्रशेखर को 21-4 और 21-6 से हराया।
दूसरे सिंगल में अजय सतीश ने तमिलनाडु के वी. सुंदरेश्वर को 21-10 और 21-8 से मात दी।
डबल्स में श्याम प्रसाद एम और विष्णु राजेंद्रन की जोड़ी ने के. श्रीधर और वी. सुंदरेश्वर को 21-4, 21-13 से हराकर फाइनल जीत पक्का कर दिया।
ओपन इवेंट्स में कड़ी टक्कर
ओपन सिंगल मुकाबलों में पूरे दिन खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। 13 सितंबर की सुबह सेमीफाइनल में केरल के अजय सतीश और तेलंगाना के बी. कृष्णाकांत, वहीं छत्तीसगढ़ के अविनेश पाठक और केरल के श्याम प्रसाद एम आमने-सामने होंगे। इसके बाद दोपहर तीन बजे फाइनल खेला जाएगा।
ओपन डबल्स में भी रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले होंगे, जहां तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और केरल की मजबूत जोड़ियां आमने-सामने होंगी।
पुरस्कार वितरण समारोह
टूर्नामेंट का समापन व पुरस्कार वितरण समारोह 13 सितंबर को शाम 4 बजे आई स्पोर्ट्स कोर्ट, मोवा में होगा। मुख्य अतिथि ऊर्जा सचिव एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव विजेताओं को पुरस्कृत करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक एस.के. कटियार करेंगे। विशेष अतिथि के रूप में पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला, वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर, ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष के.एस. मनोठिया तथा निदेशक आर.ए. पाठक व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
आयोजन और भागीदारी
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आयोजन छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की सेंट्रल स्पोर्ट्स एंड कल्चरल कमेटी द्वारा किया जा रहा है। कमेटी के महासचिव व कार्यपालक निदेशक (वित्त) एम.एस. चौहान ने बताया कि 10 राज्यों की विद्युत कंपनियों से 65 से अधिक खिलाड़ी टूर्नामेंट में भाग ले रहे हैं। इनमें कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन, तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन, यूपी पावर कॉर्पोरेशन, केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड, आंध्रप्रदेश ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, तेलंगाना ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, असम स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और दिल्ली ट्रांस्को लिमिटेड की टीमें शामिल हैं।
मुख्य निर्णायक प्रताप भट्टाचार्य एवं मैच नियंत्रक गुरदीप सिंह के साथ हेम पांडेय, घनश्याम सोनी, आदित्य भट्टाचार्य, अनुराग डे और श्रीराम यादव निर्णायक मंडल में हैं।
सार समाचार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ
प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को उच्च शिक्षा हेतु मिलेगी वित्तीय सहायता
देश के किसी भी संस्थान में पढ़ाई के लिए बालिकाओं को मिलेंगे वार्षिक 30 हजार रुपए
बेटियों की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, आर्थिक दिक्कतें नहीं बनेंगी बाधा
रायपुर / शौर्यपथ / बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए।
उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर प्रेषित किया जा सकता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा श्री विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड श्री सुनील शाह उपस्थित थे।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से प्रतिज्ञा का फौज में जाने का सपना होगा पूरा
रायपुर / शौर्यपथ / एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से।
नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।
नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है। बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है।
नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री जी के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा।
उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।
वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 बनी गेम चेंजर, पिछले 6 माह में हुई 2230 संपत्तियों की बिक्री
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सुविधा युक्त आवास का सपना छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल पूरा कर रहा है। मंडल ने पिछले छह माह में 2230 संपत्तियों का विक्रय कर 435 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले पाँच वर्षों में अर्जित राजस्व की तुलना में कहीं अधिक है। इस उपलब्धि में वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 गेम चेंजर साबित हुई है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल संपत्तियों का विक्रय नहीं, बल्कि हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक छत प्रदान करना है। यह उपलब्धि हितग्राहियों के विश्वास और टीम के समर्पण का परिणाम है। अब हम गुणवत्ता आधारित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में और तेजी से काम करेंगे।
गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल ने आने वाले समय में किफायती दरों पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बनाई है। मंडल द्वारा डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ई-आवास और भुगतान प्रक्रिया को और सरल एवं पारदर्शी बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मात्र छह माह में 2200 से अधिक परिवारों का ‘अपने घर का सपना’ पूरा हुआ है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आवास क्रांति में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने औसतन प्रतिवर्ष 1387 संपत्तियों का विक्रय किया, जिनका वार्षिक मूल्य लगभग 262 करोड़ रुपये रहा। वहीं मार्च 2025 से अगस्त 2025 तक मात्र छह माह में ही यह आँकड़ा 2230 संपत्तियों और 435 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। इसमें अटल विहार एवं सामान्य आवास योजना के तहत 1070 संपत्तियाँ 259 करोड़ रुपये में तथा ओटीएस-2 योजना के अंतर्गत 30 प्रतिशत तक की छूट के साथ 1160 संपत्तियाँ 176 करोड़ रुपये में विक्रय की गईं।
छत्तीसगढ़ सरकार की इस वर्ष लागू वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 ने आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। इस योजना के तहत 1160 संपत्तियों का 176 करोड़ रुपये मूल्य का विक्रय हुआ। इसके पहले, सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक लागू ओटीएस-1 योजना के अंतर्गत तीन वर्षों में केवल 506 संपत्तियाँ 88 करोड़ रुपये में विक्रय हो पाई थीं।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 11 सितम्बर को जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ करेंगे। इस आयोजन से बस्तर अंचल में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, वहीं रोजगार के अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर का विकास सदैव अग्रणी रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट इसी संकल्प को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की इस सोच के अंतर्गत उद्योग और निवेश को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मूलभूत क्षेत्रों से जोड़ा गया है, ताकि बस्तर का विकास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रहकर सामाजिक उन्नति का आधार भी बन सके।
इन्वेस्टर कनेक्ट न केवल बस्तर में नए उद्योगों और व्यापक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और वे इस प्रगति यात्रा के सक्रिय भागीदार बनें।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से प्रतिज्ञा का फौज में जाने का सपना होगा पूरा
रायपुर / शौर्यपथ / एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से।
नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।
नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है। बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी। मुख्यमंत्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है।
नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री जी के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा।
उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।
मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया
रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद यह प्रथम बैठक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है तथा विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में ठोस पहल की है। उनका उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव तक पहुँचाना है।
पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। इसे बदलने के लिए सरकार ने प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। साथ ही, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत समाजसेवियों और विशेषज्ञों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में विशेष योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं।
इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर बल दिया जा रहा है। इन्हें कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और बाजार से जोड़ने की पहल होगी। युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर रोजगार व स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आदिवासी संस्कृति समृद्ध है और इसे संरक्षित रखना आवश्यक है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा में प्राधिकरण अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने शराबमुक्ति के लिए पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल सुविधाएँ और किसानों को स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक पहली बार आयोजित हुई है और मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में पहुँचकर बैठक कर रहे हैं।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री ने विशेष घोषणाएँ करते हुए कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों के लिए दो खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसके अलावा विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए।
कोरबा में सुनालिया पुल निर्माण के लिए 9 करोड़ रुपये की घोषणा की गई। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जिससे 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 कार्य स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 539 पूर्ण हो चुके हैं।
2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के 491 कार्यों में से 482 पूर्ण हुए।
2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 464 कार्यों में से 424 पूरे हो गए।
2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के 508 कार्यों में से 123 पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्रीगण रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओ.पी. चौधरी, टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, सांसद संतोष पांडेय, विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मनोज पिंगुआ, सचिव बसवराजू, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी. श्रीनिवास राव, कलेक्टर कोरबा अजीत वसंत सहित अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
कोंडागांव / शौर्यपथ / कोंडागांव के नेशनल हाइवे 30 पर स्थित शायद आप इस हरे भरे पठार नुमा जगह को देख के सोच रहे होंगे की ये एक मैदान है और इस जगह पर शायद फुटबॉल या क्रिकेट या कोई भी खेला जाता होगा । मगर शायद आपकी सोच गलत है यह एक तालाब है जिसे वर्षों पहले लोग इस बंधा तालाब से अपने उपयोग नहाने व रोजमर्रा की जिंदगी के लिए उपयोग किया करते थे।
इसके बाद इस बंधा तालाब के बाजू में सौंदर्यीकरण के साथ पार्क बना दिया गया कुछ समय यहां बोटिंग भी की गई मगर अब ये हाल है कि आज ये पूरा तालाब जलकुम्भी से भर चुका है साथ ही कोंडागांव नगर पालिका ने इस पर लाखों ख़र्च भी समय-समय पर किया। मगर अब शायद नगर पालिका भी इस जलकुम्भी को निकालने में नाकाम रह गई और आज यह पूरी तरफ से एक हरे भरे मैदान में तब्दील हो चुका है हालाँकि सिर्फ उपर से ही हरा भरा है और सतह पर जल है।
क्यों कहलाने लगा मैदान
आपको बतादे की लोग इस जगह को देख के मैदान कहने लगे है क्योंकि की यह चारों तरफ से पूरी तरफ हरा भरा और घना हो गया है देखने मे यह स्टेडियम से कम नहीं लग रहा है ।
साथ ही आपको बता दे कि यह तालाब कोंडागांव से गुजरने वाली नेशनल हाईवे 30 से लगी हुई है यह मार्ग सीधा राजधानी को जोड़ने वाला मार्ग है साथ ही यह तालाब अब सोसल मीडिया में छाया हुआ है कोई इस मैदान रूपी तालाब को देख के 20 - 20 क्रिकेट खेलने या राज्य स्तरीय फुटबॉल खेलने की बात करते है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
