August 08, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    - दिव्यांगजनों को नि:शुल्क मोटराईज्ड ट्रायसायकल और सहायक उपकरण का किया वितरण
    - विद्यार्थियों को साइन लैंग्वेज का होना चाहिए अच्छा ज्ञान
    - गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के दिए निर्देश
    राजनांदगांव /शौर्यपथ /सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार  श्री राजेश अग्रवाल ने विकासखंड राजनांदगांव के ग्राम ठाकुरटोला में दिव्यांगजन कौशल विकास पुनर्वास और सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) राजनांदगांव का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजनों को नि:शुल्क मोटराईज्ड ट्रायसायकल एवं सहायक उपकरण वितरण किया। उन्होंने दिव्यांगजन कौशल विकास पुनर्वास और सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) राजनांदगांव परिसर में पौधरोपण किया। इस दौरान निदेशक एनआईईपीआईडी सिकंदराबाद डॉ. बीवी रामकुमार, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, संचालक समाज कल्याण विभाग श्रीमती रोकतिमा यादव उपस्थित थे।
    सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार श्री राजेश अग्रवाल ने सीआरसी सेंटर  के डॉक्टर कक्ष, व्हिज्युअल थेरपी कक्ष, फिजियोथेरपी कक्ष, नैदानिक मनोविज्ञान कक्ष, विशेष शिक्षा, ऑडिओलॉजी कक्ष, वाणी एवं भाषा उपचार, सीसीसीजीपी कक्ष, आडिटोरियम, पुस्तकालय, क्लास रूम का निरीक्षण किया। सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने नैदानिक मनोविज्ञान कक्ष में ऑनलाईन पंजी संधारण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विशेष शिक्षा कक्ष में 11 वर्षीय बच्चे का यूडीआई के संबंध में जानकारी ली और बच्चे का निरामय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभान्वित करने के निर्देश दिए। सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने सीआरसी सेंटर में उपस्थित दिव्यांगजनों से बातचीत की और उन्हें नि:शुल्क मोटराईज्ड ट्रायसायकल और सहायक उपकरण वितरण किया। उन्होंने डिसली क्लास रूम का अवलोकन किया। विद्यार्थियों से साइन लैंग्वेज के संबंध में बातचीत की। उन्होंने कहा कि सभी को साइन लैंग्वेज के संबंध में अच्छे से ज्ञान होना चाहिए। साइन लैंग्वेज में विशेष ध्यान देने कहा। उन्होंने कहा कि साइन लैंग्वेज का बहुत अच्छा स्कोप उपलब्ध होता है। साथ ही हिन्दी और अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होना चाहिए। जिससे वे साइन लैंग्वेज के माध्यम से बता सके। इसके साथ ही विधि से संबंधित ज्ञान भी होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपस में भी साईन लैंग्वेज में बात करनी चाहिए, जिससे ज्ञान बढ़ेगा। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने प्राध्यापकों को निर्देश दिए। उन्होंने प्रेक्टीकल अध्ययन-अध्यापन को अधिक से अधिक कराने कहा।
    सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार श्री राजेश अग्रवाल ने कौशल विकास विभाग के डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रिटेशन के बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों द्वारा किए गए कौशल कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने सीआसी सेंटर में उपचार कराने आए दिव्यांजनों से मुलाकात की। सचिव श्री अग्रवाल ने दिव्यांग श्री आशीष देवदास और श्री रवि से बातचीत कर स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। दिव्यांग श्री आशीष ने बताया कि सीआरसी सेंटर में बहुत अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। पहले चलने में बहुत समस्या होती थी लेकिन अब नहीं होती है।
    सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार श्री राजेश अग्रवाल ने सीआरसी सेंटर के उपरी मंजिल के निर्माणाधीन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन निर्माण के निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप निर्माण कार्य करने निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा, संयुक्त संचालक समाज कल्याण श्री बीएल ठाकुर, निदेशक सीआरसी श्रीमती स्मिता महोबिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    - स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के लिए सभी तैयारी सुनिश्चित करने कहा
    राजनांदगांव/शौर्यपथ /मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने जिला पंचायत सभाकक्ष में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों सहित अन्य विषयों पर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला एवं जनपद पंचायत के अधिकारी वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने बताया कि भारत सरकार के केन्द्रीय निगरानी समिति के अधिकारियों की टीम द्वारा जिले का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को केन्द्रीय योजनाओं से संबंधित जानकारी अद्यतन करने तथा आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य अमलों द्वारा आयुष्मान वयवंदन योजना अंतर्गत 70 वर्ष एवं 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रगति पर संतोष जाहिर किया। सीईओ जिला पंचायत ने विनोबा एप अंतर्गत सौंपे गए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव, कुपोषण की रोकथाम, एनिमिया के बचाव के लिए पंजीयन की कार्रवाई शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
    जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिले के सभी ग्रामों में प्रत्येक शनिवार को स्वच्छता त्यौहार का आयोजन करने के निर्देश दिए। इस दौरान श्रमदान करते हुए ग्राम की साफ-सफाई, स्वच्छता रैली, दीवार लेखन, शपथ ग्रहण, स्कूल में प्रतियोगिताएं एवं अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित करने कहा। इन कार्यक्रमों में ग्राम पंचायत, स्व-सहायता समूह, युवा क्लब, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीणों को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 अंतर्गत खुले में शौच मुक्त ग्रामों की स्थिति, अपशिष्ट प्रबंधन, सहभागिता और स्थायी ढांचे जैसे मापदंडों पर गांवों का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही सिटीजन फीडबैक भी एक अहम बिंदु होगा। जिसके लिए ग्रामीणों को मोबाइल एप के माध्यम से सुझाव देने के लिए प्रेरित करने कहा। गांव-गांव में बैनर, पोस्टर, ऑडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रचार एवं जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएमश्री एवं 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत शालाओं में चल रहे निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, एनआरएलएम सहित अन्य विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई।

    मुख्यमंत्री  साय अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में हुए शामिल
    रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय), मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में वैष्णव ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। इस समाज की विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में दानशीलता की अद्भुत मिसालें स्थापित की हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में वैष्णव ब्राह्मण समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज के प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
    मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज ने सनातन धर्म को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह समाज केवल पुरोहित कर्म से ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में भी सक्रिय रहा है। दानशीलता की महान परंपरा का परिचय देते हुए इस समाज ने कभी राजपाट तक दान कर दिए। राजनांदगांव की वैष्णव ब्राह्मण रियासत इसका अनुपम उदाहरण है।
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डेढ़ वर्ष के भीतर हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को अमल में लाकर पूर्ण किया है। छत्तीसगढ़, प्रभु श्रीराम का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का लंबा समय यहीं व्यतीत किया था। हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अपनी आस्था के अनुसार तीर्थ स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। दिव्यांगजनों, विधवाओं और परित्यक्ताओं के लिए इस योजना में अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प लिया गया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रसर होना है। इस कार्य में वैष्णव ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समाज संगठित रहकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा।
    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज एक दूरदर्शी और कल्पनाशील समाज है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव से विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस समाज के ऐतिहासिक योगदान को निकटता से देखा है। उच्च शिक्षा, रेलवे, उद्योग और पेयजल व्यवस्था के विकास में राजनांदगांव के राजपरिवार ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। महंत दिग्विजय दास जी ने महाविद्यालय के लिए अपना महल दान किया, रेलवे के लिए विशाल भूमि दी, और बीएनसी कॉटन मिल की स्थापना की, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला। महंत घासीदास जी ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क भूमि देने की घोषणा की थी।
    उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज सनातन धर्म की ध्वजवाहक है। इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के आयोजन से समाज और अधिक एकजुट होकर आगे बढ़ेगा।
    इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष  पी. एल. बैरागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  लाल जे. के. वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश दास वैष्णव,  विजय कुमार दास,  राघवेंद्र दास वैष्णव, डॉ. सौरभ निर्वाणी, श्रीमती अंजना देवी वैष्णव,  रजनीश वैष्णव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

    छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की कड़ी निगरानी में परीक्षा आयोजन, नकल प्रकरण में पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही जारी
    रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) भर्ती परीक्षा के अंतर्गत परीक्षा केन्द्र क्र. 1309 - शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकंडा, बिलासपुर (छ.ग.) में एक गंभीर नकल प्रकरण प्रकाश में आया।  कक्ष क्रमांक 07 में परीक्षार्थी रोल नंबर 13091014 - कु. अन्नु सूर्या, पिता - कलेश्वर राम द्वारा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा कक्ष में तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उक्त परीक्षार्थी के अंतःवस्त्र में हिडन कैमरा व कान से माइक्रो स्पीकर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपाकर रखे गए पाए गए, जिन्हें तत्काल जब्त किया गया।
    परीक्षा केन्द्र परिसर के बाहर नकल में सहायता करने हेतु उपस्थित कु. अनुराधा बाई के पास से वॉकी-टॉकी, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह स्पष्ट रूप से एक संगठित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल करने का प्रयास था।
    प्रशासन द्वारा नियमानुसार तत्काल नकल प्रकरण तैयार कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को प्रेषित कर दिया गया है। साथ ही, थाना सरकंडा पुलिस को सूचित कर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित व्यक्तियों पर उचित कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
    व्यावसायिक परीक्षा मंडल एवं जिला प्रशासन द्वारा इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु ऐसी घटनाओं पर "जीरो टॉलरेंस नीति" अपनाई गई है। भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

      रायपुर /शौर्यपथ संवाददाता /
       छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को राजधानी रायपुर में विभिन्न शासकीय एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होकर दिनभर अत्यंत व्यस्त नजर आयेंगे । उनकी दिनचर्या में शासन, संगठन, और जनप्रतिनिधियों से जुड़े अहम मुद्दों पर संवाद, समीक्षा और निर्णय शामिल रहेगे।
      मुख्यमंत्री दोपहर 1:30 बजे अपने सिविल लाइन स्थित निवास से कार्यक्रमों की श्रृंखला के लिए रवाना हुए।
    ? मुख्यमंत्री की आज की प्रमुख गतिविधियाँ इस प्रकार :

        01:40 PM – होटल बेबीलोन इंटरनेशनल, जीई रोड, रायपुर पहुंचकर राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक - छत्तीसगढ़ क्षेत्र का शुभारंभ एवं संबोधन
        02:30 PM – कार्यसमिति बैठक में भागीदारी जारी
        02:40 PM – होटल से प्रस्थान कर सिविल लाइन स्थित निवास आगमन
        06:30 PM – नवीन मुख्यमंत्री निवास, अटल नगर रायपुर पहुंचना
        07:00 PM – विधायक दल की बैठक
        09:00 PM – आराम और आतिथ्य
        09:30 PM – नवीन मुख्यमंत्री निवास से प्रस्थान कर सिविल लाइन निवास आगमन
        10:00 PM – रात्रि विश्राम

    ?️ राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व:
     राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास कार्यों, संगठन की मजबूती, और जनकल्याण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के विषय में चर्चा । वहीं विधायक दल की बैठक में आगामी रणनीतियों और जमीनी कार्यों पर चर्चा की संभावना ।
     मुख्यमंत्री साय के आज के कार्यक्रमों से यह संदेश स्पष्ट जाता है कि उनकी सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर गति, संवाद और संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं।

    ? रविवार, 13 जुलाई 2025 ✍️ शौर्य ज्योतिष डेस्क रविवार सूर्य देव को समर्पित होता है, और आज सूर्य की स्थिति कुछ राशियों के लिए…

     शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तावित युतियुक्तिकरण  योजना (School Rationalization Policy) एक ऐसी पहल है, जो आने वाले समय में प्रदेश के शैक्षणिक नक्शे पर दूरगामी बदलाव लाने जा रही है। वर्तमान में भले ही यह योजना कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों के लिए विरोध का विषय बनी हो, परंतु इसके मूल में निहित उद्देश्य और लाभों पर गौर किया जाए तो यह स्पष्ट होता है कि यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, दक्षता और समावेशिता की ओर एक सशक्त कदम है।

    ⚖️ क्या है युतियुक्तिकरण योजना?

    युतियुक्तिकरण योजना का मूल उद्देश्य ऐसे शासकीय विद्यालयों का एकीकरण करना है, जहां छात्र संख्या अत्यंत कम है—30-40 या 50 के आसपास। इस प्रक्रिया के अंतर्गत आसपास के ऐसे स्कूलों को एक केंद्रीकृत विद्यालय में विलय किया जाएगा, जहां उचित भवन, पर्याप्त शिक्षक, प्रशासनिक स्टाफ, क्लर्क और संसाधन उपलब्ध होंगे। इसके माध्यम से न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, बल्कि शासन के खर्चों का भी समुचित उपयोग सुनिश्चित होगा।

    ? वर्तमान व्यवस्था की गंभीर चुनौतियां

    छत्तीसगढ़ के सुदूर ग्रामीण अंचलों और कस्बों में आज भी अनेक शासकीय विद्यालय ऐसे हैं, जो नाममात्र की छात्र संख्या के साथ संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में मात्र एक शिक्षक के भरोसे स्कूल की पूरी व्यवस्था चलाना किसी संवैधानिक शिक्षा अधिकार की आत्मा के साथ न्याय नहीं है। इतना ही नहीं, स्टाफ की कमी, भवनों की मरम्मत, प्रशासनिक अभिलेखों के रख-रखाव जैसी अनिवार्य व्यवस्थाएं शासन पर प्रति विद्यालय लाखों रुपये का व्यय लाद रही हैं।

    ?? कम छात्र संख्या = कम प्रतिस्पर्धा, सीमित मानसिक विकास

    कम छात्रों की कक्षा में प्रतिस्पर्धा का वातावरण नहीं पनपता, जो बच्चों के समग्र मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न करता है। आज जब देश NEP-2020 के तहत 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, तब बच्चों को सीमित संसाधनों में शिक्षित करना उन्हें पीछे छोड़ने जैसा होगा।

    ? एकीकृत विद्यालय – गुणवत्ता की नई परिभाषा

    युतियुक्तिकरण के तहत अगर 5 विद्यालयों के छोटे बच्चों को मिलाकर एक उच्चतर, सुव्यवस्थित स्कूल में समाहित किया जाए, तो—

    अनुभवी शिक्षक उपलब्ध होंगे
    विज्ञान, गणित, कला, खेल आदि विषयों में विशेषज्ञता होगी
    छात्र आपसी प्रतियोगिता के माध्यम से अधिक प्रगति करेंगे
    शासन द्वारा प्रति विद्यार्थी बजट प्रभावी तरीके से गुणवत्ता पर निवेश किया जा सकेगा
    डिजिटल व स्मार्ट क्लास जैसे नवाचार संभव होंगे

    ? ग्रामीण और शहरी संतुलन की ओर एक पहल

    आज शहरी स्कूलों में छात्र संख्या अधिक व संसाधन अपेक्षाकृत बेहतर हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल संसाधनों और शिक्षकों की कमी से जूझते हैं। युतियुक्तिकरण इस असंतुलन को पुनर्संतुलित कर सकता है। जिस प्रकार से समृद्ध निजी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को लेकर प्रतिस्पर्धा होती है, उसी प्रकार सरकारी स्कूल भी आने वाले वर्षों में नवाचार, प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता के मानदंड स्थापित कर सकेंगे।

    ? विपक्ष का विरोध और शासन की दूरदृष्टि

    विपक्षी दलों का यह तर्क कि ‘स्कूल बंद किए जा रहे हैं’ या ‘शिक्षा को पीछे ले जाया जा रहा है’, एक आंशिक और सतही दृष्टिकोण है। यदि 5 विद्यालयों के 40-50 छात्रों को एक उच्चतर स्कूल में लाया जाए, तो कुल लगभग 300 छात्रों के लिए एक बेहतर संस्थान विकसित किया जा सकता है। इसमें किसी प्रकार की शिक्षा की कटौती नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता को बढ़ावा देना ही प्रमुख उद्देश्य है।

    ? यूटी युक्तिकरण : शिक्षा के माध्यम से समृद्ध समाज की ओर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह योजना न केवल प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है, बल्कि एक दूरदर्शी शैक्षणिक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करती है। शिक्षा ही समाज, प्रदेश और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि शिक्षा सशक्त होगी तो प्रदेश की आने वाली पीढ़ी रोज़गार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगी।

    ? निष्कर्ष : सुनहरे भविष्य की नींव

    युतियुक्तिकरण योजना को केवल संख्या या भवन के घटाव के रूप में नहीं, बल्कि गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धा और मानसिक विकास की नींव के रूप में देखा जाना चाहिए। यह योजना छत्तीसगढ़ को शिक्षित, सक्षम और प्रतिस्पर्धी राज्य बनाने की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। आने वाले वर्षों में जब शासकीय विद्यालय भी निजी स्कूलों को टक्कर देने लगें, तब यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह विरोध नहीं, बल्कि एक भविष्यगामी क्रांति का प्रारंभ था।

    ? लेखक : शरद पंसारी
    संपादक – शौर्यपथ दैनिक समाचार

    रायपुर/शौर्यपथ समाचार।

    नवागढ़ से रायपुर लौटते समय आरंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूज्य संत परंपरा के अग्रणी धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब जी के काफिले पर अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किया गया। यह घटना न केवल एक जनप्रतिनिधि पर हमला है, बल्कि छत्तीसगढ़ की शांति, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।

    घटना के दौरान काफिले के मुख्य वाहन के सामने की विंडशील्ड पर भारी क्षति हुई, जिससे वाहन चालक और साथ बैठे लोग भयभीत हो उठे। हालांकि, गनीमत रही कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    समर्थकों ने जताई गहरी निंदा

    गुरु साहेब के समर्थकों और श्रद्धालुओं ने इस कायराना हमले की तीव्र निंदा की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि धर्म, परंपरा और लोकतंत्र पर संगठित हमला है। उन्होंने मांग की है कि इस घटना के दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।

    राजनीतिक विद्वेष या योजनाबद्ध अशांति?

    घटना की पृष्ठभूमि में कुछ लोग इसे राजनीतिक विद्वेष और वैचारिक असहिष्णुता से प्रेरित मान रहे हैं। यह चिंता का विषय है कि ऐसे तत्व समाज को बांटने और धार्मिक सद्भाव को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं।

    प्रशासन की भूमिका अहम

    घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को संभाला और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। आरंग क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जनप्रतिनिधियों एवं संतजनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

    ? यह हमला केवल एक वाहन पर नहीं था — यह हमारे लोकतंत्र की अस्मिता, हमारे संतों की गरिमा और सामाजिक सौहार्द्र पर हमला है।

     

    छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल किया नया मुकाम:नई शिक्षा नीति से बदली तस्वीर, छत्तीसगढ़ में स्थानीय भाषाओं में मिल रही शिक्षा
    मुख्यमंत्री ने पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है।

    उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।

    श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है।

    रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा।

    विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार श्री राज सैनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की।

    कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार श्री महेंद्र गुप्ता, सीईओ श्रीमती शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

    रायपुर, 11 जुलाई 2025 / शौर्यपथ संवाददाता

        राजधानी रायपुर में न्यूज़18 मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भव्य ‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की विकास गाथा और भविष्य की दिशा को लेकर दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने जिस ऐतिहासिक विश्वास के साथ उन्हें सत्ता सौंपी है, उस पर वे समर्पित जनसेवक की तरह कार्य कर रहे हैं, और हर वर्ग के कल्याण को केंद्र में रखते हुए योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की प्राथमिक उपलब्धियाँ:

    ? आवास क्रांति:

    • 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति उनकी सरकार की पहली कैबिनेट में दी गई, जिससे आज हज़ारों परिवारों को गृहप्रवेश का सौभाग्य मिल रहा है।

    ? किसान सम्मान:

    • किसानों के लिए ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी प्रारंभ की गई है, जिसमें पिछली सरकार की दो वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया जा रहा है।

    ?‍? महिलाओं को अधिकार और सहायता:

    • महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

    ? आदिवासी सशक्तिकरण:

    • चरण पादुका वितरण, तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, और तीर्थदर्शन योजना जैसे कदम जनजातीय समाज को सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध हो रहे हैं।

    ? डिजिटल ग्राम पंचायतें:

    • 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल केंद्र स्थापित हो चुके हैं, जिससे ग्रामीण जनता को बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जल्द ही यह सुविधा सभी पंचायतों तक विस्तारित होगी।

    ? महिलाओं को रोज़गार के नए अवसर:

    • रेडी टू ईट खाद्य निर्माण का कार्य फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया, जिससे आत्मनिर्भरता को नया बल मिला है।

    ? नक्सलवाद पर निर्णायक कार्यवाही:

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की समयसीमा के अनुसार छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त राज्य बनाने का संकल्प लेकर उनकी सरकार गांवों में नियद नेल्लार योजना के अंतर्गत तेज़ी से विकास कार्य कर रही है।

    "नक्सल प्रभावित इलाकों में हम शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, इंटरनेट जैसी सुविधाएं पहुंचा रहे हैं — यही असली जवाब है नक्सलवाद को,"
    – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    ?️ कॉन्क्लेव: संवाद और दृष्टिकोण का प्रभावशाली मंच

    ‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं, उपलब्धियों और आने वाले कल को लेकर अनेक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए।
    यह मंच शासन, सशक्तिकरण, नवाचार और जन भागीदारी के अद्भुत समन्वय का प्रतीक बना।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री डॉ. रामविचार नेताम, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, बुद्धिजीवी, पत्रकार और समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    ? मुख्यमंत्री साय का संदेश:

    "हमारे विकास मॉडल में अंतिम व्यक्ति की भागीदारी और लाभ को प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ सिर्फ योजनाओं से नहीं, जनता के विश्वास से आगे बढ़ रहा है। यही 'राइजिंग छत्तीसगढ़' है।"

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