August 08, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ  / लद्दाख और साउथ चाइना सी के बाद चीन की पीपल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) अब भूटान के खिलाफ नया मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि चीन ने सीमा को लेकर 25वें दौर की बातचीत को अपने पक्ष में झुकाने के मकसद से भूटान पर दबाव बनाने के लिए पश्चिमी और मध्य भाग में बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है।
    थिंपू को सर्वोच्च स्तर पर पीएलए के खतरे को लेकर सावधान कर दिया गया है। संभावना है कि आगामी बातचीत में पहले से अतिक्रमित क्षेत्रों और पश्चिमी भाग में दावों की सौदेबाजी के लिए बीजिंग पीएलए के घुसपैठ और अतिक्रमण का इस्तेमाल करेगा। भूटान भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के केंद्र में हैं क्योंकि यह देश सिलीगुरी कॉरीडोर के करीब है और भूटान की ओर से जमीन को लेकर किया गया कोई भी समझौता भारतीय रक्षा पर बुरा प्रभाव डालेगा।
    भारतीय सेना, कूटनीति और सुरक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि 2017 में 73 दिनों तक चले डोकलाम स्टैंड ऑफ के दौरान भारत ने भूटान को पीएलए का सामना करने में मदद की, लेकिन चीनी सेना ने दोनों सहयोगी देशों की सेनाओं को परखना बंद नहीं किया है।
    चीन भूटान के पश्चिमी सेक्टर में 318 स्क्वायर किलोमीटर और सेंट्रल सेक्टर में 495 स्क्वायर किलोमीटर पर दावा करता है। विस्तारवादी नीति के तहत चीनी सेना रोड और सैन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने में जुटी है और आक्रामक पेट्रोलिंग के जरिए भूटान की रॉयल आर्मी को डराने की कोशिश की जाती है।
    थिंपू और नई दिल्ली में मौजूद कूटनीतिज्ञों के मुताबिक, डोकलाम तनातनी के बाद से पीएलए ने पश्चिमी भूटान के पांच इलाकों में घुसपैठ की और नई सीमा पर दावा ठोका है जो भूटान में 40 किलोमीटर भीतर चुंबी वैली तक है। इसने बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है, रक्षापंक्ति को बेहतर बनाया है, सैनिकों और रसद को अंतिम छोड़ तक पहुंचाने के लिए सड़कें, हेलीपैड्स का निर्माण किया गया है।

    मध्यकालीन साम्राज्य के अंदाज में पीएलए के सैनिक 13 और 24 अगस्त को दक्षिण डोकलाम में तोरसा नाले को पार कर गए और राजा रानी झील के पास भूटानी चरवाहों को इलाका खाली करने को कह दिया। पीएलए के इस कदम के पीछे वास्तविक सोच यह है कि भारत और भूटान इस बात पर सहमत हो जाएं कि चीनी सीमा झामपेरी रिज पर गयेमोचन तक है, नाकि सिंचे ला बतांग ला एक्सिस। यह वही है जो चीन 2017 में करना चाहता था, लेकिन भारतीय सेना ने पीएलए को रोक दिया था।
    नेशनल सिक्यॉरिटी प्लानर्स के मुताबिक, पीएलए ने नॉर्थ डोकलाम में सर्विलांस में वृद्धि कर दी है। इसने यहां सर्विलांस कैमरे लगा दिए हैं और आक्रामक तरीके से सेना का टेक्नीकल अपग्रेडेशन किया जा रहा है। थिंपू ने भी रॉयल भूटानी आर्मी को तैयार रहने को कहा है और पीएलए को तोरसा नाले के दक्षिण से आने से रोकने के लिए अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है।
    पीएलए का विस्तारवादी प्लान केवल पश्चिमी भूटान तक सीमित नहीं है। जून में चीन ने भूटान के साकटेंग वन्यजीव अभयारण्य प्रोजेक्ट पर आपत्ति जाहिर की थी। चीन ने कहा था कि यह विवादित सीमा इलाके में मौजूद है। भारत और चीन से लगती सीमा के पास यह 750 स्क्वायर किलोमीटर में फैला है। नए दावा भारत को भी विवाद में खींच सकता है क्योंकि अभयारण्य अरुणाचल प्रदेश के निकल है, जिस पर चीन अपना दावा करता है।
    यह भूटान के लिए बेहद चौंकाने वाला है, क्योंकि चीन ने साकटेंग वन्यजीव अभयारण्य या पूर्वी भूटान के किसी जमीन पर पहले कभी दावा नहीं किया था। यहां तक की चीन ने 36 सालों से चल रहे कूटनीतिक बातचीत में भी कभी इसका जिक्र नहीं किया था। स्वभाविक रूप से भूटान सरकार ने इसका मजबूती से विरोध किया। चीन के दावे को खारिज करते हुए थिंपू ने यह भी साफ किया कि यह भूटान का संप्रभु हिस्सा है और यह विवादित नहीं है। हालांकि, चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन और भूटान के बीच सीमा निर्धारित नहीं है। पूर्वी, मध्य और पश्चिमी सेक्टर को लेकर लंबे समय से विवाद है।
    यह ध्यान देने योग्य है कि चीन का यह रुख जून में सामने आया जब बीजिंग के कहने पर पीएलए सैनिक लद्दाख में भारतीय सैनिकों के साथ तनातनी में जुटे थे। चीन का पूर्वी भूटान में नया दावा बीजिंग की मंशा की ओर संकेत करता है। अचानक क्षेत्रीय दावे ने विस्तारवादी नैरेटिव को पुष्ट किया जो जिसे शी जिनपिंग अंजाम दे रहे हैं।

    नई दिल्ली / एजेंसी / शादी के ढाई महीने बाद ही पल्ला इलाके के सूर्या विहार सेक्टर-91 इलाके में एक विवाहिता ने प्रेमी संग मिलकर पति की बेरहमी से हत्या…
    दुर्ग / शौर्यपथ / ट्यूशन फीस को लेकर प्रशासन, प्रायवेट स्कूल और पालकों के बीच टकराव चरम सीमा में पंहुच गया है और अब पैरेंट्स…

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / डोंगरगढ़ विद्युत मंडल के कार्यपालन अभियंता ललित राठौर के विरूद्ध पुलिस ने भाजपा नेता की शिकायत पर जुर्म दर्ज किया है। भाजपा नेता बिजली उपभोक्ता श्यामसुंदर नरेडी ने ईई पर बिजली कटौती के विषय पर चर्चा के दौरान बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
    बताया जा रहा है कि ललित राठौर के खिलाफ दिए गए शिकायत पत्र में कहा गया है कि 28 अगस्त की रात को वार्ड में बिजली बंद होने के संबंध में ईई से चर्चा करने के लिए कॉल किया गया। इससे पहले उन्होंने कनिष्ठ अभियंता योगेश श्रीवास से भी मोबाइल से संपर्क साधा, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बाद में शिकायतकर्ता ने अभियंता राठौर के मोबाइल नंबर 94060-94920 में रात 9.15 बजे कॉल किया। बिजली बंद को लेकर जैसे ही बात ईई ने सुनी, वह भडक¸ गए और उल्टे शिकायतकर्ता से बदतमीजी करने लगे।
    शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि ईई द्वारा यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री से शिकायत करने से भी उनका कोई कुछ नहीं कर सकता। साथ ही उन्हें ईई द्वारा अकेले में मिलकर सबक सिखाने की धमकी भी दी गई। उधर पूरे मामले को लेकर पीड़ित भाजपा नेता ने डोंगरगढ़ पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने धारा 155 के तहत एफआईआर दर्ज कर पीड़ित को कोर्ट में जाने की सलाह दी गई।
    डोंगरगढ़ थाना प्रभारी अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि शिकायत के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। 155 की धारा के अनुसार न्यायालय में जाने की पीड़ित को सलाह दी गई। उधर ईई ललित राठौर ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। बहरहाल विद्युत मंडल के मुख्य ओहदे में बैठे अफसर के इस रवैये को लेकर डोंगरगढ़ भाजपा नेताओं में नाराजगी है।

    राजनंदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कोरोना का जो भयावह आंकड़ा देखने को मिल रहा है, उससे अब प्रशासन की सुविधाएं बौनी साबित होने लगी हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पताल भर चुके हैं, बेड कम पड़ रहे हैं। संकट की इस घड़ी में राजनांदगांव की सेवाभावी संस्थाएं पूरे देश में एक उदाहरण साबित हो रही हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उदयाचल, जिससे वे लंबे समय से जुड़े रहे और महाजनबाड़ी, शांति विजय सेवा समिति तथा सिख समाज द्वारा राजनादगांव में जो कोविड-19 के मरीजों की निःस्वार्थ भाव से सेवा की जा रही है, वह निःसंदेह प्रशसनीय और अनुकरणीय है। डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश की जनता को संस्कारधानी की संस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इन संस्थाओं द्वारा उदयाचल भवन में 100 बिस्तरों का सर्व सुविधा युक्त अस्पताल तैयार किया गया है, जिसमें कोविड-19 मरीजों को ऑक्सीमीटर थर्मामीटर, गर्म पानी के लिए हीटर, भाप लेने की मशीन की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
    सभी मरीजों पर टीवी एवं कैमरा द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है, संस्था द्वारा निःशुल्क सुविधाओं के साथ-साथ सिख समाज द्वारा मरीजों को उच्च स्तर का नाश्ता भोजन भी श्रद्धा भाव से परोसा जा रहा है और मरीजों के डर को कम करने के लिए आध्यात्मिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रयास भी किए जा रहे हैं, और इस तरह कोविड-19 के मरीजों के लिए यह व्यवस्था वरदान साबित हो रही है, जिसे देखने हेतु केंद्र से भी टीम आई और उन्होंने इसका अवलोकन कर इस व्यवस्था को सराहा।
    डॉ. सिंह ने कहा कि संस्कारधानी के विधायक होने पर गर्व का अनुभव करते हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी सेवाभावी संस्थाओं से राजनांदगांव मॉडल को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि कोविड-19 को भगाने के लिए समाज को सामूहिक प्रयास करने होंगे और सरकार के प्रयासों में सहयोग देना होगा तभी हम सभी मिलकर कोविड-19 को पछाड़ सकेंगे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण निगम सीमाक्षेत्र में तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण गत दिनों निगम के जनप्रतिनिधियों का कोरोना पाजिटीव पाये जाने के उपरांत निगम के कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों का भी टेस्ट कराया गया और आम नागरिकों को कोरोना संक्रमण न हो इस बात को ध्यान में रखते हुये निगम कार्यालय आम नागरिकों के लिये 12 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया था। जिसे अब बढ़ाकर 21 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया हैै। साथ जिलाधीश के निर्देश पर कोरोना संक्रमण के बढते प्रकोप को देखते हुये घर-घर सर्वे के लिये अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है, जहां अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा घर-घर सर्वे कर निगम सभागृह में रिपोर्ट दिया जा रहा है।
    निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि निगम क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने के साथ-साथ निगम का जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी संक्रमित पाये जाने के कारण (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के अलावा नागरिकों को कोरोना संक्रमण से दूर रखने के दृष्टिगत रखते हुये निगम कार्यालय को 22 अगस्त से 29 अगस्त 2020 तक, 1 सितंबर से 6 सितंबर 2020 तक तथा 7 सितंबर से 12 सितंबर तक बढ़ाया गया था, चुकि कोरोना संक्रमण शहर में अब भी तेजी से फैल रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुये आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुये आम नागरिकों के लिये 12 सितंबर से 21 सितंबर 2020 तक निगम कार्यालय आना-जाना प्रतिबंधित किया जाता है। उन्होंने कहा कि अति आवश्यक सेवा से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये अपने वार्ड पार्षद से संपर्क करे, ताकि पार्षद भी निगम के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से दूरभाष (मोबाईल) में संपर्क कर समस्या का निराकरण करायेंगे। इसी प्रकार कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुये जिलाधीश के निर्देश पर घर-घर सर्वे करने अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है, ताकि कोरोना संक्रमण की जानकारी मिल सके और उसके आधार पर उपचार किया जा सके।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला सहकारी बैंक सीइओ सुनील वर्मा से मिलकर सिंघोला सोसाइटी के अंतर्गत उपकेंद्र धान ऊपार्जन केंद्र रानीतराई सोसाइटी को पूर्ण गठन ग्राम पंचायत रानीतरई महाराजपुर भोथीपारकला, भोथीपारखुर्दू, पुराना उसडीबोड़, भोथीपार, नया धामनसरा, आलीखूंटा, महाराजपुर किसानों ने पूर्व जनपद सदस्य सचिव प्रदेश असंगठित कामगार मजदूर कांग्रेस के योगेन्द्र दास वैष्णव को ज्ञापन देकर किसानों की प्रमुख समस्या अवगत कराया। किसानों की मांग को लेकर तत्काल राज्य शासन के अधिकारियों से मुलाकात कर मांग किया। रानीतराई सोसाइटी को पूर्ण गठन में रानीतरई सोसाइटी को पूर्ण गठन में सोसाइटी के दर्जा दिया जाए। मांग को लेकर शासन के अधिकारियों से ज्ञापन सौंपा गया। जिला सहकारी बैंक के सीईओ वर्मा सुनील वर्मा से मुलाकात कर किसानों समस्या अवगत कराकर बात को प्रमुखता मांग को लेकर चर्चा कर किसानों हस्ताक्षर वाले ज्ञापन दिया गया तथा कोविड को देखते हुए श्री वैष्णव ने उप पंजीयक राजनांदगांव विपणन संघ के अधिकारी को भी किसानों की समस्या से अवगत कराया।
    प्रदेश के महामंत्री शाहिद भाई को एक प्रति ज्ञापन देकर किसान के निराकरण हेतु मांग रखा है तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री मुखिया भूपेश बघेल को एक प्रति अनुसूचित जाति प्राधिकरण अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल को एक प्रति देकर किसानों की बात को अवगत करा कर समस्याओं के निराकरण के संबंध में पहल करने की तत्काल मांग किया गया। तथा आज दिनांक को आपत्ति दर्ज कराया गया तथा किसानों के हित में काम करने हेतु ज्ञापन देकर किसानों की हित में निर्णय लेने के लिए मांग रखा जाए। अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूरभाष पर सहकारिता मंत्री को अवगत कराया गया तथा पंजीयक को तत्काल कार्यवाही करने हेतु बात किया गया। आने वाले समय में महत्वपूर्ण किसानों के धान खरीदी को देखते हुए पहल किया जाए तथा पुनर्गठन सोसाइटी को अलग किया जाए। रानीतराई अलग से सिंघोला करके किसानों समस्या दूर होगा बात किया गया।
    इस अवसर पर सुरगी सोसाइटी के संचालक जीवन साहू, सुग्रीव साहू, महेश दिवाकर, नारद साहू, नारायण ठाकुर, क्षेत्रीय जनपद सदस्य रोशनी वैष्णव, सरपंच लोकेश गंग वीर राजेंद्र साहू निशा साहू, दिव्या हिरवानी तथा किसानों ने ज्ञापन सौंपा।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दिया गया कि देश में निःशुल्क…

    बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर जिले के 17 राजस्व न्यायालयों में काम ढप्प और जनरल पेशी से डेट आगे बढा दी जाती है। किन्तु यह आधा सच है ऐसा देखा जा रहा है कि ऐसे प्रकरण जो व्हीआईपी दर्जा रखते हैं न केवल सूने जा रहे हैं बल्कि सामान्य गति के मुकाबले उन्हें तेजी से निपटाया जा रहा है. और इस तरीके से असल में जिसके पक्ष में व्हीआईपी का फोन नहीं आया है उसे निपटाने की तैयारी चल रही है .
    कुछ प्रकरणों पर तहसीलदार घर बैठे आदेश कर देते हैं एक तरफ बिलासपुर एसडीएम कुछ मामलों पर रोज सुनवाई पर आतुर हैं तो दूसरी ओर अपीलीय न्यायालय में ताला लटक रहा है ऐसे में जिस पक्ष के विरुद्ध आदेश होगा वह अपील करने कहां जाएगा और यही व्हीआईपी संस्कृति है सब जानते हैं कि आमतौर पर शासन अपने आदेश निर्देश जानबूझकर शुक्रवार को देते हैं जिससे शनिवार इतवार को अपीलीय न्यायालय से राहत ना मिले और व्हीआईपी संस्कृति का काम पूरा हो जाए कुछ इसी तरह का काम बिलासपुर एसडीएम कार्यालय में चल रहा है यह रोचक होगा कि वीआईपी प्रकरणों की लिस्ट पर नजर रखी जाए तब पता चलेगा कि इस प्रकरण का किस जनप्रतिनिधि ने दबाव बनाया.....( अजित कुमार की कलम से )

    बिलासपुर / शौर्यपथ / एक तरफ राज्य शासन ने जिले के निजी अस्पताल कोविड-19 का इलाज किस दर पर करेंगे कि घोषणा की है। इस गाइड लाइन के जारी होने के बाद निजी चिकित्सकों ने दावा किया कि हम तो इससे कम दर पर इलाज कर रहे है, दूसरी तरफ निजी अस्पतालों से जो खबर छन के आ रही है वह यह कहती है कि अस्पताल में कोविड-19 का इलाज नही मरीज से लूट हो रही है। राज्य सरकार की सूची के अनुसार सुपर स्पेसिलटी सुविधा के आधार पर जिले के अस्पतालों को तीन श्रेणी में रखा गया है, और उसी के आधार पर प्रति मरीज प्रति दिन की दर तय की गई है। इलाज की यह व्यवस्था 6200 से लेकर 17 हजार प्रति दिन तक है। राज्य सरकार ने अस्पतालों को एनएबीएच (राष्ट्रीय प्रत्यायन अस्पतालों का बोर्ड) से मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त के बीच में बांटा है, किन्तु जिले के भीतर ग्रामीण क्षेत्रों को तो छोड़ दे शहर के भीतर भी कोई भी निजी अस्पताल अपने सूचना पटल पर अपने बारे में सूचनाएं नही देता।
    अस्पतालों की नजर से देखे तो जिला स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल चलाने की अनुमति भी नही वह भी स्वयं को सुपर स्पेसिलटी बोलता है, गली-गली मल्टी स्पेसिलटी अस्पताल खुल गए है। शहर के भीतर एक अस्पताल में तो चौपाटी खुल गई है, और अस्पताल बन्द हो चुका है किंतु प्रोटेक्शन एक्ट के लाभ पाने के लिए अस्पताल को चलता दिखाया जाता है।
    कोविड-19 ने सिटी स्कैन कर दिया मजा। कोई मरीज कोरोना पॉजिटिव है या नही यह जानने के लिए तीन टेस्ट ही पर्याप्त है किंतु चिकित्सको ने सिटी स्कैन का रास्ता भी खोल दिया। जिसकी प्रचलित दर 6-7 हजार के बीच है। सिम्स में विधायक शैलेश पांडेय ने 10 लाख रुपये दिया। एसईसीएल से भी लंबी फंडिंग हुई, किन्तु मेडिकल कॉलेज में आज तारीख तक सिटी स्कैन शुरू नही हुआ,और अब लंग्स में कोरोना का प्रभाव देखने सिटी स्कैन की पर्ची काटने का नया खेल शुरू हो गया है। कुल मिलाकर आम जनता या तो कोविड से मरे या बच जाए तो आर्थिक बर्बादी से ।

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