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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
दुर्ग / शौर्यपथ / तहसील ऑफिस में बुधवार को छत से लगा छज्जा भरभरा कर गिर गया। इससे वहां दहशत का माहौल व व्याप्त हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर तहसीलदार आये और मौका मुआयना कर कार्यवाही की बात कहते हुए चले गये। ज्ञातव्य हो कि इससे पहले भी यहां पर छज्जा गिरने की घटना हो चुकी है, क्योंकि तहसील कार्यालय पूरी तरह जर्जर हो चुका है। छज्जा गिरने की घटना को लेकर तथा तहसील कार्यालय के जर्जर होने की यहां के वकीलों ने पहले भी शासन प्रशासन से शिकायतकर चुके है, इसके बावजूद भी इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है, ऐसा लग रहा है क शासन प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है।
धमतरी / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश अनुसार राज्य शासन द्वारा धमतरी के तेलीनसत्ती निवासी हरदेव सिन्हा के ईलाज के लिए पूरा व्यय 13 लाख 14 हजार 466 रूपए वहन किया गया है। मुख्यमंत्री सहायता कोष से उनके ईलाज में हुए व्यय को स्वीकृत किया गया है।
कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने बताया कि धमतरी जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश अनुसार रायपुर के निजी अस्पताल में श्री सिन्हा के ईलाज के समय उनके परिवार को हरसंभव मदद की गई। ज्ञात हो कि गत 29 जून को तेलीनसत्ती के हरदेव सिन्हा ने रायपुर स्थित सिविल लाइंस में आत्मदाह का प्रयास किया, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। जुलाई के 22 तारीख को श्री सिन्हा की ईलाज के दौरान मृत्यु हो गई। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बसंती सिन्हा को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में नियुक्त करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग में संचालित योजनाओं के तहत उनकी इच्छा अनुरूप व्यवसाय करने ऋण दिलाने का सुझाव भी दिया गया है। श्रीमती सिन्हा ने श्रेष्ठ विकल्प पर विचार करने की बात कही है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कलेक्ट्रेट सभागार में कोरोना संक्रमण की रोकथाम तथा अन्य विविध विषयों पर महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट में ली। उन्होंने कहा कि कोरोना पाजिटिव के चिन्हांकन होने पर कान्टैक्ट ट्रेसिंग का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। इस संबंध में जो टीम काम कर रही हैं वो सभी पहलुओं पर पूरा समय लेकर ध्यान दें ताकि कोई भी प्राइमरी कान्टैक्ट मिस न हो पाये। उन्होंने कहा कि सर्वे का कार्य भी बेहद महत्वपूर्ण है। सर्वे जितना अच्छे तरीके से होगा, संक्रमित मरीजों की पहचान में उतनी ही आसानी होगी। सर्वे कार्य में लगी टीमों को मास्क, सैनेटाइजर ग्ल्व्स वगैरह की सुविधा स्वास्थ्य विभाग सुनिश्चित कर लें। उन्होंने कहा कि प्राइवेट हास्पिटल में जो सांस की दिक्कत वाले मरीज आते हैं उनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग तक अनिवार्यतः दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने निगम अमले को कहा कि समय सीमा के बाद यदि दुकानें खुली पाई जाती हैं तो उन पर नियमतः कार्रवाई करें, इस संबंध में किसी भी तरह से ढिलाई नहीं दिखनी चाहिए। कंटेनमेंट एरिया में निगरानी सख्त हो, यहां किसी भी तरह से व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न हो, यह सुनिश्चित करें। डाटाबेस से फोन कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करते रहें। हास्पिटल में सारी व्यवस्थाओं पर निगाह रहें तथा किसी भी तरह से फीडबैक आने पर त्वरित कार्रवाई करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक, अपर कलेक्टर श्री प्रकाश सर्वे, श्री बीबी पंचभाई, सहायक कलेक्टर श्री जितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
गिरदावरी पर भी करें फोकस- कलेक्टर ने गिरदावरी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि गिरदावरी जितनी बेहतर होगी, उतनी ही राजस्व विभाग को कार्य संचालन में सुविधा मिल सकेगी। इस संबंध में मुख्य सचिव महोदय एवं संभागायुक्त महोदय ने भी निर्देशित किया है। उन्होंने खाद की स्थिति पर नजर रखने को कहा। कृषि विभाग ने कहा कि बारिश की स्थिति अच्छी है इससे फसल को काफी मदद मिलेगी।
वर्मी कंपोस्ट टैंक की संरचना पर विशेष ध्यान दें- कलेक्टर ने कहा कि अब वर्मी कंपोस्ट पर फोकस करना है। जितने भी वर्मी टैंक बनाने के बारे में कहा है। उनका निर्माण कार्य समय पर पूरा कर लें। इसके किनारे नाली जरूर बनायें। ऐसी संरचना बनाएं कि चींटी नहीं आए। सभी गौठानों में वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन सुनिश्चित कर लें। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि अभी 800 नये वर्मी टैंक बन चुके हैं और 12 सौ पर कार्य प्रगति पर है।
सड़कों पर गड्ढे नहीं दिखने चाहिएं- कलेक्टर ने कहा कि सड़कों पर जहां गड्ढे दिख रहे हैं वहां अस्थायी व्यवस्था के रूप में फिलिंग कराएं। इस संबंध में थोड़ा भी विलंब नहीं होनी चाहिए। सीएमओ इस कार्य की नियमित मानिटरिंग करें। इसके साथ ही वे गौठान की व्यवस्था की उचित मानिटरिंग भी करते रहें।
दसवीं, बारहवीं के मोहल्ला कक्षाएं आरंभ हों- कलेक्टर ने कहा कि दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मोहल्ला कक्षाएं लगाई जाएं। यह ध्यान रखें कि सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग की पर्याप्त व्यवस्था हो। हर पखवाड़े में इनकी परीक्षाएं भी सुनिश्चित की जाएं। ऐसी कंपनियों को चिन्हांकित करें जो सीएसआर नहीं दे रही- उद्योग अधिकारी से उन्होंने कहा कि ऐसे उद्योगों को चिन्हांकित करें जिनसे सीएसआर का सहयोग नहीं आ रहा है। इस संबंध में शासन की गाइडलाइन के अनुरूप कार्रवाई करें।
रायगढ़ / शौर्यपथ / कलेक्टर भीम सिंह ने जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में हो रही लगातार वृद्धि को देखते हुये पिछले दिनों के आईटी परिसर का निरीक्षण कर कोविड अस्पताल प्रारंभ करने हेतु आवश्यक तैयारी किये जाने के निर्देश दिये थे। उन्होंने आज पुन: केआईटी परिसर में मरीजों के इलाज के लिये अस्पताल व्यवस्था में उपलब्ध होने वाली आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता ने कलेक्टर को बताया कि परिसर में 400 बेड की व्यवस्था के लिये सभी आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिये गये है। कोविड संक्रमित मरीजों (महिलाओं और पुरूषों) के लिये पृथक-पृथक शौचालय, स्नानघर की व्यवस्था पूर्ण हो गया है और सभी स्थानों पर लाईट, पंखे तथा अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कर चालू कर दिये गये है और भवन में नियमित पानी आपूर्ति भी सुचारू रूप से चालू है। इसी प्रकार डॉक्टर्स तथा नर्सिंग स्टॉफ के लिये भी सभी आवश्यक व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है।
कलेक्टर भीम सिंह ने सीईओ जिला पंचायत सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के साथ पूरी तैयारियों का अवलोकन किया और जहां मरीजों और डॉक्टर्स को रहना है उन कक्ष के भीतरी भाग की साफ-सफाई आज रात में ही पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने केआईटी प्रबंधन की ओर से जिम्मेदार व्यक्तियों की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये जिससे अस्पताल संचालन के दौरान समन्वय बना रहे और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।कलेक्टर ने अल्प अवधि में 400 बेड का अस्पताल प्रारंभ किये जाने के लिए नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा कार्य में लगे श्रमिकों के कार्यों की सराहना व्यक्त किया।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / मोहला वनांचल के ग्राम मुनगाडीह में स्वतत्रंता दिवस के मौके पर आयोजित सादगी पूर्ण कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति और माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला के शिक्षकों की उपस्थिति में शिक्षा सारथियों का सम्मान किया गया। गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया की कोरोना संक्रमण के कारण स्कूलों को बंद किया गया है। इस स्थिति में बच्चों को पढ़ाई से जोडऩे के लिए स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना ले के आई। इस योजना के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन वर्चुअल क्लास के माध्यम से पढ़ाई से जोड़ा जाना है लेकिन मोबाइल और नेटवर्क की समस्या के कारण कुछ बच्चे ऑनलाइन क्लास से जुड़ नहीं पा रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई से जोडऩे के लिए मोहल्ला क्लास की शुरुआत की गई। इस योजना के माध्यम से बच्चों को उनके घरों के आसपास पढ़े लिखे युवाओं द्वारा सुरक्षित और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पढ़ाई करवाना है। मोहला विकासखंड के ग्राम मुनगाडीह में भी मोहल्ला क्लास का संचालन किया किया जा रहा है।
मोहल्ला क्लास में शिक्षक सारथी के रूप में पिल्ले राम कुंजाम, मंजू सलाम, दामिनी कोवाची अपनी सहभागिता दे रहे है। ग्राम मुनगाडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मुनगाडीह संकुल डुमरटोला की टीम, विकासखंड मोहला से श्रीमति सरोज सिंह, टीकम सिंह नायक, मुन्ना लाल मोंगरे, मोहन लाल कमरो, जितेंद्र कुमार सिन्हा, श्रीमती बेलास बाई कोरेटी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता), धनेश कुमार कोवाची, रामसाय देशमुख, उत्तम कुमार और ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षा सारथियों के सम्मानित होने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी रोहित कुमार अम्बादे, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी खोमलाल वर्मा ने सभी शिक्षकों और शिक्षा सारथियों को बधाई देते हुए इसमें निहित उद्देश्य के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सारथियों के सम्मान से निश्चित तौर पर उनका मनोबल बढ़ेगा और वे लगन से अपने कार्य को बेहतर रूप से करेंगे क्योंकि कोरोना महामारी के दौर में शिक्षा सारथी ही बच्चो और पढ़ाई के बीच मे सेतु की तरह कार्य कर रहे है।
बीजापुर / शौर्यपथ / शासन की स्वरोजगार योजना से लाभान्वित होकर बीजापुर तहसील अंतर्गत ईटपाल निवासी प्रहलाद नाईक गांव में हाॅलर मिल स्थापित कर खेती-किसानी के साथ ही इसे आय का अतिरिक्त जरिया बना चुका है। प्रहलाद नाईक अपने गांव में हाॅलर मिल के माध्यम से ईटपाल, जैतालूर और मांझीगुड़ा के किसानों तथा ग्रामीणों की धान कुटाई सहित गेहूं, चावल, दाल, रागी इत्यादि की पिसाई का कार्य कर रहे हैं। प्रहलाद नाईक ने बताया कि परिवार के पास केवल ढाई एकड़ कृषि भूमि के मद्देनजर खेती-किसानी के अलावा गांव में ही स्वरोजगार अपनाने की सोच रहे थे। इस बीच वर्ष 2015-16 में अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के अधिकारी ने स्माॅल बिजनेस योजनान्तर्गत स्वरोजगार स्थापित करने की जानकारी देने के साथ ही बैंक के माध्यम से 6 प्रतिशत रियायती ब्याज दर पर3 लाख रूपए ऋण उपलब्ध कराये जाने के बारे में बताया। इस योजना के सम्बन्ध में परिवार के सदस्यों तथा मित्रों से चर्चा कर गांव में ही हाॅलर मिल स्थापित करने के लिए आवेदन पत्र जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के कार्यालय में जमा कर दिया। इसके बाद उक्त प्रकरण पर 3 लाख रूपए ऋण की स्वीकृति दी गयी। इस ऋण राशि गांव में पूर्व से निर्मित शेड में ही हाॅलर मिल स्थापित किया।
प्रहलाद नाईक बताते हैं कि पहले लोग बीजापुर जाकर धान की मिलिंग और गेहूं, चावल, रागी की पिसाई का कार्य करवाते थे। लेकिन जब गांव में ही हाॅलर मिल लग गया तो ईटपाल, जैतालूर सहित मांझीगुड़ा के लोग धान की मिलिंग करवाने के साथ ही गेहूं, चावल, दाल, रागी की पिसाई करवा रहे हैं। जिससे उन्हे घर पर ही स्वरोजगार उपलब्ध हुआ है। प्रहलाद नाईक बताते हैं इस काम से उन्हे हर महीने 5 से 6 हजार रूपए आमदनी होती है। त्यौहार तथा शादी-ब्याह के सीजन में ग्रामीण धान की मिलिंग तथा आटा-दाल पिसाई ज्यादा करवाते हैं तो आमदनी में भी इजाफा होता है। जिसके फलस्वरूप 3 लाख रूपए ऋण राशि में से अब तक एक लाख 56 हजार रूपए ऋण राशि अदा कर चुके हैं। प्रहलाद ने बताया कि अपने परिवार के ढाई एकड़ कृषि भूमि में धान की फसल लेने के साथ ही रबी सीजन के दौरान एक एकड़ रकबा में साग-सब्जी का उत्पादन करते हैं। जिससे 5 सदस्यीय परिवार का आसानी के साथ भरण-पोषण कर रहे हैं, वहीं बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं। प्रहलाद शासन की स्वरोजगार योजना से लाभान्वित होकर गांव घर में ही आय का जरिया मिलने से खुश है और इसके लिए सरकार को साधुवाद दिया।
सूरजपुर / शौर्यपथ / कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन में अपर कलेक्टर एस.एन. मोटवानी से प्राप्त जानकारी अनुसार सर्प दंश से मृत हुए 13 व्यक्यिों के परिजनों व निकटतम वारिशों को राहत राशि करीब 52 लाख रूपये की स्वीकृती दी गई है। जिसमें तहसील रामानुजनगर से मृतिका लक्ष्मी आ. जयकरन निवासी रामपुर के परिजन उसके पिता जयकरन को, तहसील प्रतापपुर से मृतिका विफईया आ. स्व. अमृत निवासी सकलपुर के माता मलहारो को, निवासी बरबसपुर मृतिका स्व. कलेश्वरी के पति मुन्ना को, मृतिका स्व. मनमेत निवासी बरबसपुर के पुत्र रामेश्वर प्रसाद को, मृतक स्व. सीमाराम निवासी बड़वार के भाई रामलखन को, मृतिका स्व. किसमतिया निवासी धुमाडांड के पिता अर्जून प्रसाद को, मृतक स्व. समयलाल निवासी डाड़करवां के पत्नी रोशनी को, तहसील ओड़गी से मृतिका स्व. निराशो निवासी मसनकी के पिता पतराज को, मृतक स्व. दीपक निवासी पुतकी के पिता रामरतन को, तहसील भैयाथान से मृतक स्व. चमरूराम निवासी सुदामानगर के पत्नी फुलेश्वरी को, मृतिका स्व.सीमा पैकरा निवासी सोनपुर के पति पवन पैकरा को, तहसील प्रेमनगर से मृतक स्व. बालक राम निवासी महेशपुर के पत्नी बसंती बाई को, मृतक स्व. अभिशेक बंजारा निवासी बकिरमा के पिता ठाकुर सिंह बंजारा को चार-चार लाख रूपये आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत किया गया है। यह राशि आबंटन की प्रत्याशा में मांग संख्या 58 शीर्श 2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अन्तर्गत वित्तीय वर्श 2019-20 में विकलनीय होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन एवं राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के प्रयासों से प्रदेश में आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में ई-कोर्ट के माध्यम से राजस्व विभाग के कार्यों का सरलीकरण कर राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण की सार्थक शुरूआत हुई है। अब प्रदेश के सभी जिलों में ई-कोर्ट के तहत राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है जिससे लोगों को इसका लाभ मिलने लगा है।
इससे पहले राजस्व न्यायालय में दर्ज सभी प्रकरणों की जानकारी लेने के लिए जिला अथवा तहसील मुख्यालय आना पड़ता था। राजस्व ई-कोर्ट की शुरूआत होने से संबंधितों के लिए राजस्व न्यायालय में प्राप्त होने वाले सभी आवेदन ऑनलाइन दर्ज कर आवेदक को पावती मिल रही है। साथ ही पक्षकारों को उनके प्रकरणो में की जा रही कार्यवाही की अद्यतन जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो रही है। विचारधीन प्रकरण एवं खसरा की जानकारी भी ई कोर्ट में उपलब्ध है। पक्षकारों को सुनवाई के बाद आगामी पेशी तारीख की एसएमएस या मैसेज के माध्यम से सूचना भी दी जा रही है। प्रत्येक न्यायालय की वाद सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है।
राजस्व प्रशासन ने पारदर्शिता लाने एवं राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए ई-कोर्ट व्यवस्था प्रारंभ की गई है। राजस्व न्यायालयों में संधारित किए जाने वाले दायरा पंजी, वाद पंजी एवं अर्थदण्ड पंजी को ई-कोर्ट व्यवस्था के अंतर्गत ऑनलाईन किया गया है। ई-कोर्ट में विचाराधीन प्रकरणों से संबंधित भूमि की जानकारी ऑनलाईन उपलब्ध करायी गई है। आम जनता को भू अभिलेखों की दुरूस्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन करने एवं आवेदन पर की गई कार्यवाही की वर्तमान स्थिति ऑनलाईन देखने की सुविधा पटवारी द्वारा संधारित नामांतरण पंजी को भी ऑनलाईन नामांतरण पंजी में परिवर्तित किया गया है। भू अभिलेखों तक लोगों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने हेतु एन्ड्राइड एप्प पर उपलब्ध कराया गया है। खसरा एवं बी-1 की डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रतिलिपि ऑनलाईन निःशुल्क कही से भी कभी भी प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
राजस्व ई-कोर्ट के तहत राजस्व न्यायालय मे कलेक्टर से लेकर नायब तहसीलदार तक के सभी न्यायालय पंजीबद्ध हैं। प्रकरणो के पंजीयन से लेकर अंतिम निराकरण तक सारी कार्यवाही जैसे कि आदेश पत्र लिखना, साक्ष्य अंकित करना एवं अंतिम आदेश पारित करना आदि ऑनलाइन करने या अपलोड करने का प्रावधान है। राजस्व न्यायालय मे प्राप्त होने वाले सभी आवेदन ऑनलाइन दर्ज कर आवेदक को पावती प्रदाय करने की व्यवस्था की गई है। पक्षकारों को उनके प्रकरणो मे की जा रही कार्यवाही की अद्यतन जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। विचारधीन प्रकरण एवं खसरा की जानकारी ई-कोर्ट में उपलब्ध है। पक्षकारों को सुनवाई पश्चात आगामी पेशी तारीख की एसएमएस या मैसेज के माध्यम से सूचना संप्रेषण का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक न्यायालय की वाद सूची भी ऑनलाइन उपलब्ध करने का प्रावधान कोर्ट में हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / राम वनगमन पर्यटन परिपथ राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत वर्तमान में मौजूद धार्मिक स्थलों को यथावत रखते हुए निर्माण विकास कार्य किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न शोधपत्रों, अभिलेखों एवं मान्यता अनुसार भगवान श्री राम ने अपने वनवास काल के 14 वर्षों में से अधिकांश समय छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर व्यतीत किए थे। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, ऐतिहासिकता एवं प्रचीन मान्यताओं से पर्यटकों को परिचित कराने राम वनगमन परिपथ के विकास की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ को विकसित करने के लिए प्रथम चरण में 9 स्थलों का चयन किया गया है। इन स्थलों में सीतामढ़ी-हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा-सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) शामिल हैं।
राम वनगमन पर्यटन परिपथ के विकास का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों एवं आगन्तुकों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रथम चरण में चयनित 9 स्थानों पर कोई भी नया मंदिर निर्माण नहीं किया जा रहा है। अपितु इन स्थानों पर वर्तमान में मौजूद धार्मिक स्थलों, मंदिरों एवं अन्य धार्मिक संरचनाओं को यथावत् रखते हुए परिसर एवं आस-पास के स्थान में पर्यटक सुविधाओं के विकास का कार्य किया जाएगा। इससे पर्यटकों को इन क्षेत्रों में आकर्षित किया जा सकेगा। पर्यटक स्थानीय मान्यताओं, लोक-कला संस्कृति से परिचित हो सकेंगे इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकेंगे। पर्यटन मंडल के अधिकारियों ने बताया कि रामाराम जिला सुकमा में पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफेटरिया, गार्डन, पेयजल, दुकानें, यात्राी शेल्टर, ट्रेकिंग रूट, पार्किंग आदि अधोसंरचना का विकास प्रस्तावित है।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन द्वारा नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान राज्य में विभिन्न राज्यों से प्रवासी श्रमिकों के गांवों में आने पर उन्हें ऐसे समय में बरसात के मौसम में भी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उनके द्वारा काम की मांग किए जाने पर पौधारोपण, मुर्गी शेड, बकरी शेड, पक्का फर्श निर्माण, पंचायत भवन, धान चबूतरा निर्माण, गौठानों में वर्मी टांका एवं नाडेफ निर्माण, आगंनबाड़ी भवन निर्माण और प्रधानमंत्री आवास निर्माण के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य हितग्राही मूलक एवं आजीविका मूलक कार्यों में निरंतर रोजगार प्रदाय किए जा रहे हैं। कांकेर जिले में योजनांतर्गत 3 हजार 142 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
कोरोना महामारी काल में जहां जरूरतमंद परिवारों को काम की मांग के आधार पर रोजगार प्रदान किया जा रहा है। वहीं जिले के पंजीकृत दिव्यांगजनों को भी मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान कर मदद की जा रही है। जिला पंचायत के सीईओ डॉ. संजय कन्नौजे ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक जिले में 2 हजार 108 परिवारों को 100 दिवस कार्य दिया जा चुका है। साथ ही जिले में एक वित्तीय वर्ष में गर्भवती माताओं को कम से कम 50 दिवस कार्य करने पर एक माह का मातृत्व भत्ता 5 हजार 910 रूपए प्रदान किया जा रहा है।
इस प्रकार कोरोना महामारी व बरसात के मौसम में भी जरूरतमंद लोगों और दिव्यांगजनों को काम की मांग करने पर निरंतर रोजगार प्रदाय किया जा रहा है, जिससें उन्हें आर्थिक मदद मिल रही है। वहीं दूसरी ओर गांव में परिसम्पतियों का निर्माण भी हो रहा है। ग्रामीणों के लिए गौठान और वहां मुर्गी शेड, बकरी शेड के निर्माण से आजीविका के नये आयाम विकसित हो रहे हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / महिलाओं को गौठानों से तरक्की की नई राह मिल गई है। कुछ महीनों तक रोजगार के अभाव में आर्थिक तंगी से जूझ रही बिलासपुर जिले की ग्राम परसदा की महिलाओं पर यह कहावत सही साबित हो रही है। ग्राम परसदा की गौठान में जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह की 10 महिलाएं जैविक खाद बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। साथ ही गांव की अन्य महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। शासन द्वारा समूह की 10 महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। प्रशिक्षित होने के बाद अब ये महिलाएं खाद का उत्पादन कर रही हैं, जिससे उनके जीवन में आर्थिक समृद्धि आ रही है।
जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि उन्होंने 56 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाया और उसमें से 36 क्विंटल खाद की बिक्री भी कर ली है। खाद बेचने से उन्हें 33 हजार रूपये प्राप्त हुए हैं। खाद की खरीदी उद्यानिकी विभाग द्वारा की गई है। अब समूह की महिलाओं ने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर से खाद बनाना शुरू कर दिया है। पूर्व में गोबर कम मात्रा में मिलने से वर्मी कम्पोस्ट बनाने का कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा था लेकिन अब गोधन न्याय योजना के लागू होने से पर्याप्त मात्रा में गोबर मिल रहा है। राज्य शासन की गोधन न्याय योजना से यहां की महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और भविष्य में इस योजना से और अधिक तरक्की करने की नयी आस उनमें जगी है। राज्य शासन को धन्यवाद देते हुए समूह की महिलाएं कहती है कि इन योजनाओं के चलते ही अब वे किसी पर आर्थिक रूप से निर्भर नहीं है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के जन्मदिवस 20 अगस्त को सद्भावना दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। सद्भावना दिवस पर प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में कोरोना संक्रमण के सुरक्षात्मक तरीके अपनाते हुए अधिकारी-कर्मचारी सद्भावना दिवस की शपथ लेंगे।
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में सभी विभागों के सचिवों, अध्यक्ष राजस्व मंडल, समस्त विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त और कलेक्टरों को निर्देश जारी किए है कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सुझाए गए विभिन्न दिशा-निर्देशों (सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना इत्यादि सुरक्षात्मक उपाय) को अपनाकर और पब्लिक गैदरिंग से बचते हुए सद्भावना संबंधी शपथ अपने कार्यालय में ली जाए। निर्देश में यह भी कहा गया है कि सद्भावना दिवस मनाए जाने का उद्देश्य सभी धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों के बीच राष्ट्रीय एकीकरण की भावना जागृत करना और हिंसा के विचार को छोड़ते हुए लोगों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देना है।
रायपुर / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना ग्रामीणों के लिए आजीविका का साधन बनते जा रहा है। राज्य के विभिन्न गौठानों में स्व सहायता समूह की महिलाएं वर्मी खाद बनाकर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। वनांचल की महिलाएं भी इस योजना से लाभ ले रहीं है। सुकमा जिले की गांव दुब्बाटोटा गौठान की कमल स्व-सहायता समूह की 13 महिलाओं द्वारा गोबर में केंचुआ डालकर वर्मी खाद तैयार किया जा रहा है। समूह की महिलाएं बताती है कि गोबर से बने खाद से उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही जैविक खाद से किसानों को अच्छी फसल मिलेगी। महिलाओं ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा उन्हें जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी गोेधन न्याय योजना का क्रियान्वयन सुकमा जिले में सार्थक रूप से किया जा रहा है। योजना के तहत गौठान समितियों द्वारा गोबर क्रय किया जा रहा है। गोबर विक्रय करने वाले हितग्राहियों को सीधा उनके बैंक खातांे में भुगतान किया जा रहा है। खरीदे गए गोबर से वर्मी खाद तैयार करने की जिम्मेदारी महिला स्व सहायता समूहों को सौंपी गई हैं। सुकमा जिले में अब तक 13 हजार से भी अधिक पशुपालकों का पंजीयन गौठानो में किया जा चुका है। गौठान समितियों द्वारा 3 हजार 918 क्विंटल से भी अधिक गोबर क्रय किया गया है। जिले के कोंटा विकासखंड के ग्रामपंचायत दुब्बाटोटा गौठान में 250 क्विंटल से अधिक की गोबर खरीदी की गई ह,ै जिसमें विश्वास स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने 45 क्विंटल गोबर बेचकर 9000 रुपए की आमदनी प्राप्त की है। अतिरिक्त आय कमाकर महिलाओं में खुशी है। उनका कहना है कि इस योजना से अब उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने में सहायता मिल रही है। पहले गोबर का उपयोग केवल घर लीपने और छेना बनाने में करते थे, योजना के फलस्वरूप अब गोबर से भी आय कमा रहे हैं।
गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना का शुभारंभ हरेली पर्व 20 जुलाई 2020 को पूरे प्रदेश में किया गया था। शुभारंभ के बाद से ही पशुपालक गोबर का विक्रय करने गौठानों में पहुच रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल रहा है। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर विक्रय करने वाले हितग्राहियों को महीने में दो बार बैंक खातों के माध्यम से भुगतान किया जाना है। शासन की गोधन न्याय योजना ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए कल्याणकारी कदम साबित हो रहा है। गौठानों से जुड़कर ग्रामीण अंचल के लोग भी आत्मनिर्भर बन रहे है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
