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शिक्षा /शौर्यपथ /आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में धन, करियर, बिजनेस, सेहत और तरक्की समेत जीवन के अन्य पहलुओं के बारे में बात की है। चाणक्य ने नीति शास्त्र में असफलता को सफलता में बदलने की नीतियां भी बताई हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया है कि इंसान और जानवर में चार बातें समान होती हैं। लेकिन एक गुण से व्यक्ति को जानवर से अलग बनाता है।
नीति शास्त्र के 17वें अध्याय के एक श्लोक में बताया गया है कि इंसान और जानवर में चार बातें समान होती हैं। श्लोक में चाणक्य ने इंसान के उस गुण के बारे में भी बताया है जो उसे जानवर से अलग बनाता है। नीति शास्त्र के अनुसार, हर इंसान को खुद को पहचानना आना चाहिए और इस गुण को कभी नहीं खोना चाहिए जो आपको जानवरों से अलग बनाता है।
चाणक्य नीति का श्लोक-
आहारनिद्राभयमैथुनानिसमानि
चैतानि नृणां पशूनाम् ।
ज्ञानं नराणामधिको विशेषो
ज्ञानेन हीनाः पशुभिः समानाः ॥
चाणक्य नीति के इस श्लोक का अर्थ है कि हर इंसान को जानवर और जानवर की प्राथमिकता पेट भरना है। इसके साथ ही उसके लिए सोना भी जरूरी होता है। इसके साथ हर जीव मैथुन करता है। इंसान और जीव दोनों को ही डर रहता है। दोनों ही अपनी लाइफ की सिक्योरिटी प्राथमिकता से करते हैं। चाणक्य कहते हैं कि इंसान और जानवरों में 4 बातें समान होने के बावजूद भी एक बात इंसान को जानवर से अलग बनाती है। चाणक्य कहते हैं कि इंसान बिना ज्ञान के जानवरों के ही समान है। यानी जो व्यक्ति अपना ज्ञान नहीं बढ़ाता या ज्ञान का इस्तेमाल नहीं करता वह जानवर के समान है।
धर्म संसार /शौर्यपथ / हर महीने की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश को समर्पित गणेश चतुर्थी व्रत किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाता है। अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत 2 जनवरी 2021, शनिवार को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से व्रती की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और बिगड़े काम बन जाते हैं।
संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व-
कहा जाता है कि अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत करने वालों के सभी संकट दूर हो जाते हैं। भगवान गणेश के आशीर्वाद से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि संकष्टी चतुर्थी व्रत करने वालों हर भगवान गणेश की कृपा सदैव बनी रहती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने से कुंडली और विवाह से संबंधित दोष दूर हो जाते हैं। जिन लोगों को शिक्षा से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ रहा हो, उन्हें भी भगवान गणेश को समर्पित इस व्रत को रखने की सलाह दी जाती है।
संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त-
सुबह की पूजा का शुभ मुहूर्त – सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक।
शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त – शाम 5 बजकर 36 मिनट से शाम 6 बजकर 58 मिनट तक।
संकष्टी चतुर्थी व्रत विधि-
1. सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें। संभव हो तो पीले वस्त्र धारण करें।
2. एक चौकी लें। उस पर गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। अब पीले रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा विराजित करें।
3. धूप, दीप और अगरबत्ती और फूल-माला भगवान को अर्पित करें।
4. भगवान को दूर्वा अतिप्रिय है। इसलिए संभव हो तो भगवान को दूर्वा अर्पित करें।
5. गणेश चालीसा, गणेश स्तुति और गणेश स्तोत्र का पाठ करें। गणेश मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है।
6. इसके बाद भगवान गणेश की आरती उतारें।
7. शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण करें।
शौर्यपथ /हर व्यक्ति जीवन में पैसा कमाना चाहता है। ताकि वह अपनी ख्वाहिशें और जरुरतों को पूरा कर सके। लेकिन कई बार इंसान की छोटी-छोटी गलतियां उस पर भारी पड़ जाती हैं और जिसके कारण उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। अगर किसी की नौकरी चली गई है या किसी का काम या व्यापार ठप पड़ गया है तो तंत्र शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। जिनको करने से व्यक्ति के जीवन की समस्याएं खत्म हो जाती हैं। इन उपायों को करने के लिए सिर्फ आटे की जरुरत पड़ती है। जिसके जरिए आप अपने दुर्भाग्य को दूर और कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं। जानिए तंत्रशास्त्र के उपाय-
1. तंत्र शास्त्र के अनुसार, गेंहूं के आटे में थोड़ी हल्दी मिलाकर गुरुवार के दिन गाय को खिलाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और धन की प्राप्ति होती है। घर में धन नहीं रुकने पर भी इस टोटके को करना शुभ माना जाता है।
2. चक्की पर आटा पिसवाने का उत्तम दिन शनिवार माना जाता है। कहते हैं कि गेहूं पिसवाने से पहले उसमं 100 ग्राम चने, 100 ग्राम तुलसी और 2 दाने केसर के डालने चाहिए। कहते कि ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और घर में खुशहाली आती है।
3. लाल किताब के अनुसार, आटे का यह उपाय व्यक्ति की किस्मत चमका सकता है। कहते हैं कि आटे में चीनी मिलाकर हर दिन चीटियों को डालना चाहिए। माना जाता है कि इससे व्यक्ति के जीवन की सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। इसके साथ ही भाग्य भी खुल जाता है।
4. कहते हैं कि प्रमोशन या तरक्की के लिए व्यक्ति को रविवार के दिन गुड़ और आटे से मीठी पूरियां बनाकर लाल गाय को खिलाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से व्यक्ति की सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं।
5. शनिवार के जिन काले कुत्ते को सरसों तेल में चुपड़ी रोटी खिलाना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि ऐसा करने से शनि ग्रह से संबंधित समस्याएं खत्म हो जाती हैं। इसके साथ ही कर्ज से मुक्ति मिलती है।
6. कहते हैं कि शनिवार के दिन कागज के टुकड़े पर राम राम लिखकर कागज को आटे में मिलाकर गोलियां बना लें और फिर मछलियों को खिला दें। माना जाता है कि ऐसा करने से तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गांवों के विकास और आम जन के सुविधाओं के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जुड़ी राशि निकालने, पैसा ट्रान्सफर करने, जैसे कामों के लिए अब बैंकों में लंबी कतार में लगने की जरूरत नहीं पड़ती। जांजगीर-चांपा जिले में कार्यरत 190 बैंक सखियों के द्वारा दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचकर ढाई से तीन करोड़ रूपये का भुगतान प्रतिमाह किया जा रहा है
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में काम करने वाले मजदूरों को पैसे के लिए अब बैंकों का चक्कर लगाना नहीं पड़ता। उनकी मजदूरी का भुगतान एनआरएलएम की बीसी सखी सेतु (‘सेतु’-एसएचजी -इम्पावरिंग, ट्रांसफारमिंग एण्ड अर्बनाइजिंग विलेजेस) से जुड़ी महिलाएं कार्यस्थल पर ही जाकर कर रही हैं। इसके अलावा बुजुर्ग और विधवा पेंशन का लाभ, गैस पर मिलने वाली सब्सिडी का भुगतान, जनधन खाते में आई राशि का भुगतान, टीवी का रिचार्ज से लेकर मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल का भुगतान एवं अन्य बैंकिंग सुविधाएं बैंक सखी सेतु के माध्यम से मुहैया कराया जा रहा है। एनआरएलएम के माध्यम से जिले के विकासखण्डों में ऑनलाइन कियोस्क लेपटाप के माध्यम से समूहों की महिलाएं बैंकिंग की सुविधाएं गांव-गांव जाकर दे रही हैं। इसके अलावा पे-प्वाइंट मोबाइल उपकरण के माध्यम से भी महिलाएं घर-घर जाकर बैंकिंग की सुविधा मुहैया करा रही हैं।
अभी 200 करोड़ रूपए के 2 हजार 148 कार्य प्रगति पर
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में वन विभाग द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वानिकी कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज यहां बताया कि इनमें वानिकी तथा वन क्षेत्रों में भू-जल संवर्धन के अधिक से अधिक कार्य शामिल किए गए हैं। राज्य में इसके तहत वर्तमान में चालू वर्ष 2020 के दौरान स्वीकृत 194 करोड़ 32 लाख रूपए की राशि के 2 हजार 148 कार्य प्रगति पर है।
वन मंत्री अकबर ने बताया कि इनमें मुख्य रूप से आवर्ती चराई, पौधा तैयारी, पथ रोपण, पुलिया निर्माण, स्टाप डेम निर्माण, चारागाह विकास, गौठानों में रोपण, भू-जल संरक्षण कार्य, निःशुल्क वितरण के लिए पौधा तैयारी, बांस रोपण, नदी तट रोपण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण आदि कार्यों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। इसके तहत वन वृत्त बिलासपुर के अंतर्गत लगभग 80 करोड़ रूपए की राशि के 756 कार्य प्रगतिरत है। इसी तरह वन वृत्तवार दुर्ग में 30 करोड़ रूपए की राशि के 372 कार्य, जगदलपुर में 41 करोड़ रूपए के 272 कार्य तथा सरगुजा में 7 करोड़ 38 लाख रूपए की राशि के 116 कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा वन वृत्तवार रायपुर में 14 करोड़ रूपए की राशि के 138 कार्य और कांकेर में 27 करोड़ रूपए की राशि के 494 कार्य प्रगति पर है।
इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इनमें बिलासपुर वन वृत्त के अंतर्गत बिलासपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 30 कार्य तथा अनुसंधान एवं विस्तार में 30 लाख रूपए के 3 कार्य शामिल है। इसी तरत मरवाही वन मंडल में 10 करोड़ रूपए के 77 कार्य, कोरबा वन मंडल में 22 लाख रूपए के 13 कार्य तथा कटघोरा वन मंडल में 13 करोड़ रूपए के 42 कार्य शामिल है। इसके अलावा रायगढ़ वन मंडल में 23 करोड़ रूपए के 164 कार्य, धरमजयगढ़ वन मंडल में 14 करोड़ रूपए के 113 कार्य, जांजगीर-चांपा वन मंडल में 7 करोड़ रूपए के 268 कार्य तथा मुंगेली वन मंडल में 7 करोड़ रूपए के 46 कार्य शामिल है।
इसी तरह दुर्ग वन वृत्त केन्द्र के अंतर्गत दुर्ग वन मंडल में 2 करोड़ 43 लाख रूपए के 9 कार्य, राजनांदगांव वन मंडल में 12 करोड़ रूपए के 204 कार्य, खैरागढ़ वन मंडल में 7 करोड़ 50 लाख रूपए के 67 कार्य, कवर्धा वन मंडल में 2 करोड़ 30 लाख रूपए के 51 कार्य तथा बालोद वन मंडल में 80 करोड़ रूपए के 41 कार्य शामिल हैं। जगदलपुर वन वृत्त के अंतर्गत बस्तर वन मंडल में 5 करोड़ 46 लाख रूपए के 74 कार्य तथा अनुसंधान एवं विस्तार के अंतर्गत 13 लाख रूपए के एक कार्य, दंतेवाड़ा वन मंडल में 9 करोड़ 36 लाख रूपए के 83 कार्य, सुकमा वन मंडल में 18 करोड़ रूपए के 59 कार्य और बीजापुर वन मंडल में 8 करोड़ रूपए के 51 कार्य शामिल हैं।
सरगुजा वन वृत्त के अंतर्गत सरगुजा वन मंडल में एक करोड़ 83 लाख रूपए के 25 कार्य, सूरजपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 27 कार्य, मनेन्द्रगढ़ वन मंडल में 12 लाख रूपए के 60 कार्य तथा जशपुर वन मंडल में 40 लाख रूपए के 4 कार्य शामिल हैं। रायपुर वन वृत्त के अंतर्गत धमतरी वन मंडल में 6 करोड़ रूपए के 61 कार्य, रायपुर वन मंडल में 2 करोड़ रूपए के 12 कार्य, बलोदाबाजार वन मंडल में 3 करोड़ 44 लाख रूपए के 22 कार्य, अनुसंधान एवं विस्तार रायपुर में 23 लाख रूपए के 3 कार्य, गरियाबंद वन मंडल में एक करोड़ रूपए के 23 कार्य तथा महासमुंद वन मंडल में 99 लाख रूपए की राशि के 17 कार्य शामिल हैं।
इसी तरह कांकेर वन वृत्त के अंतर्गत कांकेर वन मंडल में एक करोड़ रूपए के 33 कार्य, पूर्व भानुप्रतापपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 74 कार्य तथा पश्चिम भानुप्रतापपुर वन मंडल में 2 करोड़ 68 लाख रूपए के 46 कार्य शामिल हैं। इसके अलावा नारायणपुर वन मंडल में एक करोड़ 28 लाख रूपए के 19 कार्य, केशकाल वन मंडल में 4 करोड़ रूपए के 86 कार्य तथा दक्षिण कोण्डागांव वन मंडल में 12 करोड़ 51 लाख रूपए की राशि के 236 कार्य शामिल हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में कोविड-19 की पहचान के लिए अब तक दो लाख से अधिक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने बताया कि 25 दिसम्बर तक रायपुर मेडिकल कॉलेज में दो लाख एक हजार 979 सैंपलों की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर सबसे विश्वसनीय और सटीक जांच है। राज्य में भी इसकी पहचान के लिए अधिक से अधिक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच पर जोर दिया जा रहा है। रायपुर मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में इस साल 14 अप्रैल से 22 सैंपलों के साथ आरटीपीसीआर जांच की शुरूआत हुई थी। लॉक-डाउन के उस दौर में कन्ज्युमेबल्स (Consumable) एवं अन्य संसाधनों की दिक्कतों के बीच राज्य शासन ने इस लैब को शुरू किया था। इसे शुरू करने स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव के मार्गदर्शन में भारत सरकार, आईसीएमआर और विभिन्न राज्यों से मदद और समन्वय के लिए अलग-अलग मोर्चे पर करीब 20 अधिकारी-कर्मचारी दिन रात काम कर कर रहे थे। सैंपलों की जांच के दौरान लैब में कार्यरत साइंटिस्ट, लैब टेक्नीशियन और माइक्रोबायोलॉजिस्ट सहित कुल आठ लोग संक्रमित भी हो चुके हैं। इसके बावजूद यहां की टीम पूरी तत्परता और समर्पण से सैंपलों की जांच में लगी हुई है। मात्र 22 सैंपलों की जांच से शुरू रायपुर मेडिकल कॉलेज के इस लैब में अभी रोजाना 1500 सैंपलों की जांच हो रही है। अभी यहां रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद से प्राप्त सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।
श्रमिकों का पंजीयन कराने तथा अपंजीकृत कारखानों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ / श्रम कल्याण मंडल की आज हुई बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष शफी अहमद ने मंडल के कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने श्रमिकों की सुविधाओं के लिए सभी जिलों में श्रम भवन और ज्यादा फैक्ट्रियांे वाले जिलों में श्रमिक डोरमेट्री बनाने के निदेएगा.सूरजपुर में दाल भात और सिलाई सेंटर खोले जाएंगे.
श्रम कल्याण मण्डल की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष श्री अहमद ने अभिदाय वसूली की धीमी गति और जिलेवार फैक्ट्रियों तथा श्रमिकों का पंजीयन की जानकारी संतोषजनक नही होने से नाराजगी व्यक्त की। श्री अहमद ने श्रम कल्याण निरीक्षकों को 10 जनवरी तक जानकारी आवश्यक प्रगति न होने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी है। श्री अहमद ने बताया अब तक श्रम कल्याण मंडल के पास स्वयं का भवन नहीं था। बजट में रायपुर के मुख्य कार्यालय भवन के लिए एक करोड़ 30 लाख और सभी जिलों में श्रम भवन एवं ज्यादा श्रमिक संख्या वाले जिलों में डोरमेट्री के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रम कल्याण निरीक्षकों को सभी फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर अभिदाय वसूली तेज करने, वास्तविक संख्या में श्रमिकों का पंजीयन कराने तथा अपंजीकृत कारखानों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान कार्य की प्रगति चेक करने जांच कमेटी बनाकर रेंडम जांच की जाएगी और लापरवाह निरीक्षकों पर सेवा से पृथक करने की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सभी संभाग मुख्यालय में श्रम कल्याण मंडल का उप कार्यालय राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शीघ्र ही श्रमिक बस्तियों में श्रमिकों के साथ बैठक कर योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। साथ ही सुझाव भी लिए जाएंगे। श्री शफी अहमद ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। बैठक में श्रम कल्याण निरीक्षकों सहित श्रम कल्याण मंडल के सभी कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज वरिष्ठ विधायकगणों खेलसाय सिंह और रामपुकार सिंह के राजधानी रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम पूछा। मुख्यमंत्री बघेल पहले वरिष्ठ विधायक और सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खेलसाय सिंह के आनन्द नगर स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने खेलसाय सिंह से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी उपस्थित थे। इसके बाद मुख्यमंत्री बघेल वरिष्ठ विधायक रामपुकार सिंह के विधायक कॉलोनी स्थित निवास पहंुचे, जहां उन्होंने श्री सिंह से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल पूछा और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय रुचिर गर्ग और विनोद वर्मा भी उपस्थित थे।
खाना खजाना /शौर्यपथ / खाने का जायका अचार बढ़ा देता है।वहीं, ऐसे कई लोग होते हैं जिनका खाना अचार के बिना पूरा ही नहीं होता है।ऐसे में सर्दी के मौसम में आम का अचार बनाना मुश्किल है लेकिन गाजर का अचार किसी भी मौसम में बनाया जा सकता है क्योंकि इसे सुखाने के लिए ज्यादा धूप की जरुरत नहीं होती। आइए, जानते हैं कैसे बनाएं गाजर का अचार-
सामग्री :
आधा किलो गाजर
करीब पांच चम्मच पिसी हुई राई
1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
आधा चम्मच हल्दी
आधा चम्मच हींग
एक चम्मच नींबू का रस
सरसों या जैतून का तेल
नमक स्वादानुसार
विधि :
गाजर को छीलकर उसे साफ कर लें। उसे दो-दो इंच लंबे टुकड़ों में काट लें।
इन टुकड़ों पर लगा पानी अच्छी तरह सूख जाने दें। हो सके, तो इसे एक दिन धूप दिखा लें। वरना अचार के खराब हो जाने की आशंका रहेगी।
जितनी भी सामग्री है उसे एक जार में गाजर के साथ मिलाकर रख दें।
जार को सूरज की रोशनी में रख दें, अचार तैयार हो जाएगा। इसमें दो से तीन दिन लगेंगे।
आप चाहें तो इसमें बीच से कटी हुई हरी मिर्च भी डाल सकते हैं।
शौर्यपथ /वजन घटाने के लिए आप कितनी चीजें खाना छोड़ देते हैं और कितनी ही चीजें डाइट में शामिल कर लेते हैं।कभी-कभी वेट लॉस की ये स्पेशल डाइट असरदार होती है, तो कभी-कभी इनका फायदा नहीं भी होता है लेकिन आज हम आपको ऐसे फूड कॉम्बिनेशन के बारे में बता रहे हैं, जो न सिर्फ आपका वजन कम करेंगे बल्कि सेहत से जुड़ी कई परेशानियों से भी आपको मुक्ति दिलाएंगे।
गर्म पानी और नींबू का रस
सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू-शहद मिलाकर पीना फायदेमंद होता है। रोजाना इसके सेवन से आप अपने वजन को कंट्रोल में रख सकते हैं। पेट की चर्बी कंट्रोल होने के साथ इससे आपकी बॉडी डिटॉक्स भी होती है।
ग्रीन टी और लेमन
बढ़ते वजन को मॉनिटर करने वालों के लिए ग्रीन टी सबसे अच्छा बेवरेज माना जाता है। लो कैलरी और एंटी-ऑक्सीडेंट वाला ड्रिंक तेजी से कैलोरी बर्न करता है और बेहद कम समय में कई किलो वजन घटा देता है। कई स्टडी में ये बात साबित हो चुकी है कि दिन में 2-3 कप ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और तेजी से वजन घटता है। इसे ज्यादा कारगर बनाने के लिए आप इसमें विटामिन-सी से भरपूर फ्रेश नींबू का रस डाल सकते हैं।
अंडा और पालक
अंडे में हाई क्वालिटी का प्रोटीन पाया जाता है। इस पौष्टिक आहार की रेसिपी बेहद आसान और वेट लॉस फ्रेंडली है, अगर आप वजन घटाने के मिशन पर हैं, तो अपने ऑमलेट में पालक को शामिल कर लें। एक स्टडी के मुताबिक, आयरन से भरपूर पालक अंडे के साथ तेजी से वजन घटाने का काम करता है।
सेब और पीनट बटर
सेब और पीनट बटर एक क्लासिक वेट लॉस फ्रेंडली फूड माने जाते हैं। पीनट बटर में मोनोसैचुरेटेड और पॉलीसैचुरेटेड फैट होता है, जो लंबे समय तक भूख को रोके रखता है और इंसुलिन मेटाबलिज्म भी दुरुस्त करता है। सेब के साथ पीनट बटर खाने से आपका वजन तेजी से कम हो सकता है।
पत्तेदार सब्जिया और ऑलिव ऑयल
हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद भूख को कंट्रोल करने लिए बेस्ट फूड आइटम मानी जाती हैं।इसमें अगर ऑलिव ऑयल शामिल कर लिया जाए तो फायदा दोगुना होगा। इन दोनों चीजों को एकसाथ खाने से आप तेजी से अपना वजन घटा सकते हैं। मोनोसैचुरेटेड फैट से भरपूर ऑलिव ऑयल और पत्तेदार सब्जियां मिलकर आपकी भूख को कंट्रोल रखते हैं।
ओट्स और बैरीज
रास्पबैरी और ब्लूबैरी में शरीर के फायदेमंद कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं।मॉर्निंग डाइट में ओट्स के साथ इनका सेवन तेजी से वजन घटाने में कारगर है। इस फूड कॉम्बिनेशन के वेट के अलावा भी कई फायदे होते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
