August 10, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    अभी 200 करोड़ रूपए के 2 हजार 148 कार्य प्रगति पर

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में वन विभाग द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वानिकी कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज यहां बताया कि इनमें वानिकी तथा वन क्षेत्रों में भू-जल संवर्धन के अधिक से अधिक कार्य शामिल किए गए हैं। राज्य में इसके तहत वर्तमान में चालू वर्ष 2020 के दौरान स्वीकृत 194 करोड़ 32 लाख रूपए की राशि के 2 हजार 148 कार्य प्रगति पर है।
    वन मंत्री अकबर ने बताया कि इनमें मुख्य रूप से आवर्ती चराई, पौधा तैयारी, पथ रोपण, पुलिया निर्माण, स्टाप डेम निर्माण, चारागाह विकास, गौठानों में रोपण, भू-जल संरक्षण कार्य, निःशुल्क वितरण के लिए पौधा तैयारी, बांस रोपण, नदी तट रोपण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण आदि कार्यों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। इसके तहत वन वृत्त बिलासपुर के अंतर्गत लगभग 80 करोड़ रूपए की राशि के 756 कार्य प्रगतिरत है। इसी तरह वन वृत्तवार दुर्ग में 30 करोड़ रूपए की राशि के 372 कार्य, जगदलपुर में 41 करोड़ रूपए के 272 कार्य तथा सरगुजा में 7 करोड़ 38 लाख रूपए की राशि के 116 कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा वन वृत्तवार रायपुर में 14 करोड़ रूपए की राशि के 138 कार्य और कांकेर में 27 करोड़ रूपए की राशि के 494 कार्य प्रगति पर है।
    इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इनमें बिलासपुर वन वृत्त के अंतर्गत बिलासपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 30 कार्य तथा अनुसंधान एवं विस्तार में 30 लाख रूपए के 3 कार्य शामिल है। इसी तरत मरवाही वन मंडल में 10 करोड़ रूपए के 77 कार्य, कोरबा वन मंडल में 22 लाख रूपए के 13 कार्य तथा कटघोरा वन मंडल में 13 करोड़ रूपए के 42 कार्य शामिल है। इसके अलावा रायगढ़ वन मंडल में 23 करोड़ रूपए के 164 कार्य, धरमजयगढ़ वन मंडल में 14 करोड़ रूपए के 113 कार्य, जांजगीर-चांपा वन मंडल में 7 करोड़ रूपए के 268 कार्य तथा मुंगेली वन मंडल में 7 करोड़ रूपए के 46 कार्य शामिल है।
    इसी तरह दुर्ग वन वृत्त केन्द्र के अंतर्गत दुर्ग वन मंडल में 2 करोड़ 43 लाख रूपए के 9 कार्य, राजनांदगांव वन मंडल में 12 करोड़ रूपए के 204 कार्य, खैरागढ़ वन मंडल में 7 करोड़ 50 लाख रूपए के 67 कार्य, कवर्धा वन मंडल में 2 करोड़ 30 लाख रूपए के 51 कार्य तथा बालोद वन मंडल में 80 करोड़ रूपए के 41 कार्य शामिल हैं। जगदलपुर वन वृत्त के अंतर्गत बस्तर वन मंडल में 5 करोड़ 46 लाख रूपए के 74 कार्य तथा अनुसंधान एवं विस्तार के अंतर्गत 13 लाख रूपए के एक कार्य, दंतेवाड़ा वन मंडल में 9 करोड़ 36 लाख रूपए के 83 कार्य, सुकमा वन मंडल में 18 करोड़ रूपए के 59 कार्य और बीजापुर वन मंडल में 8 करोड़ रूपए के 51 कार्य शामिल हैं।
    सरगुजा वन वृत्त के अंतर्गत सरगुजा वन मंडल में एक करोड़ 83 लाख रूपए के 25 कार्य, सूरजपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 27 कार्य, मनेन्द्रगढ़ वन मंडल में 12 लाख रूपए के 60 कार्य तथा जशपुर वन मंडल में 40 लाख रूपए के 4 कार्य शामिल हैं। रायपुर वन वृत्त के अंतर्गत धमतरी वन मंडल में 6 करोड़ रूपए के 61 कार्य, रायपुर वन मंडल में 2 करोड़ रूपए के 12 कार्य, बलोदाबाजार वन मंडल में 3 करोड़ 44 लाख रूपए के 22 कार्य, अनुसंधान एवं विस्तार रायपुर में 23 लाख रूपए के 3 कार्य, गरियाबंद वन मंडल में एक करोड़ रूपए के 23 कार्य तथा महासमुंद वन मंडल में 99 लाख रूपए की राशि के 17 कार्य शामिल हैं।
    इसी तरह कांकेर वन वृत्त के अंतर्गत कांकेर वन मंडल में एक करोड़ रूपए के 33 कार्य, पूर्व भानुप्रतापपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 74 कार्य तथा पश्चिम भानुप्रतापपुर वन मंडल में 2 करोड़ 68 लाख रूपए के 46 कार्य शामिल हैं। इसके अलावा नारायणपुर वन मंडल में एक करोड़ 28 लाख रूपए के 19 कार्य, केशकाल वन मंडल में 4 करोड़ रूपए के 86 कार्य तथा दक्षिण कोण्डागांव वन मंडल में 12 करोड़ 51 लाख रूपए की राशि के 236 कार्य शामिल हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में कोविड-19 की पहचान के लिए अब तक दो लाख से अधिक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने बताया कि 25 दिसम्बर तक रायपुर मेडिकल कॉलेज में दो लाख एक हजार 979 सैंपलों की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर सबसे विश्वसनीय और सटीक जांच है। राज्य में भी इसकी पहचान के लिए अधिक से अधिक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच पर जोर दिया जा रहा है। रायपुर मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में इस साल 14 अप्रैल से 22 सैंपलों के साथ आरटीपीसीआर जांच की शुरूआत हुई थी। लॉक-डाउन के उस दौर में कन्ज्युमेबल्स (Consumable) एवं अन्य संसाधनों की दिक्कतों के बीच राज्य शासन ने इस लैब को शुरू किया था। इसे शुरू करने स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव के मार्गदर्शन में भारत सरकार, आईसीएमआर और विभिन्न राज्यों से मदद और समन्वय के लिए अलग-अलग मोर्चे पर करीब 20 अधिकारी-कर्मचारी दिन रात काम कर कर रहे थे। सैंपलों की जांच के दौरान लैब में कार्यरत साइंटिस्ट, लैब टेक्नीशियन और माइक्रोबायोलॉजिस्ट सहित कुल आठ लोग संक्रमित भी हो चुके हैं। इसके बावजूद यहां की टीम पूरी तत्परता और समर्पण से सैंपलों की जांच में लगी हुई है। मात्र 22 सैंपलों की जांच से शुरू रायपुर मेडिकल कॉलेज के इस लैब में अभी रोजाना 1500 सैंपलों की जांच हो रही है। अभी यहां रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद से प्राप्त सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।

    श्रमिकों का पंजीयन कराने तथा अपंजीकृत कारखानों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश

    रायपुर / शौर्यपथ / श्रम कल्याण मंडल की आज हुई बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष शफी अहमद ने मंडल के कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने श्रमिकों की सुविधाओं के लिए सभी जिलों में श्रम भवन और ज्यादा फैक्ट्रियांे वाले जिलों में श्रमिक डोरमेट्री बनाने के निदेएगा.सूरजपुर में दाल भात और सिलाई सेंटर खोले जाएंगे.
    श्रम कल्याण मण्डल की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष श्री अहमद ने अभिदाय वसूली की धीमी गति और जिलेवार फैक्ट्रियों तथा श्रमिकों का पंजीयन की जानकारी संतोषजनक नही होने से नाराजगी व्यक्त की। श्री अहमद ने श्रम कल्याण निरीक्षकों को 10 जनवरी तक जानकारी आवश्यक प्रगति न होने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी है। श्री अहमद ने बताया अब तक श्रम कल्याण मंडल के पास स्वयं का भवन नहीं था। बजट में रायपुर के मुख्य कार्यालय भवन के लिए एक करोड़ 30 लाख और सभी जिलों में श्रम भवन एवं ज्यादा श्रमिक संख्या वाले जिलों में डोरमेट्री के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रम कल्याण निरीक्षकों को सभी फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर अभिदाय वसूली तेज करने, वास्तविक संख्या में श्रमिकों का पंजीयन कराने तथा अपंजीकृत कारखानों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान कार्य की प्रगति चेक करने जांच कमेटी बनाकर रेंडम जांच की जाएगी और लापरवाह निरीक्षकों पर सेवा से पृथक करने की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सभी संभाग मुख्यालय में श्रम कल्याण मंडल का उप कार्यालय राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शीघ्र ही श्रमिक बस्तियों में श्रमिकों के साथ बैठक कर योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। साथ ही सुझाव भी लिए जाएंगे। श्री शफी अहमद ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। बैठक में श्रम कल्याण निरीक्षकों सहित श्रम कल्याण मंडल के सभी कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे।

     रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज वरिष्ठ विधायकगणों खेलसाय सिंह और रामपुकार सिंह के राजधानी रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम पूछा। मुख्यमंत्री  बघेल पहले वरिष्ठ विधायक और सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खेलसाय सिंह के आनन्द नगर स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने खेलसाय सिंह से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी उपस्थित थे। इसके बाद मुख्यमंत्री बघेल वरिष्ठ विधायक  रामपुकार सिंह के विधायक कॉलोनी स्थित निवास पहंुचे, जहां उन्होंने श्री सिंह से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल पूछा और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय  रुचिर गर्ग और  विनोद वर्मा भी उपस्थित थे।

    खाना खजाना /शौर्यपथ / खाने का जायका अचार बढ़ा देता है।वहीं, ऐसे कई लोग होते हैं जिनका खाना अचार के बिना पूरा ही नहीं होता है।ऐसे में सर्दी के मौसम में आम का अचार बनाना मुश्किल है लेकिन गाजर का अचार किसी भी मौसम में बनाया जा सकता है क्योंकि इसे सुखाने के लिए ज्यादा धूप की जरुरत नहीं होती। आइए, जानते हैं कैसे बनाएं गाजर का अचार-
    सामग्री :
    आधा किलो गाजर
    करीब पांच चम्मच पिसी हुई राई
    1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    आधा चम्मच हल्दी
    आधा चम्मच हींग
    एक चम्मच नींबू का रस
    सरसों या जैतून का तेल
    नमक स्वादानुसार
    विधि :
    गाजर को छीलकर उसे साफ कर लें। उसे दो-दो इंच लंबे टुकड़ों में काट लें।
    इन टुकड़ों पर लगा पानी अच्छी तरह सूख जाने दें। हो सके, तो इसे एक दिन धूप दिखा लें। वरना अचार के खराब हो जाने की आशंका रहेगी।
    जितनी भी सामग्री है उसे एक जार में गाजर के साथ मिलाकर रख दें।
    जार को सूरज की रोशनी में रख दें, अचार तैयार हो जाएगा। इसमें दो से तीन दिन लगेंगे।
    आप चाहें तो इसमें बीच से कटी हुई हरी मिर्च भी डाल सकते हैं।

    शौर्यपथ /वजन घटाने के लिए आप कितनी चीजें खाना छोड़ देते हैं और कितनी ही चीजें डाइट में शामिल कर लेते हैं।कभी-कभी वेट लॉस की ये स्पेशल डाइट असरदार होती है, तो कभी-कभी इनका फायदा नहीं भी होता है लेकिन आज हम आपको ऐसे फूड कॉम्बिनेशन के बारे में बता रहे हैं, जो न सिर्फ आपका वजन कम करेंगे बल्कि सेहत से जुड़ी कई परेशानियों से भी आपको मुक्ति दिलाएंगे।
    गर्म पानी और नींबू का रस
    सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू-शहद मिलाकर पीना फायदेमंद होता है। रोजाना इसके सेवन से आप अपने वजन को कंट्रोल में रख सकते हैं। पेट की चर्बी कंट्रोल होने के साथ इससे आपकी बॉडी डिटॉक्स भी होती है।
    ग्रीन टी और लेमन
    बढ़ते वजन को मॉनिटर करने वालों के लिए ग्रीन टी सबसे अच्छा बेवरेज माना जाता है। लो कैलरी और एंटी-ऑक्सीडेंट वाला ड्रिंक तेजी से कैलोरी बर्न करता है और बेहद कम समय में कई किलो वजन घटा देता है। कई स्टडी में ये बात साबित हो चुकी है कि दिन में 2-3 कप ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और तेजी से वजन घटता है। इसे ज्यादा कारगर बनाने के लिए आप इसमें विटामिन-सी से भरपूर फ्रेश नींबू का रस डाल सकते हैं।
    अंडा और पालक
    अंडे में हाई क्वालिटी का प्रोटीन पाया जाता है। इस पौष्टिक आहार की रेसिपी बेहद आसान और वेट लॉस फ्रेंडली है, अगर आप वजन घटाने के मिशन पर हैं, तो अपने ऑमलेट में पालक को शामिल कर लें। एक स्टडी के मुताबिक, आयरन से भरपूर पालक अंडे के साथ तेजी से वजन घटाने का काम करता है।
    सेब और पीनट बटर
    सेब और पीनट बटर एक क्लासिक वेट लॉस फ्रेंडली फूड माने जाते हैं। पीनट बटर में मोनोसैचुरेटेड और पॉलीसैचुरेटेड फैट होता है, जो लंबे समय तक भूख को रोके रखता है और इंसुलिन मेटाबलिज्म भी दुरुस्त करता है। सेब के साथ पीनट बटर खाने से आपका वजन तेजी से कम हो सकता है।
    पत्तेदार सब्जिया और ऑलिव ऑयल
    हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद भूख को कंट्रोल करने लिए बेस्ट फूड आइटम मानी जाती हैं।इसमें अगर ऑलिव ऑयल शामिल कर लिया जाए तो फायदा दोगुना होगा। इन दोनों चीजों को एकसाथ खाने से आप तेजी से अपना वजन घटा सकते हैं। मोनोसैचुरेटेड फैट से भरपूर ऑलिव ऑयल और पत्तेदार सब्जियां मिलकर आपकी भूख को कंट्रोल रखते हैं।
    ओट्स और बैरीज
    रास्पबैरी और ब्लूबैरी में शरीर के फायदेमंद कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं।मॉर्निंग डाइट में ओट्स के साथ इनका सेवन तेजी से वजन घटाने में कारगर है। इस फूड कॉम्बिनेशन के वेट के अलावा भी कई फायदे होते हैं।

    शौर्यपथ / सपनों को जीवन का आईना माना जाता है। स्वप्न शास्त्र पूरी तरह से सपनों पर आधारित है। इस शास्त्र में सपनों का अध्ययन करते हैं। स्वप्न शास्त्र को मानने वाले कहते हैं कि सपनों के बारे में दिए तर्क शास्त्र में सही हैं और इन पर विश्वास किया जा सकता है। स्वप्न शास्त्र में सपने में जानवर दिखने के बारे में बताया गया है। कहते हैं कि सपने में कुछ जानवरों का दिखना शुभ तो कुछ अशुभ होते हैं। मान्यता है कि सपने में कुछ विशेष जानवरों का देखना, खास योग बना सकता है।
    1. सपने में गाय देखना- स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में गाय का देखना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि सपने देखने वाले व्यक्ति का सोया भाग्य खुल जाता है। कहते हैं कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। मान्यता है कि गाय को सपने में देखने का अर्थ है कि उस व्यक्ति पर ईश्वर की कृपा बरस रही है। कहते हैं कि सपना देखने वाला व्यक्ति हर काम में सफलता हासिल करता है और उसकी तरक्की का रास्ता खुल जाता है।
    2. हाथी- हाथी को ऐश्वर्य का प्रतीक मानते हैं। कहते हैं कि सपने में हाथी का देखना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि अगर व्यक्ति को सपने में हाथी दिखाई पड़ता है तो इसका अर्थ है कि उस व्यक्ति को ऐश्वर्य की प्राप्ति होने वाली है। कहते हैं कि ऐसा सपना जीवन में खुशियां और तरक्की लाता है। सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि ऐसा सपना देखने के बाद माता लक्ष्मी को हाथी की प्रतिमा अर्पित करनी चाहिए।
    3. उल्लू- उल्लू को सपने में देखना बेहद शुभ माना जाता है। उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। कहते हैं कि सपने में उल्लू को देखने से धन-धान्य की प्राप्ति हो सकती है। माना जाता है कि ऐसा सपने देखने वाले व्यक्ति पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। जिससे उसे धन लाभ होता है। कहते हैं कि ऐसा सपना देखने के बाद मां लक्ष्मी को लाल वस्त्र अर्पित करना चाहिए।
    4. काला नाग- स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में अगर काला नाग दिख जाए तो यह शुभ संकेत माना जाता है। कहते हैं कि इसका अर्थ होता है कि आपके यश में वृद्धि होने वाली है। मान-सम्मान बढ़ने वाला है। इसके साथ ही सपने का यह भी अर्थ होता है कि आपकी मनोकामना जल्द पूरी होने वाली है।
    5. खरगोश- सपने में खरगोश का दिखना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इस सपने का अर्थ होता है कि आपके जीवन में प्रेम बढ़ेगा। इसके साथ ही पार्टनर के साथ रिश्ता मजबूत होगा। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में सफलता भी मिल सकती है।
    6. छिपकली- सपने में छिपकली का दिखना स्वप्न शास्त्र में शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इस सपने का अर्थ है कि आपको अचानक धन प्राप्ति होने वाली है। इसके अलावा कर्ज जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलने वाली है।

    शौर्यपथ / कोरोना के दौर से गुजर रही दुनिया को नए साल से तमाम उम्मीदें हैं। आने वाले वर्ष में सभी को अच्छा स्वास्थ्य, कार्यक्षेत्र में उन्नति, परिवार में सुख-शांति मिले, इसी कामना के साथ वास्तु में कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं। नए साल में प्रवेश करने से पहले इन उपायों को अपना सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
    नए साल के आरंभ होने से पहले अपने घर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक चिह्न बनाएं। नए साल की शुरुआत घर में पेड़-पौधे लगाने से करें। अपने घर में तुलसी या मनी प्लांट का पौधा लगा सकते हैं। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। घर और अपने कार्यक्षेत्र को सुगंधित रखें। वर्ष के पहले दिन अपना पर्स या बटुआ खाली न रखें। घर की अलमारी या लॉकर में भी पैसे रखें लेकिन तिजोरी या पैसे रखने वाली जगह पर इत्र आदि न रखें। वर्ष में कम से कम दो बार हवन कराने का संकल्प लें। परिवार में प्रेम बढ़ाने के लिए घर के दक्षिण पूर्व में क्रिस्टल बॉल भी लगा सकते हैं। नए साल पर घर या प्रतिष्ठान में लाफिंग बुद्धा लाएं। उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें। दुकान और घर की साज सज्जा में सफेद और पीले रंग की चीजों का इस्तेमाल करें। घर की उत्तर दिशा में अनावश्यक वस्तुओं को न रखें। हर दिन शाम को घर में कर्पूर जलाएं। शांति, आनंद, उमंग प्रदर्शित करने वाले चित्रों को घर की पूर्व दिशा में लगा सकते हैं। नववर्ष में अपने लक्ष्य को अपने हाथों से कागज पर लिखकर अपने सामने रहने वाली दीवार पर लगाएं। इसके लिए एक निश्चित समय सीमा भी तय कर लें। साल के पहले दिन घर की पूर्वोत्तर दिशा में पानी से भरा कलश और उस पर नारियल रखें।

    रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते डॉ रमन सिंह ने रायगढ़ में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में भाजपाइयों को एक साल के लिए कमीशनखोरी बंद कर 30 साल तक काली कमाई करने का फार्मूला बताये थे। अब कार्यकर्ताओं को झूठ बोलने मनगढ़ंत आरोप लगाने की कला सिखा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता रमन सिंह और भाजपा के कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार करने के तरीकों को पहचान गई। यही वजह है कि 15 साल के सत्ता के बाद भाजपा 15 सीट में सिमट गई।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 24 महीने के कार्यकाल के बाद भाजपा छत्तीसगढ़ में मुद्दाविहीन हो चुकी है झूठ फरेब की राजनीति कर रही है और निरंतर छत्तीसगढ़ विरोधी कृत्यों में लगी हुई है भाजपा को छत्तीसगढ़ के किसान मजदूर युवा महिलाएं व्यापारी यहां के कला संस्कृति परंपरा से कोई लेना देना नहीं है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार लगातार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव कर रही है किसानों के धान खरीदी में बाधा उत्पन्न कर रही है नियम शर्ते लगा रही है छत्तीसगढ़ के हिस्से की जीएसटी की राशि एवं जीएसटी की क्षतिपूर्ति राशि को देने में आनाकानी कर रही है।केंद्र की प्रधानमंत्री मजदूर कल्याण योजना हो, चाहे किसान सम्मान निधि योजना हो केंद्र सरकार की अन्य योजना हो उसमें छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता को दूर रखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के साथ हो रहे भेदभाव का भाजपा के नेता मौन रहकर समर्थन कर रहे हैं।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बीते 7 साल में नरेंद्र मोदी की सरकार ने कोई ऐसा काम नहीं किया है जिसका लाभ देश की जनता को मिला हो। जब भाजपा के कार्यकर्ता ही मोदी सरकार के योजनाओं के बारे में नहीं जानते हैं तो निश्चित तौर पर जनता को भी मोदी सरकार की योजनाओं के बारे में ना तो जानकारी है ना ही लाभ मिला है।मोदी सरकार की योजना कागजो और विज्ञापनों तथा मोदी जी के भाषणों से बाहर नही निकल पाई है। मोदी सरकार अडानी-अंबानी जैसे चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने लिए योजना बनाती है जिसका आर्थिक भार देश के आम जनता ऊपर पड़ता है। मोदी की सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है महंगाई चरम सीमा पर है पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छू रहे रसोई गैस की कीमत आसमान छू रही है। सब्सिडी खत्म कर दी गई है। रोजगार देने में असफल हुई है। व्यापार-व्यवसाय तबाही की ओर है। देश की अर्थव्यवस्था ऑक्सीजन में है। ऐसे समय में रमन सिंह भाजपा के कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार के झूठे यशोगान करने का ट्रेनिंग दे रहे हैं।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक शाला उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम में रिक्त व्याख्याता (सामाजिक विज्ञान, गणित, वाणिज्य) अंग्रेजी माध्यम, व्यायाम शिक्षक अंग्रेजी माध्यम, प्रधानपाठक (प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला) अंग्रेजी माध्यम, सहायक शिक्षक (विज्ञान समूह) अंग्रेजी माध्यम, सहायक शिक्षक (कला समूह) एवं भृत्य पद की अंतिम पात्र-अपात्र की विषयवार एवं पदवार सूची जारी कर दी गई है। अंतिम पात्र-अपात्र की विषयवार एवं पदवार सूची जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव के वेबसाइट deorajnandgaon.cg.nic.in में अपलोड किया गया है। विषयवार एवं पदवार प्रथम पात्र तीन अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 29 दिसम्बर 2020 को युगांतर पब्लिक स्कूल पार्रीनाला में लिया जाएगा। प्रथम पात्र 3 अभ्यर्थी नियत तिथि एवं नियत स्थान में मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सुबह 8.30 बजे उपस्थित होने कहा गया है।

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