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नई दिल्ली / शौर्यपथ / आंदोलनकारी किसान संगठन शुक्रवार को बैठक कर केंद्र के पत्र पर बातचीत कर सकते हैं. वहीं आज दिल्ली में एक रैली को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि किसानों को कानून लाभकारी नहीं लगता है तो सरकार उनमें संशोधन करने को तैयार है. लेकिन किसानों को बातचीत के लिए आगे आना होगा. हम किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार हैं. हम किसानों के प्रति बहुत सम्मान रखते हैं. बता दें कि केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन को एक महीना पूरा होने वाला है. दिल्ली की सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमाओं पर किसानों के 40 संगठनों का ‘संयुक्त किसान मोर्चा' की आज दिन में बैठक हो सकती है जिसमें केंद्र के पत्र पर चर्चा कर औपचारिक रूप से इसका जवाब देने के लिए विचार-विमर्श हो सकता है.
आंदोलनरत किसान संघों ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि वार्ता के लिए केंद्र सरकार का ताजा पत्र केवल यह धारणा बनाने के लिए किसानों के खिलाफ किया जा रहा दुष्प्रचार है कि उनकी बातचीत में दिलचस्पी नहीं है. किसानों ने बातचीत फिर शुरू करने के लिए एजेंडा में नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के विषय को शामिल करने की मांग की है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने किसानों को नए सिरे से वार्ता का न्योता भेजते हुए स्पष्ट किया कि एजेंडा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से संबंधित किसी नई मांग को शामिल करना ‘तार्किक' नहीं होगा क्योंकि यह नए कृषि कानूनों के दायरे से परे है.
मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि वह आंदोलनकारी किसान संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ‘तार्किक समाधान' खोजने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को एक बटन दबा कर नौ करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित करने वाले हैं. यह धनराशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत वित्तीय लाभ की अगली किस्त के रूप में जारी की जाएगी.
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मोदी छह राज्यों के किसानों से संवाद भी करेंगे तथा किसान सम्मान निधि और किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा की गई अन्य पहल के बारे में अपने अनुभव साझा करेंगे. प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में अनेक मार्गों को बंद कर दिया है और मार्ग बदलने के कारण भी यातायात की समस्या आ रही है. इस बीच, दिल्ली यातायात पुलिस ने शुक्रवार को ट्वीट कर बताया कि सिंघू, औचंदी, प्याऊ मनियारी, साबोली और मंगेश सीमाएं यातायात के लिए बंद हैं.
विभाग ने ट्वीट किया, ‘‘कृपया लामपुर, सफियाबाद, पल्ला और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर के रास्ते वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें. मुकरबा और जीटीके रोड से यातायात का मार्ग बदला गया है. कृपया आउटर रिंग रोड, जीटीके रोड और एनएच 44 से निकलने से बचें.'' यातायात पुलिस ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने के लिए चिल्ला तथा गाजीपुर बॉर्डर बंद हैं. उसने कहा, ‘‘दिल्ली आने के लिए लोगों को आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा, भोपरा और लोनी सीमाओं के रास्ते वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी जाती है.'' दिल्ली यातायात पुलिस ने एक परामर्श में कहा कि सिंघू सीमा के आगे एनएच-44 को आम यातायात के लिए शनिवार से बंद कर दिया गया है और जनता को असुविधा नहीं हो, इस लिहाज से मार्ग बदले गए हैं.
सेहत /शौर्यपथ /कोरोना वायरस महामारी के दौरान अगर किसी को मौसम के बदलाव के कारण भी खांसी-जुकाम जैसी समस्या हो रही है, तो उसके मन में कोरोना के लक्षण को लेकर कई तरह की बातें आने लगती हैं। महामारी की गंभीरता को देखते हुए लोगों में काफी डर बना हुआ है जिसका असर उनके दिमाग पर पड़ रहा है। आपको अगर कुछ दिनों से खांसी-जुकाम है, तो आज हम आपको बता रहे हैं खांसी-जुकाम दूर करने का ऐसा घरेलू नुस्खा, जो आपकी शुरुआती खांसी-जुकाम को 3-4 दिनों में ठीक कर देगा। काली मिर्च खांसी मुकाम के अलावा कई अन्य बीमारियों में भी कारगर मानी जाती है। आइए, जानते हैं इसके घरेलू उपाय-
खांसी मिर्च पोषण तत्व
काली मिर्च में पैपरीन नामक तत्व पाया जाता है। यह तत्व औषधीय गुणों से भरपूर है। इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं।
काली मिर्च के कारगर उपाय
-आप सर्दी-जुकाम से परेशान हैं तो काली मिर्च को गर्म दूध में मिला कर लें।
-बार-बार जुकाम होता है, तो 15 दिन तक एक-एक काली मिर्च बढ़ाते हुए उसका सेवन करें। उसके बाद 15 दिन तक एक-एक घटाते हुए लें। इससे बार-बार होने वाली जुकाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
-कफ बनता है तो एक चम्मच शहद में 2-3 बारीक कुटी काली मिर्च के साथ एक चुटकी हल्दी मिला कर उसका सेवन करें।
-अगर आप लगातार खांसी से परेशान हैं, तो काली मिर्च के 4-5 दानों के साथ किशमिश के 15 दाने चबाने से आराम मिलेगा।
-अगर गला बैठ गया है और गले से खरखराहट भरी आवाज निकल रही है तो काली मिर्च को घी व मिश्री के साथ मिला कर खाएं। गला ठीक हो जाएगा।
-फेफड़े और सांस नलियों में संक्रमण है तो काली मिर्च और पुदीने की चाय का सेवन कर सकते हैं।
-खांसी से परेशान हैं तो काली मिर्च के पाउडर को गुड़ में मिला कर उसकी गोलियां बना कर सेवन करें। जल्दी आराम मिलेगा।
-पेट में गैस की समस्या है तो एक कप पानी में आधा नीबू का रस, आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर व आधा चम्मच काला नमक मिला कर पिएं।
-उल्टी-दस्त होने पर काली मिर्च का सेवन फायदेमंद है। इसके लिए काली मिर्च, हींग व कपूर को पांच-पांच ग्राम लेकर मिला लें। उसके बाद राई के बराबर छोटी----छोटी गोलियां बना लें। इन गोलियों का हर 3 घंटे बाद सेवन करें।
-पेट में कीड़ों की समस्या है, तो काली मिर्च को किशमिश के साथ 2-3 बार चबा कर खा जाएं। एक गिलास छाछ में थोड़ी-सा काली मिर्च का पाउडर मिला कर पीने से भी पेट के कीड़े मर जाते हैं।
-बदहजमी होने पर कटे हुए नीबू का आधा टुकड़ा लें, बीज निकाल लें। इसमें काला नमक व काली मिर्च भर कर गर्म करके चूसें।
-काली मिर्च उनके लिए भी बहुत उपयोगी है, जिनकी आंखें कमजोर हैं। काली मिर्च को पीस कर उसके पाउडर को देशी घी के साथ मिला कर खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
-दांतों में होने वाले रोग पायरिया से परेशान हैं और दांत कमजोर हैं तो काली मिर्च को नमक के साथ मिला कर दांतों पर लगाएं।
-याददाश्त कमजोर है तो काली मिर्च को शहद में मिला कर खाएं।
खाना खजाना / शौर्यपथ /आयुर्वेद में हल्दी सबसे अच्छी औषधि है। यह पूरे स्वास्थ्य को ठीक रखती है। हल्दी तीखी,कसैली और गर्म तासीर वाली होती है। कच्ची हल्दी आयुर्वेद में सदियों से प्रयोग होती आयी है। हल्दी में विटामिन सी, विटामिन ई, आयरन, जिंक सहित ढेरों पोषक तत्व मौजूद हैं, जो हल्दी को हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाते हैं।
हल्दी का उपयोग सभी दोषों से मुक्ति के लिए किया जा सकता है
पाचन में मदद करती है, आंत की संतुलन को बनाए रखती है, गैस को कम करती है, इसमें टॉनिक गुण होते हैं और यह एक एंटीबायोटिक है।
हल्दी का उपयोग खांसी, कफ, मधुमेह, बवासीर, घाव में जलन और त्वचा की समस्याओं के लिए किया जा सकता है। यह चिंता और तनाव को कम करने में भी मदद करता है।
इसको आहार में शामिल करने का आसान तरीका है हल्दी का अचार। इसे बनाना आसान है और ये बहुत स्वादिष्ट लगता है। आइये जानते हैं इसे कैसे बनाना है।
हल्दी के अचार के लिए आपको चाहिए ये सामग्री
1 कप कच्ची ताजी हल्दी की जड़ें
3 चम्मच सरसों तेल
1 चम्मच काली सरसों
एक चुटकी हींग
1 चम्मच अचार मसाला पाउडर
2 चुटकी नमक
4 चम्मच नींबू का रस
अब जानिए हल्दी का अचार बनाने की विधि
हल्दी की जड़ और अचार मसाला पाउडर ज्यादातर भारतीय किराने की दुकानों से उपलब्ध हैं। हल्दी की जड़ थोड़ी अदरक की तरह ही लगती है, लेकिन महीने छिलकों के नीचे यह शानदार पीले रंग की होती है।
हल्दी की जड़ों को धोकर अच्छी तरह सुखा लें। छीलकर लम्बा-लम्बा काट लें।
तेल गरम करें और सरसों के बीज डालें और चिटका दें। इसे ठंडा करें और कटी हुई हल्दी के ऊपर डालें।
अब इसमें अचार मसाला पाउडर, नींबू का रस और नमक मिलाएं। अच्छी तरह से हिलाएं।
कांच के एयर टाइट बर्तन में रखें और रेफ्रिजरेटर में स्टोर करें।
ये अचार 1 महीने तक फ्रेश रहता है, बस इसमें पानी की एक बूंद भी नहीं जानी चाहिए। पानी अचार खराब कर देगा। भोजन के साथ इस अचार को कम मात्रा में खाएं।
कच्ची हल्दी स्वास्थ्य लाभ जानना भी है जरूरी
1. कैंसर से लड़ने में सक्षम है
आयुर्वेद में हल्दी को औषधि के रूप में इस्तेमाल करने का बड़ा कारण है हल्दी में मौजूद एन्टी कैंसर कंपाउंड। इटली के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में 2016 में हुए एक शोध में यह पुष्टि हुई कि कच्ची हल्दी का सेवन न केवल कैंसर होने की सम्भावना को कम करता है, बल्कि बैड रेडिएशन से होने वाले ट्यूमर को भी खत्म करने में असरदार है।
2. एक्ने से छुटकारा दिलाने में है मददगार
यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के डर्मेटोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट के एक शोध के अनुसार हल्दी को चेहरे पर पैक के रूप में प्रयोग करने से एक्ने से राहत मिलती है। हल्दी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर, आपकी त्वचा को साफ करती हैं।
3. गले की सभी समस्याओं को दूर करती है
पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ पैथोलॉजी के अनुसार हल्दी गले के इन्फेक्शन से राहत पहुंचाने में कारगर है। गर्म पानी में आधा चम्मच नमक और आधा चम्मच हल्दी मिलाकर गरारे करने से गले की ख़राश और दर्द में तुरंत आराम मिलता है।
4. वजन कम करने में सहायक है
जर्नल ऑफ न्यूट्रिशनल बायो केमेस्ट्री में प्रकाशित लेख के मुताबिक कच्ची हल्दी वजन कम करने में मददगार होती है। एक चम्मच हल्दी को एक गिलास गर्म पानी मे घोल कर उसे हल्का ठंडा होने पर पिएं। हल्दी मेटबॉलिज्म को तेज करती है जिसके कारण वजन कम होता है।
5. इम्यूनिटी बूस्टर भी है हल्दी
क्या आप जानते हैं कि हल्दी आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सक्षम है। हल्दी के इन्हीं गुणों के कारण आयुर्वेद में मुख्य रूप से इसका इस्तेमाल किया जाता है। सर्दियों में आप दूध में हल्दी डाल कर सेवन कर सकते हैं। सर्दी-जुखाम से बचने के लिए हर रात सोने से पहले इसका सेवन करना चाहिए।
उम्मीद है आप इस आसान रेसिपी को ट्राई करेंगी और कच्ची हल्दी के फायदे लेंगी।
खाना खजाना /शौर्यपथ /सोया चाप प्रोटीन का अच्छा ऑप्शन है. वहीं, वेजिटेरियन लोगों के लिए यह नॉनवेज से कम नहीं है। चाप को कई तरह से बनाया जाता है। आप चाप ग्रेवी, मसाला चाप, मलाई चाप, तंदूरी चाप कोई भी डिश ट्राई कर सकते हैं। आज हम आपको बनाना सिखा रहे हैं तंदूरी मलाई चाप-
सामग्री :
सोया चाप-6 स्टिक
अदरक लहसुन पेस्ट-1 बड़ा चम्मच
शिमला मिर्च-1
दही-आधा कप
मलाई-2 बड़ी चम्मीच
कद्दूकस पनीर - 1/4 कप
बारीक कटी लाल मिर्च- 4
तेल-दो बड़ा चम्मच
नमक-स्वादानुसार कसूरी मेथी- 1 छोटा चम्म च
तंदूरी मसाला- 1 छोटा चम्मच
गरम मसाला- 1 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर-1/2 छोटा चम्मच
सजावट के लिए- धनियापत्ती बारीक कटी
स्लाइस में कटे प्याज
नींबू- आधा
विधि :
तंदूरी मलाई चाप बनाने के लिए सबसे पहले सोया चाप को स्टिक निकाल लें। अब इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर एक बाउल में रख लें। इसके बाद दही, अदरक -लहसुन पेस्ट, कसूरी मेथी और नमक मिलाकर इसे चाप पर अच्छेक से लगाकर, इसे मेरिनेट होने के लिए 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें।
तब तक शिमला मिर्च को गैस की आंच पर चारों तरफ से सेक लें, जैसे आप गैस पर बैंगन को भूनते हैं। इसे सेंकने के बाद कुछ देर ठंडा होने के लिए रखें। जब यह ठंडा हो जाए, हाथों से इसकी जली परत को छुड़ा लें। इसके बाद पकी हुए शिमला मिर्च और हरी मिर्च को एक साथ पीस लें।
इसके बाद मेरिनेट किए सोया चाप में शिमला मिर्च पेस्ट, मलाई दही, पनीर, नमक, तंदूरी मसाला, गरम मसाला और लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छे से मिला लें। मिलाने के बाद इसे दोबारा 15 से 20 मिनट के लिए रख दें। फिर मीडियम आंच पर एक पैन में में तेल गरम करें। तेल गरम होने के बाद इसमें सोया चाप डालकर 7-8 मिनट तक पकाएं।
आंच धीमी करके इसे कुछ देर अच्छे से पकने दें। जब यह पक जाए तो आंच बंद कर दें और एक प्लेट में निकाल लें। फिर और धनिया पत्ती से गार्निश करें। आपकी तंदूरी मलाई चाप तैयार है आप इसे शिमला मिर्च, स्लामइस में कटे प्याधज और हरी चटनी और नींबू के साथ सर्व करें।
धर्म संसार /शौर्यपथ / मार्गशीर्ष मास में शुक्लपक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। ऐसा कहाजाता है कि इस दिन ही कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश दिया था। इसलिए इस दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है। इसलिए मोक्ष की प्राप्ति के लिए इस व्रत को सबसे पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन से गीता-पाठ का अनुष्ठान प्रारंभ करें।कहा जाता है कि इस व्रत को रखना वाला जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर मुक्ति प्रदान कर समस्त कामनाओं को पूर्ण करता है।
मोक्षदा एकादशी व्रत मुहूर्त-
एकादशी तिथि प्रारंभ- 24 दिसंबर की रात 11 बजकर 17 मिनट से
एकादशी तिथि समाप्त- 25 दिसंबर को देर रात 1 बजकर 54 मिनट तक
व्रत में इन बातों का ध्यान रखें।
पूजा में तुलसी के पत्तों को अवश्य शामिल करें।
सुबह स्नान करके भगवान को गंगागल से स्नान कराएं।
भगवान को रोली, चंदन, अक्षत आदि अर्पित करें।
रात्रि में भगवान श्रीहरि का भजन-कीर्तन करें।
द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा देकर विदा करें।
मोक्षदा एकादशी से एक दिन पहले दशमी के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए
शिक्षा /शौर्यपथ / विदुर नीति में विदुर जी के विचारों को बताया गया है। विदुर जी को बुद्धिजीवी मानते हैं। इसलिए आज भी लोग उनके विचारों को अपनाते और मानते हैं। विदुर नीति में ऐसे लोगों के बारे में भी बताया गया है कि जिनके घर में कभी बरकत नहीं आती है। कहा जाता है कि इन लोगों पर मां लक्ष्मी कभी अपनी कृपा नहीं बरसाती हैं। विदुर नीति के अनुसार, ऐसे लोगों का सारा जीवन धन के अभाव में गुजरता है।
1. साफ-सफाई का करने वाले लोग- मान्यता है कि जिन लोगों के घर में साफ-सफाई का ध्यान नहीं दिया जाता है। उनके घर में मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है। कहते हैं कि गंदगी के कारण ऐसे लोगों के घर में बरकत नहीं होती है। इसलिए घर में हमेशा साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
2. पूजा-पाठ- कहते हैं कि जिस घर में पूजा-पाठ होता है, उस घर में पॉजिटिव ऊर्जा हमेशा बनी रहती है।मान्यता है कि घर में पूजा-पाठ करने से मां लक्ष्मी का वास होता है। कहा जाता है कि देवी लक्ष्मी ऐसे घरों में सदैव वास करती है। जिससे घर में सुख-समृद्धि हमेशा बनी रहती है।
3. बड़े-बुजुर्गों का सम्मान- विदुर नीति के अनुसार, जिस घर में बड़े-बुजुर्गों का सम्मान होता है, उस घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। कहते हैं कि जो लोग अपने बुजुर्गों को अपमान करते हैं और अपशब्द बोलते हैं। उन घरों मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जिस घर में बुजुर्ग खुश रहते हैं, वहां मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है।
4. शब्दों का संभलकर करें इस्तेमाल- विदुर नीति के अनुसार, जो लोग शब्दों का चुनाव संभलकर करते हैं। उस घर में मां लक्ष्मी अपना आशीर्वाद हमेशा बनाए रखती हैं। विदुर जी कहते हैं कि जो लोग बिना सोचे-समझे अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें मां लक्ष्मी का आशीर्वाद कभी प्राप्त नहीं होता है।
खेल /शौर्यपथ / भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 26 दिसंबर (बॉक्सिंग डे) से चार मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर खेला जाना है। इस मैच से एक दिन पहले ही टीम इंडिया ने अपने प्लेइंग XI का ऐलान कर दिया है। टीम इंडिया की ओर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शुभमन गिल और मोहम्मद सिराज अपना डेब्यू टेस्ट मैच खेलेंगे। एडिलेड में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया को आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। मैच की दूसरी पारी में टीम इंडिया महज 36 रन ही बना सकी थी, जिसके बाद से पृथ्वी शॉ और ऋद्धिमान साहा का प्लेइंग इलेवन से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा था, इसके अलावा कप्तान विराट कोहली पैटरनिटी लीव पर स्वदेश लौट गए हैं और वहीं तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी चोट के चलते सीरीज के बचे हुए मैचों से बाहर हो चुके हैं। चलिए एक नजर डालते हैं टीम इंडिया के प्लेइंग XI की पांच अहम बातों पर-
1- सलामी बल्लेबाज के तौर पर शुभमन करेंगे टेस्ट डेब्यूः पिछले कुछ समय से शुभमन गिल टेस्ट टीम का हिस्सा तो बने हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल होने का मौका नहीं मिला था। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शुभमन का रिकॉर्ड शानदार है, उन्होंने 23 मैचों की 38 पारियों में 68.78 की औसत से कुल 2270 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 268 है, जबकि उनके बल्ले से 7 सेंचुरी और 11 हाफसेंचुरी निकल चुकी हैं। शुभमन वनडे इंटरनैशनल में डेब्यू कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें डेब्यू टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला था। पहले टेस्ट की दोनों पारियों में पृथ्वी शॉ 0 और 4 रन बनाकर आउट हुए। शॉ पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे हैं और ऐसे में गिल को टीम में जगह मिली।
2- मोहम्मद सिराज के लिए खास होगा टेस्ट डेब्यूः ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए सिराज के पिता का निधन हुआ, लेकिन वह स्वदेश नहीं लौटे। सिराज के पिता का सपना था कि वह टीम इंडिया के लिए खेलें और टीम को जीत दिलाएं। सिराज अपने पिता के इस सपने को पूरा करना चाहते हैं और यही वजह है कि वह ऑस्ट्रेलिया दौरे से स्वदेश नहीं लौटे। सिराज ने बॉर्डर-गावस्कर सीरीज से पहले दो प्रैक्टिस मैच भी खेले और इस दौरान कुल पांच विकेट लिए। सिराज ने अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया और यही वजह है कि चोटिल शमी की जगह उन्हें नवदीप सैनी पर तरजीह दी गई।
3- ऋषभ पंत के लिए होगी अग्नि-परीक्षाः पंत ने टेस्ट करियर का शानदार आगाज किया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में सेंचुरी भी जड़ी है, लेकिन इसके बाद वह वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड में बुरी तरह फेल हुए। इसके अलावा पंत का फॉर्म लिमिटेड ओवर क्रिकेट में भी हिला हुआ नजर आया, जिसके चलते उन्हें प्लेइंग XI से बाहर किया गया। पंत ने इस टेस्ट सीरीज से पहले प्रैक्टिस मैच में सेंचुरी ठोकी थी। वहीं साहा पहले टेस्ट की दोनों पारियों में फेल हुए, जिसके चलते उन्हें बेंच पर वापस जाना पड़ा और पंत को टीम में जगह मिली। हालांकि पंत के लिए यह किसी अग्नि-परीक्षा से कम नहीं होगा।
4- पांच गेंदबाजों के साथ उतरेगा भारतः रविंद्र जडेजा की प्लेइंग XI में वापसी हुई है, जिसके साथ ही टीम इंडिया इस मैच में पांच गेंदबाजों के साथ उतरेगा। पिछले मैच में आर अश्विन, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और उमेश यादव के रूप में चार ही स्पेशलिस्ट गेंदबाज थे। जडेजा की वापसी से टीम इंडिया की बल्लेबाजी में भी गहराई आएगी और गेंदबाजी को तो मजबूती मिलेगी ही। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर जडेजा टीम इंडिया के लिए एक्स फैक्टर साबित हो सकते हैं।
5- केएल राहुल को फिर नहीं मिला मौकाः राहुल को एक बार फिर प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली है। ऐसा माना जा रहा था कि राहुल की टीम में वापसी होगी। विराट कोहली की जगह उन्हें टीम में शामिल किया जाएगा, जबकि हनुमा विहारी की जगह रविंद्र जडेजा को मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जडेजा को विराट की जगह टीम में जगह मिली, जबकि हनुमा विहारी टीम में टिके हुए हैं। केएल राहुल ने 36 टेस्ट मैचों में 34.58 की औसत से 2006 रन बनाए हैं। इसमें 5 सेंचुरी और 11 हाफसेंचुरी शामिल हैं। राहुल ने अपना आखिरी टेस्ट अगस्त 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।
दुर्ग/ कुम्हारी( शौर्यपथ) / कैवल्य पार्क में अरबिंदो चटर्जी दंपत्ति के साथ रुपयों के लेनदेन को लेकर अपने साथियों संग घर मे घुसकर मारपीट करने वाली मुख्य आरोपी पूजा सरकार को आज कुम्हारी थाना के उपनिरीक्षक जसवंत जंघेल एवं महिला कर्मियों की टीम ने रायपुर के गुढ़ियारी श्रीनगर से कुम्हारी थाना लाया गया। मामला कंपनी के पैसों के लेन देन का था। अरबिंदो चटर्जी एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं जहां से चटर्जी जी ने पूजा सरकार को 44000 का सामान अक्टूबर महीने में पूजा सरकार को दिलाया था जिसका भुगतान पूजा को 2 दिनों के भीतर करना था लेकिन सप्ताह भर बाद भी रकम का भुगतान पूजा सरकार द्वारा नही किया गया तब अरबिंदो चटर्जी ने पूजा सरकार को भुगतान के लिए फोन किया लेकिन पूजा सरकार ने फ़ोन पर बत्तमीजी करते हुए झूठे मामले में फँसाने की धमकी दी थी। फिर पूजा सरकार ने अपने 4 साथियों के साथ उनके घर घुसकर मारपीट की यहाँ तक कि अरबिंदो चटर्जी की पत्नी एवं बच्चे के साथ भी मारपीट की थी। जिसपर कुम्हारी पुलिस थाने में धारा 294,506,456,34 के तहत अपराध दर्ज किया गया था जिसमे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था वहीं मुख्य आरोपी पूजा सरकार फरार हो गयी थी। कुम्हारी थाना के उपनिरीक्षक ने जानकारी दी थी कि तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया है तथा मुख्य आरोपी पूजा सरकार फरार हो गयी है जिसे जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा। ज्ञात हो कि पिछले माह रुपये के लेन देन वाले मामले पर अरबिंदो चटर्जी उनकी पत्नी सुनीता चटर्जी एवं उनके बच्चे के साथ पूजा सरकार पिता समीर सरकार ने अपने साथी विशाल वीर्यानी, श्रेया सिंह, हेमंत कुमार संग चटर्जी परिवार के सदस्यों के साथ घर मे घुसकर तोड़फोड़ एवं मारपीट की थी जिसमे तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा था लेकिन मुख्य आरोपी पूजा सरकार फरार थी जिसे आज गुढ़ियारी श्रीनगर से कुम्हारी थाना के उपनिरीक्षक जसवंत जंघेल एवं महिला टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शौर्यपथ ख़ास / भिलाई
अवैध कब्ज़ा चाहे जैसा भी हो अवैध ही कहलाता है अवैध कब्ज़ा करने वाले गरीब हो या अमीर किन्तु कानून की नजर में सब एक बराबर होते है . भारत के संविधान में कानून अमीरी गरीबी का अंतर नहीं करती और अवैधानिक कार्य करने पर कार्यवाही का अधिकार प्रशासन को देती है ऐसा ही आपने भी किताबो में पढ़ा होगा और ऐसे ही नियमो को पढ़कर आज बड़े बड़े पद पर विद्यमान होंगे अधिकारी . ये अधिकारी चाहे पुलिस सर्विस से हो या पब्लिक सर्विस से किन्तु सभी को ज्ञात है कि कानून सबके लिए बराबर होता है और आज तक कानून की किताब में भी यही लिखा है अमीरी गरीबी के अंतर को ही मिटाने के लिए कानून की देवी के आँखों में पट्टी बंधी हुई है किन्तु अमीरी गरीबी के इस अंतर को शायद भिलाई निगम प्रशासन नहीं पाट पा रहा है . शासन के जिम्मेदार पद में आसीन निगम के आयुक्त , जोन आयुक्त आखिर किस नियम के तहत अवैध कब्ज़ा करने वाले गरीबो पर बुलडोजर के साथ पहुँच जाते है और अमीरों के साथ नोटिस का खेल शुरू हो जाता है ये समझ के परे है .
मामला है आकाश गंगा में भिलाई निगम प्रशासन के अधीन व्यावसायिक परिसर का . बता दे कि आकाश गंगा में भिलाई निगम प्रशासन के अधीन व्यावसायिक परिसर की पांच श्रृंखला ए , बी , सी , डी , ई है इन पांच व्यावसायिक परिसर में अधिकतर दुकानदारों द्वारा 80 से 100 वर्गफीट की जगह को कब्ज़ा कर रखा है जो स्पष्ट खुली आँखों से देखा जा सकता है . आकाश गंगा का यह परिसर जोन 1 के अधीन आता है किन्तु व्यवसायिक परिसर पर कार्यवाही का अधिकारी मुख्य कार्यालय के भवन शाखा के आदेश से होता है . दीपावली के पूर्व जब इस तरह के अतिक्रमण के बारे में शौर्यपथ समाचार ने आयुक्त भिलाई ऋतुराज रघुवंशी से चर्चा की तो उन्होंने इस बारे में जानकारी माँगा कर अवैध होने की जाँच कर कार्यवाही की बात कही . आयुक्त महोदय ने जाँच और कार्यवाही के लिए पत्र भी लिखा और जोन एक के आयुक्त सुनील अग्रहरी ने सम्बंधित विभाग को भी भेजा किन्तु एक बार फिर खाना पूर्ति की कार्यवाही को अंजाम देकर निगम प्रशासन अपने दयितावो से मुक्त होता दिख रहा है जबकि वर्तमान में भी संचालको द्वारा निगम के व्यावसायिक परिसर में आम जनता के चलने के लिए बने बरामदे पर पुर्णत: कब्ज़ा जमाये हुए है किसी ने कच्चा तो किसी ने पक्का निर्माण कर लिया किन्तु शायद ये कब्ज़ा जोन आयुक्त अग्रहरी को नहीं दिखा या फिर आयुक्त रघुवंशी को ये तो वही बता सकते है किन्तु कब्ज़ा आज भी अपनी जगह यथार्थ है और निगम प्रशासन की कार्यशैली आज भी आम जनता के सामने .
आखिर आम जनता अतिक्रमण पर भेदभाव कब तक अपनी आँखों से देखेगा क्या निगम में ऐसा कोई अधिकारी नहीं आएगा जो इन जैसे अतिक्रमणकारियों पर कार्यवाही करे . आज से कुछ साल पहले इसी भिलाई निगम के एक आयुक्त द्वारा आकाश गंगा में निगम के अधीन व्यावसायिक परिसर से अवैध अतिक्रमण कारियों को हटाया था वो भी एक अधिकारी थे आज फिर भिलाई की जनता को एक ऐसे आयुक्त की तलाश है जो कार्यवाही कागजो में नहीं जमीन में करे जमीनी स्तर पर करे ...
गोधन योजना से सृजित हो रहे हैं रोजगार के नए अवसर : किसान बढ़ रहे हैं जैविक खेती की ओर
मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना की 10वीं किश्त में गोबर विक्रेताओं के खातों में अंतरित की 5.12 करोड़ रूपए की राशि
गोधन न्याय योजना में अब तक 1.40 लाख गोबर विक्रेताओं को 64.20 करोड़ रूपए का भुगतान
गौठानों में किसानों ने किया 5 करोड़ रूपए मूल्य का पैरादान
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश सरकार की गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में गोबर खरीदी की 10वीं किश्त की राशि के रूप में 5 करोड़ 12 लाख रूपए की राशि गौपालकों के खाते में अंतरित की। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1 लाख 40 हजार से अधिक पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं।
विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक गौपालकों को 64 करोड़ 20 लाख रूपए की राशि दी जा चुकी है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में परिवर्तन आ रहा है। रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और किसान जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। गोधन न्याय योजना में गोबर खरीदी के साथ-साथ हजारों ग्रामीण महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन का कार्य कर रही है। वर्मी कम्पोस्ट की विक्रय दर 8 रूपए प्रति किलो से बढ़ाकर 10 रूपए प्रति किलो कर दी गई है। इस योजना से नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। जो किसान वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग कर रहे हैं, वे जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। श्री बघेल ने कहा कि जैविक खेती में उत्पादित होने वाले अनाज और फलों की कीमत डेढ़ से दोगुनी बढ़ जाती है। इससे किसानों की आय में भी अच्छी खासी वृद्धि होगी। उन्होंने गोधन योजना से जुड़े सभी हितग्राहियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे और कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता उपस्थित थीं।
कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. गीता ने बताया कि प्रदेश में 7 हजार 824 गौठान स्वीकृत किए गए हैं। जिनमें से 4 हजार 704 गौठान पूरे हो गए हैं। इनमें से 4 हजार 173 गौठान सक्रिय हैं। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक 32 लाख 10 हजार क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। गोबर से गौठानों में तैयार की गई 8 हजार 50 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट की अब तक बिक्री की जा चुकी है। गौठानों में किसानों ने लगभग 5 करोड़ रूपए मूल्य का पैरा दान किया है। गौठानों में पशु के चारा के रूप में अजोला का उत्पादन किया जा रहा है। जिसमें लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। उन्होंने बताया कि गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण के लिए 78 हजार 47 वर्मी टांका स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से 54 हजार 241 वर्मी टांका पूर्ण हो गए हैं और 16 हजार 810 वर्मी टांका का निर्माण प्रगति पर है। डॉ. गीता ने बताया कि रायपुर की दो प्रयोगशालाओं सहित दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर और रायगढ़ की एक-एक प्रयोगशाला में वर्मी कम्पोस्ट के नमूनों की जांच की जा रही है। अब तक 1,006 नमूनों का विश्लेषण किया जा चुका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों में 47.5 प्रतिशत हितग्राही अन्य पिछड़ा वर्ग के, 44 प्रतिशत हितग्राही महिलाएं और 41 प्रतिशत हितग्राही अनुसूचित जनजाति वर्ग और 7.80 प्रतिशत हितग्राही अनुसूचित जाति वर्ग के हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
