August 04, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य द्वारा बताया गया है कि कोरोना संक्रमण से सुरक्षा और बचाव के मद्देनजर मंगलवार 22 सितंबर से धमतरी जिले के सभी नगरीय निकायों के सभी वार्डों को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। उन्होंने आज व्यापारी संघों के प्रतिनिधि मंडल से कोविड 19 के संक्रमण और उससे बचाव के संबंध में विस्तार से चर्चा की तथा कंटेनमेंट जोन में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए रूप-रेखा भी तैयार की। उन्होंने बताया कि मंगलवार से सभी वार्डों को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा, लेकिन इससे पहले नगरीय निकाय के अमले को इस संबंध में लोगों को जानकारी देना आवश्यक होगा, जिससे कि लोगों को बेवजह तकलीफ नहीं हो।
         बैठक में कलेक्टर ने बताया कि इन कंटेनमेंट जोन में कोई भी किराना, सब्जी, फल की दुकान खोली नहीं जाएंगी, किन्तु अत्यावश्यक सेवाओं संबंधी संस्थान/कार्यालय, अस्पताल, नर्सिंग होम, खुली रहेंगी। गैस एजेंसी अपने निर्धारित अवधि में खुला रहेगा तथा मेडिकल, पेट्रोल पम्प चैबीसों घंटे खुले रहेंगे। दूध के लिए सुबह 6 से सुबह 10 बजे का समय तय किया गया है। इसके साथ ही जिले के सभी पर्यटन स्थल, चाहे वह नगरीय निकाय अथवा ग्रामीण क्षेत्र में हो, वे भी इन दस दिनों में बंद रहेंगे। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधि मंडल से कलेक्टर ने अपेक्षा की कि वे इन दस दिनों में लोगों में कोविड 19 के संबंध में जागरूकता लाने का काम करेंगे, जिसमें सामाजिक दूरी, मास्क पहनना तथा सेनिटाईजेशन की महत्ता लोगों को समझाई जाएगी। प्रतिनिधि मंडल ने भी सहमति जताई कि वे व्यापारियों तथा लोगों में जागरूकता लाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। यदि इन दस दिनों के बाद जब पुनः सभी व्यापार शुरू होगा और व्यापारी कोविड 19 का प्रोटोकाॅल का पालन नहीं करते हैं, तो व्यापारी संघ स्वयं संज्ञान में लेकर उन पर उचित कार्रवाई करेगा।
        इसके अलावा नगरीय निकाय के अमले को भी कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि वे कंटेनमेंट जोन अवधि के दौरान नगरीय निकायों का सेनिटाईजेशन करा लें। उन्होंने बैठक के अंत में जिलेवासियों से अपील की कि वे अनावश्यक घरों से नहीं निकलें तथा जब भी किसी काम से बाहर जाएं, तो मास्क का उपयोग जरूर करें और सामाजिक दूरी का भी पालन कर कोविड 19 से स्वयं और अपने परिवार का बचाव करें। बैठक में शरद लोहाना,महेश रोहरा, नरेन्द्र रोहरा, महेश जसूजा, हरि वाधवानी, विजय गोलछा इत्यादि उपस्थित रहे।

    रायपुर / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ एस. भारतीदासन ने दण्ड प्रकिया संहिता, 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30, 34 सहपठित एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट, 1897 यथासंशोधित 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 1973 की धारा 144 सम्पूर्ण जिले में 21सितम्बर रात्रि 9 बजे से 28 सितम्बर के रात्रि 12 बजे तक तथा रायपुर जिला अन्तर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है।
    कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि रायपुर जिले में आज दिनांक तक 26000 से अधिक कोरोना वायरस (कोविड-19) पॉजिटिव मरीजों की पहचान हो चुकी है तथा प्रतिदिन लगभग 900-1000 पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम हेतु लगातार प्रयासो के बावजूद कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसी दशा में कोरोना वायरस की रोकथाम एवं चेन को तोड़ने हेतु संपूर्ण रायपुर जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाना आवश्यक हो गया है।
    जिले की सभी सीमाएं 21से 28 सितम्बर के रात्रि 12 बजे तक पूर्णतः सील
    जारी किए गए आदेश के अनुसार रायपुर जिले की सभी सीमाएं 21सितम्बर रात्रि 9 बजे से 28 सितम्बर के रात्रि 12 बजे की अवधि तक पूर्णतः सील रहेगी। इस अवधि में केवल मेडिकल दुकानों को अपने निर्धारित समय में खोलने की अनुमति होगी। मरीज एवं मेडिकल दुकान संचालक दवाओं की होम डिलीवरी व्यवस्था को प्राथमिकता दिया जाएगा। पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा केवल शासकीय वाहनों व शासकीय कार्य में प्रयुक्त वाहन, मेडिकल इमरजेन्सी से संबंधित निजी वाहन, एम्बुलेंस तथा एल.पी.जी. परिवहन कार्य में प्रयुक्त वाहनों को ही पी.ओ.एल. प्रदान किया जाएगा। अन्य सभी वाहनों हेतु पी.ओ.एल. प्रदान करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। दुग्ध पार्लर व वितरण की समयावधि सुबह 6 बजे से सुबह 8 बजे तक एवं शाम 5 बजे से शाम 6.30 बजे तक ही होगी। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि दुग्ध व्यवसाय हेतु कोई भी दुकान या पार्लर नही खोले जायेंगे। केवल दुकान या पार्लर के सामने फिजिकल डिस्टेंसिग एवं मास्क संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए उपरोक्त समयावधि में केवल दुग्ध विक्रय की अनुमति होगी। पैट शॉप एक्वेरियम को केवल पशुओं को पशुचारा देने हेतु सुबह 6 बजे से सुबह 8 बजे तक एवं शाम 5 बजे से शाम 6.30 बजे तक दुकान खोलने की अनुमति होगी।
    एल.पी.जी. गैस सिलेन्डर की एजेसिंयाँ केवल टेलीफोनिक या ऑनलाइन ऑर्डर लेंगे तथा ग्राहकों को सिलेन्डरों की घर पहुँच सेवा उपलब्ध करायेगें। औद्योगिक संस्थानों एवं निर्माण इकाईयों को अपने कैम्पस के भीतर मजदूरों को रखकर व अन्य आवश्यक व्यवस्था करते हुये उद्योगों के संचालन व निर्माण कार्यो की अनुमति होगी। इस अवधि के दौरान सम्पूर्ण जिला अन्तर्गत संचालित समस्त शराब दुकाने बंद रहेगी। सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे।
    केन्द्रीय,शासकीय,अर्द्धशासकीय एवं निजी कार्यालय रहेगें बंद
    इस अवधि में रायपुर जिला अन्तर्गत सभी केन्द्रीय,शासकीय,अर्द्धशासकीय एवं निजी कार्यालय बंद रहेगें। सभी प्रकार की सभा, जुलुस, आयोजन आदि प्रतिबंधित रहेगें। होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड पॉजिटिव मरीजों को भोजन की समस्या उत्पन्न होने पर कोविड केयर सेंटर आवश्यकतानुसार भेजा जाएगा। आपात स्थिति में 0771-2445785 और 0771-4320202 नंबरों में आवश्यकतानुसार संपर्क किया जा सकता है।
    कोरोना संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए गठित विभिन्न दलों में शामिल अधिकारी-कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य
    आदेश का उल्लंघन करने वाले पर भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार होगी कड़ी कार्यवाही
    कोविड संक्रमण के रोकथाम हेतु जिले में समस्त कार्य जैसे कांटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, होम आइसोलेसन, दवाई वितरण आदि पूर्वानुसार चलते रहेगें। इन कार्य में संलग्न सभी शासकीय कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्वानुसार अनिवार्य होगी। कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के परिवहन में संलग्न वाहन पूर्वानुसार संचालित रहेगें। अपरिहार्य परिस्थितियों में रायपुर जिले से अन्यत्र जाने वाले यात्रियों को ई-पास के माध्यम से पूर्व अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा। आपात स्थिति में यात्रा के दौरान 04 पहिया वाहनों में ड्राइवर सहित अधिकतम 03 एवं दो पहिया वाहन में केवल 02 व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति होगी। इस निर्देश का उल्लंघन किए जाने पर 15 दिवस हेतु वाहन जप्त करते हुये चालानी व अन्य कानूनी कार्यवाही की जाएगी। मीडिया कर्मी यथासंभव वर्क फ्रॉम होम द्वारा कार्य संपादित करेगें। अत्यावश्यक स्थिति में कार्य हेतु बाहर निकलने पर अपना आई-कार्ड साथ रखेगें तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क संबंधी निर्देशा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। केवल 20 सितम्बर दिन रविवार हेतु पूर्व में जारी सम्पूर्ण लॉकडाउन का आदेश शिथिल किया गया है तथा अन्य दिनों की भांति व्यावसायिक व अन्य गतिविधियों के संचालन की अनुमति होगी। यह आदेश कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक (शहर/ग्रामीण), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना एवं पुलिस चैंकी पर लागू नही होगा। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी, बिजली, पेयजल आपूर्ति एवं नगरपालिका सेवायें जिसमें सफाई, सीवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल इत्यादि भी शामिल है तथा अग्निशमन सेवाएं प्रदान करने वाले शासकीय कार्यालयों में उपरोक्त अवधि में आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। उपर्युक्त बिन्दुओं को छोड़कर जिले में समस्त गतिविधियाँ पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठानों पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

    जगदलपुर / शौर्यपथ / खरीफ फसलों की गिरदावरी के संबंध में किसी भी प्रकार की दावा आपत्ति 28 सितंबर तक की जा सकती है। राजस्व विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन द्वारा दिये गए निर्देशों के अनुसार जिले की समस्त भूमि के संबंध में भूमि स्वामी का नाम, क्षेत्रफल और उस पर ली गई फसल का विवरण खसरा के साथ ही विभागीय वेबसाइट में दर्ज किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व विभाग की वेबसाइट https://revenue.cg.nic.in/bhuiyanreport  में देखा जा सकता है। ग्रामवार और भूस्वामीवार फसल क्षेत्राच्छादन की जानकारी ग्राम पंचायत भवन या ग्राम के प्रमुख स्थानों में चस्पा की जाएगी। प्रविष्टि के संबंध में किसी भी प्रकार की दावा आपत्ति 28 सितंबर तक तहसील कार्यालय में प्रस्तुत की जा सकती है। दावा आपत्ति के निराकरण के बाद 14 अक्टूबर तक फसल क्षेत्राच्छादन का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा

    अम्बिकापुर / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजीव कुमार झा के द्वारा जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए कोरोना वायरस की रोकथाम एवं चेन को तोड़ने हेतु नगर पालिक निगम अम्बिकापुर के सम्पूर्ण क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। कंटेनमेंट जोन में 21 सितम्बर रात्रि 9 बजे से 28 सितम्बर रात्रि 12 बजे तक की अवधि में दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 लागू रहेगी। जारी आदेशानुसार उपरोक्त दर्शित अवधि में सरगुजा जिले की सभी सीमाएं पूर्णतः सील रहेगी। उपरोक्त अवधि में केवल मेडिकल दुकानों को अपने निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी। मरीज एवं मेडिकल दुकान संचालन दवाओं की होम डिलिवरी व्यवस्था को प्राथमिकता देंगे। पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा केवल शासकीय वाहनों व शासकीय कार्य में प्रयुक्त वाहन, मेडिकल इमरजेन्सी से संबंधित निजी वाहन एवं एम्बुलेंस तथा एल.पी.जी परिवहन कार्य में प्रयुक्त वाहनों को ही पी.ओ.एल. प्रदान किया जाएगा। अन्य सभी वाहनों हेतु पी.ओ.एल. प्रदान करना पर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
    दुग्ध पार्लर व वितरण की समयावधि प्रातः 6 बजे से प्रातः 8 बजे तक एवं संध्या 5 बजे से शाम 7 बजे तक ही होगी। साथ ही यह स्पष्ट किया जाता है कि दुग्ध व्यवसाय हेतु कोई भी दुकान एवं पार्लर नही खोले जायेंगे। केवल दुकान एवं पार्लर के सामने फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए उपरोक्त समयावधि में केवल दुग्ध विक्रय की अनुमति होगी। पैट शॉप एवं एक्वेरियम को केवल पशुओं को पशुचारा देने हेतु प्रातः 6 बजे से प्रातः 8 बजे तक एवं संध्या 5 बजे से 6ः30 बजे तक शॉप खोलने की अनुमति होगी। एल.पी.जी. गैस सिलेन्डर की एजेसिंयों केवल टेलीफोनिक या ऑनलाईन ऑर्डर लेंगे तथा ग्राहकों को सिलेन्डरों की घर पहुंच सेवा उपलब्ध करायेंगे। औद्योगिक संस्थानों एवं निर्माण इकाईयों को अपने कैम्पस के भीतर मजदूरों को रखकर व अन्य आवश्यक व्यवस्था करते हुए उद्योगों के संचालन व निर्माण कार्यों की अनुमति होगी। उक्त अवधि के दौरान सम्पूर्ण नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत संचालित समस्त शराब दुकाने बंद रहेंगी।
    सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे। उपरोक्त अवधि में नगर निगम अम्बिकापुर क्षेत्र अन्तर्गत सभी केन्द्रीय, शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी कार्यालय बंद रहेगें। सभी प्रकार की सभी, जुलूस, आयोजन आदि प्रतिबंधित रहेगें। होम आईसोलेशन में रह रहे कोविड़ पॉजिटिव मरीजों को भोजन की समस्या उत्पन्न होने पर कोविड़ केयर सेंटर आवश्यकतानुसार भेजा जाएगा। आपात स्थिति में मोबाइल नंबर 7999647868, 9770527199, 9340764699, 9340711176 में आवश्यकतानुसार सम्पर्क किया जा सकता है। कोविड़ संक्रमण के रोकथाम हेतु नगर निगम। अम्बिकापुर में समस्त कार्य जैसे कांटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, होम आइसोलेशन, दवाई, वितरण आदि पूर्वानुसार चलने रहेंगे। इन कार्य में संलग्न सभी शासकीय कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्वानुसार अनिवार्य होगी। कोविड केयर सेन्टर से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के परिवहन में संलग्न वाहन पूर्वानुसार पूर्वानुसार संचालित रहेंगे। अपरिहर्य परिस्थितियों में नगर निगम अम्बिकापुर से अन्यत्र जाने वाले यात्रियों को ई-पास के माध्यम से पूर्व अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा।
    आपात स्थिति में यात्रा के दौरान 04 पहिया वाहनों में ड्राईवर सहित अधिकतम 3 एवं दो पहिया वाहन में केवल 2 व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति होगी। इस निर्देश का उपल्लंघन किए जाने पर 15 दिवस हेतु वाहन जप्त करते हुए चालानी व अन्य कानूनी कार्यवाही की जाएगी। मीडिया कर्मी यथासंभव वर्क फ्राम होम द्वारा कार्य संपादित करेगें। अत्यावश्यक स्थिति में कार्य हेतु बाहर निकलने पर अपना आई-कार्ड साथ रखेगें तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगें। यह आदेश पुलिस महानिरीक्षक कार्यालु, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना एवं पुलिस चौंकी पर लागू नही होगा। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी, बिजली, पेयजल आपूर्ति एवं नरगपालिका सेवाएं जिसमें सफाई, सिवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल इत्यादि भी शामिल है तथा अग्निशमन सेवाएं। इन शासकीय कार्यालयों में उपरोक्त अवधि में आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

    रायपुर / शौर्यपथ / “आप टेंशन मत लो। आप जैसा सोचोगे वैसा आपके साथ होगा। आराम से फ्री-माइंड होकर इन्जॉय करो। जल्द ही आप घर चले जाओगे। आपका दस दिन कम्प्लिट... और फिर आप घर पर नजर आओगे।” पढ़ने-सुनने में यह किसी मनोचिकित्सक और उसके मरीज के बीच की बातचीत लगती है। पर दरअसल यह एक अस्पताल कर्मचारी और कोरोना संक्रमित मरीज के बीच की बातचीत है। प्रदेश के कोविड अस्पतालों में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अस्पताल प्रशासन द्वारा सौंपे गए दायित्वों को पूर्ण करने के साथ ही वहां इलाज करा रहे मरीजों की हौसला अफजाई और मनोबल बढ़ाने का भी काम कर रहे हैं।
    ऊपर जिक्र में आया बातचीत माना कोविड अस्पताल में वार्डब्वॉय का काम करने वाले चंद्रशेखर और वहां इलाज करा रहे कोविड-19 के मरीज के बीच की है। प्रदेश के कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों को कोरोनामुक्त करने में डॉक्टरों और नर्सों के साथ वहां का पूरा अमला लगा हुआ है। अपने कार्यालयीन दायित्वों के साथ ही वे हर स्तर पर मरीजों की सहायता कर रहे हैं। चाहे उनकी जरूरत का समान उन तक पहुंचाना हो, उनकी सेहत का हाल-चाल जानना हो, वक्त पर उनके खाने-पीने की व्यवस्था को अंजाम देना हो या कोरोना से परेशान होकर हौसला खो रहे मरीजों का मनोबल बढ़ाना हो, वे हर जरूरत पर वहां मौजूद हैं।

    कोरोना को मात देकर माना कोविड अस्पताल से आज ही घर लौटीं सुश्री अंकिता शर्मा कहती हैं – “अस्पताल में एक समय मैं सोचती थी कि घर कब पहुंचुंगी ! अकेलेपन के कारण मन में कई तरह के ख्याल आ रहे थे। नींद उड़ चुकी थी। मानसिक दुर्बलता के उस दौर में चंद्रशेखर की बातों ने अपनापन दिया, आत्मबल दिया।” चंद्रशेखर ने अंकिता की मनःस्थिति को भांप कर अपनी बातों से उसे हिम्मत बंधाई, सकारात्मकता दी। तनावमुक्त रहने कहा और जल्दी ही स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद भी जगाई। अंकिता चंद्रशेखर को धन्यवाद देते हुए कहती है कि उसने गैरों के बीच छोटे भाई की तरह मुझे अपनेपन का अहसास कराया।

    पिछले कुछ महीनों से माना कोविड अस्पताल में काम कर रहे श्री चंद्रशेखर कहते हैं कि यहां मरीजों की मदद कर संतोष महसूस होता है। अस्पताल द्वारा दिए गए काम को पूरा करने के साथ ही वे जब किसी मरीज को निराश, हताश या हौसला खोते हुए देखते हैं, तो वे अपनी बातों से उनका मनोबल बढ़ाते हैं। वे कहते हैं – “पहले मुझे भी यहां डर लगता था। लेकिन अब नहीं लगता है। बीमारी और मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों की सहायता करना अच्छा लगता है। हमारी बातों से किसी का मनोबल बढ़ता है, चिंता दूर होती है या मरीज के मन में सब कुछ ठीक हो जाने का भरोसा जगता है, तो इससे संतुष्टि मिलती है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा विधानसभा उप चुनाव 2020 (24-मरवाही) की तैयारियों तथा सुगम संचालन के लिए 20 और 21 सितम्बर को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है । यह प्रशिक्षण पूर्वान्ह 11 बजे से आयोजित होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम लाभांडी रायपुर स्थित कोटयार्ड बाइ मैरियट होटल में आयोजित है। इसमें कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारी और अन्य 7 अधिकारी शामिल होंगे। गौरतलब है कि यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले 21 सितम्बर से आयोजित था जो अब 20 सितम्बर से आयोजित होगा।

    ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पायलट केंद्र शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी कलेक्टरों को जारी किया परिपत्र
    मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की समीक्षा बैठक में कोरोना नियंत्रण के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक और गैर-सरकारी संगठनों की मदद लेने का दिया था सुझाव

    रायपुर / शौर्यपथ / कोविड-19 के बिना लक्षण और हल्के लक्षणों वाले मरीजों के स्थानीय स्तर पर देखभाल के लिए कोविड देखभाल केंद्र शुरू किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन के माध्यम से इन केंद्रों के संचालन में स्वयं सेवी संस्थाओं, गैर-सरकारी (NGOs) और सामाजिक संगठनों की सहायता लेगी। स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों के लिए इस तरह के पायलट सामुदायिक देखभाल केंद्र शुरू करने सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विगत दिनों कोरोना नियंत्रण के उपायों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए इसमें स्वयं सेवी, सामाजिक और गैर-सरकारी संगठनों की मदद लेने का सुझाव दिया था।
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में कलेक्टरों को जारी परिपत्र में कहा गया है कि प्रदेश में पिछलों दिनों में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में वृद्धि हुई है। कोविड-19 मरीजों के अध्ययन में यह तथ्य संज्ञान में आया है कि संक्रमित पाए गए ज्यादातर लोग लक्षणरहित हैं। लक्षणरहित मरीजो की संख्या में वृद्धि की संभावना को देखते हुए गैर-लाक्षणिक और कम लक्षण वाले धनात्मक प्रकरणों की स्थानीय स्तर पर देखभाल के लिए सामुदायिक कोविड देखभाल केन्द्र शुरू किया जाना उपयोगी होगा। ये केन्द्र स्वैच्छिक स्वास्थ्य संस्थाओं, अन्य सामाजिक संस्थाओं और जिला प्रशासन के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। इस तरह के कोविड देखभाल केन्द्रों को कोविड अस्पतालों या कोविड केयर सेन्टर्स के नजदीक स्थापित किया जाना उचित होगा, जिससे कि वहां भर्ती किसी मरीज के लक्षणों में वृद्धि या आपात स्थिति होने पर उसे तत्काल आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। कोविड देखभाल केंद्र के लिए उपयुक्त जगह के नजदीक कोविड अस्पताल या कोविड केयर सेन्टर नहीं होने पर इसे जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या उप-स्वास्थ्य केन्द्र के निकट स्थापित किया जाए। इन अस्पतालों में पदस्थ चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टॉफ जैसे आयुष चिकित्सक, दंत चिकित्सक, ग्रामीण चिकित्सा सहायक, सी.एच.ओ., नेत्र सहायक और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एम.पी.डब्लु.) द्वारा सामुदायिक कोविड देखभाल केन्द्र में रखे गए मरीजों को टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से उपचार संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
    अपर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को कहा है कि कोविड देखभाल केन्द्रों की शुरूआत जिलों में पायलट केन्द्रों के रूप में किया जाना है। इन पायलट केन्द्रों के अनुभव के आधार पर एवं कोरोना संक्रमण के फैलाव के अनुसार इनका विस्तार जिलों के अन्य नगरीय क्षेत्रों एवं विकासखण्डों में किया जा सकता है। उन्होंने परिपत्र में कहा है कि पायलट केन्द्रों के क्रियान्वयन के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जाए जहां उपयुक्त स्वैच्छिक स्वास्थ्य संस्थाएं तथा अन्य समाज सेवी संस्थाएं उपलब्ध हैं, और जहां स्थानीय समुदाय शहरी या ग्रामीण कोविड देखभाल केन्द्र के क्रियान्वयन के लिए सहमत हैं। कोविड देखभाल केन्द्र के लिए भवन के चयन में बड़े भवन को प्राथमिकता दी जाए, ताकि एक ही स्थान पर ज्यादा मरीजों सेवा प्रदान की जा सके। जिला प्रशासन, नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों द्वारा कुछ समय पहले स्थानीय स्तर पर क्वारेंटाइन केन्द्र संचालित किए गए थे। उन केंद्रों में से बेहतर सुविधायुक्त भवनों को कोविड देखभाल केंद्र के लिए चिन्हांकित किया जा सकता है।
    परिपत्र में सामुदायिक देखभाल केन्द्रों के संचालन के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्थाओं के दायित्वों का भी उल्लेख किया गया है। जिला प्रशासन को सामुदायिक देखभाल केन्द्रों के लिए भवन, भोजन और साफ-सफाई की व्यवस्था सी.एस.आर. या डी.एम.एफ. मद या स्वैच्छिक संस्थाओं के सहयोग से कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा सामुदायिक देखभाल केन्द्र के संचालन के लिए आवश्यक समन्वय भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल किट, टेली-कंसल्टेशन एवं आपात स्थिति में 108-शासकीय एंबुलेन्स द्वारा परिवहन की सुविधा प्रदान की जाएगी। स्वैच्छिक स्वास्थ्य संस्थाएं, गैर-सरकारी और सामाजिक संगठन सामुदायिक देखभाल केन्द्रों के संचालन में भवन, भोजन, साफ-सफाई तथा अन्य सभी जरूरी व्यवस्थाएं प्रदान कर जिला प्रशासन का सहयोग करेंगी।
    सामुदायिक देखभाल केन्द्रों की निगरानी में समुदाय की महत्वपूर्ण सहभागिता रहेगी। इसके लिए समुदाय में से जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओ, सक्रिय युवाओं आदि का चिन्हांकन किया जा सकता है। इसके लिए समुदाय को जागरुक एवं प्रेरित करने मितानिनों का सहयोग लिया जा सकता है। राज्य स्तर पर इन केंद्रों की निगरानी राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र द्वारा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी कलेक्टरों को परिपत्र में जारी निर्देशों के अनुसार पायलट प्रोजेक्ट के रुप में ग्रामीण एवं शहरी कोविड देखभाल केन्द्रों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव रेडियो पर लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर जानकारी देंगे। वे 20 सितम्बर को शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित विशेष कार्यक्रम ‘हमर ग्रामसभा’ में इसके बारे में विस्तार से बताएंगे। इस कार्यक्रम को मीडियम वेब 981 किलोहर्ट्ज पर सुना जा सकता है। प्रदेश में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्र एक साथ इस कार्यक्रम को रिले करेंगे।
    आकाशवाणी के अंबिकापुर केंद्र से छत्तीसगढ़ी और सरगुजिहा में, रायगढ़ केंद्र से छत्तीसगढ़ी और कुड़ुख में तथा जगदलपुर केंद्र से छत्तीसगढ़ी और हलबी बोली में कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा। शेष केंद्रों से छत्तीसगढ़ी में इसका प्रसारण होगा। उल्लेखनीय है कि विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और इनका लाभ उठाने लोगों को प्रेरित करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा द्वारा तैयार साप्ताहिक रेडियो कार्यक्रम ‘हमर ग्रामसभा’ का आकाशवाणी रायपुर द्वारा हर रविवार शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक प्रसारण किया जाता है।

    रायपुर / शौर्यपथ / लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के निवास कार्यालय को सात दिनों तक आम लोगों के लिए बंद रखा गया है। मंत्री निवास कार्यालय सतनाम सदन से मिली जानकारी के अनुसार आज निजी स्टॉफ के कुल 15 लोेगों के कोरोना संक्रमित होने के कारण मंत्री गुरू रूद्रकुमार सात दिनों तक आम लोगों से भेंट-मुलाकात नहीं करेंगे। इस अवधि में उनके निर्धारित सभी कार्यक्रम नहीं होंगे। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने निजी स्टॉफ के संपर्क में आने वाले सभी लोगों से राज्य सरकार द्वारा जारी गाईडलाईन का पालन करते हुए अपनी कोरोना जांच कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कार्यालयीन कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के कारण मंत्री निवास कार्यालय आमजनों के लिए सात दिन बंद रहेगा।

    रायपुर / शौर्यपथ /वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशन में वन विभाग द्वारा राज्य भर में वन अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसके तहत 14 सितम्बर से अब तक एक सप्ताह के भीतर वन मंडल रायगढ़ के अंतर्गत जांच के दौरान खामियां पाये जाने के कारण एक आरा मिल और एक फर्नीचर मार्ट को सील कर दिया गया है। इनमें आर.के. फर्नीचर एंड टिम्बर रायगढ़ तथा रायगढ़ के ही मौदहापारा रोड स्थित संजय सॉ मिल शामिल है।
    प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में वन मंडलाधिकारी रायगढ़ मनोज पांडे के निर्देशानुसार गठित टीम द्वारा आरा मिलों में पहुंचकर सघन जांच की कार्रवाई निरंतर जारी है। टीम द्वारा जांच के दौरान आरा मिलों का अवैध तरीके से संचालन होने अथवा वहां लकड़ी के अवैध लट्ठे पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस कड़ी में गत 18 सितम्बर को टीम द्वारा जांच में पाया गया कि रायगढ़ के संजय सॉ आरा मिल संचालक द्वारा बिना अनुमति के सॉ ट्रॉली स्थापित कर चलायी जा रही थी। इसको केवल आरा मशीन चलाने की अनुमति थी, ट्रॉली की नही। इसके कारण वहां बिना अनुमति चल रहे पावर सॉ मशीन तथा ट्राली को सील कर दिया गया है। संजय सॉ मिल द्वारा बिना अनुमति के सॉ ट्रॉली तथा 15 एच.पी. का मोटर लगाकर संचालन किया जा रहा था, जो अवैधानिक है। इन्हें व्यापारी का अनुज्ञप्ति प्राप्त है, लेकिन विनिर्माता का अनुज्ञप्ति नहीं होने पर भी इनके द्वारा अवैधानिक रूप से कार्य किया जा रहा था। इसी तरह संजय सॉ मिल का व्यक्तिगत हैमर वर्ष 2016 के लिए पंजीकृत थ, लेकिन इनके द्वारा नवीनीकरण न कराते हुए उक्त हैमर को अभी तक अवैधानिक रूप से उपयोग किया जा रहा था। इसके कारण संजय सॉ मिल को सील किया जाकर उसके विद्युत विच्छेद के लिए विद्युत विभाग को पत्र भेजा गया है।
    संजय सॉ मिल में अभिलेखों की जांच करने पर यह पाया गया कि उसके द्वारा आर.के. मार्ट एंड टिम्बर रायगढ़ से वनोपज का चिरान किया जाता रहा है। टीम द्वारा तब विगत दिवस आर.के. मार्ट एंड टिम्बर छातामुड़ा के आरा मिल में भी दबिश दी गई। वहां मौके पर बिना हैमर निशान के साल के 153 नग लट्ठे और बीजा के 11 नग लट्ठे कुल 23 घनमीटर के करीब अवैध काष्ठ का भंडारण पाया गया, जिसे मौके पर वन विभाग द्वारा जप्त कर उससे विक्रय काष्ठागार उर्दना में भंडारण कर दिया गया है। जप्त किए गए लकड़ी का अनुमानित मूल्य लगभग 8 लाख रूपए है। उक्त कार्रवाई में वन क्षेत्रपाल श्रीमती लीला पटेल सहित प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री राजेश्वर मिश्रा तथा श्री दीनबंधु प्रधान व श्री गोवर्धन राठौर आदि उड़नदस्ता दल के अमले का सराहनीय योगदान रहा।

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