August 04, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    रायपुर । शौर्यपथ । कोरोना का कहर प्रदेश में विकराल रूप ले रहा है दिनोदिन मरीजो की संख्या में वृद्धि हो रही वही मौत के आंकड़े भी बढ़ रहे है । प्रदेश में सबसे ज्यादा मरीज रायपुर से मिल रहे है । छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है।अब तक 73 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।आज 3189 नए मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। प्रदेश में लगातार बढ़ती संक्रमित मरीजों की संख्या चिंता जनक है। अब छत्तीसगढ़ में कुल एक्टिव मरीज 37470 हो गए हैं। आज 689 मरीज डिस्चार्ज हुए है. आज कुल नए 3189 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई है। जिला रायपुर से 717 राजनांदगांव से 398, रायगढ़ से 294, बिलासपुर से 293, दुर्ग से 282, जांजगीर चांपा से 208, बलौदाबाजार से 106, कबीरधाम से 96, कोरबा से 88, कांकेर से 80, सरगुजा से 79, बालोद से 78, महासमुंद से 75, सूरजपुर से 68, कोंडागांव से 53, गरियाबंद से 50, धमतरी से 46, बेमेतरा से 37, सुकमा से 28, कोरिया व बलरामपुर से 26-26, नारायणपुर से 23, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से 21, जशपुर से 16, मुंगेली से 01 | आज पाए गए पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती किये जाने की प्रक्रिया जारी है। छ.ग. के सभी जिलों से आज प्राप्त जानकारी के अनुसार होम आईसोलेशन की अवधि पूर्ण कर स्वस्थ्य (रिकव्ड) हुए मरीजों की संख्या 5274 है, जिससे कि कुल डिस्चार्ज (अस्पताल में भर्ती हो ट्रीटमेन्ट से मुक्त हुए) मरीजों के साथ योग कर, कुल रिकवर्ड मरीजों की संख्या उपरोक्त कॉलम में दर्शायी गयी है। आज की डेथ रिपोर्ट में कुल 22 डेथ्स में से 17 डेथ्स को मॉर्बिडिटी केटेगरी में हैं, इनमें हाइपरटेंशन, डायबिटीज, कोरोनरी आर्टरी डिजीज बाइपास, ब्रेन हेमरेज, सर्पदंश, अत्यधिक मासिक स्त्राव (मेनोरेजिया), पल्मोनरी टी.बी. जैसी बीमारियों के साथ इन्हें कोविड पॉजिटिव होना भी पाया गया है। शेष 05 डेथ्स कोविड-केटेगेरी की हैं। एक महिला की मृत्यु घर पर ही हो गई थी एक पुरुष की एम्स, रायपुर एम्बुलेंस में लाते समय मृत्यु हो गई थी। एक पुरुष की मृत्यु सर्पदंश की वजह से हुई कालांतर में इन्हें कोविड पॉजिटिव पाया गया था। रायपुर निवासी 40 वर्षीय पुरूष जिनकी मृत्यु पूर्व में ही दिनांक 30.08.2020 को सुयश हॉस्पिटल रायपुर में हो गई थी, जिसकी जानकारी 17 दिवसों बाद विलम्ब से आज दिनांक 16.09.2020 को प्राप्त हुई। छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक कुल 73966 संक्रमित मिले है,जिसमें 35885 मरीज स्वस्थ्य हो चुके है।611 की मृत्यु हो चुकी है।शेष 37470 मरीजों का उपचार जारी है।प्रदेश में लगातार बढ़ती संक्रमित मरीजों की संख्या चिंता जनक है। एक्टिव 37470 मरीजों में दुर्ग से 3973 (62 मृत) राजनांदगांव से 3136 (16 मृत) बालोद से 712 (1 मृत) बेमेतरा से 262 (4 मृत) कवर्धा से 961 (4 मृत) रायपुर से 12086 (286 मृत) धमतरी से 670 (2 मृत) बलौदाबाजार से 922 (9 मृत) महासमुंद से 846 (9 मृत) गरियाबंद से 303 (5 की मृत) बिलासपुर से 3261 (42 मृत) रायगढ़ से 1825 (29 मृत) कोरबा से 670 (5 मृत) जांजगीर-चांपा से 1629 (16 मृत) मुंगेली से 523 गौरेला पेंड्रा मरवाही से 176 सरगुजा से 691 (11 मृत) कोरिया से 547 (5 मृत) सूरजपुर से 518 (2 मृत) बलरामपुर से 237 (1 मृत) जशपुर से 238 (3 मृत) जगदलपुर से 672 (4 मृत) कोंडागांव से 398 (2 मृत) दंतेवाडा से 521 (3 मृत) सुकमा से 351 (3 मृत) कांकेर से 558 (6 मृत) नारायणपुर से 203 बीजापुर से 511 (2 मृत) है। 118 संक्रमितों के साथ कोरबा जिले में फिर कोरोना विस्फोट, ग्राम उमरेली में एक साथ मिले 15 मरीज, एसबीआई लाइफ, एनकेएच से भी संक्रमित मिले ।

    बालोद / शौर्यपथ / जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर ने बताया कि शासन द्वारा प्रत्येक जिले में धान चबूतरा निर्माण कार्य किए जाने हेतु निर्देश प्राप्त हुआ था। जिसके परिपालन में बालोद जिलें में 351 नग धान चबूतरा निर्माण कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि 228 नग धान चबूतरा निर्माण कार्य की अभिसरण राशि जनपद पंचायत गुण्डरदेही 12.40 लाख रूपए, जनपद पंचायत गुरूर 10.20 लाख रूपए, जनपद पंचायत बालोद 06.80 लाख रूपए, जनपद पंचायत डौण्डी 03.20 लाख रूपए एवं जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा 13.00 लाख रूपए इस प्रकार कुल 45.60 लाख रूपए जिला पंचायत द्वारा जनपद पंचायतों के खातों में राशि हस्तांतरण किया गया । उन्होंने बताया कि शेष चबूतरों की राशि की  मांग सहकारिता विभाग से की गई है।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया है. इस मामले में उनके दामाद दीपक अग्रवाल को भी नामजद किया गया है. दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-13 निवासी संजय अग्रवाल की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि टेंडर दिलाने के नाम पर उसने पैसे लिए गए गए थे.
    संजय अग्रवाल का आरोप है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों में कागज सप्लाई (Paper Supply) का टेंडर दिलाने के नाम पर उनसे पैसा लिया गया था. कुछ समय पहले की गई शिकायत पर जांच के बाद अब केस दर्ज हुआ है. संजय अग्रवाल ने आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत देकर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जांच करने की मांग की थी.
    शिकायतकर्ता संजय अग्रवाल की शिकायत के मुताबिक, उनका नेताजी सुभाष प्लेस में दफ्तर है और वे कई उत्पादों का आयात-निर्यात करते हैं. दीपक सिंघल के साथ उनकी पहले से ही जान-पहचान है. जनवरी 2017 में दीपक सिंघल उनसे मिलने दफ्तर आए थे और साथ में दीपक अग्रवाल भी थे. सिंघल ने उन्हें बताया था कि दीपक अग्रवाल उनका दामाद है.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुकमा छत्तीसगढ़ में सुकमा के पालोड़ी से नक्सलियों के साथ ग्रामीणों का एक वीडियो सामने आया है. पुलिस का दावा है कि ड्रोन से रिकॉर्ड किया गया ये वीडियो उनके एरियल सर्विलॉन्स के दौरान मिला. मामला 9 सितंबर को बताया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ नक्सली सड़क काटने जा रहे हैं, ऐसा पुलिस का दावा है. सूचना जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग खड़े हुए है.
    किस्टाराम थाना क्षेत्र पालोड़ी इलाकें में ये तस्वीरें कैद हुई, जिसमें पालोड़ी के जंगल में नाला पार करते हुए तस्वीर में बड़ी संख्या में ग्रामीण दिख रहे हैं. कुछ महीने पहले पालोड़ी में सुरक्षाबलों ने एक कैंप बनाया है जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि विरोध करने वाले नक्सलियों के हिमायती हैं.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / फेसबुक के जवाब से नाराज़ दिल्ली विधानसभा की शांति और सौहार्द समिति ने दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी को चेतावनी दी. साथ ही समिति के सामने पेश होने का एक और मौका दिया. समिति ने कहा कि अब पेश न होने पर कार्रवाई की जाएगी. प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत दिया यह मौका दिया गया है. फेसबुक के अधिकारियों को समन जारी करके दिल्ली विधानसभा की शांति और सौहर्द समिति ने पेश होने के लिए कहा था. हालांकि, फेसबुक अधिकारी मंगलवार को पेश नहीं हुए.
    शांति और सौहार्द समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि ये दिल्ली विधानसभा की तौहीन है. ये दिल्ली के 2 करोड़ लोगों का अपमान है. फेसबुक के वकीलों और सलाहकारों ने उनको बहुत गलत सलाह दी है. संसद और विधानसभा में एक ही मुद्दे और अलग अलग मुद्दे पर चर्चा हो सकती है लेकिन यहां तो मुद्दे अलग हैं. दिल्ली विधानसभा समिति और संसद की समिति अलग-अलग मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं.

    चड्ढा ने कहा कि दिल्ली विधानसभा दिल्ली दंगों में फेसबुक के रोल के ऊपर चर्चा कर रही है. ये कहना है कि संसद की समिति इस पर विचार कर रही है और हमने वहां जवाब दे दिया है ये गलत है. विधानसभा समिति चाहे तो वारंट जारी करवा सकती है.
    उन्होंने कहा कि फेसबुक दिल्ली विधानसभा की समिति से भाग रही है, कुछ छुपा रहा है. ऐसा लगता है जो आरोप दिल्ली दंगों के बारे में फेसबुक पर लगे हैं, शायद वो सही हैं. ऐसा लगता है कि चोर की दाढ़ी में तिनका. चेतावनी के साथ एक आखिरी मौका दे रहे हैं. फेसबुक इंडिया के MD और वाइस प्रेजिडेंट अजित मोहन पेश हों.

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / बेंगलुरू कर्नाटक में कन्‍नड़ फिल्‍म एक्‍टरों से जुड़े ड्रग मामले की जांच कर रही बेंगलुरू की सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पूर्व मंत्री स्‍वर्गीय जीवराज अल्‍वा के पुत्र आदित्‍य अल्‍वा के आलीशान बंगले पर छापा मारा. आदित्‍य इस मामले में आरोपी है और सीसीबी ने बेंगलुरू में ड्रग मामले को लेकर जब से जांच शुरू की है, तब से लापता है. पुलिस सूत्रों ने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, इस मामले में अब तब 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है और नौ लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
    CCB ने एक बयान में कहा है कि सर्च वारंट जारी किया गया और आदित्‍य अल्‍वा के हेब्‍बल स्थित घर की तलाशी ली गई. इस घर को 'हाउस ऑफ लाइफ' नाम दिया गया है. पुलिस टीम ने हेब्‍बल लेक के पास स्थित घर पर छापा मारा, इस घर में भी स्‍वीमिंग पूल भी है. पीटीआई के अनुसार, यह बंगला करीब चार एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे आदित्‍य द्वारा कथित तौर पर पार्टी आयोजित करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता था.
    इस मामले में अब तक फिल्‍म एक्‍टर रागिनी द्विवेदी, संजना गलरानी, पार्टी के आयोजन विरेन खन्‍ना, राहुल और एक आरटीओ क्‍लर्क बीके रविशंकर को गिरफ्तार किया गया है. नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो द्वारा एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद CCB ने यह मामला अपने हाथ में लिया है, इनके पास से बड़ी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्‍स बरामद की गई है. आरोप है कि यह ड्रग्‍स कन्‍नड़ फिल्‍म के एक्‍टर और एक्‍ट्रेसेस को सप्‍लाई की जाती थी.

     

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / हवन-यज्ञ हमारी पुरातन परंपरा है। यह शुद्धिकरण का प्रभावकारी उपाय है। हवन में उत्पन्न औषधीय धुआं हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने की क्षमता रखता है। यह वातावरण को शुद्ध करता है और हमारे भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। माना जाता है कि हवन के औषधीय धुएं का असर 30 दिन तक बना रहता है।

    घर या प्रतिष्ठान में मौजूद वास्तु दोषों को दूर करने में भी हवन यज्ञ बहुत प्रभावकारी उपाय है। अग्नि ही यज्ञ के प्रधान देवता हैं। अग्नि को ईश्वर स्वरूप माना जाता है। अग्नि जहां रहती है वहीं प्रकाश फैलता है। हवन यज्ञ करने से भगवान प्रसन्न होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार रोजाना घर या प्रतिष्ठान में धूप जलाने से वास्तु दोष दूर हो जाता है। घर में रोजाना सुबह-शाम कर्पूर जलाने से तनाव दूर रहता है। रात्रि में सोने से पहले पीतल के बर्तन में घी में भीगा हुआ कर्पूर जलाएं। एक कंडे में गुड़ की धूप और घी मिलाकर जलाने से गृह कलह नहीं होता है। घर में गुग्गुल की धूप जलाने से शांति बनी रहती है। नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए पीली सरसों के दानों को जलाएं। गुग्गुल की धूप जलाने से रोगों का नाश होता है। घर में कच्चे नीम पत्ती की धूनी जलाएं। इससे हानिकारक जीवाणु नष्ट होते हैं और वास्तु दोष भी दूर होता है। धूप, आरती, दीप, पूजा अग्नि को कभी भी मुख से फूंक मारकर न बुझाएं।

    धर्म संसार / शौर्यपथ /वास्तुशिल्प के रचनाकार हैं विश्वकर्मा
    वैदिक देवता के रूप में सर्वमान्य देव शिल्पी विश्वकर्मा अपने विशिष्ट ज्ञान-विज्ञान के कारण मानव ही नहीं, देवगणों द्वारा भी पूजित हैं। कहते हैं देव विश्वकर्मा के पूजन के बिना कोई भी तकनीकी कार्य शुभ नहीं होता।
    हर साल 17 सितंबर को तकनीकी ज्ञान के रचनाकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जाती है। इनको देवताओं के वास्तुशिल्प का जनक भी माना जाता है, इसलिए शिल्पकला से जुड़े लोग उनकी जयंती को विधि-विधान से मनाते हैं। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा के पूजन-अर्चन किए बिना कोई भी तकनीकी कार्य शुभ नहीं माना जाता। इसी कारण विभिन्न कार्यों में प्रयुक्त होने वाले औजारों, कल-कारखानों में लगी मशीनों की पूजा की जाती है। भगवान विश्वकर्मा के जन्म को लेकर शास्त्रों में अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं। वराह पुराण के अनुसार ब्रह्माजी ने विश्वकर्मा को धरती पर उत्पन्न किया। वहीं विश्वकर्मा पुुराण के अनुसार, आदि नारायण ने सर्वप्रथम ब्रह्माजी और फिर विश्वकर्मा जी की रचना की। भगवान विश्वकर्मा के जन्म को देवताओं और राक्षसों के बीच हुए समुद्र मंथन से भी जोड़ा जाता है।
    इस तरह भगवान विश्वकर्मा के जन्म को लेकर शास्त्रों में जो कथाएं मिलती हैं, उससे ज्ञात होता है कि विश्वकर्मा एक नहीं कई हुए हैं और समय-समय पर अपने कार्यों और ज्ञान से वो सृष्टि के विकास में सहायक हुए हैं। शास्त्रों में भगवान विश्वकर्मा के इस वर्णन से यह संकेत मिलता है कि विश्वकर्मा एक प्रकार का पद और उपाधि है, जो शिल्पशास्त्र का श्रेष्ठ ज्ञान रखने वाले को कहा जाता था। सबसे पहले हुए विराट विश्वकर्मा, उसके बाद धर्मवंशी विश्वकर्मा, अंगिरावंशी, तब सुधान्वा विश्वकर्मा हुए। फिर शुक्राचार्य के पौत्र भृगुवंशी विश्वकर्मा हुए। मान्यता है कि देवताओं की विनती पर विश्वकर्मा ने महर्षि दधीची की हड्डियों से स्वर्गाधिपति इंद्र के लिए एक शक्तिशाली वज्र बनाया था।
    प्राचीन काल में जितने भी सुप्रसिद्ध नगर और राजधानियां थीं, उनका सृजन भी विश्वकर्मा ने ही किया था, जैसे सतयुग का स्वर्ग लोक, त्रेतायुग की लंका, द्वापर की द्वारिका और कलियुग के हस्तिनापुर। महादेव का त्रिशूल, श्रीहरि का सुदर्शन चक्र, हनुमान जी की गदा, यमराज का कालदंड, कर्ण के कुंडल और कुबेर के पुष्पक विमान का निर्माण भी विश्वकर्मा ने ही किया था। वो शिल्पकला के इतने बड़े मर्मज्ञ थे कि जल पर चल सकने योग्य खड़ाऊ बनाने की सामथ्र्य रखते थे।
    विश्वकर्मा के यथाविधि पूजन करने से घर और दुकान में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन अपने कामकाज में उपयोग में आने वाली मशीनों को साफ करें। फिर स्नान करके भगवान विष्णु के साथ विश्वकर्माजी की प्रतिमा की विधिवत पूजा करनी चाहिए। ऋतुफल, मिष्ठान्न, पंचमेवा, पंचामृत का भोग लगाएं। दीप-धूप आदि जलाकर दोनों देवताओं की आरती उतारें।

    व्रत त्यौहार / शौर्यपथ / हर साल पितृ विसर्जनी अमावस्या के बाद नवरात्रि की तैयारी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार नवरात्रि एक महीने बाद शुरू होगी। अधिकमास लगने के कारण नवरात्रि एक महीने आगे खिसक गए हैं। इस बार शारदीय नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरू होंगे। इससे पहले 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अधिकमास रहेगा। इस मास में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। इस साल165 साल के बाद ऐसा संयोग बन रहा है। अधिकमास को मलमास और पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इसमास में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

    17 अक्टूबर 2020: प्रतिपदा घटस्थापना
    18 अक्टूबर 2020: द्वितीया मां ब्रह्मचारिणी पूजा
    19 अक्टूबर 2020: तृतीय मां चंद्रघंटा पूजा
    20 अक्टूबर 2020 : चतुर्थी मां कुष्मांडा पूजा
    21 अक्टूबर 2020: पंचमी मां स्कंदमाता पूजा
    22 अक्टूबर 2020: षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
    23 अक्टूबर 2020: सप्तमी मां कालरात्रि पूजा
    24 अक्टूबर 2020 :अष्टमी मां महागौरी दुर्गा महा नवमी पूजा दुर्गा महा अष्टमी पूजा
    25 अक्टूबर 2020 : नवमी मां सिद्धिदात्री नवरात्रि पारण विजय दशमी

    मलमास खत्म होने के बाद नवरात्रि में मुंडन आदि शुभ कार्यों का शुरू हो सकेंगे। वहीं विवाह आदि देवउठनी एकादशी के बाद से ही शुरू होंगे। मलमाल के कारण आगे आने वाले सभी त्योहार विधि के अनुसार अपने नियत समय पर किए जाएंगे। नवरात्र में देरी के कारण इस बार दीपावली 14 नवंबर को होगी, जबकि यह पिछले साल 27 अक्टूबर में थी। ज्योतिषियों के अनुसार तीज-त्योहारों की गणना हिन्दी पंचांगों के हिसाब से की जाती है। इसके लिए हिन्दी का माह और तिथि निर्धारित है।

    क्या होता है मलमास
    अधिकमास या मलमास हर दो से तीन साल के बीच में आता है। मलमास को आप इस तरह समझ सकते हैं। अंग्रेजी के कैलेंडर के अनुसार जिस तरह लीप इयर होता है उसी तरह हिन्दू पंचांग में अधिकमास, मलमास होते हैं। चंद्र वर्ष, सौर वर्ष से 11 दिन 3 घटी और 48 पल छोटा होता है।

     

    सेहत / शौर्यपथ / अक्सर नए कपड़े बाजार से खरीदने के बाद लोग उन्हें तुरंत बिना धोएं ही पहन लेते हैं। पर क्या आप जानते हैं आपकी यह आदत आपकी सेहत को कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है? जी हां कपड़ों को शॉपिंग बैग से सीधे निकालकर पहन लेने से आपकी सेहत बिगड़ सकती है। आइए जानते हैं नए कपड़ों को पहनने से पहले हमें क्यों उन्हें धोकर पहनना चाहिए।

    नए कपड़े लाते हैं कीटाणुओं को साथ-
    विशेषज्ञों की मानें तो जो कपड़े आप बड़े शौक से शॉपिंग करके अपने घर लाते हैं, उनके साथ ढेरों कीटाणु भी कपड़े में चिपककर आपके घर तक पहुंच जाते हैं। शॉपिंग के समय कपड़ों को ट्रायल के दौरान हजारों बार पहना जाता है, जिससे लोगों के पसीने के साथ कीटाणु भी उन कपड़ों के साथ चिपक जाते हैं।

    कपड़े पर लगे रसायन से दाद-खाज खुजली-
    कपड़ों को पैक करते समय रसायन से कवर करके रखा जाता है, जो आपकी त्वचा के संपर्क में आकर बुरा असर डाल सकते हैं। कपड़ों की प्रोसेसिंग करते समय कई तरह के रसायनों का प्रयोग किया जाता है, जिसे बिना धोए पहनने पर व्यक्ति को दाद, खाज और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    डाई कलर्स से एलर्जी -
    प्राकृतिक धागों का अपना कोई रंग नहीं होता, इसलिए उन्हें सुंदर रंगों में रंगा जाता है। कपड़ों की रंगाई, छपाई और डाई जैसी प्रक्रियाओं में उसपर विभिन्न प्रकार के केमिकल्स लगाए जाते हैं। ज़्यादातर रंगीन कपड़ों में ऐजो डाईस का इस्तेमाल किया जाता है। कपड़ा जितना रंगीन और चटक होगा उसमें उतनी अधिक डाई का इस्तेमाल किया जाएगा। ऐजो डाई के सीधे त्वचा के संपर्क में आने से त्वचा में बहुत अधिक जलन और परेशानी होती है, जिसकी वजह से एलर्जी हो सकती है।

    त्वचा रोग को न्योता-
    बाजार से कोई भी कपड़ा सीधा घर लाकर पहनने से पहले उस कपड़े को कई लोग पहले ही ट्राई करते समय पहन चुके होते हैं। ऐसे में उनके शरीर का पसीना, धूल-मिट्टी या कोई स्किन इंफेक्शन आपके लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है।

     

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