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भिलाईं / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र पीएचडी के उप महाप्रबंधक के.के.यादव ने कहा कि, बड़ी चिन्ता की बात है कि, इतनी कोशिशों के बावजूद कोरोना से मरने वालों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि, इतनी मौत क्यों हो रही है कोविड मरीजों की, छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजों की रिकव्हरी रेट मात्र 52 प्रतिशत जो कि, काफी कम है व अति चिंतनीय विषय है। रिकव्हरी रेट दिखा रहा है कि, ट्रीटमेंट व कोविद सेन्टर में एसओपी व डब्लुएचओ के गाईडलाइन्स के तहत मरीजों का इलाज नही हो रहा है, इस से अचानक मरीजों के मौत में इजाफा हो गया है। प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मृत्यु के मामले में दुर्ग जिला दिल्ली से भी आगे निकल गया है। यदि कोई मरीज कोविद हॉस्पिटल में भर्ती हो रहा है तो सर्वप्रथम उसके अन्य बिमारियों का हिस्ट्री रखना जरूरी है जैसे शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट, किडनी इत्यादि, कोविद इलाज के साथ साथ इन सभी बिमारियों का इलाज भी करना है, 100 प्रतिशत कोविद हॉस्पिटल के बेड हेतु ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था होना चाहिए, कुछ बेड्स में वेंटीलेटर का इंतज़ाम होनी चाहिए, प्रतिदिन डॉक्टर्स की उपस्थित हो, तभी मौत रुक पायेगा, सभी मौतों की डेथ ऑडिट रिपोर्ट बनाया जाना अनिवार्य होना चाहिए, मरीजों के मौत को छत्तीसगढ़ में दो पार्ट में विभाजित किया गया है पहला कोविड डेथ तथा दूसरा एसोसिएटेड को-मॉर्बीडिटी, इसका मतलब साफ है कि, आपके पास मरीजंों का कोविड के अलावा दूसरे बीमारिओं का भी हिस्ट्री है तो उसका इलाज भी किया जाना जरूरी है। तभी मरीजों के मौत को रोका जा सकेगा। कोरोना संक्रमितों को दिया जा रहा मेडिसिन्स का रिव्यु होना चाहिए कि, दवा का कॉम्बिनेशन सही दिया जा रहा है या नहीं, ईसीजी का इंतज़ाम होना चाहिए। जिन हॉस्पिटल्स में इलाज के लिए सहमति दिया गया है, वहांँ भी मेडिकल टीम को निरीक्षण करने चाहिए। जांँच अधिक से अधिक हो। पॉजिटिव मरीजो का मैपिंग होना चाहिए।
अस्पताल के सभी कोविद वार्ड व आईसीयू में एचईपीए फिल्टर तथा लेमिनार फ्लो इक्वीपमेंट लगाए ताकि वार्ड में उपस्थित डॉक्टर कोविद इन्फेक्शन का शिकार ना हो। उपरोक्त इक्विपमेंट लगाने से भीतर व बाहर में उपस्थित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ सभी सुरक्षित रहेंगे। कोविड हेतु बेहतर दवाईयांँ जैसे आईवरमेक्टिन 12एमजी तथा फेबिफ्लु जो कि, थोड़े महंगे है जान बचाती है, का उपयोग कोविड मरीजों के लिए किया जाना बेहतर होगा विशेषेगय डॉक्टर्स से कन्फर्म कर ले।
अभी कई लोगों के मौत के उपरांत भी कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आ रहा है। ऐसे केसेस में भी मृत व्यक्तियो के कॉन्ट्रैक्ट पर्सन की ट्रेसिंग किया जाना जरूरी है। ऐसा देखा गया है अभी मौत 30 से 50 वर्षो के लोगो का भी हो रहा है। कम इम्युनिटी पावर वाले लोगों की मौत हो जा रहा है। सावधान रहें, बेवजह बाहर नही निकले, मास्क लगाए, सैनिटाइजिंग करे, साबुन से हाथ धोते रहे, हल्दी दूध पिये, निम्बू पानी पिये, फल खाएं।
सरोज पाण्डेय के खास लोग होने के कारण पुलिस नही करती है कार्यवाही
जमीन बिक्री में धोखाधड़ी करने पर राजू खान और भामरा के विरूद्ध एसपी से शिकायत
दुर्ग / शौर्यपथ / आज से सोलह साल पूर्व जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो एकाएक जमीन दलालों की बाढ़ सी आ गई। दलाल नुमा और छुटभैये लोग भाजपा से जुड़कर उल्टा सीधा जमीन खरीद और दूसरों की जमीन को जबरिया कब्जा कर एक एक जमीन को कई कई लोगों को बेंचकर लाखों रूपये ठगने का कार्य इस बिना पर करते रहे कि सैंया भये कोतवाल तो अब डर काहे का। क्येांकि प्रदेश में भाजपा की सरकार जबतक रहेगी तब तक हमारा कोई कुछ नही बिगाड़ सकेगा। इसी प्रकार के एक भाजप के चर्चित नेता राजू खान है, सो इन्होंने ने भी यही कहानी शुरू की और जमीन बेचने के नाम पर कईयों से ठगी की है जिसका मामल दुर्ग ही नही बेमेतरा जिला में भी चार सौ बीसी सहित कई कई मामला दर्ज है, लेकिन अब राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद भी लोगों को न्याय नही मिल रहा है, राजू खान और इनके जैसे कईयों जमीन दलाल है जो एक एक जमीन को कई कई लोगें को बेचने सहित लोगों से कई प्रकार के धोखाधड़ी किये है, लेकिन पुलिस आज तक राजू खान सहित अन्य जमीन दलालों पर कार्यवाही करने से हाथ खींचती रही है। राजू खान के झांसे में एक पुलिस आरक्षक भी आ गया और राजू खान के धोखाधड़ी का शिकार हो गया।
भाजपा नेता राजू खान जैसे लोगों के कारण राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय की छवि खराब हो रही है। राजू खान ही नही सरोज पाण्डेय के साथ जितने लोग जुडे है, उसकें सबसे अधिक डिफाल्टर, चार सौ बीसी और ठगी करने वाले लोग शामिल है। ऐसे किस्म के लोगों को जिनको कोई जनप्रतिनिधि अपने यहां शरण नही देता ऐसे लोग सरोज पाण्डेय से जुडकर लोगों के साथ ठगी और चार सौ बीसी सहित अन्य कई प्रकार के अपराध करते है, जिसके कारण सांसद सरोज पाण्डेय की छवि खराब होती है। यही कारण है कि राजू खान सहित बड़ी संख्या में सरोज पाण्डेय के साथ जुड़े डिफाल्टरों के कारण लोकसभा चुनाव हारी थी और ताम्रध्वज साहू सांसद बने थे। इसके बावजूद भी सांसद सरोज पाण्डेय ऐसे किस्म के लोगों को संरक्षण देकर अपनी ही छवि खराब कर रही है। क्योंकि राजू खान सहित कई डिफाल्टर है जो धोखाधड़ी सहित कई प्रकार के अपराध करते है, और सरोज पाण्डेय के नाम पर उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नही होती।
राजू खान जिनपर कई कई थानों में धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, मारपीट के कई मामले कई कई थानों में दर्ज है। मजे की बात यह है कि इन छुटभैय्या नेताओं पर पुलिस कभी कार्यवाही नही करती। आम आदमी और गरीब जनता पर अपना धौंस दिखाते हुए पुलिस तुरंत कार्यवाही करती है, लेकिन राजू खान जैसे टूटपुजियें नेताओं पर हाथ भी नही डालती। सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि राजू खान जैसे सरोज पाण्डेय के साथ जितने भी डिफाल्टर लोग जुड़े है, उनपर कार्यवाही राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय के कारण पुलिस नही करती है। कोहका निवासी राजू खान ने पिछले कई सालों से कई जमीन बेचने के नाम पर ठगी की है। इनके द्वारा किये गये ठगी की शिकायत स्मृति नगर चौकी, थाना बेरला,कोतवाली थाना दुर्ग सहित अन्य थानों में 420, 467, 468 सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
इसी प्रकार का एक मामला फिर सामने आया है, जिसमें पीडि़त ने राजू खान द्वारा किये गये धोखाधड़ी और ठगी के मामले में राजू खान और बलदेव सिह भामरा के विरूद्ध पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर से शिकायत की है। एसपी को दिये शिकायती आवेदन में पीडि़त सेक्टर सात सड़क 37 बी क्वार्टर 23 एफ निवासी अजय कुमार सिंह आत्मज बबन सिंह ने एसपी को बताया है कि भू-माफिया राजू खान, बलदेव सिंह भामरा एवं अन्य लोगों ने मुझसे षडयंत्र करते हुए कुटरचित दस्तावेजों के आधार पर ग्राम कोहका की ओपन स्पेश की भूमि बिक्री कर दी एवं बाद में उस जमीन के एजव में एक अन्य प्लॉट भी दिया। लेकिन वर्तमान स्थिति में आनावेदकगणों के द्वारा बिक्री किये गये दोनो प्लॉट मेरे कब्जे में नही है। इस कारण मैंने इसकी शिकायत गत 5 सितंबर 2019 को स्मृति नगर चौकी में की थी लेकिन आज तक राजू खान और बलदेव सिंह भामरा एवं अन्य पर कोई कार्यवाही नही की गई और मुझे न्याय नही मिला।
अजय सिंह ने लिखित रूप से हमारे संवाददाता को बताया कि भू-माफिया राजू खान केविरूद्ध कईमामले एवं शिकायते लंबित है, थाना बेरला जिला बेमेतरा में अपराध क्र. 42 एवं 43 वर्ष 2020 धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी, 201, 34 के दो मामले कोतवाली थाना दुर्ग में तीन मामले , थाना जामुल में एक शिकायत और थाना सुपेला में एक प्रकरण धारा 420 सहित अन्य धाराओं के तहत दर्ज है। इसके अलावा स्मृति नगर पुलिस चौकी मेंभी इनके खिलाफ कईमामला दर्ज है। दर्जनों लोगों को यह भू-माफिया ठग द्वारा आर्थिक रूप से ठग चुका है, अपने आपको सांसद सरोज पाण्डेय का खास सिपहसालार बताकर और भाजपा के बड़े नेताओं से थानों में फोन करवाकर अपने खिलाफ शिकायतों का निराकरण नही होने देता है।
भिलाई / शौर्यपथ / सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में बुधवार की दोपहर फोटो करवरेज कर रहे के प्रेस फोटोग्राफर राजा देवांगन के साथ एक युवक ने मारपीट कर दी। इससे फोटोग्राफर राजा चोटिल हो गया। आरोपी की शिनाख्त शुभम वर्मा के रुप में हुई है। सुपेला थाने के आरोपी के खिलाफ धारा 294, 506, 323, 427, 34 के तहत मामला दर्जकर विवेचना में लिया है।
प्रेस फोटोग्राफर राजा देवांगन आज सुपेला अस्पताल में फोटो खींच रहे थे। इसी दौरान एक युवक ओपीडी में हंगामा कर रहा था। इस घटना की फोटो खींचने पर उसने खुद को कांँग्रेस का महामंत्री बताते हुए राजा देवांगन के साथ अचानक मारपीट करना शुरु कर दिया। इसमें उसके साथ आई महिला व परिवार के अन्य लोग भी शमिल हो गए। उनका मोबाइल व कैमरा छीनने की भी कोशिश की। मोबाइल से ली गई फोटो को आरोपी ने डिलीट भी कर दिया। मारपीट से राजा की गर्दन, पसली, हाथ व ऊंगलियों में चोटें आई है, घड़ी भी टूट गई। सुपेला पुलिस ने शिकायत पर डॉक्टरी मुलाहिजा कराकर एफआईआर दर्ज कर लिया है। सुपेला टीआई गोपाल वैश्य ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी करने की बात कही है। पत्रकारों व प्रेस फोटोग्राफरों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
पटना / शौर्यपथ / भीम आर्मी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने बिहार के विधानसभा चुनाव में एंट्री कर ली है. उन्होंने मंगलवार को मोतिहारी के मधुबन में एक विशाल सभा को संबोधित किया. चंद्रशेखर ने इस सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा पर करारा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि भाजपा व नीतीश को हराने के लिए किसी से भी गठबंधन कर सकते हैं.
जैसे-जैसे बिहार में चुनाव की घड़ी नजदीक आ रही है, वैसे वैसे राजनीतिक दल अपना-अपना पांसा फेंकने में जुट गए हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को भीम आर्मी ने भी चम्पारण की धरती से अपना चुनावी बिगुल फूंक दिया है. यहां भीम आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने मधुबन के अम्बेडकर चौक पर एक महती सभा को संबोधित किया.
चंद्रशेखर ने सुशासन की सरकार पर जमकर हमला किया. साथ ही भाजपा-जेडीयू सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कई आरोप भी लगाए. उन्होंने बिहार चुनाव में अपनी पार्टी के चुनाव लड़ने की भी घोषणा की.
जयपुर / शौर्यपथ / कोरोना वायरस संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अगले एक महीने तक किसी से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं करने का फैसला किया है. गहलोत के एक महीने के सभी मुलाकात कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं. एक सरकारी बयान के अनुसार गहलोत ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिए दो गज की दूरी और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन ही मुख्य उपाय है और खुद का बचाव खुद करके ही इस संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है.
बयान के अनुसार, इसी उद्देश्य से चिकित्सकों की सलाह के अनुसार मुख्यमंत्री ने आगामी एक माह तक आमजन सहित अन्य सभी लोगों से व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से मुलाकात नहीं करने का निर्णय किया है. इस दौरान वे सिर्फ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उपलब्ध होंगे. गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री निवास व कार्यालय में भी लगभग 40 कार्मिक तथा मुख्यमंत्री सुरक्षा से जुडे़ पुलिसकर्मी एवं आरएसी के जवान के संक्रमित होने की पुष्टथ् हुई थी.
राज्य में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या मंगलवार रात तक 94126 हो गयी जिनमें से 15090 रोगी उपचाराधीन हैं. वहीं राज्य में इस घातक वायरस से अब तक 1164 लोगों की मौत हो चुकी है.मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के संकट के इस दौर में प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए राज्य सरकार चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के साथ ही हरसंभव प्रयास कर रही है लेकिन इस महामारी को सबकी भागीदारी से ही रोका जा सकता है. उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील है कि मास्क लगाएं, दो गज की दूरी रखें, भीड़ से बचें, सामाजिक मेल-जोल कम से कम रखें, आवश्यकता होने पर ही घर से निकलें और स्वास्थ्य संबंधी अन्य दिशा-निर्देशों का भी पूरी जिम्मेदारी से पालन करें.
पटना / शौर्यपथ / बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के दो घटक दलों में बढ़ती दूरियों के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने मंगलवार को कहा कि जद(यू) ने यह साफ कर एक “एहसान” किया कि दोनों दलों में कभी गठबंधन नहीं था. लोजपा ने एक बयान में कहा, “हम जनता दल (युनाइटेड) के इस बयान का स्वागत करते हैं कि उनका कभी लोजपा के साथ कोई गठबंधन नहीं रहा. जद(यू) नेता केसी त्यागी त्ने हम पर एहसान किया है.” इसमें कहा गया कि पार्टी सिर्फ उन लोगों से हाथ मिलाएगी जो बिहार को देश का अग्रणी राज्य बनाने के पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के एजेंडे का समर्थन करेंगे.
त्यागी ने मंगलवार को कहा था कि कोई भी दल जो राज्य में राजग का घटक है उसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व को स्वीकार करना होगा. उन्होंने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता यह घोषणा कर चुके हैं कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि जद(यू) का हमेशा से बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन रहा है लेकिन लोजपा के साथ नहीं.
उनका यह बयान तब आया है जब लोजपा ने पासवान को यह तय करने के लिये अधिकृत किया है कि कुमार के नेतृत्व वाले जद(यू) के खिलाफ आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना है या नहीं. पार्टी ने पासवान को 143 विधानसभा क्षेत्रों के लिये उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिये भी अधिकृत किया है.
श्रीनगर / शौर्यपथ / जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने मंगलवार को कहा कि वो श्रीनगर का अपना सरकारी आवास अक्टूबर से पहले छोड़ देंगे. उन्होंने ट्विटर पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन को लिखी अपनी चिट्ठी साझा की है, जो उन्होंने जुलाई में भेजी थी. उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में कहा कि इसके लिए उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया है और अपनी मर्जी से सरकारी आवास खाली कर रहे हैं.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'मैं श्रीनगर में अपना सरकारी आवास अक्टूबर खत्म होने तक छोड़ दूंगा. यहां इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि पिछले साल मीडिया में जैसी खबरें चलाई गई थीं कि मुझे इसके लिए नोटिस मिला है, उसके उलट मैं अपनी मर्जी से आवास खाली कर रहा हूं.' इसके साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर के हॉस्पिटैलिटी एंड प्रोटोकॉल के इंचार्ज ऑफ एस्टेट्स को भेजी गई चिट्ठी भी शेयर की है.
उमर अब्दुल्ला ने इस चिट्ठी में कहा है कि उन्हें श्रीनगर के गुपकर रोड के वीवीआईपी इलाके में 2002 में श्रीनगर का सांसद बनने के बाद यह आवास अलॉट किया गया था. उन्होंने कहा है कि उन्होंने परिसर और इससे जुड़े घरों को अक्टूबरस 2010 से जनवरी, 2015 तक अपने मुख्यमंत्री काल के दौरान मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास की तरह इस्तेमाल किया था. जब वो कार्यकाल मुक्त हुए तो 'नियमों के मुताबिक मैं श्रीनगर या फिर जम्मू में सरकारी आवास में रह सकता था और मैंने श्रीनगर में रहने को चुना.'
उन्होंने लिखा कि कुछ महीनों पहले पूर्व मुख्यमंत्रियों के अधिकारों को लेकर किए गए बदलाव के बाद अब मेरा यहां रहना अनाधिकृत हो गया है, क्योंकि सुरक्षा या फिर किसी और आधार पर मेरे अलॉटमेंट को रेगुलराइज़ करने की कोई कोशिश नहीं की गई है. यह मुझे अस्वीकार है. मेरे पास कभी ऐसी कोई सरकारी संपत्ति नहीं रही है, जो मुझे पद के हिसाब से न मिली हो और मेरा आगे भी ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / लॉकडाउन के समय प्लेन में यात्रा करने के लिए बुक की गई टिकटों की पूरी राशि यात्रियों को रिफंड करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में केंद्र से कहा है कि वह लॉकडाउन के दौरान यात्रा के लिए बुक किए गए हवाई टिकटों की पूर्ण वापसी पर याचिकाकर्ताओं के स्पष्टीकरण का जवाब दे.कोर्ट ने एयरलाइंस और अन्य पक्षकारों से लॉकडाउन के दौरान बुक किए गए टिकटों के पूर्ण वापसी के लिए केंद्र के प्रस्ताव का जवाब देने के लिए भी कहा है.ज्यादातर एयरलाइंस केंद्र के प्रस्ताव से सहमत हैं जबकि कुछ ने जवाब के लिए समय मांगा है.
याचिकाकर्ताओं में से एक ने मांग की है कि राहत उन सभी को दी जानी चाहिए जिनकी उड़ानें लॉकडाउन के कारण रद्द कर दी गई थीं. मामले में अपना पक्ष रखते हुए केंद्र ने स्पष्ट किया कि रिफंड केवल भारत से बुक किए गए टिकटों पर लागू होता है और यदि विदेशी एयरलाइंस विदेश से बुक करती हैं, तो भारत का अधिकार क्षेत्र नहीं है. मामले में अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी. इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि लॉकडाउन के दौरान बुक किए गए टिकटों के लिए एयरलाइनों द्वारा 15 दिन के भीतर पूरी राशि वापस दी जानी चाहिए और यदि कोई एयरलाइन वित्तीय संकट में है और ऐसा करने में असमर्थ है तो उसे 31 मार्च, 2021 तक यात्रियों की पसंद का यात्रा क्रेडिट शेल प्रदान किया जाना चाहिए.
घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और विदेशी एयरलाइनों में लॉकडाउन के दौरान बुक किए गए टिकटों के लिए पूर्ण राशि वापस करने का प्रस्ताव दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे में नागर विमानन के निदेशक ओके गुप्ता ने कहा कि घरेलू एयरलाइनों के लिए यदि टिकटों को सीधे एयरलाइन या एक एजेंट के माध्यम से लॉकडाउन अवधि दौरान 25 मार्च-3 मई के बीच में यात्रा करने के लिए बुक किया गया था तो ऐसे सभी मामलों में, एयरलाइंस द्वारा तुरंत पूरा रिफंड दिया जाएगा. केंद्र ने कहा कि क्रेडिट शेल के उपभोग में देरी होने पर यात्री को क्षतिपूर्ति देने के लिए इंसेन्टिव मैकेनिज्म होगा, जैसे 30 जून, 2020 तक टिकट रद्द होने की तारीख से, क्रेडिट शेल के मूल्य (पहले ली गई टिकट के मूल्य) में 0.5 फीसदी की वृद्धि होगी.
हलफनामे में आगे कहा गया है कि इसके बाद क्रेडिट शेल के मूल्य को मार्च 2021 तक प्रति माह अंकित मूल्य के 0.75 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा.क्रेडिट शेल ट्रांसफर भी किया जा सकेगा. यात्री क्रेडिट शेल किसी भी व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकता है और एयरलाइंस इस तरह के ट्रांसफर का सम्मान करेगी. एयरलाइंस इस तरह के ट्रांसफर की सुविधा के लिए एक मैकेनिज्म तैयार करेगी, वहीं मार्च 2021 के अंत तक एयरलाइन क्रेडिट शेल धारक को नकद वापस कर देगी.केंद्र ने कहा कि यह समाधान व्यावहारिक है क्योंकि यह यात्रियों के साथ-साथ एयरलाइंस के हितों को संतुलित करता है. उसने इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट से इसके कार्यान्वयन के लिए एक उपयुक्त आदेश पारित करने का आग्रह भी किया था.
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / क्रोध करना किसी भी व्यक्ति के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से अच्छा नहीं होता है। क्रोध करने से व्यक्ति को ना सिर्फ शारीरिक बल्कि आर्थिक हानि भी होती है। जीवन में छोटी-मोटी बात पर गुस्सा करना नॉर्मल बात है। लेकिन ऐसे लोग होते हैं जो अपने गुस्से पर कंट्रोल नहीं कर पाते और बीपी,शुगर और सिर चकराने आदि जैसे कई रोग खुद को लगा बैठते हैं। ऐसे में जरूरी है कि गुस्से को कंट्रोल करने के उपाय के साथ-साथ कुछ अन्य तरीके भी अपनाए जाएं, जिससे गुस्सा शांत हो सके। वर्कआउट, हेल्दी रूप से गुस्से को कम करने का सबसे अच्छा तरीका माना गया है। लेकिन कई ऐसे भी लोग हैं जो बिना वर्कआउट के ही अपने गुस्से को शांत करना चाहते होंगे। तो आइए जानते हैं कैसे आसान उपाय अपनाकर आप अपने गुस्से पर काबू पा सकते हैं।
गहरी लंबी सांस-
जब कभी आपको गुस्सा आए तो तुरंत गहरी लंबी सांसे लें, कोई सीनरी या फोटो देखें, गाना सुनें, योगा करें या फिर कोई अच्छी किताब पढ़ लें।
मेडिसिन बॉल जमीन पर मारें-
मेडिसिन बॉल काफी एक्सप्लोसिव एक्सरसाइज होती है। इस वर्कआउट के एक-दो राउंड पूरा करते ही आप महसूस करेंगे कि आपका गुस्सा काफी शांत हो गया है।
शेयर करें फीलिंग-
अपने इमोशन को कभी भी कंट्रोल नहीं करना चाहिए। अपने गुस्से में कोई गलत फेसला करने से अच्छा है आप किसी ऐसे अपने से बात करें, जो आपको समझता हो। आप अच्छा महसूस करेंगे।
HIIT सर्किट एक्सरसाइज-
HIIT वर्कआउट सिस्टम का अभ्यास करने से आप अपने भीतर फील-गुड हार्मोन को पंप कर सकते हैं। इसे करने से भले ही आप तकनीकी रूप गुस्सा कर रहे हों लेकिन एंडोर्फिन नामक हार्मोन आपके भीतर रिलीज होता है, जो दिमाग को शांत करके आपके गुस्से को भी शांत करने में मदद करता है। HIIT सर्किट प्लान में आप इन एक्सरसाइज को शामिल कर सकते हैं जैसे-बैटल रोप, टो-टच, हाई नी,स्प्रिंट,पुश स्लेम/टायर, बट किक,जंप स्क्वाट ,माउंटेन क्लाइंबर्स आदि।
बॉक्सिंग क्लास-
अपने गुस्से को शांत करने के लिए सबसे पहले अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर एक ताकतवर पंच के साथ पंचिंग बैग पर वार करें, जो कि नेगेटिव एनर्जी को रिलीज करने और गुस्सा कम करने में मदद करेगा। ऐसा करते समय ध्यान रखें कि कहीं आप खुद को ही चोटिल न कर लें।
खाना खजाना / शौर्यपथ / मिष्टी दोई बंगाल की फेमस मिठाई है, जिसे उपवास या किसी त्यौहार जैसे खास उत्सव में बनाया जाता है। मिष्टी दोई, एक प्रकार का मीठा दही है, जिसे गाढ़े दूध में चाशनी मिलाकर बनाया जाता है। बंगाल का यह खास डेजर्ट खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है। तो देर किस बात की आइए जानते हैं घर पर ही कैसे बनाया जाता है मिष्टी दोई।
मिष्टी दोई बनाने के लिए सामग्री-
-दूध - 750 मिलीलीटर
-चीनी- 7½ टेबल स्पून
-पानी - ¼ कप
-ताजा दही - ½ कप
-कटे हुए बादाम
- गार्निशिंग के लिए एल्युमिनियम फॉइल
मिष्टी दोई बनाने का आसान तरीका-
मिष्टी दोई बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में दूध गर्म करें। दूध को इतना उबालें, कि यह आधा रह जाए। अब एक दूसरे पैन में चीनी डालकर उसे धीमी आंच पर चलाते रहें। गैस को बार-बार बंद और चालू करते रहे, ऐसा तब तक दौहराए, जब तक कि चीनी पिघलकर ब्राउन न हो जाए। अब गैस बंद कर, पानी मिलाकर उसे अलग रख लें। दूध आधा रह जाए तो इसमें तैयार चाशनी मिलाएं। दूध में चाशनी मिलाने के बाद गैस बंद कर दें। दूध को ठंडा होने के लिए रख दें।
अब ताजा दही मिलाकर अच्छे से मथे। इसके बाद इसे सर्व करने वाले बर्तन या मटको में डालें। इन मटको को एल्युमिनियम फॉइल से कवर करके 10-12 घंटे के लिए ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें। उसेक बाद फॉइल हटाकर, इन्हें कटे हुए बादाम के साथ गार्निंश कर ठंडा- ठंडा मेहमानों को सर्व करें।
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