August 03, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    धर्म संसार / शौर्यपथ / महालक्ष्मी व्रत इस साल 10 सितंबर 2020 को रखा जाएगा। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी का व्रत रखने से धन, यश और तरक्की की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि गज लक्ष्मी यानी हाथी पर बैठी महालक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। अश्विन मास में कृष्ण अष्टमी की तिथि को महालक्ष्मी व्रत रखा जाता है।
    महालक्ष्मी व्रत में किन बातों का रखें ध्यान-
    मान्यता है कि महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी के रूप श्रीगज लक्ष्मी, श्रीवीर लक्ष्मी, श्री विजय लक्ष्मी, श्री आदि लक्ष्मी मां, श्री धान्य लक्ष्मी, श्री संतान लक्ष्मी मां की पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है।
    कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत के दिन पूजा स्थल पर हल्दी से कमल बनाकर उस पर मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापना करें और मूर्ति के सामने श्रीयंत्र और सोने-चांदी के सिक्के रखें।
    महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी के 8 रूपों की पूजा करने के साथ ही महालक्ष्मी मंत्र का जाप करना भी लाभकारी माना जाता है। कहते हैं मंत्र का जाप करने से मां लक्ष्मी का साथ हमेशा बना रहता है।
    माना जाता है कि मां लक्ष्मी की पूजा श्रीयंत्र के बिना अधूरी होती है। कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत में श्रीयंत्र की पूजा करने से आर्थिक स्थिति सुधर जाती है।
    माना जाता है कि मां लक्ष्मी पूजन में पानी से भरे कलश को पान के पत्तों से सजाने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही कलश के ऊपर नारियल रखना भी शुभ माना जाता है।
    कलश के पास हल्दी से कमल बनाकर मां लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करें। कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत में मां लक्ष्मी को सोने के गहनों से सजाने से भी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / वर्तमान में दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण एक विस्फोटक के रूप में सामने आया है . सारा शहर दहशत में है . प्रतिदिन मरीजो के मिलने की संख्या बढती जा रही है रिकवरी रेट भी कम होते जा रहा है . प्रशासन अपने स्तर पर लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है . जिलाधीश द्वारा प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा की जा रही है बावजूद इसके कोई ना कोई ऐसी घटना / वाक्य सामने आ रहा है जो व्यवस्था की लापरवाही पर आम इंसान को सोंचने पर मजबूर कर दे रहा है . यु तो प्रशासन का कहना है कि हर मरीज का ख़ास ध्यान रखा जा रहा है किन्तु वही दूसरी तरफ मरीज के परिजन परेशान दिखाई दे रहे है जिनके पास कम्युनिकेशन की व्यवस्था है और नार्मल स्थिति में है वो तो अपने परिजनों से चर्चा कर ले रहे है और वस्तुस्थिति के बारे में बता रहे है किन्तु ऐसे भी कई मरीज है जो गंभीर स्थिति में है और बात करने की हालत में नहीं है ऐसे मरीज के परिजन काफी परेशान हो रहे है कारण एक मात्र उन्हें अपनों की खबर नहीं मिल रही कि वो कैसे है अंदर किस दशा में है इलाज से क्या लाभ हो रहा है स्थिति कैसी है ऐसे ही एक मामले में शौर्यपथ समाचार पत्र को डोमन देवांगन से कुछ चौकाने वाले तथ्य पता चला है . डोमन देवांगन के अनुसार उनके पिता 1 सितम्बर से भर्ती है और उनके पास मोबाइल भी है किन्तु फिर भी उनकी बात नहीं हो पा रही है . दो तीन दिन पहले अस्पताल से देर रात सुचना मिली कि उनके पिता की हालत खराब है और वो चाहे तो किसी अन्य अस्पताल में ले जा सकते है . ऐसी सुचना मिलने के बाद डोमन सिंह को अस्पताल प्रबंधन से कोई जानकारी नहीं मिली ना कोई चर्चा हुई पिछले तीन दिनों से डोमन देवांगन मानसिक रूप से परेशानं है कि किस हाल में उनके पिता जी है . डोमन देवांगन के शब्दों में उनकी व्यथा कुछ इस प्रकार से शौर्यपथ समाचार पत्र से साँझा की गयी .


    मेरा नाम डोमेन प्रसाद देवाँगन है पिताश्री रामकुमार देवाँगन उम्र 65 है जोकि उन्हें थोड़ी सी उनकी तबीयत खराब थी तो मैंने दुर्ग के सरकारी अस्पताल में उनकी जांच कारवाई कोविड-19 जांच कराने पर पता चला कि वाह नेगेटिव हैं परंतु उसी सुबह फिर से डॉक्टरों के कहने पर जांच करवाई तो वह रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई मेरे पिता श्री राम कुमार देवांगन जी को आज 8 दिन हो गए हैं तथा उनके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं मिल पा रही है मैंने हॉस्पिटल के नंबर पर कॉल लगाया परंतु वहां कोई निराकरण नहीं हुआ मेरे द्वारा प्रतिदिन कॉल किया जाता है परंतु वहां से कोई जवाब नहीं आता 6 तारीख शाम रात्रि 9:00 बजे शंकरा हॉस्पिटल से कॉल आया कि आपके पापा की तबीयत बहुत ज्यादा खराब है आप उनको जहां ले जाना चाहे ले जा सकते हैं परंतु मेरे द्वारा उनको रिटर्न कॉल लगाया गया पर वह नहीं उठाए इतनी ही बात हुई थी मेरे द्वारा कॉल पर अब तक मैं प्रतिदिन उनको रोज कॉल कर रहा हूं फिर भी वहां फोन नहीं उठाया जाता . यहां तक मुझे यह भी जानकारी नहीं है कि वह कौन से वार्ड में है और कौन से आईसीयू में है .


    क्या अस्पताल प्रबंधन को ऐसी व्यवस्था नहीं करनी चाहिए कि गंभीर मरीजो का हाल एक निश्चित समय पर उनके परिजन को बताते रहे ताकि परिजन जो मानसिक तकलीफ से गुजर रहे है तोड़ी राहत मिले क्या प्रशासन इस दिशा में कोई सार्थक कदम उठाएगा ?

    धर्म संसार / शौर्यपथ / अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को ऋषि विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन ही भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। इस दिन को विश्वकर्मा पूजा और विश्वकर्मा डे कहा जाता है। इस साल विश्वकर्मा पूजा 16 सितंबर (बुधवार) को मनाई जाएगी। भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर और वास्तुकार मनाते हैं। इसलिए फैक्ट्रियों से लेकर कंपनियों तक में विश्वकर्मा पूजा की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु, ऋषि विश्वकर्मा और औजारों की पूजा की जाती है।

    विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त-

    चतुर्दशी तिथि आरंभ (15 सितंबर)- 11 बजकर 1 मिनट से।
    चतुर्दशी तिथि समाप्त (16 सितंबर)- 7 बजकर 56 मिनट तक।
    पूजा का शुभ मुहूर्त- 16 सितंबर- सुबह 10 बजकर 9 मिनट से 11 बजकर 37 मिनट तक।

    ऐसे हुई थी भगवान विश्वकर्मा की उत्पत्ति-

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु भगवान सागर में शेषशय्या पर प्रकट हुए। कहते हैं कि धर्म की 'वस्तु' नामक स्त्री से जन्मे 'वास्तु' के सातवें पुत्र थे। जो शिल्पकार के जन्म थे। वास्तुदेव की 'अंगिरसी' नामक पत्नी से ऋषि विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। माना जाता है कि अपने पिता की तरह ही ऋषि विश्वकर्मा भी वास्तुकला का आचार्य बनें। माना जाता है कि भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र और भगवान शिव का त्रिशूल भी ऋषि विश्वकर्मा ने ही बनाया था। माना जाता है कि भगवान शिव के लिए लंका में सोने के महल का निर्माण भी विश्वकर्मा जी ने ही किया था। कहते हैं कि रावण ने महल की पूजा के दौरान इसे दक्षिणा के रूप में ले लिया था।

     

    धर्म संसार / शौर्यपथ / धन की देवी लक्ष्मी जी को खुश करने के लिए मां की पूजा अर्चना की जाती है। दिवाली पर भी मां लक्ष्मी के आगमन के लिए महीने भर पहले से लोग घरों की साफ-सफाई शुरू कर देते हैं। मां लक्ष्मी अपने भक्तों से प्रसन्न होकर उन्हें धन और वैभव का वरदान देती हैं। ऐसा कहा जाता है कि जिस इंसान से माता लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होती, उन्हें धन का अभाव का सामना करना पड़ता है।

    कुछ ऐसी मान्यताएं हैं जिनमें कहा गया है कि शाम या रात के वक्त इन कामों को करने से माता लक्ष्मी नाराज होती हैं। इसलिए हमें इन कामों को नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं इन कामों के बारे में:

    1.ऐसा कहा जाता है कि शाम के वक्त या रात में दूध या दही को किसी को देना नहीं चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि शाम के समय आप इन्हें बाहर से खरीदकर घर में तो ला सकते हैं, लेकिन इन्हें घर से बाहर किसी को न दें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं।

    2. जिस तरह सुबह घर में पूजा करने से पहले साफ-सफाई करते हैं, उसी प्रकार शाम को भी घर में सूरज के अस्त होने से पहले झाड़ू जरूर लगाएं। घर में शाम को भी साफ-सफाई रखें। खासकर मुख्य द्वार पर कभी भी गंदगी न रहने दें।

    3. रात को रसोईघर में साफ-सफाई करने के बाद ही सोना चाहिए। रात को घर में झूठे बर्तन बिल्कुल भी ना छोड़ें। इस बात का ध्यान रखें कि किचन पूरी तरह से साफ रहे।

    4. मां लक्ष्मी की कृपा से ही हमें अन्न की भी प्राप्ति होी है। इसलिए कभी भी अन्न का अनादर न करें। इसके साथ ही कभी भी खाने को छोड़ना नहीं चाहिए, इससे मां लक्ष्मी नाराज होती हैं। जिससे जीवन में धन, वैभव में कमी आती है।

    5. इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि जिस घर में महिलाओं का अपमान होता है, वहां लक्ष्मी जी वास नहीं करती हैं। इसलिए महिलाओं का हमेशा आदर करना चाहिए। इसके अलावा घर में शाम के समय मीठा बनाकर मां लक्ष्मी जी को भोग लगाना चाहिए।

     

    एक ही बिल्टी पर कई कई ट्रीप मारने के चक्कर में ले रहे है लोगों की जान
    आरटीओ और ट्राफिक कैसे लगाये इनके गति पर लगाम, हर महिना आने वाली लक्ष्मी ने बांध रखे हैं इनके हाथ
    दोपहिया वाहनों पर घौंस जमा चालान काटने वाली पुलिस क्यों नही करती बड़े वाहनों पर कार्यवाही

    भिलाई / शौर्याथ / तीन दिन के ही अंतरात में आज एक फिर हाईवा ने एक को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया। अभी पिछले तीन दिन पहले ही अहिवारा रोड पर बागडूमर के पास एक हाईवा ने एक दम्मति को ठोकर मातरे हुए एक महिला को कुचल दिया था और आज दोपरह साढे 12 बजे बोरसी रोड में बोरसी तालाब के पास एक हाईवा ने अपने दो पहिया वाहन से जा रहे एक 16 वर्षीय किशोर को कुचल कर यमलोक पहुंचा दिया। हुडको निवासी मृतक अर्पित चांदू अपनी मां को बोरसी स्थित स्कूल छोड़कर घर लौट रहा था इसी दौरान सामने से अत्यधिक तेज गति में आ रहे हाईवा वाहन क्रमंाक सीजी 07 डी 7269 के चालक ने लापरवाही पूर्वक चलाते हुए कुचल दिया और उसके बाद गाड़ी को छोड़कर फरार हो गया। गंभीर घायल अवस्था में किशोर को जिला अस्पताल ले जाया गया। परीक्षण के पश्चात डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया । पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर वाहन जप्त कर लिया है।
    हाईवा द्वारा लोगों को कुलचने का प्रमुख जिम्मेदारी आरटीओ विभाग और पुलिस विभाग
    पिछले कई सालों का रिकार्ड देखा जाये तो सबसे अधिक लोगों की हाईवा से कुचलने पर मौत हो गई है। दुर्ग-भिलाई के शहरी एवं इससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में हाईवा कुछ सालों से यमराज बन कर घूम रहे है और कुसमय लोगों को कुचल कर मौत के घाट उतार रहे हैं। इनके तेज गति पर आरटीओं और ट्राफिक पुलिस लगाम लगाने में असफल इसलिए है कि इन दोनों विभाग को इन हाईवा के संचालकों द्वारा हर माह लक्ष्मी प्राप्त हो जाती है, जिसके कारण इन दोनो विभागके हाथ बंधे हुए है,इसलिए आरटीओं और पुलिस वालें इन वाहनों पर लगाम नही लगा रहे है। लोग मरे तो मरे, इन दोनो विभाग को लोगों की जान की परवाह नही है बल्कि केवल इनको अपने मंथली से मतलब है। इसलिए सडक पर यमदूत बनकर दौड़ रही इन हाईवा में जीपीएस सिस्टम लगा है कि नही, और फिटनेस से लेकर बाकी किसी भी चीज पर आरटीओ द्वारा ध्यान नही दिया जा रहा है। जिले के जितने भी हाईवा है, उसमें से 95 प्रतिशत हाईवा केवल अवैध कारोंबार में लिप्त है, और ये एक बिल्टी पर दिन रात मुरम, रेती, गिट्टी से लेकर अन्य खनिजों को ढुलाई करते है इनके बिल्टी कोरा रहता है, इसमें न तो समय रहता है और ना तो तारीख। जब कोई घटना दुर्घटना हो जाता है तो उसमें समय व दिनांक डालकर थाने में उसको दिखा देते है। ये सभी कार्य हाईवा वालों द्वारा अधिकंातर अवैध खनिजों को जिस रास्ते से ढुलाई करते है, उन रास्ते में पढने वाले खनिज चौकी, पुलिस थाना और आरटीओं से पूरी सेटिंग के साथ धड़ल्ले से आपा धापी में ज्यादा ट्रीप लगाने और माल पहुंचाने के लिए अत्यंत ही तेज गति से हाईवा के ड्रायवर चलाते है, और रास्ते में कोई भी आये सीधे कुचलते हुए निकल लेते है।
    देर रात तक ट्राफिक पुलिस बंद करे हाईवा और भारी वाहनों का परिचालन नही तो जाती रहेग ऐसे ही जान
    जिले के पुलिस कप्तान बदलने के बाद लोगों की उम्मीद जागी थी कि इस व्यवस्था में कुछ सुधार होगा लेकिन इस मामले में कोई सुधार नही बल्कि और इनकी गतिविधियां और तेज हो गई है। पहले दिन में एक निश्चित समय तक हाईवा सहित भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था लेकिन तत्कालीन एएसपी एस बी सिंह ने लोगों की जान की परवाह किये बिना फिर इन हाईवा और भारी वाहनों के किसी भी समय परिचालन की अनुमति दे दी थी, जिसका खामियाजा आज आम जनता भुगत रही है, और इनके कारण आज लोग इनकी चपेट में आकर मौत के मुंह में समा रहे है, किसी का जवान बेटा बेटी को किसी का माता पिता खो रहे है। हमारी सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग बनाया गया था लेकिन ये कुछ सालों से देखने में मिल रहा है कि ये आम लोगों की सुरक्षा छोडकर केवल अमीरों की जी हुजूरी करते है और कानूनी कार्यवाही भी उन्ही के हिसाब से करते है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय से वीडियों कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से गोधन न्याय योजना के तहत प्रदेश के 76 हजार 803 गोबर विक्रेताओं को तृतीय किस्त 6 करोड़ 27 लाख रूपए का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना गरीबों, पशुपालकों में काफी लोकप्रिय हो रही है, योजना से सभी को लाभ मिल रहा है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान रायपुर जिले के तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोहका और दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सिकोला के गौठान समिति के सदस्यों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत उनका उत्साहवर्धन किया। गौठान के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को बताया कि वर्तमान में गांव में 43 पंजीकृत पशुपालक हैं, पशुपालकों ने 209 क्विंटल गोबर का विक्रय किया है और उन्हें 4 लाख 18 हजार रूपए की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई है। सदस्यों ने यह भी बताया कि वे गौठान में 80 मवेशियों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था करते हैं। उन्होंने बताया कि समिति के माध्यम से लगभग 4 एकड़ में नेपियर घास का उत्पादन किया जा रहा हैं। इसके अलावा साग-सब्जी की भी खेती कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित की जा रही हैं। गौठान में मछली पालन भी कर रहे है।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समिति के सदस्यों को और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गौ-माता की अच्छी सेवा करने और अधिक मेहनत कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल को सिकोला गौठान समिति के सदस्यों ने बताया कि उनके गौठान में वर्मी कम्पोस्ट बनाने का काम शुरू हो गया है। अब तक दो हजार किलोग्राम से अधिक कम्पोस्ट खाद की विक्रय कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त की गई है।
    मुख्यमंत्री ने गौठान समिति के चरवाहा बुदरू राम से भी बात की। उन्होंने बताया कि वे रोजाना लगभग 45 से 50 किलोग्राम गोबर एकत्र कर लेते है। इससे उन्हे लगभग सौ रूपए की आमदनी हो रही है। सदस्यों ने बताया कि गौठान के आस-पास अन्य जमीनों पर सब्जी-भाजी के उत्पादन के साथ-साथ मुर्गी पालन के लिए शेड भी तैयार किया गया है। जल्द ही मुर्गी पालन शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ-संवर्धन एवं संरक्षण के लिए शुरू की गई गोधन न्याय योजना आप लोगों की मेहनत से ही सफल हो पाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छे से मेहनत कर अतिरिक्त आमदनी कमाने की दिशा में काम करते रहें साथ ही अन्य ग्रामीणों को भी इस दिशा में काम करने प्रेरित करें।
    इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिय़ा, संसदीय सविच श्रीमती रश्मि आशीष सिंह, राज्य महिला आयोग की अघ्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव डॉ. एम.गीता, सचिव आर. प्रसन्ना, नीलेश क्षीरसागर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महानदी भवन मंत्रालय एवं विभागाध्यक्ष कार्यालय इन्द्रावती भवन में शासकीय काम-काज सुचारू रूप से संचालित होते रहे, इसके लिए उन्होंने कोरोना संक्रमण के रोकथाम के सुरक्षा उपायों को दोनों भवनों में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश मुख्य सचिव आर.पी. मंडल को दिए हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के चलते अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की परेशानी न हो इसका उपाए किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मुख्य सचिव को सभी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों से कार्यालयों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपायों के बारे में चर्चा कर सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / अनुविभागीय दण्डाधिकारी डोंगरगढ़ ने शुक्रवार 11 सितम्बर 2020 शाम 7 बजे से शनिवार 19 सितम्बर 2020 सुबह 7 बजे तक नगरीय क्षेत्र डोंगरगढ़ के सभी व्यवसायिक संस्थान को बंद रखने के निर्देश दिए हंै। आदेश में कहा गया है कि नगरीय क्षेत्र डोंगरगढ़ में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण एवं कोरोना पॉजिटिव मामलों को दृष्टिगत रखते हुए जनप्रतिनधियों, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों द्वारा लगातार की जा रही लिखित मांग पर संपूर्ण नगरीय क्षेत्र डोंगरगढ़ को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
    इस प्रतिबंध से केवल अस्पताल, मेडिकल शॉप, शासकीय व अर्धशासकीय कार्यालय, बैंक, मिडिया (न्यूज पेपर वितरण), पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसियों को मुक्त रखा गया है। सब्जी व फल मार्केंट बंद रहेगें। सब्जी व फल विक्रेता होम डिलीवरी या फेरी के माध्यम से घूम-घूम कर सब्जी व फल विक्रय कर सकते है। खाद्य प्रसंकरण से संबंधित उद्योग जैसे राईस मिल, दाल मिल, पोहा मिल आदि यथावत संचालित रहेंगे। दूध डेयरी सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक खोल सकते हैं। किन्तु डेयरी में दूध के अलावा अन्य सामग्री विक्रय की अनुमति नहीं होगी तथा शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक केवल होम डिलीवरी कर सकेंगे। किराना दुकानें बंद रहेंगी। किराना व्यापारी होम डिलीवरी के माध्मय से खाद्य सामग्री की आपूर्ति कर सकेंगे।
    किसी भी प्रकार की सभा, आयोजन, जुलूस, जिम, पार्क, क्लब, धार्मिक स्थल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। सभी नागरिक अपने घर में ही रहेंगे। बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के क्रम में बाहर जाने पर सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करेंगे। किसी भी स्थिति में एक से अधिक व्यक्तियों को घर से बाहर जाने को प्रतिबंधित किया गया है। घर से बाहर जाने की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्यत: अपना वैध प्रमाण पत्र साथ रखना होगा। नागरिकों द्वारा मास्क नहीं पहनने पर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर अर्थदण्ड लगाने की व कोविड एक्ट के उल्लंघन के लिए दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।
    नगरीय क्षेत्र अंतर्गत समस्त संचालित बैंक का आम जनता के लिए कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। बाहर से आने वाले नागरिकों की सूचना शहरी क्षेत्र के निवासी नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के निवासी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को लिखित में देगे। इसमें किसी भी प्रकार की चूक होने पर उनके विरूद्ध भारतीय दण्ड संहित 1860 की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जायेगी। जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत व नगरीय निकाय इसकी सूचना विकासखंड चिकित्सा अधिकारी या विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक डोंगरगढ़ को देने कहा गया है।
    जिनका भी कोरोना टेस्ट हुआ है, उन्हें रिपोर्ट आने तक घर से बाहर नहीं निकलने कहा गया है। नियम का उल्लंघन करने पर कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। जिस भी क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जायेगा, वहां क्षेत्र के नगरीय निकाय के कर्मचारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत के कर्मचारियों द्वारा आवश्यक सामग्री की आपूर्ति की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना प्रोटाकॉल एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कृषि कार्य यथावत संचालित रहेंगे। निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। निर्देशों का उल्लंघन किए जाने पर दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 एपेडमिक एक्ट एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।
    आदेश के परिपालन के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त-
    आदेश के परिपालन के लिए प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जिसके अंतर्गत तहसीलदार डोंगरगढ़ श्री अविनाश ठाकुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है एवं सम्पूर्ण डोंगरगढ़़ क्षेत्र में शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डोंगरगढ़ श्रीमती बीपी एक्का को समस्त स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने, कोरोना टेस्ट तथा संपूर्ण ट्रेसिंग की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी डोंगरगढ़ श्री हेमशंकर देशलहरा को संपूर्ण नगरीय निकाय में सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क पहनाने का पालन, मुनादी कराने एवं कोरोना रोकथाम के लिए आवश्कय कार्रवाई तथा बाहर से आए व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करने एवं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाने का कार्य दिया गया हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डोंगरगढ़ श्री एलके कचलाम को संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाना व बाहर से आये व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करने, विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ श्री फत्तेराम कोसरिया को घरों का एक्टिव सर्विलिएन्स, अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग डोंगरगढ़ श्री जेके तिग्गा एवं अनुविभागीय अधिकारी वन डोंगरगढ़ श्री टीए खान को नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बेरिकेटिंग की व्यवस्था तथा थाना प्रभारी डोंगरगढ़ श्री एलेक्जेण्डर किर्रो को संपूर्ण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र डोंगरगढ़ विशेष कर कंटेनमेंट जोन में कोरोना प्रोटोकॉल के परिपालन हेतु गस्त कराने, कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाने, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, को कार्य में सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    रिसाली / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र के नागरिकों को अब जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने भटकना नही पड़ेगा। अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर श्याम नगर स्थित कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने का कार्य शुरू हो चुका है। रिसाली निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाले 40 वार्ड के नागरिक निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कर प्रमाण पत्र ले सकते है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने आयुक्त ने देवव्रत देवांगन को अधिकृत रजिस्टार नियुक्त किया है।
    उल्लेखनीय है कि पूर्व में शासन के निर्देश पर चिप्स कंपनी द्वारा तैयार साफ्टवेयर पर प्रमाण पत्र बनाने का कार्य च्वाइस सेंटर संचालक कर रहे थे। अब नगरीय निकाय को प्रमाण पत्र बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। रिसाली निगम कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने भटकाव की स्थिति न हो इसके लिए अलग से व्यवस्था की गई है। परिसर में काउंटर बनाया गया है। प्रमाण पत्र को बनाने के लिए 30 दिन समय सीमा निर्धारित है।
    समय सीमा का रखे ध्यान
    जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने आवेदन जमा करने वालों को समय सीमा का ध्यान रखना आवश्यक है। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए 1 माह के भीतर अनिवार्य रूप से आवेदन जमा करना होगा। विलंब होने पर जिला मुख्यालय सांख्यकी विभाग से व एक वर्ष से अधिक होने पर मजिस्टेऊट न्यायालय से आनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की औपचारिकता पूरी करनी होगी।
    आवेदन जमा करने यह दस्तावेज आवश्यक
    जन्म प्रमाण पत्र के लिए निर्धारित प्रपत्र में आवेदन माता-पिता के आधार कार्ड की छाया प्रति के साथ जमा करना होगा। साथ ही पार्षद का प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा। खास बात यह है कि अगर बच्चा संस्थागत प्रसव के तहत रिसाली निगम क्षेत्र के अस्पताल में जन्म लेता है तो इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को निगम कार्यालय में स्वत: देना होगा। वही धर मे जन्मे बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनाने माता पिता को पार्षद द्वारा बनाए प्रमाण पत्र व स्वयं के आधार कार्ड के साथ 30 दिनो के अंदर आवेदन अनिवार्य रूप से जामा करना होगा। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मुक्तिधाम में दाह संस्कार करते समय बनाए जाने वाली पर्ची के अलावा मृतक और आवेदक का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। साथ ही पार्षद का प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। मृत्यु होने की स्थिति में पारिवारिक सदस्य जैसे पति, पत्नि, पुत्र, अविवाहित पुत्री व माता पिता आवेदन कर सकते है।

    खेल /शौर्यपथ /बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज सैफ हसन और टीम के स्ट्रेंथ और कंडिशनिंग कोच निक ली कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। बीसीबी ने श्रीलंका दौरे से पहले सोमवार को 17 खिलाड़ियों और सात स्टाफ सहित 24 सदस्यों को टेस्ट किया गया था। ली का गत अगस्त को दुबई में टेस्ट पॉजिटिव आया था, लेकिन 10 दिनों तक आइसोलेशन में रहने के बाद 23 अगस्त को उनका नतीजा नेगेटिव आया था। ढाका आने पर वह 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रहे थे।

    बीसीबी के स्पोटर्स फिजिशियन डॉ देबाशीष चौधरी ने कहा, “कोरोना के लिए हमारे कंसलटेंट ली के मामले को देख रहे हैं कि क्या यह नए तरीके से कोरोना संक्रमित हुए हैं या पहले से संक्रमित थे।” अक्टूबर-नवंबर के श्रीलंका दौरे के लिए टीम का अभ्यास शिविर इस महीने के आखिर में शुरू होना है। बांग्लादेश में अभी तक कोरोना संक्रमण के तीन लाख से अधिक मामले आ चुके हैं और 4500 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।
    मुख्य चयनकर्ता मिन्हाजुल अबेदिन के अनुसार श्रीलंका दौरे को देखते हुए नियमानुसार 37 सदस्यों का टेस्ट कराया गया। बीसीबी ने इससे पहले एहतियातन व्यक्तिगत रुप से ट्रेनिंग करने की इजाजत दी थी। सैफ हसन बांग्लादेश की टीम के लिए 2 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिसमे उन्होंने 24 रन बनाए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 24 फरवरी 2020 को ही उन्होंने अपना डेब्यू किया था।
    बता दें कि बांग्लादेश के कई क्रिकेटर अबतक कोरोना वायरस का शिकार हो चुके हैं। बांग्लादेश के पूर्व स्पिनर मुशर्रफ हुसैन, पूर्व कप्तान मशरेफ मुर्तजा, नजमुल इस्लाम और नफीस इकबाल भी कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके हैं। बांग्लादेश का एक अंडर 19 क्रिकेटर इफ्तिखार हुसैन भी कोविड-19 की चपेट में आ चुके हैं।
    बता दें कि विश्व में कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 2.73 करोड़ से अधिक हो गई है और 8.92 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना से विश्वभर में अब तक 27342332 लोग संक्रमित हुए हैं और 892648 लोगों की मौत हुई है।

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