
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
दुर्ग / शौर्यपथ / निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा आज कोरोना संक्रमण को देखते हुये जिला चिकित्सालय के सीपीएम संजीव दुबे, एवं नगर निगम दुर्ग के राजस्व निरीक्षक, सहा0 राजस्व निरीक्षक, जिनकी ड्यूटी कोरोना टेऊसिंग टीम में लगायी है उनकी बैठक ली गई। कोरोना संक्रमण के बढ़त क्रम के कारण जिला चिकित्सालय के कोरोना टेस्ंिटग सेंटर में हो रही भीड़ को देखते हुये नगर निगम दुर्ग के आम नागरिकों को बघेरा, पोटियाकला, और जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में कोरोना टेस्ंिटग की सुविधा मिलेगी। निगम आयुक्त बर्मन ने शहर वासियों से अपील कर कहा कि वर्तमान में बढ़ते जा रहे संक्रमण को देखते हुये बघेरा, पोटियाकला और पटरीपार के निवासी जिला चिकित्सालय के अलावा इन जगहों पर जाकर अपना कोरोना टेस्ंिटग करा सकते हैं।
आयुक्त ने बैठक में कहा कि सभी टेऊेसिंग टीम के सदस्य प्रत्येक दिन पॉजिटिव मिले व्यक्तियों के घरों का निरीक्षण करें। जिस दिन भी वार्ड का व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिलता है टेऊेसिंग टीम तत्काल दूसरे दिन वहॉ जाकर कोविड-19 स्लीप चस्पा कर उस घर के सदस्यों को सुरक्षित रहने प्रेरित करें। उस घर को सील करें । उन्होनें कहा उस घर के अगल-बगल के करीब 50 घरों में कोई बीमार व्यक्ति तो नहीं इसका सर्वे का जानकारी देवें। यह कार्य प्रत्येक दिवस वार्ड में जाकर करें। उन्होनें बताया दुर्ग में कोरोना टेस्ट के लिए अन्य 3 स्थानों पर सुविधा प्रदान की जा रही है। जिसमें बघेरा स्कूल के सामने शहरी स्वास्थ्य केन्द्र, पोटियाकला में स्थित शहरी स्वास्थ्य केन्द्र और धमधा नाका जिला आयुर्वेदिक हास्पीटल में कोई भी व्यक्ति आकर कोरोना का टेस्ंिटग करा सकता है।
उन्होनें निगम के स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित कर कहा जिन वार्डो में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति मिलने की जानकारी मिलती है उस वार्ड मोहल्ला क्षेत्र में तत्काल साफ-सफाई के साथ दवाई का छिड़काव करावें और क्षेत्र को सेनेटाईज करायें। बैठक में राजेन्द्र मिश्रा, भूपत भारद्वाज, मनोज मनहरे, रविन्द्र मिश्रा, बद्रीनाथ, गौकरण सोनी, चंदन मनहरे, लीलाधर यादव, निशांत यादव, नरेन्द्र मनहरे सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश समस्त जोन आयुक्तों को दिए है इसी तारतम्य में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ आज दूसरे दिन भी नगर पालिक निगम की टीम ने कार्रवाई की। यह कार्यवाही 2 स्थानों पर हुई एक फरीदनगर और दूसरा सुपेला लक्ष्मी मार्केट क्षेत्र में ! फरीदनगर में एक व्यक्ति द्वारा भवन अनुज्ञा के बिना किए जा रहे निर्माण को बंद करवाया गया। लक्ष्मी नगर मार्केट सुपेला में निगम की जमीन पर बारबेट तार और आरसीसी पोल से की गई फेसिंग को तोड़कर कब्जा खाली कराया गया। जोन 1 के अधिकारियों को फरीदनगर में करीब 22 सौ वर्गफीट जमीन पर बिना परमिशन भवन निर्माण किये जाने की शिकायत मिली थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जोन के अधिकारियों ने सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निर्देश के अनुसार सहायक राजस्व अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भवन मालिक को जमीन और भवन अनुज्ञा से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया। जमीन मालिक द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर निर्माण कार्य को बंद कराया गया। वहीं सड़क पर बिखरे पड़े बिल्डिंग मटेरियल को हटाने के निर्देश दिए।
निगम की जमीन पर किए जा रहे कब्जे को कराया गया खाली
लक्ष्मी नगर मार्केट में एक व्यक्ति द्वारा सीमेंट पोल और फेंसिंग तार से घेरकर कब्जा कर लिया था। जिसे निगम की टीम ने तोडफ़ोड़ कर कब्जा खाली कराया। उल्लेखनीय है कि 1 दिन पूर्व ही निगम के जोन क्रमांक 2 की टीम ने वार्ड क्रमांक 14 रामनगर क्षेत्र में नाली के ऊपर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए दुकान को तोड़कर को अतिक्रमण मुक्त कराया था!
आरटीपीसीआर और ट्रू नॉट जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी मोबाइल नम्बरों पर,जांच की रिपोर्ट लेने अस्पताल आने की ज़रूरत नहीं
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर द्वारा आम जनता से अपील की हैै कि दुर्ग जिले में कोविड 19 जांच (सैंपल) जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि यदि रैपिड एन्टीजन जांच की जाती है तो रिर्पोट जांच स्थल में ही तुरंत मिल जाएगी और यदि ट्रूनॉट अथवा आरटीपीसीआर जांच होती है तो उसकी रिर्पोट संबंधित के मोबाईल नंबर में मैसेज के माध्यम से भेजी जाएगी। रिर्पोट के लिए उन्हें कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील है की है कि फिजिकल डिस्टेसिंग, सेनेटाईजर, मास्क, हैण्डवॉश का नियमित उपयोग करें। जहां तक संभव हो कम से कम घर से घर से बाहर निकलें।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना से बचने के लिए ये तरीका भी अच्छा है कि क्यों न थोड़ी आदत बदल लें..., राजनांदगांव जिले में कुछ इसी तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है। कोरोना संक्रमण के दौर में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का जिले में कई सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। कोरोना को मात देने की जद्दोजहद में लोगों की आदतें अब तेजी से बदल रही हैं। अच्छी तरह हाथ धोने के साथ ही मास्क, सैनिटाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर या थर्मामीटर का उपयोग अब एक तरह से हर घर की बात हो गई है।
दवा व्यवसायी बताते हैं कि विशेषकर कोरोना संक्रमणकाल में सैनिटाइजर, मास्क, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की मांग तेजी से बढ़ी है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि, कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और लोगों के बीच इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। कोराना संक्रमण से बचाव के लिए मॉस्क, सैनिटाइजर के उपयोग के साथ ही बार-बार हाथ धोना और दो गज की दूरी रखना अब लोगों की आदत का हिस्सा बनने लगा है। लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेट मरीजों को अपने साथ खासकर पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर रखना अनिवार्य किया है।
यह जागरूकता अभियान का ही परिणाम है कि अब कोरोना मरीजों के अलावा आम लोग भी बाजार से सैनिटाइजर, मॉस्क, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीदी कर अपनी सेहत की घरों में ही जांच करने लगे हैं। जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष देवव्रत गौतम ने बताया कि कोरोना मरीजों को होम आइसोलेट करने की सुविधा देने के बाद बिक्री में और तेजी आई है।
शहर की अलग-अलग दुकानों से रोजाना 80 से 100 नग पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर बिक रहे हैं। होम आइसोलेट मरीजों की तुलना में इसकी बिक्री अधिक होने से स्पष्ट हो रहा है कि सामान्य लोग भी अपनी सेहत की जानकारी घर पर ही जुटाने के लिए इसकी खरीदी कर रहे हैं। राहत वाली बात ये है कि अब तक थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर की किसी तरह की शार्टेज नहीं है। मांग से अधिक स्टाक अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स में मौजूद हैं। वहीं मॉस्क, सैनिटाइजर भी अब बाजार में जरूरत से कहीं अधिक मौजूद है।
192 कोरोना संक्रमित होम आइसोलेट
जिले में वर्तमान में 192 कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट किया गया है। इन्हें अपने पास पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर रखना अनिवार्य है, लेकिन इन मरीजों की तुलना में इनकी बिक्री कई गुना तक बढ़ गई है। सप्ताहभर से शहर में पल्स ऑक्सीमीटर की खरीदी रोजाना 100 के लगभग है। वहीं इतनी ही संख्या में थर्मामीटर भी बिक रही है। इससे साफ है कि सामान्य लोगों में भी अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूकता आई है।
ऑक्सीजन लेवल की जानकारी देती है पल्स ऑक्सीमीटर
पल्स ऑक्सीमीटर शरीर में ऑक्सीजन लेवल की जानकारी देती है। यह डिवाइस खून में मौजूद ऑक्सीजन के स्तर को मापती है। यह हार्ट रेट की रीडिंग भी देती है। इससे यह भी पता लगता है कि फेफड़ों के लिए दी गई दवाई कितने अच्छे से काम कर रही है एवं यह पता लगता है कि सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता है या नहीं? सांस से जुड़ी अलग.अलग जानकारी के लिए यह डिवाइस काम आती है।
कीटाणु और बैक्टीरिया से बचाता है सैनिटाइजर
इन दिनों हाथों को धोने के लिए साबुन की जगह हैंड सैनिटाइजर का उपयोग अधिक किया जा रहा है। हैंड सैनिटाइजर कीटाणुओं और बैक्टीरिया को हमारे हाथों से निकाल देता है, साथ ही इसके इस्तेमाल के बाद हाथों से भीनी सी महक भी आती है, लेकिन कुछ लोगों को बार-बार हाथ धोने की आदत सी होती है। ऐसे लोगों को हर छोटे-बड़े काम में हाथ डालने के बाद लगता है कि उनके हाथ सिर्फ पानी से साफ नहीं हो पाएंगे, इसलिए वे बार-बार हाथ साफ करने के लिए हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करते हैं।
ऐसे काम करता है थर्मामीटर
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस की पहचान व रोकथाम में थर्मामीटर काफी उपयोगी साबित हुआ है, जिसके माध्यम से बिना छुए ही किसी व्यक्ति का तापमान मापा जा सकता है। थर्मामीटर मरीज के शरीर का तापमान डिग्री फॉरेन्हाइट व डिग्री सेल्सियस में पलक झपकते ही बता देता है। यह गैर-संपर्क दूरस्थ अवरक्त इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर है। यह माथे से अवरक्त गर्मी विकिरण को एकत्र कर शरीर के तापमान को मात्र एक सेकेंड में माप सकता है। यह डिफरेंस तापमान को भी सेंसर के माध्यम से पढ़ लेता है। यह इस्तेमाल में भी आसान और सटीक परिणाम देता है। इसमें एलसीडी डिस्प्ले भी रहता है, जो अंधेरे वातावरण में भी काम कर सकता है।
कंपनियों ने दाम किए कम, सप्लाई बढ़ाई
दवा व्यवसायियों के अनुसार बगैर लक्षण वाले मरीजों के होम आइसोलेट किए जाने की प्रक्रिया के बाद इन उपकरणों की खरीदी बढ़ी है। इसी के साथ कंपनियों ने इसकी सप्लाई भी बढ़ा दी है। पहले की तुलना में इन उपकरणों के दाम भी कम कर दिए गए हैं।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं के द्वारा बेचे गए गोबर का लेखा जोखा रखने के लिए एप तैयार किया गया है, जिसके माध्यम पंजीकृत हितग्राही अपने सभी विवरण इसमें देख सकेंगे। जिले में एप के माध्यम से गोबर की खरीदी 6 सितम्बर से की जाएगी। इस संबंध में नोडल अधिकारियों को एप से संबंधित जानकारी को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि गोबर खरीदी के लिए शासन के द्वारा चिप्स के माध्यम से एप तैयार कराया गया है। जिले में कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्ग निर्देशन में गोधन न्याय योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिपं सीईओ ने बताया कि अब एप के माध्यम से गोधन न्याय योजना का संचालन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिस तरह से धान खरीदी में किसानों का पंजीयन किया जाता है, उसी तरह गोधन न्याय योजना में गोबर विक्रेताओं का पंजीयन कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) द्वारा किया जाना है। ऐसा करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि गोबर खरीदी के समय विक्रेताओं की जानकारी भरने की आवश्यकता न रहे। केवल क्रय किए गए गोबर की मात्रा ही भरना पड़े। उन्होंने बताया कि जिन हितग्राहियों ने गोबर विक्रय किया हैं उनकी जानकारी एनआईसी में एकत्रित हो गई है। उनका पंजीयन दुबारा करना आवश्यक नहीं होगा। सिर्फ जिन्होंने अब तक गोबर नहीं बेचा है उनका ही पंजीयन पैक्स के माध्यम से कराये जाने कहा है। उन्होंने गोठान नोडल अधिकारियों को अभियान चलाकर शेष सभी गोबर विक्रेताओं का पंजीयन कराने कहा है।
एप के संबंध में सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद भी अगर कहीं पर भी कोई कठिनाई आती है तो जिला स्तरीय अधिकारी या फिर चिप्स के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके समस्या का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 6 सितम्बर से गोबर की खरीदी चिप्स एप के माध्यम से की जाएगी। इस एप की सहायता से पंजीकृत हितग्राही अपने पंजीयन की जानकारी जैसे व्यक्तिगत विवरण, बैंक विवरण एवं संबंधित गोठान का नाम देख पाएंगे। इसमें हितग्राही द्वारा बेचे गए गोबर की तिथिवार जानकारी एवं विक्रय से प्राप्त राशि की जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
प्रत्येक गोठान के लिए नोडल
जिपं सीईओ अग्रवाल ने बताया कि जिले की 234 गोठान में नोडल अधिकारी नियुक्ति किए गए हैं। जो शासन की महत्वकांक्षी योजना एनजीजीबी के तहत बनाए गए गोठान में सतत गतिविधियों एवं गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन, निरीक्षण करेंगे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर निगम के नेताप्रतिपक्ष एवं पूर्व महापौर श्रीमती शोभा सोनी के आकस्मिक निधन पर नगर निगम में सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जहां पार्षदगणों एवं अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनि श्रद्धांजलि देते हुये दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी गयी।
निगम अध्यक्ष हरिनारायण पप्पू धकेता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि पार्षद पद से राजनीति की शुरूआत करने वाली श्रीमती शोभा सोनी नगर में जनता में अपनी सादगी एवं कर्मठता की छवि बनाई। कोई भी व्यक्ति किसी भी काम के लिये उनके पास जाता था, उसका वे संतुष्ट कर भेजती थी। दलगत राजनीति से उपर उठकर वे कार्य करती थी। उनके आकस्मिक निधन का समाचार मिलने पर विश्वास ही नहीं हो रहा था, कि वे हमारे बीच नहीं है। ऐसा लग रहा है, मानो वे अभी भी हमारे बीच है।
नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने संवेदना व्यक्त करते हुये कहा कि कल दोपहर में उनके निधन का समाचार प्राप्त हुआ तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि वे हमारे बीच नहीं रही। नेता प्रतिपक्ष होने के बाद भी सही सलाह देकर निगम के कामों में सहयोग करती थी। उनके निधन से परिवार सहित निगम को क्षति हुई है। जिसकी पूर्ति कभी नहीं हो सकती। आयुक्त कौशिक ने महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख के शोक संदेश पढ़ कर सुनाते हुये कहा कि मैडम ने भी श्रीमती सोनी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और व्यक्तिगत क्षति बताते हुये कहा कि उनके द्वारा प्राप्त सभी पदों का कुशलतापूर्वक निर्वाहन किया है। जिसके कारण उनकी एक जन नेता के रूप में पहचान बनी थी, उनके स्वर्गवास होने से नगर निगम सहित राजनांदगांव शहर की अपूर्णीय क्षति हुई है। जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। मैं उनके आत्मा की शांति के लिये निगम परिवार सहित शहर वासियों की ओर से प्रार्थना करती हूॅ।
पार्षद शिव वर्मा ने शोक संदेश में कहा कि अपने कर्तव्य परायण एवं मिलन सारिता से श्रीमती शोभा सोनी नगर में गांव की नोनी के नाम से प्रसिद्ध थी। उनका अकस्मात चला जाना हमारे लिये अपूर्णीय क्षति है, जो कभी पूरी नहीं हो सकती। मैं अपनी ओर से एवं हम सबकी ओर से उनकी आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना करता हूॅ। अंत में उपस्थित जनों द्वारा श्रीमती शोभा सोनी को दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। शोक सभा का संचालन कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी ने किया। इस अवसर पर महापौर परिषद के प्रभारी सदस्यगण, पार्षदगण, नामांकित पार्षदगण एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / संयुक्त किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष दीनदयाल साहू ने दसवी एव बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम के संबंध में एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि दसवीं एवं बारहवी की उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर लिखने के साथ ही पहली बार परीक्षाथियेां के नाम लिखना व उनका फेल होना या पूरक आना अनेकों संदेह को जन्म देता है क्येांकि उक्त छात्र-छात्राओं के पुर्नमूल्यांकन के समय उनका नंबर का बढना या पास होना यह साधारण घटना नही है। यह ऐसा प्रतीत होता है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल के जांच में लगे शिक्षक क्षेत्रवाद, जातिवाद से ग्रसित होकर उत्तर पुस्तिका के नामों और सर्नेम को देखकर नंबर दिया जाता है या छात्रों को फेल-पास किया जाता है। जिससे माध्यमिक शिक्षा मंडल की विश्सनीयता पर सवालिया निशान लग रहा है।
ज्ञात हो कि पुर्नमूल्यांकन में नंबर बढाकर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर के साथ नाम और सर्नेम अतिरिक्त पहचान का उल्लेख क्यों करवाया गया है? उसका जवाब देना चाहिए। क्योंकि आज तक ऐसा नही हुआ है, और छात्र-छात्राओं के द्वारा मांग किये जाने पर उत्तर पुस्तिका का फोटो कापी भी अभी तक नही दिया गया है।
ज्ञातव्य हो कि 64 हजार छात्र-छात्राओं का सप्लीमेंटरी आना छग सरकार के शिक्षा नीति और पढाई के स्तर के लिए सोचनीय विषय है। श्री साहू ने आगे बताया कि लगभग 24 हजार छात्र-छात्राओं द्वारा अपने रिजल्ट से संतुष्ट नही होना और पुर्नगणना, पुर्नमूल्यांकन, एवं उत्तर पुस्तिका को देखने की मांग किया जाना रूटिन वर्क कहना बेईमानी होगा। श्री साहू ने आगे कहा कि परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका में छात्र-छात्राओं के रेाल नंबर के साथ उसके नाम का उल्लेख करवाया जाना और उसके सर्नेम को लिखवाया जाना किसी षडयंत्र के तहत अनुतीर्ण करने एवं प्रतिभावान छात्रों को निराश किये जाने का कही घृषित सरकारी चाल तो नही है, क्योंकि छात्र-छात्राओं के पुर्नमुल्यांकन में 20 नंबर से 50 नंबर तक बढे हैं, और इस संबंध में कुछ कॉपी जांचने वाले शिक्षकों पर छोटी-मोटी कार्यवाही करने का संकेत मिला है, छग माध्यमिक शिक्षा मंडल के के तहत आने वाले स्कूलों में गरीब और साधारण तबके के लोगों के बच्चे पढते हैं और पैसे वालों के बच्चे सीबीएसई और केन्द्रीय विद्यालयों के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढते हैं। इस बात को मद्दे नजर रखते हुए गरीब बच्चों के मां बाप बहुत मुश्किल से पेट काटकर अपने बच्चे एवं उनके भविष्य को संवारने सरकारी स्कूल में पढाते हैं, प्रतिभावान छात्रों को हतोत्साहित करना यह समझ से परे हैं और इनके परीक्षा परिणाम के कारण कई छात्र-छात्राएं आत्महत्या तक कर लेते हैं या मनोरोग के शिकार हो जाते हैं। उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। यह भी माध्यमिक शिक्षा मंडल को तय करना चाहिए।
साहू ने आगे कहा कि प्रभावित छात्रों के परिणाम में यह देखना चाहिए कि कहीं ये सरस्वती शिशु मंदिर के या आर्य समाज के स्कूल के अथवा वर्ग विशेष या गैर छत्तीसगढिय़ा छात्र-छात्राएं तो नही है? इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर हमारी मांग है कि तत्काल कार्यवाही की जाये और इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए।
भिलाई / शौर्यपथ / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस एवं उससे जुड़े विभाग ब्लास्ट फर्नेस शॉप और ब्लास्ट फर्नेस-8 के शानदार प्रयासों से समग्र ब्लास्ट फर्नेसों ने अगस्त, 2020 में टेक्नो-इकोनॉमिक्स पैरामीटर्स के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाने में सफल हुआ है।
विदित हो कि संयंत्र का ब्लास्ट फर्नेस-8 महामाया ने नवम्बर, 2019 में 417 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के पिछले सर्वश्रेष्ठ निष्पादन से बेहतर करते हुए अगस्त, 2020 में 414 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल का सर्वश्रेष्ठ मासिक कोक दर प्राप्त किया है। ब्लास्ट फर्नेस-8 ने जून, 2020 में 97 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के अधिकतम सीडीआई दर में वृद्धि करते हुए अगस्त, 2020 में 99 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के सर्वश्रेष्ठ मासिक कोल डस्ट इंजेक्शन (सीडीआई) दर को भी अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है।
संयंत्र के एक मुख्य विभाग के रूप में ब्लास्ट फर्नेसों ने अगस्त, 2020 में 437 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल का सर्वश्रेष्ठ मासिक कोक दर प्राप्त किया है, जो कि पिछले नवम्बर, 2019 में 442 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के अधिकतम कोक दर से बेहतर है। ब्लास्ट फर्नेसों ने जून, 2020 में सर्वाधिक 78 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के सीडीआई दर को हासिल किया था, जिसे पार करते हुए अगस्त, 2020 में 85 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के सर्वश्रेष्ठ मासिक कोल डस्ट इंजेक्शन (सीडीआई) दर प्राप्त कर नया रिकॉर्ड बनाने में सक्षम हुआ है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / गुरूवार को जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बम्हनीडीह जनपद पंचायत में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम पंचायत मौहाडीह में बन रहे नवीन ग्राम पंचायत भवन निर्माण को लेकर मौके पर लापरवाही बरतने, कार्य को समय पर पूर्ण नहीं करने और निर्माण कार्य में रूचि नहीं लेने पर मौहाडीह पंचायत सचिव शंकरलाल यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही तकनीकी सहायक प्रदीप मिश्रा एवं प्रभारी रोजगार सहायक श्रीमती रोशनी दिवाकर की सेवा समाप्ति करने के निर्देश मौके पर दिए।
जिपं सीईओ अग्रवाल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं 14 वें वित्त के संयुक्त अभिसरण से ग्राम पंचायत मौहाडीह, सोनीयापाठ, भंवरमाल एवं भागोडीह में नवीन पंचायत भवन निर्माण किया जा रहा है। जिपं सीईओ श्री अग्रवाल ने मौहाडीह पहुंचकर नवीन पंचायत भवन का निरीक्षण किया। नवीन पंचायत भवन का निर्माण कार्य 15 सितम्बर तक पूर्ण होना था, लेकिन मौके पर भवन के कॉलम का भराव नहीं होने, अपने पदीय कर्तव्य का निर्वहन उचित ढंग से नहीं करने पर जमकर संबंधित तकनीकी सहायक, सचिव, रोजगार सहायक को फटकार लगाई।
उन्होंने मौके पर ही मौहाडीह सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए इस दौरान सचिव का मुख्यालय जनपद पंचायत बम्हनीडीह निर्धारित किया। साथ ही तकनीकी सहायक एवं रोजगार सहायक की सेवा समाप्ति करते हुए एक माह पूर्व सूचना देने कहा। इसके बाद उन्होंने नवीन ग्राम पंचायत भवन भंवरमाल, भागोडीह एवं सोनीयापाठ का भी निरीक्षण करते हुए तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता सुधारने, लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुबेर उरेठी उपस्थित रहे।
जिले के सभी पंचायत भवन 15 सितम्बर तक करें पूर्ण
जिपं सीईओ अग्रवाल ने महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण के माध्यम से बनाए जाने वाले पंचायत भवन की गुणवत्ता एवं सतत मानीटरिंग करने के निर्देश सभी जनपद पंचायत सीईओ, मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक को दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में 26 ग्राम पंचायत भवन 15 सितम्बर तक पूर्ण किए जाने है। ताकि 2 अक्टूबर 2020 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर लोकार्पण किया जा सके। जिले में 26 नवीन पंचायत भवन जनपद पंचायत नवागढ की ग्राम पंचायत भादा, जनपद पंचायत अकलतरा ग्राम पंचायत चंदनिया, करहीडीह, जनपद पंचायत बलौदा की बैजलपुर, जनपद पंचायत सक्ती में मंद्रागोढ़ी, कांदानार, जनपद पंचायत डभरा में खैरमुडा, कोसमंदा, भोजपुर, सिरौली, जनपद पंचायत जैजैपुर में केकराभाट, गलगलाडीह, आमाकोनी, बर्रा में नवीन ग्राम पंचायत भवन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा जनपद पंचायत मालखरौदा के दर्राभाटा, बीरभाटा, अण्डा, परसाडीह, अचरितपाली, बरपाली, तो वहीं जनपद पंचायत बम्हनीडीह की ग्राम पंचायत मौहाडीह, सोनीयापाठ, परसापाली, भंवरमाल, देवरहा, भागोडीह में नवीन पंचायत भवन का निर्माण किया जा रहा है।
चरोदा / शौर्यपथ / भिलाई-चरोदा नगर निगम के भावी चुनाव के मद्देनजर भिलाई-चरोदा नगर निगम के 40 वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया जा चुका है। इसके प्रारंभिक प्रस्ताव का प्रकाशन 11 अगस्त को किए जाने के साथ ही जिलाधीश कार्यालय में 19 अगस्त तक सुझाव अथवा आपत्ति आमंत्रित की गई थी। निश्चित समयावधि मे विभिन्न वार्डों को लेकर 30 से भी अधिक आपत्तियां दर्ज कराई गई। लेकिन बिना आपत्तिकर्ताओं को बुलाये ही जिला स्तर पर आपत्तियों का निराकरण कर परिसीमन के प्रस्ताव को स्वीकृति हेतु राज्य शासन को प्रेषित किए जाने से किसी तरह के बदलाव की संभावना पर अब संदेह उभर आया है। दरअसल नए परिसीमन की इस कवायद में वार्डों की संख्या से तो किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई, लेकिन कुछ वार्डों की सीमा बदलने के साथ ही चरोदा रेलवे कालोनी के दो वार्डों को विलोपित कर दिए जाने से नाराजगी देखी गई थी। वहीं भिलाई-3 की पुरानी बस्ती में सुमार महामाया पारा को शांतिनगर और शांतिनगर के कुछ इलाके को मिलाकर श्याम नगर वार्ड बना दिए जाने को लेकर भी जिला कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराया गया था। इन आपत्तियों का निराकरण कब और कैसे किया गया इस बात का कोई खुलासा नहीं होने से परिसीमन के प्रारंभिक प्रस्ताव में किसी प्रकार के बदलाव होने की संभावना क्षीण नजर आ रही है।
गौरतलब रहे कि नये परिसीमन के प्रस्ताव में चरोदा रेलवे कालोनी के अंतर्गत आने वाले कुल पांच वार्ड की सीमाओं को मिलाकर अब तीन वार्डों में विभाजित किया गया है। इससे वहां के दो पार्षदों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। इसी तरह डबरापारा उत्तर व दक्षिण के रूप में दो वार्ड थे।
अब दोनों को मिलाकर एक वार्ड बना दिया गया है। एक वार्ड के अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहने की स्थिति से डबरापारा में रहने वाले सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लोगों को दूसरे वार्ड से पार्षद बनने का मौका मिलता था। इस मौके के छिन जाने से डबरापारा के लोगों ने भी आपत्ति दर्ज कराया था। इस तरह की अन्य आपत्तियां भी अलग-अलग वार्डों से परिसीमन को लेकर दर्ज करा दी गई थी। लेकिन आपत्तिकर्ताओं को बुलाये बिना ही आपत्ति का निराकरण कर बंद लिफाफा राज्य शासन के समक्ष स्वीकृति हेतु भेज दिए जाने से लोगों में नाराजगी के साथ ही संशय की स्थिति बनी हुई है।
खो जाएगी वार्डों की पुरानी पहचान
निगम के वर्तमान परिषद में भाजपा पार्षद दल के नेता दिलीप पटेल का कहना है कि परिसीमन के प्रारंभिक प्रस्ताव के यथावत रहने पर कई वार्डों की पुरानी पहचान खो जाएगी। शीतला पारा भिलाई-3 की सबसे पुरानी बस्ती है। पहले इसके नाम से बने वार्ड में विश्व बैंक कालोनी शामिल था। अब विश्वबैंक कालोनी को नया वार्ड बनाते हुए शीतला पारा को नजदीकी शांतिनगर वार्ड मे शामिल कर दिया गया। वहीं शांतिनगर के ही आधे से अधिक क्षेत्र को लेते हुए कम आबादी वाले इलाके श्याम नगर के नाम से नया वार्ड बनाया जाना समझ से परे हैं। श्री पटेल ने कहा कि नियमानुसार सुझाव व आपत्ति लिए जाने के बाद आपत्तिकर्ताओं की गैरमौजूदगी में परिसीमन को अंतिम रूप देकर शासन को भेजा जाना अनुचित है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
