August 03, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    दुर्ग निगम में बदहाल सफाई व्यवस्था: महापौर अलका बाघमार की निष्क्रियता और स्वास्थ्य प्रभारी नीलेश अग्रवाल की अनुभवहीनता से शहर बदबूदार जीवन जीने को मजबूर ? Featured

    • rounak group

    दुर्ग।शौर्यपथ ख़ास रिपोर्ट
        दुर्ग नगर पालिक निगम क्षेत्र आज "स्मार्ट सिटी" नहीं बल्कि "गंदगी सिटी" की पहचान से जाना जाने लगा है। जनता ने बड़े भरोसे के साथ भाजपा प्रत्याशी अलका बाघमार को महापौर और निगम की कमान सौंपी थी, परंतु अब यही जनता गंदगी, कचरे और दुर्गंध से जूझ रही है।

    महापौर की पोस्टरबाज़ी बनाम जनता की नाराज़गी

       महापौर अलका बाघमार ने चुनाव से पहले स्वच्छ और व्यवस्थित दुर्ग का सपना दिखाया था। लेकिन सत्ता में आते ही उनका ध्यान जनता की समस्याओं से हटकर केवल पोस्टरबाज़ी और उत्सवों की राजनीति तक सिमट गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर "स्वच्छता सेवा पखवाड़ा" का आयोजन कर निगम शहर को स्वच्छ बताने की कोशिश कर रहा है, जबकि ज़मीनी हकीकत यह है कि हर गली और मोहल्ले में गंदगी और बदबू ने डेरा जमा लिया है। जनता पूछ रही है—"पोस्टर से पेट नहीं भरता और बदबू से जीना दूभर है, महापौर साहिबा ये कैसा सुशासन?"

    स्वास्थ्य प्रभारी नीलेश अग्रवाल: अनुभवहीनता का प्रतीक

      महापौर ने सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी निगम के स्वास्थ्य प्रभारी नीलेश अग्रवाल को सौंपी है। लेकिन अग्रवाल का प्रदर्शन शहर के लिए निराशाजनक और शर्मनाक रहा है। शहर के प्रमुख स्थानों—पुलिस अधीक्षक का बंगला, छात्रावास, गर्ल्स हॉस्टल और आम नागरिकों के ठहरने-बैठने वाले स्थानों तक—हर जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। नालियों से निकलती दुर्गंध और सड़कों पर बिखरे कचरे ने नागरिकों का जीना मुश्किल कर दिया है। स्वास्थ्य प्रभारी की भूमिका केवल बैठकों और बातों तक सीमित रह गई है।
      जनता कह रही है कि अगर पहली बार विधायक बने और शिक्षा मंत्री का पद संभालते ही गजेंद्र यादव सक्रियता से शिक्षा विभाग में नई ऊर्जा ला सकते हैं, तो फिर पहली बार पार्षद बने नीलेश अग्रवाल सफाई व्यवस्था में ऐसा असफल क्यों साबित हो रहे हैं? इसका जवाब शायद निगम की राजनीति के गलियारों में छिपा है।

    मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की सोच को आईना

       प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार "सुशासन" और "स्वच्छ भारत" की बात करते हैं। लेकिन उनके ही नाम पर चुनी गई शहरी सरकार जब गंदगी और बदबू फैलाने में अव्वल साबित हो रही है, तो यह न केवल शहर की छवि धूमिल कर रहा है बल्कि प्रदेश और केंद्र सरकार की सोच को भी कटघरे में खड़ा कर रहा है।

    सामान्य सभा की अग्निपरीक्षा

       अब पूरा शहर इस बात पर नज़र गड़ाए बैठा है कि दुर्ग नगर निगम की आगामी सामान्य सभा में क्या जनप्रतिनिधि जनता के स्वास्थ्य और सफाई जैसे गंभीर मुद्दे पर सवाल उठाएंगे? या फिर मौन रहकर केवल सत्ता सुख का आनंद लेंगे?

    कटाक्ष :

    "शहर डूबा कचरे में, पोस्टरों में चमक रही सरकार!"
    "जनता मांगे सफाई, निगम दे रहा बदबू की कमाई!"
    "अलका बाघमार की निष्क्रियता और नीलेश अग्रवाल की अनुभवहीनता ने दुर्ग को बना दिया बदबूगंज!"

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision