July 28, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    अच्छी आदतें:नए साल में डालें पढ़ने और लिखने की आदत, ऐसे कर सकते हैं शुरुआत

    • rounak group

    अच्छी आदतें /शौर्यपथ/

    बढ़ती तकनीक और इंटरनेट पर निर्भरता के कारण हम लिखना और किताबें पढ़ना दोनों भूल चुके हैं। स्थिति ये है कि जब कुछ लिखने के लिए कलम उठाते हैं, तो हाथ कांपते हैं और ऐसी हस्तलिपि बनती है कि अपना ही लिखा हुआ पढ़ने में दिक़्क़त होती है। जब हम अच्छी आदतों और जीवनशैली की बात करते हैं, तो उसमें रोज़ लिखने और पढ़ने की आदत भी शामिल होनी चाहिए। अगर इस आदत को छोड़ चुके हैं, तो नए कैलेंडर वर्ष के साथ फिर से अपनाएं।

    छोटे से शुरुआत करें

    किसी नई चीज़ को अपनाने या दोबारा शुरु करने के लिए प्रयास छोटा होना चाहिए। कहने का अर्थ ये है कि दो-तीन पन्ने एक-साथ लिखने से बेहतर है कि शुरुआत एक उक्ति लिखने या एक पैराग्राफ लिखने से करें। फिर धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं। अगर सिर्फ़ अभ्यास के लिए लिख रहे हैं, तो एक पैराग्राफ ही काफ़ी है। इसी तरह पढ़ने के लिए किताब के एक भाग से शुरुआत करें और रोज़ पढ़ें। धैर्य के साथ पढ़ने और लिखने से धीरे-धीरे क्षमता बढ़ेगी और आदत बन जाएगी।

    हर छोटी-छोटी चीज़ लिखें

    हाथ में मोबाइल और कम्प्यूटर होने के कारण हर छोटी-छोटी चीज़ें इसमें लिखने लगे हैं। बेहतर होगा कि इन्हें डायरी या कागज़ पर लिखें। अगर शॉपिंग की सूची बना रहे हैं, तो मोबाइल के नोट्स के बजाय काग़ज़ पर लिखें। घर में किस डिब्बे में कौन-सा सामान रखा है इसे किसी डायरी में लिखें। ख़ास रेसिपी या कोट्स इकट्‌ठा करने की आदत है या पसंद है, तो कम्प्यूटर में फोल्डर बनाने के बजाय डायरी में ही लिखें।

    रोज़ की टू डू लिस्ट

    डायरी लिखने की आदत डालें। अलग से एक डायरी बनाएं। रोज़ आपको कौन-कौन से काम पूरे करने हैं डायरी में लिखें। सुबह उठने के बाद डायरी में पूरे दिन किए जाने वाले कार्य लिखें और उन्हें पूरा करने की कोशिश करें। इसके अलावा आपने दिनभर क्या-क्या किया उसके लिए अलग से डायरी बना सकते हैं। यानी कि दिन पूरा होने के साथ आपने क्या-क्या किया, रोज़ की क्रियाओं को डायरी में लिखें। इससे लिखने की आदत बनी रहेगी।

    अख़बार पढ़ना ज़रूरी है

    अख़बार हर घर में आता है, तो रोज़ सुबह इसे पढ़कर दिन की शुरुआत करें। इससे ना केवल पढ़ने की आदत बनेगी बल्कि जानकारी भी बढ़ेगी। इसी तरह अपनी पसंद की किताब भी सुबह के वक़्त ही पढ़ें। अगर सुबह के वक़्त व्यस्त रहते हैं, तो रात में अख़बार और किताब पढ़ें। किताब बदल-बदल कर पढ़ें, जैसे कि एक किताब कहानी की पढ़ें, तो अगली निबंध की पढ़ सकते हैं। ऐसे ही विषय बदल-बदलकर पढ़ें, ताकि रुचि बनी रहे।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision