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व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /सावन के महीने को बेहद पवित्र माना जाता है. इस पावन माह में भगवान शिव का खास पूजन किया जाता है. हर महीने 2 प्रदोष व्रत भी रखे जाते हैं. प्रदोष व्रत में भोलेनाथ की पूजा होती है जिस चलते सावन में पड़ने वाले प्रदोष व्रत का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है. जल्द ही सावन का अगला प्रदोष व्रत पड़ने वाला है. यह सोम प्रदोष व्रत होगा. मान्यतानुसार सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है. जानिए सोम प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त आदि.
सोम प्रदोष व्रत कब है |
पंचांग के अनुसार, सावन के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर सोम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. इस साल त्रयोदशी तिथि 28 अगस्त शाम 6 बजकर 22 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 29 अगस्त दोपहर 2 बजकर 47 मिनट पर इसका समापन हो जाएगा. इस चलते प्रदोष व्रत 28 अगस्त के दिन ही रखा जाएगा.
सोम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 28 अगस्त शाम 6 बजकर 48 मिनट से रात 9 बजकर 2 मिनट के बीच है. इस खास मुहूर्त में पूजा करना अत्यधिक शुभ हो सकता है.
प्रदोष व्रत की पूजा विधि
सोम प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं. इस दिन व्रत रखने वाले व्रत का संकल्प लेते हैं और भगवान शिव का ध्यान करते हैं.
प्रदोष व्रत की पूजा रात के समय होती है लेकिन सुबह भी भक्त शिव मंदिर दर्शन के लिए जाते हैं. शिव पूजा में विशेषकर बेलपत्र, फूल, पंचामृत और शक्कर आदि पूजा सामग्री में शामिल किए जाते हैं.
पूजा के दौरान भगवान शिव के मंत्रों का जाप किया जाता है. शिव आरती की जाती है और भोग लगाने के बाद पूजा का समापन होता है.
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
