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May 23, 2026
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जोश-जोश में Shilajit के साथ न खा लेना ये 5 चीजें, Ayurveda डॉ. ने माना- लेने के देने पड़ जाएंगे

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  सेहत टिप्स /शौर्यपथ /शिलाजीत सबसे शक्तिशाली और चमत्कारी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि शिलाजीत में यौन स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का इलाज करने की ताकत है। हालांकि यह चमत्कारी जड़ी-बूटी कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने में मदद कर सकती है। इसका सेवन ज्यादातर पुरुषों की मर्दानगी और यौन क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है, क्योंकि यह शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन लेवल स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
    शिलाजीत के फायदे क्या हैं? यह जड़ी-बूटी सर्दी-खांसी के साथ-साथ थकान और तनाव को भी कम करने में मदद करती है। इस प्रकार यह एक चमत्कारिक जड़ी बूटी है, जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकती है। शिलाजीत का सेवन अक्सर गोलियों या पाउडर के रूप में किया जाता है और इसका सेवन पानी या दूध के साथ करना सबसे अच्छा होता है। नॉएडा के ई-260 सेक्टर 27 स्थित 'कपिल त्यागी आयुर्वेद क्लिनिक' के डायरेक्टर कपिल त्यागी के आपको बता रहे हैं कि कुछ खाद्य पदार्थों के साथ शिलाजीत को खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे कई समस्याएं हो सकती हैं।
भारी भोजन के बाद न करें शिलाजीत का सेवन
      आयुर्वेद के अनुसार, शिलाजीत का सेवन करते समय भारी भोजन से दूर रहना चाहिए क्योंकि इससे सीने में जलन, गैस और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, कुलथी दाल, चने और छोले (काले और सफेद चने) खाने से भी बचना चाहिए। अगर ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाए तो ये शिलाजीत के प्रभाव कम हो सकता है।
शीलाजीत के फायदे
मसालेदार भोजन
      मसालेदार खाना खाने का मजा तो है, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए किसी भी तरह से अच्छा नहीं है, खासकर अगर आप शिलाजीत का सेवन कर रहे हैं। मसालेदार भोजन भी इस जड़ी बूटी के प्रभाव को कम कर सकता है। दरअसल, मसालेदार भोजन पित्त दोष को बढ़ा सकता है और इस असंतुलन के कारण शिलाजीत के फायदे कम हो सकते हैं।
खट्टे फल
      जब कोई शिलाजीत का सेवन कर रहा हो तो उसे खट्टे फलों का सेवन करने से बचना चाहिए। भले ही खट्टे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं, लेकिन वे अपनी अम्लीय प्रकृति के लिए भी जाने जाते हैं। शिलाजीत और खट्टे फलों का एक साथ सेवन करने से अपच और एसिडिटी की समस्या हो सकती है, जिससे शरीर को दोनों का लाभ नहीं मिल पाता है।
मांस और मछली
अक्सर शिलाजीत के साथ मांस और मछली का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, शिलाजीत को पशु प्रोटीन के साथ मिलाने से इसके अवशोषण और प्रभाव में बाधा आ सकती है। आयुर्वेद पाचन को अनुकूलित करने और पोषक तत्वों को अवशोषित करने की शरीर की क्षमता को बढ़ाने के लिए उचित भोजन संयोजन बनाए रखने पर जोर देता है। इसलिए, शिलाजीत के लाभों का पूरी तरह से उपयोग करने के लिए, इसे मांस और मछली के साथ खाने से बचने का सुझाव दिया जाता है।
शहद
     आयुर्वेद सुझाव देता है कि शिलाजीत के साथ शहद मिलाने से शिलाजीत के लाभकारी गुण संभावित रूप से बेअसर हो सकते हैं। शहद की गर्म तासीर और शिलाजीत की शक्ति एक-दूसरे पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, जिससे उनकी ताकत कम हो सकती है। आयुर्वेदिक के अनुसार, इसके शक्तिशाली औषधीय गुणों को बचाने और इसे शरीर के भीतर बेहतर ढंग से काम करने के लिए शिलाजीत को अलग से लेने की सिफारिश की जाती है।

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