August 06, 2026
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    महिलाओं की पहली पसंद बन रही छाया , गर्भनिरोधक गोलियां परिवार नियोजन का है अस्थाई विकल्प प्रसार-प्रचार से बढ़ रही जागरुकता

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    रायपुर / शौर्यपथ / परिवार नियोजन के अस्थाई साधन के तौर पर छाया साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोलियां महिलाओं की पहली पसंद बन रही है । जागरूकता बढ़ने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनका इस्तेमाल शुरू हो गया है।लॉकडाउन के बाद से जिले में इसका प्रसार-प्रचार जोरों पर है। छाया गर्भनिरोधक गोलियों के प्रसार-प्रचार में मितानिन की भी भूमिका महत्वपूर्ण हैं।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मीरा बघेल के अनुसार परिवार को नियोजित रखने में छाया गर्भनिरोधक गोलियां काफी कारगर हैं। वर्ष 2019-20 में जहॉ 3,845 गोलियां इस्तेमाल हुई थी वहीं 1अप्रैल 2020 से 31 अगस्त 2020 तक 3,975 छाया गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल किया जा चुका है । छाया का वितरण स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा मितानिन के द्वारा भी गृह भ्रमण के दौरान किया जा रहा है ।
    ज़िले में महिलाओं की रुचि परिवार नियोजन के प्रति बढ़ रही है।पिछले साल की अपेक्षा इस साल छाया का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। लोग इनके प्रति जागरूक हो रहे हैं। और इसका प्रयोग भी बढ़ रहा है।
    बीरगॉव की मितानिन सविता साहू बताती हैं,“मैं पिछले 4 माह से छाया टेबलेट का इस्तेमाल कर रही हूँ और मेरे दो बच्चे हैं, मैं और बच्चे नहीं चाहती हूँ इसलिए मैं टेबलेट का नियमित इस्तेमाल कर रही हूं । इसके इस्तेमाल से गर्भधारण नहीं होता है और अनचाहे गर्भ की चिंता से भी छुटकारा मिलता है।“
    वहीं हितग्राही मधु साहू कहती है,“मैं एक गृहणी हूँ,मेरी 1 वर्ष की एक बच्ची है और मैं अभी दोबारा मां बनना नहीं चाहती हूँ। मैं अपने बच्चों में 5 वर्ष का अंतर रखना चाहती हूँ ताकि मैं अपने पहले बच्चे का देखरेख अच्छे से कर सकूं । इसलिए मैं छाया गोली का प्रयोग कर रहीं हूँ इसकी जानकारीमुझे मितानिन दीदी के द्वारा मिली है | उन्होंने बच्चों में अंतर रखने के लिए छाया गोली का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी और कहा था कि इसको खाने से तुम अनचाहे गर्भ को रोक सकती हो और जब बच्चा चाहिये तब इस गोली का उपयोग बंद कर देना।“
    छाया गर्भ निरोधक गोली प्राप्त करने की सुविधा जिला अस्पताल, सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध है।अनेक मितानिन स्वयं परिवार नियोजन के लिए छाया अपनाकर उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। साथ ही अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रहीं हैं।
    छाया का नहीं है कोई साइड इफेक्ट
    स्टीरॉयड न होने की वजह से छाया नान हार्मोनल गर्भनिरोधक गोली है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। मासिक चक्र के दीर्घकरण के अलावा छाया का कोई दुष्प्रभाव नहीं पाया गया है। हार्मोनल गोलियों की तुलना में छाया के सेवन से मोटापा, मतली होना, उल्टी या चक्कर आना, रक्तस्त्राव और मुहांसे जैसे कोई दुष्प्रभाव नहीं होते। इस कारण यह अधिक सुरक्षित है।
    ऐसे करें छाया का सेवन
    छाया का सेवन आरंभ करने के लिए मासिक धर्म शुरू होने वाले दिन पहली गोली लेनी होती है। इसके बाद चौथे दिन दूसरी गोली। उदाहरण के तौर पर यदि किसी का मासिक धर्म रविवार को शुरू हुआ तो पहली गोली रविवार को व दूसरी चौथे दिन यानि बुधवार को लेनी होगी। इसके बाद तीन माह तक हर सप्ताह रविवार और बुधवार को यह गोली लेनी है।तीन महीने बाद हफ्ते में एक गोली सिर्फ रविवार को लेना है जब तक बच्चा नहीं चाहिये।
    ज़िले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर है उपलब्ध
    छाया टेबलेट जिला मातृएवं शिशु अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर मिलती है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में 11सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 35प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,163उप स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य केन्द्रों है ।

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