August 01, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    लॉकडाउन की वजह से बच्चे का टीका छूटे तो घबराएं नहीं, बस बरतें ये सावधानियां

    • rounak group

    सेहत / शौर्यपथ / लॉकडाउन के कारण अगर आप अपने बच्चे का जरूरी टीका लगवाने से रह गए हैं तो आपकी चिंता जायज है। असल में कोविड-19 के कारण हेल्थ संसाधनों पर ज्यादा बोझ होने से नियमित टीकाकरण में व्यवधान पैदा हुआ है। जिससे ये समस्या पैदा हुई है। ऐसी स्थिति से निटपने के लिए इंडियन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने कुछ निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करते हुए इस असाधारण समय में बच्चे की देखभाल की जा सकती है।

    लॉकडाउन में 32 लाख बच्चे रह जाएंगे वंचित-
    -01 साल पहले पैदा हुए खसरा या एमएमआर डोज से वंचित रह सकते हैं।
    -5.5 लाख नए बच्चे हर सप्ताह जुड़ रहे हैं टीकाकरण से पूर्ण या आंशिक वंचितों में।
    -2020 के जनवरी-फरवरी में पैदा हुए बच्चों को मार्च-अप्रैल में दी जाने वाली डीटीपी-पोलियो खुराक छूटी।
    -32.4 लाख बच्चे देश में टीकाकरण से छूट जाएंगे या उनको सभी टीके नहीं लग सकेंगे।

    (स्त्रोत - इंडियन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स )

    इम्यूनिटी मजबूत करता है टीकाकरण-
    टीका बीमारियों के वायरस को कमजोर कर देता है या उसे खत्म कर देता है। टीकाकरण से शिशु के शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यूनिटी) मजबूत रहती है। जिससे भविष्य में बीमारियों से बचने में मदद मिलती है। टीकाकरण संक्रामक बीमारियों जैसे पोलियो आदि के प्रसार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

    इम्यूनाइजेशन न होने पर संक्रमण का खतरा-
    विश्व स्वास्थ्य संगठन यह चिंता जता चुका है कि जिन देशों में रुटीन टीकाकरण नहीं हो पा रहा है, वहां बच्चों के शरीर में कोरोना व अन्य तरह के वायरस व रोगों से लड़ने के लिए मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र नहीं तैयार नहीं हो पाएगा।

    मां क्वारंटाइन हो तो ये करें-
    किसी बच्चे की मां अगर कोरोना ग्रस्त रही हो या उन्हें होम क्वारंटाइन किया गया हो तो उस बच्चे को वैक्सीनेट करने की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में अभिभावक अपने डॉक्टर की सलाह लेकर बच्चे का टीकाकरण कराएं।

    टीका छूटने पर ऐसा करें अभिभावक-
    इंडियन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने अभिभावकों को सलाह दी है कि कोविड-19 के कारण बच्चों के छूटे टीके को आगे की तारीखों में लगवाना ठीक रहेगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि नवजात को बीसीजी, बी-ओपीवी और हेपेटाइटिस बी की बर्थ डोज मिली है या नहीं। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के संपर्क में रहें और शिशु की पोलियो, इन्फ्लूएंजा, एमएमआर और खसरा की खुराक प्राथमिकता से लगावाएं।

     

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision