August 01, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

      वास्तु टिप्स /शौर्यपथ /वास्तु शास्त्र में हर एक चीज का अपना महत्व है. इसमें दिशाओं का खास ध्यान रखा जाता है. इसलिए घर बनाते समय वास्तु शास्त्र का लोग बहुत ध्यान देते हैं. ऐसे में आज हम आपको यहां पर किचन की खिड़की में फिटकरी बांधने के क्या फायदे होते हैं, उसके बारे में बताएंगे, तो आइए बिना देर किए जानते हैं.
    खिड़की में फिटकरी बांधने के फायदे -
    1- अगर आप फिटकरी को कमरे की खिड़की पर लटका देते हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है. इससे वास्तु दोष दूर  होता है. इसके अलावा आप फिटकरी को काले कपड़े में बांधकर खिड़की पर लटकाएं इससे आर्थिक स्थिति अच्छी होती है.
    2- वहीं, खिड़की पर फिटकरी लटकाने से शुक्र दोष भी दूर होता है. इससे शरीर भी स्वस्थ रहता है. यह निगेटिव एनर्जी को दूर करता है. इससे क्लेश नहीं होता है.
    3- फिटकरी का उपाय करने से घर में क्लेश नहीं होता है. लेकिन महीने में एकबार फिटकरी को बदल जरूर दें. इससे फायदा होगा.
    4- रात को अगर आप सही ढंग से सो नहीं पाते हैं तो फिर फिटकरी से जुड़ा ये उपाय जरूर करें. इस नुस्खे से आपको बुरे सपने भी नहीं आएंगे. फिटकरी के टुकड़े को खिड़की पर बांधने से बुरी नजर दूर रहती है.

      आस्था /शौर्यपथ/ हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत की विशेष मान्यता है. पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है. माना जाता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती का पूजन भी किया जाता है. पंचांग के अनुसार, अप्रैल महीने का पहला प्रदोष व्रत 6 अप्रैल, शनिवार के दिन पड़ने वाला है. शनिवार के दिन पड़ने के चलते इसे शनि प्रदोष व्रत  भी कहते हैं. जानिए इस दिन किस तरह भगवान शिव की पूजा से उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है.
    प्रदोष व्रत के दिन कैसे करें भगवान शिव को प्रसन्न |
    पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का 6 अप्रैल, सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर शुरू हो जाएगी और इस तिथि का समापन अगले दिन 7 अप्रैल, सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर हो जाएगा. संध्या के समय प्रदोष काल में प्रदोष व्रत की पूजा होती है इस चलते 6 अप्रैल के दिन ही प्रदोष व्रत रखा जाएगा.
    इस दिन भगवान शिव की पूजा करने के लिए सुबह के समय जल्दी उठकर स्नान किया जाता है और स्नान पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं. इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करके व्रत का संकल्प लेते हैं. असल पूजा शाम के समय होती है परंतु सुबह के समय भी पूजा-पाठ किया जाता है. शाम के समय शिवलिंग पर भांग, मदार, बेलपत्र और पुष्प अर्पित किए जाते हैं. इस दिन शिव चालीसा  के पाठ से भी भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं.
    दोहा
    जय गणेश गिरिजा सुवन,
    मंगल मूल सुजान।
    कहत अयोध्यादास तुम,
    देहु अभय वरदान ॥
    चौपाई
    जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥
    भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥
    अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन क्षार लगाए॥
    वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि नाग मन मोहे॥
    मैना मातु की हवे दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
    कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥
    नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥
    कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥
    देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥
    किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥
    तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥
    आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥
    त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥
    किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी॥
    दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥
    वेद माहि महिमा तुम गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥
    प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला। जरत सुरासुर भए विहाला॥
    कीन्ही दया तहं करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥
    पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥
    सहस कमल में हो रहे धारी।कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥
    एक कमल प्रभु राखेउ जोई।कमल नयन पूजन चहं सोई॥
    कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर।भए प्रसन्न दिए इच्छित वर॥
    जय जय जय अनन्त अविनाशी।करत कृपा सब के घटवासी॥
    दुष्ट सकल नित मोहि सतावै।भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै॥
    त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो।येहि अवसर मोहि आन उबारो॥
    लै त्रिशूल शत्रुन को मारो।संकट ते मोहि आन उबारो॥
    मात-पिता भ्राता सब होई।संकट में पूछत नहिं कोई॥
    स्वामी एक है आस तुम्हारी।आय हरहु मम संकट भारी॥
    धन निर्धन को देत सदा हीं।जो कोई जांचे सो फल पाहीं॥
    अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी।क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥
    शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥
    योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। शारद नारद शीश नवावैं॥
    नमो नमो जय नमः शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥
    जो यह पाठ करे मन लाई। ता पर होत है शम्भु सहाई॥
    ॠनियां जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥
    पुत्र होन कर इच्छा जोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥
    पण्डित त्रयोदशी को लावे।ध्यान पूर्वक होम करावे॥
    त्रयोदशी व्रत करै हमेशा। ताके तन नहीं रहै कलेशा॥
    धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥
    जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्त धाम शिवपुर में पावे॥
    कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥
    दोहा
    बहन करौ तुम शीलवश, निज जनकौ सब भार।
    गनौ न अघ, अघ-जाति कछु, सब विधि करो सँभार
    तुम्हरो शील स्वभाव लखि, जो न शरण तव होय।
    तेहि सम कुटिल कुबुद्धि जन, नहिं कुभाग्य जन कोय
    दीन-हीन अति मलिन मति, मैं अघ-ओघ अपार।
    कृपा-अनल प्रगटौ तुरत, करो पाप सब छार॥
    कृपा सुधा बरसाय पुनि, शीतल करो पवित्र।
    राखो पदकमलनि सदा, हे कुपात्र के मित्र॥
    ।। इति श्री शिव चालीसा समाप्त ।।

    लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / बच्चे अक्सर ही नाक में दम कर देते हैं. चाहे अपने खिलौनों को यहां-वहां फैलाना हो, खाना समय से ना खाना हो, हर समय कुछ ना कुछ मांगना, बेसमय खेलने की जिद करना हो या फिर बच्चों का आपस में झगड़ना, ये सभी चीजें मां को गुस्सा दिलाने वाली साबित होती हैं. ऐसे में मां या तो बच्चे पर चिल्लाने लगती हैं या फिर गुस्सा करने और तनाव   लेने लगती हैं. ये गुस्सा या तनाव मां की सेहत के लिए अच्छा नहीं है, साथ ही बच्चे भी बार-बार डांट सुनने से डरने लगते हैं. इसीलिए मां के लिए खुद को शांत रखना बेहद जरूरी है. ऐसे में यहां कुछ ऐसे टिप्स दिए गए हैं जिन्हें ध्यान में रखकर मां खुद को शांत रखकर बच्चे को भी अपने गुस्से का पात्र बनने से बचा सकेंगी.
    मांएं खुद को कैसे रखें शांत |
    लें पूरा आराम
    अक्सर ही आराम की कमी फ्रस्ट्रेशन का कारण बनती है. अगर आप पूरा या पर्याप्त आराम नहीं लेंगी तो हो सकता है आपको इरिटेशन होने लगे और हर छोटी-बड़ी बात पर आपको गुस्सा आने लगे. इसीलिए कोशिश करें कि हर थोड़ी देर में अपने लिए समय निकालकर आप कुछ खाएं-पिएं, थोड़ा टहल लें या लेटकर कमर सीधी कर लें.
    पहले सिचुएशन को समझें
    अगर अचानक से आपको बच्चा किसी टूटे बर्तन के साथ नजर आ जाए तो उसपर एकदम से ही गुस्सा करने से पहले उसकी बात सुनें और पूरी सिचुएशन को समझें. हो सकता है हवा से बर्तन गिर गया हो या फिर बरतन पहले से ही गिरा पड़ा हो. बिना पूरी बात जाने गुस्सा  करने से परहेज करें.
    चिल्लाने के बजाए परेशानी का हल ढूंढें
    कई बार बच्चा किसी काम को बिगाड़ देता है या सही तरह से नहीं करता तो मां को उसपर गुस्सा आता ही है. मां  बच्चे पर चिल्लाकर अपना गुस्सा शांत करती हैं. लेकिन, चिल्लाने के बजाय बच्चे ने जो काम बिगाड़ा है उसपर फोकस करने की कोशिश करें. बच्चे से बिना जाने-समझे अनजाने में भी गलती हो सकती है.
    अपने गुस्से के परिणाम को सोचें
    कई बार मां का गुस्सा बच्चों को जरूरत से ज्यादा प्रभावित कर देता है. मान लीजिए बच्चा कहीं बाहर दोस्त की पार्टी में जाने के लिए खुशी से तैयार हो रहा हो लेकिन लेट हो रहा हो. आपके गुस्सा करने और चिल्लाने के कारण बच्चे का पूरा दिन खराब हो सकता है. इसीलिए अपने गुस्से के परिणाम को पहले ही सोच लें.

      ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बाल को सुंदर, चमकदार, काले और घने बनाए रखने के लिए इनकी सही तरीके से देखभाल करना बहुत जरूरी है. हफ्ते में दो बार ऑयलिंग और हेयरवॉश जरूर करें. इसके अलावा हेयर स्पा महीने में एक बार करना चाहिए. वैसे, हेयर स्पा के लिए लोग पार्लर को चुनते हैं, जबकि घर पर भी किया जा सकता है. इसका तरीका क्या होगा इस आर्टिकल में आपको बताने वाले हैं.
    हेयर स्पा क्रीम इंग्रीडिएंट
    इसको बनाने के लिए आप दही, शहद और कच्चा दूध चाहिए. (अपने हेयर लेंथ के हिसाब से सामग्री लीजिए).
    सबसे पहले आप इन सारी सामग्रियों को मिक्स कर लीजिए. फिर आप अपने बाल को शैंपू से वॉश कर लीजिए. अब बालों को सुखा लीजिए. फिर इस पेस्ट को बालों में अप्लाई कर लीजिए. इस क्रीम को 30 से 45 मिनट तक लगाकर रखिए, फिर गुनगुने पानी से धो लीजिए. ऐसा हफ्ते में 1 बार करें. इससे आपके रूखे-सूखे बाल मुलायम और चमकदार होंगे.
    शहद के पोषक तत्व
    विटामिन्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और मिनरल्स भी मौजूद होते हैं, जो सेहत के साथ-साथ बालों के लिए फायदेमंद .
    दही के पोषक तत्व
    असल में दही में प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी6 और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों के लिए बहुत फायदेमंद है.
    कच्चा दूध पोषक तत्व
    कच्चा दूध कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन-बी, पोटेशियम और विटामिन डी से भरपूर होता है. इसमें प्रोटीन की भी प्रचुरता होती है.

    ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /अजवाइन एक ऐसा मसाला है, जो हर भारतीय किचन में आपको मिल जाएगा. यह आपके भोजन को स्वादिष्ट और पेट को मजबूत बनाते हैं. अजवाइन आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे आप स्वस्थ और फिट रहते हैं.  लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अजवाइन आपकी सुंदरता को भी बढ़ा सकते हैं? दरअसल, अजवाइन के भूरे बीज आपके बालों की लंबाई को बढ़ाने का काम कर सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे.
    अजवाइन तेल के फायदे
    अजवाइन का तेल बालों के झड़ने, रूसी और रूखेपन से लड़ सकता है. जिन लोगों के सिर में पपड़ीदार रूसी है उन्हें अजवाइन तेल बालों में जरूर लगाना चाहिए. इससे आपको बहुत राहत होगी.
    इसके अलावा तेल की खासियत है कि यह सिर में होने वाली खुजली को कम करती है.इससे ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है. हेयर ग्रोथ भी तेज से करता है यह तेल.
    अजवाइन तेल एंटी फंगल गुणों से लड़ने में मदद करता है. यह स्कैल्प को साफ रखता है. जिन लोगों के हेयर ड्राई हैं उनके लिए तो यह तेल बहुत फायदेमंद है. आप केवल 15 दिन इसको बालों में लगा लेते हैं, तो हेयर ग्रोथ में इजाफा होगा.
    कैसे लगाएं बालों में
    आप कोई भी हेयर ऑयल ले लीजिए उसमें अजवाइन के भूरे बीज पकाइए, फिर ठंडा होने के लिए रख दीजिए. अब इसे छानकर बालों की मालिश करिए.
    अजवाइन के अन्य फायदे
    अजवाइन आपके मेटाबॉलिज्म को भी दुरुस्त कर सकती है. अगर आप रोजाना अजवाइन का सेवन करते हैं, तो यह भूख बढ़ाने में मदद करता है, पाचन में सहायता करता है और कोलेस्ट्रॉल कम करता है.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ /गर्मियों के मौसम में खुद को गर्मी से बचाने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और लिक्विड ठंडी चीजों का सेवन करना चाहिए. ताकि शरीर में पानी की कमी न हो पाए. क्योंकि पानी की कमी के चलते शरीर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप भी इस गर्मी शरीर को एकदम फ्रेश रखना चाहते हैं  और बीमारियों से दूर रहना चाहते हैं तो आप सत्तू के शरबत का सेवन कर सकते हैं. सत्तू शरबत गर्मियों का काफी फेमस ड्रिंक है. ये न केवल स्वाद बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. सत्तू के शरबत का सेवन करने से आप दिनभर एनर्जेटिक महसूस कर सकते हैं. इसके अलावा ये आपके शरीर को ठंडक पहुंचाने में भी मदद कर सकता है. सत्तू दो प्रकार के होते हैं एक है चने का सत्तू और दूसरा है जौ मिला सत्तू. दोनों को भून और पीस कर सत्तू बनाया जाता है. सत्तू शरबत को आप नमकीन या मीठा अपनी पसंद के हिसाब से बना सकते हैं. सत्तू में फाइबर, आयरन, मैंगनीज, प्रोटीन, मैग्नीशियम और लो सोडियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जो शरीर को कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मददगार है. तो चलिए जानते हैं गर्मियों के मौसम में सत्तू के शरबत को पीने के फायदे.
    सत्तू का शरबत पीने के फायदे-
    1. वजन घटाने-
    गर्मियों के मौसम में सत्तू के शरबत का सेवन करने से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है. क्योंकि सत्तू में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ एहसास कराने का काम कर सकता है.
    2. एनर्जी-
    सत्तू में बहुत से मिनरल्स जैसे आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस आदि पाए जाते हैं, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देने का काम कर सकते हैं.
    3. लू से बचाने-
    सत्तू की तासीर ठंडी होती है, जिसकी वजह से गर्मियों में इसका सेवन करने से लू और डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती.
    4. कब्ज-
    सत्तू में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो पेट और आंतों को साफ रखने में मदद कर सकता है. सत्तू के सेवन से कब्ज की समस्‍या को भी दूर किया जा सकता है. 

       सेहत टिप्स/शौर्यपथ/गर्मियों के मौसम की शुरूआत हो चुकी है. इस मौसम में अपने आपको हेल्दी और फिट रखने के लिए हेल्दी चीजों का सेवन बेहद जरूरी माना जाता है. अगर आप भी इस गर्मी लू और पानी की कमी से बचना चाहते हैं तो आप रोजाना एक गिलास छाछ का सेवन कर सकते हैं. छाछ दही से तैयार किया जाता है. छाछ में कई तरह के पोषक तत्व जैसे विटामिन ए, बी, सी और ई पाए जाते हैं. जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मददगार हैं. छाछ एक सुपर हेल्दी ड्रिंक है, जो गर्मी से बचाने और शरीर को ठंठक पहुंचाने का काम कर सकता है. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं गर्मियों में छाछ पीने के फायदे.
    छाछ पीने के फायदे-
    1. पानी की कमी-
    छाछ पोषक तत्वों का भंडार है. इसे नमक, चीनी, पुदीना डालकर पीने से डिहाइड्रेशन, दस्त और गर्मी से बचा जा सकता है. इस ड्रिंक का सेवन करने से पानी की कमी नहीं होती है.
    2. पेट के लिए-
    अगर आपको एसिडिटी, पेट में जलन की शिकायत है, तो आप छाछ का सेवन करें. खाना खाने के बाद छाछ का सेवन करने से एसिडिटी और पेट में होने वाली जलन से राहत मिल सकती है.
    3. वजन घटाने-
    गर्मियों के मौसम में वजन को कम करना काफी मुश्किल हो जाता है. अगर आप भी अपने वजन को कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो आप छाछ का सेवन कर सकते हैं. छाछ में कैलोरी और फैट की मात्रा कम होती है. गर्मियों में इसका सेवन करने से फैट को तेजी से बर्न किया जा सकता है.
    4. स्किन-
    गर्मियों के मौसम में स्किन से जुड़ी समस्या काफी देखी जाती है. अगर आप भी अपनी स्किन को हेल्दी रखना चाहते हैं तो छाछ का सेवन कर सकते हैं. छाछ में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी, विटामिन ए के गुण पाए जाते हैं, जो स्किन को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / सनातन परंपरा में अमावस्या तिथि का बेहद महत्व है. अगर यह तिथि सोमवार या शनिवार को पड़े तो इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. ज्योतिष शास्त्र में इस दिन को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं.  इस बार चैत्र मास की अमावस्या तिथि 8 अप्रैल, 2024 दिन सोमवार प्रात: 03 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इसका समापन उसी दिन 8 अप्रैल, 2024 रात्रि 11 बजकर 50 मिनट पर होगा. सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा और व्रत करने का विधान है. तो चलिए जानते हैं सोमवती अमावस्या पर क्या करें और क्या नहीं.
    सोमवती अमावस्या तिथि पर क्या करें और क्या न करें?
    अपने पितरों को भोजन, जल और अन्य वस्तुएं अर्पित करें.
    मांसाहारी भोजन या शराब का सेवन न करें.
    धर्मग्रंथों का पाठ करें.
    इस दिन चना, मसूर दाल, सरसों का साग और मूली जैसी चीजों को खाने की मनाही होती है.
    पूजा-पाठ पर ज्यादा से ज्यादा जोर दें.
    भगवान विष्णु की पूजा करें.
    इस तिथि पर क्रोध करने से बचें.
    सोमवती अमावस्या व्रत रेसिपी-
    सोमवती अमावस्या पर अगर आप व्रत कर रहे हैं तो आप साबूदाने की खीर का सेवन कर सकते हैं.  इसे आसानी से बनाया जा सकता है. पूरी रेसिपी के लिए यहां क्लिक करें.  
    सोमवती अमावस्या पूजन विधि-
    सोमवती अमावस्या के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और दिन की शुरुआत देवी-देवता के ध्यान से करें. इसके बाद स्नान करें. अब भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करें. इसके पश्चात भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करें. शास्त्रों के अनुसार इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ को स्पर्श करके पूजा अर्चना की जाती है. इसके अलावा धान, पान और खड़ी हल्दी को मिला कर उसे विधान पूर्वक तुलसी के पेड़ पर भी चढ़ाने की मान्यता है.

      ज्योतिष  शाश्त्र /शौर्यपथ /वैदिक ज्योतिष में शनि को सभी ग्रहों में सबसे संवेदनशील माना जाता है. शनि देव जातक के कर्मों के लिहाज से उसका न्याय करते हैं. उनको न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है. शनि को लेकर अक्सर ये कहा जाता है कि जिससे वो नाराज हो जाएं उसे काफी कष्ट झेलने पड़ते हैं. ऐसे में शनि की चाल भी काफी मायने रखती है. ढाई साल में घर बदलने वाले शनि जब वापस उसी घर में जाते हैं तो 30 साल लग जाते हैं. फिलहाल शनि अपनी मूल राशि यानी कुंभ में विराजे हैं और 29 जून को इसी राशि में शनि उल्टी चाल चलेंगे यानी शनि वक्री हो जाएंगे. शनि की ये वक्री चाल कई राशियों के भाग्य में परिवर्तन ला सकती है. चलिए जानते हैं कि शनि की वक्री चाल का किन राशियों पर अच्छा असर पड़ने वाला है.
    शनि वक्री के राशियों पर प्रभाव |
    मेष राशि
    शनि 29 जून की रात को 12 बजकर 35 मिनट पर अपनी ही राशि यानी कुंभ में उल्टी चाल से चलने लगेंगे. शनि इस वक्री अवस्था में 15 नवंबर तक रहेंगे और शनि की उल्टी चाल के ये 139 दिन 3 राशियों के लिए काफी शुभ रहेंगे. इसमे सबसे पहली राशि है मेष. शनि मेष राशि के एकादश भाव में वक्री हो रहे हैं. ये भाव धन का भाव है और इस लिहाज से शनि का वक्री होना मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक तौर पर काफी लाभदायक रहने वाला है. आकस्मिक धन लाभ होगा और इसके साथ-साथ करियर और बिजनेस में भी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं. लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे और संतान का सुख भी मिल सकता है. आय के नए रास्ते खुलेंगे और परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा.  
    वृषभ राशि
    शनि की वक्री अवस्था का शुभ लाभ वृषभ राशि (Taurus) के जातकों को भी मिलेगा. शनि इस राशि के दसवें भाव में वक्री हो रहे हैं और ऐसे में शनि की वक्री चाल इस राशि के जातकों के लिए आर्थिक तौर पर लाभकारी साबित होगी. करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं. अटके काम पूरे होंगे. वरिष्ठ लोगों का साथ मिलेगा. करियर और बिजनेस में तरक्की होगी और धन लाभ के योग बन रहे हैं. इसके साथ-साथ पैतृक संपत्ति में लाभ के भी योग बन रहे हैं. इस राशि के जातकों का बैंक बैलेंस बढ़ेगा और वो अच्छी सेविंग भी कर पाएंगे.
    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के लिए शनि की वक्री चाल काफी फायदेमंद रहने वाली है क्योंकि शनि इस राशि के चौथे भाव में रहेंगे और वो इस भाव के स्वामी हैं. करियर में लाभ होगा और नए बिजनेस प्लान बनाने पर कामयाब होंगे. परिवार का सहयोग मिलेगा और आय के नए रास्ते खुलेंगे. अचानक कहीं से धन लाभ हो सकता है. जिस भी काम में हाथ डालेंगे, वहां मेहनत से आपको कामयाबी मिलेगी. परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और खुशखबरी मिल सकती है.

      मनोरंजन/शौर्यपथ /फिल्म इंडस्ट्री यानी कि माया नगरी उस दुनिया का नाम है जहां चढ़ते सूरज को ही सलाम किया जाता है. एक बार स्टारडम का सूरज मद्धिम होता है तो उस सितारे को लोग भुलाने लगते हैं. लेकिन इस बच्चे की बात कुछ और है. ताल्लुक तो फिल्मी दुनिया से है, एक्टर भी उम्दा ही बना, लेकिन जबरदस्त हिट के नाम पर कोई सोलो फिल्म दर्ज नहीं करवा सका. उसके बावजूद ये सितारा करोड़ों में खेलता है और लग्जरी लाइफ भी जीता है. ये स्टार हैं अभय देओल. जो 19 साल लंबे फिल्मी करियर में सोलो हिट के लिए तरस रहे हैं और जो चंद हिट फिल्में उनके नाम पर दर्ज हैं, वो मल्टीस्टारर फिल्में हैं.
    इस घराने से है रिश्ता
    अभय देओल सीधे-सीधे स्टार किड तो नहीं हैं, लेकिन उनका ताल्लुक एक बड़े फिल्मी घराने से है. वो एक्टर अजीत देओल के बेटे हैं और उनसे भी बड़ा नाम है धर्मेंद्र का. धर्मेद्र रिश्ते में अभय देओल के ताऊ जी लगते हैं. इस नाते अभय देओल, सनी देओल और बॉबी देओल के चचेरे भाई भी लगते हैं. इसके अलावा उनका रिश्ता ईशा देओल और अहाना देओल से भी जुड़ता है. लेकिन जिस बुलंदी पर सनी देओल और बॉबी देओल का नाम पहुंचा, उस बुलंदी पर अभय देओल का नाम कभी नहीं पहुंच सका. साल 2005 में सोचा न था मूवी से फिल्मों में कदम रखने वाले अभय देओल अब तक 13 फ्लॉप फिल्में दे चुके हैं.
    जीते हैं लग्जरी लाइफ
      फिल्मों में भले ही अभय देओल कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके हों, लेकिन वो एक लग्जरी लाइफ जीते हैं. वो 400 करोड़ की मिल्कियत के मालिक हैं. अपनी हर फिल्म के लिए वो 3 करोड़ रु. चार्ज करते हैं. इसके अलावा वो ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए 25 लाख रु. तक चार्ज करते हैं. फिल्मों में काम करने के अलावा उनकी खुद की एक प्रोडक्शन कंपनी है. द फैटी काउ के नाम से वो एक सक्सेसफुल रेस्टोरेंट चेन भी रन करते हैं. कुछ और बड़े रेस्टोरेंट्स की चेन में उनके शेयर्स हैं.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision