August 01, 2026
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     सेहत टिप्स /शौर्यपथ /बीमारियां यूं तो सालभर में कभी भी व्यक्ति को घेर सकती हैं, लेकिन ऐसी कई बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हैं जिनका खतरा गर्मियों में ज्यादा होता है. व्यक्ति अगर सेहत का ध्यान ना रखे तो गर्मी के मौसम मं इन स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का शिकार हो सकता है. आमतौर पर देखा जाता है कि इस मौसम में स्वास्थ्य के साथ-साथ स्किन भी प्रभावित होती है. धूप से स्किन का झुलसना, स्किन पर रैशेज पड़ना और सिर में दर्द होना भी कुछ आम दिक्कतें हैं. इनके अलावा, किन गंभीर बीमारियों से व्यक्ति गर्मियों के मौसम में पीड़ित हो सकता है, जानें यहां.
    गर्मियों में होने वाली बीमारियां
    चिकनपॉक्स - चिलचिलाती गर्मी वाले मौसम में चिकनपॉक्स एक आम समस्या है. चिकनपॉक्स होने पर पूरे शरीर पर जगह-जगह दाने निकलने लगते हैं. इन दानों में फ्लुइड भरा हुआ होता है और ये खुजलाहट वाले होते हैं जिससे पूरे शरीर में वक्त-बेवक्त खुजली होती रहती है. इन दानों को फोड़ा जाए तो दर्द होने लगता है.
    टायफॉयड - इस मौसम में टायफॉयड का खतरा भी बढ़ जाता है. टायफॉयड होने पर बुखार चढ़ता है और लंबे समय तक सिर में दर्द बना रहता है. खानपान पर ध्यान देकर और दवाइयां लेने के बाद ही टायफॉयड कम होता है. सड़ा-गला खाने और गंदा पानी पीने पर टायफॉयड हो सकता है.
    डिहाइड्रेशन - डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होना एक आम समस्या है जो गर्मियों में हो जाती है. गर्मियों के मौसम में धूप के कारण ज्यादा प्यास लगती है और लू चलने की वजह से भी शरीर डिहाड्रेटेड हो जाता है. डिहाइड्रेशन के कारण चक्कर आने लगता है, कमजोरी महसूस होती है और व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है. ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना और शरीर को नमी देने वाली चीजों को खाते-पीते रहना जरूरी होता है.
    फूड पॉइजनिंग - खानपान सड़ा-गला या खराब हो तो फूड-पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है. फूड-पॉइजनिंग हार्मफुल बैक्टीरिया के कारण होता है और गर्मियों के मौसम में बैक्टीरिया ज्यादा पनपते हैं. इसीलिए गर्मियों में खासतौर से खानपान पर ध्यान देना जरूरी होता है.
    आंखों के इंफेक्शन - आंखों से जुड़े कई इंफेक्शंस गर्मियों के मौसम में ज्यादा होते हैं. इस मौसम में
    आई इरिटेशन, कंजंक्टिवाइटिस और आई एलर्जी की संभावना ज्यादा होती है. इसीलिए गर्मियों में चेहरे और आंखों को साफ पानी से धोते रहना चाहिए.

      ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /स्किन केयर में घरेलू चीजों का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा फायदेमंद है. हालांकि आमतौर पर लोगों को सिर्फ हल्दी, एलोवेरा और गुलाब जल लगाने के बारे में ही पता होता है, लेकिन आपको बता दें ग्लोइंग स्किन के लिए घरेलू नुस्खे और भी हैं, जो चमत्कार कर सकते हैं. चमकदार त्वचा के लिए प्राकृतिक तरीके आजमाना सबसे सही है क्योंकि उनके कोई साइडइफेक्ट्स नहीं होते हैं. आपने अनेक तरह के स्किन केयर और ब्यूटी टिप्स सुने होंगे, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चावल के पानी को अपने चेहरे पर लगाकर उसके चमत्कारिक लाभ कैसे लें. ग्लोइंग स्किन के लिए चावल का पानी बहुत पुराने समय से चर्चा में रहा है. ये आपके चेहरे को हेल्दी और चमकदार बनाने में मदद कर सकता है.
    ग्लोइंग स्किन के लिए चावल के पानी के फायदे |
    चावल के पानी का उपयोग एक हीलिंग ट्रीटमेंट की तरह है, जिसमें चावल को उबाला जाता है और फिर उसका पानी चेहरे पर लगाया जाता है. यह आपकी स्किन को ग्लो करता है, उसे चिकना बनाता है, साथ ही कई स्किन रिलेटेड प्रोब्लम्स को भी दूर करने में मदद करता है. यह आपकी त्वचा को पोषण प्रदान करता है, उसे ताजगी देता है साथ ही उसकी चमक को भी सुधारता है.
    चावल का पानी आपके चेहरे की रौनक को निखार सकता है और स्किन की गंदगी से मुक्ति दिला सकता है. इसके अलावा, यह आपकी त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है.
    इस तरह करें उपयोग:
    चावल के पानी का उपयोग करने के लिए पहले चावल को उबालें और फिर उसका पानी ठंडा होने के लिए रख दें. फिर इस पानी को अपने चेहरे पर लगाएं और उसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें. अंत में उसे ठंडे पानी से धो लें. आप इसे हर दिन या फिर हर दूसरे दिन कर सकते हैं.
    इस तरह चावल के पानी का उपयोग करके आप अपनी स्किन को हेल्दी, चमकदार बना सकते हैं, जो आपको निखारता हुआ और हेल्दी दिखने में मदद करेगा.

     सेहत टिप्स /शौर्यपथ /क्या आपको शरीर में अक्सर थकावट महसूस होना, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द , सुस्ती, बेहोशी या सांस लेने में मुश्किल होना जैसी तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. तो हो सकता है आपके शरीर में विटामिन बी12की कमी हो गई हो. दूसरे विटामिन की तरह ही विटामिन बी12 शरीर के लिए बेहद जरूरी है. लेकिन लगातार खानपान  में आ रहे बदलावों की वजह से सिर्फ बड़े ही नहीं बच्चे भी इसका शिकार हो रहे हैं. जानिए विटामिन बी12 की कमी को कैसे शरीर में पूरा किया जाए?
    विटामिन बी 12 क्या है : विटामिन बी 12  को कोबालमीन नाम से भी जाना जाता है. शरीर में ये रेड ब्लड सेल्स और डीएनए बनाने के लिए जरूरी होता है. शरीर में विटामिन B12 नेचुरल तरीके से नहीं बनता, इसलिए खाने-पीने की चीजों से ही शरीर में इस विटामिन की कमी को दूर किया जा सकता है.
    विटामिन बी12 से नुकसान : विटामिन B12 की कमी होने पर शरीर में बनने वाले माइलिन  का प्रोटेक्शन कमजोर होता है. इससे नर्व की लेयर डैमेज होने लगती है. इसका असर हाथ-पैर में झुनझुनी,थकावट, सिरदर्द, सांस लेने में मुश्किल के रूप में दिखाई देता है. इसके साथ ही गंभीर मामलों में हार्ट फेल, कैंसर, डायबिटीज या गठिया जैसी बीमारियों का जोखिम बन जाता है.
    विटामिन बी12 की मात्रा : स्वस्थ व्यक्ति में विटामिन B12 का लेवल 300pg/mL से ऊपर होना सही माना जाता है. रोजाना स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 2.8 mcg और 14 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 2.4 mcg  विटामिन बी12 की जरूरत होती है.
    बी12  के लिए क्या खाएं : विटामिन बी12 की कमी को खाद्य पदार्थों  और सप्लीमेंट के माध्यम से कम किया जा सकता है. इसमें मछली, मांस, अंडे, डेयरी उत्पादों और चुकंदर का सेवन करना चाहिए.
    सबसे ज्यादा बी12 : FDA के अनुसार सबसे ज्यादा विटामिन बी 12 बीफ लिवर में पाया जाता है. 3 औंस बीफ लिवर में 70.7 mcg विटामिन बी12 मिलता है. इसके अलावा अन्य एनिमल लिवर और किडनी का सेवन करने से शरीर को बी12 के साथ साथ विटामिन ए और भरपूर प्रोटीन मिलता है. इनमें फोलेट मौजूद होता है, मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाए रखता है.

    खाना खजाना /शौर्यपथ / हम सभी को स्वाद से भरपूर चीजें पसंद होती हैं. लेकिन कई बार कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनको स्वाद के कारण हम नहीं खाना और पीना पसंद करते हैं लेकिन आपको बता दें कि भले ही स्वाद कड़वा हो लेकिन सेहत के लिहाज से इन्हें बेहद फायदेमंद माना जाता है. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. हम बात कर रहे हैं करेला की. आपको बता दें कि करेला एक ऐसी सब्जी है जिसका स्वाद काफी कड़वा होता है और इस कड़वेपन के कारण बहुत से लोग इसे खाना पसंद नहीं करते हैं. लेकिन आपको बता दें कि करेला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. करेले में फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन ए, सी, ई, के, कैल्शियम और आयरन के गुण पाए जाते हैं. जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मददगार हैं. तो चलिए जानते हैं करेला का जूस पीने के फायदे.
    करेला का जूस पीने के फायदे-
    1. वजन घटाने-
    करेला कैलोरी में कम और फाइबर से भरपूर होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करते हैं. वजन को घटाने के लिए आप सुबह करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं.
    2. डायबिटीज-
    डायबिटीज रोगियों के लिए करेले के जूस का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें इंसुलिन जैसा प्रोटीन होता है जिसे पॉलीपेप्टाइड पी कहा जाता है. करेले के जूस का सवन करने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.
    3. स्किन-
    करेला एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ए और सी से भरपूर होता है जो त्वचा के लिए अच्छा होता है. स्किन को हेल्दी र ग्लोइंग बनाने के लिए आप करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं.
    4. पाचन-
    करेले में मौजूद फाइबर पाचन के लिए अच्छा माना जाता है. अगर आप पाचन संबंधी समस्या से परेशान हैं तो करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं.

    खाना खजाना /शौर्यपथ /गर्मियों के मौसम में आंवले का सेवन सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है. आंवलाविटामिन सी का एक बेहतरीन सोर्स है. जो एक पानी में घुलनशील विटामिन है. आंवला शरीर की इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाता है, पाचन स्वास्थ्य के लिए भी ये बेहद फायदेमंद है. स्किन से लेकर बालों तक को खूबसूरत बनाने के लिए भी फायदेमंद मानाा जाता है. गर्मियों के मौसम में आंवले का मुरब्बा  सबसे ज्यादा बनाया और खाया जाता है. आपको बता दें कि आंवला में विटामिन्स होते हैं. इसी के साथ आंवला में कैल्शियम, फोलेट, एंटी-ऑक्सीडेंट्स, फाइबर, आयरन, कार्ब्स, फास्फोरस, ओमेगा 3 और मैग्नीशियम  भी भरपूर मात्रा में होता है. तो चलिए जानते हैं आंवला की आसान रेसिपी.
    कैसे बनाएं झटपट आंवला मुरब्बा-
    सामग्री-
        आंवला
        हरी इलायची
        काली मिर्च
        फिटकरी
        चीनी
        केसर
        काला नमक
    विधि-
        आंवला मुरब्बा बनाने के लिए सबसे पहले आंवले को धोकर अच्छे से धो लें और फिर सुखा लें.
        एक गहरा पैन लें और उसमें पर्याप्त पानी डालें, मध्यम आंच पर पानी गर्म करें. जब पानी में बुलबुले बनने लगें तो गर्म पानी में आंवला डालें. मिश्रण को 5-6 मिनट तक उबालें.
        फिर, आंच से उतार लें और पैन को ढक्कन से कुछ मिनट के लिए ढक दें. अब छलनी से छान कर सभी आंवले बाहर निकाल लें. एक-एक कर सभी आंवले में काटे वाली चम्मच को मदद से 15-20 छेद करें ताकि रस इसके अंदर तक जा सके.
        चाशनी तैयार करने के लिए एक मीडियम पैन लें और उसमें चीनी के साथ थोड़ा सा पानी मिलाएं. उबले हुए आंवले को चीनी के ऊपर डालिये और मध्यम आंच पर पकाएं.
        जब चाशनी शहद जैसी गाढ़ी हो जाए और आंवला अच्छी तरह पक जाए तो आंच धीमी कर दें और इसे ठंडा होने के लिए अलग रख दें.
        जब आंवला-चीनी की चाशनी शहद जैसी गाढ़ी हो जाए तो इसमें इलायची, काली मिर्च, काला नमक, केसर मिलाएं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं और जार में भर कर स्टोर कर लें.

     सेहत टिप्स /शौर्यपथ /रात में सोने से पहले एक गिलास दूध पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें एक मसाले को मिला दिया जाए तो इसका फायदा कई गुना बढ़ सकता है. बहुत से लोग दूध में हल्दी मिलाकर पीते हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाने में मददगार है. लेकिन जायफल के फायदों के बारे में कम ही लोग जानते हैं. एक चुटकी जायफल दूध में मिलाने से ये तंत्रिकाओं को शांत करने और गहरी, अधिक आरामदायक नींद देने में मदद करता है. जायफल मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. यह मसाला आपके मस्तिष्क के लिए जादू की तरह काम करता है और चिंता से राहत देता है, साथ ही नींद की गुणवत्ता भी बढ़ाता है. आइए दूध में जायफल मिलाकर पीने के फायदों को जानते हैं.
    जायफल दूध बनाने का तरीका
    सोने से पहले जायफल का सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं भी दूर हो सकती हैं. जायफल वाला दूध बनाने के लिए थोड़ा दूध गर्म करें और उसमें एक चुटकी ताजा कसा हुआ जायफल मिलाएं. स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें कसा हुआ बादाम या खजूर भी मिला सकते हैं. इसे मिलाएं और पी लें.
    जायफल दूध के फायदे
    नींद में सुधार
    जायफल अपने पोषण संबंधी प्रोफाइल के अलावा मिरिस्टिसिन और एलेमिसिन सहित बायोएक्टिव घटकों से समृद्ध है. इसमें मैंगनीज, कॉपर, मैग्नीशियम और विटामिन बी 6 जैसे महत्वपूर्ण स्तर के मिनरल्स और विटामिन मौजूद होते हैं. ये पोषक तत्व न्यूरोट्रांसमीटर के प्रोडक्शन और कंट्रोल के लिए आवश्यक हैं, जो सोने और जागने के चक्र के लिए जरूरी हैं.
    एंग्जायटी को करे कम
    सोने से पहले जायफल वाला दूध पीने से मस्तिष्क में GABA का स्तर बढ़ जाता है, जिससे लोगों को अधिक आराम और कम चिंता महसूस करने में मदद मिलती है. इसके अलावा, जायफल का शांतिदायक प्रभाव अनिद्रा के लक्षणों को कम करने में मदद करता है.
    स्लीप क्वालिटी बढ़ाए
    सोते समय जायफल का दूध लेने से आपकी नींद की क्वालिटी में सुधार हो सकता है. इसे गर्म दूध में बस एक चुटकी कसा हुआ जायफल मिलाकर बनाया जाता है. बिस्तर पर जाने से लगभग आधे घंटे पहले इस ड्रिंक को पीने से आपको आराम मिलेगा. ये आपके शरीर को शांत और तनावमुक्त रखता है, इससे स्पील क्वालिटी बेहद होती है.

    टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / शायद ही कोई ऐसा शख्स हो जो हमेशा जवान रहता चाहता है और कोई भी बूढ़ा नहीं होना चाहता है. जब भी कोई बूढ़ा होता है तो वो अपनी जवानी के दिनों को याद करता है. हालांकि आज के समय में साइंस ने खूब तरक्की कर ली है लेकिन बढ़ती उम्र को रोक पाएं ऐसा अभी कुछ भी सामने नहीं आया है. ऐसे में आप कुछ ऐसे तरीके अपना सकते हैं जो बढ़ती उम्र को रोक तो नहीं सकता लेकिन इसको लाने में देरी कर सकता है. आज हम आपको एक ऐसे सुपरफूड के बारे में बताएंगे जो आपकी बढ़ती उम्र को रोक कर रखने में मदद कर सकता है. आइए जानते हैं इस सुपरफूड के बारे में-
    हमेशा जवां बने रहने के लिए खाएं ये ड्राई फ्रूट
    आपके किचन में पाया जाने वाला मखाना एक ऐसा सुपरफूड है जो आपकी बढ़ती उम्र को रोकने में मदद कर सकता है. मखाने में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो आपकी स्किन और बालों के लिए बेहद फायदेमंद होता है.
    एंटी-ऑक्सीडेंट
    इसमें पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट स्किन को फ्री रेडिकल्स से होने वाले डैमेज से बचाने में मदद करते हैं और उम्र बढ़ने की प्रोसेस को स्लो कर देते हैं.
    झुर्रियां
    मखाने में विटामिन ई पाया जाता है जो चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों को दूर करने में मदद करता है.
    प्रोटीन
    इसके अलावा मखाने में पाया जाने वाला प्रोटीन और आयरन होता है जो स्किन को बेहतर बनाता है और स्ट्रेस फ्री रखने में मदद करता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व एजिंग की समस्या को भी कम करने में मदद करते हैं. ये ब्लड प्रेशर की समस्या को भी दूर करता है.
    कैसे करें सेवन
    आप अपनी डाइट में मखाने को कई तरीके से शामिल कर सकते हैं. आप दूध के साथ मखाने को पकाकर इसका सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा आप मखानों को देसी घी में फ्राई कर के भी इसका सेवन कर सकते हैं.

     व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /9 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि का त्योहार शुरू हो रहा है. इन नौ दिनों में माता के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना बहुत ही विधि-विधान से की जाएगी. बता दें कि जिस तरह से इन नौ दिनों में माता के पूजा-पाठ का विधान है उसी तरह से इन नौ दिनों में माता को भोग लगाने का भी महत्व है. ऐसा माना जाता है कि इस दौरान अगर देवी को उनका पसंदीदा भोग लगाते हैं तो मां प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामना शीघ्र पूरी होती है. ये भी माना जाता है कि अगर देवियों के दिन और रुचि के अनुसार उनको भोग लगाया जाए तो इससे देवी मां से वह जल्दी प्रसन्न होती हैं और भक्त को दोगुने फल की प्राप्ति होती है, इसके साथ ही भक्तों के सभी कष्ट भी दूर हो जाते हैं. आइए जानते हैं माता को इन नौ दिनों में क्या-क्या भोग लगाना चाहिए.
    चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में नौ तरह के लगाएं भोग
        पहले दिन मां शैलपुत्री को गाय के घी से बनी मिठाई का भोग लगाना चाहिए.
        दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को पंचामृत का भोग लगाना चाहिए.
        तीसरे दिन मां चंद्रघंटा मां को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाना चाहिए.
        चौथे दिन मां कूष्मांडा को मालपुआ का भोग लगाना चाहिए.
        पांचवें दिन मां स्कंदमाता को चीनी, केला का भोग लगाना चाहिए.
        छठे दिन मां कात्यायनी को मीठे पान का भोग लगाना चाहिए.
        सातवें दिन मां कालरात्रि को गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाना चाहिए.
        आठवें दिन मां महागौरी को नारियल का भोग लगाना चाहिए.
        नौवें दिन मां सिद्धिदात्री को खीर, पूरी, हलवा का भोग लगाना चाहिए.

      व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /मीठे की चाहत आमतौर पर आपके मुंह में पानी ला देती है, फिर वो चाहे दिन हो, शाम हो या रात हो. इसके अलावा, त्योहारी सीज़न के दौरान इसे खाने की चाहत ज्यादा महसूस होती है. नवरात्रि का त्योहार भी इसके लिए बिल्कुल परफेक्ट है. इस दौरान कई लोगों को अपनी मीठे की चाहत को रोकना पड़ता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारी अधिकांश पसंदीदा मिठाइयों में ऐसी सामग्रियां शामिल होती हैं जिनसे नौ दिनों के व्रत में नहीं का सकते. उदाहरण के लिए, गुलाब जामुन, जलेबी, खीर, हलवा, सभी में मैदा या चावल होता है, जिसे व्रत में नहीं खाया जा सकता है. लेकिन उम्मीद मत खोइए, क्योंकि कई दूसरी स्वादिष्ट मिठाइयाँ भी हैं जिनका आप आनंद ले सकते हैं. यहां, हम आपके साथ पांच ऐसी मिठाइयां शेयर करेंगे जिनका न केवल स्वाद लाजवाब होगा बल्कि ये सिर्फ 30 मिनट से भी कम समय में तैयार हो जाएंगी.
    व्रत के लिए मिठाइयाँ: 5 स्वादिष्ट व्रत के लिए मिठाइयों की रेसिपी जिन्हें आपको जरूर ट्राई करना चाहिए:
    1. साबूदाना खीर
    साबूदाना सबसे लोकप्रिय और बहुमुखी व्रत सामग्रियों में से एक है. आपको ये जानकर ख़ुशी होगी कि आप इसका इस्तेमाल स्वादिष्ट खीर बनाने में भी कर सकते हैं. आपको बस साबूदाना, इलायची पाउडर, केसर, दूध और चीनी चाहिए. यह नियमित खीर की तरह ही मुलायम और मलाईदार है और इस व्रत के मौसम में आपको इसे जरूर आज़माना चाहिए.
    2. साबूदाना लड्डू
    अगर आप लड्डू के शौकीन हैं, तो ये साबूदाना के लड्डू नवरात्रि के दौरान आपके पसंदीदा बन जाएंगे. आप इस मिठाई को केवल तीन सामग्रियों से बना सकते हैं: साबूदाना, घी, और चीनी, बस इतना ही! ऐसी मिठाई के साथ जिसे बनाना बहुत आसान है, क्या कोई कारण है कि आपको इसे नहीं आज़माना चाहिए? हमें नहीं लगता! व्रत के दौरान इसे एक बार जरूर ट्राई करना चाहिए.
    3. मखाने की खीर
    खीर की एक और स्वादिष्ट किस्म जो आपका ध्यान आकर्षित करती है वह है मखाना खीर. इस रेसिपी में चावल की जगह भुने हुए मखाने और काजू को दूध में उबाला जाता है. नतीजा यह स्वादिष्ट खीर है जो कुछ ही समय में आपकी स्वीट क्रेविंग को संतुष्ट कर देगी. इसे कटे हुए पिस्ता और केसर के धागों से सजाएं और इसकी अच्छाइयों का आनंद लें.
    4. सेब की रबड़ी
    कुछ अनोखा आज़माना चाहते हैं? इस सेब रबड़ी के अलावा और कुछ न देखें. सबसे पहले, आपकी रबड़ी में सेब रखने का विचार अजीब लग सकता है. लेकिन हम पर विश्वास करें, एक बार जब आप इसे आज़मा लेंगे, तो पीछे नहीं हटेंगे. यह रबड़ी समृद्ध, मलाईदार और पौष्टिक है, जो इसे फेस्टिवल सीजन के लिए एकदम सही बनाती है. आप इस रबड़ी का स्वाद गर्म और ठंडा दोनों तरह से ले सकते हैं.
    5. पनीर मालपुआ
    मालपुआ एक लोकप्रिय उत्तर भारतीय मिठाई है, जो आमतौर पर त्योहारों के दौरान बनाई जाती है. यह आम तौर पर मैदा या आटे का इस्तेमाल करके बनाई जाती है, लेकिन आप इसे पनीर से भी बना सकते हैं जिससे आप इसको व्रत में खा सकते हैं. इसमें अरारोट भी होता है, जो सभी सामग्रियों को एक साथ बांधने में मदद करता है. इसे चीनी की चाशनी में अच्छी तरह से भिगो दें और इसका स्वाद पूरी तरह से चखने के लिए गर्मागर्म परोसें.

     व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /नवरात्रि  में नौ दिन माता की पूजा अर्चना की जाती है. हर साल चैत्र नवरात्रि  चैत्र शुक्ल के प्रतिपदा के दिन से शुरू होती है. इस साल 9 अप्रैल बुधवार को चैत्र नवरात्रि शुरू होगी. भक्त नौ दिन व्रत रखकर माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना करेंगे. हर वर्ष नवरात्रि पर माता अलग-अलग सवारियों पर आगमन और प्रस्थान करती हैं. जानिए इस चैत्र नवरात्र को माता किस पर सवार होकर आएंगी और किस पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी और उसका क्या होगा असर.
    घोड़े पर पधारेंगी माता
      नवरात्रि जिस दिन से शुरू होती है उसके आधार पर ही माता की सवारी निश्चित होती है. धर्म शास्त्रों के अनुसार, मंगलवार और शनिवार को नवरात्रि की शुरूआत शुभ संकेत वाली नहीं होती है. इस बार चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल यानी मंगलवार को शुरू होगी. मंगलवार और शनिवार को नवरात्रि शुरू होने पर माता घोड़े पर सवार होकर पधारती हैं. माता की सवारी घोड़ा होना सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में बड़े बदलावों की ओर संकेत करता है. इसे युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ या अकाल जैसी परेशानियों का भी संकेत माना जाता है.  
    हाथी पर प्रस्थान करेंगी माता
      इस बार चैत्र नवरात्रि 17 अप्रैल को राम नवमी के दिन समाप्त होगी और उस दिन बुधवार है. नवरात्रि की समाप्ति बुधवार को होने पर माता हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं. हाथी की सवारी पर प्रस्थान के शुभ संकेत वाला माना जाता है. यह अच्छी बारिश, अच्छी फसल और किसानों को भरपूर फसल प्राप्त करने का संकेत देती है.
    घट स्थापना का मुहूर्त
      इस बार चैत्र नवरात्रि को घट स्थापना का मुहूर्त 9 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 23 मिनट तक है. चैत्र नवरात्रि के प्रथ्रम दिन पूजा पाठ के लिए 4 घंटे 11 मिनट का समय होगा. इस दिन घट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त भी है. दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक यानी 50 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना की जा सकती है.

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