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April 06, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR

रायपुर /शौर्यपथ/

नालंदा परिसर एवं सैन्ट्रल लाइब्रेरी के सदस्यों के लिए ‘‘छत्तीसगढ़ मॉडल और उसका मेरे जीवन में प्रभाव‘‘ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

निबंध प्रतियोगिता की शब्द सीमा अधिकतम 750 शब्द है। लेखन के लिए मान्य भाषा (बोली) हिन्दी, छत्तीसगढ़ी, अंग्रेजी है। निबंध जमा करने की अंतिम तिथि 27 दिसम्बर है। निबंध के विजेताओं को पुरसकृत किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार की राशि 3100 रूपये, द्वितीय पुरस्कार की राशि 2100 रूपये और तृतीय पुरस्कार की राशि 1100 रूपये है। चतुर्थ एवं पंचम पुरस्कार के रूप में सांत्वना पुरस्कार 551-551 रूपये है। नालंदा परिसर एवं सेन्ट्रल लाईब्रेरी के प्रथम 35-35 प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। सेन्ट्रल लाइब्रेरी हाल, रायपुर में पुरस्कार वितरण 7 जनवरी 2022 दोपहर 2.30 बजे से किया जाएगा।

प्रतियोगिता में नालंदा परिसर एवं सेन्ट्रल लाइब्रेरी रायपुर के वर्तमान सदस्य ही भाग ले सकते हैं। सिर्फ हस्त लिखित निबंध ही मान्य होगा। कम्प्यूटर से टाइप निबंध को शामिल नहीं किया जायेगा। सदस्य अपना निबंध, बंद लिफाफा में लाइब्रेरियन, नालंदा परिसर/ सेन्ट्रल लाइब्रेरी के पास 27 दिसम्बर को सायं 5ः30 बजे तक जमा कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार किया जाना संभव नहीं होगा। निबंध के अंत में अपना नाम, लाइब्रेरी का आईडी क्रमांक एवं मोबाइल नम्बर अनिवार्य रूप से लिखें। नालंदा परिसर एवं सेन्ट्रल लाइब्रेरी के प्रथम 35-35 सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शब्द सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रतियोगिता के संबंध में नालंदा परिसर प्रबंधन सोसायटी, रायपुर का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।

 

- शासकीय उचित मूल्य दुकान में हितग्राहियों से चर्चा कर मिल रही सुविधाओं की ली जानकारी

- उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय भवन जल्द निर्माण करने के दिए निर्देश

- कलेक्टर ने उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, गौठान, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं शासकीय उचित मूल्य दुकान का किया निरीक्षण

राजनांदगांव  /शौर्यपथ/ 

गौठान में महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए

कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेने के लिए विकासखंड मुख्यालय छुरिया और डोंगरगढ़ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, ग्राम कलकसा गौठान और लाल बहादुर नगर के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय उचित मूल्य दुकान में हितग्राहियों से चर्चा कर वहां मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

कलेक्टर  सिन्हा ने ग्राम कलकसा के गौठान का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां कार्य कर रही स्वसहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने गौठान में विभिन्न गतिविधियों, वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण और महिला स्वसहायता समूह को मिलने वाली लाभ की जानकारी ली। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय से 54 हजार रूपए खाते में आया है। पिछले 15 दिनों में 70 हजार रूपए का वर्मी कम्पोस्ट विक्रय किया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि फूलों के विक्रय के लिए मार्केट लिंकेज करें। महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए कार्य करें। गौठान में अगरबत्ती, मसाला, बड़ी, अचार जैसे उत्पाद महिला समूह द्वारा किया जाए। इन उत्पादों का आंगनबाड़ी केन्द्र, आश्रम और छात्रावास में विक्रय कर उपयोग करना सुनिश्चित करें। समूह की महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों से लाभ प्राप्त होना चाहिए। उन्होंने गौठान में पैरादान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौठान में नारियल, कटहल, करंज, मुनगा के पौधे लगाए गए हैं। ये पौधे जीवित रहना चाहिए।

कलेक्टर  सिन्हा ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक लाल बहादुर नगर का निरीक्षण किया। उन्होंने बैंक में किसानों के राशि भुगतान की जानकारी ली। बैंक प्रभारी ने बताया कि प्रतिदिन बैंक में आने वाले सभी किसानों को राशि का भुगतान कर दिया जाता है। आज लगभग 70-80 लोगों को 20 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया गया। इस दौरान उन्होंने लाल बहादुर नगर के शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन लेने आए हितग्राहियों से बात की और वहां मिल रहे सुविधाओं की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि दुकान में मिट्टी तेल, चावल, शक्कर लेने आते हैं। प्रति व्यक्ति 7 किलो चावल दिया जा रहा है।

कलेक्टर  सिन्हा ने आज छुरिया और डोंगरगढ़ विकासखंड के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य जल्द ही पूरा कराएं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद फर्नीचर मंगाकर कक्षाएं प्रारंभ करें। इस दौरान उन्होंने स्कूल में शिक्षकों की जानकारी ली। इस अवसर पर एसडीएम डोंगरगढ़  गिरीश रामटेके, एसडीएम डोंगरगांव  हितेष पिस्दा, खाद्य अधिकारी  भूपेन्द्र मिश्रा, जनपद सीईओ डोंगरगढ़  लक्ष्मण कचलाम, तहसीलदार  राजू पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में विकास की रफ्तार तेज
सामाजिक और मानवीय संसाधन का समन्वित विकास

गरियाबंद /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में विकास की रफ्तार तेज हुई है। वर्षो से अटके हुए कई अपूर्ण कार्य पूर्ण हुए हैं। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप और उनके निर्देश पर जिले में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ सामाजिक और मानवीय विकास पर समदर्शीय रूप से ध्यान दिया गया है। राज्य सरकार के तीन साल पूर्ण होने के अवसर पर जिले में हुए सामाजिक और मानवीय विकास को रेखांकित किया गया है। तीन वर्षो के दौरान किसान, महिला, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन अधिकार, सुपोषण, सामाजिक सुरक्षा जैसे मानवीय विकास को केन्द्र में रखकर विकास को गति दी गई है।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना - राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों के लिए आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इस योजना के लागू होने से किसानों को नियत अंतराल पर उनके उपज के अनुसार प्रोत्साहन राशि दिया जाता है। इससे किसान साहूकारों से लेने वाले ऋण और उसके ब्याज से मुक्त रहते है। इसके अन्तर्गत जिले में वर्ष 2019-20 में पंजीकृत कुल 71475 किसानों को (किसान न्याय योजना की कुल राशि 9000 रूपये प्रति एकड़ के मान से) कुल राशि 20041.44 लाख रूपये एवं वर्ष 2020-21 में पंजीकृत कुल 76052 किसानों को (किसान न्याय योजना की कुल राशि 9000 रूपये प्रति एकड़ के मान से) प्रथम किस्त के रूप में राशि 52.70 लाख रूपयें, द्वितीय किस्त के रूप में 52.72 लाख रूपये एवं तृतीय किस्त के रूप में 52.71 लाख रूपये कुल राशि 158.13 लाख रूपयें का भुगतान किया जा चुका है।

भुखमरी से मुक्ति, गरीबों को निःशुल्क राशन - राज्य शासन द्वारा राशन सामग्री निःशुल्क वितरण करने के कारण सभी बी.पी.एल. राशन कार्डधारियों को सुलभता से राशन प्राप्त हुआ और भुखमरी जैसी कोई स्थिति कही भी निर्मित नहीं हुआ है। गरियाबंद जिले में 1 लाख 78 हजार 456 राशन कार्डधारियों के कुल 6 लाख 19 हजार 327 सदस्यों को इस योजना से लाभान्वित हो रहे है। कल्याणकारी योजना अन्तर्गत विभाग से प्रतिमाह 82 आश्रम/छात्रावास के 4036 छात्रांे के लिये कुल 605.4 क्विंटल चावल का आबंटन दिया जा रहा है। जेल कैदियों हेतु प्रतिमाह 25 क्विंटल खाद्यान्न दिया जा रहा है। स्कूल के अध्ययनरत विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन एवं आंगनबाड़ी के बच्चों को भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।


स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार - जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराने कीपहल की गई है। कोविड के दौरान एंबुलेंस, ऑक्सीजन बेड, आई.सी.यू बेड की क्षमताओं में विस्तार किया गया। वहीं लोगों को उनके गांव तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का प्रांरभ अगस्त 2019 से किया गया। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना अंतर्गत दिसंबर 2019 तक 1840 हाट बाजार क्लीनिक आयोजित किए गए जिसमें 45 हजार 669 हितग्राहियों को लाभान्वित कर 39 हजार 122 को दवाईयां वितरित किया गया। 

50 बिस्तर डेडिकेटेड कोविड अस्पताल- जिले में कोविड-19 से बचाव एवं रोकथाम तथा कोविड धनात्मक मरीजों के समुचित उपचार हेतु 50 बिस्तर डेडिकेटेड कोविड अस्पताल की स्थापना की गई है, जहां कुल 1473 कोविड धनात्मक मरीजों का उपचार किया गया तथा 12 कोविड मरीजों का सफल प्रसव कराया गया। राष्ट्रीय स्तर पर भी डेडिकेटेड कोविड अस्पताल की सराहना की गई है।  

स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय - 

राज्य शासन के पहल पर जिले के सभी विकासखण्डों में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम 5 विद्यालय गरियाबंद, फिंगेश्वर, छुरा, मैनपुर व देवभोग विकासखंड मुख्यालय में कक्षा 01 से 10 तक स्कूल संचालित है। शासन की मंशानुसार प्रवेश के लिए 25 प्रतिशत से बीपील 50 प्रतिशत बालिकाओं एवं 25 प्रतिशत अनारक्षित छात्रों के लिए सुरक्षित है। सत्र् 2021-22 में कुल दर्ज संख्या प्राथमिक कक्षा में 988 पूर्व माध्यमिक में 596 और हाईस्कूल में 243 कुल 1837 विद्यार्थी अध्ययनरत् है। महतारी दुलार योजना अंतर्गत 15 विद्यार्थी को प्रवेश दिया गया है। समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हुये आत्मसमर्पित नक्सलियों की बच्चों की प्रवेशित संख्या 04 एवं नक्सल पीड़ित परिवार के बच्चों को पुनर्वास नीति के तहत् 05 बच्चों को स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्रवेश दिया गया है। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के भवन, पूर्णतः अधोसंरचना उन्नयन एवं नवीन भवन के साथ शौचालय, पेयजल, रैम्प, अत्याधुनिक प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास रूम, पुस्तकालय कक्ष, नवीन फर्नीचर, खेल सामग्री के साथ समस्त सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। महातारी दुलार योजनातंर्गत जिले में कुल-126 बच्चों को कक्षा 1ली से 12वीं तक प्रवेश दिया गया है। 

गरियाबंद जिले में वन अधिकार अधिनियम संचालन हेतु 519 ग्राम सभाओं का गठन किया गया है। गरियाबंद जिले में वन अधिकार अधिनियम लागू होने के पश्चात् 21 हजार 265 वन अधिकार पत्र, रकबा 19061.824 हेक्टेयर हेतु वितरित किया गया है। 693 हितग्राहियों को सामुदायिक वन अधिकार पत्र, रकबा 73079.476 हेक्टेयर प्रदान किया गया । गरियाबंद जिले में पहली बार सामुदायिक वन संसाधन अधिकार का वितरण वर्ष 2020 में किया गया है, जिसके अंतर्गत ग्राम सभाओ को वनों के संरक्षण, सवंर्धन तथा वन संसाधनों के हक का अधिकार भी दिया गया है। गरियाबंद जिले में अब तक 114 ग्रामों के वन संसाधन अधिकार पत्र रकबा 58119.509 हेक्टेयर स्वीकृत किये गये है तथा 37 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किये जा चुके है।

संचालक संस्कृति ने विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार राशि देकर किया सम्मानित
रायपुर /शौर्यपथ/

स्वामी विवेकानन्द की जीवनी पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर राजधानी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय सभागार में आज भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। भाषण प्रतियोगिता में स्कूली छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गौरतलब है कि महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित आर्ट गैलेरी में स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर आधारित 5 दिवसीय फोटो प्रदर्शनी लगायी गयी है। प्रदर्शनी 17 दिसम्बर तक चलेगी।  

प्रतियोगिता में विवेकानन्द विद्यापीठ, कोटा, रायपुर के  प्रदीप सायतोड़े प्रथम और  दीपेन्द्र बारले को द्वितीय पुरस्कार तथा प्रो. जे.एन. पाण्डे स्कूल, रायपुर के खिलेश्वर साहू को तृतीय पुरस्कार मिला। संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य ने विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया। आभार प्रदर्शन  जे.आर. भगत ने किया। इस अवसर पर विभाग से समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। भाषण प्रतियोगिता में विवेकानन्द विद्यापीठ, कोटा के छात्र दीपेन्द्र बारले, धर्मेन्द्र सिंह, नवीन भार्गव, प्रदीप सायतोड़े और प्रो. जे.एन. पाण्डे स्कृल के सुमीत बोरकर व खिलेश्वर साहू ने भाग लिया।

पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत तुमगांव में सोनोग्राफी सेंटर को सील किया गया

रायपुर /शौर्यपथ/ 

15 दिसंबर 2021पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत तुमगांव में सोनोग्राफी सेंटर को सील किया गया

रिकॉर्ड संधारण में अनियमितता पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा महासमुंद जिले के तुमगांव के साईं नमन नर्सिंग होम के सोनोग्राफी सेंटर को सीलबंद करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही सेंटर के संचालक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। पीसीपीएनडीटी अधिनियम (PCPNDT - पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम) के तहत गठित स्वास्थ्य विभाग की राज्य एवं जिला स्तरीय टीम के द्वारा सोनोग्राफी सेंटर में रिकॉर्ड संधारण में अनियमितता पाए जाने के कारण यह सीलबंद की कार्रवाई की गई। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत गठित राज्य स्तरीय निरीक्षण दल के डॉ. अनिल परसाई, राज्य सलाहकार  वर्षा राजपूत और जिला स्तरीय निरीक्षण दल के डॉ. छत्रपाल चन्द्राकर की टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई है। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत सोनोग्राफी सेंटर्स में पिछले दो साल का रिकार्ड संधारित किया जाना आवश्यक है।

क्या है पीसीपीएनडीटी एक्ट ?

पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम, 1994 भारत में कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए भारत की संसद द्वारा पारित एक संघीय कानून है। इस अधिनियम के तहत प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण प्रतिबंधित है।

प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक 'पीएनडीटी' एक्ट 1996, के तहत जन्म से पूर्व शिशु के लिंग की जांच पर पाबंदी है। इसके उल्लंघन पर अल्ट्रासाउंड या अल्ट्रासोनोग्राफी कराने वाले या करने वाले डाक्टर, लैब कर्मी को तीन से पांच साल की सजा और दस से 50 हजार रूपए जुर्माने का प्रावधान है।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

राज्यपाल  अनुसुईया उइके ने विजय दिवस के अवसर पर देश के वीर शहीदों को नमन किया है, जिन्होंने त्याग एवं बलिदान का अनुपम उदाहरण देते हुए देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। राज्यपाल ने कहा है कि 16 दिसंबर विजय दिवस, भारतीय इतिहास और भारतीय सेना के लिए गौरव का दिन है। वर्ष 1971 में अपने साहस, समर्पण और उच्चकोटि की सैन्य दक्षता और कुशलता के आधार पर, हमारे देश ने ऐतिहासिक विजय हासिल की थी। इसी दिन भारतीय सेना के सामने पाकिस्तानी सेना ने 90 हजार से अधिक सिपाहियों के साथ आत्मसमर्पण किया था। इस विजय से बांग्लादेश का एक पृथक राष्ट्र के रूप में उदय हुआ। इस दिन को भारतीय सेना, बांग्लादेश के लिए शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि देने तथा इस विजय की अमर गाथा को जवानों और देशवासियों के दिलों में हमेशा जगाए रखने के लिए विजय दिवस के रूप में मनाती है।

खारून नदी की आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की
राज्यपाल ने पर्यावरण तीर्थ के रायपुर प्रकल्प का उद्घाटन किया
रायपुर /शौर्यपथ/

राज्यपाल ने पर्यावरण तीर्थ के रायपुर प्रकल्प का उद्घाटन किया जो प्रकृति के साथ रहता है, प्रकृति के अनुकुल जीता है

जो प्रकृति के साथ रहता है, प्रकृति के अनुकुल जीता है और जो सकारात्मक रहता है वह हमेशा निरोगी और स्वस्थ रहता है। यह बात राज्यपाल  अनुसुईया उइके ने आज पर्यावरण तीर्थ-रायपुर प्रकल्प के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने आमजनों से संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रकृति को माता मानकर उसका वैसा ही आदर करें, अंधाधुंध दोहन न करें। जो हमें प्रकृति से मिलता है, उसको सहेजें और आने वाली पीढ़ी के लिए भी संरक्षित करें। राज्यपाल राजधानी रायपुर के खारून नदी के किनारे महादेव घाट में पर्यावरण तीर्थ के रायपुर प्रकल्प का उद्घाटन किया और खारून नदी की आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।  

राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकल्प के शुभारंभ के साथ हम प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के सपने को भी साकार करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ेंगे।  उइके ने कहा कि हम जिस वातावरण में निवास करते हैं, वह शुद्ध होना चाहिए, जिस पानी को हम इस्तेमाल करते हैं वह पीने योग्य हो। उन्होंने कहा कि हम विकास की अंधी दौड़ में जाने-अनजाने में प्रकृति को नुकसान पहुंचाते रहे, जिसके भयावह दुष्परिणाम क्लामेट चेंज के रूप में सामने आ रहे हैं। अब समय आ गया है कि पर्यावरण का हम संरक्षण करें और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों जैसे प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें।  

उन्होंने कहा कि नदियों का हमारी संस्कृति में बड़ा महत्व रहा है। नदियां जीवनदायिनी होती हैं। हम नदियों को हमेशा माता कहकर पूजते आए हैं। इस प्रकल्प में नदियों के किनारे पर्यावरण तीर्थ स्थापना की संकल्पना की गई है, जिसके तहत शिव-गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। इसका अर्थ यह है कि हम नदियों को स्वच्छ रखने का संकल्प लें और उसके लिए हरसंभव प्रयास करें। उसमें कचरा न डालें, नालियों का गंदा पानी नदी में जाने से रोकें। सामुदायिक भागीदारी से नदियों को स्वच्छ रखने के लिए कार्य करें।  

राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकल्प द्वारा बरगद, पीपल और नीम के पौधों का रोपण किया जाएगा और तुलसी के पौधों का भी वितरण किया जाएगा। इन पौधों का हमारे समाज में धार्मिक, आर्थिक के साथ पर्यावरण की दृष्टि से बड़ा महत्व है। यह माना जाता है कि इनके पूजन से तथा जल देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। यदि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो पीपल और बरगद की ऑक्सीजन प्रदान करने की क्षमता बेजोड़ है, जिससे वातावरण शुद्ध होता है। नीम जीवाणुओं का नाश करने में सहायक होता है, साथ ही तुलसी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है। कोरोना काल में तुलसी के पेय का उपयोग किया गया, जिससे आमजनों को लाभ हुआ।  

इस अवसर पर राज्यपाल ने पीपल और बरगद के पौधे का रोपण किया तथा नीम और तुलसी के पौधों का वितरण किया। साथ ही जनसमूह से प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का संकल्प भी कराया। साथ ही मछुवारों और नाविकों का भी सम्मान किया। कार्यक्रम को पूर्व राज्यसभा सांसद  गोपाल व्यास ने भी अपना संबोधन दिया।

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज शाम यहां उनके निवास प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में मंत्रीगण, संसदीय सचिवों और विधायकों के साथ पूज्य परम आलय जी के आशीष वचनों का लाभ उठाया।इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री  उमेश पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष  किरणमयी नायक, संसदीय सचिव  कुंवर सिंह निषाद,  इंद्र शाह मंडावी,  यू डी मिंज,  रश्मि आशीष सिंह,  रेखचन्द जैन, विधायक डॉ विनय जयसवाल,  गुलाब कमरो,  भुवनेश्वर बघेल,  राम कुमार यादव,  शैलेष पांडेय,  संत कुमार नेताम, डॉ  लक्ष्मी ध्रुव,  के के ध्रुव,  पुरुषोत्तम कंवर,  प्रकाश नायक,  लालजीत राठिया,  मोहित केरकेट्टा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

ढाई करोड़ से ज्यादा राशि वितरित

महासमुन्द /शौर्यपथ/

जिले में अब तक 730 कोरोना मृत्यु मुआवजे के लिए आवेदन प्राप्त हुए है। जिनमें से 511 प्रकरणों में मुआवजा राशि 50 हजार प्रति प्रकरण के मान से दो करोड़ 55 लाख 50 हजार रुपए वितरित की जा चुकी है। 

कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा मृत व्यक्तियों में महासमुन्द विकासखण्ड के 156, बसना विकासखण्ड के 82, बागबाहरा विकासखण्ड के 44, पिथौरा विकासखण्ड के 95 एवं सरायपाली विकासखण्ड के 134 व्यक्ति मृत्यु के परिजनों के आवेदन प्राप्त हुए थे। जिनका नियमानुसार परीक्षण किया गया। वर्तमान में 511 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। शेष प्रकरण प्रक्रियाधीन है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की मुताबिक कोरोना पॉजिटिव आने की 30 दिन के भीतर मृत्यु होने पर मुआवजा राशि देने के निर्देश है। प्राप्त आवेदनों में ज्यादातर मामले संक्रमण से हुई मृत्यु के है।

छत्तीसगढ़ की पारम्परिक धरोहरों, तीज-त्यौहारों को संजोने का कार्य कर रहे मुख्यमंत्री: महापौर
धमतरी /शौर्यपथ/  

छत्तीसगढ़ शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निर्देशानुसार जिला स्तरीय युवा उत्सव का दो दिवसीय आयोजन का आज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ। कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर नगर निगम के महापौर  विजय देवांगन उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  नीशु चंद्राकर एवं सदस्य  कविता बाबर मौजूद थीं। जिला स्तरीय युवा उत्सव में कुल 609 प्रतिभागी शामिल होंगे, जो विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन करेंगे। 

स्थानीय आमातालाब रोड स्थित पंढरीराव कृदत्त इनडोर स्टेडियम में आयोजित युवा उत्सव में मुख्य अतिथि  देवांगन ने कहा कि जब  प्रदेश में छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री ने बागडोर संभाली है, तब से यहां की विलुप्तप्राय सांस्कृतिक विरासतों, तीज-त्यौहारों को पुनर्जीवन मिल रहा है। उन्होंने न सिर्फ यहां की पम्पराओं को संजोने का कार्य किया, बल्कि इन सबको एक विशिष्ट पहचान दिलाने का भी काम किया। महापौर ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  चंद्राकर ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि आधुनिकता के दौर में समाज अपनी पुरातन, वैभवशाली धरोहरों को भूलता जा रहा है, ऐसे में प्रदेश के माटीपुत्र मुख्यमंत्री ने इन्हें जिंदा रखने का बीड़ा उठाया, जो आज फलीभूत हो रहा है। इसके पहले, जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती प्रियंका महोबिया ने जिला स्तरीय युवा उत्सव को लेकर प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि 38 प्रकार की विभिन्न विधाओं में प्रतिस्पर्धा आयोजित कराई जा रही है, जिसमें चारों विकाखण्ड के प्रतिभागी शामिल हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल-भावना से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आव्हान किया। इस अवसर पर खेल अधिकारी श्रीमती उमा राज, डिप्टी कलेक्टर दिव्या पोटाई सहित खेल प्रशिक्षक एवं प्रतिभागी मौजूद थे। 

उल्लेखनीय है कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 13 एवं 14 दिसम्बर को विकासखण्ड स्तरीय युवा उत्सव आयोजित किया गया, जिसमें दो आयु वर्गों में कुल 38 प्रकार के खेल एवं अन्य विधाओं में प्रतियोगिता कराई गई। इसमें सफल रहे प्रतिभागियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन का अवसर मिला। तदुपरांत विजेता प्रतिभागी संभाग स्तरीय और अंत में राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धाओं में शामिल होकर अपना प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में बताया गया कि आज से दो दिवसीय जिला स्तरीय आयोजन में कुल 609 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं जिसमें धमतरी विकासखण्ड के 192, कुरूद के 112, मगरलोड के 130 और नगरी विकासखण्ड के 165 प्रतिभागी और 54 ऑफिशियल्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसके अंतर्गत लोकनृत्य, लोकगीत, एकांकी, शास्त्रीय नृत्य, शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय वादन सहित वक्तृत्व कला विधाओं में प्रतिस्पर्धा आयोजित की जा रही है। इसके अलावा सुआ, पंथी, करमा नाचा, सरहुल, बस्तरिहा लोकनृत्य, राउत नाचा, फुगड़ी, भौंरा, गेड़ी, दौड़/चाल, चित्रकला, वाद-विवाद (तात्कालिक/समसामयिक विषयों पर), क्विज, निबंध आधारित प्रतिस्पर्धाएं कराई गईं। कार्यक्रम में स्थल में आकर्षक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों पर आधारित फूड स्टाल लगाया गया, जहां उपस्थित लोगों ने पारंपरिक व्यंजनों के स्वाद का लुत्फ उठाया।

 

 

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