August 03, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    दुर्ग / शौर्यपथ /
    नगर पालिक निगम दुर्ग में आगामी 22 मार्च विश्व जल दिवस के अवसर पर शहर में व्यापक जल जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी को लेकर शनिवार को जलकार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में जल कार्य प्रभारी लीना–दिनेश देवांगन की अध्यक्षता में जलगृह कार्यालय स्थित उनके कक्ष में संपन्न हुई।

    बैठक में शहर में जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने के साथ-साथ विश्व जल दिवस के अवसर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर महापौर से चर्चा कर कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा तय करने का निर्णय लिया गया।

    टंकियों में मीटर गेज लगाने का सुझाव

    बैठक के दौरान समिति सदस्यों ने शहर की सभी पानी टंकियों में मीटर गेज लगाने का सुझाव दिया, ताकि टंकियों में उपलब्ध पानी के स्तर की सटीक जानकारी मिल सके और जल वितरण व्यवस्था को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
    इसके अलावा शहर में जल आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए जल टैंकरों के नियमित संधारण (मेंटेनेंस) पर जोर दिया गया। साथ ही आवश्यकता के अनुसार टैंकरों के लिए वाहन चालकों की संख्या बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा गया।

    जल संरक्षण और जनजागरूकता पर विशेष जोर

    बैठक में विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। समिति सदस्यों ने सुझाव दिया कि इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़कर व्यापक स्तर पर जल संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि शहर में जल प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

    समिति सदस्य और अधिकारी रहे उपस्थित

    बैठक में समिति सदस्य गुलाब वर्मा, पायल पाटिल, मनोज सोनी, रेखा बंजारे सहित नगर निगम के उपअभियंता विनोज मांझी और अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने जल प्रबंधन और जल संरक्षण से जुड़े अपने सुझाव और विचार साझा किए।

    राजनांदगांव /भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के निगमित सामाजिक दायित्व के निगमित सामाजिक दायित्व भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर द्वारा एवं समाज कल्याण विभाग के सहयोग से जिले के दिव्यांगजनों को आवश्यकता अनुसार सहायक उपकरण प्रदाय करने के लिए जिले के सभी विकासखंडों में मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में छुरिया विकासखंड के जनपद पंचायत छुरिया के सामुदायिक भवन में आयोजित मूल्यांकन शिविर में जिले के अंतिम छोर से 100 से अधिक दिव्यांगजनों ने पहुंचकर सहायक उपकरण के लिए पंजीयन कराया।
    जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए आयोजित मूल्यांकन शिविर की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविरों के आयोजन से शासकीय एवं सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित होती है। उन्होंने दिव्यांगजनों को शिविर में शामिल होकर सहायक उपकरण के लिए पंजीयन कराने की अपील की। शिविर को अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। शिविर में अध्यक्ष जनपद पंचायत छुरिया श्री संजय सिन्हा, सभापति समाज कल्याण श्रीमती भेष बाई साहू, श्रीमती बिरम रामकुमार मंडावी, श्रीमती रेखा गंधर्व, श्रीमती उत्तरा निषाद, श्री उभेराम मंडावी, श्री चंद्रप्रकाश मोटघरे, उप संचालक समाज कल्याण सुश्री वैशाली मरडवार, समाज कल्याण विभाग के प्रमुख कलाकार श्री बीरसिह साहू, प्रभारी अधीक्षक शासकीय बौद्धिक मंदता वाले विशेष विद्यालय राजनांदगांव श्री बालकृष्ण बघेल सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं अन्य नागरिक उपस्थित थे।

    राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यवस्थाओं में सुधार तथा योजनाओं को जमीनी स्तर पर मूर्त रूप देने के उद्देश्य से सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित क्षेत्रों का विशेष मैदानी निरीक्षण किया गया। जिससे योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान अधिकारियों ने मैदानी स्तर पर योजनाओं की प्रगति और व्यवस्थाओं का अवलोकन कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।
    विशेष मैदानी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मरीजों को मिल रही सुविधाओं तथा दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। इसी प्रकार अधिकारियों ने निर्माणाधीन कार्यों एवं सड़कों का अवलोकन कर उनकी गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। छात्रावासों का निरीक्षण कर वहां रह रहे विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के भोजन, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल तथा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली गई और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों का भी विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर बच्चों को दिए जा रहे पूरक पोषण आहार, प्री-स्कूल गतिविधियों, केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं तथा गर्भवती एवं माताओं को प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी ली। साथ ही विभाग के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति का भी अवलोकन किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के चिकित्सकों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर होम विजिट के माध्यम से मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक उपचार और परामर्श प्रदान किया गया। इस दौरान बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा अन्य मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के मैदानी कार्यालयों का निरीक्षण कर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया गया।

    मृणेन्द्र चौबे

    राजनांदगांव/ शौर्यपथ /भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय राजनांदगांव में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संवेदनशीलता तथा समर्पण से एक लावारिस बुजुर्ग मरीज को नया जीवन मिला है। कोमा और गैस्पिंग की गंभीर अवस्था में अस्पताल लाए गए इस अज्ञात मरीज का लगभग 20 दिनों तक निरंतर उपचार किया गया, जिसके बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया।

    जानकारी के अनुसार 24 फरवरी 2026 को ‘108’ एम्बुलेंस के माध्यम से एक अज्ञात बुजुर्ग मरीज को अत्यंत नाजुक हालत में अस्पताल लाया गया था। भर्ती के समय मरीज गहरे कोमा में था और गैस्पिंग की स्थिति में अंतिम सांसें ले रहा था। चिकित्सकीय जांच में पता चला कि मरीज लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रसित था, जिसके कारण वह हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी (दिमाग पर असर) की खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका था। इसके साथ ही मरीज के शरीर में प्रोटीन की अत्यधिक कमी के कारण पूरे शरीर में सूजन थी और संक्रमण फैलने से वह सेप्टिक शॉक की स्थिति में था। चिकित्सकों के अनुसार इस अवस्था में मरीज के बचने की संभावना बेहद कम होती है, लेकिन समय पर मिले उपचार और टीमवर्क से उसे नया जीवन मिल सका।

    डीन डॉ. पी. एम. लुका एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. देशकर के मार्गदर्शन तथा मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. एन. के. तिरकी के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। मरीज के अज्ञात और लावारिस होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके सभी आवश्यक परीक्षण, जांच और दवाइयों की व्यवस्था पूरी तरह नि:शुल्क कराई।

    इलाज की जिम्मेदारी डॉ. प्रकाश खुंटे के साथ डॉ. आशीष दुलानी, डॉ. भूपेंद्र जंघेल, डॉ. आकाश चंद्राकर और डॉ. विकास जैन की टीम ने संभाली। चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए लगातार मॉनिटरिंग और आवश्यक उपचार जारी रखा। इस दौरान इंटर्न डॉक्टरों ने भी उपचार प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग दिया।

    डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ की विशेष देखभाल भी मरीज के स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सिस्टर इंचार्ज रेखा और नर्सिंग ऑफिसर केसर, राजलक्ष्मी, मोहिनी, पूजा निषाद तथा चंद्रकला ने चौबीसों घंटे मरीज की सेवा की। वार्ड बॉय और आया वर्ग ने भी मरीज की देखभाल में पूरा सहयोग दिया, जिससे उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार होता गया। लगातार लगभग 10 दिनों तक आईसीयू और क्रिटिकल केयर में गहन उपचार के बाद मरीज की स्थिति स्थिर हुई और वह धीरे-धीरे होश में आने लगा। इसके बाद सामान्य वार्ड में रखकर उपचार जारी रखा गया। करीब 20 दिनों तक चले उपचार के बाद 14 मार्च 2026 को बुजुर्ग मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

    दीपक वैष्णव की खास रिपोर्ट 

    कोंडागांव |  

    10 मार्च को कोंडागांव जिले के किसानों की समस्याओं को देखते हुए कोंडागांव की बेटी एवं कोंडागांव की विधायक सुश्री लता उसेंडी ने विधानसभा में मुख्यमंत्री के समक्ष लो वोल्टेज की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की, जिससे खेती कार्य प्रभावित न हो।

    विधायक सुश्री लता उसेंडी ने विधानसभा में मुख्यमंत्री से पूछा कि कोंडागांव जिले में वर्षवार बिजली की खपत कितनी है, वर्तमान में कितने विद्युत सबस्टेशन संचालित हैं तथा उनसे कितनी बिजली की सप्लाई की जा रही है। साथ ही जिले में प्रस्तावित नए सबस्टेशनों की जानकारी एवं उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी।

    इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि पिछले तीन वर्षों में कितने किसानों ने स्थायी कृषि बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया है और कितने किसान ऐसे हैं जिन्होंने डिमांड राशि जमा करने के बावजूद अभी तक कनेक्शन प्राप्त नहीं किया है। साथ ही यह भी जानना चाहा कि इन किसानों को कब तक स्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

    उन्होंने यह भी सवाल किया कि जिले में शासकीय संस्थाओं पर बिजली का कितना बकाया है तथा क्या सरकार सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली आपूर्ति की कोई योजना बना रही है।

    इस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जवाब देते हुए बताया कि कोंडागांव जिले में वर्ष 2023-24 में 334.21 मिलियन यूनिट, वर्ष 2024-25 में 379.78 मिलियन यूनिट तथा वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 248.58 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई है।

    वर्तमान में जिले में 132/33 केवी का एक उपकेंद्र कोंडागांव (मसोरा) में संचालित है। इसके अलावा 33/11 केवी के 15 उपकेंद्रों से जिले को बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि 9 अन्य उपकेंद्र ऐसे हैं जिनकी आपूर्ति जिले के बाहर से हो रही है। जिले में 1 नया 132/33 केवी और 4 नए 33/11 केवी सबस्टेशन प्रस्तावित हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में 13,381 किसानों ने स्थायी कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। इनमें से 7,484 कृषि सिंचाई पंपों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 3,692 पंपों का कार्य पूरा हो चुका है और 3,792 पंपों का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

    इसके अलावा कोंडागांव जिले में शासकीय संस्थाओं पर जनवरी 2026 तक लगभग 17.93 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। वहीं शासकीय संस्थानों में सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली आपूर्ति के लिए सोलर प्लांट स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी काम किया जा रहा है।

    दुर्ग / शौर्यपथ समाचार

    छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर के लिए गौरव का क्षण तब सामने आया जब शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं समाजसेवी मनीष पारख को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पत्रिका Forbes India की प्रतिष्ठित सूची “Game-Changing Leaders” में स्थान मिला है। यह सम्मान उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में किए जा रहे उनके नवाचारी और प्रभावशाली कार्यों के लिए प्रदान किया गया है।

    फोर्ब्स इंडिया द्वारा जारी इस सूची में देशभर के उन चुनिंदा व्यक्तित्वों को शामिल किया जाता है जिन्होंने अपने कार्यों और दूरदर्शी नेतृत्व से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ऐसे में दुर्ग शहर के निवासी मनीष पारख का इस सूची में शामिल होना न केवल उनके लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से दुर्ग जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल

    मनीष पारख मेघ गंगा ग्रुप के संस्थापक एवं चेयरमैन हैं। उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन किया जा रहा है, जो आधुनिक तकनीक और विश्वसनीय जांच सेवाओं के माध्यम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यरत है।

    आज के समय में सटीक और समय पर जांच स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला मानी जाती है। ऐसे में लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर के माध्यम से मनीष पारख ने दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

    शिक्षा क्षेत्र में नए आयाम

    स्वास्थ्य के साथ-साथ मनीष पारख शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी संस्था Avish Educom के माध्यम से आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास और नई पीढ़ी को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

    शिक्षा के क्षेत्र में उनकी पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना है।

    “मोर शहर-मोर जिम्मेदारी” के तहत शहर सौंदर्यीकरण

    मनीष पारख केवल उद्योग और संस्थागत विकास तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे दुर्ग शहर के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    “मोर शहर-मोर जिम्मेदारी” अभियान के तहत दुर्ग शहर के विभिन्न चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण और शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए वे लगातार पहल कर रहे हैं। उनका मानना है कि शहर की पहचान केवल विकास से नहीं बल्कि उसकी स्वच्छता, सौंदर्य और नागरिक जिम्मेदारी से भी बनती है।

    फोर्ब्स में स्थान मिलने पर क्या बोले मनीष पारख

    फोर्ब्स इंडिया की सूची में शामिल होने पर मनीष पारख ने इसे समाज के विश्वास और सहयोग का परिणाम बताया।

    उन्होंने कहा –

    “आप सभी के साथ और आपके विश्वास का यह परिणाम मेरे और मेरे परिवार के लिए हर्ष और उल्लास का विषय है। इस भरोसे को बनाए रखने के लिए मैं सदैव कर्तव्यबद्ध रहूँगा।”

    उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि उन सभी सहयोगियों, कर्मचारियों और समाज के लोगों का है जिन्होंने उनके प्रयासों पर विश्वास किया और साथ दिया।

    समाज के लिए प्रेरणा

    फोर्ब्स जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक पत्रिका में नाम दर्ज होना इस बात का संकेत है कि दुर्ग जैसे शहरों से भी ऐसे नेतृत्व उभर रहे हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

    स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में किए जा रहे मनीष पारख के कार्य न केवल स्थानीय समाज के लिए लाभकारी हैं बल्कि युवा उद्यमियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं।

    फोर्ब्स इंडिया की “Game-Changing Leaders” सूची में स्थान मिलने से यह स्पष्ट हो गया है कि दूरदर्शी सोच, सामाजिक प्रतिबद्धता और नवाचार के साथ किया गया कार्य किसी भी व्यक्ति को वैश्विक मंच तक पहुंचा सकता है।

    दुर्ग । नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह मार्च में राजस्व वसूली को गति देने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। निगम प्रशासन ने करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य निगम कार्यालय सहित सभी जोन कार्यालयों में टैक्स काउंटर खोल दिए हैं। साथ ही नागरिकों को राहत देने के लिए शनिवार और रविवार को भी काउंटर खुले रखने का निर्णय लिया गया है।

    निगम अधिकारियों ने बताया कि करदाता 31 मार्च 2026 से पहले चालू वित्तीय वर्ष का संपत्तिकर और अन्य कर बिना किसी अतिरिक्त अधिभार या जुर्माने के जमा कर सकते हैं। समय सीमा के बाद कर जमा करने पर नियमानुसार अधिभार लगाया जाएगा।

    निगम के सहायक राजस्व निरीक्षक (ARI) भी वार्डों में घर-घर जाकर करदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें समय पर टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

    इन करों का करना होगा भुगतान

    नगर निगम क्षेत्र के भवन एवं भूमि स्वामियों से अपील की गई है कि वे संपत्तिकर, यूजर चार्ज, जलकर, भू-भाटक तथा दुकान किराया सहित सभी बकाया कर 31 मार्च 2026 से पहले अनिवार्य रूप से जमा करें। जिन करदाताओं का पूर्व वर्षों का संपत्तिकर बकाया है, वे भी समय सीमा से पहले भुगतान कर अधिभार से बच सकते हैं।

    घर बैठे ऑनलाइन भुगतान की सुविधा ?

    नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम द्वारा ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। करदाता नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से घर बैठे ही अपने करों का भुगतान कर सकते हैं:

    ? https://municipalcorporation.in/⁠�

    अवकाश के दिन भी खुलेंगे काउंटर ⏰

    निगम प्रशासन के अनुसार प्रत्येक शनिवार और रविवार को भी सभी जोन कार्यालयों और मुख्य कार्यालय में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संपत्तिकर काउंटर खुले रहेंगे, जिससे करदाता अवकाश के दिनों में भी आसानी से कर जमा कर सकेंगे।

    कमिश्नर की अपील

    नगर निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल ने शहर के सभी करदाताओं से अपील करते हुए कहा है कि वे 31 मार्च 2026 से पहले अपने सभी बकाया करों का भुगतान कर दें। इससे उन्हें अतिरिक्त अधिभार से बचने का लाभ मिलेगा और निगम को शहर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक राजस्व प्राप्त होगा।

    उन्होंने बताया कि निगम के अधिकृत सहायक राजस्व निरीक्षक वार्डों में घर-घर पहुंचकर कर वसूली कर रहे हैं, जिनके पास भी नागरिक सुरक्षित रूप से कर राशि जमा कर सकते हैं।

    रायपुर/नई दिल्ली । 

    नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित “अमृत मित्र महोत्सव” में छत्तीसगढ़ की जल योद्धाओं ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराते हुए देशभर के सामने अपने कार्यों और अनुभवों को साझा किया। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की 75 “अमृत मित्र” महिलाओं ने भाग लिया।

    कार्यक्रम में बिलासपुर नगर निगम की श्रीमती रुक्मिणी गोस्वामी और लोरमी की श्रीमती हेमलता खत्री ने केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की मौजूदगी में देशभर से आई लगभग 1000 अमृत मित्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए और शहरी जल प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

    यह सम्मेलन अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT 2.0) के अंतर्गत महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और भूमिका को रेखांकित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आई महिलाओं ने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और शहरी विकास से जुड़े अपने-अपने नवाचार और अनुभव साझा किए।

    छत्तीसगढ़ से शामिल हुईं ये महिलाएं राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में वृक्षारोपण, जल गुणवत्ता परीक्षण, जल संरचनाओं के संचालन तथा सामुदायिक जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री श्री अरुण साव ने 11 मार्च को रायपुर रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर इन महिलाओं के दल को नई दिल्ली के लिए रवाना किया था।

    “वीमेन फॉर ट्री” अभियान से पर्यावरण संरक्षण और आजीविका

    स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ये महिलाएं ‘वीमेन फॉर ट्री’ अभियान के तहत वृक्षारोपण, हरित क्षेत्रों के संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने का कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही वे शहरों में जल गुणवत्ता परीक्षण, जल उपचार संयंत्र (WTP) और वितरण नेटवर्क के संचालन में सहयोग भी कर रही हैं।

    साथ ही ये महिलाएं जल संरक्षण, स्वच्छता और ‘कचरे से कंचन’ जैसे अभियानों के माध्यम से आम नागरिकों को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

    राष्ट्रीय मंच पर साझा किए अनुभव

    महोत्सव में अपने अनुभव साझा करते हुए श्रीमती रुक्मिणी गोस्वामी ने कहा कि

    “हम केवल पौधे ही नहीं लगा रहे हैं, बल्कि अपने शहरों के पर्यावरण और भविष्य को सुरक्षित बनाने का काम भी कर रहे हैं। इस पहल से हमें आजीविका का अवसर मिला है, जिससे हम अपने परिवार की आय में भी योगदान दे पा रहे हैं।”

    वहीं श्रीमती हेमलता खत्री ने कहा कि

    “जल संरक्षण के लिए हम बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कर रहे हैं और पौधों की देखभाल अपने बच्चे की तरह करते हैं। उन्हें बढ़ते हुए देखकर हमें बेहद खुशी और संतोष मिलता है।”

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दी बधाई

    उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा अपने कार्यों और अनुभवों को प्रस्तुत करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

    उन्होंने कहा कि “वीमेन फॉर ट्री – अमृत मित्र योजना” के माध्यम से महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल रहा है, जिससे वे समाज और पर्यावरण दोनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ /  ✈️

    देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शामिल इंडिगो (IndiGo) ने विमान ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते 14 मार्च 2026 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लागू करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया देना होगा।

    एयरलाइन कंपनी के अनुसार यह अतिरिक्त शुल्क नई टिकट बुकिंग पर ही लागू होगा, यानी 14 मार्च या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर यह सरचार्ज लिया जाएगा।

    दूरी और सेक्टर के आधार पर बढ़ा किराया

    इंडिगो द्वारा लागू किए गए फ्यूल सरचार्ज को यात्रा की दूरी और अंतरराष्ट्रीय सेक्टर के आधार पर तय किया गया है।

    घरेलू उड़ानें और भारतीय उपमहाद्वीप: ₹425 प्रति सेक्टर

    मिडल ईस्ट (Middle East): ₹900 प्रति सेक्टर

    दक्षिण पूर्व एशिया और चीन: ₹1,800 प्रति सेक्टर

    अफ्रीका और पश्चिम एशिया: ₹1,800 प्रति सेक्टर

    यूरोप: ₹2,300 प्रति सेक्टर

    इस निर्णय के बाद छोटी दूरी की उड़ानों से लेकर लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक यात्रियों के किराए में वृद्धि देखने को मिलेगी।

    ईंधन की कीमतों में 85% से अधिक उछाल

    इंडिगो ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण हालात के कारण वैश्विक बाजार में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 85 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

    एयरलाइन उद्योग में ईंधन सबसे बड़ा खर्च माना जाता है। इंडिगो के अनुसार कुल परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर ही खर्च होता है, जिसके कारण कंपनी को यह अतिरिक्त शुल्क लागू करना पड़ा।

    पहले एयर इंडिया ने भी किया था ऐलान

    गौरतलब है कि इंडिगो से पहले एयर इंडिया ने भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया था। अब इंडिगो के इस कदम के बाद अन्य एयरलाइनों के भी इसी दिशा में कदम उठाने की संभावना जताई जा रही है।

    यात्रियों पर पड़ेगा असर

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा की लागत बढ़ेगी, जिससे यात्रियों के बजट पर असर पड़ सकता है। हालांकि एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच परिचालन संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी हो गया है।

    ✈️ विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और विमान ईंधन की कीमतें आगे भी बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में हवाई किराए में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / 

    भारतीय राजनीति और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में महाभियोग का नोटिस प्रस्तुत किया है। जानकारी के अनुसार, यह भारत के इतिहास में किसी मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की पहल का पहला मामला माना जा रहा है।

    इस प्रस्ताव को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह कदम उठाया है।

    ममता बनर्जी की पहल पर तैयार हुआ प्रस्ताव

    सूत्रों के अनुसार इस महाभियोग प्रस्ताव की रणनीति और निर्णय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की पहल पर तैयार किया गया। टीएमसी का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाए रखना लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसी उद्देश्य से यह प्रस्ताव लाया गया है।

    193 सांसदों के हस्ताक्षर

    महाभियोग प्रस्ताव पर कुल 193 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं, जिनमें

    लोकसभा के 130 सांसद

    राज्यसभा के 63 सांसद शामिल हैं।

    संवैधानिक नियमों के अनुसार महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। इस लिहाज से प्रस्ताव को प्रारंभिक समर्थन की आवश्यक संख्या प्राप्त हो चुकी है।

    17 विपक्षी दलों का समर्थन

    टीएमसी के इस कदम को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), द्रमुक (DMK), आम आदमी पार्टी (AAP), शरद पवार की एनसीपी सहित लगभग 17 विपक्षी दलों का समर्थन बताया जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि हाल के समय में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कई प्रश्न खड़े हुए हैं, जिन्हें संसद के माध्यम से स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।

    लगाए गए गंभीर आरोप

    विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण आचरण के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

    प्रमुख आरोपों में शामिल हैं –

    चुनावी अनियमितताओं की जांच में कथित रूप से बाधा उत्पन्न करना

    स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव

    बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप

    विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम काटने को लेकर आपत्ति

    विपक्ष का दावा है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

    क्या कहता है संविधान

    भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया अत्यंत कठिन और कठोर होती है। यह प्रक्रिया लगभग उसी प्रकार होती है जैसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को पद से हटाने की प्रक्रिया।

    इसके लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत आवश्यक होता है, जिसमें:

    सदन के कुल सदस्यों का बहुमत

    तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत का समर्थन शामिल होता है।

    आगे की प्रक्रिया क्या होगी

    अब यह महाभियोग नोटिस लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के पास जाएगा। यदि वे इसे स्वीकार करते हैं तो आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित की जा सकती है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संसद में आगे की कार्रवाई तय होगी।

    राजनीतिक और संवैधानिक महत्व

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि इससे चुनाव आयोग की स्वायत्तता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर व्यापक बहस छिड़ सकती है।

    यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो यह आने वाले समय में भारतीय लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण संवैधानिक परीक्षण साबित हो सकता है।

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