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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
दुर्ग / शौर्यपथ /
दीपावली का पर्व रोशनी और खुशियों का प्रतीक है, पर कभी-कभी यही रोशनी किसी घर के लिए अंधकार बन जाती है। दुर्ग जिले में पटाखों की चपेट में आकर घायल हुए दस वर्षीय अभिषेक यादव का मामला ऐसी ही एक घटना है जिसने प्रशासन, समाज और राजनीति — तीनों की संवेदनशीलता को एक साथ परखा है।
घटना के बाद जब वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को सूचना मिली, तो उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप कर घायल बालक को बेहतर चिकित्सा सुविधा दिलाने की पहल की। सेक्टर 9 अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराने की प्रक्रिया से लेकर जिला अस्पताल के डॉक्टरों से समन्वय तक — हर स्तर पर उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सक्रियता दिखाई।
वैशाली नगर विधायक की सक्रियता की खबर सोशल मिडिया में वाइरल होने और उनकी पहल एक ऐसे विधान सभा क्षेत्र में जो उनके कार्य क्षेत्र में नहीं आता बावजूद संज्ञान लेना और मदद की ओर आगे हाथ बढ़ाना जिसकी खूब तारीफ़ हुई जिसके बाद स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार के मंत्री समर्थक भी मदद के लिए आगे आये और दुसरे दिन हॉस्पिटल जाकर परिजनों की मदद की जिसका वीडियो बनकर विरल भी किया गया जिस्मेमंत्री से वार्ता भी शामिल रही . दोनों जनप्रतिनिधियों के प्रयास से उपचार में तेजी आई और अंतत: अभिषेक सुरक्षित घर लौट सका।
परंतु, इस मानवीय प्रयास के बीच राजनीतिक स्वर भी गूंजने लगे। सोशल मीडिया पर कुछ समूहों ने आरोप लगाया कि गजेंद्र यादव केवल अपने विधानसभा क्षेत्र तक सीमित रहे, जबकि वैशाली नगर के विधायक ने व्यापक दृष्टिकोण से मदद की। जो कि "राजनीति" से प्रेरित आलोचना ने मानवीय पहल की गरिमा को आहत किया।
यह राजनितिक चर्चा एक गहरी सच्चाई की ओर संकेत करता है —
हमारा समाज संवेदनशील तो है, पर संवेदनशीलता को भी राजनीतिक चश्मे से देखने की आदत बना चुका है। जब मदद की नीयत पर भी प्रश्न उठने लगें, तो यह केवल राजनीति की नहीं बल्कि समाज की मानसिकता की भी परीक्षा बन जाती है।
रिकेश सेन का त्वरित कदम और मंत्री गजेंद्र यादव समर्थकों का सहयोग, दोनों ही मानवता के उदाहरण हैं। लेकिन यह सवाल अब भी प्रासंगिक है — क्या किसी बच्चे की पीड़ा को भी क्षेत्र और पार्टी के आधार पर मापा जाना चाहिए? क्या मदद का कार्य भी प्रचार का विषय बनना चाहिए?
राजनीति में प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है, पर मानवता की सीमा से परे प्रतिस्पर्धा असंवेदनशीलता में बदल जाती है। अभिषेक यादव का उपचार भले ही सफल रहा हो, लेकिन इस घटना ने समाज को यह सोचने पर विवश किया है कि हमें सहायता के क्षणों को प्रचार के मंच में बदलने से बचना होगा।
दुर्ग की यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक संदेश है —
जब जीवन संकट में हो, तब राजनीति मौन रहनी चाहिए और मानवता बोलनी चाहिए।
सच्ची सेवा वही है जो शोर के बिना की जाए, और सच्चा नेतृत्व वही जो हर बच्चे को अपना मानकर कार्य करे।
क्योंकि अंतत:, एक मासूम की मुस्कान — किसी भी राजनीतिक विजय से कहीं अधिक कीमती होती है।
रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश में लगातार मिल रही नकली दवाएं चिंता का विषय है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि सरकार नकली दवाएं सप्लाई करने वाली कंपनियों के खिलाफ कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है? दवाइयां अमानक है, उनके निर्माण में लापरवाही हुई है तो यह आपराधिक कृत्य है, ऐसी कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग केवल दवाओं पर प्रतिबंध लगाकर चुप बैठ जाता है। इसका मतलब है कि मिलीभगत करके गुणवत्ताविहीन दवाएं खरीदी गयी है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि प्रदेश में दवा के नाम पर ज़हर दिया जा रहा है, नकली अमानक, गुणवत्ताहीन, फंगस लगे दवा का वितरण मरीजों को किया जा रहा है, इतने गंभीर विषय पर यह सरकार गंभीर नहीं है, अब तक न किसी की जिम्मेदारी तय की गई, न ही कोई कार्यवाही हुई। छोटे-छोटे बच्चों को जो कृमि की जो दवाइयां खिलाई गई हैं, जांच में अमानक पाया गया, डायरिया पीड़ित मरीजों को दी गई दवाओं में फंगस मिला, कई एंटीबायोटिक दवाओं से मरीजों को एलर्जी हो रही है, गर्भवती महिलाओं और माताओं को बांटी गई आयरन, सल्फेट और फोलिक एसिड की दवाएं गुणवत्ताहीन पाई गई। सरकारी अस्पतालों में फफूंद लगे ग्लूकोस बोतल चढ़ाने से मरीजों की तबियत खराब हो रही है। पेरासिटामोल से लेकर सर्जिकल ब्लेड तक, एल्बेंडाजोल से लेकर प्रेगनेंसी किट तक अमानक निकले। यह सरकार उन दवाओं के उपयोग को लेकर मात्र एडवाइजरी जारी करके अपने जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहती है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि जिन दवा कंपनियों के उत्पादों पर देश के विभिन्न राज्यों में प्रतिबंध लगा है, उन्हीं कंपनियों की लगभग वही दवाइयां प्रदेश में धड़ल्ले से बिक रही है। सरकार बताए कि डॉक्टरों की शिकायत के बाद भी सप्लायर कंपनियों पर कोई कार्यवाही अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? आखिर गुणवत्ताहीन दवाओं के सप्लायरों को किसका संरक्षण है? कब तक मरीजों के जान से खिलवाड़ होता रहेगा?
7 नवंबर को सामूहिक गायन में मुख्य अतिथि होंगे कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम और प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू :: छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार आरु साहू की टीम देगी शानदार प्रस्तुति
दुर्ग / शौर्यपथ / 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पूरे देश में उत्सव मनाने का निर्णय लिया है। 7 नवंबर को पूरे देश में 150 स्थानों पर सामूहिक गायन का वृहद कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसी कड़ी में दुर्ग में भी आयोजन रखा गया है। कार्यक्रम की तैयारी को लेकर दुर्ग जिला भाजपा कार्यालय में आवश्यक बैठक आहूत की गई। दुर्ग संभाग मुख्यालय में सामूहिक गायन के आयोजन को लेकर रूपरेखा बनाई गई।
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा बताया कि वंदे मातरम गीत राष्ट्रवाद और एकता का सशक्त माध्यम है, जन जन में ऊर्जा का संचार करने वाला और राष्ट्रीय भावना का प्रेरक प्रभाव डालने वाले इस गीत की स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलनों में एक प्रमुख भूमिका रही है, आज भी यह गीत देश की हर नागरिक के लिए प्रेरणापुंज है।
जिला भाजपा महामंत्री दिलीप साहू ने कार्यक्रम का रूपरेखा के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि 7 नवंबर को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर दुर्ग जिला मुख्यालय में पुराना बस स्टैंड दुर्ग में शाम 3:00 बजे सामूहिक रूप से वंदे मातरम गीत का गायन कार्यक्रम रखा गया है। जिसमें दुर्ग शहर के समस्त नागरिकों को आमंत्रित किया गया है, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रंजना साहू होंगे। कार्यक्रम में लोक कलाकार आरु साहू की सांस्कृतिक टीम की प्रस्तुति भी होगी। दुर्ग शहर के तमाम नागरिक कार्यक्रम स्थल पर सामूहिक गायन करेंगे, इस अवसर पर जिले के तमाम वरिष्ठ नेता, समाजसेवी, व्यापारिक संगठन, युवा, महिला, विभिन्न समाज के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।
आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहां की यह गीत 1875 में श्री बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचा गया था " वंदे मातरम " का अर्थ है मां मैं तुम्हें नमन करता हूं वंदे मातरम का प्रसिद्ध वाचन वर्ष 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर के द्वारा किया गया था भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1950 में वंदे मातरम को राष्ट्रगीत का दर्जा प्रदान किया | देश भर में विभाजन के विरोध में आंदोलन के दौरान यह गीत राष्ट्रवाद, एकता और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रतिरोध का सशक्त प्रबंध गया इसकी प्रबल राष्ट्रीय भावना और प्रेरक प्रभाव के कारण ब्रिटिश सरकार ने इस नारे के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था वंदे मातरम स्वदेशी आंदोलन का प्रमुख नारा बना और बाल गंगाधर तिलक लाला लाजपत राय और भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों का प्रेरणा स्रोत रहा|
भाजपा नेता राजेन्द्र कुमार पाध्ये ने कहा कि“वंदे मातरम” आज भी भारत की एकता, शक्ति और मातृभूमि के प्रति प्रेम का प्रतीक है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय चेतना जागृत करने वाला मंत्र है।
दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक, भिलाई जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, निगम सभापति श्याम शर्मा जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार मंचस्थ रहे। बैठक का संचालन जिला महामंत्री दिलीप साहू ने किया एवं आभार प्रदर्शन जिला महामंत्री विनोद अरोरा ने किया।आयोजित बैठक में जिला उपाध्यक्ष सरिता मिश्रा राजीव पांडेय मंत्री गायत्री वर्मा, गिरेश साहू, शैलेंद्र शैंडे, सह कोषाध्यक्ष ध्रुव सचदेव कार्यालय मंत्री सैयद आसिफ अली सह कार्यालय मंत्री राहुल पंडित प्रवक्ता दिनेश देवांगन मीडिया प्रभारी राजा महोबिया, सोशल मीडिया प्रभारी रजनीश श्रीवास्तव, आईटी सेल जिला संयोजक जितेंद्र सिंह राजपूत, मंडल भाजपा अध्यक्ष महेंद्र अरोरा, कमलेश फेकर, बंटी चौहान, कौशल साहू, मनमोहन शर्मा, अनुपम साहू, राजू जंघेल, मंडल महामंत्री भुपेंद्र साहू, रितेश शर्मा ,जय श्री राजपूत सुमन वर्मा उमेश गिरी ताम्रध्वज साहू राजू साहू भूपेंद्र साहू एमआईसी सदस्य नीलेश अग्रवाल शेखर चंद्राकर काशीराम कोसरे शिव नायक मनीष साहू उपस्थित रहे |
दुख की घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है, परिवारों को मिलेगा हरसंभव मदद : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
डिप्टी सीएम अरुण साव ने जिला प्रशासन, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को बचाव एवं राहत कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बिलासपुर के पास हुई दुखद रेल दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि, कोरबा पैसेंजर ट्रेन एवं मालगाड़ी के बीच भिड़ंत होने से कुछ यात्रियों के हताहत होने की प्रारंभिक सूचना मिली है। श्री साव ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्ति की है। और ईश्वर से अन्य यात्रियों के सकुशल होने और घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
श्री साव ने कहा कि, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, बचाव दल एवं जिला प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव व राहत कार्य में लगे हैं। प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों द्वारा घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार इस दुख की घड़ी में दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने दिया है। घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर बात कर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए हैं। वे बचाव कार्य में लगे संबंधित अधिकारियों से लगातार सम्पर्क में हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जिला स्तरीय राज्योत्सव के समापन समारोह में हुए शामिल
राज्योत्सव का गरिमापूर्ण समापन, तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और भक्ति का हुआ अद्भुत संगम
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बैगा परिवारों को उपमुख्यमंत्री ने सौंपी आवास की चाबी
रायपुर / शौर्यपथ / राज्योत्सव के अंतिम दिवस की संध्या, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और भक्ति भावना के रंग में सराबोर रही। लोक-परंपरागत गीतों, जसगीत और छॉलीवुड की सुपरहिट फिल्मों के गानों ने माहौल को संगीतमय बना दिया। राज्योत्सव के तीसरे दिन आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ महतारी की तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ विधिवत रूप से किया।
कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव में न केवल स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा के प्रदर्शन का केंद्र बना, बल्कि इसने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और लोक परम्परा के संगम को नई ऊंचाइयां प्रदान की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बैगा परिवारों को आवास की चाबी सौंपी और नए आवास निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी को राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये अवसर छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण और नमन करने का है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास, नवाचार और विकास का प्रतीक बन चुका है, यह हम सभी के सामूहिक प्रयासों और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों की यात्रा को देखें तो छत्तीसगढ़ के विकास की रफ्तार अन्य प्रदेशों की तुलना में कहीं आगे है। हम कबीरधाम जिले में लोगों के लिए जनसुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य कर रहे हैं। जिले में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की दृष्टि से एक बड़ी अधोसंरचना के रूप में मेडिकल कॉलेज तैयार होने जा रहा है। यहां जिला अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़कर 220 की जा रही है। इसके साथ ही क्रिटिकल केयर सहित मेडिकल कॉलेज के मानकों के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि कवर्धा जिले के स्कूलों में स्मार्ट क्लास से पठन पाठन को डिजिटल माध्यम से जोड़ा जा रहा है। जिले में 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की योजना की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के बाद से ही विकास की दिशा में सतत प्रगति कर रहा है। पिछले 25 वर्षों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जिले के प्रगतिशील किसानों ने अपने परिश्रम और नवाचार से उन्नत कृषि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। किसानों के हित में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है, ताकि खेती को और अधिक समृद्ध और उत्पादक बनाया जा सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित छत्तीसगढ़ आज अपने स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रजत महोत्सव मना रहा है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने इन वर्षों में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि तीन दिवसीय राज्योत्सव में स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। इस मंच पर बांस गीत जैसे छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती पारंपरिक संस्कृति को न सिर्फ जीवंत किया गया बल्कि नई पीढ़ी के सामने उसकी समृद्ध लोक पहचान को भी उभारा गया है। कलेक्टर ने कलाकारों के उत्साह और लोकसंस्कृति के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ की माटी, लोक स्वर और परंपराओं को संजोए रखने का सबसे सुंदर माध्यम हैं। इस अवसर पर विशेष रूप से जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्री बालक राम किनकर वर्मा, जिला पंचायत सदस्य श्री वीरेन्द्र साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री मानीराम साहू, रिंकेश वैष्णव, श्री विदेशीराम धुर्वे, श्री नितेश अग्रवाल, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अजय कुमार त्रिपाठी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
69 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में ऑनलाईन ट्रांसफर होंगे 647.28 करोड़
नियद नेल्ला नार योजना में शामिल गांवों की 7658 हितग्राही महिलाओं को मिलेगा पहली बार इस योजना का लाभ
महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को अब तक 13024.40 करोड़ रूपए की मदद
रायपुर / शौर्यपथ / उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन के करकमलों से छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की लाभार्थी 69 लाख से अधिक महिलाओं को 21वीं किश्त के रूप में 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रूपए की राशि जारी की जाएगी। लाभार्थी महिलाओं में 7658 महिलाएं बस्तर संभाग के उन गांवों की है, जो छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बीते 22 महीनों में संचालित माओवाद उन्मूलन अभियान के चलते माओवाद के प्रभाव से मुक्त हुए हैं। इन महिलाओं को पहली बार इस योजना का लाभ मिलेगा। उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन 5 नवम्बर को राजनांदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन में महतारी वंदन योजना की 21वीं किश्त की राशि हितग्राही महिलाओं के बैंक खाते में ऑनलाईन ट्रांसफर करेंगे।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि दी जाती है। लाभार्थी महिलाओं को 20 किश्तों में अब तक कुल 13,024 करोड़ 40 लाख रूपए की सहायता राशि दी जा चुकी है। 05 नवम्बर को 21वीं किश्त की राशि 647.28 करोड़ रूपए की राशि जारी होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 13,671 करोड़ 68 लाख रूपए हो जाएगा।
यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर बस्तर संभाग में माओवाद के प्रभाव से मुक्त हुए गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ दिलाने के उद्देश्य से नियद नेल्ला नार योजना शुरू की गई है। इस योजना के दायरे में शामिल 327 गांवों में तेजी से विकास के कार्य और ग्रामीणजनों को शासकीय सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों के चलते पहली बार नियद नेल्ला नार योजना गांवों की महिलाओं को पात्रता के आधार पर इस योजना में शामिल किया गया है, जिनकी संख्या फिलहाल 7658 है, उन्हें पहली बार 76 लाख 26 हजार 500 रूपए की सहायता राशि इस योजना के तहत मिलेगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नियद नेल्ला नार योजना में शामिल बीजापुर जिले के गांवों की 3872, दंतेवाड़ा जिले की 428, कांकेर जिले की 191, नारायणपुर जिले की 559 तथा सुकमा जिले की 2608 महिलाएं महतारी वंदन योजना की नयी लाभार्थी के रूप में दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नियद नेल्ला नार योजना में शामिल गांवों की शासन की सभी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लगातार पहल की जा रही है। यह खुशी की बात है कि माओवाद आतंक के प्रभाव से मुक्त हुए गांवों की महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने की शुरूआत उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन के करकमलों से हो रही है।
रायपुर / शौर्यपथ / देश के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का आज स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस दिखाने वाले दो शहीदों के परिजनों और 12 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राज्योत्सव के चौथे दिन नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राज्योत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई गाथा लिखी है। राज्य ने हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1 नवम्बर को दिनभर नवा रायपुर में रहकर राज्योत्सव का शुभारंभ किया और विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने प्रवास के दौरान राज्य को 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है। इसके लिए मैं राज्य के तीन करोड़ लोगों की ओर से उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि अलग राज्य के निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ उपेक्षा के दंश से मुक्त हुआ। अटलजी की दूरदृष्टि से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति मिली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांव-गांव तक पक्की सड़क पहुँची, जिससे ग्रामीण विकास के द्वार खुले। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना सहित सभी क्षेत्रों में तीव्र गति से कार्य हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 22 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के अधिकांश बड़े कार्यों को पूरा किया है। हम राज्य में स्वच्छ, संवेदनशील और पारदर्शी शासन के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी उद्देश्य से हमने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य निर्माण से पूर्व बस्तर और सरगुजा के सुदूर वनांचल उपेक्षा का शिकार हुआ करते थे। स्वास्थ्य, शिक्षा और निर्माण सुविधाओं के अभाव में ये क्षेत्र नक्सल हिंसा की पीड़ा सहते हुए दयनीय अवस्था में थे। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस पीड़ा को समझते हुए अलग राज्य का निर्माण किया, जिसके बाद से छत्तीसगढ़ लगातार विकास की राह पर अग्रसर है। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सभी नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नक्सल ऑपरेशन में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले पुलिस के 14 जवानों को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव गिरिपुंजे और शहीद वीरेंद्र कुमार शोरी के परिजनों सहित नक्सल मोर्चे पर जांबाजी के साथ लड़ने वाले पुलिस जवानों श्री धरम सिंह तुलावी, श्री विजय पुनेंग, श्री गोपाल बरदू, श्री रामेश्वर ओयामी, श्री राजूलाल मरकाम, श्री समलूराम सेठिया, श्री तुलाराम ओवासी, श्री मोहन लाल कट्टम, श्री संतोष मोरामी, श्री मनोज यादव, श्री जामुराव तथा सुश्री निशा कचलाम को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम तथा संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा आज नवा रायपुर में ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ का सफल आयोजन किया गया। यह राज्य में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक मंच साबित हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस, डिजिटल इंडस्ट्रीज और नवाचार आधारित उद्यमों का नया केंद्र बनाना है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ “नवाचार से संचालित विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।” उन्होंने कहा कि “टेकस्टार्ट के माध्यम से हम विचारों और निवेशों के बीच एक सेतु का निर्माण कर रहे हैं, जिससे युवाओं को अवसर और राज्य के विकास को गति मिलेगी। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक छलांग का प्रतीक है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दस महीनों में छत्तीसगढ़ को लगभग ₹7.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024–30 निवेशकों के अनुकूल और विकासोन्मुख है, जो नए उद्योगों, स्टार्टअप्स और तकनीकी उद्यमिता को गति देगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है, जहाँ स्टार्टअप्स फलें-फूलें और निवेशकों को स्थायी एवं विस्तार योग्य अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है और आने वाले वर्षों में यह डिजिटल भारत के मानचित्र पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।”
इस आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI), MeitY स्टार्टअप हब, और देश के प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों एवं इनोवेटर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम में आईटी और आईटीईएस क्षेत्रों में सहयोग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रणनीतियों और निवेश साझेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
देशभर से 250 से अधिक निवेशक, इनक्यूबेटर और इनोवेटर इस आयोजन में शामिल हुए। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा इनोवेशन नेटवर्किंग इवेंट रहा। नवा रायपुर में भारत के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना भी जारी है, जो छत्तीसगढ़ को उच्च तकनीकी, डाटा इनोवेशन और रोजगार सृजन के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
मुख्य घोषणाएँ
राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स और इनोवेशन को बढ़ावा देने हेतु MeitY Startup Hub, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, NASSCOM फाउंडेशन, Startup Middle East और Carve Startup Labs के साथ रणनीतिक साझेदारियाँ की हैं। इन समझौतों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, वैश्विक नेटवर्क और फंडिंग के अवसर प्राप्त होंगे।
औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्टार्टअप प्रोत्साहन अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा घोषित नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को ₹5 लाख तक की सीड फंडिंग, 6 माह के संचालन उपरांत ₹3 लाख तक का ऑपरेशनल सपोर्ट और 18 माह बाद ₹3 लाख तक का डेवलपमेंट सपोर्ट प्रदान किया जाएगा।
उद्यमिता को सशक्त बनाने हेतु ₹50 करोड़ का स्टार्टअप कोर्पस फंड और ₹50 करोड़ का क्रेडिट रिस्क फंड स्थापित किया गया है। साथ ही तीन वर्षों तक 40 प्रतिशत किराया अनुदान तथा 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी छूट दी जाएगी।
इनक्यूबेटर्स के लिए ₹40 लाख तक की पूंजीगत सहायता और 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष ₹3–5 लाख के ऑपरेशनल सपोर्ट का प्रावधान किया गया है, ताकि राज्य का नवाचार तंत्र दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ रह सके।
कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ आइडियाथॉन 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने अभिनव विचारों और तकनीकी समाधानों से राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा दी है।
‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ के माध्यम से राज्य ने एक नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में अपने संकल्प को दोहराया है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और टेक्नोलॉजी निवेश के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है - जहाँ विचारों को अवसर मिलता है, पूंजी को उद्देश्य मिलता है और नवाचार प्रगति का इंजन बनता है।
छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार से रच रहे तकनीकी भविष्य – मुख्यमंत्री ने किया आइडियाथॉन विजेताओं का सम्मान
रायपुर, / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित मेफेयर होटल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘टेक स्टार्ट’ का यह आयोजन राज्य में नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अवसर पर उन्होंने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को सम्मानित किया और छत्तीसगढ़ शासन के साथ पार्टनरशिप एक्सचेंज करने वाली इकाइयों को एग्रीमेंट पत्र सौंपे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे विजनरी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सदैव बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है। उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत में लाखों स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक यूनिकॉर्न बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट हैं, वहीं स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल नया रायपुर एयरो शो में फाइटर प्लेन उड़ाकर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो सिस्टम को सशक्त करते हुए 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो गया है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ आईटी और आईटीईएस सेक्टर में भी राज्य तीव्र गति से प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ में प्रदेशभर से 1800 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें दूरस्थ अंचलों के युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन नवाचारों को मंच, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर को आईटी और तकनीकी सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एआई डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं। श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक राज्य सरकार को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने राज्य में तीव्र आर्थिक गतिविधियों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बढ़ते अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अपनी मेहनत और प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी की सफलता ही छत्तीसगढ़ का गौरव बनेगी।
मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024 का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति में नवाचार, निवेश, रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने ई-वेस्ट मैनेजमेंट, राइजिंग सेक्टर और स्किल डेवलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्य करने की आवश्यकता बताई तथा उद्यमियों से अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार युवाओं और उद्यमियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक विकास का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों और शासन के मध्य संवाद केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर होना चाहिए ताकि विचारों का आदान-प्रदान सतत रूप से होता रहे।
मुख्यमंत्री ने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री श्री साय ने टेक स्टार्ट कार्यक्रम के दौरान हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नवाचारी सृजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब युवा नवाचार से जुड़ते हैं, तो यह अत्यंत सुखद होता है और तकनीकी भविष्य को मजबूती प्रदान करता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआईटी रायपुर, रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेटर और आईजीकेवीआर को इनक्यूबेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आइडियाथॉन 2025 में दिव्यांगजनों के लिए स्मार्ट बैंड के आइडिया के लिए आदर्श वर्मा को प्रथम पुरस्कार, सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा हेतु ‘अटल कवच ट्री गार्ड’ के लिए जागृति और नरेंद्र शर्मा को द्वितीय पुरस्कार तथा स्मार्ट सुरक्षा हेलमेट के आइडिया के लिए अथर्व दुबे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने निपुण वर्मा और अनुष्का सोनकर को भी उनके नवाचारी विचारों के लिए सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एग्रोफेब सस्टेनेबल स्टार्टअप के लिए करण चंद्राकर, वर्टेक्स सुइट के लिए सजल मल्होत्रा और लैरक एआई के लिए अमित पटेल को सम्मानित किया। राज्य सरकार के साथ ‘पार्टनरशिप एक्सचेंज’ हेतु समझौता पत्र सौंपे
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में माइटी स्टार्टअप हब, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, नैस्कॉम फाउंडेशन, स्टार्टअप मिडिल ईस्ट, कार्व स्टार्टअप लैब और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पार्टनरशिप एक्सचेंज के लिए समझौता पत्र भी वितरित किए।
एआई आधारित नवाचारों का अवलोकन – युवाओं का उत्साहवर्धन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित नवाचार स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप टीमों द्वारा विकसित मॉडलों, तकनीकों और अनुप्रयोगों की बारीकी से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवा नवाचारकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए समाधान, सॉफ्टवेयर, ऐप्लिकेशन और तकनीकी मॉडलों को देखकर उनकी उद्यमशीलता एवं शोध-क्षमता की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उपस्थित युवा उद्यमियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता, बाज़ार संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे निरंतर नई तकनीक के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बनाएँ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, निवेश आयुक्त श्रीमती ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, डीजी एसटीपीआई श्री अरविंद कुमार, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव सुश्री रेना जमील, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार तथा बड़ी संख्या में उद्यमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कलेक्टर से बात कर दुर्घटना की ली जानकारी: प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने दिए निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद घटना बताया और कहा कि इस दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरभाष पर बिलासपुर जिला कलेक्टर से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए प्रभावितों की सहायता के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी दी कि रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई हैं और राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उनके परिजनों को इस दुखद समय में धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
रायपुर / शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।
रायपुर। शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज एक अत्यंत व्यस्त दिनचर्या के तहत राज्य की राजधानी नवा रायपुर-अटल नगर में तकनीकी नवाचार और राज्य के गौरवशाली उत्सव, राज्योत्सव में शिरकत करेंगे। सुबह 11:30 बजे से शुरू होने वाला उनका यह मैराथन कार्यक्रम देर रात 10:10 बजे तक चलेगा, जिसमें महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांस्कृतिक दायित्वों का निर्वहन किया जाएगा।
पहला चरण: तकनीकी क्रांति को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री साय अपनी दिन की शुरुआत नवा रायपुर के लिए प्रस्थान से करेंगे।
11:30 AM: मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर से कार द्वारा प्रस्थान।
12:00 Noon – 01:30 PM: उनका पहला महत्वपूर्ण कार्यक्रम होटल मेफेयर लेक रिसॉर्ट में होगा, जहां वे 'छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट' आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राज्य के स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
01:30 PM – 03:00 PM: तकनीकी सत्र के बाद, मुख्यमंत्री जी निवास, सेक्टर 24, नवा रायपुर-अटल नगर पहुँचेंगे। यह समय (01:40 PM के बाद) उनके निजी कार्यों और आगामी गतिविधियों की तैयारी के लिए आरक्षित रहेगा।
दूसरा चरण: उच्च-स्तरीय बैठकें
03:00 PM – 06:00 PM: मुख्यमंत्री निवास, सेक्टर 24, नवा रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह सत्र प्रशासनिक फैसलों, विकास कार्यों की समीक्षा और राज्य हित से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा के लिए समर्पित होगा।
तीसरा चरण: सांस्कृतिक गौरव - छत्तीसगढ़ राज्योत्सव
शाम होते ही, मुख्यमंत्री का ध्यान राज्य के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम – राज्योत्सव की ओर केंद्रित होगा।
06:30 PM – 08:30 PM: वे राज्योत्सव मेला स्थल, नवा रायपुर-अटल नगर पहुँचेंगे और 'छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025' के मुख्य कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। राज्य की संस्कृति, कला और प्रगति का यह वार्षिक उत्सव उनकी उपस्थिति से और भी गरिमामयी हो जाएगा।
देर रात वापसी
राज्योत्सव के बाद मुख्यमंत्री जी रायपुर के लिए वापसी की तैयारी करेंगे।
08:40 PM – 09:10 PM: नवा रायपुर निवास पर संक्षिप्त आरक्षित अवधि के बाद, वे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।
10:10 PM: मुख्यमंत्री जी अंततः मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर पहुँचेंगे, जिसके बाद उनके आज के गहन शासकीय कार्यक्रम का समापन होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का यह कार्यक्रम स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार प्रदेश के तकनीकी विकास, प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण – तीनों ही मोर्चों पर सक्रियता से काम कर रही है।
तकिया पारा वार्ड के भाजपा पार्षद खालिक रिज़वी ने इंदिरा मार्केट और बस स्टैंड पार्किंग घोटाले का मुद्दा उठाया,
पर एक माह बाद भी कार्रवाई शून्य — निगम की दीवारों में गूंजती रह गई जनता की पुकार।
दुर्ग। शौर्यपथ।
दुर्ग नगर निगम की सामान्य सभा में जिस आवाज़ ने आम जनता की लूट की बात उठाई थी, वह अब शहरी सरकार की दीवारों में गूंज बनकर रह गई है। तकिया पारा वार्ड के भारतीय जनता पार्टी के पार्षद खालिक रिज़वी ने हाल ही में संपन्न हुई सामान्य सभा में बस स्टैंड और इंदिरा मार्केट पार्किंग में हो रही खुली लूट का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था। रिज़वी ने स्पष्ट कहा था कि निगम की पार्किंग व्यवस्था जनता से जबरन वसूली में तब्दील हो चुकी है और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
सभा में सभापति श्याम शर्मा ने भी मामले पर संज्ञान लेने का भरोसा दिया था और महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने इसे गंभीरता से सुनने का आश्वासन दिया था। उस समय ऐसा प्रतीत हुआ था मानो अब जनता को राहत मिलेगी, परंतु एक माह बीतने के बाद भी न पार्किंग दरों के बोर्ड लगाए गए हैं, न ही किसी ठेकेदार पर कार्रवाई हुई है।
स्पष्ट है — गंभीरता केवल सामान्य सभा तक सीमित थी, उसके बाद सब कुछ “सामान्य” ही हो गया।
नगर निगम के अधीन बस स्टैंड और इंदिरा मार्केट पार्किंग स्थल पर आज भी मनमानी वसूली जारी है। वहीं निगम के आयुक्त सुमित अग्रवाल और बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर की चुप्पी यह संकेत देती है कि निगम में “मौन ही नीति” बन चुकी है।
सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि पार्किंग ठेकेदारों और भाजपा नेताओं के बीच नजदीकी संबंधों की चर्चा अब खुलकर हो रही है। यही वजह है कि मामला न केवल दबा दिया गया, बल्कि अब उस पर लीपापोती के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब भाजपा के अपने पार्षद की आवाज़ ही बेअसर साबित हो जाए, तो आम जनता की आवाज़ कौन सुनेगा?
दुर्ग की “बाघमार सरकार” ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि इस शहरी सत्ता के लिए जनता की नहीं, अपने ही पार्षदों की भी कोई हैसियत नहीं?
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
