August 18, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को वाईएसआर कांग्रेस द्वारा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोपों पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि उनका…
    नई दिल्ली / शौर्यपथ / उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के तपोवन इलाके में ग्लेशियर टूटने के बाद आई आपदा में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी…

    खेल /शौर्यपथ /विजय हजारे ट्राॅफी के सिलेक्शन में अभी समय है। लेकिन युवा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से सिलेक्शन कमेटी को प्रभावित करने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। विजय हजारे ट्राॅफी से पहले हुए प्रैक्टिस मैच में अर्जुन तेंदुलकर एक बार फिर कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। जिसके कारण उनके सिलेक्शन को संशय बन हुआ है कि उन्हें आगे मौका मिलेगा भी या नहीं, साथ ही इस प्रदर्शन का असर आईपीएल के लिए होने वाली उनकी नीलामी पर भी पड़ेगा।
    टूर्नामेंट से पहले हुए प्रैक्टिस मैच में ऑलराउंडर अर्जुन तेंदुलकर ने 4.1 ओवर की गेंदबाजी में 53 रन लुटाए, और उनके हाथ कोई सफलता भी नहीं आई। इससे पहले अर्जुन तेंदुलकर को सैय्यद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में भी खेलने का मौका मिला था, लेकिन तब भी वो कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे। जबकि बाएं हाथ के 19 वर्षीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने शतकीय पारी खेली, वहीं ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कुछ खास प्रदर्शन नहीं करने वाले पृथ्वी शाॅ ने भी तेज पारी खेलकर सिलेक्शन के लिए अपना दावा ठोक दिया है।
    अर्जुन तेंदुलकर ने 18 फरवरी को होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल ) के ऑक्शन में अपना नाम दिया है। उन्होंने अपना बेस प्राइज 20 लाख रुपये रखा है। सचिन तेंदुलकर के बेटे होने के कारण उनको लेकर लोगों में खासा दिलचस्पी बनी रहती है।

    मनोरंजन /शौर्यपथ /बिग बॉस के 14वें सीजन में शनिवार को हुए हाईवोल्टेज ड्रामे के चलते रविवार को 'वीकेंड का वार' शो में आए सलमान खान का मूड कुछ बिगड़ा नजर आया। शनिवार को सलमान खान ने प्रतिभागियों को उनके गलत व्यवहार और हंगामा करने पर फटकार लगाई थी। रविवार को आए सलमान खान थोड़े परेशान दिखे और कहा कि मैं आज शो को होस्ट करने के मूड में ही नहीं था। उन्होंने कहा कि वह प्रतिभागियों से गुस्सा थे और अब भी हैं। सलमान खान ने अब कहा कि वह अब तक बिग बॉस के 11 सीजन की होस्टिंग कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैं जब भी लौटता हूं तो लोग पूछते हैं कि आप प्रतिभागियों को कैसे हैंडल करते हैं, लेकिन हर बार मैं सबकी तारीफ ही करता हूं।
    सलमान खान ने कहा कि लोग मेरी तब भी तारीफ करते हैं, जब मैं प्रतिभागियों की क्लास लगाता हूं या फिर उन्हें डांटता हूं, लेकिन यह सब सुनकर मुझे अच्छा नहीं लगता। सलमान खान ने कहा कि दर्शकों का इससे मनोरंजन होता होगा, जब मैं वीकेंड का वार शो में प्रतिभागियों पर भड़क जाता हूं, लेकिन मै इसे एंजॉय नहीं करता और यह मेरा काम नहीं है। सलमान खान ने कहा कि मेरा काम यह सुनिश्चित करना है कि लोग सही ढंग से बर्ताव करें। सलमान ने कहा, 'अब वो आपके लिए एंटरटेनमेंट होगा कि मैं यहां आऊं और इनसे नाराज हो जाऊं... मेरी ड्यूटी ये है कि ये इस घर में अच्छे तरीके से बिहेव करें।'
    मां भी पूछती हैं, कैसे हैंडल करते हो इन्हें: सलमान खान ने प्रतिभागियों के गलत व्यवहार को लेकर कहा कि इस बार आप लोगों ने लिमिट ही तोड़ दीं। सलमान खान ने कहा कि इस बारे में उन्हें दर्शकों से भी सुनने को मिला है। दबंग एक्टर ने कहा कि वह यहां प्रतिभागियों से इसलिए मजाक करते हैं ताकि शो को अच्छे से संचालित कर सकें। इनमें से कई ऐसे लोग हैं, जो शो से अलग उनके साथ मूवीज में भी काम कर चुके हैं। सलमान खान ने कहा कि मेरी मां और अन्य लोग पूछते हैं कि आखिर मैं कैसे शो में प्रतिभागियों को हैंडल करता हूं। सलमान खान ने कहा कि लोग कहते हैं शो में किस तरह का खराब कल्चर दिखाया जाता है और कैसे बदतमीज लोग शो का हिस्सा हैं।
    कहा- आप लोग उठा रहे हैं छूट का फायदा: एक्टर ने कहा कि यह सब चीजें सुनकर बुरा लगता है, फिर भी मैं हमेशा प्रतिभागियों का बचाव ही करने का प्रयास करता हूं और लोगों से कहता है कि शो काफी कठिन होता है। अपने गुस्से के बारे में बताते हुए सलमान खान ने कहा कि प्रतिभागी उनकी छूट का गलत फायदा उठाते हैं और गलत व्यवहार करते हैं।

    शौर्यपथ /क्या आप जानते हैं, कि चॉकलेट में स्वाद के अलावा और भी फायदे हैं। हम बता रहे हैं चॉकलेट के ऐसे ही कुछ फायदे,…
    खाना खजाना /शौर्यपथ / लिट्टी चोखा बिहार राज्‍य का राष्‍ट्रीय व्यंजन है जिसमें लिट्टी तथा चोखे - दो अलग-अलग व्यंजनों के साथ-साथ खाने को कहते…
    सेहत /शौर्यपथ /अगर आप भी रात में इन 8 चीजों में से कोई एक भी खाते हैं तो जरा संभल जाए। इन चीजों को रात…
    सेहत /शौर्यपथ /शारीरिक स्वास्थ्य जितना अहम है, उतना ही मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरुरी है। अगर आप मानसिक रूप से स्वस्थ और सशक्त…
    प्रदोष व्रत कथा एवं प्रदोष व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं, जानिए धर्म संसार /शौर्यपथ /प्रत्येक माह में जिस तरह दो एकादशी होती है…

    बेमेतरा / शौर्यपथ / 14 फरवरी को माता-पिता का पूजन कर मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने का अपील संस्कृतिप्रिय सभी जिले एवं प्रदेशवासियों से परम पूज्य संत श्री आशाराम जी बापू द्वारा प्रेरित युवा सेवा संघ बेमेतरा के अध्यक्ष सोनू साहू ने किया और साहू जी ने बताया 14 फरवरी को पश्चिमी देशों में युवक युवतियाँ एक दूसरे को ग्रीटिंग कार्डस, फूल आदि देकर वेलेन्टाइन डे मनाते हैं । यौन जीवन संबंधी परम्परागत नैतिक मूल्यों का त्याग करने वाले देशों की चारित्रिक सम्पदा नष्ट होने का मुख्य कारण ऐसे वेलेन्टाइन डे हैं जो लोगों को अनैतिक जीवन जीने को प्रोत्साहित करते हैं । इससे उन देशों का अधःपतन हुआ है । इससे जो समस्याएँ पैदा हुईं, उनको मिटाने के लिए वहाँ की सरकारों को स्कूलों में केवल संयम अभियानों पर करोड़ों डॉलर खर्च करने पर भी सफलता नहीं मिलती । अब यह कुप्रथा हमारे भारत में भी पैर जमा रही है । हमें अपने परम्परागत नैतिक मूल्यों की रक्षा करने के लिए ऐसे वेलेन्टाइन डे का बहिष्कार करना चाहिए ।
    इस संदर्भ में विश्ववंदनीय पूज्य संत श्री आशारामजी बापू ने की है एक नयी पहल ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’। देश में कई लोग वेलेन्टाइन डे मनाते हैं परंतु क्या कोई ये जानने कि कोशिश करता है कि ये ‘वेलेन्टाइन डे’ कहाँ से शुरू हुआ अथवा इसके पीछे क्या राज है। “हजारों-हजारों युवक-युवतियाँ तबाही के रास्ते जा रहे हैं । वेलेंटाइन डे’ के बहाने ‘आई लव यू–आई लव यू’ करते करते दिन-दहाड़े लड़का-लड़की एक-दूसरे को छुएँगे तो रज- वीर्य का नाश होगा । आने वाली संतति तो तबाह होगी लेकिन वर्तमान में वे बच्चे-बच्चियाँ भी तो तबाह हो रहे हैं । तो लाखों-लाखों माता-पिताओं के हृदय की पीड़ा से मेरा हृदय द्रवित हुआ । मेरा हृदय इसका समाधान खोजते-खोजते जहाँ सभी समस्याओं का सही उत्तर मिलता है, उधर गया तो मैंने कहा : विरोध नहीं, विद्रोह नहीं । तो ऐसी गंदगी हमारे देश में न आये इसलिए मैंने वेलेंटाइन डे’ मनाने के बदले ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस ‘ मनाने का आह्वान किया है।
    दूरदृष्टि के धनी ऋषि-मुनियों के देश के बच्चों व युवान-युवतियों को अपने ओज, तेज, बल,वीर्य का नाश करने वाले ‘वेलेन्टाईन डे’ का त्याग करना चाहिए । इस दिन मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनायें । बच्चे-बच्चियाँ माता-पिता का आदर-पूजन करें और उनके सिर पर पुष्प रखें, प्रणाम करें तथा माता-पिता अपनी संतानों को प्रेम करें । इस दिन बच्चे माता-पिता का सम्मान करें और माता-पिता बच्चों पर स्नेहाशीष बरसायें । प्रभु के नाते एक दूसरे को प्रेम करके अपने दिल के परमेश्वर को छलकने दें । बेटी माँ को तिलक करे, माँ बेटी को तिलक करे । बेटा बाप को तिलक करे, बाप बेटे को तिलक करे और माता-पिता संतानों को आशीर्वाद दें त्रिलोचन भव । तुम्हारी बाहर की आँख के साथ भीतर की, विवेक की, ज्ञान की कल्याणकारी आँख जाग्रत हो । मातृदेवो भव। पितृदेवो भव।बालिकादेवो भव। कन्यादेवो भव। पुत्रदेवो भव । संस्कृति तो भलाई करती है और विकृति पतन।
    हमारी भारतीय संस्कृति में माता-पिता को देव कहा गया है । मातृदेवो भव । पितृदेवो भव । आचार्यदेवो भव । माता-पिता ने हमारे पालन-पोषण में कितना कष्ट उठाया है और हमारे आचार्यों ने हमें सही ज्ञान की सीख दी है । इनकी पूजा-अर्चना व सेवा करने से छोटे-से-छोटा व्यक्ति भी महान बन जाता है । माता-पिता एवं गुरु की सेवा करनेवाला स्वयं चिरआदरणीय बन जाता है । इस सिद्धांत को जिन्होंने भी अपनाया वे खुद भी आदरणीय और पूजनीय बन गये, फिर चाहे वे भगवान गणेशजी हों, भगवान श्रीरामचंद्रजी हों, भीष्म पितामह हों अथवा एक साधारण सा बालक श्रवणकुमार हो या फिर अपने माता -पिता व सदगुरु की सेवा-भक्ति करने वाले विश्वयापी संत श्री आशारामजी बापू हो ।
    मंदिर में तो पत्थर की मूर्ति में भगवान की भावना की जाती है जबकि जीते जागते माता-पिता एवं गुरुदेव में तो सचमुच भगवान बसे हैं । ऐसे देवस्वरूप माता-पिता व गुरुजनों का जहाँ आदर-पूजन होता हो वहाँ की धरती माता भी अपने आपको सौभाग्यशाली मानती है ।

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