August 17, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव तीन नए कृषि कानूनों और किसानों के आंदोलन को लेकर मोदी सरकार पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा…
    नई दिल्ली / शौर्यपथ / संयुक्‍त किसान मोर्चा ने कहा है कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान उसके कुछ साथी 'लापता' हैं. SKM के सदस्‍य राजेंदर सिंह दीपसिंह…

    मनोरंजन /शौर्यपथ /अपने समय की जानी-मानी अभिनेत्री वहीदा रहमान आज 83वां जन्मदिन मना रही हैं। वहीदा रहमान ने फिल्मी करियर की शुरुआत तेलुगू सिनेमा से की थी। इसके बाद इन्होंने हिंदी, तमिल, मलयालम और बंगाली भाषा में फिल्में कीं। हिंदी फिल्मों से इन्हें काफी पहचान मिली। एक समय ऐसा आया था, जब वहीदा रहमान कोने-कोने में मौजूद दर्शकों के दिल में बसती थीं।
    फिल्मी दुनिया में शूटिंग के वक्त कई ऐसी चीजें होती हैं जो हमेशा आपको याद रहती हैं। कुछ ऐसा ही वहीदा रहमान के साथ हुआ था। कुछ समय पहले वहीदा रहमान टीवी कॉमेडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ में आई थीं। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ शूटिंग का एक किस्सा बताया था।
    वहीदा रहमान ने इस दौरान फिल्म ‘रेश्मा और शेरा’ की शूटिंग के बारे में बताया, जिसमें एक सीन के वक्त उन्हें बिग बी को थप्पड़ मारना था। वहीदा ने कहा था कि मैंने अमिताभ से मजाक में कहा कि कस के लगाने वाली हूं आपको थप्पड़ और शूट के वक्त सच में उन्हें जोर से थप्पड़ पड़ गया। अमिताभ के रिएक्शन से वहां मौजूद सभी को समझ आ गया था कि उन्हें थप्पड़ जोर से पड़ा है। शूट के बाद अमिताभ मेरे पास आए और उन्होंने कहा, 'वहीदा जी काफी अच्छा था'।
    गौरतलब है कि वहीदा रहमान ने सबसे ज्यादा काम गुरु दत्त साहब के साथ किया। वह एक शानदार डांसर रही हैं। अपनी दिलचस्प परफॉर्मेंस और डांसिंग स्किल्स से वह दर्शकों का मन मोह लेती थीं। वहीदा रहमान ने दो फिल्मफेयर अवॉर्ड्स, ‘रेश्मा और शेरा’ फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड और भारत सरकार की ओर से पद्म भूषण और पद्म श्री से नवाजी जा चुकी हैं।

    सेहत /शौर्यपथ /किसी भी डिश की महक और स्वाद को बढ़ाने के लिए हरे धनिए का खूब इस्तेमाल किया जाता है। हरा धनिया डालने से…
    शौर्यपथ / कई लोग हरी-साग सब्जियां तभी खाते हैं, जब वो किसी बीमारी से गुजर रहे होते हैं या फिर उन्हें वजन कम करना होता…

    रायपुर / शौर्यपथ / महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि आशीष सिंह आज बिलासपुर जिला के नर्मदानगर स्थित सामुदायिक भवन में कोसा उत्पादक महिला समूह की जागरूकता के लिए आयोजित कार्यशाला में शामिल हुई। श्रीमती सिंह ने कहा कि धान के कटोरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की पहचान कोसा के लिए भी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व और ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा कोसा उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रयासरत् है।
    संसदीय सचिव श्रीमती सिंह ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कोसा पालन स्वरोजगार का एक बढ़िया माध्यम है। इसे पीढ़ी दर पीढ़ी अपनाकर हितग्राही स्वावलंबी बन रहे हैं। उन्होंने ने कहा कि गौठानों मंे पशुपालन, कुक्कुट पालन के साथ रेशम कीट पालन की व्यवस्था की जाएगी। जिले के सभी बड़े गौठानों में रेशम पालन हेतु वृक्षारोपण का प्रस्ताव देने विभागीय अधिकारियों से कहा जिससे आने वाली पीढ़ी को रोजगार मिलेगा। उन्होंने महिलाओं से कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के अनुरूप आजीविका चलाने के लिए परम्परागत कार्याें को सरकार द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। सजगता और जागरूकता से योजनाओं का लाभ लें। आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में कदम बढ़ाने के साथ महिलाओं को भी सुविधाएं मिली है। घरेलू कार्य अब उनके लिए आसान हुआ है, जिससे समय की बचत हो रही है। इस समय को आर्थिक विकास के लिए उपयोग करें जिससे उनका परिवार बेहतर जिंदगी जी सके।
    कार्यशाला के प्रारंभ में रेशम विभाग के अपर संचालक राजेश बघेल ने कार्यशाला के उद्देश्य में प्रकाश डालते हुए कहा कि कोसा पालन के जो परिणाम हितग्राहियों को मिल रहे हैं, वह उनके लिए प्रेरणा बनेगी, जो कोसा पालन कर आय प्राप्त करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि रेशम पैदा करने के लिए केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा वैज्ञानिक तकनीक की लगातार जानकारी दी जा रही है। जिससे अच्छी गुणवत्ता का कोसा उत्पादन किया जा सके। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ पहला प्रदेश है जहां ताना धागा बनाने का कारखाना स्थापित किया गया है और यह सफलतापूर्वक संचालित है। सभी संभाग में यह यूनिट स्थापित किया जाएगा। बिलासपुर जिले में भी यूनिट स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जिससे उच्च गुणवत्ता का शुद्ध कोसा कपड़ा प्राप्त होगा और लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
    कार्यशाला में कोसा फल उत्पादन कर विक्रय करने वाले हितग्राहियों को 19 लाख रूपये सेे अधिक राशि का चेक वितरित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान, केन्द्रीय रेशम बोर्ड के अधिकारी, जिला रेशम अधिकारी श्री उईके सहित जिले के शासकीय टसर केन्द्र लमेर, गोबंद, नेवरा, बांसाझाल, करका, जोगीपुर, मेण्ड्रापारा, सीस, गढ़वट, बाम्हू, अकलतरी, खैरा आदि गांवों के लगभग 250 हितग्राहियों ने भाग लिया।

    बेमेतरा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि ‘गिधवा-परसदा पक्षी विहार’ को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के इस पक्षी विहार को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र में स्थापित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। पक्षी विज्ञानियों, प्रकृति प्रेमियों और यहां आने वाले सैलानियों के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां विश्व के विभिन्न प्रवासी पक्षियों का आवागमन होता हैं। विशेषकर साल के माह नवम्बर से मार्च (05 माह) में यहां ये पक्षी रहवास करते हैं। मुख्यमंत्री बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखण्ड के नगधा गांव में आयोजित ‘गिधवा-परसदा पक्षी विहार महोत्सव’ को सम्बोधित कर रहे थे। इसके पहले मुख्यमंत्री बघेल ने गिधवा-परसदा जलाशय का भ्रमण किया और वहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों और जलाशय के मनोरम और विहंगम दृश्यों को कैमरे में कैद किया। इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव गुरुदयाल बंजारे, विधायक आशीष छाबड़ा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, आईजी विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर शिवअनंत तायल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने पक्षी महोत्सव में जैव विविधता के संरक्षण के संबंध में अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि गिधवा एवं परसदा ग्रामों के आस-पास जिन क्षेत्रों में प्रवासी पक्षी आते हैं, उसके संरक्षण की योजना बनाकर छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा कार्य किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में एक पक्षी जागरूकता एवं प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया जाएगा। यहां राज्य के प्रवासी एवं स्थानीय पक्षियों की जैव विविधता संबंधी जानकारी एवं प्रशिक्षण जन सामान्य को दी जाएगी। राज्य के समस्त ऐसे वेटलैंड जिसमें प्रवासी पक्षी आते हैं एवं जैव विविधता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, उनके संरक्षण एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड को दी जाएगी।
    उल्लेखनीय है कि गिधवा-परसदा के जलाशयों को विश्व स्तरीय पक्षी पर्यटन स्थलों में स्थान दिलाने के लिए यहॉं 31 जनवरी से 02 फरवरी 2021 तक पक्षी विहार महोत्सव का आयोजन किया गया। पक्षियों के संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण तथा स्थानीय लोगों को ईको-पर्यटन के माध्यम से होम, विलेज स्टे से रोजगार उपलब्ध होगा।
    बेमेतरा जिले के गिधवा-परसदा, नगधा, एरमशाही क्षेत्र जलीय एवं स्थल जैव विविधता से भरपूर है। यह क्षेत्र पारिस्थितिकीय व स्वस्थ्य पर्यावरण के लिये उपयुक्त है। गिधवा-परसदा स्थल मुख्यतः जलीय नमी युक्त क्षेत्र है। इसका भौगोलिक विस्तार लगभग 06 कि.मी. क्षेत्र में है। गिधवा परसदा में मुख्य 02 बड़े तथा 02 मध्यम आकार के जलाशय हैं, नजदीकी ग्राम एरमशाही में 05 जलाशय भी स्थित हैं। गिधवा-परसदा जलीय तंत्र में भरपूर जलीय खाद्य वनस्पति व जीव होने के कारण यहां पक्षियों के लिए अच्छा रहवास है। यहां किए गए अध्ययनों में पक्षियों की कुल 143 प्रजातियां जिसमें कुल 26 स्थानीय प्रवासी प्रजातियां, 11 विदेशी प्रवासी प्रजातियां तथा 106 स्थानीय आवासीय प्रजातियां पक्षी पायी गयी है।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / केंद्रीय जेल बिलासपुर में नियम विरुद्ध तरीके से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है यह बात कई बार सुर्खी बन चुकी है । 10 दिसंबर 2020 को रात्रि ड्यूटी पर नंद कुमार यादव प्रहरी उपस्थित था और उसे अपने वरिष्ठ के साथ चक्कर ड्यूटी का काम मिला था। ड्यूटी शुरू होने के पूर्व प्रहरी की टोपी में से 100 ग्राम तंबाकू बरामद हुई इसे नियम विरुद्ध पाते हुए प्रहरी को निलंबित कर दिया गया निलंबित प्रहरी को आरोप पत्र दिया जा चुका है। जेल अधिकारी द्वारा प्रेषित आरोप पत्र में प्रहरी पर यह आरोप है कि प्रहरी का वह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का स्पष्ट उल्लंघन है।
    असल में पूरा मामला केंद्रीय जेल प्रशासन की मनमानी से जुड़ा हुआ है जहां पर अनुशासन सबसे ऊपर होना चाहिए वहीं पर नियमों की अनदेखी हो रही है। जिन अधिकारियों को आरोप पत्र जारी करने का अधिकार ही नहीं है वह आरोपपत्र जारी कर देते हैं ऐसा नहीं है कि राज्य में जेल अधीक्षक स्तर के अधिकारी नहीं है किंतु अपनों की नियुक्ति के चक्कर में बिलासपुर जेल अधीक्षक पद पर नियुक्ति का मामला लंबा खींचा जा रहा है।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रथम गेट से लेकर पीछे खनिज शाखा तक नगर सैनिकों का सुरक्षा में उपयोग होता है अपनी ड्यूटी स्थान को छोड़कर इनमें से कुछ नगर सैनिक नागरिक प्रतीक्षालय में बैठकर जुआ खेलते देखे जा सकते हैं। यह सब कुछ उस समय होता है जब मंथन कक्ष में टीएल की बैठक चलती रहती है और बाहर प्रतीक्षालय में नगर सैनिक आराम से 52 परी का खेल खेलते रहते हैं।
    मंगलवार टीएल की बैठक चल रही थी कलेक्टर साहब की कार उनके पोर्च में मौजूद थे और नागरिक प्रतीक्षालय में नगर सैनिकसैनिक परमेश्वर सिंह ध्रुव और उसके साथी 52 परी के खेल में ना केवल व्यस्त थे साथ ही वहीं पर गांजा भर कर सिगरेट का सेवन भी कर रहे थे इस संबंध में वीडियो बनाने के बाद जब नगर सैनिक से पूछा गया कि उसे ड्यूटी किस बात के लिए मिली है पूछा गया तो उसने बेफिक्री से कहा चलो हटाओ। इसी संदर्भ में सिटी मजिस्ट्रेट तुलाराम भारद्वाज ने कहा कि मामला अत्यंत गंभीर है संबंधित नगर सैनिकों को नोटिस जारी कर कार्यवाही की जाएगी।

    छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम में प्रावधानित नियमों के तहत
    जिला शिक्षा अधिकारी से अभद्रतापूर्वक व्यवहार करने के मद्देनजर

    धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने धमतरी के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी संजीव कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी नगरी नियत किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। दरअसल एक फरवरी को जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धमतरी का औचक निरीक्षण किया।
    इस दौरान उक्त सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के साथ अभद्रतापूर्वक व्यवहार किया गया। महिला जिला शिक्षा अधिकारी के साथ अमर्यादित एवं अभद्रतापूर्वक व्यवहार करना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 में प्रावधानित नियमों के प्रतिकूल है, इसके मद्देनजर कलेक्टर ने उक्त सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

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