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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
- सुदूर अंचलों में आश्रम के सेवा भावी कार्यों का भ्रमण दल ने किया अवलोकन
- प्रेरक एवं अविस्मरणीय रही यात्रा
राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम राजनांदगांव के जनप्रतिनिधि, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने रामकृष्ण मिशन नारायणपुर का भ्रमण किया। महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी सहित नगर पालिक निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित 70 लोग इस भ्रमण के दौरान शामिल रहे। लगभग 12 बजे यह दल रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर पहुंचा। यहां आश्रम के स्वामी हिमाद्री द्वारा परिसर का भ्रमण कराया गया एवं सांस्कृतिक भवन में भोजन कराया गया। इस दौरान आश्रम स्थित गौशाला, भोजन कक्ष, फलोद्यान, जैविक खेती के द्वारा फल एवं सब्जी का फार्म हाऊस दिखाया गया। आश्रम में 1100 अबुझमाडिय़ां जनजाति के बच्चों को पहली से बारहवीं तक की शिक्षा दी जा रही है। आश्रम आर्थिक रूप से सक्षम एवं सस्टनेबल है।
नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि नगर पालिक निगम राजनांदगांव के भ्रमण दल द्वारा रामकृष्ण मिशन नारायणपुर के सेवा भावी कार्यों का अवलोकन किया गया। रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर द्वारा दूरस्थ अंचलों में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए विशेष पिछड़ी जनजाति को शिक्षा की मुख्य धारा में जोडऩे के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में विशेष योगदान दे रहें है। उन्होंनें कहा कि यह यात्रा प्रेरक एवं अविस्मरणीय रही। दल द्वारा भ्रमण के दौरान आवासीय स्कूल, स्वामी विवेकानंद एजुकेशन कॉम्पलेक्स का अवलोकन किया गया। जहां गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा एवं कोचिंग दी जा रही है।
सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 30 बिस्तर का हॉस्पिटल भी बनाया गया है। जिसका भ्रमण दल ने अवलोकन किया। विवेकानंद चल चिकित्सालय, ब्लड बैंक, फिजियोथैरेपी एवं पैथोलॉजी युनिट का इसके अंतर्गत निर्माण किया गया है। आदिवासी युवा प्रशिक्षार्थी छात्रावास का भी अवलोकन किया गया। नारायणपुर के दूरस्थ वनांचल के ग्र्राम बावरी में स्थानीय जनजातियों से स्वास्थ्य पोषण एवं शिक्षा के संबंध में अनुवादक के माध्यम से चर्चा की गई। छोटे डोंगर स्थित आमदयी घाटी का भी भ्रमण दल ने अवलोकन किया। शाम को सभी आश्रम स्थित मंदिर में प्रार्थना में शामिल हुए। भ्रमण दल द्वारा नगर पालिक निगम नारायणपुर स्थित इंडोर स्टेडियम का अवलोकन किया और सभी ने रामकृष्ण मिशन नारायणपुर पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म देखी। इस अवसर पर स्वामी व्याप्तानंद द्वारा आश्रम संचालन की जानकारी दी गई। महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने सभी के जिज्ञासा का सामाधान किया। इस अवसर पर भ्रमण दल द्वारा रामकृष्ण मिशन को सामग्री एवं राशि उपहार स्वरूप दिया गया।
राहुल गांधी जी ने जनता से जो कहा उसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने पूरा किया
डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा खो चुके हैं-कांग्रेस
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी के बातों पर भरोसा करके छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को 15 साल के सत्ता के बाद 15 सीट में समेट दिया। राहुल गांधी जी ने जनता से जो कहा उसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने पूरा किया। लेकिन भाजपा का चरित्र जनता से वादाखिलाफी करने का ही है। नरेंद्र मोदी जी के द्वारा जनता के समक्ष की गई बातों को अमित शाह जी ही सीरियसली नहीं लेते हैं और उसे चुनावी जुमला बताकर मोदी जी के द्वारा जनता से की गई बातों को झूठ साबित कर देते है। जनता से किए वादे को 15 साल में रमन सिंह मुख्यमंत्री रहते पूरा नहीं कर पाए। विकास के झूठे तस्वीर दिखा कर जनता को बरगलाने और गुमराह करने का काम करते रहे। कमीशन खोरी, भ्रष्टाचार में आकंठ तक डूबी भाजपा की रमन सरकार को जनता ने राहुल गांधी जी की बातों पर भरोसा कर सबक सिखाया है।
ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार 24 महीने में जनता से किए 36 बिंदुओं के वादों में से 24 से अधिक बिंदुओं पर वादा पूरा कर एक विश्वसनीय और जनता से किये वादों के प्रति प्रतिबद्ध सरकार होने का मिसाल पेश किये है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शपथ ग्रहण लेते ही राहुल गांधी जी की बातों को अमल में लाते हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों का 11 हजार करोड़ का कर्ज माफ करते है जिसका लाभ 20 लाख किसान परिवार को मिलता है। सिचाई कर माफ, बिजली बिल हाफ, धान की कीमत 2500 रू. प्रति क्विंटल, तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 रू. से बढ़ाकर 4000 रू. प्रति बोरा, 31 वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी, चरण पादुका खरीदने नगद राशि, 14580 पदों पर शिक्षकों की भर्ती, व्याख्याताओं की भर्ती, फिटनेस टीचरों की भर्ती, पुलिस विभाग, नर्सों की भर्ती नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपाय मनरेगा के माध्यम से 1 दिन में 26 लाख हाथों को रोजगार दिया गया। रमन सिंह की सरकार में बस्तर के 1700 आदिवासी परिवारों से छीनी गई 4000 एकड़ जमीन को लौटाते हैं और रमन सरकार के अत्याचार के कारण जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों को जेल से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरु करते है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना सहित अनेक जनहितैषी योजना बनाकर छत्तीसगढ़ को खुशहाल बनाते है।
धमतरी / शौर्यपथ / राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) के द्वारा आज गंगरेल स्थित रविशंकर सागर जलाशय में आपातकालीन आपदा प्रबंधन के अंतर्गत पानी में डूबते हुए बचाने, उसका प्राथमिक उपचार करने तथा आपदा राहत के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों का प्रदर्शन वाॅटर स्पोट्र्स जोन में कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य, एसपी बी.पी. राजभानू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया।
कलेक्टर ने प्रदर्शन के उपरांत संबोधित करते हुए कहा कि देश में एनडीआरएफ आपदा प्रबंधन के श्रेष्ठ क्रियान्वयन के लिए विख्यात है। इसके जवान अपनी जान हथेली पर लेकर शीघ्रता और बुद्धिमतापूर्वक दूसरों की जान बचाते हैं। उन्होंने कटक से आई टीम को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए जिला प्रशासन की ओर से यथासंभव सहयोग एवं समन्वय करने की बात कही। इसके पहले मुण्डली कटक, ओडिशा की नेशनल डाइजास्टर रिस्पाॅन्स फोर्स (एनडीआरएफ) के जवानों की टीम के द्वारा आज दोपहर 12.30 बजे वाॅटर स्पोट्र्स जोन में डूबते हुए युवक को पानी से बचाने के लिए किए जाने वाले क्विक रिस्पाॅन्स का प्रदर्शन इस दौरान किया गया। एनडीआरएफ के जवानों ने पहले अपनी तीन अलग-अलग बोट में आपातकालीन जीवन रक्षा का प्रदर्शन किया।
उन्होंने लाइफ बाॅय ने लाइफ जैकेट पहनकर माॅक ड्रिल किया। डूबते हुए जवान को बचाने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके पास तेजी से जाकर बोट में डाला, फिर दूसरी टीम जो किनारे पर खड़ी थी, के द्वारा पीड़ित को लेकर अस्थायी तौर पर बनाए गए प्राथमिक उपचार कक्ष में ले जाकर उसे होश में लाने के उपाय निर्धारित समय-सीमा में किए गए। इसके अलावा खाली बोतल, जेरिकेन तथा सूखे नारियल से तैयार किए गए लाइफ जैकेट का भी प्रदर्शन इस दौरान किया गया।
यू-सेफ उपकरण को कलेक्टर ने सराहा- माॅक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ टीम के द्वारा यू-सेफ नामक रिमोट कंट्रोल से चलने वाले उपकरण की भी नुमाइश की गई। सेंसर के माध्यम से चलने वाले उक्त मानवरहित उपकरण को पीड़ित तक तेजी से पहुंचाने और उसे लेकर किनारे तक लाने का रिहर्सल इस दौरान किया गया। कलेक्टर ने यू-सेफ की सराहना करते हुए उन्होंने स्वयं रिमोट कंट्रोल चलाकर इंस्ट्रुमेंट को आॅपरेट भी किया। इस अवसर पर एनडीआरएफ के डिप्टी कमाण्डेंट श्री धनंजय कुमार, टीम कमाण्डर यूएस प्रसाद, अपर कलेक्टर श्री दिलीप कुमार अग्रवाल, एसडीएम धमतरी श्री मनीष मिश्रा, जिला कमांडेंट होमगाॅर्ड श्री एस.के. शुक्ला सहित जिले के अधिकारियों ने भी माॅक ड्रिल का अवलोकन किया।
मनोरंजन / शौर्यपथ / अनुष्का शर्मा के बेटी को जन्म देने के बाद से ही उनके आध्यात्मिक गुरु और पुरोहित अनंत बाबा उर्फ प्रदीप शर्मा एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं। अनंत बाबा ने ही विराट और अनुष्का की शादी की तारीख निकाली थी और वह रस्में पूरी कराने के लिए इटली भी गए थे। अनुष्का शर्मा का परिवार पहले से ही अनंत बाबा का करीबी रहा है और अकसर किसी शुभ कार्य के लिए उनसे सलाह लेता रहा है। ऐसे में बेटी के जन्म के बाद एक बार फिर से अनंत बाबा का नाम चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेटी का नामकरण भी अनंत बाबा ही करा सकते हैं।
हरिद्वार के पथरी में अनंत बाबा का आश्रम है, जहां अनुष्का शर्मा अकसर जाती रही हैं। यहां तक कि अनुष्का शर्मा को अपनी पहली फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' से पहले भी बाबा के आश्रम पर देखा गया था। 2008 में आई इस फिल्म के रिलीज होने से पहले वह बाबा के आश्रम में पहुंची थीं। कहा जाता है कि अनुष्का की मां के गुरु भी अनंत बाबा ही हैं। इसी के चलते अनुष्का ने भी उन्हें अपना गुरु माना है। माना जा रहा है कि जल्दी ही अनंत बाबा बेटी का नामकरण कर सकते हैं। सोमवार दोपहर को टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने पत्नी अनुष्का शर्मा के बेटी को जन्म देने की जानकारी दी थी।
विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर फैन्स को जानकारी देते हुए कहा था कि इंतजार खत्म हो गया है। हमारे घर नन्ही परी ने जन्म लिया है। अनुष्का और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। जिंदगी के इस नए चैप्टर को अनुभव करने पर हम बेहद खुश हैं। हमें उम्मीद है कि आप हमारी प्राइवेसी का सम्मान करेंगे, जिसकी हमें इस वक्त जरूरत है। बीते साल अगस्त में ही अनुष्का शर्मा और विराट ने जनवरी 2021 में नन्हे मेहमान के आने का ऐलान किया था। उसके बाद से ही अनुष्का शर्मा चर्चाओं में थीं और उनके फैन्स इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
फिलहाल विराट अनुष्का के फैन्स को बच्ची की पहली झलक का इंतजार है। हालांकि अनुष्का शर्मा ने पिछले दिनों एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा था कि वह अपने बच्चे को सोशल मीडिया से दूर रखेंगी। अनुष्का शर्मा ने कहा था कि किसी को भी स्पेशल अटेंशन नहीं मिलना चाहिए। बच्चे की परवरिश को लेकर अनुष्का शर्मा ने कहा कि हमारे यहां प्यार तो होता ही है, लेकिन अहम बात यह है कि बच्चे को पता है कि लोगों का सम्मान करना है।
दुर्ग / शौर्यपथ लेख / राजनीती की जब भी बात आएगी तो मोतीलाल वोरा का नाम जरुर आएगा . कांग्रेस की राजनीती में एक विनम्र और बेदाग़ छवि के लिए जाना जाने वाला नाम है मोतीलाल वोरा . ५ दशक की लम्बी राजनीती में पार्षद से देश के मुख्य राजनीती दल कांग्रेस में मोतीलाल वोरा का नाम सदैव के लिए अमिट हो गया साथ ही इतिहास के पन्नो में दर्ज़ हो गया २१ दिसंबर का दिन . किन्तु जिस तरह पिछले दिनों शहर के एक तालाब का नाम मोतीलाल वोरा के नाम किये जाने का निगम ने प्रस्ताव पारित किया उससे उनके नाम को जरुर कुछ आघात लगा .शहर का ठगडा बाँध जो ठगडा दाऊ की सम्पाती थी जिसे उनके द्वारा जनहित में दान किया गया और एक बड़े तालाब का निर्माण इन दिनों चल रहा है ठगडा दाऊ के नाम से बने इस तालाब का नाम अंग्रेज शासन में भी नहीं बदला ऐसे में अब बदलना कहा तक सही है . . मोतीलाल वोरा एक ऐसी सोंच के व्यक्ति थे जो अपनी राह स्वयं बनाते थे अपनी मंजिल ऐसे तय करते जिससे किसी को आघात ना हो किसी को शर्मिदा ना होना पड़े . अपने जीवन काल में शायद ही कोई ऐसा होगा जिनका दिल मोतीलाल वोरा ने दुखाया हो , सदा विनम्र रहने वाले काम को ही पूजा समझने वाले व्यक्ति के रूप में पहचान बनाने वाले मोती लाल वोरा किस नाम के मोहताज नहीं थे किसी का नाम का सहारा लेकर आगे बढ़ना मोतीलाल वोरा को कभी गवारा नहीं था ऐसे में आज जब वो इस दुनिया में नहीं है उनके नाम को किसी और के नाम के सहारे अमिट करना स्व. मोतीलाल वोरा जी के नाम का ही अपमान है . ठगडा दाऊ की एक अलग पहचान है स्व. मोतीलाल वोरा की एक अलग पहचान है . चौक चौराहो में स्व. मोतीलाल वोरा की फोटो लगाने से क्या लोग उन्हें याद रखेंगे ऐसा बिलकुल भी नही है . दुर्ग की राजनीती में प्रदेश की राजनीती में देश की राजनीती में उनका नाम किसी फोटो का मोहताज़ नहीं उनको किसी नाम के सहारे अपना नाम अमिट करने की चाह कभी नहीं रही होगी उनके कर्म ही ऐसे है कि दुर्ग की जनता के दिलो में उनकी छवि है ऐसे में दुर्ग में ठगडा बाँध के नाम को मोतीलाल वोरा के नाम से करने से अच्छा यह है कि उनके नाम से शहर में कुछ ऐसा नव निर्माण हो जिससे जनता के मन में उनके लिए आदर और बढे . उनके जीवन काल में उनके नाम से दुर्ग में कभी कोई प्रतिरोध नहीं हुआ किन्तु वर्तमान में ठगडा बाँध के नाम को परिवर्तन कर मोतीलाल वोरा का नाम दिए जाने के प्रस्ताव पारित होने से भाजपा सहित छत्तीसगढ़ मंच व कई अन्य सामाजिक लोगो द्वारा जो विरोध हो रहा है वह जरुर उनकी आत्मा को तकलीफ दे रहा होगा क्योकि जिस व्यक्ति ने अपनी मंजिल पाने के लिए किसी का सहारा नहीं लिया अब उनके नाम के लिए प्रतिरोध क्या सही है ?
ठगडा दाऊ की उनके नाम की अपनी अहमियत है वैसे ही स्व. मोतीलाल वोरा के नाम की भी अपनी अहमियत है . ये विवाद उठते ही दुर्ग विधायक और स्व. मोतीलाल वोरा के पुत्र अरुण वोरा को ही तुरंत सामने आ कर इस विवाद का पटाक्षेप करना चाहिए . भले ही आज सत्ता कांग्रेस की है और निगम में सरकार उनकी है आज ठगडा बाँध का नाम मोतीलाल वोरा के नाम से कर दिया जाएगा लाख विरोध के बाद भी तो क्या इस बात की गांरंटी है कि सत्ता परिवर्तन के बाद भी ये प्रक्रिया को विराम लग जायेगा . ये राजनीती है हो सकता है कल को भाजपा या कोई अन्य मंच निगम की सत्ता में बैठे और एक बार फिर इस बाँध को ठगडा बाँध के नाम से करने का प्रस्ताव पारित कर दे तब ज्यादा तकलीफ होगी स्व. मोतीलाल वोरा के समर्थको को उनके चाहने वालो को .
मेरे विचार से स्व. मोतीलाल वोरा के नाम के लिए सरकार कोई ऐसा नव निर्माण करे जो अविवादित हो ताकि भविष्य तक उस नवनिर्माण सोंच का नाम स्व. मोतीलाल वोरा के नाम पर ही रहे ना कि दुसरे के नाम पर काबिज निर्माण . अज भले ही सरकार ये कह दे कि ठगडा बाँध उनके प्रयासों से निर्मित हो रहा है किन्तु निर्माण की राशी उनकी नहीं है जनता की है जनहित के लिए जनता के पैसो से निर्माण हो रहा है . जब जमीन सरकार (ठगडा दाऊ द्वारा दान की हुई जमीन पर निर्मित है ठगडा बाँध ) की नहीं पैसा किसी व्यक्ति विशेष का नहीं तो फिर ये नाम बदलने का खेल क्यों अगर ये खेल शुरू हुआ तो आगे भी बढेगा और भविष्य में फिर नाम परिवर्तन की आशंका रहेगी . क्या ऐसी ही सच्ची श्रधान्जली देना चाहती है दुर्ग निगम की सरकार और निविवाद जननेता रहे स्व. मोतीलाल वोरा के नाम से वर्तमान में चल रहे विवाद पर क्यों मौन है दुर्ग विधायक वोरा ...
दुर्ग / शौर्यपथ / श्री सकल गुजरती समाज द्वारा आयोजित पतंग उत्सव के मंच से आज नेत्रदान,रक्तदान,देहदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्था नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों राज आढ़तिया,कुलवंत भाटिया,हरमन दुलाई,यतीन्द्र चावड़ा,जितेंद्र हासवानी ,चन्दन मिश्रा को दुर्ग सांसद विजय बघेल,दुर्ग विधायक अरुण वोरा,दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल के हाथों शाल व श्रीफल दे सम्मानित किया गया, भिलाई सेक्टर ७ बीएसपी स्कूल ग्राउंड में श्री सकल गुजरती समाज द्वारा पतंग उत्सव मिलान समारोह का आयोजन किया गया जंहा पुरे छत्तीसगढ़ के गुजरती समाज व् अन्य समाज के लोगों ने मिलकर उत्सव मनाया
मंच संचालन कर रहे श्री गिरीश भाई ने उपस्थित अथितियों को जानकारी दी कि हमारे अंचल में समाज सेवी संस्था नवदृष्टि फाउंडेशन नेत्रदान,रक्तदान,देहदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही है एवं कोरोना काल में संस्था के कार्यों व कोरोना पीड़ितों के लिए प्लाज़्मा डोनेशन करवा 149 परिवारों को कोरोना से लड़ने में मदद की एवं लॉक डाउन के दौरान संस्था के सदस्यों ने समय समय पर लोगों की मदद की,साथ ही संस्था के संस्थापक सदस्य को समाज का गौरव बताया व शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया
राज आढ़तिया ने कहा अपने लोगों के हाथों सम्मानित होना आशीर्वाद के सामान है व हमें और बेहतर कार्य करने ऊर्जा प्रदान करता है
नवदृष्टि फाउंडेशन के अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया,राज आढ़तिया,प्रवीण तिवारी,मुकेश आढ़तिया,हरमन दुलई,प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ, रितेश जैन,जितेंद्र हासवानी,सत्येंद्र राजपूत,गोपी रंजन दास,पियूष मालवीय, मुकेश राठी, संतोष राजपुरोहित, रवि कुकरेजा,किरण भंडारी, चेतन जैन, चन्दन मिश्रा, यतीन्द्र चावड़ा, नत्थू अग्रवाल, खुर्शीद अहमद, आकाश मसीह, अनुराग तैलंग, वीरेंद्र पाली, अभय माहेश्वरी , प्रफुल्ल जोशी,विवेक साहू , शैलेश कारिया, मनीष जोशी, प्रसाद राव, दीपक बंसल ने श्री सकल गुजरती समाज का आभार वयक्त किया
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
