August 15, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    सुबह की गुलाबी ठंड में 10 किमी दौड़े महापौर और पुलिस अफसर


    भिलाई। शौर्यपथ ।  भिलाई नगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव शनिवार की सुबह करीब 6 बजे टाउनशिप में दौड़ लगाने पहुंचे । उनके साथ शहर के एडिशनल एसपी रोहित झा के साथ यातायात डीएसपी गुरजीत सिंह और दुर्ग सीएसपी भी मौजूद रहे।
    सभी ने मिलकर टाउनशिप की सड़कों पर करीब 10 किमी की दौड़ लगाई। व्यायाम किए और जम कर पसीना बहाया। और शहर के आम नागरिकों और युवाओं को रोज सुबह उठ कर दौड़ने और व्ययाम करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान महापौर श्री यादव ने कहा कि स्वस्थ मन और स्वस्थ तन के लिए रोज व्ययाम करना बहुत जरूरी है। सभी व्ययाम में दौड़ एक ऐसा व्ययाम है जिससे शरीर के सभी अंग का एक्सरसाइज हो जताया। दौड़ के कई फायदे है। महापौर ने बताया कि
    दौड़ते समय शरीर में एंड्रोफिन जैसे रसायन उत्पन्न होते हैं, जिनसे खुशी का अहसास होता है और हम खुद के बारे में अच्छा महसूस करते हैं। तनाव में कमी आती है।
    दौड़ने समय धमनियां फैलती व संकुचित होती हैं। इससे धमनियों का व्यायाम होता है, साथ ही रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
    मजबूत प्रतिरोधक क्षमता
    यदि आप नियमित दौड़ते हैं तो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और आप छोटे-मोटे रोगों की गिरफ्त में आसानी से नहीं आते।
    हर रोज एक घंटा दौड़ने पर 705 से 865 कैलोरी बर्न होती है। शरीर से चर्बी भी कम होती है।दौड़ने से शरीर का निचला हिस्सा मजबूत होता है। लिगामेंट्स और स्नायुतंत्र में मजबूती आती है।
    हड्डियों का घनत्व बढ़ता है।
    दबाव के दौरान हमारा शरीर हड्डियों तक कुछ अतिरिक्त खनिजों की आपूर्ति करता है, जिनसे हड्डियां मजबूत होती हैं। दौड़ते समय भी यह प्रक्रिया लागू होती है, जिससे समय के साथ हड्डियों का घनत्व बढ़ता है।इस लिए सभी को दौड़ना चाहिए जो किसी कारण से दौड़ नहीं सकते वे सुबह थोड़ी देर पैदल चले। इससे स्वास्थ्य ठीक रहेगा और स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो कई लाभ होंगे।
    इस दौरान एडिशनल एसपी रोहित झा ने भी लोगों को प्रेरित करते हुए व्ययाम के लाभ गिनाए और बताया कि वे खुद रोज सुबह दौड़ लगते है और अपनी पूरी पुलिस टीम को रोज दौड़ने के लिए प्रेरित करते है।

    दुर्ग । शौर्यपथ । शहर के शंकर नगर में शुक्रवार की रात चाकूबाजी कर युवक की हत्या करने के 6 आरोपियों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में कुछ घंटों में…
    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य पावर लिफ्टिंग एसोसियेशन के तत्वाधान पर दुर्ग शहर के स्वामी विवेकानंद हाल में प्रथम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया . इस दो…

    नवागढ़ / शौर्यपथ / नगर के मिश्रा पारा वार्ड 7 में शुक्रवार को कलश शोभायात्रा के साथ पांच दिवसीय संगीतमय श्री रामकथा कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ । मिश्रा पारा से दोपहर कलश यात्रा प्रारम्भ हुई जो कि ठाकुर देव मंदिर एवं महामाया मन्दि से होती हुई कार्यक्रम स्थल पहुंची। शोभा यात्रा में एक ओर जहाँ महिलायें अपने सिर पर कलश लेकर चल रहीं थीं वहीं दूसरी ओर भक्त गण संगीतमई भजनों की धुनों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। शोभा यात्रा में कथा के आयोजक मिश्रा परिवार के साथ अपने सिर पर पवित्र श्री रामायण ले कर चल रहे थे ।

    इसके बाद शाम में कार्यक्रम स्थल पर संगीतमय श्री रामकथा पंडित कालेश्वर प्रसाद तिवारी के मुखारबिन्द से प्रारम्भ हुई, जिसे सुनने के लिए श्रद्धालुओ की भीड़ उमडी पड़ी। आयोजक राजेन्द्र मिश्रा ने बताया कि राम कथा का प्रतिदिन वाचन 18 से 22 दिसम्बर प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। आयोजकों ने सभी धर्म प्रेमी बंधुओं से प्रतिदिन कार्यक्रम में पधार कर कथा श्रवण करने की अपील की है ।

    रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जो लोग कल तक राम के नाम पर चंदे और वोटों के धंधे का कारोबार करते थे आज माता कौशल्या के जन्म स्थान पर प्रश्न खड़ा करके उनके अस्तित्व को ही नकार रहे हैं।
    आज एक समाचार चैनल में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने यह बयान दिया है कि माता कौशल्या का जन्म चंदखुरी में नहीं हुआ था, बहुत संभव है कल को अजय चंद्राकर यह भी दावा कर दें कि प्रभु राम का जन्म अयोध्या में नहीं हुआ था। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विष्णु देव साय से यह पूछा है क्या अजय चंद्राकर के उक्त बयान में इन तीनों की सहमति भी शामिल है? माता कौशल्या के जन्म स्थान पर सवाल खड़ा करके भारतीय जनता पार्टी ने दरअसल छत्तीसगढ़ के विद्वान इतिहासकारों की विद्वता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही साथ उन्होंने यह भी जाहिर कर दिया है कि माता कौशल्या के प्रति उनके मन में कितनी आस्था है। डॉ रमन सिंह को प्रदेश की जनता को यह जवाब देना चाहिए कि क्या माता कौशल्या के प्रति भाजपा के मन में आस्था नहीं रहने के कारण ही अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने चंदखुरी स्थित मंदिर का जीर्णोद्धार नहीं किया? सत्ता जाने के बाद से 15 वर्षों तक कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में लिप्त रही भारतीय जनता पार्टी के लोग अब मानसिक रूप से विक्षिप्त हो चुके हैं और उनका हिन्दू धर्म विरोधी चेहरा भी सामने आने लगा है। राज्य की भूपेश बघेल सरकार जिस तरीके से छत्तीसगढ़ी संस्कृति परंपरा को स्थापित करने का प्रयास कर रही है और माता कौशल्या के वैभव को पुनर्स्थापित कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है। इसको देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के छाती पर सांप लोट रहा है। अपने आपको हिंदू धर्म का ठेकेदार बताने वाली पार्टी के नेता अब इस बात से विचलित हैं की माता कौशल्या का वैभव अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूपेश बघेल सरकार स्थापित कर देती है तो फिर छत्तीसगढ़ में भाजपा का धर्म का धंधा और चंदे की दुकान दोनों बंद हो जाएगी। अन्यथा क्या वजह है कि अजय चंद्राकर का यह दिव्यज्ञान पिछले 15 वर्षों में सत्ता के रहते हुए कभी नहीं आया। भूपेश बघेल की सरकार बनने के 2 वर्षों में भी कभी नहीं आया। आज जब राम वन गमन पथ पर 2 ऐतिहासिक रथ यात्रा निकली और प्रदेश की जनता अपने भांजे प्रभु राम की पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद लेने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ी तब भारतीय जनता पार्टी की बौखलाहट साफ सामने आ गई और अजय चंद्राकर जैसे वरिष्ठ नेता अब माता कौशल्या की जन्म स्थली पर सवाल उठाकर संभवत उनके अस्तित्व को ही नकार रहे हैं। सवाल तो यह भी उठता है कि अगर माता कौशल्या के अस्तित्व पर भाजपा सवाल उठा रही है तो फिर प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल अपने आप खड़े हो जाते हैं।
    कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से यह मांग की है कि माता कौशल्या और प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले भाजपा नेता के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करें। भारतीय जनता पार्टी के सभी नेताओं को प्रदेश की जनता से इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।

    जिले में 2 लाख 19 हजार 271 हितग्राहियों को 90 करोड़ 11 लाख 86 हजार की मिली सहायता
    राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासन द्वारा दिव्यांगजन, वृद्धजन एवं जरूरतमंदों को विभिन्न योजनाओं के तहत मदद की जा रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा तथा जरूरतमंद लोगों के लिए संचालित योजनाओं के तहत जिले में बड़ी संख्या में गरीब एवं जरूरतमंद लाभान्वित हुए हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत वर्ष 2019-20 में 49 करोड़ 90 लाख 35 हजार रूपए की राशि 1 लाख 8 हजार 149 हितग्राहियों को तथा वर्ष 2020-21 के नवम्बर के अंत तक 40 करोड़ 21 लाख 51 हजार की राशि 1 लाख 11 हजार 122 हितग्राहियों को प्रदान की गई है।
    कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा के निर्देशन में समाज कल्याण विभाग द्वारा सफलतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। उप संचालक समाज कल्याण विभाग श्री बीएल ठाकुर ने बताया कि विगत दो वर्षों में जिले में समाज कल्याण विभाग से विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को सहायता मिली है। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2019-20 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के अंतर्गत 31 हजार 983 हितग्राहियों को 10 करोड़ 13 लाख 30 हजार रूपए की राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत 13 हजार 221 हितग्राहियों को 5 करोड़ 7 लाख 56 हजार रूपए की राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन के तहत 2 हजार 5 हितग्राहियों को 86 लाख 65 हजार रूपए की राशि, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत 619 हितग्राहियों को 1 करोड़ 23 लाख 80 हजार रूपए की राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 19 हजार 627 हितग्राहियों को 16 करोड़ 87 लाख 76 हजार रूपए, सुखद सहारा पेंशन योजना के तहत 12 हजार 474 हितग्राहियों को 5 करोड़ 29 लाख 32 हजार रूपए की राशि, मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत 27 हजार 12 हितग्राहियों को 9 करोड़ 86 लाख 70 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 45 हितग्राहियों को 27 लाख रूपए, दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के तहत 903 हितग्राहियों को 23 लाख रूपए, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत 1 हितग्राही को 20 हजार रूपए, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 6 हितग्राहियों को 31 हजार रूपए, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत 253 हितग्राहियों को 4 लाख 75 हजार रूपए की राशि की मदद की गई है।
    वर्ष 2020-21 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के अंतर्गत 32 हजार 544 हितग्राहियों को 9 करोड़ 9 लाख 99 हजार रूपए की राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत 13 हजार 599 हितग्राहियों को 4 करोड़ 66 लाख 42 हजार रूपए की राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन के तहत 2 हजार 11 हितग्राहियों को 73 लाख 66 हजार रूपए की राशि, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत 403 हितग्राहियों को 80 लाख 60 हजार रूपए की राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 20 हजार 93 हितग्राहियों को 10 करोड़ 92 लाख 97 हजार रूपए, सुखद सहारा पेंशन योजना के तहत 12 हजार 864 हितग्राहियों को 4 करोड़ 75 लाख 82 हजार रूपए की राशि, मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत 29 हजार 357 हितग्राहियों को 8 करोड़ 96 लाख 98 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 39 हितग्राहियों को 25 लाख रूपए, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 2 हितग्राहियों को 7 हजार रूपए की राशि की मदद की गई है।

    भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र में आयोजित शिरोमणि पुरस्कार में पॅावर जोन से उत्कृष्ट कार्य प्रदर्षित करने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को पाली…

    दुर्ग / शौर्यपथ / पूर्व सैनिक सेवा परिषद छग जिला दुर्ग द्वारा 20 दिसम्बर को विजय दिवस का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में परिषद के प्रदेशाध्यक्ष किशोरीलाल साहू, प्रदेश महासचिव पवन निषाद, कोषाध्यक्ष महावीर प्रसाद टण्डन, भुवन लाल व उदय वर्मा ने प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम शहीद स्मारक स्थल, शहीद कौशल यादव नगर,हुडको भिलाई में रविवार 20 दिसंबर को दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के मुख्यातिथि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू है,कार्यक्रम की अध्यक्षता दुर्ग सांसद विजय बघेल करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, वैशालीनगर विधायक विद्यारतन भसीन, संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, दुर्ग विधायक अरुण वोरा, केशव बंटी हरमुख, इंद्रजीत सिंह,जसबीर सिंह चहल विशेष अतिथि दुर्ग कलेक्टर एवं दुर्ग पुलिस अधीक्षक तथा सैन्य विशेष अतिथि कमान अधिकारी 37एनसीसी बटालियन, दुर्ग व जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, दुर्ग उपस्थित रहेंगे।
    दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम कि शुरुआत की जाएगी। शहीदो को श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंगोली प्रतियोगिता, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, ड्राईंग/पेंटिंग प्रतियोगिता, बेस्ट कपल, हाउस गार्डनिंग प्रतियोगिता, देशभक्ति सम्बंधित डांस आदि का भी आयोजन किया जाएगा। विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया जाएगा

    भिलाई / शौर्यपथ / प्रबंधक भिलाई नागरिक सहकारी बैंक मर्या. बी मार्केट, सेक्टर 6, भिलाई को छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 173 एवं 174 के अंतर्गत समय सीमा में बकाया राशि 442480.00 (4 लाख 42 हजार 480) जमा करने नोटिस दिया गया था! परंतु प्रबंधक भिलाई नागरिक सहकारी बैंक मर्या. बी मार्केट, सेक्टर 6, भिलाई द्वारा राशि जमा नहीं की गई है जिस पर आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने कुर्की का वारन्ट जारी कर दिया है।
    इसके लिए जोन क्रमांक 5 के प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी मलखान सिंह सोरी को अधिनियम की धारा 175 के तहत् आदेश दिया गया है कि जब तक कि प्रबंधक भिलाई नागरिक सहकारी बैंक मर्या. बी मार्केट, सेक्टर 6, भिलाई समाधान योग्य यह सिद्ध न कर दे कि मांगी गई राशि नगर पालिक निगम, भिलाई को चुका दी गई है तथा जब तक कि मांगी गई राशि चुका न दें वसूली के समस्त खर्च सहित नागरिक सहकारी बैंक मर्या. बी मार्केट, सेक्टर 6, भिलाई के चल सम्पत्ति के अभिहरण या उसकी अचल सम्पत्ति की कुर्की तथा विक्रय द्वारा वसूल धारा 178 के अंतर्गत कार्यवाही की जाये। अधिनियम की धारा 177 के उपबंधों के अधीन रहते हुए वारन्ट में निर्देश अभिहरण करने की दृष्टि से सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच किसी भी समय भवन के बाहरी या भीतरी दरवाजे या खिड़की को तोड़कर खोलने के लिए प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी मलखान सिंह सोरी को प्राधिकृत किया गया है साथ ही श्री सोरी 29 दिसंबर 2020 को या उसके पूर्व वारन्ट जारी किये गयेे दिनांक से कुर्क की गई सम्पत्ति की तालिका को भी संलग्न कराएंगे।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने संत गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर राजभवन के दरबार हॉल में संत बाबा गुरू घासीदास और शहीद वीरनारायण सिंह के तैल चित्र का अनावरण किया। साथ ही उन्होंने संत बाबा गुरू घासीदास के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर उन्हें नमन किया।
    राज्यपाल ने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं दोनों महापुरूषों को नमन करती हूं। छत्तीसगढ़ संतों की भूमि रही है, उनमें से प्रमुख संत बाबा गुरूघासीदास जी थे। उनका जन्म 18 दिसंबर 1756 को बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी गांव के एक सामान्य परिवार में हुआ था। उन्होंने सात दिव्य संदेश दिए, जिसमें एक प्रमुख संदेश था कि सतनाम को मानों सत्य ही ईश्वर है, ईश्वर ही सत्य है। बाबा घासीदास जी ने सभी जीवों को एक समान बताया और सादा जीवन उच्च विचार रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने जातिप्रथा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों पर कुठाराघात किया।
    उन्होंने कहा कि 10 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के महान सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि थी। उनका जन्म बलौदाबाजार के ग्राम सोनाखान के एक बिंझवार आदिवासी परिवार में हुआ। उन्होंने एक भीषण सूखा पड़ने पर एक व्यापारी से गरीब जनता से अनाज देने का निवेदन किया, पर उनके न मानने पर उनके गोदाम से अनाज को निकलवा कर गरीब जनता को बटवा दिया। उनके इस कार्य को अंग्रेजों ने अपराध माना और उसे जेल में बंद कर दिया। बाद में वे जेल से भाग निकले और स्वयं की सेना बनाकर अंग्रेजों के विरूद्ध विद्रोह किया। कुछ समय पश्चात उनकी सेना युद्ध हार गई और उन पर मुकदमा चलाया गया और शहीद वीर नारायण सिंह को फांसी की सजा दी गई। आज शहीद वीर नारायण सिंह हमारे बीच नहीं है परंतु उनकी स्मृतियां और उनका जीवन हमें प्रेरणा देती है।
    इस अवसर पर राज्यपाल की उप सचिव श्रीमती रोक्तिमा यादव एवं नियंत्रक हरबंश मिरी उपस्थित थे।

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