August 13, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    -प्रशासन की इस पहल से लोगों को मिल रही सही जानकारी अफवाहों की जगह सकारात्मक संदेश देने में मिल रही मदद

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से कोविड-19 से बचाव की जानकारी साझा करने की जिम्मेदारी, युवा इनफ्लुएंसर, समाज सेवी संगठन निभा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने भी युवाओं के इस कदम की सराहना की है। पिछले माह युवाओं की टीम से मिलकर उनसे जागरूकता अभियान में जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील की थी। जिस पर करीब करीब 30 से अधिक अपने अपने सोशल मीडिया पेज के माध्यम से जरूरी जानकारियां साझा करते हैं। युवाओं का मानना है सोशल मीडिया के माध्यम से काफी अच्छे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। सभी युवाओं ने अपना अनुभव बताया कि वे जब से दुर्ग जिले में होम आइसोलेशन के कंट्रोल रूम के नंबर आपातकालीन नंबर फीवर क्लीनिक की जानकारी लगातार साझा कर रहे हैं, अब पेज से जुड़े सभी लोग उनसे आधिकारिक जानकारी के लिए संपर्क करते हैं और उनकी पोस्ट पर भरोसा करते हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने भी इन युवाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से ये युवा इंफ्लुएंसर कोरोना के प्रति जागरूकता की मुहिम में सहयोग कर रहे हैं। सबके प्रयास से ही हम सफलता अर्जित कर सकते हैं। अभी बहुत अधिक जागरूकता की जरूरत है क्योंकि आने वाले 100 दिनों तक सावधानी बहुत जरूरी है।
    फॉलोवर्स को जो भी जानकारी चाहिए होती सीधे दुर्ग भिलाई रायपुर पेज के एडमिन से पूछते हैं, इस अभियान से जुड़कर उनके फॉलोवर्स भी बढ़ गए हैं- कनक अग्रवाल बताते हैं कि उनके दो पेज हैं, दुर्ग-भिलाई-रायपुर में 16 हजार से अधिक और अपना छत्तीसगढ़ पेज में 11 हजार लोग जुड़े हैं। जब से उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में जानकारी शेयर करना शुरू किया है तब उनके दोस्त, परिचित, फालोअर्ज को जब भी कोई जानकारी चाहिए होती है तो सबसे पहले उनसे ही पूछते हैं। कहते हैं भाई वो पोस्ट फिर से भेजना जिसमें फीवर क्लिनिक की लिस्ट है। कोविड टेस्ट रिपोर्ट की लिंक भेजना ,ये सब साझा करके काफी अच्छा लगता है। लोगों का भरोसा जीतने के साथ ही उनके पेज के फॉलोवर्स भी बढ़े हैं।
    जिला प्रशासन की इस पहल से आई है पारदर्शिता ,सही जानकारियाँ लोगों तक पहुंच रहीं अफवाहों से निजात मिली - ये कहना है मिनेन्द्र चन्द्राकर का, वे बताते हैं आम नागरिक कोविड के इलाज हेतु, चिकित्सकीय संस्थाओं को दिए गए प्रोटोकॉल से अनभिज्ञ थे, जो यह कहता है कि चिकित्सक 24 घण्टे कोविड वार्ड में नही रह सकते हैं, अपितु आवश्यकता होने पर, सीसीटीवी की ओर अभिवादन कर उन्हें बुलाया जा सकता है। ऐसी जानकारियां इस समूह के गठन से, सीधे नागरिकों तक पहुंची है, जिससे प्रशासन और जनता के मध्य पारदर्शिता बढ़ी है, और निश्चित ही प्रशासन और कोरोना वारियर्स के प्रति विश्वास और सम्मान में वृद्धि हुई है। पिछले कुछ दिनों में भिलाई में कोविड के मरीजों हेतु बेड ना होने की बात सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही थी। ऐसी स्थिति में, यह आवश्यक था कि जिला प्रशासन द्वारा कोविड बेड की जानकारी नियमित रूप से,जो वेबसाइट पर सूचीबद्ध की जा रही है, का लोगों को ज्ञान हो। जिला प्रशासन द्वारा जारी वेबसाइट का पता होने से, हम व्यक्तिगत स्तर पर लोगों तक ये बात पहुंचा पाए,कि ऐसे आधे अधूरे खबरों का अवलोकन न कर, सटीक व त्रुटिरहित जानकारी हेतु, वे सीधे आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करें। मिनेन्द्र कहते हैं उन्हें निश्चित रूप से लगता है कि ना केवल लोगों में बल्कि हम सभी मे, प्रशासन और व्यवस्थाओं को लेकर जो भ्रांतियां थी, वह दूर हुई है और निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन आए हैं।
    भ्रम दूर हुए और सही जानकारी लोगों तक पहुँची- स्टार लाइट फाउंडेशन के प्रतीक ठाकरे कहते हैं कि जिला प्रशासन द्वारा एनजीओ, समाज सेवियों और सोशल मीडिया के युवा इंफ्लुएंसर्स को कोरोना जागरूकता अभियान में जोड़ने की पहल काफी सार्थक साबित हुई है। उनके पेज के माध्यम से लोगों को जानकारी मिल रही जिसको वो आगे साझा कर रहे हैं। सही जानकारी समय पर मिल जाने से अफवाह फैलने का खतरा दूर हुआ है जिससे भ्रम की स्थिति नहीं बनती। युवाओं को भी जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मिल रही है है साझा कर रहे हैं एक विश्वास का वातावरण निर्मित हुआ है जो कि सबके हित में अच्छा है।
    लोगों को जागरुक करने में मिल रही है मदद- हमर छत्तीसगढ़ पेज के नारायण राव बताते हैं कि यह बहुत पुराना पेज है इसमें 30 हजार से अधिक लोग जुड़े हैं। इस पेज में लोग अधिकतर सभी जिले की जानकारी पूछते है यहाँ तक कि उनको कॉल करके भी कोरोना हेल्प लाइन नंबर और होम क्वारंटाइन, लाकडाउन के बारे में पूछते है। उन्होंने बताया कि दुर्ग जिला प्रशासन के अभियान से जुड़ने के बाद जानकारी आसानी से मिलने लगी और लोगो को इससे फायदा हुआ। लोगो का रिस्पांस भी बहुत अच्छा मिलने लगा और मदद के बाद लोग उनको धन्यवाद भी बोलते हैं । सोशल डिस्टनसिंग और मास्क पहनने के लिए लोगो तक हम इस माध्यम से जागरूकता फैलाने के अभी तक कामयाब रहे है। उनका मानना है कि जरूरी जानकारियां सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो को पहुंचाना चाहिए ।
    इम्यूनिटी बढ़ाने के तरीके, हॉस्पिटल का प्रोसीजर, होम क्वारेन्टीन की देते हैं जानकारी अब लोग कोरोना को मजाक में नहीं लेते-सी जी के टुरा पेज के प्रतीक साहू बताते हैं उनके अधिकतर कॉन्टैक्ट इंस्टा में ही है तो वे वहां ज्यादा से ज्यादा जानकारियां शेयर करते हैं। पिछले कुछ दिनों से लोग कोरोना को सिर्फ मजाक न समझ कर उसकी जानकारी शेयर कर रहे है और मुझसे भी इन्फॉर्मेशन की मांग करते है। जैसे इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं, हॉस्पिटल का प्रोसीजर क्या है, होम क्वरेंटाइन की जानकारी, काढ़ा बनाने की विधि आदि। कहते हैं उन्हें गर्व है कि मैं इस ग्रुप से जुड़ कर लोगो की मदद कर पा रहे हैं।
    दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी करती हैं साझा काफी लोगों को हो रहा फायदा- अंकिता आहूजा बताती हैं वो अपने पेज रायपुर भिलाई दुर्ग के माध्यम से दुर्ग जिले में बचाव और जागरूकता से जुड़ी सारी जानकारी साझा करती हैं जिससे काफी लोगों को फायदा हो रहा है। इस प्रकार आई एम फ्रॉम छत्तीसगढ़ से जिज्ञासा गुप्ता दे रहीं है कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां। वो बताती हैं उनके पेज से मिल रही जानकारी को काफी सराहना मिल रही है।
    इंस्टा पेज सी जी अपडेट के माध्यम से शेख जुबैर दे रहे कोविड 19 से जुड़ी जरूरी जानकारियां- रायपुर के रहने वाले और इंस्टाग्राम में सीजी अपडेट नामक पेज की पेज की एडमिन शेख जुबैर बताते हैं कि वह लगभग 6 महीने से कोविड-19 से जुड़ी जरूरी जानकारियां दे रहे हैं। इससे सिर्फ दुर्ग ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के लोगों को फायदा हुआ है। वे अपने पेज से सभी तरह के अपडेट देते रहते थे परन्तु जब से जिला दुर्ग के साथ जुड़कर काम करना शुरू किया है लोगों का भरोसा बढ़ा है। बहुत अच्छा लगता है जब लोग खुद मुझ पर भरोसा करके टेस्ट सेंटर, फीवर क्लिनिक, कंट्रोल रूम के नंबर पूछते हैं उनकी मदद हो जाती है और इस संकट के समय अपना छोटा सा योगदान देकर काफी अच्छा महसूस होता है। जुबैर बताते हैं पहले उन्हें जानकारी जुटाने में समय लगता था लेकिन अब जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी तुरंत मिल जाती है।

    -दीपावली में नागरिकों की सुविधा के लिए स्थानीय उत्पाद बिहान बाजार में उपलब्ध होंगे
    -आकर्षक डिजाइनर दीयों से लेकर हवन सामग्री, भगवान के वस्त्र आदि कई रेंज की वैरायटी उपलब्ध


    दुर्ग / शौर्यपथ / बिहान के अंतर्गत काम कर रहे स्वसहायता समूहों ने अपने उत्पादों की रेंज का काफी विस्तार किया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने एक कैटलाग तैयार किया है ताकि बिहान बाजार के माध्यम से उत्पाद खरीदने वाले लोगों को उत्पादों की जानकारी एक ही नजर में मिल सकें। इन 67 प्रकार के उत्पादों में दीवाली की पूजा सामग्री जैसे दीये, डिजाइनर दीये, हवन सामग्री, धूप और भगवान के वस्त्र आदि तो हैं ही, दीवाली के अवसर पर परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी शामिल किये गए हैं। जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक ने बताया कि कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस संबंध में निर्देश दिये हैं कि स्वसहायता समूहों के उत्पादों को उचित प्लेटफार्म दिया जाए। बाजार तक इनकी ज्यादा से ज्यादा पहुंच हो। जहां बल्क खरीदी हो रही है उन संस्थानों से भी इनका सीधा संपर्क स्थापित किया जाए। इस दिशा में कार्य किया जा रहा है और दीवाली में यह समूह अच्छी खासी आय हासिल करेंगे। उल्लेखनीय है कि दीवाली के अवसर पर श्रृंगार वगैरह की भी पूरी तैयारी बिहान समूहों द्वारा की गई है। इसके लिए परंपरागत ज्वैलरी सेट भी बनाये गए हैं जिसमें छत्तीसगढ़ी में आभूषण की डिजाइन की कला की झलक मिलती है। डेकोरेशन के लिए सजावटी सामान भी तैयार किये जा रहे हैं। पेंटिंग्स एवं गिफ्ट आइटम भी तैयार किये गए हैं जो खासे आकर्षक हैं। दीवाली में जमकर साफसफाई भी होती है। इसके लिए बिहान बाजार में मुकम्मल व्यवस्था है। विभिन्न फ्लेवर वाले ग्लिसरीन सोप, मिल्क सोप आदि उपलब्ध हैं। टायलेट क्लिनर, हर्बल फिनाइल तथा डिशवाश भी इन समूहों ने बनाये हैं, कोरोना काल में इनके द्वारा बनाये गए हर्बल हैंडवाश की माँग अच्छी बढ़ी है। दीवाली में इसकी बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। बांस की सामग्री की भी बाजार में अच्छी माँग होती है। कैटलाग में विभिन्न बांस से बनी सामग्री भी शामिल की गई है। कैटलाग में कृषि आधारित उत्पाद भी शामिल किये गए हैं जिनके अंतर्गत कीटनाशक नीमास्त्र शामिल हैं। खासा लोकप्रिय पिंक आयस्टर मशरूम भी कैटलाग में शामिल है, जिसके कारण से स्वसहायता समूहों को अच्छा खासा लाभ अर्जित हो रहा है। इसके अलावा पोल्ट्री उत्पाद एवं अन्य कृषि उत्पाद भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि बिहान के समूहों द्वारा बनाये डिजाइनर दीयों एवं अन्य प्रोडक्ट्स की माँग विदेशों में भी हो रही है। इनकी सुंदर डिजाइनिंग के चलते बड़ा बाजार तैयार हुआ है। कलेक्टर ने निर्देश दिये हैं कि इसके डिस्प्ले के लिए अच्छा लोकेशन इन्हें एलाट किया जाए। साथ ही इन उत्पादों के लिए अमेजन तथा फ्लिपकार्ट आदि में भी प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाए ताकि इन्हें बड़ा ग्राहक वर्ग मिल सके।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के जिला अध्यक्ष त्रिगुण सादानी का यह कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी जिले में प्रायवेट स्कूलों को…

        राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. श्रीमती किरणमयी नायक ने बालिका गृह एवं बालक संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश एवं अन्य स्टाफ  उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ में प्याज की भण्डारण सीमा तय किया है। इस संबंध में खाद्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के व्यापारी 250…
    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन के सहयोग एवं प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों से भी अब विद्यार्थी अपने हुनर का कमाल दिखा रहे हैं। सरगुजा…

    रायपुर / शौर्यपथ / पंचायतएवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव रेडियो पर 25 अक्टूबर को प्रसारित होने वाले 'हमर ग्रामसभा' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देंगे। वे 25 अक्टूबर को शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित इस विशेष कार्यक्रम में पत्र, एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से श्रोताओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देंगे। मंत्री सिंहदेव कार्यक्रम में राज्य शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में श्रोताओं की जिज्ञासाओं का भी समाधान करेंगे। कार्यक्रम को मीडियम वेब 981 किलोहर्ट्ज पर सुना जा सकता है। प्रदेश में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्र एक साथ इस कार्यक्रम को रिले करेंगे।
    उल्लेखनीय है कि विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और इनका लाभ उठाने लोगों को प्रेरित करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा द्वारा तैयार साप्ताहिक रेडियो कार्यक्रम ‘हमर ग्रामसभा’ का आकाशवाणी रायपुर द्वारा हर रविवार शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक प्रसारण किया जाता है।

    रायपुर / शौर्यपथ / स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ’निष्ठा’ ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन 26 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण में कक्षा पहली से 8वीं तक…

    कवर्धा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल के मंशानुरूप व वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने निर्देश पर वन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण और मध्य प्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के सीमावर्ती क्षेत्रों में वन्य प्राणी बारहसिंघा के लिए उपयुक्त आवास और नैसर्गिक प्रजनन क्षेत्र की संभावना की दृष्टि से खरपतवार उन्मूलन, स्थाई घास मैदान और पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस तारतम्य में वन मंत्री श्री अकबर के निर्देशानुसार प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) पी.वी. नरसिंगराव ने कबीरधाम जिले के भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण का कार्य प्रगति का जायजा लेने निरीक्षण किया।
    प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक नरसिंगराव ने निरीक्षण के दौरान भोरमदेव अभ्यारण की तरफ से सीमावर्ती क्षेत्र में स्पष्ट रूप से मुनारा से 10 मीटर अग्नि सुरक्षा रेखा के साथ-साथ सीमांकन का सुझाव वन मंडलाधिकारी को दिया गया। क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान उन्होने स्थाई संपत्तियों के रखरखाव और शाकाहारी वन्य प्राणियों के लिए अभ्यारण में स्थाई घास के मैदान विकसित करने संबंधी मार्गदर्शन दिया। वर्तमान में अभ्यारण में उपलब्ध विभिन्न घास प्रजातियों के बीज इकट्ठा कर उनको नर्सरी के माध्यम से या सीधे तौर पर घास मैदानों में लगाने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों के अंतर्गत बनाए गए रपटा, साल्ट लिक, स्टॉप डैम, मिट्टी और मुरुम के बने वन मार्गों का भी निरीक्षण किया।

    राजनांदगाँव / शौर्यपथ / आबकारी मंत्री कवासी लखमा के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब पर सख्त कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में जिला राजनांदगांव के आबकारी विभाग ने घोरदा से रीवागहन मार्ग में वाहन चेकिंग के दौरान 24 अक्टूबर को अवैध मदिरा परिवहन करते मोटर-सायकल को पकड़ा और अवैध देशी शराब 17.28 बल्क लीटर जप्त किया तथा 23 अक्टूबर को थाना जोब क्षेत्र में 47.7 बल्क लीटर अवैध शराब जप्त किया है।
    आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर से अवैध शराब की सूचना मिलते ही कलेक्टर राजनांदगांव टोपेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में सहायक आयुक्त आबकारी अधिकारी राजनांदगांव के निर्देशन में 24 अक्टूबर को आबकारी विभाग की टीम ने घोरदा से रीवागहन मार्ग में डोंगरगढ़ निवासी सुनील बोरकर एवं अनमोल सांगेड़े से 96 पाव देशी शराब सोनी सौंप केवल महाराष्ट्र में विक्रय हेतु वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल 17.28 लीटर जप्त किया गया है। आबकारी विभाग ने 23 अक्टूबर को जयतुरा गोंड़ से 265 पाव देशी शराब फिरकी संत्री केवल महाराष्ट्र में विक्रय हेतु वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल मात्रा 47.7 बल्क लीटर जप्त कर किया गया। छापामार कार्रवाही में सहायक आबकारी अधिकारी सहित कर्मचारीगण शामिल थे।

     

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