August 08, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    शौर्यपथ / हर साल भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह अष्टमी तिथि 11…
    धर्म संसार / शौर्यपथ / भगवान कृष्ण की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है। मान्यताओं के अनुसार इनके बिना पूजा का पूर्ण फल नहीं…

    खेल / शौर्यपथ / मुंबई के क्रिकेटर करन तिवारी ने सोमवार रात को मलाड में अपने घर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। करन मुंबई की प्रोफेशनल क्रिकेट टीम के सदस्य नहीं थे, लेकिन नेट बॉलर के तौर पर जुड़े थे। अभी तक उनकी मौत का कारण पता नहीं चला है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वो अपने करियर को लेकर डिप्रेशन में थे और इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली। कोविड-19 महामारी के चलते करियर में आए ब्रेक से वो परेशान थे। करन महज 27 साल के थे। कुरार पुलिस स्टेशन में एक्सिडेंटल डेथ का केस दर्ज किया गया है, कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।

    टाइम्स नाउ में छपी खबर के मुताबिक करन मिडिल क्लास परिवार से थे। पुलिस ने कहा कि करन ने अपने एक करीबी दोस्त को फोन किया था और उनसे मौजूदा स्थिति के बारे में बात की थी। करन इस बात से परेशान थे कि उन्हें अपना टैलेंट दिखाने के लिए मौका नहीं मिल रहा है। करन ने राजस्थान में रह रहे अपने दोस्त से बात की थी। करन के दोस्त ने यह सारी बातें उनकी बहन को बताईं, जो राजस्थान में ही रहती हैं। सोमवार रात करीब 10:30 बजे करन अपने कमरे में गए और दरवाजा बंद कर लिया, जब तक दरवाजा तोड़ा गया वो मर चुके थे।

    करन सीनियर टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, उन्होंने काफी बार कोशिश की, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। कोविड-19 के चलते देश में क्रिकेट के तमाम इवेंट्स स्थगित हो गए थे, जिससे करन की मुश्किलें और बढ़ गई थीं। एक्टर जीतू वर्मा करन के करीबी दोस्त थे और उन्होंने बताया कि करन काफी समय से संघर्ष कर रहा था।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड के दिग्गत अभिनेता संजय दत्त को लेकर बीते दिनों खबर आई कि वो फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित हैं। मालूम हो कि कल (11 अगस्त) ही संजय दत्‍त ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को यह जानकारी दी थी कि वो अपने मेडिकल ट्रीटमेंट के चलते कुछ समय के लिए काम से ब्रेक ले रहे हैं। उस ट्वीट के बाद फैंस की चिंता बढ़ गई थी। अब इसके बाद संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त ने उनकी हेल्थ को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है। मान्यता ने कहा कि हमें फैंस की दुआओं की जरूरत है। साथ ही साथ मान्यता दत्त ने अपील की है कि एक्टर को लेकर कोई अफवाह ना फैलायी जाए। मालूम हो कि संजय दत्त और मान्यता दत्त ने साल 2008 में गोवा में हिंदू रीति- रिवाज से शादी की थी। दोनों के दो जुड़वां बच्चे हैं। इनके बेटे का नाम शहरान और बेटी इकरा दत्त है।

    मान्यता दत्त ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि मैं सभी को धन्यवाद देती हूं जिन्होंने संजू के शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं व्यक्त की हैं। हमें इस वक़्त को पार करने के लिए ताकत और प्रार्थना की जरूरत है। पिछले वर्षों में परिवार बहुत कठिन समय से गुजरा है, लेकिन मुझे विश्वास है, यह भी गुजर जाएगा। साथ ही, यह संजू के प्रशंसकों से मेरा दिल से अनुरोध है कि वे अटकलों और अनुचित अफवाहों पर विश्वास न करे, बल्कि अपने प्यार, गर्मजोशी और समर्थन से मदद करें। संजू हमेशा एक फाइटर रहे हैं और इसी तरह हमारा परिवार भी रहा है। आगे की चुनौतियों से उबरने के लिए भगवान ने हमें फिर से परीक्षण करने के लिए चुना है। हम आप सभी से आपकी प्रार्थना और आशीर्वाद चाहते हैं, और हम जानते हैं कि हम हमेशा की तरह फिर से विजेता बनकर उभरेंगे। आइए हम इस अवसर का उपयोग प्रकाश और सकारात्मकता फैलाने के लिए करें।

    आपको बता दें कि संजय दत्त का पहली बार कैंसर से पाला नहीं पड़ा है। उनके सबसे करीबी लोग इस घातक बीमारी के शिकार हुए हैं। उनकी मां नर्गिस और वाइफ ऋचा शर्मा को भी ये बीमारी हुई थी। 39 साल पहले मां नर्गिस दत्त का इस बीमारी से निधन हुआ था। नरगिस दत्त राज्य सभा के सेशन के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं थीं। वो तारीख थी 2 अगस्त 1980 । पहले लगा की उन्हें जॉन्डिस है। मुंबई के ब्रीचकैंडी हॉस्पिटल में 15 दिनों तक इलाज चला लेकिन तबियत संभलने के बजाय बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों में उनकी दोबारा जांच की तो पता चला कि उन्हें कैंसर है। नर्गिस पैंक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित थीं।

    मुंबई ब्लास्ट में दोषी होने की वजह से इलाज के लिए अमेरिका नहीं जा पाएंगे संजय दत्त?
    बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त को लंग्स कैंसर होने की खबर सामने के बाद उनके परिवार में तनाव का माहौल है। बताया जा रहा था कि वह अपने इलाज के लिए अमेरिका जा सकते हैं, लेकिन अब ऐसी बात सामने आई है जिससे संजय दत्त का अमेरिका जाना मुश्किल हो सकता है। एबीपी न्यूज की मानें तो संजय के पास अमेरिका का वीजा नहीं है। हालांकि, यह भी बताया जा रहा है कि वह वीजा हासिल करने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

    एबीपी न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि संजय दत्त इलाज के लिए अमेरिका के मेमोरियल स्लोआन केटरिंग कैंसर अस्पताल में इलाज के लिए जा सकते हैं, लेकिन पेंच यह है कि संजय दत्त के पास अमेरिका का वीजा नहीं है और वह मुम्बई ब्लास्ट में दोषियों और सजायाफ्ता मुजरिमों में शामिल हैं।

    ऐसे में संजय दत्त मेडिकल ग्राउंड पर अमेरिका का वीजा पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अगर उन्हें अमेरिका में इलाज कराने की अनुमति नहीं मिलती है तो वह फिर दूसरे विकल्प के रूप में इलाज के लिए सिंगापुर जा सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर परिवार ने कोई पुष्टि नहीं की है।

    बताते चलें कि संजय दत्त को फेफड़ों का कैंसर होने की खबर मिलते ही उनकी पत्नी मान्यता दत्त अपने दोनों बच्चों के साथ एक विशेष विमान से दुबई से सीधे मुम्बई पहुंच गई हैं। वह मार्च महीने से ही देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन के कारण दुबई में फंसी हुई थीं, लेकिन अब वह मुंबई लौट आई हैं।

     

    नजरिया / शौर्यपथ / राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने जब अशोक गहलोत और सचिन पायलट को जिम्मेदारी सौंपी थी, तब उन्होंने दोनों…
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    नवागढ़ / शौर्यपथ / नवगठित भारतीय जनता पार्टी बेमेतरा जिला कार्यकारणी में विकास धर दीवान लगातार तीसरी बार जिला महामंत्री नियुक्त किया गया ही। नियुक्ति के बाद से उनके निवास पर जिला से लेकर मण्डल एवं नवागढ़ नगर के भाजपा नेता, कार्यकर्ता एवं वरिष्ठजन बधाई देने हेतु पहुँच रहे है। कोई फूल माला, गुलदस्ता, शॉल एवं मिठाई इत्यादि भेंट कर अपना अपना स्नेह प्रर्दशित कर रहे है। भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी ने जिला कार्यकारणी की जबसे घोषणा की तभी नवागढ़ के कार्यकर्ताओं ने फटाखे फोड़कर एवं मिठाई बाँटकर खुशी का इज़हार किया था। इसके साथ ही नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष फिरतुराम साहू व अजय तिवारी एवं जिला मंत्री सुरेंद्र ठाकुर को भी कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाएं दी।
    उल्लेखनीय है कि जब से बेमेतरा जिला सन्गठन का गठन हुआ है दीवान तब से महामंत्री का कार्यभार संभाल रहे है। पहले कार्यकाल में उन्होंने तत्कालीन जिलाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में संगठन को इस कदर मजबूत किया था कि पहली बार बेमेतरा जिले के तीनों विधानसभा में भाजपा के विधायक जीत कर आये थे। इन दोनों दिग्गज नेताओं की कुशल कार्यशैली का ही परिणाम रहा कि पार्टी ने इन्हें दूसरे कार्यकाल में उन पदों पर दोहराया था। दूसरे कार्यकाल में हालांकि भाजपा को जिले में विधानसभा चुनाव में हार मिली लेकिन जिलाध्यक्ष शर्मा एवं महामंत्री दीवान पुन: कार्यकर्ताओं में जोश भरा और लोकसभा चुनाव में पार्टी ने विधानसभा की खाई को पाटते हुए भारी बहुमत प्राप्त किया।
    भाजपा नेता दीवान के दोनों कार्यकाल के आधार पर इनके जिलाध्यक्ष बनने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन पार्टी ने वरिष्ठ ओमप्रकाश जोशी को मौका दिया। जोशी के साथ इन्होंने तालमेल बैठाकर मजबूत भूमिका निभाई और बेमेतरा जिला पंचायत में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाकर लाये। जिसके बाद पार्टी ने जिला संगठन में दीवान की कार्यशैली को देखते हुए पुन: महामंत्री बनाया है। अब देखना होगा दीवान संगठन को और कितनी मजबूती देते है।
    नियुक्ति पर भाजपा जिला महामंत्री विकास दीवान ने कहा कि मेरी भाजपा में राजनीतिक शुरुआत राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय के मार्गदर्शन में हुई है। आज उनके ही आशीर्वाद से मुझे पुन: जिला महामंत्री का दायित्व मिला है। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा एवं जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे योग्य समझते हुए पुन: यह जवाबदारी दिया है। मैं विश्वाश दिलाना चाहता हूँ कि वर्तमान में भाजपा जिले में कांग्रेस की अपेक्षा काफी मजबूत है और हम आगे भी संगठन की जड़ो को मजबूत करने के लिए कार्य करेंगे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर राज्य में वनवासियों की खुशहाली और वनांचल के गांवों को स्वावलंबी बनाने के उद्ेदश्य से इंदिरा वन मितान योजना शुरू किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत राज्य के आदिवासी अंचल के दस हजार गांव में युवाओं के समूह गठित कर उनके माध्यम से वन आधारित समस्त आर्थिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इन समूहों के माध्यम से वनवासियों के स्वरोजगार और उनकी समृद्धि के नए द्वारा खुलेंगे। इस योजना के तहत समूहों के माध्यम से वनोपज की खरीदी, उसका प्रसंस्करण एवं मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। राज्य के प्रत्येक आदिवासी विकासखण्डों में वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र की स्थापना किए जाने का लक्ष्य सरकार ने रखा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों के 10 हजार गांवों में इस योजना के अंतर्गत समूह गठित किए जाएंगे, जिनमें युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक समूह में 10 से 15 सदस्य होंगे। इंदिरा वन मितान योजना में अनुसूचित क्षेत्रों के 19 लाख परिवारों को जोडऩे का लक्ष्य है। इस योजना के माध्यम से समूहों को वृक्ष प्रबंधन का अधिकार प्रदान किया जाएगा, जिससे वे वन क्षेत्रों के वृक्षों से वनोपज संग्रहण कर आर्थिक लाभ ले सकें। वनोपज की खरीदी की व्यवस्था समूह के माध्यम से की जाएगी, जिससे वनोपज का सही मूल्य मिल सके। समूह के माध्यम से लोगों के लिए स्व-रोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे। वनोपजों की मार्केटिंग की व्यवस्था के साथ अनुसूचित क्षेत्रों के प्रत्येक विकासखण्ड में वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी। एक यूनिट की अनुमानित लागत लगभग 10 लाख रूपए होगी। अनुसूचित क्षेत्रों के 85 विकासखण्ड में वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट स्थापना के लिए 8 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि प्राधिकरण मद से उपलब्ध कराई जाएगी। वनों में इमारती लकड़ी की बजाए फलदार और वनौषधियों के पौधे लगाए जाएंगे। जिससे वनवासियों की आय बढ़ सके।
    विश्व आदिवासी दिवस का गरिमामय कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्रीगणों, संसदीय सचिवों, विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों तथा आदिवासी समाज के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित अतिथियों द्वारा आंगादेव, बूढ़ादेव एवं मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना से हुआ। इस अवसर पर आदिवासी नर्तक दल द्वारा गौर नृत्य की प्रस्तुति दी गयी। इस मौके पर मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, कवासी लखमा, अमरजीत भगत, डॉ. शिव डहरिया, श्रीमती अनिला भेंडिय़ा तथा खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन भी नर्तक दलों के साथ मांदर की थाप पर थिरके और आदिवासी कला संस्कृति को आगे बढ़ाने और उसे जीवंत बनाए रखने की छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। आदिवासी गौर नृत्य में मंत्रीगणों की भागीदारी से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय का पूरा वातावरण उत्साह और उमंग से भर उठा।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने उद्बोधन में आगे कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों का सबसे बड़ा संरक्षक रहा है। प्रकृति से निकटता और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित दोहन भावी पीढ़ी के बेहतर जीवन के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर हमें आदिवासी समाज के हित के सभी पहलुओं पर समग्रता से विचार करना चाहिए। उन्होंने आदिवासी समाज के प्रत्येक सदस्य और संगठन से अपील की कि वे अपने अधिकारों और विकास के अवसरों के बारे में मुखर हो। छत्तीसगढ़ सरकार सदैव आपके साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के काम-काज, नीतियों और फैसलों से आदिवासी अंचलों की फिजा में तेजी से बदलाव आ रहा है। जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकार की नई ईबारत लिखी जा रही है।
    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने राज्य के सभी पात्र वनवासियों को वन अधिकार पट्टा देने का अभियान शुरू किया है। छत्तीसगढ़ राज्य वनवासियों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक पट्टा देने के मामले में देश में अव्वल स्थान पर है। अभी तक राज्य में 4.50 लाख व्यक्तिगत तथा 43 हजार सामुदायिक पट्टे दिए जा चुकें है। वन अधिकार पट्टों के माध्यम से चार लाख 18 हजार हेक्टेयर भूमि आबंटित की गई है, जो देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन अधिकार पट्टों को मनरेगा, सिंचाई, खेती-किसानी और खाद्य संरक्षण जैसे अनेक कार्यो से जोड़कर पट्टे की ंभूमि को हमने वनवासियों के खुशहाली और आमदनी का माध्यम बनाने का प्रयास कर रहें है। उन्होंने इस मौके पर राज्य के सभी वन भूमि पट्टाधारियों से अपने अधिकार और अवसर का भरपूर लाभ उठाने की अपील की।
    मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य में लघु वनोपज की खरीदी और उनके समर्थन मूल्य में वृद्धि सहित शहीद महेन्द्र कर्मा तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की यह तमाम कोशिशें आदिवासी भाई-बहनों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने तथा उन्हें विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में पहले सात लघु वनोपज की खरीदी होती थी, जिसे सरकार ने बढ़ाकर 31 कर दिया है। उन्होंने कहा कि महुआ सहित अन्य लघु वनोपजों के मूल्य में वृद्धि किए जाने से इसका सीधा फायदा संग्राहक परिवारों को हुआ है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी अंचलों में विशेषकर बस्तर में सिंचाई का रकबा बहुत कम है। इसे बढ़ाने और बस्तर अंचल के लोगों की हर जरूरत के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने हेतु बोधघाट परियोजना की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के डूबान क्षेत्र में आने वाली भूमि का मुआवजा और पुनर्वास पैकेज आदिवासी समाज के लोग खुद तय करेंगे। उन्होंने कहा कि बोधघाट सिंचाई परियोजना की पुनर्वास नीति देश दुनिया की सबसे अच्छी नीति बने यह उनकी मंशा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी भाई-बहनों को सिर्फ जल, जंगल और जमीन की ताकत ही नही बल्कि शासन और प्रशासन की ताकत भी सौंपी है। उन्होंने इस मौके पर आदिवासी समाज के लोगों से पूरी सक्षमता के साथ आगे बढऩे और राज्य के विकास में भागीदारी निभाने की अपील की।
    इस अवसर पर मंत्री कवासी लखमा एवं मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने भी अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदिवासियों के हितों का ध्यान रखा है, उनका मान-सम्मान बढ़ाया है। मंत्रीद्वय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने तथा उसे विश्व पटल पर लाने की सराहनीय पहल मुख्यमंत्री ने की है। उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर वनांचल क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दी गई सौगातों के लिए उनका आभार जताया। कार्यक्रम को सर्वआदिवासी समाज के अध्यक्ष बी.पी.एस. नेताम ने भी सम्बोधित किया और आदिवासी समाज से संबंधित मांगों का ज्ञापन सौंपा।
    कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिय़ा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल और नगरीय विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, संसदीय सचिव सुश्री शकुंतला साहू, चिंतामणि महाराज और जशपुर विधायक विनय भगत, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन अनेक जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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