August 03, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    लोक सेवा आयोग ने जारी किया अंतिम चयन परिणाम

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा – युवा प्रतिभाओं को मिलेगा प्रदेश के नियोजित विकास में योगदान का अवसर

    रायपुर, / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है।

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।

    मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है।

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।

    ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है - मुख्यमंत्री साय
    सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी में बदलने की दिशा में होगी कार्रवाई
    राष्ट्रहित में ईंधन बचत को जन-आंदोलन बनाने की अपील

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।
    उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

     

    चेन्नई/शौर्यपथ।
    तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) के नेतृत्व वाली नवगठित तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार ने विधानसभा में भारी बहुमत के साथ विश्वास मत हासिल कर लिया।
    13 मई 2026 को आयोजित फ्लोर टेस्ट में विजय सरकार के पक्ष में 144 विधायकों ने मतदान किया, जबकि विरोध में केवल 22 वोट पड़े। इस परिणाम ने न केवल नई सरकार की स्थिरता पर मुहर लगा दी, बल्कि राज्य की पारंपरिक राजनीतिक धुरी को भी पूरी तरह बदल दिया।

    तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बचाने के लिए साधारण बहुमत का आंकड़ा 118 था, जिसे विजय सरकार ने बेहद सहजता और प्रभावशाली राजनीतिक प्रबंधन के साथ पार कर लिया।

    TVK के पास अपने 107 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके, आईयूएमएल और एएमएमके जैसे सहयोगी दलों ने सरकार को खुला समर्थन देकर सत्ता पक्ष को और मजबूती प्रदान की।


    AIADMK में बगावत ने विपक्ष को किया कमजोर

    विश्वास मत के दौरान सबसे बड़ा राजनीतिक झटका विपक्षी दल AIADMK को लगा।
    सूत्रों और सदन की स्थिति के अनुसार, पार्टी के लगभग 25 बागी विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर विजय सरकार के पक्ष में मतदान किया।

    इस बगावत के चलते विपक्ष के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी का खेमाअसहज स्थिति में दिखाई दिया और उनके समर्थन में केवल 22 विधायक ही सरकार के खिलाफ मतदान कर सके।
    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह घटनाक्रम AIADMK के भीतर गहरे नेतृत्व संकट और असंतोष का संकेत माना जा रहा है।


    DMK का वॉकआउट बना सरकार के लिए राहत

    सदन में फ्लोर टेस्ट से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
    हालांकि मतदान की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले मुख्य विपक्षी दल DMK के 59 विधायकों ने पूरी प्रक्रिया का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

    DMK के इस कदम ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक विरोध बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे “जनादेश से पलायन” करार दिया।


    बीजेपी और PMK ने अपनाया तटस्थ रुख

    विश्वास मत के दौरान भाजपा के एकमात्र विधायक तथा पीएमके के 4 विधायकों ने मतदान से दूरी बनाते हुए तटस्थ रुख अपनाया।
    इस रणनीति को भविष्य की संभावित राजनीतिक संभावनाओं और गठबंधन समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।


    तमिलनाडु की राजनीति में नए युग की शुरुआत

    फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए थलापति विजय ने बेहद कम समय में जिस प्रकार राज्य की सत्ता तक पहुंच बनाई, वह दक्षिण भारतीय राजनीति के इतिहास में एक असाधारण राजनीतिक उभार माना जा रहा है।
    फ्लोर टेस्ट में मिली प्रचंड सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि TVK अब केवल एक उभरता हुआ दल नहीं, बल्कि तमिलनाडु की सत्ता का नया केंद्र बन चुका है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस शक्ति परीक्षण के बाद विजय सरकार अब प्रशासनिक फैसलों और जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ा सकेगी।

    तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को हुए इस विश्वास मत ने एक संदेश साफ कर दिया —
    राज्य की राजनीति अब नए नेतृत्व, नए गठबंधन और नए सत्ता समीकरणों के दौर में प्रवेश कर चुकी है।

    जिले के सबसे बड़े अस्पताल पर उठे गंभीर सवाल, रेफर संस्कृति और अव्यवस्था से मरीज बेहाल दुर्ग। जिले का सबसे बड़ा शासकीय स्वास्थ्य संस्थान कहलाने वाला जिला अस्पताल दुर्ग आज…
    “सूचना लीक” की चर्चा के बीच प्रशासन की सख्ती, खनिज विभाग ने दोहराई जीरो टॉलरेंस नीति बालोद संवाददाता की ख़ास रिपोर्ट बालोद/शौर्यपथ। जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर…

      पिथौरा। गुरु घासीदास स्टेडियम सपोस ग़बोद में आयोजित प्रदेश स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष ऊषा पुरषोत्तम घृतलहरे ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने की। वहीं विशेष अतिथि के रूप में भाजपा जिला प्रवक्ता स्वप्निल तिवारी, जनपद सभापति कवलजीत छाबड़ा, जनपद सदस्य पुरषोत्तम घृतलहरे, सरपंच किशोर बघेल, बसना विधायक के निज सहायक नरेंद्र बोरे उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर पूजन-अर्चन के साथ प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया।

    मुख्य अतिथि ऊषा पुरषोत्तम घृतलहरे ने खिलाड़ियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि सपोस गांव हमेशा से विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए जाना जाता रहा है। अब प्रदेश स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन भी इस गांव की पहचान बनता जा रहा है। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं, जिसके चलते ग्रामीण खिलाड़ियों की खेल प्रतियोगिताओं में सहभागिता लगातार बढ़ रही है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए खेल अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में खेल को शामिल करना चाहिए तथा प्रतिदिन कुछ समय खेल गतिविधियों के लिए अवश्य निकालना चाहिए।

    विशेष अतिथि भाजपा जिला प्रवक्ता स्वप्निल तिवारी ने कहा कि सपोस का यह मैदान वर्षों से सैकड़ों खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता निश्चित रूप से ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के लिए एक बेहतर मंच तैयार करेगी।

    जनपद सदस्य पुरषोत्तम घृतलहरे ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा के दौर में इस प्रकार के आयोजन सराहनीय हैं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण सरपंच किशोर बघेल ने दिया तथा संचालन विजय बघेल ने किया।

    प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

    इस अवसर पर प्रमुख रूप से हरिचरण प्रधान, गुलापी धुबई साहू, संतोष ठाकुर, अश्वनी विशाल, बबीता बघेल, पूजा सिंह ठाकुर, नरोत्तम साहू, पुनीत टंडन, मनोहर दीवान, विकास बघेल, त्रिलोक ठाकुर, जीवन लाल दाता, रवि बंजारा, सुबई साहू, ताम्रध्वज साहू, कमल रात्रे, छगन बेनर्जी रवि बंजारा मोतीलाल ध्रुव दुलमानी यादव एसडीओ यसहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

    बालोद - सगाई में गए परिवार के सूने घर पर हाथ साफ करने वाले तीन चोर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। देवरी थाना पुलिस ने 6 लाख से ज्यादा के सोने-चांदी के गहनों और नगदी के साथ तीनों आरोपियों को धर दबोचा।

    26 अप्रैल की रात परसुली गांव में कमलेश केशरिया अपने पूरे परिवार के साथ अर्जुनी सगाई कार्यक्रम में गया था। पीछे से चोरों ने मौका देखकर घर का कुंदा तोड़ा और अलमारी में रखा सोने का रानी हार, मंगलसूत्र, चांदी की पायल, करधन और 51 हजार नगद पार कर दिया। सुबह घर लौटे परिजनों के होश उड़ गए।

    एसपी योगेश पटेल के निर्देश पर थाना प्रभारी मनीष शेण्डे की टीम ने जाल बिछाया। मुखबिर की सूचना पर गांव के ही भीखम लाल सिन्हा, रामेश्वर उर्फ झम्मन सोनकर और जितेश उर्फ जीतू सोनकर को उठाया। सख्ती से पूछताछ में तीनों टूट गए।

    चोरों ने सारा माल खरखरा नंदी के श्मशान घाट में गड्ढा खोदकर छिपा रखा था। पुलिस ने मौके से 1 किलो 650 ग्राम चांदी, 27 ग्राम से ज्यादा सोना और 34 हजार नगद बरामद कर लिया। कुल 6,02,709 रुपये का माल जब्त हुआ।

    फिलहाल तीनों सलाखों के पीछे हैं। इस पूरी कार्रवाई में देवरी थाना और साइबर सेल बालोद की टीम ने बाजी मारी।

     

    कबीरधाम जिले में 10.77 करोड़ रुपये से अधिक राशि के मामलों का हुआ समाधान

    ब्यूरो चीफ: प्रवीण गुप्ता

    कवर्धा।
    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित नेशनल लोक अदालत ने कबीरधाम जिले में न्याय को सरल, त्वरित और मानवीय स्वरूप देने का उदाहरण प्रस्तुत किया। जिले में आयोजित इस महाअभियान में 31 हजार से अधिक प्रकरणों का सफल निराकरण किया गया, वहीं वर्षों से बिखरे परिवारों में भी खुशियां लौट आईं।

    छत्तीसगढ़ में आयोजित इस नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से किया। इसके पश्चात जिला कबीरधाम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष कु. संघरत्ना भतपहरी ने लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया।


    सेल्फी प्वाइंट और स्वास्थ्य शिविर बने आकर्षण का केंद्र

    नेशनल लोक अदालत को यादगार बनाने के लिए जिला न्यायालय परिसर में विशेष सेल्फी प्वाइंट बनाया गया था, जहां पक्षकारों ने तस्वीरें लेकर इस अवसर को यादगार बनाया। इसके साथ ही आयोजित स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श का लाभ भी लिया। न्यायालय परिसर का सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण लोगों को विशेष रूप से आकर्षित करता नजर आया।


    11 खण्डपीठों के माध्यम से हुआ त्वरित न्याय

    जिले में कुल 11 खण्डपीठ गठित की गई थीं, जिनमें 10 खण्डपीठ जिला मुख्यालय कवर्धा तथा 1 खण्डपीठ व्यवहार न्यायालय पंडरिया में संचालित की गई।

    इन खण्डपीठों में निम्न प्रकार के प्रकरण रखे गए थे—

    • राजीनामा योग्य आपराधिक मामले
    • चेक बाउंस प्रकरण
    • व्यवहार वाद
    • मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण
    • वैवाहिक विवाद
    • बैंक लोन, बिजली बिल, जलकर एवं दूरभाष संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण

    10.77 करोड़ रुपये से अधिक राशि के मामलों का निराकरण

    नेशनल लोक अदालत के दौरान विभिन्न खण्डपीठों में उल्लेखनीय निराकरण हुए—

    • खण्डपीठ क्रमांक 01 में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कु. संघरत्ना भतपहरी ने मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में 28 लाख 60 हजार रुपये का अवार्ड पारित किया।
    • खण्डपीठ क्रमांक 02 में परिवार न्यायालय के पीठासीन अधिकारी प्रवीण कुमार प्रधान ने वैवाहिक विवादों से जुड़े 25 प्रकरणों का निराकरण कर कई परिवारों को पुनः एकजुट किया।
    • खण्डपीठ क्रमांक 03 में पीठासीन अधिकारी योगिता विनय वासनिक ने विद्युत प्रकरणों में 2 लाख 78 हजार 997 रुपये की वसूली कर मामलों का समाधान किया।
    • राजस्व न्यायालयों में 22,589 लंबित प्रकरणों का निराकरण करते हुए हितग्राहियों को 10 करोड़ 38 लाख 17 हजार 286 रुपये का लाभ पहुंचाया गया।
    • नगर पालिका कवर्धा द्वारा जलकर एवं अन्य करों से जुड़े 184 मामलों में 1 लाख 20 हजार 107 रुपये की वसूली की गई।

    इस प्रकार जिले में कुल 31,734 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 10 करोड़ 77 लाख 03 हजार 433 रुपये की राशि से जुड़े मामलों का समाधान किया गया।


    लोक अदालत ने फिर जोड़े टूटते रिश्ते

    शराब की लत से बिखर रहा परिवार फिर हुआ एक

    परिवार न्यायालय में पहुंचे एक मामले में पति की शराब की लत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया था। पति अपनी आय का अधिकांश हिस्सा शराब में खर्च कर पत्नी और दो बच्चों को प्रताड़ित करता था। परेशान होकर पत्नी ने अलग रहकर भरण-पोषण की मांग करते हुए न्यायालय की शरण ली थी।

    लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी द्वारा दोनों पक्षों को समझाइश और परामर्श दिया गया। अंततः पति-पत्नी ने आपसी सहमति से फिर साथ रहने और परिवार को दोबारा बसाने का निर्णय लिया। इस समझौते ने न केवल एक परिवार को टूटने से बचाया बल्कि बच्चों के भविष्य को भी नई उम्मीद दी।


    20 दिन में टूटा रिश्ता, लोक अदालत ने फिर मिलाया

    एक अन्य प्रकरण में वर्ष 2025 में विवाह करने वाले नवविवाहित दंपत्ति शादी के महज 20-25 दिनों बाद विवाद के कारण अलग हो गए थे। मामला परिवार न्यायालय तक पहुंच गया था।

    परिवार न्यायालय में हुई परामर्श प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों ने अपने मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने की सहमति दी। इस समझौते के साथ उनके दाम्पत्य जीवन में फिर से खुशियों की शुरुआत हुई।


    त्वरित न्याय के साथ सामाजिक समरसता का संदेश

    कबीरधाम में आयोजित नेशनल लोक अदालत केवल प्रकरणों के निराकरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने समाज में संवाद, समझौता और पारिवारिक एकता का मजबूत संदेश भी दिया। त्वरित एवं सुलभ न्याय व्यवस्था के माध्यम से हजारों लोगों को राहत मिली और कई परिवारों के जीवन में नई शुरुआत संभव हो सकी।

     

    ब्यूरो चीफ: प्रवीण गुप्ता

    कवर्धा।
    छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर भोरमदेव मंदिर परिसर को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। निर्माणाधीन भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के बेस स्ट्रक्चर और ग्राउंड वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

    भोरमदेव मंदिर प्रांगण में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने अब तक हुए कार्यों, फील्ड प्रोग्रेस और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।


    हर सोमवार हो रही मॉनिटरिंग, बढ़ेगी निर्माण की रफ्तार

    बैठक में बताया गया कि पिछली समीक्षा के बाद से प्रत्येक सोमवार को प्रोग्रेस मॉनिटरिंग की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियां पर्याप्त संख्या में मजदूर, तकनीकी स्टाफ और मशीनरी तैनात करें ताकि कार्यों की गति प्रभावित न हो।

    उन्होंने पर्यटन विभाग के इंजीनियरों को भी निर्देशित किया कि वे निर्माण कार्यों में तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करें और गुणवत्ता मानकों की सतत निगरानी करें।


    मंदिर परिसर से सरोदा डैम तक विकास कार्यों की समीक्षा

    समीक्षा बैठक में भोरमदेव मंदिर परिसर, सरोवर, मड़वा महल, छेरकी महल और सरोदा डैम से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने आगामी बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से सरोवर क्षेत्र में निर्माण कार्यों की कार्ययोजना व्यवस्थित ढंग से तैयार करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने सरोदा डैम क्षेत्र में प्रस्तावित कैफेटेरिया को केवल खानपान केंद्र नहीं बल्कि आकर्षक “व्यू पॉइंट” के रूप में विकसित करने की बात कही, जहां पर्यटकों के बैठने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने की बेहतर व्यवस्था हो।


    फणी नागवंशी स्थापत्य शैली की झलक देगा कॉरिडोर

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर के खंभों, प्रवेश द्वारों और दीवारों में फणी नागवंशी स्थापत्य शैली की कलाकृतियों को प्रमुखता से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल आधुनिक सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भी महसूस कर सकें।

    उन्होंने निर्माण एजेंसियों को पारंपरिक स्थापत्य शैली की मौलिकता बनाए रखने के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए।


    जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर भी बनी कार्ययोजना

    बैठक में पूरे भोरमदेव परिसर में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्रीकृत पानी टंकी निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसके लिए उपयुक्त स्थल का चयन कर आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।


    पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया आयाम

    भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। शासन की मंशा है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहचान का भी जीवंत अनुभव मिल सके।

     

     कोंडागांव / 
    मदर्स डे के पावन अवसर पर शांति फाउंडेशन में आयोजित एक भावनात्मक सम्मान समारोह ने मानवता, सेवा और मातृत्व के प्रति सम्मान का अनूठा संदेश दिया। इस विशेष अवसर पर उन माताओं का सम्मान किया गया, जिन्हें कभी सड़क से रेस्क्यू कर शांति फाउंडेशन के पुनर्वास केंद्र में लाया गया था और आज उपचार, देखभाल एवं अपनत्व के सहारे उन्हें नई जिंदगी मिली है।

    कार्यक्रम में शांति फाउंडेशन के संचालक यतेंद्र “छोटू” सलाम एवं फाउंडेशन की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तुषार जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों ने माताओं के साथ समय बिताया और उन्हें सम्मानित कर मदर्स डे की शुभकामनाएं दीं।


    केक कटिंग के साथ गूंजा अपनत्व का संदेश

    कार्यक्रम के दौरान सभी माताओं के साथ केक काटा गया। पूरा परिसर खुशी, आत्मीयता और सम्मान के भाव से सराबोर दिखाई दिया। माताओं के चेहरों पर मुस्कान और आंखों में छलकती भावनाएं वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर रही थीं।

    इस आयोजन को सफल बनाने में मोनी, मदन कुमारी, आशा खान, फूल कुंवर साहू, बिंद्राबाई, सरला, दशा बाई, कांतम, केशवम सहित शांति फाउंडेशन के समस्त स्टाफ एवं प्रभुजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


    राजस्थान की “मोनी अम्मा” की कहानी ने झकझोरा

    कार्यक्रम के दौरान राजस्थान निवासी मदन कुमारी उर्फ मोनी अम्मा जी की कहानी ने सभी को भावुक कर दिया। उन्हें शांति फाउंडेशन द्वारा रेस्क्यू कर पुनर्वास केंद्र लाया गया था, जहां लगातार उनका उपचार कराया गया।

    स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद काउंसलिंग के दौरान उन्होंने अपना घर राजस्थान में बताया। फाउंडेशन की टीम ने उनके बेटे से संपर्क किया, लेकिन बेटे ने अपनी मां को साथ रखने में असमर्थता जताते हुए कहा कि उसकी जिम्मेदारी अब पत्नी और बेटी हैं।

    यह घटना वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद मार्मिक पल बन गई और समाज में बढ़ती संवेदनहीनता पर कई सवाल छोड़ गई।


    सात वर्षों से अपनों का इंतजार कर रहीं आयशा खान

    शांति फाउंडेशन में रह रहीं आयशा खान अम्मा जी की कहानी भी लोगों की आंखें नम कर गई। मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में उन्हें रेस्क्यू कर पुनर्वास केंद्र लाया गया था। लगातार इलाज और देखभाल के बाद जब उनकी स्थिति में सुधार हुआ तो उन्होंने अपने गांव का नाम दुर्ग बताया।

    इसके बाद से शांति फाउंडेशन की टीम उनके परिवार की तलाश में लगातार जुटी हुई है। आयशा खान अक्सर अपने बच्चों को याद कर भावुक हो जाती हैं। लगभग सात वर्षों से वह शांति फाउंडेशन में रहकर जीवन बिता रही हैं और आज भी अपने परिवार से मिलने की उम्मीद लगाए बैठी हैं।


    “मां भगवान का सबसे सुंदर रूप”

    कार्यक्रम के दौरान शांति फाउंडेशन परिवार ने कहा—
    “मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि भगवान का सबसे सुंदर रूप होती है। मां पूरी जिंदगी अपने बच्चों के लिए त्याग करती है, लेकिन वृद्धावस्था में उन्हें सबसे ज्यादा अपनापन और सहारे की जरूरत होती है।”

    फाउंडेशन ने समाज से अपील करते हुए कहा कि अपने माता-पिता और परिवारजनों को कभी बेसहारा न छोड़ें।


    मानवता और सेवा का जीवंत उदाहरण बना शांति फाउंडेशन

    शांति फाउंडेशन लगातार असहाय, बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सेवा एवं पुनर्वास के लिए कार्य कर रहा है। मदर्स डे पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को संवेदनशीलता, सेवा और पारिवारिक मूल्यों का संदेश देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बन गया।

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